धारा 335 से 350 अध्याय 18 भारतीय न्याय संहिता ,2023

धारा 335 से 350 अध्याय 18 भारतीय न्याय संहिता ,2023

अध्याय 18

दस्तावेजों और संपत्ति चिह्नों संबंधी अपराधों के विषय में

335. मिथ्या दस्तावेज रचना-

उस व्यक्ति के बारे में यह कहा जाता है कि वह व्यक्ति मिथ्या दस्तावेज या मिथ्या इलैक्ट्रानिक अभिलेख रचता है, -

.  जो बेईमानी से या कपटपूर्वक इस आशय से-

i. किसी दस्तावेज को या दस्तावेज के भाग को रचित, हस्ताक्षरित, मुद्रांकित या निष्पादित करता है।

ii. किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख को या किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख के भाग को रचित या पारेषित करता है:

iii. किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख पर कोई इलैक्ट्रानिक हस्ताक्षर करता है;

iv. किसी दस्तावेज के निष्पादन का या ऐसे व्यक्ति या इलैक्ट्रानिक हस्ताक्षर की अधिप्रमाणिकता का द्योतन करने वाला कोई चिह्न लगाता है, कि यह विश्वास किया जाए कि ऐसा दस्तावेज या दस्तावेज के भाग, इलैक्ट्रानिक अभिलेख या इलैक्ट्रानिक हस्ताक्षर की रचना, हस्ताक्षरण, मुद्रांकन, निष्पादन, पारेषण या लगाना ऐसे व्यक्ति द्वारा या ऐसे व्यक्ति के प्राधिकार द्वारा किया गया था, जिसके द्वारा या जिसके प्राधिकार द्वारा उसकी रचना, हस्ताक्षरण, मुद्रांकन या निष्पादन, लगाए जाने या पारेषित होने की बात वह जानता है; या

 . जो किसी दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख के किसी तात्विक भाग में परिवर्तन, उसके द्वारा या ऐसे किसी अन्य व्यक्ति द्वारा, चाहे ऐसा व्यक्ति, ऐसे परिवर्तन के समय जीवित हो या नहीं, उस दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख के रचित या निष्पादित किए जाने या इलैक्ट्रानिक हस्ताक्षर किए जाने के पश्चात्, उसे रद्द करके या अन्यथा, विधिपूर्वक प्राधिकार के बिना, बेईमानी से या कपटपूर्वक करता है; या

 जो किसी व्यक्ति द्वारा, यह जानते हुए कि ऐसा व्यक्ति किसी दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख की विषय-वस्तु को या परिवर्तन के रूप को, चित्त-विकृति या मत्तता की हालत होने के कारण जान नहीं सकता था या उस प्रवंचना के कारण, जो उससे की गई है, जानता नहीं है, उस दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख को बेईमानी से या कपटपूर्वक हस्ताक्षरित, मुद्रांकित, निष्पादित या परिवर्तित किया जाना या किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख पर अपने इलैक्ट्रानिक हस्ताक्षर किया जाना कारित करता है।

दृष्टांत

क.  के पास द्वारा पर लिखा हुआ 10,000 रुपए का एक प्रत्यय पत्र है। से कपट करने के लिए 10,000 में एक शून्य बढ़ा देता है और उस राशि को 1,00,000 रुपए इस आशय से बना देता है कि यह विश्वास कर ले कि ने वह पत्र ऐसा ही लिखा था। ने कूटरचना की है।

ख.  इस आशय से कि वह की सम्पदा को बेच दे और उसके द्वारा से क्रय धन अभिप्राप्त कर ले, के प्राधिकार के बिना की मुद्रा एक ऐसी दस्तावेज पर लगाता है, जो कि की ओर से की सम्पदा का हस्तान्तर-पत्र होना तात्पर्थित है। ने कूटरचना की है।

