भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 वन लाइनर नोट्स

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 वन लाइनर नोट्स

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988

(THE PREVENTION OF CORRUPTION ACT, 1988)

1988 का अधिनियम संख्यांक 49

(ACT NO. 49 OF 1988)

इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है?

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 का अधिनियम संख्यांक क्या है?

1988 का अधिनियम संख्यांक 49

राष्ट्रपति की स्वीकृति किस दिनांक को प्राप्त हुई?

9 सितम्बर, 1988

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 किस वर्ष में संसद द्वारा पारित किया गया?

1988

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 का उद्देश्य क्या है?

भ्रष्टाचार निवारण और उससे संबंधित विषयों का समेकन और संशोधन

 

अध्याय-1

(CHAPTER-1)

प्रारम्भिक

(PRELIMINARY)

संक्षिप्त नाम और विस्तार, (Short title and Extent) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 1

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 का विस्तार कहाँ तक है?

सम्पूर्ण भारत पर और भारत के बाहर भारत के समस्त नागरिकों पर भी लागू

परिभाषा, (Definition) खंड अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

धारा 2

"निर्वाचन" (Election) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

धारा 2()

"निर्वाचन" का तात्पर्य किससे है?

संसद् या किसी विधान मण्डल, स्थानीय प्राधिकरण या अन्य लोक प्राधिकरण के सदस्यों के चयन के प्रयोजन के लिए किसी विधि के अधीन, किसी भी माध्यम से, कराया गया निर्वाचन अभिप्रेत है

"विहित" (Prescribed) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

धारा 2(कक)

"विहित" का तात्पर्य क्या है?

इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों द्वारा विहित अभिप्रेत है और तद्नुसार "विहित" पद का अर्थ लगाया जाएगा

"लोक कर्तव्य" (Public Duty) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

धारा 2()

"लोक कर्तव्य" से क्या अभिप्रेत है?

वह कर्तव्य, जिसके निर्वहन में राज्य, जनता या समस्त समुदाय का हित है

"लोक कर्तव्य" में सरकारी कंपनी का समावेश किस अधिनियम के तहत किया गया है?

कम्पनी अधिनियम, 1956 (धारा 617)

"लोक सेवक" (Public Servant) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

धारा 2()

लोक सेवक में कौन शामिल है?

कोई व्यक्ति जो न्यायालय द्वारा किसी कर्तव्य का पालन करने के लिए प्राधिकृत है

लोक सेवक की परिभाषा में न्यायाधीश किस प्रकार शामिल है?

कोई न्यायाधीश जिसके अन्तर्गत कोई व्यक्ति न्यायनिर्णयन कृत्यों का निर्वहन करता है

लोक सेवक की परिभाषा में "निर्वाचन" से संबंधित कौन शामिल है?

कोई व्यक्ति जो निर्वाचक सूची तैयार करने, प्रकाशित करने या निर्वाचन का संचालन करने के लिए सशक्त है

लोक सेवक की परिभाषा में विश्वविद्यालय के कौन-कौन से पदधारी शामिल हैं?

कुलपति, शासी निकाय के सदस्य, आचार्य, उपाचार्य, प्राध्यापक और अन्य कर्मचारी

लोक सेवक में मध्यस्थ, रिसीवर या आयुक्त किस आधार पर शामिल हैं?

न्यायालय द्वारा प्राधिकृत कर्तव्य के लिए

लोक सेवक की परिभाषा में "सरकारी कंपनी" शामिल है। इसका आधार क्या है?

कम्पनी अधिनियम, 1956 की धारा 617 में यथापरिभाषित

लोक सेवक की परिभाषा में वित्तीय सहायता प्राप्त संस्था के पदधारी कब शामिल होते हैं?

जब संस्था केन्द्रीय, राज्य या लोक प्राधिकरण से सहायता प्राप्त हो

स्पष्टीकरण 1 के अनुसार, लोक सेवक किस आधार पर माना जाएगा?

पद के वास्तविक धारणकर्ता होने के आधार पर

स्पष्टीकरण 2 के अनुसार, लोक सेवक शब्द का प्रयोग किसके संबंध में किया जाएगा?

हर उस व्यक्ति के संबंध में जो लोक सेवक के ओहदे को वास्तव में धारण कर रहा हो

"असम्यक् लाभ" (Undue Advantage) अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

धारा 2()

असम्यक् लाभसे अभिप्रेत क्या है?

विधिक पारिश्रमिक से भिन्न कोई भी पारितोषण

स्पष्टीकरण के अनुसारपारितोषणशब्द किस तक सीमित है?

धनराशि तक सीमित है धन के रूप में प्राक्कलनीय पारितोषणों तक

विधिक पारिश्रमिककिसे कहा गया है?

वह सब पारिश्रमिक जिसे लोक सेवक को प्राप्त करने की अनुमति सरकार/संगठन द्वारा हो

कौन-साअसम्यक् लाभकी श्रेणी में आएगा?

लोक सेवक द्वारा बिना अनुमति प्राप्त उपहार

पारितोषणमें क्या शामिल है?

कोई भी प्रकार का लाभ, चाहे धन के रूप में हो या अन्य रूप में

यदि किसी लोक सेवक को ऐसा लाभ प्राप्त होता है जो सरकार द्वारा अधिकृत नहीं है, तो वह क्या कहलाएगा?

असम्यक् लाभ

स्पष्टीकरण के अनुसारविधिक पारिश्रमिककिसके द्वारा अनुज्ञात होना चाहिए?

सरकार या वह संगठन जिसमें लोक सेवक कार्य करता है

असम्यक् लाभकी परिभाषा किससे भिन्न किसी भी पारितोषण को संदर्भित करती है?

विधिक पारिश्रमिक

 

अध्याय-2

(CHAPTER-2)

विशेष न्यायाधीशों की नियुक्ति

(APPOINTMENT OF SPECIAL JUDGES)

विशेष न्यायाधीश नियुक्त करने की शक्ति, (Power to Appoint Special Judges) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 3

विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति किसके द्वारा की जाती है?

केन्द्रीय सरकार या राज्य सरकार

विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति किस प्रकार की अधिसूचना द्वारा की जाती है?

राजपत्र में अधिसूचना

विशेष न्यायाधीश किस प्रकार के मामलों का विचारण करते हैं?

() इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय कोई अपराध; और

() खण्ड () में विनिर्दिष्ट अपराधों में से किसी को करने के लिये षड्यंत्र करने या करने का प्रयत्न या कोई दुष्प्रेरण।

धारा 3(2) के अनुसार विशेष न्यायाधीश पद के लिए अर्हता क्या है?

सेशन न्यायाधीश, अपर सेशन न्यायाधीश या सहायक सेशन न्यायाधीश होना या रह चुका होना

विशेष न्यायाधीश की नियुक्ति हेतु अनिवार्य शर्त कौन-सी है?

वह दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) के अधीन सेशन न्यायाधीश या अपर सेशन न्यायाधीश या सहायक सेशन न्यायाधीश नहीं है या नहीं रहा है

विशेष न्यायाधीशों द्वारा विचारणीय मामले, (Cases Triable by Special Judges) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 4

धारा 4(1) के अनुसार धारा 3(1) में विनिर्दिष्ट अपराधों का विचारण कौन करेगा?

केवल विशेष न्यायाधीश

यदि किसी क्षेत्र के लिए एक से अधिक विशेष न्यायाधीश हों, तो मामला किसे सौंपा जाएगा?

केन्द्रीय सरकार द्वारा विनिर्दिष्ट विशेष न्यायाधीश

धारा 4(3) के अनुसार विशेष न्यायाधीश कौन-सा अतिरिक्त कार्य कर सकता है?

धारा 3 में विनिर्दिष्ट अपराध से भिन्न ऐसा अपराध, जो उसी विचारण में आरोपित किया जा सकता हो

विशेष न्यायाधीश द्वारा विचारण सामान्यतः कितने समय में पूरा होना चाहिए?

2 वर्ष

यदि विचारण 2 वर्षों में पूरा हो सके, तो क्या आवश्यक है?

विशेष न्यायाधीश कारणों को लेखबद्ध करेगा

विचारण अवधि को एक समय में अधिकतम कितने समय के लिए बढ़ाया जा सकता है?

6 महीने

सभी विस्तार मिलाकर विचारण की कुल अधिकतम अवधि कितनी हो सकती है?

4 वर्ष

प्रक्रिया और विशेष न्यायाधीश की शक्तियां, (Procedure and Powers of Special Judge) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 5

धारा 5(1) के अनुसार विशेष न्यायाधीश अपराध का संज्ञान कब ले सकता है?

अभियुक्त के सुपुर्द किए बिना भी

विशेष न्यायाधीश विचारण की प्रक्रिया किस विधि के अनुसार करता है?

वारंट मामलों के लिए मजिस्ट्रेटों की प्रक्रिया

धारा 5(2) के अनुसार विशेष न्यायाधीश किसे क्षमा प्रदान कर सकता है?

कोई भी संपृक्त व्यक्तिमुख्य या दुष्प्रेरक

विशेष न्यायाधीश द्वारा दी गई क्षमा किस धारा के अधीन दी गई मानी जाएगी?

दण्ड प्रक्रिया संहिता की धारा 307 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) की धारा 344

धारा 5(3) के अनुसार विशेष न्यायाधीश का दर्जा किस न्यायालय के समकक्ष माना जाता है?

सेशन न्यायालय

विशेष न्यायाधीश के समक्ष अभियोजन का संचालन करने वाले वकील को क्या माना जाएगा?

लोक अभियोजक

धारा 5(4) के अनुसार विशेष न्यायाधीश को किन धाराओं के प्रयोजनार्थमजिस्ट्रेटसमझा जाएगा?

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 359 और धारा 475 के उपपबंध भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) की धारा 400 और धारा 490

विशेष न्यायाधीश दण्डादेश देने में किस सीमा तक सक्षम है?

द्वारा दोषसिद्ध व्यक्ति को कोई भी दण्डादेश दे सकता है जो उस अपराध के लिए जिसके लिए ऐसे व्यक्ति दोषसिद्ध हैं

धारा 5(6) के अनुसार विशेष न्यायाधीश किन शक्तियों का प्रयोग कर सकता है?

दण्ड विधि संशोधन अध्यादेश, 1944 (1944 का अध्यादेश संख्यांक 38) के अधीन जिला न्यायाधीश द्वारा प्रयोक्तव्य सभी सिविल शक्तियों और कृत्यों का प्रयोग करेगा।

संक्षिप्ततः विचारण करने की शक्ति, (Power to Try Summarily) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 6

धारा 6(1) के अनुसार संक्षिप्त विचारण किस प्रकार के मामलों में किया जाएगा?

आवश्यक वस्तु अधिनियम, 1955 (1955 का 10) की धारा 12() की उपधारा (1) में निर्दिष्ट किसी विशेष आदेश, या उस धारा की उपधारा (2) के खण्ड () में निर्दिष्ट आदेश के उल्लंघन की बाबत किसी लोक सेवक द्वारा किया जाना अभिकथित है

संक्षिप्त विचारण में विशेष न्यायाधीश किस धाराओं की प्रक्रिया अपनाता है?

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 260 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 283) में किसी बात के होते हुए भी, विशेष न्यायाधीश अपराध का संक्षिप्त रूप में विचारण करेगा, और उक्त संहिता की धारा 262 से धारा 265 (जिसमें ये दोनों धाराएं सम्मिलित हैं) (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 285 से धारा 288 (जिसमें ये दोनों धाराएं सम्मिलित हैं)

संक्षिप्त विचारण में विशेष न्यायाधीश अधिकतम कितनी सज़ा दे सकता है?

एक वर्ष

संक्षिप्त विचारण से सामान्य विचारण में बदलने के लिए विशेष न्यायाधीश को क्या करना आवश्यक है?

कारणों को लिखित रूप में दर्ज करना

विशेष न्यायाधीश जब संक्षिप्त विचारण समाप्त कर सामान्य ट्रायल अपनाता है, तो वह क्या कर सकता है?

पहले से परीक्षित गवाहों को पुनः बुला सकता है

किस स्थिति में अपील का अधिकार उपलब्ध नहीं होगा?

जब एक महीने तक की सज़ा और 2000 रुपये तक का जुर्माना हो

अपील का अधिकार कब उपलब्ध होगा?

जब दण्ड, उपधारा (2) में निर्धारित सीमा से अधिक हो

 

अध्याय-3

(CHAPTER-3)

अपराध और शास्तियां

(OFFENCES AND PENALTIES)

लोक सेवक द्वारा पदीय कार्य के लिए वैध पारिश्रमिक से भिन्त्र पारितोषण लिया जाना, (Offence Relating to Public Servant being Bribed) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 7

धारा 7 के अनुसार लोक सेवक को रिश्वत लेने पर कारावास कितने वर्ष का है?

