
विनिर्दिस्ट अनुतोष अधिनियम, 1963
(Specific Relief Act, 1963)
1. सर्वप्रथम विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम कब पारित हुआ-
a. 1963 में
b. 1975 में
c. 1962 में
d. 1877 में
2. विशेष अनुतोष अधिनियम, 1963 के किस धारा में प्रावधान है कि विशिष्ट अनुतोष अधिनियम केवल किसी व्यक्ति के सिविल अधिकारों को प्रवर्ततीय करने के लिए ही अनुदत्त किया जाता है, दण्ड विधि को प्रवर्तनीय कराने के लिए नहीं-
a. धारा 2 में
b. धारा 3 में
c. धारा 4 में
d. धारा 5 में
3. निम्न में से कौन विशिष्ट अनुतोष है-
a. सम्पत्ति के कब्जे का प्रत्युद्धरण
b. संविदाओं का विखण्डन
c. लिखतों का रद्दकरण
d. उपर्युक्त सभी
4. विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम, 1963 कब से प्रवृत्त है?
a. 1 मार्च, 1964
b. 1 अप्रैल, 1964
c. 1 मार्च, 1963
d. 1 मई, 1963
5. “आधिपत्य स्वामित्व की वास्तविक या भौतिक अनुभूति है" किसने कहा है?
a. सेविनी
b. इहरिंग
c. ग्रे
d. बेंधम
6. संविदा भंग होने पर निम्न में से कौन सा उपचार पीड़ित पक्षकार को उपलब्ध है-
a. विखण्डन का वाद
b. क्षतिपूर्ति का वाद
c. विशिष्ट अनुपालन का वाद
d. उपर्युक्त सभी
7. विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम किस प्रयोजन हेतु अनुदत्त किया जाता है?
a. व्यक्तिगत सिविल अधिकारों के प्रवर्तन के लिए
b. केवल दण्ड विधि के प्रवर्तन के लिए
c. (a) एवं (b) दोनों प्रयोजनों के लिए
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
8. किसी विशिष्ट अचल सम्पत्ति का कब्जा पुनः प्राप्त किया जा सकता है-
a. सिबिल प्रक्रिया संहिता द्वारा उपवन्धित प्रकार से
b. विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम, 1963 के अन्तर्गत बाद संस्थित करके
c. (a) एवं (b) दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
9. स्वत्व के आधार पर कब्जे के लिए वाद लाया जाता है-
a. धारा 10 के अन्तर्गत
b. धारा 5 के अन्तर्गत
c. धारा 7 के अन्तर्गत
d. धारा 3 के अन्तर्गत
10. किसी विशिष्ट अचल सम्पत्ति के आधिपत्य के लिए अधिकृत (पीड़ित) व्यक्ति सिविल प्रक्रिया संहिता में विहित रीति से वाद ला सकता है-
a. धारा 1 के अन्तर्गत
b. धारा 7 के अन्तर्गत
c. धारा 5 के अन्तर्गत
d. धारा 4 के अन्तर्गत
11. धारा 5 के अन्तर्गत वाद संस्थित करने की अवधि-सीमा होती है-
a. 12 वर्ष
b. 2 वर्ष
c. 6 वर्ष
d. 3 वर्ष
12. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम, 1963 की कौन सी धारा अचल सम्पत्ति से निष्कासित व्यक्ति को शीघ्र और सरल प्रक्रिया द्वारा उपचार प्रदान करती है-
a. धारा 5
b. धारा 9
c. धारा 8
d. धारा 6
13. विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 6 के अन्तर्गत किसी अचल सम्पत्ति के कब्जे से विधि द्वारा विहित प्रक्रिया से भिन्न रीति से बेदखल किया गया व्यक्ति उसका पुभः कब्जा प्राप्त करने के लिए वाद ला सकता है-
a. बेदखल किये जाने की तिथि से 1 माह के भीतर
b. बेदखल किये जाने की तिथि से 6 माह के भीतर
c. बेदखल किये जाने की तिथि से 2 वर्ष के भीतर
d. बेदखल किये जाने की तिथि से 12 वर्ष के भीतर
14. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 6 के अन्तर्गत वाद नहीं लाया जा सकता है-
a. बेकब्जा किये जाने की तारीख से छः माह के पश्चात्
b. सरकार के विरुद्ध
c. (a) एवं (b) दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
15. धारा 6 के अन्तर्गत पारित किसी भी आदेश या डिक्री को चुनौती दिया जा सकता है?