ग. एक बैंकर पर लिखे हुए और वाहक को देय चेक को उठा लेता है। चेक द्वारा हस्ताक्षरित है, किन्तु उस चेक में कोई राशि अंकित नहीं है। दस हजार रुपए की राशि अंकित करके चेक को कपटपूर्वक भर लेता है। कूटरचना करता है।

घ.  अपने अभिकर्ता के पास एक बैंकर पर लिखा हुआ, द्वारा हस्ताक्षरित चेक, देय धनराशि अंकित किए बिना छोड़ देता है। को इस बात के लिए प्राधिकृत कर देता है कि वह कुछ. संदाय करने के लिए चेक में ऐसी धनराशि, जो दस हजार रुपए से अधिक हो अंकित करके चेक भर ले। कपटपूर्वक चेक में बीस हजार रुपए अंकित करके उसे भर लेता है। कूटरचना करता है।

ङ. , के प्राधिकार के बिना के नाम में अपने ऊपर एक विनिमयपत्र इस आशय से लिखता है कि वह एक बैंकर से असली विनिमयपत्र की भांति बट्टा देकर उसे भुना ले, और उस विनिमयपत्र को उसकी परिपक्वता पर ले ले, यहां इस आशय से उस विनिमयपत्र को लिखता है कि प्रवंचना करके बैंकर को यह अनुमान करा दे कि उसे की प्रतिभूति प्राप्त है, और इसलिए वह उस विनिमयपत्र को बट्टा लेकर भुना दे। कूटरचना का दोषी है।

च.  की वसीयत में ये शब्द अन्तर्विष्ट हैं कि "मैं निदेश देता हूँ कि मेरी समस्त शेष सम्पत्ति , और में बराबर बांट दी जाए" बेईमानी से का नाम इस आशय से खुरच डालता है कि यह विश्वास कर लिया जाए कि समस्त सम्पत्ति उसके स्वयं के लिए और के लिए ही छोड़ी गई थी। ने कूटरचना की है।

छ.  एक सरकारी वचनपत्र को पृष्ठांकित करता है और उस पर शब्द " को या उसके आदेशानुसार दे दो" लिखकर और पृष्ठांकन पर हस्ताक्षर करके उसे को या उसके आदेशानुसार देय कर देता है। बेईमानी से " को या उसके आदेशानुसार दे दो" इन शब्दों को छीलकर मिटा डालता है, और इस प्रकार उस विशेष पृष्ठांकन को एक कोरा पृष्ठांकन में परिवर्तित कर देता है। कूटरचना करता है।

ज.  एक सम्पदा को बेच देता है और उसका हस्तान्तर-पत्र लिख देता है। उसके पश्चात् , को कपट करके सम्पदा से वंचित करने के लिए उसी सम्पदा को एक हस्तान्तर-पत्र जिस पर के हस्तान्तर-पत्र की तारीख से छह मास पूर्व की तारीख पड़ी हुई है, के नाम इस आशय से निष्पादित कर देता है कि यह विश्वास कर लिया जाए कि उसने अपनी सम्पदा को हस्तान्तरित करने से पूर्व को हस्तान्तरित कर दी थी। ने कूटरचना की है।

झ.  अपनी वसीयत से लिखवाता है। साशय एक ऐसे वसीयतदार का नाम लिख देता है, जो कि उस वसीयतदार से भिन्न है, जिसका नाम ने कहा है, और को यह निरूपित करके कि उसने वसीयत उसके अनुदेशों के अनुसार ही तैयार की है, को वसीयत पर हस्ताक्षर करने के लिए उत्प्रेरित करता है। ने कूटरचना की है।

ञ.  एक पत्र लिखता है और के प्राधिकार के बिना, इस आशय से कि उस पत्र के द्वारा से और अन्य व्यक्तियों से भिक्षा अभिप्राप्त करे, के नाम के हस्ताक्षर यह प्रमाणित करते हुए कर देता है कि अच्छे शील का व्यक्ति है और अनवेक्षित दुर्भाग्य के कारण दीन अवस्था में है। यहां , ने को सम्पत्ति, अलग करने के लिए उत्प्रेरित करने की मिथ्या दस्तावेज रची है, इसलिए ने कूटरचना की है।

