बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 वन लाइनर नोट्स

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 वन लाइनर नोट्स

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016

(The Bihar Prohibition and Excise Act, 2016)

 

बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2018 में संशोधन।

बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद (संशोधन एवं वैधीकरण) अधिनियम, 2020

संशोधन सहित

 

इस अधिनियम का संक्षिप्त नाम क्या है?

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016

(The Bihar Prohibition and Excise Act, 2016)

इस अधिनियम का उद्देश्य क्या है?

बिहार राज्य के राज्यक्षेत्र में शराब और मादक द्रव्य के पूर्ण मद्यनिषेध को लागू करने, कार्यान्वित करने और प्रोत्साहित करने के लिए और इससे जुड़े अथवा इसके आनुषांगिक विषयों के लिए अधिनियम।

चूँकि, बिहार राज्य में शराब और मादक द्रव्य के निषेध और विनियमन, उसपर शुल्क का उद्ग्रहण और बिहार राज्य में कानून के उल्लंघन के लिए दंड से संबंधित एक समान विधि का प्रावधान करना समीचीन है

यह अधिनियम किस क्षेत्र पर लागू होता है?

बिहार राज्य के राज्यक्षेत्र में।

यह अधिनियम किस वर्ष में अधिनियमित किया गया?

भारत गणराज्य के सड़सठवें वर्ष में।

इस अधिनियम को किसने अधिनियमित किया?

बिहार राज्य विधानमंडल द्वारा।

इस अधिनियम के अंतर्गत किन विषयों का विनियमन किया जाता है?

शराब और मादक द्रव्य का निषेध, विनियमन, शुल्क उद्ग्रहण एवं उल्लंघन पर दंड।

इस अधिनियम के अंतर्गत "आनुषांगिक विषय" से क्या अभिप्राय है?

वे विषय जो मद्यनिषेध और उत्पाद से संबंधित या उससे जुड़े हुए हैं।

 

अध्याय-I

(CHAPTER-I)

प्रारंभिक

(PRELIMINARY)

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा 1 का विषय क्या है?

संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ।

(Short title, extent and Commencement)

इस अधिनियम का विस्तार कहाँ तक है?

सम्पूर्ण बिहार राज्य में।

यह अधिनियम कब से प्रवृत्त होगा?

राजपत्र में प्रकाशन की तारीख से।

परिभाषा, (Definition) खंड किस धारा वर्णित किया गया है ?

धारा 2

"अधिनियम" (The Act) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(1)

"अधिनियम" से अभिप्रेत है-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016

"ऐल्कोहॉल (मद्यसार) (Alcohol) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(2)

"ऐल्कोहॉल (मद्यसार)" से अभिप्रेत है-

ऐसा इथायल ऐल्कोहॉल जो रंगहीन वाष्पशील ज्वलनशील कार्बनिक द्रव हो जिसका उत्पादन प्राकृतिक रूप से अथवा शर्करा के यीस्ट फरमेन्टेशन से हो और जो शराब, बियर, स्पिरिट और अन्य मद्यसारिक (ऐल्कोहॉलिक) पेय का मदोनमत्त करनेवाला घटक हो और औद्योगिक विलायक के रूप में और ईंधन के रूप में भी प्रयुक्त हो

"ऐल्कोहॉलिक" (Alcoholic) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(3)

"ऐल्कोहॉलिक" से अभिप्रेत है-

किसी शक्ति और शुद्धता का ऐल्कोहल का मिश्रण अथवा घोल।

"मदिरा अथवा पेय शराब" (Alcoholic beverage or potable liquor) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(4)

"मदिरा अथवा पेय शराब" से अभिप्रेत है-

कोई पेय पदार्थ जिसमें बी०आई०एस० मानकों के अनुरूप ऐल्कोहॉल हो, जो नशा करने वाली हो और मानव उपभोग के लिए उपयुक्त हो

"बियर" (Beer) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(5)

"बियर" से अभिप्रेत है-

कोई ऐसा द्रव जिसे शर्करा और हॉप के साथ अथवा उसके बिना माल्ट अथवा अनाज से बनाया जाता हो और इसके अंतर्गत बियर, एल, स्टाउट, पोर्टर और ऐसी अन्य वस्तुएँ हैं

"बी०आई०एस० मानक" (BIS standards) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(6)

"बी०आई०एस० मानक" से अभिप्रेत है-

भारतीय मानक ब्यूरो द्वारा विहित मानक अथवा सुसंगत अधिनियम के अधीन गठित केन्द्र सरकार के किसी अन्य प्राधिकार द्वारा विहित मानक

"बोर्ड (पर्षद)" (Board) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(7)

"बोर्ड (पर्षद)" से अभिप्रेत है--

राजस्व पर्षद

"काला गुड" (Black jaggery) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(8)

"काला गुड" से अभिप्रेत है-

मानव उपभोग के लिए सामान्यतया अनुपयुक्त खजूर अथवा गन्ने के रस से बना मोटा भूरा शर्करा किन्तु जिसमें इथायल ऐल्कोहॉल बनाने के लिए पर्याप्त मात्रा में किण्वन योग्य शर्करा हो,

"सम्मिश्रण करना" (Blending) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(9)

"सम्मिश्रण करना" से अभिप्रेत है-

दो अथवा अधिक स्पिरिटों को मिलाना जो विभिन्न शक्तियों और विभिन्न गुणों के हो सकते हैं

"बंधित भांडागार" (Bonded warehouse) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(10)

"बंधित भांडागार" से अभिप्रेत है-

ऐसी शराब जिसपर शुल्क का भुगतान नहीं किया गया है, के भंडारण के लिए इस अधिनियम के अधीन स्थापित अनुज्ञप्त निजी बंधित भांडागार अथवा सार्वजनिक बंधित भांडागार का कोई हिस्सा,

"बोतल में भरना" (To bottle) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(11)

"बोतल में भरना" से अभिप्रेत है-

बिक्री के प्रयोजनार्थ किसी पीपा अथवा अन्य बरतन से बोतल अथवा किसी अन्य पात्र में शराब अंतरित करना चाहे परिशोधन की प्रक्रिया अपनाई गई हो अथवा नहीं, और इसमें दुबारा बोतल में भरना सम्मिलित है

"बॉटलिंग संयंत्र" (Bottling plant) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(12)

"बॉटलिंग संयंत्र" से अभिप्रेत है-

वह परिसर जहाँ शराब बोतलबंद की जाती है और इसमें ऐसा हरेक स्थान शामिल है जहाँ इसका भंडारण होता है अथवा जहाँ से इसे निर्गत किया जाता है;

"मद्यनिर्माणशाला" (Brewery) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(13)

"मद्यनिर्माणशाला" से अभिप्रेत हैं-

ऐसे परिसर जहाँ बियर बनाए जाते हैं और इसमें ऐसा हरेक स्थान शामिल हैं जहाँ बियर भंडारित किया जाता है अथवा जहाँ से इसे निर्गत किया जाता है;

"मिश्रण करना" (Compounding) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(14)

"मिश्रण करना" से अभिप्रेत है-

स्पिरिट में सुगंधित करने अथवा रंगीन करने की वस्तु अथवा दोनों को मिलाकर मदिरा का निर्माण करना

"समाहर्त्ता (कलक्टर)" (Collector) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(15)

"समाहर्त्ता (कलक्टर)" से अभिप्रेत है-

जिला का समाहर्त्ता-सह-जिला दण्डाधिकारी जिसमें अपर समाहर्त्ता सह अपर जिला दण्डाधिकारी अथवा उपसमाहर्त्ता अथवा कोई व्यक्ति जो समाहर्त्ता-सह जिला दण्डाधिकारी की शक्तियों का प्रयोग करने और उसका कार्य निष्पादित करने के लिये अधिनियम के अधीन सरकार द्वारा नियुक्त हों।

"देशी अथवा पारंपरिक शराब" (Country or traditional liquor) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(16)

"देशी अथवा पारंपरिक शराब" से अभिप्रेत है-

महुआ, चावल, गुड़, शीरा अथवा अनाज से बना सादा अथवा मसालेदार स्पिरिट, अथवा

प्रच्छन्न स्पिरिट अथवा अति निष्क्रिय ऐल्कोहॉल से बना सादा अथवा मसालेदार स्पिरिट,  अथवा

ताड़ी, अथवा

देशी प्रक्रिया के अनुसार महुआ, चावल, मिलेट अथवा अन्य अनाजों से बने सभी किण्वित शराब जिसमें पचवाई शामिल है

"नशामुक्ति केन्द्र" (De addiction Center) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(17)

"नशामुक्ति केन्द्र" से अभिप्रेत है-

व्यसनियों को उनके व्यसन का इलाज करने के लिए राज्य सरकार द्वारा अधिष्ठापित केन्द्र

"विकृतिकारक" (Denaturant) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(18)

"विकृतिकारक" से अभिप्रेत है-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम के अधीन बने नियम द्वारा विहित कोई वस्तु जिसे स्पिरिट के साथ मिलाने से वह मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त हो जाय चाहे पेय पदार्थ के रूप में हो अथवा आंतरिक रूप से औषधि के रूप में हो अथवा किसी अन्य रूप में हो

"विकृत करना" (To denature) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(19)

"विकृत करना" से अभिप्रेत है-

स्पिरिट को एक अथवा अधिक विकृतिकारकों के साथ ऐसी रीति से मिलाना जो इस अधिनियम के अधीन इस निमित्त बने नियम द्वारा विहित की जाय और "विकृत स्पिरिट" से अभिप्रेत है इस प्रकार मिश्रित स्पिरिट

"आसवनी (डिस्टीलरी)" (Distillery) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(20)

"आसवनी (डिस्टीलरी)" से अभिप्रेत है-

वे परिसर जहाँ स्पिरिट अथवा इथनॉल बनाए जाते हैं और इनमें वह हरेक स्थान शामिल है जहाँ इसे भंडारित किया जाता है अथवा जहाँ से इसे निर्गत किया जाता है;

"शुल्क" (Duty) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(21)

"शुल्क" से अभिप्रेत है-

संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची II की प्रविष्टि 51 में यथाउल्लिखित उत्पाद शुल्क अथवा ऐसे अन्य प्रयोजन के लिये

"उत्पाद शुल्क योग्य वस्तुओं अथवा मदों" (Excisable articlesor items) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(22)

"उत्पाद शुल्क योग्य वस्तुओं अथवा मदों" से अभिप्रेत है-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम के अधीन यथापरिभाषित कोई शराब अथवा मादक द्रव्य; अथवा

मदोन्मत्त करनेवाली कोई औषधि, अथवा

कोई मध्यवर्ती / अंतिम उत्पाद जो किसी ऐल्कोहॉल के लिए कच्ची सामग्री के रूप में कार्य करे, अथवा

कोई सामग्री अथवा वस्तु जिसका प्रयोग ऐल्कोहॉल के प्रतिस्थानी के रूप में किया जा सके, अथवा

कोई वस्तु अथवा सामग्री जिसका प्रयोग अथवा उपभोग नशा के लिए किया जा सके।

"उत्पाद आयुक्त" (Excise Commissioner) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(23)

"उत्पाद आयुक्त" से अभिप्रेत है--

धारा 5 के अधीन नियुक्त पदाधिकारी

"उत्पाद पदाधिकारी" (Excise Officer) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(24)

"उत्पाद पदाधिकारी" से अभिप्रेत है

कलक्टर (समाहर्त्ता) अथवा इस अधिनियम की धारा-6 के अधीन नियुक्त कोई पदाधिकारी;

"उत्पाद राजस्व" (excise revenue) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(25)

"उत्पाद राजस्व" से अभिप्रेत है?

