साम्या विधि MCQs Set-1

साम्या विधि MCQs Set-1

साम्या विधि

PRINCIPLES OF EQUITY

 

1. साम्या विधि (Equity) के संबंध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

a. यह पूर्णतः अधिनियमित विधि है

b. यह केवल दंड विधि का भाग है

c. यह विधि का स्त्रोत है, अधिनियमित विधि नहीं

d. यह केवल संवैधानिक मामलों में लागू होती है

 

2. साम्या विधि का प्रयोग मुख्यतः कब किया जाता है?

a. जब विधि स्पष्ट रूप से उपलब्ध हो

b. जब विधि के विशिष्ट नियम का अभाव हो

c. केवल आपराधिक मामलों में

d. केवल सिविल मामलों में

 

3. साम्या विधि का आधार निम्नलिखित में से क्या है?

a. विधायिका की इच्छा

b. न्यायालय की प्रक्रिया

c. प्राकृतिक न्याय, ईमानदारी एवं अन्तःकरण

d. प्रशासनिक नियम

 

4. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

a. साम्या विधि विधि का स्त्रोत है

b. यह प्राकृतिक न्याय पर आधारित है

c. यह पूर्णतः अधिनियमित विधि है

d. यह अन्तःकरण पर आधारित है

 

5. साम्या विधि का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

a. कठोर दंड देना

b. विधि की कमियों को दूर करना

c. कर वसूली करना

d. प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित करना

 

6. साम्या विधि की उत्पत्ति का आधार क्या माना जाता है?

a. संसद

b. कार्यपालिका

c. मानव का अन्तःकरण

d. पुलिस व्यवस्था

 

7. निम्न कथनों पर विचार करें—

1. साम्या विधि अधिनियमित विधि है। 

2. यह प्राकृतिक न्याय पर आधारित है। 

सही विकल्प चुनें:

a. केवल 1 सही

b. केवल 2 सही

c. दोनों सही

d. दोनों गलत

 

8. साम्या विधि का कार्य क्या है?

a. विधि को निरस्त करना

b. विधि का स्थान लेना

c. विधि के अभाव में न्याय सुनिश्चित करना

d. केवल दंड देना

 

9. साम्य (Equity) से तात्पर्य है—

a. केवल विधायिका द्वारा निर्मित नियम

b. नैसर्गिक नियमों, निष्पक्षता एवं न्यायिक युक्तियुक्तता पर आधारित सिद्धान्त

c. केवल दंडात्मक नियम

d. प्रशासनिक आदेश

 

10. "साम्य" शब्द किस अंग्रेजी शब्द का हिन्दी रूपान्तरण है?

a. Equality

b. Justice

c. Equity

d. Fairness

 

11. "Equity" शब्द किस भाषा से लिया गया है?

a. ग्रीक

b. फ्रेंच

c. लैटिन

d. जर्मन

 

12. "Equity" शब्द किस लैटिन शब्द से लिया गया है?

a. Justitia

b. Lex

c. Ecquitas

d. Ratio

 

13. लैटिन शब्द "Ecquitas" का अर्थ क्या है?

a. न्याय देना

b. समान अथवा समतल बनाना

c. दंड देना

d. शासन करना

 

14. साम्य का मूल अर्थ किससे संबंधित है?

a. केवल दंड से

b. केवल कानून से

c. न्याय, उचित व्यवहार एवं ईमानदारी से

d. केवल प्रशासन से

 

15. साम्य में निम्नलिखित में से कौन-से तत्व समाहित हैं?

a. केवल विधिक नियम

b. केवल दंड

c. ऋजुता, शुद्ध अन्तःकरण एवं नैसर्गिक न्याय

d. केवल प्रशासनिक आदेश

 

16. निम्न कथनों पर विचार करें—

1. साम्य का संबंध निष्पक्षता और न्यायिक युक्तियुक्तता से है।

2. साम्य केवल अधिनियमित कानून पर आधारित है।

सही विकल्प चुनें:

a. केवल 1 सही

b. केवल 2 सही

c. दोनों सही

d. दोनों गलत

 

17. "दो हितों को समान रखना" किससे संबंधित है?

a. दंड विधि

b. प्रशासनिक विधि

c. साम्य (Equity)

d. कर विधि

 

18. साम्य की सामान्य परिभाषा क्या है?

a. केवल विधिक नियमों का पालन

b. प्राकृतिक न्याय, समता, ईमानदारी एवं सेवा व्यवहार करना

c. केवल दंड देना

d. प्रशासनिक नियंत्रण स्थापित करना

 