ट.  के प्राधिकार के बिना इस आशय से कि उसके द्वारा के अधीन नौकरी अभिप्राप्त करे, के शील को प्रमाणित करते हुए एक पत्र लिखता है, और उसे के नाम से हस्ताक्षरित करता है। ने कूटरचना की है क्योंकि उसका आशय कूटरचित प्रमाणपत्र द्वारा को प्रवंचित करने का और ऐसा करके की सेवा की अभिव्यक्त या विवक्षित संविदा में प्रविष्ट होने के लिए उत्प्रेरित करने का था।

स्पष्टीकरण 1-

किसी व्यक्ति का स्वयं अपने नाम का हस्ताक्षर करना कूटरचना की कोटि में सकेगा।

दृष्टांत

.   एक विनिमयपत्र पर अपने हस्ताक्षर इस आशय से करता है कि यह विश्वास कर लिया जाए कि वह विनिमयपत्र उसी नाम के किसी अन्य व्यक्ति द्वारा लिखा गया था। ने कूटरचना की है।

. एक कागज के टुकड़े पर शब्द "प्रतिगृहीत किया" लिखता है और उस पर के नाम के हस्ताक्षर इसलिए करता है कि बाद में इस कागज पर एक विनिमयपत्र, जो ने के ऊपर किया है, लिखे और उस विनिमयपत्र का इस प्रकार परक्रामण करे, मानो वह के द्वारा प्रतिगृहीत कर लिया गया था। कूटरचना का दोषी है, तथा यदि इस तथ्य को जानते हुए के आशय के अनुसरण में, उस कागज पर विनिमयपत्र लिख देता है, तो भी कूटरचना का दोषी है।

.   अपने नाम के किसी अन्य व्यक्ति के आदेशानुसार देय विनिमयपत्र पड़ा पाता है। उसे उठा लाता है और यह विश्वास कराने के आशय से स्वयं अपने नाम पृष्ठांकित करता है कि इस विनिमयपत्र पर पृष्ठांकन उसी व्यक्ति द्वारा लिखा गया था जिसके आदेशानुसार वह देय है। यहां, ने कूटरचना की है।

.  , के विरुद्ध एक डिक्री के निष्पादन में बेची गई सम्पदा को खरीदता है। सम्पदा के अभिगृहीत किए जाने के पश्चात् के साथ दुस्संधि करके को कपटवंचित करने और यह विश्वास कराने के आशय से कि वह पट्टा अभिग्रहण से पूर्व निष्पादित किया गया था, नाममात्र के भाटक पर और एक लम्बी कालावधि के लिए के नाम उस सम्पदा का पट्टा कर देता है और पट्टे पर अभिग्रहण से छह मास पूर्व की तारीख डाल देता है। यद्यपि पट्टे का निष्पादन स्वयं अपने नाम से करता है, तथापि उस पर पूर्व की तारीख डालकर वह कूटरचना करता है।

. एक व्यापारी अपने दिवाले का पूर्वानुमान करके अपना सामान के पास के फायदे के लिए और अपने लेनदारों को कपटवंचित करने के आशय से रख देता है; और प्राप्त मूल्य के बदले में, को एक धनराशि देने के लिए अपने को आबद्ध करते हुए, एक वचनपत्र उस संव्यवहार की सच्चाई की रंगत देने के लिए लिख देता है, और इस आशय से कि यह विश्वास कर लिया जाए कि यह वचनपत्र उसने उस समय से पूर्व ही लिखा था जब उसका दिवाला निकलने वाला था, उस पर पहले की तारीख डाल देता है। ने परिभाषा के प्रथम शीर्षक के अधीन कूटरचना की है।