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम अथवा शराब अथवा नशीली औषधियों से संबंधित तत्समय प्रवृत्त किसी अन्य विधि के अधीन किसी शुल्क, फीस, कर, भुगतान (दांडिक न्यायालय द्वारा अधिरोपित जुर्माना से भिन्न) अथवा लागू या आदेशित अधिहरण से प्राप्त अथवा प्राप्त होने वाले राजस्व

"इथनॉल" (Ethanol) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(26)

"इथनॉल" से अभिप्रेत है--

साफ, रंगहीन और समरूप द्रव जिसमें आवश्यक रूप से इथायल ऐल्कोहॉल हो और जिसमें 0.5% आयतन से अनधिक जल मिला हो तथा बी०आई०एस० मानक के अनुरूप हो

"निर्यात" (Export) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(27)

"निर्यात" से अभिप्रेत है-

केन्द्र सरकार द्वारा यथा परिभाषित संपूर्ण सीमा शुल्क की सीमा से अन्यथा बिहार राज्य से बाहर ले जाना

"भारत से बाहर निर्यात" (export out of India) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(28)

"भारत से बाहर निर्यात" से अभिप्रेत है-

व्याकरणिक रूप भेदों और सजातीय पदों के साथ, बिहार राज्य से भारत के बाहर किसी स्थान पर ले जाना

"अति निष्क्रिय ऐल्कोहॉल अथवा प्रच्छन्न स्पिरिट" (Extra neutral alcohol or silent spirit) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(29)

"अति निष्क्रिय ऐल्कोहॉल अथवा प्रच्छन्न स्पिरिट" से अभिप्रेत है--

स्पिरिट जिसे केन्द्र सरकार के सुसंगत प्राधिकार द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाय

"परिवार" (Family) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(30)

"परिवार" से अभिप्रेत है-

पति, उसकी पत्नी और एक मकान में एक साथ रह रहे उनके आश्रित बच्चे

"किण्वित शराब" (Fermented liquor) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(31)

"किण्वित शराब" से अभिप्रेत है--

किण्वन की प्रक्रिया से प्राप्त शराब और इसमें बियर, एल, स्टाउट, पोर्टर, शराब, पचवाई, किण्वित ताड़ी और इसमें अन्य समान मादक द्रव्य शामिल है,

विदेशी शराब” (Foreign liquor) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(32)

विदेशी शराब" से अभिप्रेत है-

भूमि, हवा अथवा समुद्र से भारत में आयातित कोई शराब

"तैयार उत्पाद" (Final product) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(33)

"तैयार उत्पाद" से अभिप्रेत है--

किसी प्रक्रिया के अंतिम उत्पाद के साथ ऐसे अन्य उपोत्पाद जिसे बॉटलिंग प्लांट, आसवनी, शीरा कारखाना अथवा कोई अन्य कारखाना, प्राथमिक/द्वितीयक प्रक्रिया के परिणामस्वरूप तैयार कर सकते हों और इसमें शराब, मादक द्रव्य, नशीली औषधियाँ, स्पिरिट, शीरा, इथनॉल, अति निष्क्रिय स्पिरिट और ऐसी अन्य मद्यसारिक वस्तुएँ शामिल हैं;

"भांग / गाँजा (हेम्प) पौधा" (Hemp plant) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(34)

"भांग / गाँजा (हेम्प) पौधा" से अभिप्रेत है--

कैनाबिस वर्ग का कोई पौधा

"होलोग्राम और होलोग्राम युक्त स्टिकर" (Hologram and holographic sticker) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(35)

"होलोग्राम और होलोग्राम युक्त स्टिकर" से अभिप्रेत है-

उत्पाद आयुक्त द्वारा यथा अनुमोदित ऐसा लेबल जिसपर विनिर्माता और ब्रांड के नाम के अलावा हरेक बॉटलिंग कार्य का बैच नम्बर अंकित हो। होलोग्राम युक्त स्टिकर ऐसे स्टिकर होते हैं जिन्हें उत्पाद आयुक्त के माध्यम से विनिर्माता द्वारा लागत के भुगतान होने पर प्राधिकृत मुद्रक (मुद्रकों) को आपूर्ति की जाती है।

"अवैध शराब" (Illicit liquor) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(36)

"अवैध शराब" से अभिप्रेत है-

ऐसी शराब जो इस अधिनियम अथवा इसके अधीन बनाए गए नियमों के उपबंधों के उल्लंधन में बनाई जाती हो अथवा भंडारित की जाती हो अथवा वितरित की जाती हो अथवा बेची जाती हो या ऐसी शराब जिसपर इस अधिनियम अथवा इसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन उद्‌गृहीत समुचित शुल्क अथवा फीस का भुगतान नहीं किया गया हो और इसमें ऐसी विदेशी शराब भी शामिल है जिसपर समुचित शुल्क अथवा सीमाशुल्क का भुगतान हीं किया गया हो

"आयात" (Import) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(37)

"आयात" से अभिप्रेत है-

केन्द्र सरकार द्वारा यथा परिभाषित सम्पूर्ण सीमा शुल्क की सीमा से अन्यथा बिहार राज्य में लाना;

"भारत में आयात" किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(38)

"भारत में आयात" से अभिप्रेत है-

व्याकरणिक रूपभेदों और सजातीय पदों के साथ भारत के बाहर किसी स्थान से बिहार राज्य में लाना

"भारत में बनी विदेशी शराब" (Indian made foreign liquor) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(39)

"भारत में बनी विदेशी शराब" से अभिप्रेत है-

आसवन की प्रक्रिया से अथवा आसवन द्वारा प्राप्त ऐल्कोहॉल का प्रयोग कर भारत में बनी शराब जैसे विस्की, ब्रांडी, रम, जिन, वोदका, मध्विरा (लिक्युर), बीयर और अन्य कम शक्ति की मदिरा किन्तु इसके अंतर्गत विदेशी शराब अथवा देशी शराब नहीं हैं

"मादक द्रव्य" (Intoxicant) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(40)

"मादक द्रव्य" से अभिप्रेत है-

शराब, अथवा

स्पिरिट जिसमें प्रच्छन्न स्पिरिट अथवा इ०एन०ए० शामिल है, अथवा

मिथाईल अल्कोहल, अथवा

इथनॉल चाहे विकृत हो अथवा नहीं, अथवा

कोई पदार्थ जिससे शराब आसवित की जा सके और जिसे राज्य सरकार द्वारा इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ राजपत्र में अधिसूचना द्वारा मादक द्रव्य घोषित कर दिया जाय; अथवा

नशीली औषधि, अथवा

औषधीय और प्रसाधन निर्मितियाँ (उत्पाद शुल्क) अधिनियम, 1955 के अधीन यथा परिभाषित औषधीय निर्मितियाँ, अथवा

कोई निर्मिति अथवा घटक, औषधीय अथवा अन्यथा, चाहे ठोस, अर्द्ध ठोस, द्रव, अर्द्ध द्रव अथवा गैसीय हो, स्थानीय रूप से बना हो अथवा अन्यथा, जो ऐल्कोहॉल के रूप में अथवा ऐल्कोहॉल के प्रतिस्थानी के रूप में काम कर सके और जिसका प्रयोग अथवा उपभोग नशा लाने के प्रयोजनार्थ किया जा सके

"मादक औषधि" (Intoxicating drug) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(41)

"मादक औषधि" से अभिप्रेत है-

गाँजा के पौधे (कैनाबिस सटिवा एल०) की पत्तियाँ, छोटे डंठल और फूल अथवा फल के ऊपरी हिस्से जिसमें भाँग, सिद्धि अथवा गाँजा के रूप में सभी ज्ञात रूप शामिल हैं;

चरस जो हेम्प पौधे से प्राप्त किया गया रेसिन है जिसे पैकिंग और परिवहन की आवश्यकता को छोड़कर किसी अन्य रूप में स्वीकार नहीं किया गया है,

कोई मिश्रण जो मादक औषधि के उपर्युक्त किसी रूप में हो चाहे उसमें निष्क्रिय पदार्थ हो अथवा नहीं अथवा इससे तैयार कोई पेय पदार्थ, और

कोई अन्य मादक अथवा स्वापक पदार्थ जिसे राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा मादक औषधि घोषित करे, ऐसा पदार्थ स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (1985 का 61) की धारा-2 में यथापरिभाषित अफीम, कोका पत्ती अथवा कोई विनिर्मित औषधि हो

"अनुज्ञप्ति" (License) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(42)

"अनुज्ञप्ति" से अभिप्रेत है-

इस अधिनियम और इसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन स्वीकृत अनुज्ञप्तिः

"अनुज्ञापन प्राधिकारी" (License authority) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(43)

"अनुज्ञापन प्राधिकारी" से अभिप्रेत है-

वह पदाधिकारी जो इस अधिनियम के अधीन अनुज्ञप्ति, परमिट और पास देने, निलंबित करने और रद्द करने के लिए प्राधिकृत हो;

"शराब" (Liquor) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(44)

"शराब" से अभिप्रेत है-

देशी अथवा पारंपरिक शराब, भारत में बनी विदेशी शराब, विदेशी शराब अथवा कोई निर्मिति अथवा घटक चाहे ठोस, अर्द्ध ठोस, द्रव, अर्द्ध द्रव अथवा गैसीय हो, स्थानीय रूप से बना हो अथवा अन्यथा जो ऐल्कोहॉल अथवा ऐल्कोहॉल के प्रतिस्थानी के रूप में काम कर सके और जिसका प्रयोग अथवा उपभोग नशा लाने के प्रयोजनार्थ किया जा सके

"विनिर्माणशाला" (Manufactory) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(45)

"विनिर्माणशाला" से अभिप्रेत है-

कोई चीनी मिल, आसवनी, मद्यनिर्माणशाला, शराब निर्माण शाला अथवा कोई स्थापना जहाँ शराब अथवा मादक द्रव्य का आसवन, मद्यकरण, विनिर्माण सम्मिश्रण अथवा बॉटलिंग होता हो

"विनिर्माण" (Manufacture) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(46)

"विनिर्माण" से अभिप्रेत है-

हरेक प्रक्रिया चाहे प्राकृतिक हो अथवा कृत्रिम, जिससे कोई मादक द्रव्य उत्पन्न अथवा तैयार किया जाता हो (इसमें ताड़ी उत्पन्न करनेवाले वृक्षों को छेदना और उन वृक्षों से ताड़ी निकालना शामिल है)

पुनर्भासवन, और

शराब के परिशोधन, सम्मिश्रण, उसे सुगंधित करने और रंगीन बनाने के लिए अथवा बिक्री हेतु शराब को घटाने की हरेक प्रक्रिया

"विनिर्माता" (Manufacturer) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(47)

"विनिर्माता" से अभिप्रेत है-

कोई ऐसा व्यक्ति जो कोई शराब अथवा मादक द्रव्य बनाता हो और इसमें ऐल्कोहॉल का विनिर्माता शामिल है

"मिथायल ऐल्कोहॉल" (Methyl alcohol) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(48)