तीन वर्ष से कम की नहीं होगी, किन्तु जो सात वर्ष की हो सकेगी, दंडनीय होगा और जुमति से भी दंडनीय होगा।

कौन-सी स्थिति धारा 7 के तहत अपराध मानी जाएगी?

लोक सेवक द्वारा किसी व्यक्ति से असम्यक् लाभ माँगना

धारा 7 के अनुसार यदि लोक सेवक असम्यक् लाभ लेने के लिए मात्र सहमति भी देता है, तो क्या यह अपराध है?

हाँ, सहमति मात्र भी अपराध है

स्पष्टीकरण 1 के अनुसार क्या यह आवश्यक है कि लोक सेवक वास्तव में कार्य अनुचित रूप से करे?

नहीं, कार्य करे या करेदोनों में अपराध है

धारा 7 किस प्रकार के लाभ को अपराध मानती है?

असम्यक् लाभ

(Undue advantage)

यदि लोक सेवक अपने पद का दुरुपयोग कर किसी से लाभ माँगता है, तो यह किस धारा के अंतर्गत अपराध है?

धारा 7

उदाहरण के अनुसार: ‘एसद्वारापीसे राशन कार्ड जल्दी बनाने के लिए 5000 रुपये माँगनायह किस धारा के अंतर्गत अपराध है?

धारा 7 का अपराध

भ्रष्ट या अविधिपूर्ण साधनों द्वारा या निजी प्रभाव का प्रयोग करके किसी लोक सेवक को प्रभावित करके असम्यक् लाभ लेना, (Taking Undue Advantage to Influence Public Servant by Corrupt or Illegal Means or by Exercise of Personal Influence) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 7()

धारा 7() का मुख्य उद्देश्य किस अपराध को दंडित करना है?

भ्रष्ट या अविधिपूर्ण साधनों द्वारा या निजी प्रभाव का प्रयोग करके किसी लोक सेवक को, स्वयं ऐसे लोक सेवक या किसी अन्य लोक कर्तव्य का कार्यपालन अनुचित रूप से या बेइमानी से करने या करवाने या ऐसे कर्तव्य के कार्यपालन को पूरा करने या करवाने के लिए उत्प्रेरित करने के लिए हेतु या इनाम के रूप में किसी अन्य व्यक्ति से स्वयं के लिए या किसी अन्य व्यक्ति के लिए कोई असम्यक् लाभ प्रतिगृहीत करता है या अभिप्राप्त करता है या अभिप्राप्त करने का प्रयास करता है

धारा 7() के अंतर्गत दंड क्या है?

तीन वर्ष के कम नहीं होगा किन्तु जो सात वर्ष का हो सकेगा, दंडनीय होगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

किसी लोक सेवक को रिश्वत देने से संबंधित अपराध, (Offence Relating to Bribing of a Public Servant) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 8

धारा 8(1) के अनुसार असम्यक् लाभ देने का आशय क्या होना चाहिए?

लोक सेवक को लोक कर्तव्य अनुचित रूप से करने या उसके लिए इनाम देने हेतु

धारा 8 के अंतर्गत अधिकतम दंड क्या है?

कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी और जुर्माने से या दोनों से दंडनीय होगा

यदि कोई व्यक्ति लोक सेवक को रिश्वत देने के लिए विवश किया गया हो, तो

वह दोषी नहीं होगा, यदि वह 7 दिन के भीतर रिपोर्ट करे

यदि धारा 8 के अंतर्गत अपराध किसी वाणिज्यिक संगठन द्वारा किया गया हो, तो

केवल वाणिज्यिक संगठन को जुर्माना

धारा 8(2) के अंतर्गत किसे अपराध से छूट दी गई है?

उस व्यक्ति को जो जांच में सहायता हेतु असम्यक् लाभ देता है

किसी वाणिज्यिक संगठन द्वारा किसी लोक सेवक को रिश्वत देने से संबंधित अपराध, (Offence Relating to Bribing a Public Servant by a Commercial Organisation) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 9

धारा 9(1) के अनुसार वाणिज्यिक संगठन कब दोषी होगा?

जब संगठन से सहयोजित व्यक्ति लोक सेवक को असम्यक् लाभ दे

वाणिज्यिक संगठन द्वारा रिश्वत देने का आशय क्या होना चाहिए?

संगठन के लिए कारबार प्राप्त या बनाए रखना

धारा 9(1) के अंतर्गत वाणिज्यिक संगठन के लिए उपलब्ध प्रतिरक्षा (defence) क्या है?

यह साबित करना कि उसने पर्याप्त प्रक्रियाएं अपनाई थीं

धारा 9(2) के अनुसार किसी व्यक्ति द्वारा असम्यक् लाभ देने का निर्धारण कब माना जाएगा?

चाहे अभियोजन हुआ हो या नहीं, यदि धारा 8 का अपराध बनता है

धारा 9 के अनुसारकारबारमें क्या शामिल है?

व्यापार, वृत्ति या सेवा उपलब्ध कराना

किस स्थिति में किसी व्यक्ति को वाणिज्यिक संगठन सेसहयोजितमाना जाएगा?

जब वह संगठन के लिए या उसकी ओर से सेवाएं प्रदान करता हो

यदि कोई कर्मचारी वाणिज्यिक संगठन के लिए सेवाएं प्रदान करता है, तो क्या उपधारणा होगी?

जब तक विपरीत सिद्ध हो, वह सहयोजित माना जाएगा

धारा 9(4) के अनुसार, कौन-से अपराध संज्ञेय घोषित किए गए हैं?