स्पष्टीकरण 2-

कोई मिथ्या दस्तावेज किसी कल्पित व्यक्ति के नाम से इस आशय से रचना कि यह विश्वास कर लिया जाए कि वह दस्तावेज एक वास्तविक व्यक्ति द्वारा रची गई थी, या किसी मृत व्यक्ति के नाम से इस आशय से रचना कि यह विश्वास कर लिया जाए कि वह दस्तावेज उस व्यक्ति द्वारा उसके जीवन काल में रची गई थी, कूटरचना की कोटि में सकेगा।

दृष्टांत

एक कल्पित व्यक्ति के नाम कोई विनिमयपत्र लिखता है, और उसका परक्रामण करने के आशय से उस विनिमयपत्र को ऐसे कल्पित व्यक्ति के नाम से कपटपूर्वक प्रतिगृहीत कर लेता है। कूटरचना करता है।

स्पष्टीकरण 3-

इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "इलैक्ट्रानिक हस्ताक्षर करना" पद का वही अर्थ होगा, जो उसका सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) की धारा 2 की उपधारा (1) के खण्ड () में है।

336. कूटरचना-

1. जो कोई, किसी मिथ्या दस्तावेज या मिथ्या इलैक्ट्रानिक अभिलेख या दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख के किसी भाग को इस आशय से रचता है कि लोक को या किसी व्यक्ति को नुकसान या क्षति कारित की जाए, या किसी दावे या हक का समर्थन किया जाए, या यह कारित किया जाए कि कोई व्यक्ति सम्पत्ति अलग करे या कोई अभिव्यक्त या विवक्षित संविदा करे या इस आशय से रचता है कि कपट करे, या कपट किया जा सके, वह कूटरचना करता है।

2. जो कोई, कूटरचना करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।

3. जो कोई, कूटरचना इस आशय से करता है कि वह दस्तावेज या इलैक्ट्रॉनिक अभिलेख जिसकी कूटरचना की जाती है, छल के प्रयोजन से उपयोग में लाई जाएगी, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा, और जुर्माने का भी दायी होगा।

4. जो कोई, कूटरचना इस आशय से करता है कि वह दस्तावेज या इलैक्ट्रॉनिक अभिलेख जिसकी कूटरचना की जाती है, किसी पक्षकार की ख्याति की अपहानि करेगी, या यह संभाव्य जानते हुए करता है कि इस प्रयोजन से उसका उपयोग किया जाए, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।

337. न्यायालय के अभिलेख की या लोक रजिस्टर आदि को कूटरचना-

जो कोई, ऐसे दस्तावेज की या ऐसे इलैक्ट्रानिक अभिलेख की जिसका किसी न्यायालय का या न्यायालय में अभिलेख या कार्यवाही होना, या सरकार द्वारा जारी किसी पहचान दस्तावेज, जिसके अन्तर्गत पहचान पत्र या आधार कार्ड भी है, या जन्म, विवाह या अन्त्येष्टि का रजिस्टर, या लोक सेवक द्वारा लोक सेवक के नाते रखा गया रजिस्टर होना तात्पर्यित हो, या किसी प्रमाणपत्र की या ऐसी दस्तावेज की जिसके बारे में यह तात्पर्यित हो कि वह किसी लोक सेवक द्वारा उसकी पदीय हैसियत में रची गई है, या जो किसी वाद को संस्थित करने या वाद में प्रतिरक्षा करने का, उसमें कोई कार्यवाही करने का, या दावा संस्वीकृत कर लेने का, प्राधिकार हो या कोई मुख्तारनामा हो, कूटरचना करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।

स्पष्टीकरण-

इस धारा के प्रयोजनों के लिए, "रजिस्टर" के अन्तर्गत सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (2000 का 21) की धारा 2 की उपधारा (1) के खण्ड () में यथापरिभाषित इलैक्ट्रानिक रूप में रखी गई कोई सच्ची डाटा या किसी प्रविष्टि का अभिलेख भी है।