"मिथायल ऐल्कोहॉल" से अभिप्रेत है-

वह पदार्थ जिसका रासायनिक सूत्र CH3OH हो, जो मिथनॉल, कार्बिनॉल अथवा मिथायल हाइड्रेट के नाम से भी जाना जाता हो और जो अत्यधिक विषैली प्रकृति का हो; अथवा-

यथापरिभाषित मिथायल ऐल्कोहॉल के निष्क्रिय पदार्थ के साथ अथवा उसके बिना कोई मिश्रण जिसमें कम से कम 0.05% आयतन वाला मिथायल ऐल्कोहाल हो और इसमें काष्ठ नेप्था शामिल है

"शीरा विनिर्माणशाला" (Molasses manufactory) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(49)

"शीरा विनिर्माणशाला" से अभिप्रेत है-

वह परिसर जहाँ शीरा बनाया जाता है और इसमें ऐसा हरेक स्थान शामिल है जहाँ यह भंडारित किया जाता है अथवा जहाँ से इसे निर्गत किया जाता है और इसमें चीनी मिलें सम्मिलित हैं,

अधिसूचना” (Notification) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(50)

अधिसूचनासे अभिप्रेत है-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम और इसके अधीन गठित नियमावली के अधीन निर्गत और राजपत्र में प्रकाषित अधिसूचना।

"पचवाई" (Pachwai) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(51)

"पचवाई" से अभिप्रेत है-

किण्वित चावल, मिलेट अथवा अन्य अनाज, चाहे किसी द्रव के साथ मिश्रित हो अथवा नहीं और इससे प्राप्त कोई द्रव चाहे पानी मिलाया गया हो अथवा नहीं, किन्तु इसमें बियर शामिल नही है,

"परमिट (अनुज्ञा पत्र)" (Permit) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(52)

"परमिट (अनुज्ञा पत्र)" से अभिप्रेत है-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम और अथवा इसके अधीन बनाए गए नियमों के अधीन दिया गया प्राधिकरण

"स्थान" (Place) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(53)

"स्थान" से अभिप्रेत है-

भवन, मकान, दुकान, नाव, मण्डप(बूथ), जलयान, रैफ्ट, वाहन, परिवहन, अथवा टेन्ट संलग्नक शामिल हैं,

"सार्वजनिक स्थान" (Public Place) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(54)

"सार्वजनिक स्थान" से अभिप्रेत है-

वह स्थान जहाँ चाहे अधिकार स्वरूप अथवा नहीं लोगों की पहुँच हो और इसमें जनसाधारण द्वारा जाए जानेवाले सभी स्थान शामिल हैं और इसमें कोई खाली जगह अथवा परिवहन चाहे निजी हो अथवा सार्वजनिक, भी शामिल है,

"थाना" (Police station) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(55)

"थाना" से अभिप्रेत है-

दंड प्रकिया संहिता, 1973 (1974 का अधिनियम 2) की धारा-2 के खंड () (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 2()) के अधीन यथापरिभाषित थाना |

"विहित" (Prescribed) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(56)

"विहित" से अभिप्रेत है--

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम के अधीन बनाए गए नियम द्वारा विहित,

"लोक मांग" (Public Demand) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(57)

"लोक मांग" से अभिप्रेत है--

बिहार और उड़ीसा लोक मांग वसूली अधिनियम, 1914 (अधिनियम 4, 1914) के अधीन यथापरिभाषित लोक मांग,

"परिसर" (Premises) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(58)

"परिसर" से अभिप्रेत है-

इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ रियल इस्टेट, भूमि तथा उसपर कुछ विकास कार्य, भवन, भंडार, दुकान, होटल, रेस्तराँ, बार अथवा अन्य अभिहित संरचना;

"परिशोधन" (Rectification) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(59)

"परिशोधन" से अभिप्रेत है--

परिशोधन" में ऐसी हरेक प्रक्रिया शामिल है जिसके द्वारा स्पिरिट के साथ कुछ पदार्थ मिलाकर शोधित किया जाता है अथवा रंगा जाता है अथवा सुगंधित बनाया जाता है;

"परिशोधित स्पिरिट" (Rectified spirit) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(60)

"परिशोधित स्पिरिट" से अभिप्रेत है--

गैर विकृत (शुद्ध) ऐल्कोहॉल जिसमें परिशुद्ध ऐल्कोहॉल, अति निष्क्रिय ऐल्कोहॉल और माल्ट से प्राप्त किया गया ऐल्कोहॉल जो बी०आई०एस० मानक द्वारा विनिर्दिष्ट किया जाय, शामिल है;

नियमावली (Rules) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(61)

नियमावली से अभिप्रेत है-

इस अधिनियम के अधीन गठित नियमावली।

"सुसंगत विधि" (Relevant laws) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(62)

"सुसंगत विधि" से अभिप्रेत है-

भारतीय पावर ऐल्कोहॉल अधिनियम, 1948 (1948 का 22), मोटर स्पिरिट कराधान अधिनियम, औषधीय और प्रसाधन निर्मितियाँ (उत्पाद शुल्क) अधिनियम, 1955 (1955 का 16), स्वापक औषधि और मनःप्रभावी पदार्थ अधिनियम, 1985 (1985 का 61) और ऐसे अन्य अधिनियम जो इस अधिनियम के प्रयोग के लिए सुसंगत हों

"विशेष शुल्क" (Special duty) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(63)

"विशेष शुल्क" से अभिप्रेत है--

किसी उत्पाद शुल्क योग्य वस्तु के आयात पर कर जिसपर संविधान की सातवीं अनुसूची की सूची II की प्रविष्टि 51 में यथाउल्लिखित प्रतिशुल्क केवल इस आधार पर अधिरोपित करने योग्य नहीं है कि ऐसी वस्तु का विनिर्माण अथवा उत्पादन उस राज्य क्षेत्र में नहीं किया जा रहा है जहाँ तक इस अधिनियम का विस्तार है;

"स्पिरिट" (Spirit) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(64)

"स्पिरिट" से अभिप्रेत है-

कोई शराब जिसमें आसवन द्वारा प्राप्त ऐल्कोहॉल रहता है चाहे वह विकृत हो अथवा नहीं;

"मादक (स्पिरिटयुक्त) निर्मिति" (Spirituous preparation) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(65)

"मादक (स्पिरिटयुक्त) निर्मिति" से अभिप्रेत है--

कोई औषधीय अथवा प्रसाधन निर्मिति जिसमें ऐल्कोहॉल हो,

कोई रोगाणुरोधक निर्मिति अथवा घोल जिसमें ऐल्कोहॉल हो,

कोई सुगंधकारी अर्क, सुगंधी अथवा सीरप जिसमें ऐल्कोहॉल हो

"नकली शराब" (spurious liquor) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(66)

"नकली शराब" से अभिप्रेत है--

वैसी शराब जिसमें नशा लाने के लिए कोई चीज मिला दी गई हो और जो उपभोक्ताओं के लिए नुकसानदायक हो;

"स्टिल (भभका)" (Still) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(67)

"स्टिल (भभका)" से अभिप्रेत है-

स्पिरिट के आसवन अथवा विनिर्माण के लिए कोई उपकरण अथवा उसका कोई भाग शामिल है,

राज्य सरकार” (State Government) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(68)

राज्य सरकार से अभिप्रेत है-

बिहार राज्य सरकार।

"ताड़ी" (Tari) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(69)

"ताड़ी" से अभिप्रेत है--

नारियल, ताड़, खजूर अथवा किसी अन्य प्रकार के ताड़ के वृक्ष से निकाला गया खमीर युक्त अथवा खमीर मुक्त रस

"अस्थायी संरचना" (Temporary structure) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(70)

"अस्थायी संरचना" से अभिप्रेत है-

कोई ऐसी संरचना जिसमें नींव डालने की आवश्यकता हो तथा जिसे आसानी से गिराया जा सके, बहुत आसानी से आकृति में परिवर्तन किया जा सके, और जो इस अधिनियम के प्रयोजनार्थ पूर्ण रूप से सीलबंद नहीं किया जा सके

"पारगमन" (Transit) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(71)

"पारगमन" से अभिप्रेत है-

बिहार राज्य से होकर एक राज्य से दूसरे राज्य में जाना-आना

"परिवहन" (Transport) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(72)

"परिवहन" से अभिप्रेत है-

बिहार राज्य के भीतर एक स्थान से दूसरे स्थान ले जाना;

"भांडागार" (Warehouse) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(73)

"भांडागार" से अभिप्रेत है-

वह स्थान जहाँ शराब अथवा मादक द्रव्य के भंडारण की अनुमति हो और इसमें विनिर्माणशाला का प्रासंगिक भाग शामिल है;

"शराब (वाइन)" (Wine) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(74)

"शराब (वाइन)" से अभिप्रेत है-

चीनी अथवा गुड़ को मिलाकर अथवा बिना मिलाए अंगूर अथवा अन्य फलों के किण्वित रस जिसमें स्वउत्पन्न ऐल्कोहॉल हो तथा इसमें फोर्टिफाइड वाइन शामिल है;

"शराब निर्माणशाला (वाइनरी)" (Winery) किस धारा में परिभाषित है?

धारा 2(75)

"शराब निर्माणशाला (वाइनरी)" से अभिप्रेत है-

ऐसे परिसर जहाँ शराब बनाई जाती है और इसमें ऐसा हरेक स्थान शामिल है जहाँ इसका भंडारण होता है अथवा जहाँ से यह निर्गत होती है;

 

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018

(The Bihar Prohibition and Excise (Amendment) Act, 2018)

और

बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद (संशोधन एवं वैधीकरण) अधिनियम, 2020

(The Bihar Prohibition and Excise (Amendment and Legalisation) Act, 2020)

अध्याय-VI

(CHAAPTER-VI)

अपराध और शास्ति

(OFFENCES AND PENALTIES)

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-30 को किस अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018

(The Bihar Prohibition and Excise (Amendment) Act, 2018)

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 द्वारा प्रतिस्थापित धारा 30 किस विषय से संबंधित है?

किसी मादक द्रव्य या शराब के अवैध विनिर्माण, आयात, निर्यात, परिवहन, कब्जा, विक्रय, क्रय, वितरण आदि के लिए शास्ति

(Penalty for unlawful manufacture, import, export, transport, possession, sale, purchase, distribution, etc. of any intoxicant or liquor)

धारा 30 के अनुसार शास्ति कब लागू होती है?

अधिनियम/नियम/विनियम/आदेश/अधिसूचना के उल्लंघन में

या

बिना विधिमान्य अनुज्ञप्ति/परमिट/पास

या

उसकी शर्तों के उल्लंघन में कार्य करने पर।

धारा 30() के अनुसार किन कृत्यों पर शास्ति होगी?

मादक द्रव्य/शराब/भांग का विनिर्माण, कब्जा, क्रय, विक्रय, वितरण, संग्रहण, भंडारण, बोतलबंदी, आयात, निर्यात, परिवहन, हटाना या खेती करना।

धारा 30() के अनुसार किन कृत्यों पर शास्ति होगी?

विनिर्माणशाला, आसवनी, मद्यनिर्माणशाला या भंडागार का निर्माण, स्थापना या संचालन।

धारा 30() के अनुसार किन कृत्यों पर शास्ति होगी?

सामग्री, बर्तन, उपकरण, साधित्र का विनिर्माण/उपयोग/कब्जा या परिसर का उपयोग।

धारा 30() के अनुसार किन कृत्यों पर शास्ति होगी?