19. साम्य के अनुसार व्यक्ति को दूसरों के साथ कैसा व्यवहार करना चाहिए?

a. जैसा कानून कहे

b. जैसा न्यायालय निर्देश दे

c. जैसा हम दूसरों से अपने प्रति किये जाने की आशा करते हैं

d. जैसा प्रशासन आदेश दे

 

20. साम्य की परिभाषा किन तत्वों पर आधारित है?

a. दंड और कर

b. प्राकृतिक न्याय, समता एवं ईमानदारी

c. केवल विधायिका

d. केवल प्रशासन

 

21. साम्य की अवधारणा किसमें निहित होती है?

a. दंडात्मक सिद्धांत में

b. औचित्य एवं प्राकृतिक न्याय की धारणा में

c. प्रशासनिक आदेश में

d. कराधान प्रणाली में

 

22. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

a. साम्य केवल अधिनियमित विधि है

b. साम्य का संबंध औचित्य से नहीं है

c. साम्य प्राकृतिक न्याय एवं समता पर आधारित है

d. साम्य केवल दंड से संबंधित है

 

23. निम्न कथनों पर विचार करें—

1. साम्य में ईमानदारी का तत्व शामिल है। 

2. साम्य केवल विधिक तकनीकीताओं पर आधारित है। 

 सही विकल्प चुनें:

a. केवल 1 सही

b. केवल 2 सही

c. दोनों सही

d. दोनों गलत

 

24. ब्लैकस्टोन के अनुसार साम्य (Equity) के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

a. यह केवल अधिनियमित विधि है

b. यह समस्त विधियों की आत्मा तथा प्राण है और न्याय का पर्याय है

c. यह केवल दंड विधि का भाग है

d. यह केवल प्रशासनिक नियमों तक सीमित है

 

25. सर हेनरी मेन के अनुसार साम्य (Equity) क्या है?

a. केवल अधिनियमित विधि का एक भाग

b. दंडात्मक नियमों का समूह

c. कतिपय नियमों का एक समूह, जो मूल व्यवहार विधि का सहवर्ती है और स्पष्ट सिद्धान्तों पर आधारित है

d. केवल प्रशासनिक निर्देश

 

26. मेटलैण्ड के अनुसार साम्य (Equity) क्या है?

a. केवल अधिनियमित विधि

b. दंडात्मक नियमों का समूह

c. नियमों का वह समूह, जिसका प्रशासन आंग्ल न्यायालयों द्वारा किया जाता था जिन्हें साम्य के न्यायालय कहा जाता था

d. केवल प्रशासनिक आदेश

 

27. अरस्तू के अनुसार साम्य (Equity) क्या है?

a. विधि का पूर्णतः पालन

b. दंड देने का साधन

c. जहाँ विधि अपनी व्यापकता के कारण त्रुटिपूर्ण हो जाती है, वहाँ उसका सुधार

d. केवल प्रशासनिक नियंत्रण

 

28. ऐलन के अनुसार साम्य (Equity) क्या है?

a. केवल अधिनियमित विधि

b. न्यायाधीश की स्वविवेक शक्ति, जिससे वे विधि की कठोरता एवं कमियों को दूर करते हैं

c. दंडात्मक नियमों का समूह

d. केवल प्रशासनिक नियंत्रण

 

29. हैनरी लेबी ब्लूमेन के अनुसार साम्य (Equity) के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

a. यह केवल लिखित एवं अधिनियमित विधि पर आधारित है

b. यह केवल रुढियों पर आधारित है

c. यह नियमों का ऐसा समूह है जिसका आधार अन्तःकरण के आदेश हैं और जिसका विकास चान्सलरी न्यायालयों में हुआ

d. यह केवल दंडात्मक विधि है

 

30. साम्य (Equity) का आधार क्या है?

a. केवल अधिनियमित विधि

b. अन्तःकरण एवं प्राकृतिक न्याय

c. प्रशासनिक आदेश

d. दंडात्मक सिद्धान्त

 

31. साम्य किसका विषय है?

a. विधायिका का

b. कार्यपालिका का

c. न्यायालय के विवेक का

d. पुलिस का

 

32. साम्य का मुख्य कार्य क्या है?

a. सामान्य विधि का विरोध करना

b. सामान्य विधि को समाप्त करना

c. सामान्य विधि की कठोरता एवं कमियों को दूर करना

d. केवल दंड देना

 

33. साम्य और विधि के संबंध में कौन-सा कथन सही है?

a. साम्य विधि का विरोध करती है

b. साम्य विधि का अनुसरण करती है

c. साम्य विधि से अलग है

d. साम्य विधि को समाप्त करती है

 