a. अपील द्वारा
b. पुनर्विलोकन द्वारा
c. पुनरीक्षण द्वारा
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
16. धारा 6 के अन्तर्गत पारित आदेश या डिक्री के पश्चात् रोक नहीं है-
a. सम्पत्ति पर अपना हक स्थापित करने एवं सम्पत्ति के प्रत्युद्धरण के लिए वाद संस्थित करने से
b. अपील करने से
c. पुनर्विलोकन से
d. उपर्युक्त सभी से
17. विनिर्दिष्ट जंगम सम्पत्ति का प्रत्युद्धरण के सम्बन्ध में किस धारा में प्रावधान है-
a. धारा 5
b. धारा 7
c. धारा 1
d. धारा 18
18. किसी चल सम्पत्ति का आधिपत्य प्राप्त करने के लिए यह साबित किया जाना आवश्यक नहीं है-
a. ऐसी सम्पत्ति के बदले दिया जाने वाला धन पर्याप्त प्रतिकर नहीं
b. जो व्यक्ति कब्जा धारण किये हुए है वह उसका स्वामी नहीं है
c. जो व्यक्ति सम्पत्ति प्राप्त करना बाहता है वह उसका अविलम्ब कब्जा प्राप्त करने का हकदार है
d. ऐसी सम्पत्ति का मूल्य अत्यधिक है।
19. यदि संविदा का पक्षकार संविदा को भंग करता है तो दूसरे पक्षकार को उसके विरुद्ध उपचार है-
a. उसके विशिष्ट पालन के लिए वाद संस्थित करने का अधिकार
b. क्षतिपूर्ति प्राप्त करने का अधिकार
c. उक्त (a) एवं (b) दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
20. संविदा के विशिष्ट अनुपालन के वाद में प्रतिवादी को बचाव (प्रतिवाद) किस धारा में दिया गया है?
a. धारा 9
b. धारा 5
c. धारा 8
d. धारा 10
21. न्यास से सम्बन्धित संविदाओं के विशिष्ट अनुपालन का प्रवर्तन कराने से सम्बन्धित प्रावधान है-
a. धारा 10 में
b. धारा 1 में
c. धारा 33 में
d. धारा 11 में
22. संविदा का विनिर्दिष्ट अनुपालन कराया जाना न्यायालय का-
a. विवेकाधिकार है
b. विवेकाधिकार नहीं है
c. न तो (a) न तो (b)
d. या ती (a) या तो (b)
23. संविदा का विशिष्ट अनुपालन कराया जा सकता है-
a. धारा 11 (b) के सिवाय
b. धारा 14 के सिवाय
c. धारा 16 के सिवाय
d. उपर्युक्त सभी के सिवाय
24. किन संविदाओं का विनिर्दिष्ट पालन नहीं कराया जा सकता-
a. जहां पक्षकार ने संविदा का प्रतिस्थापित पालन अभिप्राप्त कर लिया है
b. संविदा व्यक्तिगत अर्हताओं पर आधारित है
c. संविदा अवधारणीय प्रकृति है
d. उपर्युक्त सभी
25. न्यायालय विशेषज्ञों की नियुक्ति किस धारा के अन्तर्गत करता है?
a. धारा 14
b. धारा 20क
c. धारा 20ख
d. धारा 14क
26. विशेषज्ञ की राय या रिपोर्ट होगी-
a. अभिलेख का भाग
b. सारवान् साक्ष्य
c. खण्डनकारी साक्ष्य
d. संपोषक एवं खण्डनीय साक्ष्य
27. विशेषज्ञ की परीक्षा कोई पक्षकार कर सकता है-
a. न्यायालय की इजाजत से
b. न्यायालय की इजाजत के बिना
c. (a) या (b)
d. न तो (a) न तो (b)
28. विशेषज्ञ का फीस, खर्च या व्यय कौन वहन करता है?
a. विरोधी पक्षकार
b. पक्षकारगण
c. जिसे न्यायालय आदेशित करे
d. राज्य सरकार
29. न्यायालय विशेषज्ञ की नियुक्ति कब करता है?