लोगो सहित/बिना सामग्री, फिल्म, रैपर, पैकिंग वस्तु या पैकिंग हेतु उपकरण/मशीन का विनिर्माण।

धारा 30() के अनुसार किस कृत्य पर शास्ति होगी?

आसवनी, मद्यनिर्माणशाला, भंडागार आदि से शराब/मादक द्रव्य हटाना।

धारा 30() के अनुसार किन कृत्यों पर शास्ति होगी?

ऐसे पदार्थ/निर्मिति का विनिर्माण, विक्रय, वितरण, बोतलबंदी, आयात, निर्यात, परिवहन, हटाना या कब्जा जो अल्कोहल या उसके प्रतिस्थानी के रूप में नशा उत्पन्न करे।

धारा 30() के अनुसार सामान्य दंड क्या है?

वह उस अवधि के लिए जिसे आजीवन कारावास तक बढाया जा सकेगा और उस जुर्माने से जिसे 10 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकेगा, दंडनीय होगा |

धारा 30 के अंतर्गत प्रथम अपराध के लिए दंड क्या है?

कम से कम 5 वर्ष का कारावास और 1 लाख रुपये के जुर्माने से कम नहीं होगा,

धारा 30 के अंतर्गत द्वितीय एवं पश्चातवर्ती अपराध के लिए दंड क्या है?  

कम से कम 10 वर्ष का कठोर कारावास और 5 लाख रुपये के जुर्माने से कम नहीं होगा।

धारा 31 का विषय क्या है?

कंपनियों द्वारा अपराध करना।

(Commission of offence by companies)

यदि अपराध करने वाला व्यक्ति कंपनी हो तो कौन दोषी माना जाएगा?

कंपनी तथा उसके कार्य संचालन के लिए प्रभारी और उत्तरदायी प्रत्येक व्यक्ति दोषी माना जाएगा।

कंपनी द्वारा किए गए अपराध के लिए किनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी?

कंपनी और उसके प्रभारी एवं उत्तरदायी प्रत्येक व्यक्ति के विरुद्ध।

कंपनी की विभिन्न स्थापना, शाखा या इकाई होने पर उल्लंघन का भागी कौन होगा?

सम्बद्ध मुख्य कार्यपालक और कंपनी द्वारा नामित उस स्थापना, शाखा या इकाई का प्रभारी व्यक्ति।

धारा 31 के अधीन किस स्थिति में प्रभारी व्यक्ति दंड से मुक्त हो सकता है?

यदि वह सिद्ध करे कि अपराध उसकी जानकारी के बिना हुआ या उसने रोकने हेतु सम्यक् तत्परता बरती।

धारा 31 के अधीन किसके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी यदि अपराध उनकी सहमति या उपेक्षा से हुआ हो?

निदेशक, प्रबंधक, सचिव या अन्य पदाधिकारी के विरुद्ध।

धारा 31 के अधीन पदाधिकारियों को क्या परिणाम भुगतना होगा?

उनके विरुद्ध कार्यवाही की जाएगी और तदनुसार दंडित किया जाएगा।

धारा 31 किन कंपनियों पर लागू नहीं होगी?

जिनमें केंद्र या राज्य सरकार अधिकांश शेयर धारित करती हो या जिन्हें बोर्ड छूट दे।

धारा 31 के स्पष्टीकरण के अधीन के अनुसार "कंपनी" का क्या अर्थ है?

कोई निगमित निकाय तथा इसमें फर्म या व्यष्टि-संगम शामिल है।

फर्म के संबंध में "निदेशक" से क्या अभिप्रेत है?

फर्म में भागीदार।

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-32 को किस अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 द्वारा प्रतिस्थापित धारा 32 किस विषय से संबंधित है?

कुछ मामलों में अपराध करने के बारे में अनुमान

(Presumption as to commission of offence in certain cases)

धारा 32(1) के अनुसार अभियुक्त व्यक्ति पर क्या दायित्व है?

शराब, मादक द्रव्य या उनसे संबंधित सामग्री, बर्तन, उपकरण या साधित्री के कब्जे का लेखा-जोखा देना।

धारा 32(1) किन वस्तुओं के संबंध में लागू होती है?

शराब, मादक द्रव्य या उनके विनिर्माण/भंडारण में प्रयुक्त सामग्री, बर्तन, उपकरण या साधित्री।

धारा 32(2) के अनुसार संतोषप्रद स्पष्टीकरण देने पर क्या उपधारणा होगी?

अभियुक्त को, जबतक अन्यथा साबित हो, अपराध कारित करने का दोषी माना जाएगा।

धारा 32(3) के अनुसार किन साधनों के उपयोग पर यह प्रावधान लागू होता है?

उपकरण, मशीनरी, जानवर, जलयान, गाड़ी, वाहन, सवारी या परिसर।

धारा 32(3) के अनुसार किसे लेखा-जोखा देना होगा?

स्वामी या अधिभोगी को।

धारा 32(3) के अनुसार जहाँ किसी उपकरण, मशीनरी, जानवर, जलयान, गाड़ी, वाहन, सवारी या किसी परिसर का उपयोग इस अधिनियम के अधीन कोई अपराध कारित करने में किया जाता है और अधिहरण के दायी हों और या मुहरबंद (सील) करने के दायी हों वहाँ, संतोषप्रद स्पष्टीकरण के अभाव में क्या उपधारणा होगी?

अभियुक्त व्यक्ति को, जबतक अन्यथा साबित हो, अपराध कारित करने वाला माना जाएगा।

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-33 को किस अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 द्वारा प्रतिस्थापित धारा 33 किस विषय से संबंधित है?

विकृत स्प्रीट को मानव उपभोग के लिए उपयुक्त बनाने के लिए शास्ति

(Penalty for rendering denatured spirit fit for human consumption)

धारा 33 के अंतर्गत विकृत स्प्रीट को किस उद्देश्य से परिवर्तित करना दंडनीय है?

जो कोई भी किसी विकृत शराब को मानव उपभोग के योग्य बनाने के इरादे से उसमें परिवर्तन करता है या परिवर्तन करने का प्रयास करता है,

चाहे वह पेय पदार्थ के रूप में हो या औषधि के रूप में, या किसी अन्य तरीके से और किसी अन्य विधि से, या जानबूझकर किसी परिवर्तित विकृत शराब को अपने पास रखता है|

धारा 33 के अंतर्गत कारावास की अवधि क्या है?

दस वर्षों से कम होगी किंतु जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकेगा |

धारा 33 के अंतर्गत जुर्माना कितना है?

एक लाख रुपये से कम होगा किंतु जिसे दस लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकेगा |

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-34 को किस अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 द्वारा प्रतिस्थापित धारा 34 किस विषय से संबंधित है?

शराब के साथ हानिपूर्ण पदार्थ मिलावट करने के लिए शास्ति (Penalty for mixing noxious substance with liquor)

धारा 34 के अंतर्गत किस कृत्य पर दंड का प्रावधान है?

शराब में हानिपूर्ण ड्रग या जहरीले अवयव मिलाना, मिलाने की अनुमति देना, या हानिकारक निर्मिति बनाना, बेचना या रखना।

धारा 34() के अंतर्गत क्या दंडनीय है?

अपने द्वारा विनिर्मित, कब्जे में या विक्रय हेतु शराब में हानिपूर्ण ड्रग या जहरीले अवयव मिलाना या मिलाने की अनुमति देना।

धारा 34() के अंतर्गत क्या दंडनीय है?

ऐसी निर्मिति बनाना, बेचना या रखना जिसे अल्कोहल या उसके प्रतिस्थानी के रूप में सेवन कर मादकता प्राप्त की जा सके और जो निःशक्तता, घोर उपहति या मृत्यु कारित कर सके।

धारा 34 के अंतर्गत किन अवस्थाओं की निर्मिति दंडनीय है?

ठोस, अर्ध ठोस, द्रव, अर्ध द्रव अथवा गैसीय अवस्था की निर्मिति।

धारा 34 के अंतर्गत निर्मिति कहाँ बनी हो सकती है?

स्थानीय रूप से अथवा अन्यथा बनी हुई।

धारा 34 के अंतर्गत निर्मिति का उपयोग किस उद्देश्य से होना चाहिए जिससे दंडनीय हो?

मादकता प्राप्त करने के प्रयोजनार्थ उपयोग या उपभोग।

धारा 34(i) के अंतर्गत मृत्यु होने पर क्या दंड है?

मृत्यु दंड या आजीवन कारावास तथा न्यूनतम पाँच लाख रुपये से अधिकतम दस लाख रुपये तक जुर्माना।

धारा 34(ii) के अंतर्गत निःशक्तता या घोर उपहति होने पर क्या दंड है?

न्यूनतम दस वर्ष से आजीवन कारावास तक कठोर कारावास तथा दो लाख से दस लाख रुपये तक जुर्माना।

धारा 34(iii) के अंतर्गत अन्य परिणामिक चोट होने पर क्या दंड है?

न्यूनतम आठ वर्ष से आजीवन कारावास तक कारावास तथा एक लाख से दस लाख रुपये तक जुर्माना।

धारा 34(iv) के अंतर्गत चोट होने पर क्या दंड है?

न्यूनतम आठ वर्ष से अधिकतम दस वर्ष तक कारावास तथा एक लाख से पाँच लाख रुपये तक जुर्माना।

धारा 34 के स्पष्टीकरण के अनुसार "घोर उपहति" का क्या अर्थ है?

वही जो भारतीय दंड संहिता, 1860 की धारा 320 (भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 116) में अभिप्रेत है।

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-35 (कपट करने के लिए शास्ति) का किस अधिनियम द्वारा विलोपन किया गया-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 7 द्वारा

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-36 को किस अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 द्वारा प्रतिस्थापित धारा 36 किस विषय से संबंधित है?

नकली शराब का कारोबार करने के लिए शास्ति

(Penalty for dealing in spurious liquor)

किस कृत्य पर नकली शराब से संबंधित धारा 36 के अंतर्गत दंड का प्रावधान है?

नकली शराब का विनिर्माण, विक्रय, भंडारण, वितरण, बोतलबंद, आयात, निर्यात, कब्जे में रखना या परिवहन करना।

धारा 36 के अंतर्गत कारावास कितना है?

दस वर्षों से कम नहीं होगी किंतु जिसे आजीवन कारावास तक बढ़ाया जा सकेगा

धारा 36 के अंतर्गत जुर्माना कितना है?

उस जुर्माने से जो एक लाख रुपये से कम नहीं होगी किंतु जिसे दस लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकेगा

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-37 को किस अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 द्वारा प्रतिस्थापित धारा 37 किस विषय से संबंधित है?

शराब उपभोग के लिए शास्ति

(Penalty for consumption of liquor)

धारा 37 के अंतर्गत दंडनीय कृत्य किसके उल्लंघन में होना चाहिए?

अधिनियम या उसके अधीन बनाए गए नियमों, अधिसूचना या आदेश के उल्लंघन में।

धारा 37() के अंतर्गत क्या दंडनीय है?

किसी स्थान में शराब या मादक द्रव्य का उपभोग करना।

धारा 37() के अंतर्गत क्या दंडनीय है?

किसी स्थान में नशे या मदहोशी की अवस्था में पाया जाना।

धारा 37() के अंतर्गत क्या दंडनीय है?

शराब पीकर नशे की अवस्था में किसी स्थान पर उपद्रव या हिंसा करना।

धारा 37() में "किसी स्थान" में क्या शामिल है?