धारा 7(), धारा 8 और धारा 9

वाणिज्यिक संगठन के भारसाधक व्यक्ति का अपराध का दोषी होना, (Person in Charge of Commercial Organisation to be Guilty of Offence) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 10

जहां धारा 9 के अधीन कोई अपराध किसी वाणिज्यिक संगठन द्वारा किया जाता है, और न्यायालय में ऐसे अपराध का वाणिज्यिक संगठन के किसी निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी की सहमति या मौनानुकूलता से किया जाना साबित हो जाता है, वहां ऐसा निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य अधिकारी ऐसे अपराध का दोषी होगा अपने विरुद्ध कार्यवाही किए जाने का दायी होगा तथा कारावास से दंडनीय होगा, जिसकी अवधि-

तीन वर्ष से कम की नहीं होगी किन्तु सात वर्ष तक की हो सकेगी और जुर्माने का भी दायी होगा।

इस धारा के प्रयोजनों के लिए, किसी फर्म के संबंध में "निदेशक" से अभिप्रेत है-

फर्म का कोई भागीदार

लोक सेवक, जो ऐसे लोक सेवक द्वारा की गई कार्यवाही या कारबार से संबद्ध व्यक्ति से, प्रतिफल के बिना, असम्यक् लाभ] अभिप्राप्त करता है, (Public Servant Obtaining Undue Advantage, Without Consideration from Person Concerned in Proceeding or Business Transacted by Such Public Servant) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 11

जो कोई लोक सेवक होते हुये, अपने लिये या किसी अन्य व्यक्ति के लिए, किसी व्यक्ति से यह जानते हुए कि ऐसे लोक सेवक द्वारा की गई या की जाने वाली किसी कार्यवाही या कारबार से वह व्यक्ति संपृक्त रह चुका है, या है या उसका संपृक्त होना संभाव्य है, या स्वयं उसके या किसी ऐसे लोक सेवक के, जिसका वह अधीनस्थ है, अथवा किसी व्यक्ति से यह जानते हुए कि वह इस प्रकार संपृक्त व्यक्ति से हितबद्ध है नातेदारी रखता है, किसी को किसी प्रतिफल के बिना, या ऐसे प्रतिफल के लिए, जिसे वह जानता है, कि अपर्याप्त है, प्रतिगृहीत करेगा या अभिप्राप्त करेगा, या अभिप्राप्त करने का प्रयत्न करेगा, वह कारावास से, जिसकी अवधि-

6 महीने से 5 वर्ष तक की कैद और जुर्माना

अपराधों के दुष्प्रेरण के लिए दंड, (Punishment for Abetment of Offences) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 12

जो कोई, इस अधिनियम के अधीन दंडनीय किसी अपराध का दुष्प्रेरण करेगा, चाहे वह अपराध उस दुष्प्रेरण के परिणामस्वरूप किया गया हो अथवा नहीं, वह कारावास से, जिसकी अवधि-

तीन वर्ष से कम की नहीं होगी, किन्तु जो सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा

लोक सेवक द्वारा आपराधिक अवचार, (Criminal Misconduct by a Public Servant) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 13

कोई लोक सेवक आपराधिक अवचार का अपराध करने वाला कहा जाएगा, -

यदि वह लोक सेवक के रूप में अपने को सौंपी गई किसी सम्पत्ति या अपने नियंत्रणाधीन किसी सम्पत्ति का अपने उपयोग के लिए बेईमानी से या कपटपूर्ण दुर्विनियोग करता है या उसे अन्यथा संपरिवर्तित कर लेता है या किसी अन्य व्यक्ति को ऐसा करने देता है; या

यदि वह अपनी पदावधि के दौरान अवैध रूप से अपने को साशय समृद्ध करता है।

धारा 13 के स्पष्टीकरण 1 के अनुसार अवैध रूप से समृद्ध होने का क्या अर्थ है?

आय के ज्ञात स्रोतों के अनुपात में असमान्य संपत्ति या संसाधन का होना, जिसका हिसाब लोक सेवक नहीं दे सकता

आय के ज्ञात स्रोतसे क्या अभिप्रेत है?

विधिपूर्ण स्रोत से प्राप्त आय

धारा 13 के तहत कोई लोक सेवक जो आपराधिक अवचार करेगा इतनी अवधि के लिए-

चार वर्ष से कम की होगी किन्तु जो दस वर्ष तक की हो सकेगी, कारावास से दण्डनीय होगा और जुर्माने का भी दायी होगा।

आभ्यासिक अपराधी के लिए दंड, (Punishment for Habitual Offender) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 14

जो कोई जिसे इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध के लिए सिद्धदोष ठहराया गया है, उसके पश्चात् भी इस अधिनियम के अधीन दंडनीय कोई अपराध करता है, वह कारावास से, जिसकी अवधि-

पांच वर्ष से कम की नहीं होगी, किन्तु जो दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडित किया जाएगा और जुर्माने से दंडनीय होगा

प्रयत्न के लिये दंड, (Punishment for Attempt) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 15

धारा 15 किस प्रकार के अपराध को कवर करती है?

धारा 13(1)() में निर्दिष्ट अपराध का प्रयत्न

धारा 15 के तहत प्रयत्न करने वाला कौन दंडनीय होगा?

केवल लोक सेवक जो धारा 13(1)() में निर्दिष्ट अपराध करने का प्रयत्न करता है

जो कोई धारा 13 की उपधारा (1) के खंड () में निर्दिष्ट कोई अपराध करने का प्रयत्न करेगा वह कारावास से-

जिसकी अवधि दो वर्ष से कम की नहीं होगी, किन्तु पांच वर्ष तक की हो सकेगी और जुर्माने से भी, दण्डनीय होगा

जुर्माना नियत करने के लिए ध्यान में रखी जाने वाली बातें, (Matters to be Taken into Consideration for Fixing Fine) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 16

धारा 16 के अनुसार जुर्माना निर्धारित करते समय न्यायालय क्या देखेगा?

अपराध से अभियुक्त द्वारा प्राप्त राशि या संपत्ति का मूल्य

यदि दोषसिद्धि धारा 13(1)() में निर्दिष्ट अपराध के लिए हो, तो न्यायालय जुर्माना निर्धारित करते समय क्या ध्यान में रखेगा?

उस धन संबंधी साधन या संपत्ति का मूल्य जिसका अभियुक्त समाधानप्रद लेखा-जोखा देने में असमर्थ है

धारा 16 के अनुसार जुर्माना किन धाराओं के तहत लगाए गए अपराधों में ध्यान में रखा जाएगा?

धारा 7, 8, 9, 10, 11, 13(2), 14, और 15

न्यायालय जुर्माना तय करते समय क्या मान्यता देगा?

अभियुक्त द्वारा अभिप्राप्त राशि या संपत्ति का मूल्य

 

अध्याय-4

(CHAPTER-4)

इस अधिनियम के अधीन मामलों का अन्वेषण

(INVESTIGATION INTO CASES UNDER THE ACT)

अन्वेषण करने के लिए प्राधिकृत व्यक्ति, (Persons Authorised to Investigate) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 17

धारा 17 किस विषय से संबंधित है?

दंडनीय अपराधों के अन्वेषण के लिए प्राधिकृत पुलिस अधिकारी

दिल्ली में किस अधिकारी को अन्वेषण करने का अधिकार है?