a. जब कोई पक्षकार आवेदन करता है
b. जब विरोधी पक्षकार आवेदन करता है
c. जब न्यायालय विनिर्दिष्ट विवाद्यक पर अपनी सहायता के लिए विशेषज्ञ की राय प्राप्त करना आवश्यक समझता है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
30. संविदा का विनिर्दिष्ट पालन किसी व्यक्ति के पक्ष में नहीं कराया जा सकता-
a. जिसने धारा 20 के अधीन संविदा प्रतिस्थापित पालन अभिप्राप्त कर लिया है
b. जो यह साबित करने में असफल रहा है कि वह पालन के लिए सदा तैयार और रजामन्द रहा है
c. जो संविदा के मर्मभूत निबन्धन का पालन करने में असमर्थ हो गया हो
d. उपर्युक्त सभी
31. संविदा का विनिर्दिष्ट पालन किसी ऐसे व्यक्ति के पक्ष में नहीं कराया जा सकता-
a. जो संविदा के प्रति कपट करे
b. जो संविदा का प्रतिस्थापित पालन अभिप्राप्त कर लिया है
c. संविदा द्वारा स्थापित किये जाने के लिए आशयित सम्बन्ध का ध्वसंक हो
d. उपर्युक्त सभी
32. संविदायें जिनका विशिष्ट प्रवर्तन नहीं करवाया जा सकता है-
a. अवधारणीय प्रकृति को संविदा
b. चित्र बनाने की संविदाएँ
c. पुस्तक लिखने की संविदा
d. उपर्युक्त सभी
33. जब संविदा के विशिष्ट अनुपालन का वाद स्वत्व के अभाव में या अपूर्ण स्वत्व की अवस्था में निरस्त कर दिया जाता है तो ऐसी अवस्था में क्रेता या पट्टाग्रहीता को अधिकार प्राप्त होंगे-
a. अग्रिम धनराशि मय व्याज के पुनः प्राप्त करने का अधिकार
b. वाद-व्यय प्राप्त करने का अधिकार
c. संविदा में की विषय-वस्तु पर धारणाधिकार बनाये रखने का अधिकार
d. उपर्युक्त सभी
34. विक्रेता या पट्टाकर्ता ने ऐसी सम्पत्ति को विक्रय करने यो पट्टे पर देने की संविदा की हो, जिस पर कि उसका स्वत्व न हो या अपूर्ण स्वत्व हो वहाँ क्रेता या पट्टेदार के अधिकारों का प्रावधान करती है-
a. धारा 11
b. धारा 18
c. धारा 16
d. धारा 13
35. न्यायालय संविदा के किसी भाग का विनिर्दिष्ट पालन का निदेश-
a. दे सकता है
b. नहीं दे सकता है
c. धारा 12 में उपबन्धित दशाओं में दे सकता है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
36. संविदा के विनिर्दिष्ट पालन के वाद में वादी केवल अनुतोष तभी पा सकता है, यदि वह स्थापित कर देता है कि-
a. प्रथमदृष्ट्या मामला उसके पक्ष में है
b. वह संविदा के भाग का पालन करने के लिए तैयार और रजामन्द था
c. सुविधा का संतुलन उसके पक्ष में है
d. उसे अपूरणीय हानि हो सकती है
37. संविदा के भाग का प्रवर्तन का निदेश किस धारा के अन्तर्गत न्यायालय दे सकता है?
a. धारा 14 के अन्तर्गत
b. धारा 16 के अन्तर्गत
c. धारा 12 के अन्तर्गत
d. धारा 17 के अन्तर्गत
38. संविदा का विनिर्दिष्ट पालन कौन प्राप्त कर सकता है?
a. संविदा के पक्षकार द्वारा
b. संविदा के किसी भी पक्षकार के हित प्रतिनिधि द्वारा
c. समझौते के अन्तर्गत फायदा पाने वाले व्यक्ति द्वारा
d. उपर्युक्त सभी
39. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 21 के अन्तर्गत संविदा के विनिर्दिष्ट पालन के वाद में वादी प्रतिकर का दावा कर सकता है-
a. विशिष्ट पालन के स्थान पर
b. विशिष्ट पालन के अतिरिक्त
c. उपर्युक्त (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (a)
40. किस धारा में संविदा के प्रतिस्थापित पालन का प्रावधान है-
a. धारा 19
b. धारा 21
c. धारा 22
d. धारा 20
41. संविदा के प्रतिस्थापित पालन में संविदा का पक्षकार कौन होता है?
a. केवल तीसरा व्यक्ति
b. केवल पीड़ित पक्षकार का स्वयं का अभिकरण
c. या तो (a) या तो (b)
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
42. प्रतिस्थापित पालन के लिए आवश्यक है/हैं-
a. भंग करने वाले पक्षकार को लिखित नोटिस
b. न्यायालय की अनुमति
c. या तो (a) या (b)
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
43. संविदा भंग करने वाले पक्षकार को संविदा पालन के लिए दी गयी लिखित नोटिस में न्यूनतम कितनी अवधि उल्लिखित होना आवश्यक है-
a. 30 दिन
b. 60 दिन
c. 45 दिन
d. कोई अवधि नहीं
44. संविदा-भंग से पीड़ित व्यक्ति को उपचार प्राप्त है-
a. प्रतिस्थापित पालन का
b. भंग करने वाले पक्षकार से व्यय एवं खर्चे वसूल करने का
c. प्रतिकर के लिए सिविल बाद संस्थित करने का
d. उपर्युक्त सभी
45. संविदा भंग करने वाले पक्षकार से पीड़ित पक्षकार खर्चे एवं व्यय प्राप्त कर सकता है-
a. जब तीसरे पक्षकार के माध्यम से संविदा का पालन करा लिया है
b. अपने स्वयं के अभिकरण से संविदा का पालन करा लिया है
c. या तो (a) या तो (b)
d.न तो (a) न तो (b)
46. न्यायालय कब अवसंरचनात्मक परियोजना से सम्बन्धित संविदा में व्यादेश मंजूर नहीं करेगा-
a. जहां ऐसो अवसंरचना परियोजना की प्रगति या पूरा होने में अड्चन या विलम्ब होता है
b. जहां पक्षकार द्वारा व्यादेश नहीं मांगा गया है
c. जहां क्षतिपूर्ति का मानक विद्यमान हो
d. उपर्युक्त सभी
47. अवसंरचनात्मक परियोजना (infrasructure project) से सम्बन्धित संविदा के बारे में विशेष उपबन्ध किस धारा में किया गया है?