उसका अपना घर या परिसर भी शामिल है।

धारा 37() के अंतर्गत क्या दंडनीय है?

नशे की अनुमति देना, उसे सरल बनाना या अपने घर/परिसर में नशेड़ियों को जमा होने देना।

धारा 37(1) खंड () एवं () के अंतर्गत प्रथम अपराध पर क्या दंड है?

न्यूनतम पचास हजार रुपये जुर्माना या उसके बदले तीन माह तक कारावास।

धारा 37(1) खंड () एवं () के अंतर्गत पश्चात्वर्ती अपराध पर क्या दंड है?

न्यूनतम एक वर्ष से पाँच वर्ष से कम नहीं होगी किंतु जिसे पाँच वर्षों तक बढ़ाया जा सकेगा तथा अधिकतम एक लाख रुपये तक जुर्माना।

धारा 37(2) खंड () एवं () के अंतर्गत दंड क्या है?

पाँच वर्षों से कम नहीं होगी किंतु जिसे दस वर्षों तक बढ़ाया जा सकेगा तथा उस जुर्माने से, जो एक लाख रुपये से कम नहीं होगा किंतु जिसे पाँच लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकेगा

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-38 (मादक द्रव्य को कब्जा में रखने अथवा कब्जा में रखने की जानकारी के लिए शास्ति) का किस अधिनियम द्वारा विलोपन किया गया-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 10 द्वारा

धारा 39 का विषय क्या है?

रसायनज्ञ (केमिस्ट) की दुकान में शराब के उपभोग के लिए शास्ति।

(Penalty for consumption of liquor in chemist’s shop)

धारा 39(1) के अंतर्गत कौन दोषी होगा?

रसायनज्ञ, औषधि-विक्रेता, भैषजिक या औषधालय का रक्षक जो अपने परिसर में उपभोग की अनुमति देता है।

धारा 39(1) के अंतर्गत किन पदार्थों के उपभोग की अनुमति देने पर दंड होगा?

ऐसी औषधि या औषधीय निर्मिति जो राज्य सरकार द्वारा मादक द्रव्य घोषित हो या शराब/मादक द्रव्य जो औषधीय प्रयोजन हेतु प्रामाणिक हो।

धारा 39(1) के अंतर्गत किस स्थान पर उपभोग की अनुमति देना दंडनीय है?

कारोबारी परिसर में।

धारा 39(1) के अंतर्गत कारावास क्या है?

कम से कम आठ वर्षों के कारावास, जिसे बढ़ाकर दस वर्षों तक किया जा सकेगा

धारा 39(1) के अंतर्गत जुर्माना क्या है?

कम से कम एक लाख रूपये होगा, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये तक किया जा सकेगा, से दंडनीय होगा।

धारा 39(2) के अंतर्गत कौन दोषी होगा?

वह व्यक्ति जो ऐसे परिसरों में शराब या मादक द्रव्य का उपभोग करता है।

धारा 39(2) के अंतर्गत कारावास क्या है?

कम से कम पाँच वर्षों के कारावास, जिसे बढ़ाकर सात वर्षों तक किया जा सकेगा

धारा 39(2) के अंतर्गत जुर्माना क्या है?

कम से कम एक लाख रुपये होगा, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये तक किया जा सकेगा, से दंडनीय होगा।

धारा 40 का विषय क्या है?

अवैध विज्ञापन के लिए शास्ति।

धारा 40 के अंतर्गत कौन दोषी होगा?

जो कोई मीडिया या सामाजिक मंच के माध्यम से शराब या मादक द्रव्य के प्रयोग की याचना करने वाली सामग्री मुद्रित, प्रकाशित या विज्ञापित करता है।

धारा 40 के अंतर्गत किन माध्यमों में विज्ञापन देना दंडनीय है?

किसी भी मीडिया में, जिसमें फिल्म और टेलीविजन शामिल हैं, या किसी सामाजिक मंच से।

धारा 40 के अंतर्गत विज्ञापन किस प्रकार का होना चाहिए जिससे अपराध बनता है?

प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से शराब या मादक द्रव्य के प्रयोग की याचना करने वाला।

धारा 40 के अंतर्गत कारावास क्या है?

कम से कम तीन वर्षों के कारावास से, जिसे बढ़ाकर पाँच वर्षों तक किया जा सकेगा

धारा 40 के अंतर्गत जुर्माना क्या है?

जुर्माने से, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये किया जा सकेगा अथवा दोनों से, दंडनीय होगा।

धारा 41 का विषय क्या है?

एक व्यक्ति द्वारा दूसरे के कारण आयात, निर्यात, विनिर्माण, परिवहन, विक्रय अथवा कब्जा के लिए शास्ति।

(Penalty for import, export, manufacture, transport, sale or possession by one person

on account of another)

धारा 41(1) कब लागू होती है?

जब एक व्यक्ति द्वारा दूसरे के कारण मादक द्रव्य या शराब का आयात, निर्यात, विनिर्माण, वहन, विक्रय या कब्जा किया जाता है।

धारा 40 के अंतर्गत दूसरे व्यक्ति की क्या मानसिक स्थिति आवश्यक है?

उसे यह जानना या विश्वास करने का कारण होना चाहिए कि कार्य उसके कारण किया गया है।

धारा 40 के अंतर्गत किन कार्यों के लिए दूसरे व्यक्ति को उत्तरदायी माना जाएगा?

आयात, निर्यात, विनिर्माण, वहन, विक्रय या कब्जा।

धारा 41 के अनुसार अपराध किसके द्वारा किया हुआ माना जाएगा?

उस दूसरे व्यक्ति द्वारा जिसके कारण कार्य किया गया है।

धारा 41 के अंतर्गत कारावास क्या है?

कम से कम आठ वर्षों के कारावास से जिसे दस वर्षों तक बढ़ाया जा सकेगा

धारा 41 के अंतर्गत जुर्माना क्या है?

दस लाख रूपये तक बढ़ाया जा सकेगा, दंडनीय होगा।

धारा 41 उपधारा (1) की कोई बात किसी ऐसे व्यक्ति को, जो दूसरे व्यक्ति के कारण किसी मादक द्रव्य अथवा शराब का विनिर्माण, विक्रय करता है अथवा कब्जे में रखता है, इस अधिनियम के अधीन किसी दंड अथवा ऐसे मादक द्रव्य अथवा शराब के अवैध विनिर्माण, विक्रय अथवा कब्जा के दायित्व से-

मुक्त नहीं करेगा।

धारा 42 का विषय क्या है?

प्रतिकर का भुगतान करने हेतु कलक्टर द्वारा आदेश।

(Order by Collector to pay compensation)

धारा 42(1) किस अधिनियम के बावजूद लागू होती है?

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी।

धारा 42 के अंतर्गत कलक्टर कब प्रतिकर का आदेश पारित करेगा?

जब उसे समाधान हो कि विक्रीत शराब के उपभोग से किसी व्यक्ति की मृत्यु या क्षति हुई है।

धारा 42 के अंतर्गत प्रतिकर का भुगतान करने के लिए कौन उत्तरदायी होगा?

विनिर्माता और विक्रेता, चाहे वह अपराध में सिद्धदोष हुआ हो या नहीं।

धारा 42 के अंतर्गत मृतक के विधिक प्रतिनिधि को न्यूनतम कितना प्रतिकर दिया जाएगा?

कम से कम चार लाख रुपये।

धारा 42 के अंतर्गत गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त व्यक्ति को कितना प्रतिकर दिया जाएगा?

दो लाख रुपये।

धारा 42 के अंतर्गत अन्य पारिणामिक चोट खाने वाले व्यक्ति को कितना प्रतिकर दिया जाएगा?

बीस हजार रुपये।

धारा 42(2) के अंतर्गत प्रतिकर कैसे वसूला जाएगा?

लोक मांग वसूली अधिनियम, 1914 के अधीन "लोक मांग" के रूप में।

धारा 42(3) के अंतर्गत अपील कहाँ की जाएगी?

उच्च न्यायालय में।

धारा 42 के अंतर्गत अपील की समय सीमा क्या है?

आदेश की तारीख से 30 दिनों के भीतर।

धारा 42 के अंतर्गत आरोपी द्वारा अपील दाखिल करने की शर्त क्या है?

आदेशित राशि का 50% न्यायालय में जमा करना आवश्यक है। (परन्तु -1)

धारा 42 के अंतर्गत क्या 30 दिनों के बाद भी अपील स्वीकार की जा सकती है?

हाँ, यदि पर्याप्त कारण से समय पर अपील नहीं की जा सकी हो। (परन्तु-2)

धारा 42 के अंतर्गत किसके समाधान पर विलंबित अपील स्वीकार होगी?

उच्च न्यायालय के समाधान पर।

धारा 43 का विषय क्या है?

अनुज्ञप्तिधारी, आदि के कदाचार हेतु शास्ति।

(Penalty for misconduct of licensees, etc.)

धारा 43 किन व्यक्तियों पर लागू होती है?

अनुज्ञप्ति या परमिट धारक अथवा उसके नियोजन में कार्य करने वाले व्यक्ति पर।

धारा 43() के अंतर्गत अपराध क्या है?

मांग किए जाने पर अनुज्ञप्ति या परमिट प्रस्तुत करने में असफल होना।

धारा 43 के अंतर्गत किसके द्वारा मांग किए जाने पर अनुज्ञप्ति प्रस्तुत करना आवश्यक है?

उत्पाद पदाधिकारी या सम्यक् रूप से सशक्त अन्य पदाधिकारी द्वारा।

धारा 43() के अंतर्गत अपराध क्या है?

अनुज्ञप्ति या परमिट की शर्तों का जानबूझकर उल्लंघन करना या आवश्यक कार्य करना।

धारा 43() के अंतर्गत अपराध क्या है?

उत्पाद पदाधिकारी द्वारा निरीक्षण के दौरान सहयोग करना।

धारा 43() के अंतर्गत अपराध क्या है?

विवरण (रिटर्न) प्रस्तुत करने में असफल रहना।

धारा 43(1) के अंतर्गत खंड () के अपराध का दंड क्या है?

कम से कम एक लाख रुपये से दस लाख रुपये तक का जुर्माना।

धारा 43(2) के अंतर्गत खंड () के अपराध का दंड क्या है?

कम से कम पाँच वर्ष से सात वर्ष तक का कारावास और एक लाख से दस लाख रुपये तक का जुर्माना।

धारा 43(3) के अंतर्गत खंड () और () के अपराध का दंड क्या है?

एक लाख से दस लाख रुपये तक का जुर्माना तथा उत्तरवर्ती विलम्ब के लिए दस हजार रुपये प्रति दिन।

धारा 44 का विषय क्या है?

अवैध शराब व्यापार में अवयस्कों अथवा महिलाओं को नियोजित करने हेतु शास्ति।

(Penalty for employing minors or women in illegal liquor trade)

धारा 44(1) के अंतर्गत कौन दोषी होगा?

जो कोई अवयस्क (18 वर्ष से कम) या महिला को अवैध शराब/मादक द्रव्य कार्यों हेतु नियोजित करता है।

धारा 44 के अंतर्गत अवयस्क की आयु सीमा क्या है?

18 वर्ष से कम।

धारा 44 के अंतर्गत किन उद्देश्यों के लिए नियोजन दंडनीय है?