338. मूल्यवान प्रतिभूति, वसीयत, आदि की कूटरचना-

जो कोई, किसी ऐसी दस्तावेज की, जिसका कोई मूल्यवान प्रतिभूति या वसीयत या पुत्र के दत्तकग्रहण का प्राधिकार होना तात्पर्पित हो, या जिसका किसी मूल्यवान प्रतिभूति की रचना या अन्तरण का, या उस पर के मूलधन, ब्याज या लाभांश को प्राप्त करने का, या किसी धन, चल सम्पत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति को प्राप्त करने या परिदत्त करने का प्राधिकार होना तात्पर्यित हो, या किसी दस्तावेज को, जिसका धन दिए जाने की अभिस्वीकृति करने वाला निस्तारणपत्र या रसीद होना, या किसी चल सम्पत्ति या मूल्यवान प्रतिभूति के परिदान के लिए निस्तारणपत्र या रसीद होना तात्पर्थित हो, कूटरचना करता है, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दस वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायो होगा।

339. धारा 337 या धारा 338 में वर्णित दस्तावेज को, उसे कूटरचित जानते हुए और उसे असली के रूप में उपयोग में लाने का आशय रखते हुए कब्जे में रखना -

जो कोई, किसी दस्तावेज या किसी इलैक्ट्रानिक अभिलेख को उसे कूटरचित जानते हुए और यह आशय रखते हुए कि वह कपटपूर्वक या बेईमानी से असली रूप में उपयोग में लाया जाएगा, अपने कब्जे में रखेगा, यदि वह दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख इस संहिता की धारा 337 में वर्णित भांति का हो तो वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने से भी दण्डनीय होगा, तथा यदि वह दस्तावेज धारा 338 में वर्णित भांति की हो तो वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।

340. कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख और इसे असली के रूप में उपयोग में लाना -

1. वह मिथ्या दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख जो पूर्णतः या भागतः कूटरचना द्वारा रचा गया है, कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख कहलाता है।

2. जो कोई, किसी ऐसी दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख को, जिसके बारे में वह यह जानता या विश्वास करने का कारण रखता हो कि वह कूटरचित दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख है, कपटपूर्वक या बेईमानी से असली के रूप में उपयोग में करता है, वह उसी प्रकार दण्डित किया जाएगा, मानो उसने ऐसे दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख की कूटरचना की हो।

341. धारा 338 के अधीन दण्डनीय कूटरचना करने के आशय से कूटकृत मुद्रा, आदि का बनाना या कब्जे में रखना-

1. जो कोई, किसी मुद्रा, पट्टी या छाप लगाने के अन्य उपकरण को इस आशय से बनाता है या उसकी कूटकृति तैयार करता है कि उसे कोई ऐसी कूटरचना करने के प्रयोजन के लिए उपयोग में लाया जाए, जो इस संहिता की धारा 338 के अधीन दण्डनीय है, या इस आशय से, किसी ऐसी मुद्रा, पट्टी या अन्य उपकरण को, उसे कूटकृत जानते हुए अपने कब्जे में रखता है, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दण्डनीय होगा।

2. जो कोई, किसी मुद्रा, पट्टी या छाप लगाने के अन्य उपकरण को इस आशय से बनाता है या उसकी कूटकृति करता है, कि उसे कोई ऐसी कूटरचना करने के प्रयोजन के लिए उपयोग में लाया जाए, जो धारा 338 से भिन्न इस अध्याय की किसी धारा के अधीन दण्डनीय है, या इस आशय से किसी ऐसी मुद्रा, पट्टी या अन्य उपकरण को, उसे कूटकृत जानते हुए अपने कब्जे में रखता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।

3. जो कोई, किसी मुद्रा, पट्टी या अन्य उपकरण को कूटकृत जानते हुए अपने कब्जे में रखता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।