पुलिस निरीक्षक

मुंबई, कलकत्ता, मद्रास और अहमदाबाद महानगरीय क्षेत्रों में किस अधिकारी को अन्वेषण करने का अधिकार है?

सहायक पुलिस आयुक्त

अन्यत्र (असंगठित क्षेत्र) किस अधिकारी को अन्वेषण करने का अधिकार है?

उप-पुलिस अधीक्षक या समतुल्य रैंक का अधिकारी

अन्यत्र, उप-पुलिस अधीक्षक, या समतुल्य रैंक का पुलिस अधिकारी इस अधिनियम के अधीन दण्डनीय किसी अपराध का अन्वेषण, यथास्थितिः महानगर मजिस्ट्रेट या प्रथम वर्ग के मजिस्ट्रेट के आदेश के बिना, अथवा उसके लिये कोई गिरफ्तारी-

वारण्ट के बिना नहीं करेगा;

यदि राज्य सरकार किसी अधिकारी को विशेष आदेश द्वारा प्राधिकृत करती है, तो वह क्या कर सकता है?

बिना मजिस्ट्रेट आदेश के अन्वेषण कर सकता है

धारा 13(1)() में निर्दिष्ट अपराध का अन्वेषण कौन करेगा?

केवल पुलिस अधीक्षक या उससे ऊपर रैंक का अधिकारी

क्या पुलिस निरीक्षक से नीचे के अधिकारी धारा 13(1)() के अपराध का अन्वेषण कर सकते हैं?

नहीं, केवल पुलिस अधीक्षक या उससे ऊपर रैंक के आदेश पर

लोक सेवक द्वारा उसके शासकीय कृत्यों या कर्तव्यों के निर्वहन में की गई सिफारिशों या लिए गए विनिश्चय के संबंध में अपराधों की जांच या पूछताछ या अन्वेषण, (Enquiry or Inquiry or Investigation of Offences Relatable to Recommendations Made or Decision Taken by Public Servant in Discharge of Official Functions or Duties) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 17()

धारा 17() किस प्रकार के अपराध की जांच/पूछताछ को नियंत्रित करती है?

लोक सेवक द्वारा उसके शासकीय कृत्यों या कर्तव्यों में की गई सिफारिशों या लिए गए विनिश्चय से संबंधित अपराध

क्या कोई पुलिस अधिकारी बिना पूर्वानुमोदन के इस प्रकार के अपराध की जांच/पूछताछ/अन्वेषण कर सकता है?

नहीं, केवल अनुमोदन के बाद

यदि अपराध उस समय संघ के कार्यों के संबंध में नियोजित व्यक्ति द्वारा किया गया हो, तो अनुमोदन किससे लिया जाएगा?

केंद्र सरकार से

यदि अपराध उस समय किसी राज्य के कार्यों के संबंध में नियोजित व्यक्ति द्वारा किया गया हो, तो अनुमोदन किससे लिया जाएगा?

राज्य सरकार से

किसी अन्य व्यक्ति के मामले में अपराध की जांच/पूछताछ/अन्वेषण के लिए अनुमोदन किससे लिया जाएगा?

उसे उसके पद से हटाने के लिए सक्षम प्राधिकारी से

क्या असम्यक् लाभ लेने या लेने के प्रयास के आरोप में घटनास्थल पर गिरफ्तार करने के लिए अनुमोदन आवश्यक है?

नहीं, घटनास्थल पर गिरफ्तारी के लिए अनुमोदन आवश्यक नहीं है

अनुमोदन देने वाले संबद्ध प्राधिकारी को अपनी विनिश्चय की सूचना कितनी अवधि के भीतर देनी होगी?

तीन माह

बैंककारी बहियों के निरीक्षण की शक्ति, (Power to Inspect Bankers’ Books) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 18

धारा 18 के अंतर्गत बैंककारी बहियों का निरीक्षण करने का अधिकार किसे प्राप्त है?

पुलिस अधिकारी, जो धारा 17 के अधीन सशक्त हो

पुलिस अधिकारी बैंक बहियों का निरीक्षण कब कर सकता है?

जब उसे किसी अपराध के किये जाने का संदेह हो

पुलिस अधिकारी किन लेखाओं का निरीक्षण कर सकता है?

केवल उस व्यक्ति के खाते जिस पर अपराध का संदेह हो

वह किन्हीं अन्य व्यक्तियों के लेखों का निरीक्षण कब कर सकता है?

जब उन पर संदिग्ध व्यक्ति हेतु धन धारण करने का संदेह हो

निरीक्षण के दौरान पुलिस अधिकारी क्या कर सकता है?

सुसंगत प्रविष्टियों की प्रमाणित प्रतियां ले सकता है

धारा 18 के अनुसार बैंक की क्या बाध्यता है?

पुलिस अधिकारी को सहायता करना अनिवार्य

किस अधिकारी को यह शक्ति प्रयोग करने की अनुमति नहीं है?

पुलिस अधीक्षक से नीचे का अधिकारी

पुलिस अधीक्षक से नीचे का अधिकारी बैंक बहियों का निरीक्षण कब कर सकता है?

जब पुलिस अधीक्षक या उससे ऊपर का अधिकारी विशेष रूप से अधिकृत करे

बैंकऔरबैंककार बहीका अर्थ किस अधिनियम से लिया जाता है?

बैंककार बही साक्ष्य अधिनियम, 1891

 

अध्याय-4

(CHAPTER-4A)

सम्पत्ति की कुर्की और समपहरण

(ATTACHMENT AND FORFEITURE OF PROPERTY)

दांडिक विधि संशोधन अध्यादेश, 1944 के उपबंधों का इस अधिनियम के अधीन कुर्की को लागू होना, (Provisions of Criminal Law Amendment Ordinance, 1944 to Apply to Attachment Under this Act) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 18()

धारा 18() मुख्य रूप से किस विषय से संबंधित है?

कुर्की और संपत्ति प्रशासन

धारा 18() किस अधिनियम के उपबंधों को लागू करता है?

दांडिक विधि संशोधन अध्यादेश, 1944

धारा 18()(1) के अनुसार यह उपबंध किस स्थिति में लागू होते हैं?

जब धन-शोधन अधिनियम रोक लगाए

धारा 18() के तहत कौन-से कार्य दांडिक विधि संशोधन अध्यादेश, 1944 के अनुसार संचालित होंगे?