a. धारा 20 ख
b. धारा 20 ग
c. धारा 20 क
d. धारा 20 घ
48. अवसंरचनात्मक परियोजना की अनुसूची में संशोधन करने की शक्ति प्राप्त है-
a. केन्द्रीय सरकार को
b. राज्य सरकार को
c. (a) एवं (b) दोनों को
d. संसद को
49. अधिनियम की किस धारा में विशेष न्यायालय अभिहित करने की बात कही गयी है-
a. धारा 20 क
b. धारा 20 ग
c. धारा 20 ख
d. धारा 20 घ
50. किसी सिविल न्यायालय को विशेष न्यायालय अभिहित करने की शक्ति प्राप्त है-
a. उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायमूर्ति के परामर्श से राज्य सरकार को
b. राज्य सरकार को
c. उच्च न्यायालय को
d. केन्द्रीय सरकार को
51. विशेष न्यायालय किन संविदाओं से सम्बन्धित विवादों का अवधारण करेंगे-
a. सिविल प्रकृति
b. अवसंरचनात्मक परियोजना से समबन्धित संविदाओं की बाबत
c. (a) एवं (b)
d. न तो (a) न तो (b)
52. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम के अधीन संस्थित वादों का निपटारा सामान्यतया कितने माह के भीतर कर दिया जाना चाहिए?
a. 6 माह
b. 3 माह
c. 18 माह
d. 12 माह
53. अधिनियम के अधीन संस्थित वादों का शीघ्र निपटारा करने का प्रावधान किस धारा में किया गया है?
a. धारा 20क
b. धारा 15 क
c. धारा 25 क
d. धारा 20ग
54. धारा 20क की सामान्य अवधि में न्यायालय कितनी अवधि बढ़ा सकता है?
a. कुल मिलाकर 6 माह
b. कुल मिलाकर 3 माह
c. कुल मिलाकर 9 माह
d. कुल मिलाकर 12 माह
55. विशिष्ट अनुतोष (संशोधन) अधिनियम, 2018 द्वारा निम्नलिखित में से कौन सी धारा प्रतिस्थापित कीगयी है/हैं?
a. धारा 10
b. धारा 14
c. धारा 20
d. उपर्युक्त सभी
56. विशिष्ट अनुतोष (संशोधन) अधिनियम, 2018 द्वारा निम्न में से कौन सी धारा अन्तःस्थापित की गयी है/हैं-
a. धारा 20 क
b. धारा 20ख
c. धारा 14 क
d. उपर्युक्त सभी
57. विशिष्ट अनुतोष के वाद के साथ-साथ निम्नलिखित अनुतोष की मांग की जा सकती है-
a. सम्पति के आधिपत्य के लिए
b. सम्पत्ति के विभाजन और अलग आधिपत्य का
c. अग्रिम राशि की वापसी के लिए
d. अन्य अनुतोष के लिए जिसके लिए वह अधिकृत हो
e. उपर्युक्त सभी
58. विलेखों के परिशोधन का अर्थ है-
a. विलेख में सुधार करना
b. विलेख का नवीकरण करना
c. विलेख को मंसूख करना
d. उपर्युक्त सभी
59. विलेखों का परिशोधन मात्र इस आधार पर नहीं किया जा सकता है कि-
a. उसका निष्पादन कपट या पारस्परिक भूल से किया गया है
b. किसी एक पक्ष ने भूलवश निष्पादन कर दिया है
c. परिशोधन के बिना अन्याय होने की सम्भावना है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
60. जबकि पक्षकारों के कपट या पारस्परिक भूल के कारण कोई लिखित संविदा या अन्य लिखत उनके वास्तविक आशय को अभिव्यक्त नहीं करती तब-
a. दोनों में से कोई पक्षकार या उसका हित प्रतिनिधि लिखत को परिशोधित करने का वाद संस्थित कर सकेगा