34. साम्य की क्रिया किससे सम्बन्धित है?

a. राज्य से

b. समाज से

c. व्यक्ति से

d. केवल न्यायालय से

 

35. कपिल मोहन बनाम कमिश्नर ऑफ इन्कम टैक्स दिल्ली (1999) के अनुसार—

a. साम्य के सिद्धान्त सभी विषयों पर लागू होते हैं

b. साम्य केवल सिविल मामलों में लागू होता है

c. साम्य के सिद्धान्त कराधान सम्बन्धी विषयों पर लागू नहीं होते

d. साम्य केवल आपराधिक मामलों में लागू होता है

 

36. निम्न कथनों पर विचार करें—

1. साम्य सामान्य विधि का विरोध करता है।

2. साम्य न्यायालय के विवेक का विषय है।

 सही विकल्प चुनें:

a. केवल 1 सही

b. केवल 2 सही

c. दोनों सही

d. दोनों गलत

 

37. साम्य (Equity) का हस्तक्षेप कब होता है?

a. जब सामान्य विधि पूर्णतः सफल हो

b. जब सामान्य विधि उपचार देने में विफल हो

c. केवल आपराधिक मामलों में

d. केवल प्रशासनिक मामलों में

 

38. साम्य का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. दंड देना

b. कर वसूलना

c. पक्षकारों को उचित एवं पर्याप्त अनुतोष प्रदान करना

d. प्रशासन चलाना

 

39. साम्य का उद्भव किस प्रकार हुआ?

a. आकस्मिक घटना के रूप में

b. संयोगवश

c. सुनियोजित रूप में

d. केवल न्यायालय के आदेश से

 

40. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन असत्य है?

a. साम्य सामान्य विधि की असफलता पर हस्तक्षेप करता है

b. साम्य उचित अनुतोष प्रदान करता है

c. साम्य का उद्भव आकस्मिक था

d. साम्य का विकास सुनियोजित था

 

41. साम्य के विकास का प्रमुख कारण क्या था?

a. प्रशासनिक सुविधा

b. सामान्य विधि की कमियाँ

c. कर प्रणाली

d. दंड व्यवस्था

 

42. प्राचीन रोम में न्याय की सर्वोच्च संस्था कौन था?

a. प्रेयटर

b. सीनेट

c. राजा

d. परिषद

 

43. राजा को सलाह देने वाली परिषद को क्या कहा जाता था?

a. सीनेट

b. कोलोजियम

c. प्रेयटर परिषद

d. न्याय परिषद

 

44. रोमन विधि में ‘प्रेयटर’ कौन था?

a. सैनिक अधिकारी

b. कर अधिकारी

c. वह अधिकारी जिसमें विधिक शक्ति निहित की गई

d. धार्मिक प्रमुख

 

45. साम्य (Equity) का सर्वप्रथम प्रादुर्भाव कहाँ हुआ माना जाता है?

a. इंग्लैंड

b. भारत

c. रोम

d. फ्रांस

 

46. साम्य की खोज का श्रेय किसे दिया जाता है?

a. राजा

b. सीनेट

c. प्रेयटर

d. कोलोजियम

 

47. प्रेयटर की विशेषता क्या थी?

a. वे केवल विधियों का पालन करते थे

b. वे विधियों का अन्धानुकरण करते थे

c. वे विधि की कठोरता एवं औपचारिकता में परिवर्तन कर न्याय देते थे

d. वे केवल प्रशासनिक कार्य करते थे

 

48. प्रेयटर को सर्वोच्च शक्ति किस संदर्भ में प्राप्त थी?

a. कराधान

b. प्रशासन

c. न्याय

d. सेना

 

49. प्राचीन रोम में सिविल विधि (Jus Civilie) किस पर लागू होती थी?

a. सभी व्यक्तियों पर

b. केवल बाहरी व्यक्तियों पर

c. केवल रोम के नागरिकों पर

d. केवल सैनिकों पर

 

50. स्थानीय विधि (Jus Gentium) किस पर लागू होती थी?

a. केवल रोम के नागरिकों पर

b. केवल न्यायाधीशों पर

c. बाहरी व्यक्तियों पर

d. केवल शासकों पर

 

51. रोम में विधि एवं साम्य का प्रशासन किसके द्वारा किया जाता था?

a. अलग-अलग न्यायाधिकरणों द्वारा

b. केवल राजा द्वारा

c. एक ही न्यायाधिकरण द्वारा

d. केवल सीनेट द्वारा

 