कुर्की, संपत्ति प्रशासन और आदेश का निष्पादन

धारा 18()(2) के अनुसार "जिला न्यायाधीश" शब्द का अर्थ किस रूप में लिया जाएगा?

विशेष न्यायाधीश

धारा 18() के अनुसार आदेश किस प्रकार के न्यायाधीश को निर्देशित माना जाएगा?

विशेष न्यायाधीश

कुर्की के आदेश का निष्पादन धारा 18 के तहत किन उपबंधों से नियंत्रित होगा?

दांडिक विधि संशोधन अध्यादेश, 1944

 

अध्याय-5

(CHAPTER-5)

अभियोजन के लिए मंजूरी और अन्य प्रकीर्ण उपबन्ध

(SANCTION FOR PROSECUTION AND OTHER MISCELLANEOUS PROVISIONS)

अभियोजन के लिए पूर्व मंजूरी का आवश्यक होना, (Previous Sanction Necessary for Prosecution) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 19

धारा 19 के अनुसार न्यायालय किन धाराओं के अपराधों का संज्ञान पूर्व मंजूरी के बिना नहीं ले सकता?

धारा 7, 11, 13 और 15

केंद्र सरकार पूर्व मंजूरी किस लोक सेवक के मामलों में देती है?

जिसे केवल केंद्र सरकार हटाने की शक्ति रखती है

राज्य के मामलों के संबंध में कार्यरत और केवल राज्य सरकार द्वारा हटाए जा सकने वाले लोक सेवक के अभियोजन हेतु मंजूरी कौन देगा?

केंद्र सरकार

किसी अन्य (अन्य श्रेणी के) लोक सेवक के लिए मंजूरी कौन देता है?

सक्षम प्राधिकारी (जो पद से हटाने में सक्षम है)

लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 का क्या प्रभाव है?

धारा 19 की मंजूरी का प्रावधान उसके अधीन अन्यथा उपबंधित मामलों में प्रभावित होगा

निजी व्यक्ति कब केंद्र/राज्य सरकार से मंजूरी हेतु अनुरोध कर सकता है?

जब परिवाद दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (1974 का 2) की धारा 203 के अधीन (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) की धारा 226 के अंतर्गत खारिज हो जाए

परिवाद खारिज होने पर न्यायालय क्या निर्देश दे सकता है?

मंजूरी प्राप्त करने की अनुमति

सरकार मंजूरी देने से पहले किसे सुनने का अवसर प्रदान करेगी?

संबंधित लोक सेवक

मंजूरी का निर्णय सामान्यतः कितनी अवधि में दिया जाना चाहिए?

3 माह

विधिक परामर्श आवश्यक होने पर यह अवधि कितने समय तक बढ़ाई जा सकती है?

1 माह

मंजूरी संबंधी त्रुटि, लोप या अनियमितता का क्या प्रभाव होगा?

केवल तब प्रभावी जब उससे वास्तविक अन्याय हुआ हो

धारा 19 के अनुसारलोक सेवकमें कौन शामिल है?

वह जिसने अपराध के समय पद धारण किया था, चाहे बाद में छोड़ दिया हो

यदि यह संदेह हो कि मंजूरी कौन देगा, तो किस आधार पर निर्णय होगा?

वही प्राधिकारी जो उस समय उसे पद से हटाने में सक्षम था

मंजूरी में त्रुटि पर कार्यवाही रोकने के लिए न्यायालय क्या देखेगा?

क्या ऐसी त्रुटि से वास्तविक अन्याय हुआ

धारा 19(3)() के अनुसार कोर्ट किस कार्यवाही में पुनरीक्षण की शक्ति प्रयोग नहीं कर सकता?

किसी भी अंतर्वर्ती (interlocutory) आदेश पर

जहां लोक सेवक असम्यक् लाभ प्रतिगृहीत करता है वहां उपधारणा, (Presumption where Public Servant Accepts any Undue Advantage) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 20

धारा 20 मुख्यतः किससे संबंधित है?

उपधारणा

(Presumption)

धारा 20 की उपधारणा कब लागू होती है?

जब धारा 7 या धारा 11 के अपराध में असम्यक लाभ प्रतिगृहीत सिद्ध हो जाए

धारा 20 के तहत उपधारणा किसके विरुद्ध लगाई जाती है?

अभियुक्त लोक सेवक के विरुद्ध

उपधारणा कब तक लागू रहती है?

जब तक अभियुक्त इसे प्रतिकूल सिद्ध कर दे

धारा 20 की उपधारणा किस आधार पर लगती है?

प्रमाण कि अभियुक्त ने असम्यक लाभ स्वीकार किया या स्वीकार करने का प्रयत्न किया

यदि लोक सेवक असम्यक लाभ किसी अन्य व्यक्ति के लिए लेता है, तो क्या धारा 20 लागू होती है?

हाँ

धारा 20 के अनुसार असम्यक लाभ किस प्रकार लिए जाने पर उपधारणा लागू होगी?

बिना प्रतिफल के, ऐसे प्रतिफल के लिए जो धारा 11 के अनुसार अपर्याप्त हो

अभियुक्त व्यक्ति का सक्षम साक्षी होना, (Accused Person to be a Competent Witness) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 21

इस अधिनियम के तहत दण्डनीय अपराध से आरोपित व्यक्ति किस पक्ष के लिए साक्षी बन सकता है?

प्रतिरक्षा पक्ष

कोई व्यक्ति प्रतिरक्षा पक्ष के लिये सक्षम साक्षी होगा और वह अपने विरुद्ध या उसी विचारण में अपने साथ आरोपित किसी व्यक्ति के विरुद्ध किये गये आरोपों को साबित करने के लिये साक्ष्य दे सकेगा -

शपथ पर

अभियुक्त को साक्षी के रूप में बुलाया जा सकता है:

उसकी स्वयं की प्रार्थना पर

अभियुक्त साक्ष्य देने में असफल रहता है तो परिणाम क्या होगा?

कोई टीका-टिप्पणी नहीं होगी

अभियुक्त से कौन सा प्रश्न नहीं पूछा जा सकता?

पहले का सिद्धदोष अपराध

अभियुक्त अपने प्लीडर द्वारा अच्छे चरित्र का साक्ष्य देता है, तो अभियोजन पक्ष क्या कर सकता है?