b. वादी किसी ऐसे वाद में जिसमें लिखत के अधीन उद्भूत कोई अधिकार विवाद्य हो, अपने अभिवचन में दावा कर सकेगा कि लिखत परिशोधित की जाए
c. (a) एवं (b) दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नही
61. लिखतों की परिशुद्धि की जा सकेगी-
a. जब लिखत पक्षकारों के कपट के कारण वास्तविक आशय अभिव्यक्त नहीं करती
b. जब लिखत पक्षकारों के पारस्परिक भूल के कारण वास्तविक आशय अभिव्यक्त नहीं करती
c. (a) एवं (b) दोनों स्थितियों में
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
62. लिखतों की परिशुद्धि हेतु वाद लाया जा सकता है-
a. धारा 25 के अन्तर्गत
b. धारा 26 के अन्तर्गत
c. धारा 24 के अन्तर्गत
d. धारा 31 के अन्तर्गत
63. असत्य कथन इंगित कीजिए:
धारा 26 के अधीन लिखत के परिशुद्धि के लिए लाये गये वाद में न्यायालय-
a. लिखत की परिशुद्धि के अतिरिक्त अन्य अनुतोष प्रदान कर सकेगा
b. न तो अन्य अनुतोष अनुदत्त करेगा न ही अभिवचन में अनुतोष हेतु संशोधन करने की अनुमति देगा
c. किसी भी पक्षकार को अनुतोष अनुदत्त नहीं किया जायेगा जब तक कि उसका विनिर्दिष्टतः दावा न किया गया हो
d. अभिवचन में अनुतोष का दावा करने हेतु संशोधन करने की अनुमति कार्यवाही के किसी भी प्रक्रम पर दे सकता है
64. संविदा में हित रखने वाला व्यक्ति संविदा के विखण्डन का अनुतोष प्राप्त करने के लिए शर्तों का पूरा किया जाना आवश्यक है-
a. संविदा का शून्यकरणीय होना
b. संविदा का अवैध होना
c. उपर्युक्त (a) एवं (b) दोनों
65. न्यायालय संविदा का विखण्डन नामंजूर कर सकेगा-
a. जहां वादी ने संविदा को अनुसमर्थित कर दिया है
b. परिस्थितियों में परिवर्तन के कारण पंक्षकारों को उसी स्थिति में सारतः प्रत्यावर्तित नहीं किया जा सकता
c. पर व्यक्ति ने संविदा के अस्तित्व के दौरान सद्भावनापूर्वक सूचना के बिना और मूल्यार्थ हित अर्जित कर लिया है
d. उपर्युक्त सभी
66. न्यायालय कब लिखत को रद्द कर सकता है?
a. जब वह शून्य हो
b. जब वह शून्यकरणीय हो
c. जब वह शून्य या शून्यकरणीय हो
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
67. शून्य या शून्यकरणीय लिखत को रहकरण (Cancellation of instrument) हेतु वाद लाया जा सकता है-
a. धारा 3 के अन्तर्गत
b. धारा 14 के अन्तर्गत
c. धारा 65 के अन्तर्गत
d. धारा 31 के अन्तर्गत
68. यदि प्रतिवादी संविदा को शून्य या शून्यकरणीय घोषित कराने हेतु वाद लाता है और वह सफल हो जाता है तो न्यायालय आदेश दे सकेगा कि-
a. वह करार के अन्तर्गत जो फायदा प्राप्त किया है उसको दूसरे पक्षकार को वापस करे
b. वह दूसरे पक्षकार को प्रतिकर दे (यदि लिखत शून्यकरणीय है)
c. (a) एवं (b) दोनों
d. संविदा करने में अक्षम होने के कारण संविदा शून्य है इसलिए प्रतिकर या फायदा वापस करने का आदेश नहीं देगा
69. न्यायालय किस धारा के अन्तर्गत किसी व्यक्ति के प्रास्थिति या अधिकार की घोषणा कर सकता है?