52. प्रेयटर की भूमिका क्या थी?

a. केवल सिविल विधि लागू करना

b. केवल स्थानीय विधि लागू करना

c. दोनों अधिकार क्षेत्रों का एक साथ प्रयोग करना

d. केवल प्रशासनिक कार्य करना

 

53. रोम में साम्य एवं सामान्य विधि के बीच सामंजस्य क्यों बना रहा?

a. क्योंकि वे अलग-अलग लागू होते थे

b. क्योंकि उनका प्रशासन एक ही न्यायाधिकरण द्वारा किया जाता था

c. क्योंकि वे एक-दूसरे के विरोध में थे

d. क्योंकि केवल राजा निर्णय करता था

 

54. (Conceptual) रोम में साम्य के सिद्धान्तों की शुरुआत किस आधार पर मानी जाती है?

a. केवल सिविल विधि के कारण

b. केवल स्थानीय विधि के कारण

c. दोनों विधियों के सामंजस्य के कारण

d. केवल राजा के आदेश से

 

55. इंग्लैण्ड में साम्य (Equity) का प्रसार किसके माध्यम से हुआ?

a. भारत

b. फ्रांस

c. रोम

d. जर्मनी

 

56. अंग्रेजी विधि में साम्य के विकास को किन चरणों में बाँटा गया है?

a. दो

b. तीन

c. चार

d. पाँच

 

57. 13वीं शताब्दी तक इंग्लैण्ड में कितने प्रमुख न्यायालय स्थापित हो चुके थे?

a. 2

b. 3

c. 4

d. 5

 

58. Court of King’s Bench मुख्यतः किन मामलों का निस्तारण करता था?

a. वित्तीय मामले

b. सामान्य विधि के मामले

c. राजा से संबंधित मामले

d. बाहरी व्यक्तियों के मामले

 

59. Court of Common Pleas किस आधार पर निर्णय देता था?

a. प्राकृतिक न्याय

b. सामान्य विधि

c. प्रशासनिक नियम

d. कराधान नियम

 

60. Exchequer Court किस प्रकार के मामलों से संबंधित था?

a. आपराधिक

b. सिविल

c. वित्तीय

d. संवैधानिक

 

61. राजकोष न्यायालय का प्रधान कौन होता था?

a. राजा

b. न्यायाधीश

c. चान्सलर

d. मंत्री

 

62. 'रिट' जारी करने की शक्ति किसे प्राप्त थी?

a. संसद

b. न्यायालय

c. राजा

d. चान्सलर

 

63. राजा ने ‘रिट’ जारी करने की शक्ति किसे सौंप दी?

a. न्यायालय को

b. संसद को

c. चान्सलर को

d. मंत्री परिषद को

 

64. रिट किन मामलों में जारी किए जाते थे?

a. जहाँ पर्याप्त उपचार उपलब्ध हो

b. जहाँ सामान्य विधि में उपचार उपलब्ध न हो

c. केवल आपराधिक मामलों में

d. केवल वित्तीय मामलों में

 

65. सामान्य विधि की प्रमुख कमी क्या थी?

a. अत्यधिक सरलता

b. पर्याप्त उपचार का अभाव

c. अत्यधिक लचीलापन

d. केवल आपराधिक होना

 

66. अपर्याप्त न्याय के विरुद्ध लोग किसके पास आवेदन करने लगे?

a. संसद

b. न्यायालय

c. सम्राट

d. चान्सलर

 

67. 1349 ई. में एडवर्ड तृतीय ने क्या पुष्टि की?

a. सामान्य विधि समाप्त की

b. चान्सलर को आवेदन निपटाने का अधिकार दिया

c. संसद को शक्ति दी

d. न्यायालय बंद किए

 

68. 1474 ई. में क्या हुआ?

a. सामान्य विधि समाप्त हुई

b. चान्सलर को स्वतंत्र अधिकार क्षेत्र प्रदान किया गया

c. संसद का गठन हुआ

d. कर व्यवस्था बदली गई

 

69. चान्सरी न्यायालय को किस नाम से जाना गया?

a. सामान्य न्यायालय

b. कर न्यायालय

c. साम्य न्यायालय

d. प्रशासनिक न्यायालय

 

70. चान्सरी न्यायालय किस आधार पर निर्णय देता था?

a. केवल अधिनियमित विधि

b. प्राकृतिक न्याय एवं न्यायिक अन्तःकरण

c. केवल कर कानून

d. प्रशासनिक आदेश

 

71. 1873 तक इंग्लैण्ड में कितने प्रकार के न्यायालय कार्यरत थे?

