धारा 31 अध्याय 4 (निरसन) हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956

धारा 31 अध्याय 4 (निरसन) हिन्दू उत्तराधिकार अधिनियम, 1956

अध्याय 4

निरसन

31. निरसन -

निरसन तथा संशोधन अधिनियम, 1960 ( 1960 का 58 ) की धारा 2 तथा अनुसूची 1 द्वारा निरसित

अनुसूची

( धारा 8 देखिये )

वर्ग 1 और वर्ग 2 में वारिस

पुत्र, पुत्री, विधवा, माता, पूर्वमृत पुत्र का पुत्र, पूर्वमृत पुत्र की पुत्री, पूर्वमृत पुत्री का पुत्र, पूर्वमृत पुत्री की पुत्री, पूर्वमृत पुत्र की विधवा, पूर्वमृत पुत्र के पूर्वमृत पुत्र के पूर्वमृत पुत्र,  पूर्वमृत पुत्र के पूर्वमृत पुत्र की पुत्री पूर्वमृत पुत्र के पूर्वमृत पुत्र की विधवा 2 [ पूर्वमृत पुत्री की पूर्वमृत पुत्री का पुत्र, पूर्वमृत पुत्री की पूर्वमृत पुत्री का पुत्री, पूर्वमृत पुत्र  के पूर्वमृत पुत्र की पुत्री, पूर्वमृत पुत्र  के पूर्वमृत पुत्री की पुत्री]

वर्ग – 2

I. पिता

II. (1) पुत्र की पुत्री का पुत्र, (2) पुत्र की पुत्री का पुत्री, (3) भाई, (4) बहिन

III. (1) पुत्री के पुत्र का पुत्र, (2) पुत्री के पुत्र की पुत्री, (3) पुत्री की पुत्री का पुत्र, (4) पुत्री की पुत्री की पुत्री

IV. (1) भाई का पुत्र, (2) बहिन का पुत्र, (3) भाई की पुत्री, (4) बहिन की पुत्री

V. पिता का पिता, पिता की माता।

VI. पिता की विधवा, भाई की विधवा

VII. पिता का भाई, पिता की बहिन

VIII. माता का पिता, माता की माता

IX माता का भाई, माता की बहिन

स्पष्टीकरण –

इस अनुसूची में भाई या बहिन के प्रति निर्देशों के अन्तर्गत उस भाई या बहिन के प्रति निर्देश नहीं है जो केवल एकोदररक्त के हों।

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