a. धारा 34
b. धारा 36
c. धारा 33
d. धारा 3
70. निम्न कथनों में असत्य कथन हैं-
a. न्यायालय किसी व्यक्ति के अधिकार या हैसियत की घोषणा कर सकता है
b. वादी के लिए यह आवश्यक नहीं है कि वह घोषणात्मक बाद में अतिरिक्त अनुतोष की मांग करे
c. न्यायालय घोषणा नहीं करेगा जहाँ वादी हक की घोषणा मात्र के अतिरिक्त कोई अनुतोष मांगने योग्य होते हुए वैसा करने का लोप करे
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
71. धारा 34 के अन्तर्गत हैसियत या अधिकार की घोषणा का प्रभाव है-
a. वादी पर बाध्यकारी है
b. प्रतिवादी पर बाध्यकारी है
c. वादी, प्रतिवादी और उसे व्युत्पन्न अधिकार के अधीन दावा करने वाले व्यक्ति पर बाध्यकारी है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
72. न्यायालय प्रास्थिति या किसी सम्पत्ति में अधिकार की घोषणा नहीं करेगा जब वादी-
a. केवल हक की घोषणा के लिए वाद लाता है जबकि वह अन्य कोई अनुतोष माँग सकता था
b. सम्पत्ति में कब्जे को माँग करता है
c. स्वत्व के आधार पर डिक्री की माँग करता है
d. उपर्युक्त सभी
73. जहाँ घोषणात्मक वाद के पक्षकारों में से कोई पक्षकार न्यासी है वहाँ घोषणात्मक डिक्री से आबद्ध है-
a. न्यासी
b. वे व्यक्ति जिनके लिए ऐसा पक्षकार न्यासी होते यदि घोषणा की तारीख को उनका अस्तित्व होता (हितकारी)
c. (a) एवं (b) दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
74. अस्थायी व्यादेश विनियमित होता है-
a. सिविल प्रक्रिया संहिता के द्वारा
b. विशिष्ट अनुतोष अधिनिर्णय द्वारा
c. उपर्युक्त (a) एवं (b) दोनों द्वारा
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
75. अस्थायी व्यादेश-
a. वाद के अन्तिम निस्तारण तक या विनिर्दिष्ट समय तक बना रहता है
b. हमेशा के लिए जारी किया जाता है
c. केवल साक्ष्य पेश होने तक बना रहता है
d. उपर्युक्त सभी
76. अस्थायी व्यादेश के लिए क्या साबित किया जाना आवश्यक है-
a. अपूरणीय क्षति
b. सुविधा का संतुलन
c. प्रथमदृष्ट्या मामला
d. उपर्युक्त सभी
77. स्थायो व्यादेश जारी किया जाता है-
a. बाद के विचाराधीन काल में
b. वाद के किसी भी प्रक्रम पर
c. वाद के गुणदोष के आधार पर सुनवाई के पश्चात् अन्तिम निस्तारण पर
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
78. अस्थायी एवं शाश्वत व्यादेश किस धारा में परिभाषित है-
a. धारा 38
b. धारा 4
c. धारा 39
d. धारा 37
79. निवारक अनुतोष न्यायालय के विवेकानुसार हो सकता है –
a. अस्थायी या शाश्वत
b. अस्थायी
c. शाश्वत
d. निषेधात्मक
80. सही सुमेलित नहीं है-
a. धारा 37 - अस्थायी या शाश्वत व्यादेश
b. एक धारा 41 - घोषणात्मक डिक्री
c. धारा 38 - शाश्वत व्यादेश नामंजूर
d. धारा 39 - आज्ञापक व्यादेश
81. व्यादेश नामंजूर किया जा सकता है जब वह-
a. न्यायिक कार्यवाही को अवरुद्ध करने के लिए संस्थित हो
b. किसी व्यक्ति को अभियोजन करने से अवरुद्ध करने के लिए संस्थित हो
c. जब बादी का उस मामले में वैयक्तिक हित न हो
d. उपर्युक्त सभी
82. वादी धारा 38 के तहत शाश्वत व्यादेश के लिए एक वाद में क्षतिपूर्ति का दावा कर सकता है-
a. व्यादेश के अतिरिक्त
b. व्यादेश के स्थान पर
c. व्यादेश के अतिरिक्त या स्थान पर
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
83. व्यादेश के स्थान पर या उसके अतिरिक्त नुकसानी की मांग वादी कर सकता है-
a. धारा 41 के अन्तर्गत
b. धारा 40 के अन्तर्गत
c. धारा 42 के अन्तर्गत
d. धारा 43 के अन्तर्गत
84. व्यादेश के प्रकार हैं-
a. शाश्वत
b. अस्थायी
c. निषेधात्मक
d. सकारात्मक
e. उपर्युक्त सभी
85. निषेधात्मक व्यादेश द्वारा-
a. किसी कार्य को करने से रोका जाता है
b. किसी कार्य को करने के लिए कहा जाता है
c. यथास्थिति बनाये रखने का आदेश दिया जाता है
d. उपर्युक्त सभी
86. आज्ञापक ध्यादेश दिया जाता है-
a. यथास्थिति (Status quo) को बनाये रखने के लिए
b. किसी विशेष कार्य को करने के लिए
c. किसी विशेष कार्य को न करने के लिए
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
87. धारा 41 के अधीन व्यादेश अनुदत्त नहीं किया जा सकता जब वाद हो-
a. ऐसी संविदा का भंग निवारित करने को जिसका विनिर्दिष्टतः पालन प्रवर्तनीय नहीं है
b. किसी कार्यवाही को संस्थित करने से रोकने के लिए
c. किसी आपराधिक कार्यवाही रोकने हेतु
d. उपर्युक्त सभी
88. सूची-1 तथा सूची-11 को सुमेलित करते हुए नीचे दिये गये कूट की सहायता से सही उत्तर दीजए-
सूची-। सूची-।।
A. धारा 6 1. स्थावर सम्पत्ति से बेकब्जा किये गये व्यक्ति द्वारा वाद
B. धारा 34 2. घोषणात्मक आज्ञप्ति
C. धारा 37 3. शाश्वत व्यादेश
D. धारा 39 4. आज्ञापक व्यादेश
कूट
A B C D
a. 1 2 3 4
b. 4 3 2 1
c. 3 2 4 1
d. 2 4 1 3
89. अस्थायी व्यादेश के सम्बन्ध में गलत कथन का पता लगाइये-
a. निवारक अनुतोष न्यायालय के विवेकानुसार अनुदत्त किया जाता है
b. विनिर्दिष्ट समय तक या न्यायालय के अग्रिम आदेश तक बना रहता है
c. वाद के किसी भी प्रक्रम पर प्रदत्त नहीं किया जा सकता है
d. सिविल प्रक्रिया संहिता द्वारा विनियमित होता है
90. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम के किसी धाग में व्यादेश नामंजूर करने के आधार दिये गये हैं?