a. 1

b. 2

c. 3

d. 4

 

72. सामान्य न्यायालय किसका पालन करते थे?

a. प्राकृतिक न्याय

b. विधि के सिद्धान्त

c. प्रशासनिक नियम

d. केवल दंड

 

73. चान्सरी न्यायालय किसका पालन करता था?

a. विधि के कठोर नियम

b. केवल अधिनियम

c. प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्त

d. केवल प्रशासन

 

74. दोहरी न्याय प्रणाली की समस्या को किस अधिनियम द्वारा समाप्त किया गया?

a. 1857 अधिनियम

b. 1861 अधिनियम

c. 1873 न्यायातन्त्र अधिनियम

d. 1900 अधिनियम

 

75. (वैचारिक): न्यायपालिका अधिनियम, 1873 का मुख्य उद्देश्य क्या था?

a. कर प्रणाली बदलना

b. न्यायालयों को समाप्त करना

c. सामान्य एवं साम्य न्यायालयों का एकीकरण

d. केवल आपराधिक न्याय प्रणाली बनाना

 

76. निम्न कथनों पर विचार करें—

1. सामान्य न्यायालय प्राकृतिक न्याय पर आधारित थे।

2. चान्सरी न्यायालय विधि की कठोरता को कम करते थे।

 सही विकल्प चुनें:

a. केवल 1 सही

b. केवल 2 सही

c. दोनों सही

d. दोनों गलत

 

77. भारत में साम्य (Equity) का उद्भव किस काल से माना जाता है?

a. मुस्लिम काल

b. ब्रिटिश काल

c. हिन्दू काल

d. आधुनिक काल

 

78. प्राचीन भारत में साम्य को किस रूप में जाना जाता था?

a. न्याय

b. धर्म

c. युक्ति

d. विधि

 

79. शास्त्रकार साम्य का प्रयोग किस उद्देश्य से करते थे?

a. दंड देने के लिए

b. कर वसूलने के लिए

c. विधियों को समय एवं परिस्थितियों के अनुकूल बनाने के लिए

d. प्रशासन चलाने के लिए

 

80. प्राचीन ग्रंथों में साम्य के उदाहरण कहाँ मिलते हैं?

a. केवल वेदों में

b. केवल उपनिषदों में

c. केवल रामायण में

d. वेद, उपनिषद, रामायण एवं महाभारत में

 

81. धर्म शास्त्रों में विरोध होने पर क्या मान्य होगा?

a. केवल शास्त्र

b. केवल राजा का आदेश

c. युक्तियुक्त बात मान्य होगी

d. केवल परम्परा

 

82. वृहस्पति के अनुसार निर्णय कब उचित माना जाएगा?

a. केवल धर्मशास्त्रों के आधार पर

b. केवल परम्परा के आधार पर

c. जब प्रज्ञा का प्रयोग किया जाए केवल धर्मशास्त्रों के आधार पर ही किये गये निर्णय उचित नहीं है, जब तक कि उनमें प्रज्ञा का प्रयोग नहीं किया जाता।

d. केवल राजा के आदेश से

 

83. याज्ञवल्य के अनुसार युक्ति और शास्त्र में विरोध होने पर किसे प्राथमिकता दी जाएगी?

a. शास्त्र

b. युक्ति

c. परम्परा

d. राजा

 

84. निम्नलिखित में से कौन साम्य का मूल तत्व दर्शाता है?

a. कठोर नियमों का पालन

b. युक्तियुक्त निर्णय

c. दंडात्मक प्रवृत्ति

d. प्रशासनिक आदेश

 

85. साम्य का प्रयोग प्राचीन भारत में कब किया जाता था?

a. जब कोई विवाद न हो

b. जब विधि स्पष्ट हो

c. जब विधियों में विरोध या अस्पष्टता हो

d. केवल आपराधिक मामलों में

 

86. निम्न कथनों पर विचार करें—

1. प्राचीन भारत में साम्य को "युक्ति" कहा जाता था।

2. याज्ञवल्य के अनुसार शास्त्र को युक्ति पर प्राथमिकता दी जाती है।

सही विकल्प चुनें:

a. केवल 1 सही

b. केवल 2 सही

c. दोनों सही

d. दोनों गलत

 

87. भारतीय विधि में साम्य का मुख्य उद्देश्य क्या था?

a. विधि को कठोर बनाना

b. न्याय को लचीला एवं परिस्थितिनुकूल बनाना

c. केवल दंड देना

d. कर व्यवस्था लागू करना

 