4. जो कोई, किसी मुद्रा, पट्टी या अन्य उपकरण को कूटकृत जानते हुए या उसके बारे में ऐसा विश्वास रखने के कारण कपटपूर्वक या बेईमानी से इसे असली के रूप में उपयोग करता है, उसी रीति में दण्डनीय होगा, जैसे मानो उसने इस प्रकार की मुद्रा, पट्टी या अन्य उपकरण का निर्माण या उसे कूटकृत किया हो।

342. धारा 338 में वर्णित दस्तावेजों के अधिप्रमाणीकरण के उपयोग में लाई जाने वाली अभिलक्षणा या चिह्न की कूटकृति बनाना या कूटकृत चिह्नयुक्त पदार्थ को कब्जे में रखना -

1. जो कोई, किसी पदार्थ के ऊपर, या उसके उपादान में, किसी ऐसी अभिलक्षणा या चिह्न की, जिसे धारा 338 में वर्णित किसी दस्तावेज के अधिप्रमाणीकरण के प्रयोजन के लिए, उपयोग में लाया जाता हो, कूटकृति यह आशय रखते हुए बनाता है कि ऐसी अभिलक्षणा या ऐसे चिह्न की, ऐसे पदार्थ पर उस समय कूटरचित की जा रही या उसके पश्चात् कूटरचित की जाने वाली किसी दस्तावेज को अधिप्रमाणीकृत का आभास प्रदान करने के प्रयोजन से उपयोग में लाया जाता है या जो ऐसे आशय से कोई ऐसा पदार्थ अपने कब्जे में रखता है, जिस पर या जिसके उपादान में ऐसी अभिलक्षणा को या ऐसे चिह्न की कूटकृति बनाई गई हो, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास ने, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।

2. जो कोई, किसी पदार्थ के ऊपर, या उसके उपादान में, किसी ऐसी अभिलक्षणा या चिह्न की, जिसे धारा 338 में वर्णित दस्तावेजों से भिन्न किसी दस्तावेज या इलैक्ट्रानिक अभिलेख के अधिप्रमाणीकरण के प्रयोजन के लिए, उपयोग में लाया जाता हो, कूटकृति यह आशय रखते हुए बनाता है कि वह ऐसी अभिलक्षणा या ऐसे चिह्न को, ऐसे पदार्थ पर उस समय कूटरचित की जा रही या उसके पश्चात् कूटरचित की जाने वाली किसी दस्तावेज को अधिप्रमाणीकृत का आभास प्रदान करने के प्रयोजन से उपयोग में लाया जाता है या जो ऐसे आशय से कोई ऐसा पदार्थ अपने कब्जे में रखता है, जिस पर या जिसके उपादान में ऐसी अभिलक्षणा या ऐसे चिह्न की कूटकृति बनाई गई हो, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।

343. वसीयत, दत्तकग्रहण, प्राधिकार-पत्र या मूल्यवान प्रतिभूति को कपटपूर्वक रद्द, नष्ट, आदि करना -

जो कोई, कपटपूर्वक या बेईमानी से, या लोक को या किसी व्यक्ति को नुकसान या क्षति कारित करने के आशय से, किसी ऐसे दस्तावेज को, जो वसीयत या पुत्र के दत्तकग्रहण करने का प्राधिकार-पत्र या कोई मूल्यवान प्रतिभूति हो, या होना तात्पर्यिंत हो, रद्द, नष्ट या विरूपित करता है या रद्द, नष्ट या विरूपित करने का प्रयत्न करता है, या छिपाता है या छिपाने का प्रयत्न करता है या ऐसी दस्तावेज के विषय में रिष्टि करता है, वह आजीवन कारावास से, या दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।