a. 49
b. 43
c. 40
d. 60
91. अधिनियम का कौन सा प्रावधान घोषणा के सम्बन्ध में विचार करता है?
a. धारा 35
b. धारा 33
c. धारा 36
d. धारा 32
92. न्यायालय संविदा का विखण्डन नामंजूर कर सकेगा-
a. जहां वादी ने संविदा को अनुसमर्थित कर दिया है
b. पर व्यक्ति ने संविदा के अस्तित्व के दौरान सद्भावनापूर्वक सूचना के बिना और मूल्यार्थ हित अर्जित कर लिये है
c. जहाँ संविदा बादी द्वारा शून्यकरणीय है
d. जहाँ विखण्डन के लिए ईप्सित संविदा का भाग उसके अवषिष्ट भाग से पृथक्करणीय न हो
93. निम्नलिखित में से किस प्रकरण में संविदा का विखंडन न्यायालय द्वारा न्यायनिर्णीत किया जायेगा-
a. जहाँ वादी ने संविदा का अनुसमर्थन किया है
b. जहाँ संविदा वादी द्वारा शून्यकरणीय हो
c. जहाँ संविदा के लिये पर व्यक्तियों ने सद्भावना-पूर्वक अधिकार अर्जित कर लिये हों
d. जहाँ विखडन के लिये इंप्सित संविदा का भाग उसके अवशिष्ट भाग से पृथक्करणीय न हो
94. अधिनियम का कौन सा प्रावधान घोषणा के प्रभाव के सम्बन्ध में विचार करता है?
a. धारा 33
b. धारा 36
c. धारा 32
d. धारा 35
95. निम्नलिखित में से कौन सी धारा 8 की प्रयोन्यता के लिये आवश्यक नहीं है-
a. वस्तु जंगम सम्पत्ति होना चाहिये
b. वादी वस्तु के तुरन्त आधिपत्य का हकदार होना चाहिये
c. प्रतिवादी सम्पत्ति का स्वामी होना चाहिये
d. वस्तु प्रतिवादी के आधिपत्य या नियंत्रण में होना चाहिये
96. निम्नलिखित में से किस प्रकरण में न्यायालय लिखत की परिशुद्धि के लिये आदेश नहीं दे सकेगा-
a. जहाँ लिखत, परस्पर भूल द्वारा उसका वास्तविक आशय अभिव्यक्त न करे
b. जहाँ वह किसी कंपनी का संगम अनुच्छेद हो
c. जहाँ लिखत की परिशुद्धि परव्यक्तियों द्वारा सद्भावनापूर्वक एवं मूल्यार्थ अर्जित अधिकारों पर प्रतिकूल प्रभाव नहीं डालती हो
d. जहाँ लिखत, कपट द्वारा उसका वास्तविक आशय अभिव्यक्त न करे
97. विधि के सम्यक् अनुक्रम से अन्यथा उसकी सम्मति के बिना, स्थावर सम्पत्ति से येकब्जा किये गये व्यक्ति द्वारा कोई वाद संस्थापित नहीं किया जा सकेगा।
a. बेकब्जा किये जाने की तारीख से तीन मास के अवसान के पश्वात्
b. यदि वाद उससे व्युत्पन्न अधिकार द्वारा दावा करने वाले व्यक्ति द्वारा संस्थापित किया गया हो
c. सरकार के विरुद्ध
d. यदि वाद ऐसी सम्पत्ति पर अपना हक स्थापित करने के लिये और कब्जे की पुनः प्राप्ति के लिये संस्थापित किया गया हो
98. जबकि प्रतिवादी वादी के सम्पत्ति के अधिकार का उपभोग पर आक्रमण करे या आक्रमण की धमकी दे निम्नलिखित में से किस दशा में न्यायालय शाश्वत व्यादेश अनुदत्त नहीं करेगा?