88. नाख्य के अनुसार क्या सही है?

a. केवल शास्त्र ही सही हैं

b. युक्तियुक्त बात ही सही है

c. केवल परम्परा सही है

d. राजा का आदेश सही है

 

89. प्राचीन भारतीय विधि में साम्य का आधार क्या था?

a. केवल लिखित कानून

b. केवल दंड

c. युक्ति, प्रज्ञा एवं न्यायसंगत विचार

d. प्रशासनिक आदेश

 

90. मुस्लिम विधि में साम्य का सिद्धान्त किसने प्रतिपादित किया?

a. इमाम शाफी

b. अबु हनीफा

c. इमाम मालिक

d. इमाम हनबल

 

91. अबु हनीफा किस सम्प्रदाय से संबंधित थे?

a. शिया

b. हनफी

c. मालिकी

d. हनबली

 

92. अबु हनीफा के अनुसार विधि के नियमों को कब अपास्त किया जा सकता है?

a. केवल न्यायालय के आदेश से

b. केवल शास्त्रों के आधार पर

c. समय एवं परिस्थितियों के आधार पर उदार व्याख्या द्वारा

d. केवल राजा के आदेश से

 

93. मुस्लिम विधि में साम्य को किस नाम से जाना जाता है?

a. कियास

b. इज्मा

c. इस्तिहसन

d. फतवा

 

94. "इस्तिहसन" का अर्थ क्या है?

a. कठोर विधि का पालन

b. विधिक साम्य

c. दंड व्यवस्था

d. प्रशासनिक आदेश

 

95. इस्तिहसन को किसके द्वारा मान्यता प्राप्त थी?

a. खलीफा

b. न्यायालय

c. पैगम्बर मोहम्मद

d. उलेमा

 

96. मुस्लिम विधि में प्राथमिक स्त्रोत किसे माना जाता है?

a. न्यायालय के निर्णय

b. प्रशासनिक आदेश

c. पैगम्बर मोहम्मद की मान्यता

d. परम्परा

 

97. निम्न कथनों पर विचार करें—

1. इस्तिहसन विधिक साम्य का रूप है।

2. अबु हनीफा ने कठोर विधि के पालन पर बल दिया। 

 सही विकल्प चुनें:

a. केवल 1 सही

b. केवल 2 सही

c. दोनों सही

d. दोनों गलत

 

98. भारत में आंग्ल साम्यिक सिद्धान्तों को प्रथम बार किसने लागू किया?

a. ब्रिटिश संसद

b. मुगल शासक

c. ईस्ट इंडिया कम्पनी

d. भारतीय न्यायालय

 

99. भारत में साम्य विधि का स्वरूप कैसा था?

a. पूर्णतः स्वतंत्र अंग के रूप में विकसित

b. केवल दंडात्मक विधि

c. स्वतंत्र अंग के रूप में विकसित नहीं हुआ

d. केवल प्रशासनिक नियम

 

100. 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट का मुख्य प्रावधान क्या था?

a. केवल कर व्यवस्था लागू करना

b. न्यायालयों को समाप्त करना

c. विधिक प्रावधान के अभाव में साम्य, न्याय एवं शुद्ध अंतःकरण के आधार पर निर्णय देना

d. केवल आपराधिक कानून बनाना

 

101. न्यायालय कब साम्य, न्याय एवं शुद्ध अंतःकरण के सिद्धान्तों का प्रयोग कर सकते थे?

a. जब विधि स्पष्ट हो

b. जब विधिक प्रावधान उपलब्ध हो

c. जब कोई विधिक प्रावधान न हो

d. केवल आपराधिक मामलों में

 

102. निम्नलिखित में से कौन-सा तत्व 1773 के एक्ट में शामिल था?

a. दंड सिद्धान्त

b. प्रशासनिक नियंत्रण

c. साम्य, न्याय एवं शुद्ध अंतःकरण

d. केवल कराधान

 

103. भारत में साम्य सिद्धान्तों को आगे कैसे विकसित किया गया?

a. केवल न्यायालय के आदेश से

b. विभिन्न भारतीय अधिनियमों में समावेश करके

c. केवल प्रशासनिक नियमों से

d. केवल परम्पराओं से

 

104. भारतीय विधि में साम्य के समावेश का मुख्य उद्देश्य क्या था?

a. दंड बढ़ाना

b. न्यायिक प्रक्रिया को जटिल बनाना

c. न्यायिक प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाना

d. कर वसूली बढ़ाना

 