344. लेखा का मिथ्याकरण -

जो कोई, लिपिक, अधिकारी या सेवक होते हुए, या लिपिक, अधिकारी या सेवक के नाते नियोजित होते हुए या कार्य करते हुए, किसी पुस्तक, इलैक्ट्रानिक अभिलेख, कागज, लेख, मूल्यवान प्रतिभूति या लेखा को जो उसके नियोजक का हो या उसके नियोजक के कब्जे में हो या जिसे उसने नियोजक के लिए या उसकी ओर से प्राप्त किया हो, साशय और कपट करने के आशय से नष्ट, परिवर्तित, विकृत या मिथ्याकृत करता है या किसी ऐसी पुस्तक, इलैक्ट्रानिक अभिलेख, कागज, लेख मूल्यवान प्रतिभूति या लेखा में साशय और कपट करने के आशय से कोई मिथ्या प्रविष्टि करता है या करने के लिए दुष्प्रेरण करता है, या उसमें से या उसमें किसी तात्त्विक विशिष्टि का लोप या परिवर्तन करता है या करने का दुष्प्रेरण करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।

स्पष्टीकरण -

इस धारा के अधीन किसी आरोप में, किसी विशिष्ट व्यक्ति का, जिससे कपट करना आशयित था, नाम बताए बिना या किसी विशिष्ट धनराशि का, जिसके विषय में कपट किया जाना आशयित था या किसी विशिष्ट दिन का, जिस दिन अपराध किया गया था, विनिर्देश किए बिना, कपट करने के साधारण आशय का अभिकथन पर्याप्त होगा।

सम्पत्ति चिह्नों के विषय में

345. सम्पत्ति-चिह्न-

1. वह चिह्न, जो यह द्योतन करने के लिए उपयोग में लाया जाता है कि चल सम्पत्ति किसी विशिष्ट व्यक्ति की है, सम्पत्ति चिह्न कहा जाता है।

2. जो कोई, किसी चल सम्पत्ति या माल को या किसी पेटी, पैकेज या अन्य पात्र को, जिसमें चल सम्पत्ति या माल रखा है, ऐसी रीति से चिह्नित करता है या किसी पेटी, पैकेज या अन्य पात्र को, जिस पर कोई चिह्न है, ऐसी रीति से उपयोग में लाता है, जो इसलिए युक्तियुक्त रूप से प्रकल्पित है कि उससे यह विश्वास कारित हो जाए कि इस प्रकार चिह्नित सम्पत्ति या माल, या इस प्रकार चिह्नित किसी ऐसे पात्र में रखी हुई कोई सम्पत्ति या माल, ऐसे व्यक्ति का है, जिसका वह नहीं है, वह मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न का उपयोग करता है, यह कहा जाता है।

3. जो कोई, किसी मिथ्या सम्पत्ति-चिह्न का उपयोग करता है, जब तक कि वह यह साबित कर दे कि उसने कपट करने के आशय के बिना कार्य किया है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से दण्डित किया जाएगा।

346. क्षति कारित करने के आशय से सम्पत्ति-चिह्न को बिगाड़ना-

जो कोई, किसी सम्पत्ति-चिह्न को, यह आशय रखते हुए, या यह संभाव्य जानते हुए कि वह उसके द्वारा किसी व्यक्ति को क्षति करे, किसी सम्पत्ति-चिह्न को अपसारित करता है, नष्ट करता है, विरूपित करता है या उसमें कुछ जोड़ता, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दंडित किया जाएगा।

347. सम्पत्ति-चिह्न का कूटकरण -

1. जो कोई, किसी सम्पत्ति-चिह्न का, जो किसी अन्य व्यक्ति द्वारा उपयोग में लाया जाता हो, कूटकरण करता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।