लांछन डाल नहीं सकता

अपराध जो अभियुक्त पर पहले सिद्धदोष हो चुका है, उसे साक्षी के रूप में पूछे जाने वाले प्रश्न में शामिल किया जा सकता है यदि:

वह नए अपराध का सबूत हो

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) का कुछ उपान्तरणों के अध्यधीन लागू होना, (The Code of Criminal Procedure, 1973 to Apply Subject to Certain Modifications) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 22

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 243 की उपधारा (1) (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 266 की उपधारा (1) तब अभियुक्त से अपेक्षा की जाएगी" शब्दों के स्थान पर शब्द प्रतिस्थापित कर दिये गए हों-

 

तब अभियुक्त से अपेक्षा की जाएगी कि वह तुरन्त या इतने समय के भीतर जितना न्यायालय अनुज्ञात करे, उन व्यक्तियों की (यदि कोई हों) जिनकी वह अपने साक्षियों के रूप में परीक्षा करना चाहता है और उन दस्तावेजों की (यदि कोई हों) जिन पर वह निर्भर करना चाहता है, एक लिखित सूची दे, और तब उससे अपेक्षा की जाएगी

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 309 की उपधारा (1) (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 346) की उपधारा (1) में नया परन्तुक जोड़ने का उद्देश्य क्या है?

कार्यवाही किसी पक्षकार के आवेदन मात्र पर स्थगित या मुल्तवी हो

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 317 उपधारा (3) (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 282 उपधारा (3) के अनुसार न्यायाधीश कब अभियुक्त की अनुपस्थिति में विचारण कर सकता है?

जब न्यायाधीश ठीक समझता है और कारण लेखबद्ध करता है

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 317 उपधारा (3) (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 282 उपधारा (3) के अनुसार अभियुक्त का कौन सा अधिकार सुरक्षित रहेगा?

पुनः साक्षी को बुलाने का अधिकार

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 397 उपधारा (1) (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 438 उपधारा (1) में जो नया परन्तुक जोड़ा गया है, उसका उद्देश्य क्या है?

जहां किसी न्यायालय द्वारा इस उपधारा के अधीन शक्तियों का प्रयोग ऐसी कार्यवाहियों के किसी एक पक्षकार द्वारा किये गये आवेदन पर किया जाता है, वहां वह न्यायालय कार्यवाही के अभिलेख को मामूली तौर पर-

दूसरे पक्षकार को इस बात का हेतुक दर्शित करने का अवसर दिये बिना नहीं मंगाएगा कि अभिलेख क्यों मंगाया जाए; या

उस दशा में नहीं मंगाएगा जिसमें उसका यह समाधान हो जाता है कि कार्यवाही के अभिलेख की परीक्षा प्रमाणित प्रतियों से की जा सकती है।

धारा 13 (1) () के अधीन अपराध के संबंध में आरोप की विशिष्टियां, (Particulars in a Charge in Relation to an Offence Under Section 13(1)(a)) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 23

धारा 23 के अनुसार, धारा 13(1)() के तहत आरोप में किसकी विशिष्टता आवश्यक नहीं है?

अपराध की निश्चित तारीखें या विशिष्ट मदें

धारा 23 के अनुसार, आरोप में सम्पत्ति का वर्णन किस प्रकार होना चाहिए?

संक्षिप्त और पर्याप्त रूप से, बिना विशिष्ट मदों के

धारा 23 में आरोप की तारीखों के संबंध में अधिकतम अवधि क्या है?

1 वर्ष

यदि आरोप में तारीखों की विशिष्टता नहीं है, तो वह किस धारा के अर्थ में अपराध का आरोप माना जाएगा?

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 219 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 242)

सेना, नौसेना और वायुसेना सम्बन्धी या अन्य विधियों का प्रभावित नहीं होगा, (Military, Naval and Air Force or other Law not to be Affected) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 25

धारा 25 के अनुसार, इस अधिनियम की कोई बात किन विधियों के अधिकारिता या प्रक्रिया को प्रभावित नहीं करेगी?

सेना अधिनियम, 1950; वायु सेना अधिनियम, 1950; नौसेना अधिनियम, 1957; सीमा सुरक्षा बल अधिनियम, 1968; तटरक्षक अधिनियम, 1978; राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम, 1986

धारा 25 के अनुसार, यह अधिनियम किन बातों को प्रभावित नहीं करेगा?

न्यायालय द्वारा प्रयुक्त अधिकारिता,

लागू होने वाली प्रक्रिया

1952 के अधिनियम 46 के अधीन नियुक्ति विशेष न्यायाधीशों का इस अधिनियम के अधीन नियुक्त विशेष न्यायाधीश होना, (Special Judges Appointed Under Act 46 of 1952 to be Special Judges Appointed Under this Act) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 26

धारा 26 का मुख्य विषय क्या है?

पूर्व नियुक्त विशेष न्यायाधीशों को इस अधिनियम के अधीन मान्यता

दण्ड विधि (संशोधन) अधिनियम, 1952 के अधीन नियुक्त विशेष न्यायाधीश को इस अधिनियम के अंतर्गत किस रूप में माना जाएगा?

धारा 3 के अधीन नियुक्त विशेष न्यायाधीश

धारा 26 के अनुसार, कौन-सा न्यायाधीश इस अधिनियम के प्रारम्भ पर पद धारण कर रहा होना चाहिए?

1952 के अधिनियम के अधीन नियुक्त विशेष न्यायाधीश

अधिनियम के प्रारम्भ के समय विशेष न्यायाधीश के समक्ष लंबित कार्यवाहियों का निपटारा किस प्रकार किया जाएगा?

इस अधिनियम के उपबन्धों के अनुसार निपटारा किया जाएगा

अपील और पुनरीक्षण, (Appeal and Revision) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 27

धारा 27 के अनुसार, अपील और पुनरीक्षण की शक्तियाँ किस न्यायालय द्वारा प्रयोग की जाती हैं?

उच्च न्यायालय

उच्च न्यायालय धारा 27 के अंतर्गत किस विधि के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करता है?

दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973  (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023)

धारा 27 के अनुसार, विशेष न्यायाधीश को किस न्यायालय के समान माना गया है?

सत्र न्यायालय

अधिनियम का किसी अन्य विधि के अतिरिक्त होना, (Act to be in Addition to any Other Law) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 28

धारा 28 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

किसी अन्य विधि के अतिरिक्त होंगे कि उसका अल्पीकरण करेंगे, और इसमें की कोई बात किसी लोक सेवक को किसी ऐसे कार्यवाही से छूट नहीं देगी जो, इस अधिनियम के अतिरिक्त, उसके विरुद्ध संस्थापित की जा सकती है।

1944 के अध्यादेश सं० 38 का संशोधन, (Amendment of the Ordinance 38 of 1944) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 29

धारा 29 के अंतर्गत किस विधि में संशोधन किया गया है?