105. निम्न कथनों पर विचार करें—

1. भारत में साम्य विधि पूर्णतः स्वतंत्र रूप से विकसित हुई।

2. 1773 के रेग्युलेटिंग एक्ट ने साम्य के सिद्धान्तों को मान्यता दी।

 सही विकल्प चुनें:

a. केवल 1 सही

b. केवल 2 सही

c. दोनों सही

d. दोनों गलत

 

106. निम्नलिखित में से कौन-सा अधिनियम साम्य को समाहित करता है?

a. भारतीय दंड संहिता

b. विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम, 1963

c. आयकर अधिनियम

d. सूचना का अधिकार अधिनियम

 

107. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम, 1882 की कौन-सी धारा साम्य से संबंधित है?

a. धारा 10

b. धारा 35

c. धारा 5

d. धारा 2

 

108. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की कौन-सी धारा साम्य से संबंधित है?

a. धारा 10

b. धारा 19(क)

c. धारा 5

d. धारा 1

 

109. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 में साम्य से संबंधित धाराएँ कौन-सी हैं?

a. 1 से 10

b. 62, 83–94

c. केवल 94

d. 10 से 20

 

110. भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1925 में साम्य से संबंधित धारा कौन-सी है?

a. धारा 100

b. धारा 200

c. धारा 330

d. धारा 50

 

111. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908 में साम्य से संबंधित कौन-सी धारा है?

a. धारा 1

b. धारा 9

c. धारा 100

d. धारा 200

 

112. भारतीय परिसीमा अधिनियम, 1963 में साम्य से संबंधित धारा कौन-सी है?

a. धारा 1

b. धारा 2

c. धारा 3

d. धारा 10

 

113. स्वतंत्रता के बाद भारतीय संविधान में किन सिद्धांतों को शामिल किया गया?

a. केवल दंड

b. न्याय, समता, युक्तियुक्तता, नैसर्गिक न्याय

c. केवल कर

d. केवल प्रशासन

 

114. निम्न में से कौन-सा कथन सही है?

a. साम्य केवल न्यायालयों तक सीमित है

b. साम्य को विभिन्न अधिनियमों में सांविधिक मान्यता दी गई है

c. साम्य का कोई कानूनी महत्व नहीं है

d. केवल संविधान में ही साम्य है

 

115. गुरुनाथ बनाम् कमला बाई (1957, SC) के अनुसार साम्या के सिद्धान्त का प्रयोग कब किया जा सकता है?

a. केवल आपराधिक मामलों में

b. जब हिन्दू विधि के स्थापित नियम उपलब्ध हों

c. जब हिन्दू विधि के स्थापित नियमों के अभाव में समस्या का समाधान करना हो

d. केवल संवैधानिक मामलों में

 

116. एस.एस. बोला बनाम् बी.डी. सदाला (1965, SC) के अनुसार साम्या के नियमों का प्रयोग कब किया जा सकता है?

a. जब विधि स्पष्ट हो

b. जब विधि में कोई रिक्ति न हो

c. जब विधि में रिक्ति हो और वह संविधान के विपरीत न हो

d. केवल आपराधिक मामलों में

 

117. आफिशियल ट्रस्टी वेस्ट बंगाल बनाम सचीन्द्र (1971, SC) के अनुसार कौन-सा कथन सही है?

a. भारत में साम्या के नियम लागू नहीं होते

b. इंग्लैण्ड के चान्सलरी न्यायालय के नियमों का भारत में कोई महत्व नहीं है

c. इंग्लैण्ड में प्रयुक्त साम्या के नियमों का भारत में संहिताकरण कर लिया गया है

d. केवल न्यायालय ही साम्या लागू कर सकता है

 

118. इन्द्रा बाई बनाम् बन्द किशोर (1990, SC) तथा मेनका गाँधी व मिनर्वा मिल बनाम् भारत संघ के अनुसार कौन-सा कथन सही है?

a. केवल उच्च न्यायालय साम्या के सिद्धान्त लागू करते हैं

b. केवल सर्वोच्च न्यायालय साम्या के सिद्धान्त लागू करता है

c. भारत के सभी न्यायालय साम्या के न्यायालय हैं और उनसे साम्या के सिद्धान्तों का प्रयोग अपेक्षित है

d. साम्या का न्यायालयों में कोई महत्व नहीं है

 

119. साम्य का प्रादुर्भाव किस उद्देश्य से हुआ?

a. सामान्य विधि को समाप्त करने के लिए

b. सामान्य विधि की कमियों को दूर करने के लिए

c. केवल दंड देने के लिए

d. केवल प्रशासन के लिए

 