2. जो कोई किसी सम्पत्ति-चिह्न का, जो लोक सेवक द्वारा उपयोग में लाया जाता हो, या किसी ऐसे चिह्न का, जो लोक सेवक द्वारा यह द्योतन करने के लिए उपयोग में लाया जाता हो कि कोई सम्पत्ति किसी विशिष्ट व्यक्ति द्वारा या किसी विशिष्ट समय या स्थान पर विनिर्मित की गई है, या यह कि वह सम्पत्ति किसी विशिष्ट क्वालिटी की है या किसी विशिष्ट कार्यालय में से पारित हो चुकी है, या यह कि किसी छूट की हकदार है, कूटकरण करता है, या किसी ऐसे चिह्न को उसे कूटकृत जानते हुए असली के रूप में उपयोग में लाता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, दण्डित किया जाएगा और जुर्माने का भी दायी होगा।

348. सम्पत्ति-चिह्न के कूटकरण के लिए कोई उपकरण बनाना या उस पर कब्जा-

जो कोई, सम्पत्ति-चिह्न के कूटकरण के प्रयोजन से कोई डाई, पट्टी या अन्य उपकरण बनाता है या अपने कब्जे में रखता है, या यह द्योतन करने के प्रयोजन से कि कोई माल ऐसे व्यक्ति का है, जिसका वह नहीं है, किसी सम्पत्ति-चिह्न को अपने कब्जे में रखता है, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।

349. कूटकृत सम्पत्ति-चिह्न से चिह्नित माल का विक्रय-

जो कोई, किसी माल या चीजों को, स्वयं उन पर या किसी ऐसी पेटी, पैकेज या अन्य पात्र पर, जिसमें ऐसा माल रखा हो, कोई कूटकृत सम्पत्ति-चिह्न लगा हुआ या छपा हुआ होते हुए, बेचता है या बेचने के लिए अभिदर्शित करता है या अपने कब्जे में रखता है, जब तक कि वह यह साबित कर दे कि -

. इस धारा के विरुद्ध अपराध करने की सब युक्तियुक्त पूर्वावधानी बरतते हुए, चिह्न के असलीपन के सम्बन्ध में संदेह करने के लिए उसके पास कोई कारण अभिकथित अपराध करते समय नहीं था; तथा

. अभियोजक द्वारा या उसकी ओर से मांग किए जाने पर, उसने उन व्यक्तियों के विषय में, जिनसे उसने ऐसा माल या चीजें अभिप्राप्त की थीं, वह सब जानकारी दे दी थी, जो उसकी शक्ति में थी; या

. अन्यथा उसने निर्दोषितापूर्वक कार्य किया था, वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से, या दोनों से. दण्डित किया जाएगा।

350. किसी ऐसे पात्र के ऊपर मिथ्या चिह्न बनाना जिसमें माल रखा है-

1. जो कोई, किसी पेटी, पैकेज या अन्य पात्र के ऊपर, जिसमें माल रखा हुआ है, ऐसी रीति से कोई ऐसा मिथ्या चिह्न बनाता है, जो इसलिए युक्तियुक्त रूप से प्रकल्पित है कि उससे किसी लोक सेवक को या किसी अन्य व्यक्ति को यह विश्वास कारित हो जाए कि ऐसे पात्र में ऐसा माल है, जो उसमें नहीं है, या यह कि उसमें ऐसा माल नहीं है, जो उसमें है, या यह कि ऐसे पात्र में रखा हुआ माल ऐसी प्रकृति या क्वालिटी का है जो उसकी वास्तविक प्रकृति या क्वालिटी से भिन्न है, जब तक कि वह यह साबित कर दे कि उसने वह कार्य कपट करने के आशय के बिना किया है वह दोनों में से किसी भांति के कारावास से, जिसकी अवधि तीन वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डित किया जाएगा।

2. जो कोई, उपधारा (1) के अधीन प्रतिषिद्ध किसी प्रकार से किसी ऐसे मिथ्या चिह्न का उपयोग करता है, जब तक कि वह यह साबित कर दे कि उसने वह कार्य कपट करने के आशय के बिना किया है, वह उसी प्रकार दण्डित किया जाएगा, मानो उसने उपधारा (1) के अधीन अपराध किया हो।

 

 

 

 

 

 

 

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