दण्ड विधि (संशोधन) अध्यादेश, 1944

धारा 29 के अनुसार किन उपधाराओं/खंडों मेंराज्य सरकारके स्थान परराज्य सरकार या केन्द्रीय सरकारशब्द रखे गए हैं?

धारा 2(1), धारा 9(1), धारा 10(), धारा 11(1) और धारा 13(1)

धारा 10 के खण्ड () मेंतीन मासके स्थान पर कौन-सा शब्द रखा गया है?

एक वर्ष

धारा 29 के अनुसार अनुसूची के किस पैरा का लोप किया गया है?

पैरा 1

अनुसूची के पैरा 2 और पैरा 4 मेंस्थानीय प्राधिकरणके पश्चात् किन शब्दों का अन्तःस्थापन किया गया है?

केन्द्रीय, प्रांतीय या राज्य अधिनियम द्वारा स्थापित प्राधिकरण, निगम, निकाय, सरकारी कम्पनी या सहायता प्राप्त सोसाइटी से संबंधित विस्तृत शब्द

अनुसूची के पैरा 4 के स्थान पर कौन-सा नया पैरा प्रतिस्थापित किया गया है?

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 के अधीन दण्डनीय अपराध

पैरा 8 में किन मदों का विस्तार किया गया है?

मद 2, मद 3, मद 4 और मद 4-

धारा 29 में किए गए संशोधनों का मुख्य उद्देश्य क्या है?

केन्द्र और राज्य सरकार दोनों को समान अधिकार देना तथा दायरे का विस्तार करना

नियम बनाने की शक्ति, (Power to Make Rules) किस धारा में परिभाषित हैं?

धारा 29()

धारा 29() के अंतर्गत नियम बनाने की शक्ति किसे प्रदान की गई है?

केन्द्रीय सरकार

धारा 29()(1) के अनुसार नियम किस माध्यम से बनाए जाएंगे?

राजपत्र में अधिसूचना द्वारा

नियम बनाने की शक्ति का प्रयोग किस उद्देश्य से किया जाएगा?

अधिनियम के उपबन्धों को क्रियान्वित करने के लिए

धारा 29()(2) के अनुसार, नियम बनाने की शक्ति किस प्रकार की है?

विशिष्टतया उल्लेखित विषयों सहित व्यापक

धारा 29()(2)() के अंतर्गत किन विषयों पर नियम बनाए जा सकते हैं?

धारा 9 के अधीन वाणिज्यिक संगठन द्वारा बनाए जाने वाले मार्गदर्शक सिद्धान्त

अभियोजन की मंजूरी से संबंधित मार्गदर्शक सिद्धांत किस धारा के अंतर्गत नियमों द्वारा निर्धारित किए जा सकते हैं?

धारा 19 की उपधारा (1)

धारा 29()(3) के अनुसार, बनाए गए प्रत्येक नियम को संसद के समक्ष कितनी अवधि के लिए रखा जाएगा?

तीस दिन

नियम को संसद के समक्ष रखने की अवधि किस प्रकार पूरी की जा सकती है?

एक सत्र में अथवा दो या अधिक आनुक्रमिक सत्रों में

यदि दोनों सदन नियम में परिवर्तन के लिए सहमत हो जाएँ, तो उस नियम का क्या होगा?

वह परिवर्तित रूप में प्रभावी होगा

यदि दोनों सदन यह सहमत हो जाएँ कि नियम नहीं बनाया जाना चाहिए, तो क्या परिणाम होगा?

नियम निष्प्रभाव हो जाएगा

नियम के परिवर्तित या निष्प्रभाव होने से पहले उसके अधीन की गई कार्यवाही पर क्या प्रभाव पड़ेगा?

पहले की गई बातों की विधिमान्यता प्रभावित नहीं होगी

निरसन और व्यावृत्ति, (Repeal and Saving) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 30

धारा 30 का मुख्य विषय क्या है?

निरसन और व्यावृत्ति

धारा 30(1) के अंतर्गत कौन-कौन से अधिनियम निरसित किए गए हैं?

भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1947 और दण्ड विधि संशोधन अधिनियम, 1952

धारा 30(2) में किस अधिनियम की धारा 6 का उल्लेख किया गया है?

साधारण खण्ड अधिनियम, 1897

निरसन के बावजूद पूर्व अधिनियमों के अधीन की गई कार्यवाहियों के संबंध में धारा 30(2) का क्या प्रभाव है?

जो कार्यवाहियाँ इस अधिनियम से असंगत नहीं हैं, वे मान्य मानी जाएँगी

धारा 30(2) के अनुसार, निरसित अधिनियमों के अधीन की गई कार्रवाई को किस प्रकार माना जाएगा?

इस अधिनियम के तत्स्थानी उपबन्धों के अधीन की गई कार्रवाई के रूप में

तत्स्थानी उपबन्धका तात्पर्य क्या है?

इस अधिनियम के समकक्ष या प्रतिस्थापक उपबन्ध

धारा 30(2) किस सिद्धांत को संरक्षित करती है?

विधिक निरन्तरता का सिद्धांत

यदि पूर्व अधिनियम के अधीन की गई कोई कार्रवाई इस अधिनियम के उपबन्धों से असंगत है, तो उसका क्या परिणाम होगा?

उसे मान्यता नहीं मिलेगी

धारा 30 का व्यावहारिक प्रभाव क्या है?

पुराने अधिनियमों के अंतर्गत की गई वैध कार्यवाहियों की निरन्तरता बनी रहती है

1860 के अधिनियम सं० 45 की कुछ धाराओं का लोप, (Omission of Certain Sections of Act 45 of 1860) किस धारा से सम्बंधित हैं?

धारा 31

धारा 31 का मुख्य विषय क्या है?

भारतीय दण्ड संहिता की कुछ धाराओं का लोप

धारा 31 के अनुसार भारतीय दण्ड संहिता की कौन-सी धाराएँ लोप की गई हैं?

धारा 161 से धारा 165- तक

धारा 31 के अंतर्गत लोप की गई धाराएँ मूलतः किस अधिनियम का भाग थीं?

भारतीय दण्ड संहिता, 1860

धारा 31 में किस अधिनियम की धारा 6 को लोप पर लागू किया गया है?

साधारण खण्ड अधिनियम, 1897

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