छुपाने, बिक्री करने, रखने, परिवहन करने या वितरण करने के लिए।

धारा 44 के अंतर्गत क्या महिला को नियोजित करना भी दंडनीय है?

हाँ, यदि उपर्युक्त अवैध उद्देश्यों के लिए नियोजित किया जाए।

धारा 44(1) के अंतर्गत कारावास क्या है?

कम से कम दस वर्षों के कारावास, से जिसे बढ़ाकर आजीवनकारावास तक किया जा सकेगा

धारा 44(1) के अंतर्गत जुर्माना क्या है?

जुर्माने से, जो कम से कम एक लाख रूपये होगा, , जिसे बढाकर दस लाख रूपये तक किया जा सकेगा, अथवा दोनों से, दंडनीय होगा।

धारा 44(2) का विषय क्या है?

अवयस्क या महिला को मादक द्रव्य/शराब से संबंधित कार्य हेतु प्रेरित करने पर शास्ति।

धारा 44(2) के अंतर्गत कौन दोषी होगा?

जो कोई अवयस्क (18 वर्ष से कम) या महिला को मादक द्रव्य/शराब से संबंधित कार्यों हेतु धमकाता, फुसलाता, प्रलोभन देता या बढ़ावा देता है।

अवयस्क की आयु सीमा क्या है?

18 वर्ष से कम।

किन-किन कार्यों के लिए प्रेरित करना दंडनीय है?

कब्जा में रखना, भंडारण करना, वितरण करना, विक्रय करना, क्रय करना, परिवहन करना या उपभोग करना।

क्या केवल प्रयास करना भी दंडनीय है?

हाँ, धमकाने, फुसलाने, प्रलोभन देने या बढ़ावा देने की चेष्टा भी दंडनीय है।

धारा 44(2) के अंतर्गत कारावास क्या है?

कम-से-कम 8 वर्षों के कारावास से, जिसे बढ़ा कर 10 वर्षों तक किया जा सकेगा

धारा 44(2) के अंतर्गत जुर्माना क्या है?

जुर्माने से, जो कम से कम एक लाख रूपये होगा, जिसे बढ़ाकर दस लाख रूपये किया जा सकेगा, दंडनीय होगा।

धारा 45 का विषय क्या है?

हमला और बाधा के लिए शास्ति।

(Penalty for assault and obstruction)

धारा 45 किस अधिनियम के बावजूद लागू होती है?

भारतीय दंड संहिता, 1860 में अंतर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी।

धारा 45 के अंतर्गत कौन दोषी होगा?

जो कोई उत्पाद पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी या अन्य पदाधिकारी पर हमला करता है या बाधा उत्पन्न करता है।

किस प्रकार के कृत्य दंडनीय हैं?

हमला करना, हमला करने की धमकी देना, बाधा उत्पन्न करना या बाधा उत्पन्न करने का प्रयास करना।

किन पदाधिकारियों के विरुद्ध कृत्य दंडनीय है?

उत्पाद पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी या सरकारी कर्तव्य के निष्पादन में लगे अन्य पदाधिकारी।

धारा 45 के अंतर्गत कारावास क्या है?

कम से कम आठ वर्षों के कारावास से, जिसे बढ़ाकर दस वर्षों तक किया जा सकेगा

धारा 45 के अंतर्गत जुर्माना क्या है?

कम से कम एक लाख रूपये होगा जिसे बढ़ाकर दस वर्षों तक किया जा सकेगा

धारा 46 का विषय क्या है?

शुल्क अथवा फीस का भुगतान नहीं करने के लिए शास्ति। (Penalty for non-payment of duty or fee)

धारा 46 के अंतर्गत कौन दोषी होगा?

जो व्यक्ति इस अधिनियम के अधीन देय शुल्क या फीस का भुगतान करने में असफल रहता है।

धारा 46 के अंतर्गत कारावास क्या है?

कम से कम तीन वर्षों के कारावास से, जिसे बढ़ाकर पाँच वर्षों तक किया जा सकेगा

धारा 46 के अंतर्गत जुर्माना क्या है?

जुर्माने से, जो कम से कम एक लाख रूपये होगा, जिसे बढाकर दस लाख रूपये तक किया जा सकेगा

धारा 47 का विषय क्या है?

अपराध करने के लिए उपयोग में लाए जाने वाले परिसरों आदि की अनुमति देने हेतु शास्ति।

(Penalty for allowing premises, etc., to be used for commission of an offence)

धारा 47 के अंतर्गत कौन दोषी होगा?

जो कोई अपने नियंत्रण या उपयोग में स्थित स्थान या साधन का प्रयोग अपराध हेतु करने की अनुमति देता है।

क्या अनुज्ञप्तिधारी और अन्य दोनों धारा 47 के अंतर्गत आते हैं?

हाँ, अनुज्ञप्तिधारी या अन्य कोई भी व्यक्ति।

धारा 47 के अंतर्गत किन-किन वस्तुओं/स्थानों के संबंध में अनुमति देना दंडनीय है?

मकान, कमरा, अहाता, खाली जगह, पशु या वाहन।

धारा 47 के अंतर्गत किस स्थिति में अनुमति देना दंडनीय होगा?

जब व्यक्ति जानबूझकर किसी अन्य को अपराध करने हेतु प्रयोग की अनुमति देता है।

धारा 47 के अंतर्गत दंड का स्वरूप क्या है?

वही दंड जो उस अपराध के लिए है मानो उसने स्वयं अपराध किया हो।

धारा 48 का विषय क्या है?

अपराध करने की कोशिश के लिए शास्ति।

(Penalty for attempt to commit an offence)

धारा 48 के अंतर्गत कौन दोषी होगा?

जो कोई इस अधिनियम के अधीन दंडनीय अपराध करने की कोशिश करता है।

धारा 48 के अंतर्गत दंड का परिमाण क्या है?

उपबंधित अधिकतम दंड के आधे का भागी होगा।

धारा 48 के अंतर्गत किस आधार पर दंड निर्धारित होगा?

संबंधित अपराध के अधिकतम दंड के आधार पर।

धारा 49 का विषय क्या है?

न्यायालय की अवमानना के लिए शास्ति।

(Penalty for Contempt of Court)

धारा 49 किन कार्यवाहियों पर लागू होती है?

इस अधिनियम के अधीन कलक्टर या उसके समान शक्तियों का उपयोग करने वाले पदाधिकारी के समक्ष कार्यवाही पर।

धारा 49 के अंतर्गत किस पदाधिकारी की कार्यवाही न्यायिक प्रक्रिया मानी जाएगी?

कलक्टर या सरकार द्वारा अधिसूचित ऐसे पदाधिकारी की जो कलक्टर की शक्ति का उपयोग कर रहा हो।

धारा 49 के अंतर्गत किस धारा के अंतर्गत कार्यवाही न्यायिक प्रक्रिया मानी जाएगी?

भारतीय दण्ड संहिता, 1860 की धारा 228 (भारतीय न्याय संहिता की धारा 236) के अर्थ में।

धारा 49 के अंतर्गत अवमानना के लिए कौन दोषी होगा?

जो व्यक्ति ऐसी कार्यवाही के प्रति अवमानना करता है।

धारा 50 का विषय क्या है?

परेशान करने के लिए की गयी तलाशी, अभिग्रहण, निरोध या गिरफ्तारी हेतु उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी पर शास्ति।

(Penalty on excise officer or police officer for making vexatious search, seizure, detention or arrest)

धारा 50 के अंतर्गत कौन दोषी होगा?

उत्पाद पदाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी या अन्य व्यक्ति जो बिना समुचित आधार और परेशान करने के उद्देश्य से कार्य करता है।

किस स्थिति में धारा 50 लागू होती है?

जब शक करने का समुचित आधार हो और उद्देश्य परेशान करना हो।

धारा 50() के अंतर्गत अपराध क्या है?

शक्ति के उपयोग का बहाना बनाकर बंद स्थल में प्रवेश या तलाशी लेना या कराना।

धारा 50() के अंतर्गत अपराध क्या है?

अभिग्रहण के बहाने किसी व्यक्ति की चल संपत्ति का अभिग्रहण करना।

धारा 50() के अंतर्गत अपराध क्या है?

किसी व्यक्ति की तलाशी लेना, निरुद्ध करना या गिरफ्तार करना।

धारा 50() के अंतर्गत अपराध क्या है?

इस अधिनियम के अधीन अपनी कानूनी शक्तियों के बाहर जाना।

धारा 50 के अंतर्गत अधिकतम कारावास क्या है?

तीन वर्ष तक।

धारा 50 के अंतर्गत अधिकतम जुर्माना क्या है?

एक लाख रुपये तक।

धारा 51 का विषय क्या है?

कर्तव्य से मुकरने वाले उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी पर शास्ति।

(Penalty on excise officer or police officer refusing to do duty)

धारा 51 के अंतर्गत कौन दोषी होगा?

उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी जो बिना विधिसम्मत कारण के कर्तव्य से इनकार या पीछे हटता है।

धारा 51 के अंतर्गत किस स्थिति में कर्तव्य से इनकार करना दंडनीय नहीं होगा?

जब कलक्टर या उत्पाद आयुक्त द्वारा लिखित में अनुमति दी गई हो।

धारा 51 के अंतर्गत कर्तव्य से हटने के लिए वैकल्पिक वैध शर्त क्या है?

दो माह पूर्व अपने वरीय पदाधिकारी को लिखित सूचना देना।

क्या कायरता भी धारा 51 के अंतर्गत दंडनीय है?

हाँ, कायरता का दोषी होना भी दंडनीय है।

धारा 51 के अंतर्गत अधिकतम कारावास क्या है?

तीन महीने तक।

धारा 51 के अंतर्गत अधिकतम जुर्माना क्या है?

दस हजार रुपये तक।

धारा 52 का विषय क्या है?

अपराध जो अन्यथा उपबंधित नहीं हैं, के लिए शास्ति।

धारा 52 के अंतर्गत कौन दोषी होगा?

जो इस अधिनियम या इसके अधीन बने नियम या आदेश के उपबंधों का उल्लंघन करता है।

धारा 52 कब लागू होती है?

जब उल्लंघन के लिए अन्यथा कोई दंड उपबंधित नहीं हो।

किन उपबंधों के उल्लंघन पर धारा 52 लागू होती है?

अधिनियम, नियम या आदेश के उपबंधों के उल्लंघन पर।

धारा 52 के अंतर्गत कारावास क्या है?

कम से कम छः महीने के कारावास से, जिसे बढ़ाकर सात वर्षों तक किया जा सकेगा

धारा 52 के अंतर्गत जुर्माना क्या है?

कम से कम एक लाख रुपये होगा जिसे बढ़ाकर दस लाख रुपये तक किया जा सकेगा

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-53 (पूर्व दोषसिद्धि के पश्चात् विस्तारित दंड) का किस अधिनियम द्वारा विलोपन किया गया-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 11 द्वारा

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-54 को किस अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 द्वारा प्रतिस्थापित धारा 54 किस विषय से संबंधित है?

भू-स्वामियों, भवन स्वामियों तथा अन्य व्यक्तियों की अननुज्ञप्त निर्माण करने, कृषि या उपभोग करने की सूचना देने में विफलता।

(Failure of occupier to disclose information of unlicensed manufacture

or cultivation or consumption of liquor or intoxicant)

धारा 54 उपधारा (1) के अंतर्गत किन वस्तुओं के संबंध में सूचना देना अनिवार्य है?