120. साम्य सामान्य विधि में कब हस्तक्षेप नहीं करता है?

a. जब सामान्य विधि असक्षम हो

b. जब सामान्य विधि पर्याप्त उपचार प्रदान करती है

c. जब उपचार कठोर हो

d. जब विवाद हो

 

121. साम्य किन परिस्थितियों में हस्तक्षेप करता है?

a. हर मामले में

b. केवल आपराधिक मामलों में

c. जब सामान्य विधि असक्षम, अपर्याप्त या कठोर हो

d. केवल सिविल मामलों में

 

122. साम्य और सामान्य विधि का संबंध कैसा है?

a. कोई संबंध नहीं

b. विरोधात्मक

c. बहुत ही गहरा और पूरक

d. केवल औपचारिक

 

123. साम्य के "त्रिमुखी क्षेत्राधिकार" से क्या अभिप्राय है?

a. केवल एक प्रकार के अधिकार क्षेत्र से

b. तीन विभिन्न प्रकार के अधिकार क्षेत्रों से

c. केवल न्यायालय के अधिकार से

d. केवल प्रशासनिक अधिकार से

 

124. साम्य का "त्रिमुखी क्षेत्राधिकार" किससे संबंधित है?

a. दंड के प्रकार

b. अधिकार क्षेत्रों के प्रकार

c. न्यायालयों की संख्या

d. कानून के स्रोत

 

125. साम्य के त्रिमुखी क्षेत्राधिकार में कौन-कौन शामिल हैं?

a. केवल अनन्य

b. अनन्य, समवर्ती एवं सहायक

c. केवल समवर्ती

d. केवल सहायक

 

126. अनन्य अधिकार क्षेत्र कब लागू होता है?

a. जब सामान्य विधि पर्याप्त उपचार देती है

b. जब सामान्य विधि कोई उपचार नहीं देती

c. जब केवल दंड देना हो

d. जब प्रशासनिक आदेश हो

 

127. अनन्य अधिकार क्षेत्र का आधार क्या है?

a. दंड

b. प्रशासन

c. अन्तःकरण

d. कराधान

 

128. अनन्य अधिकार क्षेत्र का उदाहरण क्या है?

a. प्रतिनिधि वाद

b. न्यास

c. अपराध

d. कराधान

 

129. समवर्ती अधिकार क्षेत्र का अर्थ क्या है?

a. केवल साम्य द्वारा अधिकार

b. केवल सामान्य विधि द्वारा अधिकार

c. दोनों को समान अधिकार

d. केवल प्रशासनिक अधिकार

 

130. निम्न में से कौन समवर्ती अधिकार क्षेत्र का उदाहरण है?

a. न्यास

b. प्रतिनिधि वाद

c. दंड

d. कराधान

 

131. समवर्ती अधिकार क्षेत्र के प्रकार कितने हैं?

a. एक

b. दो

c. तीन

d. चार

 

132. समवर्ती अधिकार क्षेत्र का पहला प्रकार क्या है?

a. जब कोई उपचार नहीं मिलता

b. जब सामान्य विधि का उपचार अपर्याप्त होता है

c. जब केवल दंड दिया जाता है

d. जब प्रशासनिक आदेश होता है

 

133. समवर्ती अधिकार क्षेत्र का दूसरा प्रकार क्या है?

a. दंड आधारित उपचार

b. न्यायालय द्वारा अनिवार्य उपचार

c. वादी द्वारा चुनाव के आधार पर उपचार

d. प्रशासनिक आदेश

 

134. सहायक अधिकार क्षेत्र का उद्देश्य क्या है?

a. सामान्य विधि को समाप्त करना

b. सामान्य विधि की सहायता करना

c. केवल दंड देना

d. प्रशासनिक नियंत्रण

 

135. सहायक अधिकार क्षेत्र का उदाहरण क्या है?

a. न्यास

b. व्यादेश

c. अपराध

d. कराधान

 

136. न्यायतंत्र अधिनियम 1873 का प्रभाव क्या था?

a. साम्य समाप्त हुआ

b. सामान्य विधि समाप्त हुई

c. विधि एवं साम्य का एकीकरण हुआ

d. न्यायालय समाप्त हुए

 

137. 1873 के अधिनियम के बाद कौन-सा अधिकार क्षेत्र समाप्त हो गया?

a. अनन्य

b. समवर्ती

c. सहायक

d. सभी

 

138. वर्तमान में न्यायालयों को क्या पालन करना होता है?

a. केवल सामान्य विधि

b. केवल साम्य

c. दोनों के नियम

d. केवल प्रशासनिक नियम