शराब, मादक द्रव्य या अन्य उत्पाद शुल्क योग्य वस्तु।

धारा 54 उपधारा (1) के अंतर्गत किन गतिविधियों पर सूचना देना आवश्यक है?

विनिर्माण, विक्रय, भंडारण, बोतलबंदी, कब्जा या उपयोग।

धारा 54 उपधारा (1) के अंतर्गत किस स्थिति में सूचना देना आवश्यक है?

जब कार्य इस अधिनियम के उल्लंघन में किया जा रहा हो।

धारा 54 उपधारा (1) के अंतर्गत किसकी खेती पर सूचना देना आवश्यक है?

उत्पाद शुल्क योग्य किसी पौधे की खेती।

धारा 54 उपधारा (1) के अंतर्गत सूचना देने का दायित्व किस पर है?

भूमि या भवन का अधिभोगी या उसका एजेंट।

धारा 54 उपधारा (1) के अनुसार सूचना कब दी जानी चाहिए?

जैसे ही अधिभोगी या एजेंट को जानकारी प्राप्त हो।

धारा 54 उपधारा (1) के अनुसार सूचना किन अधिकारियों को दी जानी चाहिए?

नजदीकी उत्पाद अधिकारी, पुलिस अधिकारी या समाहर्त्ता।

धारा 54 उपधारा (2) के अंतर्गत किस कृत्य पर दंड का प्रावधान है?

उपधारा (1) के अनुसार सूचना देने में असफल रहने पर।

धारा 54 धारा 54 उपधारा (2) के अंतर्गत दंडनीय व्यक्ति कौन हैं?

भूमि या भवन का अधिभोगी या उसका एजेंट।

धारा 54 उपधारा (2) के अंतर्गत अधिकतम कारावास कितना है?

दो वर्ष तक का कारावास।

धारा 55 किस विषय से संबंधित है?

अपराधों का शमन नहीं होना।

अधिनियम के उपबंधों का उल्लंघन कर किया गया कोई भी अपराध इस अधिनियम के अधीन--

अशमनीय होगा।

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-56 को किस अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 द्वारा प्रतिस्थापित धारा 56 किस विषय से संबंधित है?

अधिहरण की जा सकने वाली चीजें

(Things liable for confiscation)

धारा 56 के अंतर्गत अधिहरण कब किया जा सकता है?

जब इस अधिनियम के अधीन कोई दंडनीय अपराध कारित किया जाता है।

धारा 56() के अंतर्गत कौन-कौन सी वस्तुएँ अधिहरण योग्य हैं?

अवैध रूप से आयातित, परिवहित, विनिर्मित, विक्रय, भंडारित, कब्जे में रखी गई शराब या मादक द्रव्य।

धारा 56() के अंतर्गत किन सहायक वस्तुओं का अधिहरण हो सकता है?

सामग्री, बर्तन, उपकरण, साधित्री, पैकेज या आवरण।

धारा 56() के अंतर्गत किन प्रयोजनों हेतु उपयोग की गई वस्तुएँ अधिहरण योग्य हैं?

भंडारण, विनिर्माण या लेबलिंग के प्रयोजनार्थ उपयोग की गई वस्तुएँ।

धारा 56() के अंतर्गत क्या पात्रों या पैकेज की अंतर्वस्तुएँ भी अधिहरण योग्य हैं?

हाँ, यदि कोई हो तो उनकी अंतर्वस्तुएँ भी अधिहरण योग्य हैं।

धारा 56() के अंतर्गत कौन-कौन से साधन अधिहरण योग्य हैं?

जानवर, जलयान, वाहन या अन्य सवारी।

धारा 56() के अंतर्गत किन परिस्थितियों में ये साधन अधिहरण योग्य हैं?

जब उनका उपयोग मादक द्रव्य या शराब ढोने के लिए किया गया हो।

धारा 56() के अंतर्गत कौन-सा परिसर अधिहरण योग्य है?

ऐसा परिसर या उसका भाग जिसका उपयोग शराब या मादक द्रव्य के भंडारण, विनिर्माण या अपराध करने हेतु किया गया हो।

धारा 56() के अंतर्गत राज्य सरकार को क्या शक्ति प्राप्त है?

तलाशी, जप्ती और अधिहरण के संबंध में निर्देश, दिशा-निर्देश, विनियमन और अनुदेश जारी करने की शक्ति।

धारा 57 का विषय क्या है?

अधिहरण के पूर्व वस्तुओं को विक्रय या नष्ट करने का आदेश देने की कलक्टर की शक्ति।

(Power of Collector, etc., to order sale or destruction of articles before confiscation)

धारा 57 के अंतर्गत किन परिस्थितियों में वस्तु के विक्रय का आदेश दिया जा सकता है?

जब वस्तु शीघ्र या प्राकृतिक रूप से सड़-गलने वाली हो या विक्रय सार्वजनिक हित या स्वामी के हित में हो।

धारा 57 के अंतर्गत किन प्राधिकारियों को विक्रय का आदेश देने की शक्ति है?

उत्पाद आयुक्त, कलक्टर, न्यायालय या राज्य सरकार द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी।

धारा 57 के अंतर्गत विक्रय का आदेश कब दिया जा सकता है?

अधिहरण आदेश पारित करने के पूर्व किसी भी समय।

धारा 57 के अंतर्गत विक्रय से प्राप्त धनराशि का क्या किया जाएगा?

सरकार के पास जमा किया जाएगा।

धारा 57 के अंतर्गत किन परिस्थितियों में वस्तु को नष्ट करने का आदेश दिया जा सकता है?

जब वस्तु शीघ्र सड़-गलने वाली, कम मूल्य की या दुरुपयोग हेतु रखी जा सकती हो।

धारा 57 के अंतर्गत वस्तु को नष्ट करने का आदेश कौन दे सकता है?

कलक्टर या संबंधित पदाधिकारी।

धारा 58 का विषय क्या है?

कलक्टर द्वारा अधिहरण।

(Confiscation by District Collector)

धारा 58 के अंतर्गत अभिगृहीत या निरुद्ध संपत्ति के संबंध में पदाधिकारी का कर्तव्य क्या है?

अविलम्ब जिला कलक्टर के समक्ष प्रतिवेदन प्रस्तुत करना।

धारा 58 के अंतर्गत प्रतिवेदन किस कलक्टर को प्रस्तुत किया जाएगा?

उस जिला कलक्टर को जिसके क्षेत्राधिकार में क्षेत्र स्थित है।

धारा 58(2) के अंतर्गत कलक्टर कब अधिहरण का आदेश दे सकता है?

जब उसे समाधान हो कि इस अधिनियम के अधीन अपराध किया गया है।

धारा 58(2) के अंतर्गत क्या अधिहरण के लिए अभियोजन या न्यायालय में मामला लंबित होना आवश्यक है?

नहीं, चाहे अभियोजन संस्थित हो या नहीं और मामला लंबित हो या नहीं।

धारा 58(3) के अनुसार आदेश से पूर्व क्या आवश्यक है?

संबंधित व्यक्ति को सुनवाई का पर्याप्त अवसर देना।

धारा 58(4) के अंतर्गत कलक्टर क्या अतिरिक्त आदेश दे सकता है?

ऐसी संपत्ति को नष्ट करने का आदेश जो सुरक्षित नहीं रखी जा सकती या उपयोग के योग्य नहीं है।

धारा 58 के अंतर्गत नष्ट करने की प्रक्रिया में किनकी उपस्थिति आवश्यक है?

कार्यपालक मजिस्ट्रेट या अधिहरण आदेश देने वाले पदाधिकारी या अवरनिरीक्षक से न्यून पदाधिकारी नहीं उत्पाद पदाधिकारी की उपस्थिति।

धारा 58(5) के अंतर्गत संपत्ति के संबंध में क्या किया जा सकता है?

सार्वजनिक नीलामी द्वारा बेचना या विभाग द्वारा निस्तारण करना।

धारा 58 के अंतर्गत विक्रय से प्राप्त धनराशि का क्या किया जाएगा?

राज्य सरकार को जमा किया जाएगा।

धारा 58(6) के अंतर्गत कलक्टर का क्या कर्तव्य है?

अधिहरण के एक महीने के भीतर विवरणों का प्रतिवेदन उत्पाद आयुक्त को प्रस्तुत करना।

धारा 59 का विषय क्या है?

अधिहरण तथा नष्ट करने के आदेश का अन्य दण्ड के साथ हस्तक्षेप नहीं करना।

(Order of confiscation and destruction not to interfere with other punishment)

धारा 59 के अनुसार अधिहरण का आदेश किस धारा के अधीन होता है?

धारा 58 के अधीन।

धारा 59 के अनुसार किसके विरुद्ध दंडादेश अधिरोपित किया जा सकता है?

उस प्रभावित व्यक्ति के विरुद्ध जो इस अधिनियम के अधीन दायी है।

धारा 60 का विषय क्या है?

अधिहरण में अधिकारिता का वर्जन।

(Bar of jurisdiction in confiscation)

धारा 60 किन परिस्थितियों में लागू होती है?

जब इस अधिनियम के अधीन कोई वस्तु अभिगृहीत या निरुद्ध की जाती है।

किन-किन वस्तुओं पर यह धारा लागू होती है?

शराब, सामग्री, स्टिल, बर्तन, औजार, उपकरण, पात्र, पैकेज, पशु चालित गाड़ी, जलयान या अन्य वाहन।

धारा 60 के अंतर्गत न्यायालय की क्या स्थिति है?

न्यायालय को ऐसी संपत्ति के संबंध में कोई आदेश देने की अधिकारिता नहीं होगी।

किस प्रकार की संपत्ति पर न्यायालय का अधिकार वर्जित है?

अपराध में प्रयुक्त और इस अधिनियम के अधीन अभिगृहीत या निरुद्ध संपत्ति पर।

धारा 61 का विषय क्या है?

अधिकृत वस्तुओं का कलक्टर में निहित होना।

(Confiscated articles to vest with the Collector)

धारा 61 कब लागू होती है?

जब धारा 57 के अधीन संपत्ति के अधिहरण का आदेश पारित किया जाता है।

धारा 61 के अंतर्गत क्या अधिहरण आदेश का अंतिम होना आवश्यक है?

हाँ, आदेश का संपत्ति के सम्पूर्ण या किसी हिस्से के संबंध में अंतिम होना आवश्यक है।

धारा 61 के अंतर्गत अधिहरण के पश्चात संपत्ति किसमें निहित होगी?

कलक्टर में।

धारा 61 के अंतर्गत क्या संपत्ति किसी ऋणभार के अधीन होगी?

नहीं, यह बिना किसी विल्लंगम (ऋणभार) के निहित होगी।

धारा 61 के अंतर्गत क्या आंशिक अधिहरण पर भी यह धारा लागू होती है?

हाँ, संपत्ति के किसी हिस्से के अंतिम अधिहरण पर भी लागू होती है।

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-62 को किस अधिनियम द्वारा प्रतिस्थापित किया गया-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 द्वारा प्रतिस्थापित धारा 62 किस विषय से संबंधित है?

परिसरों का सीलबंद किए जाने के अधीन होना

(Premises liable to be sealed)

किस अधिकारी को धारा 62 के अंतर्गत शक्ति प्राप्त है?

उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी जो अवर निरीक्षक से अन्यून पंक्ति का हो।

धारा 62 के अंतर्गत किस स्थिति में परिसर को सीलबंद किया जा सकता है?

जब यह ज्ञात हो कि परिसर में शराब या मादक द्रव्य रखा है या वह अपराध करने के लिए प्रयुक्त हो रहा है।

धारा 62 के अंतर्गत किन वस्तुओं की उपस्थिति या उपयोग पर कार्यवाही की जा सकती है?

शराब, मादक द्रव्य या अपराध में प्रयुक्त परिसर या उसका भाग।

धारा 62 के अंतर्गत अधिकारी द्वारा कौन-सी तत्काल कार्रवाई की जा सकती है?

परिसर को तत्काल सीलबंद करना।

धारा 62 के अंतर्गत सीलबंद करने के पश्चात् अधिकारी को क्या करना होगा?

अधिहरण के लिए कलक्टर के पास प्रतिवेदन भेजना।

धारा 62 के अंतर्गत परन्तु के अनुसार अस्थायी संरचना के मामले में क्या प्रावधान है?

यदि उसे प्रभावी ढंग से सीलबंद नहीं किया जा सकता तो उसे ध्वस्त किया जा सकता है।

धारा 62 के अंतर्गत अस्थायी संरचना को ध्वस्त करने का आदेश कौन देगा?

कलक्टर उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी, कलक्टर के आदेश से।

धारा 63 का विषय क्या है?

कतिपय मामलों में शराब, मादक द्रव्य या गाँजा/भाँग बेचे जानेवाले स्थलों को बंद करने की कलक्टर की शक्ति।

(Power of Collector to close places where liquor, intoxicant or hemp is sold in certain

Cases)

धारा 63(1) के अंतर्गत कलक्टर कब आदेश दे सकता है?

जब उसे लगे कि सार्वजनिक शांति के हित में ऐसा करना आवश्यक है।

धारा 63 के अंतर्गत किन स्थानों के संबंध में यह शक्ति प्रयोग की जा सकती है?

जहाँ शराब या नशीली वस्तु बेची या निर्मित की जा रही हो।

धारा 63 के अंतर्गत कलक्टर किसे आदेश देगा?

मादक द्रव्य बेचने के अनुज्ञप्तिधारी को।

धारा 63 के अंतर्गत आदेश किस रूप में दिया जाएगा?

लिखित आदेश के रूप में।

धारा 63 के अंतर्गत आदेश में क्या निर्दिष्ट किया जा सकता है?

स्थान को बंद रखने का समय या अवधि।

धारा 63 के अंतर्गत कलक्टर का आदेश क्या निर्देश देगा?

निर्दिष्ट स्थान को निर्दिष्ट समय या अवधि के लिए बंद रखना।

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-64 (सामूहिक जुर्माना) का किस अधिनियम द्वारा विलोपन किया गया-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 15 द्वारा

धारा 65 का विषय क्या है?

राज्य सरकार की सुविधाओं, विशेषाधिकारों आदि को वापस लेने की शक्ति।

(Power of the State Government to withdraw facilities, privileges etc.)

धारा 65 के अंतर्गत राज्य सरकार क्या कर सकती है?

सुविधाओं, विशेषाधिकारों, संविदाओं, अनुज्ञप्तियों या विस्तारित लाभों पर रोक लगा सकती है, मना कर सकती है या वापस ले सकती है।

धारा 65 के अंतर्गत  किन व्यक्तियों पर यह धारा लागू होती है?

जिनके विरुद्ध इस अधिनियम के किसी अपराध में आरोप पत्र दाखिल हो चुका हो।

धारा 65 के अंतर्गत किन-किन लाभों पर प्रभाव डाला जा सकता है?

अन्य अधिनियम, स्कीमों या परियोजनाओं के अंतर्गत मिलने वाली सुविधाएँ, विशेषाधिकार, संविदाएँ, अनुज्ञप्तियाँ या विस्तारित लाभ।

धारा 65 के अंतर्गत राज्य सरकार द्वारा लगाई गई रोक का स्वरूप कैसा होगा?

युक्तिसंगत (reasonable) रोक।

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-66 (कुख्यात अथवा आदतन अपराधियों का निष्कासन आदि) का किस अधिनियम द्वारा विलोपन किया गया-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 16 द्वारा

 

 

 

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018

(The Bihar Prohibition and Excise (Amendment) Act, 2018)

और

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन एवं विधिमान्यकरण) अधिनियम, 2020

(The Bihar Prohibition and Excise (Amendment and Validation) Act, 2020)

अध्याय-VIII

(CHAPTER-VIII)

अपराधों का पता लगाना, अन्वेषण तथा विचारण

(DETECTION, INVESTIGATION AND TRIAL OF OFFENCES)

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन एवं विधिमान्यकरण) अधिनियम, 2020 राज्यपाल की अनुमति कब मिली?

दिनांक 7 अगस्त 2020

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन एवं विधिमान्यकरण) अधिनियम, 2020 द्वारा धारा 73 के खण्ड () तथा धारा 78 में शब्द "अवर निरीक्षक" को किस विषय से प्रतिस्थापित है?

"सहायक अवर निरीक्षक"

धारा 73 का विषय क्या है?

प्रवेश करने, निरीक्षण करने, तलाशी लेने तथा अभिग्रहण करने की शक्ति।

(Power to enter, inspect, search and seize)

धारा 73 के अंतर्गत प्रवेश करने, निरीक्षण करने, तलाशी लेने तथा अभिग्रहण करने की शक्ति प्राप्त है-

उत्पाद आयुक्त, या

कलक्टर, या

कलक्टर द्वारा प्राधिकृत प्रखंण्ड स्तर और उपर का कोई अन्य पदाधिकारी, या

कोई उत्पाद पदाधिकारी, या

अवर निरीक्षक के पद से अन्यून पंक्ति का कोई पुलिस पदाधिकारी, या

राज्य सरकार द्वारा इस प्रयोजन के लिए प्राधिकृत कोई अन्य पदाधिकारी या अभिकरण (एजेंसी) या बल, सशस्त्र या अन्यथा,

धारा 73 के अंतर्गत क्या इन शक्तियों पर कोई प्रतिबंध हो सकता है?

हाँ, राज्य सरकार द्वारा विहित प्रतिबंधों के अधीन।

धारा 73 के अंतर्गत किस समय इन शक्तियों का प्रयोग किया जा सकता है?

किसी भी समय, दिन या रात।

धारा 73 के अंतर्गत किन कार्यों के लिए यह शक्ति दी गई है?

प्रवेश, निरीक्षण, तलाशी और अभिग्रहण के लिए।

धारा 73 के अंतर्गत किन वस्तुओं का अभिग्रहण किया जा सकता है?

दस्तावेज, नमूने, उपकरण, परिवहन, पशु, सामान, मादक द्रव्य, पदार्थ, कच्चा माल या अन्य संबंधित वस्तुएँ

धारा 76 का विषय क्या है?  

अपराधों का संज्ञेय तथा गैर जमानती होना

(Offences to be Cognizable and Non-Bailable)

धारा 76(1) के अनुसार इस अधिनियम के अधीन अपराधों की प्रकृति क्या है?

सभी अपराध संज्ञेय और गैर जमानती होंगे।

धारा 76 के अंतर्गत कौन-कौन सी धाराएँ लागू नहीं होंगी?

दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 360 और 438 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS), 2023 की धारा 401 और 482 तथा अपराधी परिवीक्षा अधिनियम, 1958 के उपबंध।

धारा 76 का मुख्य प्रभाव क्या है? 

अपराध संज्ञेय, गैर जमानती हैं और कुछ राहत संबंधी प्रावधान लागू नहीं होते।

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा 76 की उपधारा (1) के बाद एक परंतुक का अंतःस्थापन किस अधिनियम द्वारा किया गया-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा 17 द्वारा

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-76 की उपधारा (1) के बाद परंतुक अंतःस्थापित किया गया -

परंतु अधिनियम की धारा-37 की उपधारा (1) के अधीन प्रथम बार किया गया अपराध तथा धारा-54 के अधीन अपराध जमानतीय होगा।

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-78 की उपधारा (2) में शब्द "अवर निरीक्षक" को "सहायक अवर निरीक्षक" द्वारा प्रतिस्थापित किया गया-

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन एवं विधिमान्यकरण) अधिनियम, 2020 धारा 3 द्वारा

धारा 78 का विषय क्या है?

अन्वेषण करने की शक्ति।

(Power to investigate)

धारा 78(1) के अंतर्गत किसे अन्वेषण की शक्ति है?

उत्पाद पदाधिकारी।

धारा 78(1) के अनुसार किस प्रकार के अपराध का अन्वेषण किया जा सकता है?

इस अधिनियम के अधीन दंडनीय अपराध का।

धारा 78(2) के अंतर्गत किसे अन्वेषण की शक्ति है?

सहायक अवर निरीक्षक से अन्यून पंक्ति का पुलिस पदाधिकारी।

धारा 78(2) के अनुसार पुलिस पदाधिकारी किस प्रकार के अपराध का अन्वेषण कर सकता है?

इस अधिनियम के अधीन दंडनीय अपराध का।

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन एवं विधिमान्यकरण) अधिनियम, 2020 धारा 4 किस विषय से संबंधित है?

किसी अन्य अधिनियम, अध्यादेश, नियमावली, निर्णय, न्याय निर्णय, डिक्री या न्यायालय के आदेश में कुछ भी प्रतिकूल होते हुए भी बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन एवं विधिमान्यकरण) अधिनियम, 2020 के प्रावधानों का अधिभावी प्रभाव होगा

तथा

बिहार मद्यनिषेध एवं उत्पाद अधिनियम, 2016 के प्रावधानों के अंतर्गत पुलिस सहायक अवर निरीक्षक के द्वारा किए गए सभी कार्य वैध माने जाएंगे।

धारा 5 निरसन एवं व्यावृत्ति का विषय क्या है?

पूर्व अध्यादेश के निरसन एवं उसके अधीन किए गए कार्यों की वैधता का प्रावधान।

धारा 5(i) के अंतर्गत किसका निरसन किया गया है?

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन एवं विधिमान्यकरण) अध्यादेश, 2020 (बिहार अध्यादेश संख्या-04, 2020)

धारा 5(ii) के अनुसार निरसन के बावजूद किसकी वैधता बनी रहती है?

उक्त अध्यादेश के अधीन प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में किए गए कार्य या कार्रवाई।

धारा 5(ii) के अनुसार ऐसे कार्यों को किसके अंतर्गत किया गया माना जाएगा?

इस अधिनियम के द्वारा या उसके अधीन प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में किया गया।

धारा 5(ii) के अनुसार कार्यों को किस प्रकार मान्यता दी जाएगी?

मानो यह अधिनियम उस दिन प्रवृत्त था जिस दिन कार्य या कार्रवाई की गई थी।

धारा 5(ii) के अनुसार किन कार्यों को संरक्षण प्राप्त है?

अध्यादेश के अधीन प्रदत्त शक्तियों के प्रयोग में किए गए सभी कार्य या कार्रवाई।

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 द्वारा बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की किन-किन धाराओं में संशोधन किया गया?

धारा-30, 33, 34, 36, 37 तथा धारा 54, 56, 62, 76

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2018 द्वारा बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की किन-किन धाराओं का विलोपन किया गया ?

धारा 35, 38, 53, 64, 66

बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2020 द्वारा बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की किन-किन धाराओं में संशोधन किया गया?

धारा 73 तथा 78 में

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