a. जहां कि प्रतिवादी वादी का अभिकर्ता हो
b. जहां कि धन के रूप में प्रतिकर यथायोग्य अनुतोष न पहुंचाता हो
c. जहां वह न्यायिक कार्यवाहियों के बाहुल्य को निवारित करने के लिये आवश्यक हो
d. जहां कि वादी को कारित वास्तविक नुकसान का अभिनिश्चय करने के लिये कोई मानक विद्यमान न हो
99. विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम, 1963 की धारा 10 निम्नलिखित में से किससे सम्बन्धित है-
a. संविदा का विनिर्दिष्ट पालन से
b. प्रत्यस्थापित तामील से
c. विशेषज्ञों की नियुक्ति से
d. घोषणात्मक बाद से
100. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 14 सम्बन्धित है-
a. शाश्वत व्यादेश से
b. संविदा में नामित रकम देना होगा
c. संविदा का विनिर्दिष्ट पालन नहीं करा सकेगा
d. ऐसो संविदा से जिसका विशिष्ट अनुपालन नहीं कराया जा सकता
101. सही सुमेलित युग्म नहीं है-
a. संविदा का प्रत्यस्थापित पालन - धारा 21
b. अस्थायी व्यादेश की परिभाषा -धारा 37
c. व्यादेश नामंजूर - धारा 41
d. वादों का शीघ्र निस्तारण - धारा 20 (ग)
102. सही सुमेलित युग्म नहीं है-
a. अध्याय 1 - सम्पत्ति के कब्जे का प्रत्युहरण
b. अध्याय 8 - अस्थायी व्यादेश
c. अध्याय 2 - संविदाओं का विनिर्दिष्ट पालन
d. अध्याय 6 - घोषणात्मक डिक्री
103. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम, 1963 के किस भाग में विनिर्दिष्ट अनुतोष का प्रावधान है-
a. भाग 12
b. भाग 6
c. भाग 2
d. भाग 4
104. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम, 1963 के किस भाग में निवारक अनुतोष का प्रावधान है-
a. भाग 2 में
b. भाग 3 में
c. भाग 4 में
d. भाग 5 में
105. जहाँ संविदा के पीड़ित पक्षकार ने प्रतिस्थापित पालन करा लिया है वहां वह-
a. विनिर्दिष्ट पालन के अनुतोष का हकदार नहीं होगा
b. विनिर्दिष्ट पालन के अनुतोष का भी हकदार होगा
c. भंग कराने वाले पक्षकार से प्रतिकर का दावा कर सकता है
d. उपर्युक्त (a) एवं (c)
106. संविदा में निबन्धन है कि यदि कोई पक्षकार संविदा भंग करेगा तो वह अमुक नामित रकम भंग करने वाले पक्षकार द्वारा देय होगा। निम्नलिखित में से कौन सत्य कथन है-
a. संविदा में नामित रकम देना होगा
b. संविदा का विनिर्दिष्ट पालन नहीं करा सकेगा
c. न्यायालय के समाधान पर निर्भर यदि नामित रकम विनिर्दिष्ट अनुपालन के स्थान पर धन के संदाय के लिए नहीं है तो न्यायालय विशिष्ट अनुपालन का आदेश देगा
d. उपर्युक्त सभी
107. बाध्यकर व्यादेश जारी किये जाने की परिस्थितियों को किस धारा में दिया गया है-
a. धारा 39
b. धारा 38
c. धारा 40
d. धारा 41
108 विनिर्दिष्ट अनुतोष अधिनियम के अन्तर्गत आधिपत्य प्राप्त हेतु बाद प्रस्तुत किया जा सकता है-
a. केवल चल सम्पत्ति के सम्पत्ति में
b. केवल अचल सम्पत्ति के सम्बन्ध में
c. चल एवं अचल सम्पत्ति के सम्बन्ध में
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
109. धारा 37 के अन्तर्गत वाद के किसी भी प्रक्रम पर प्रदत्त किया जाने वाला व्यादेश है-
a. स्थायी व्यादेश
b. शाश्वत व्यादेश
c. अस्थायी व्यादेश
d. समादेशात्मक व्यादेश
110. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 12 किससे सम्बन्धित है-
a. लिखत का रहकरण
b. अनुबन्ध के हिस्से का विशिष्ट अनुपालन
c. अनुतोष के लिए व्यक्तिगत बार
d. प्रत्यस्थापित पालन
111. क्या लागू करने के लिए विशिष्ट राहत दी जाती है-
a. दण्ड कानून
b. व्यक्तिगत सिविल अधिकार एवं दण्ड कानून
c. व्यक्तिगत नागरिक (सिविल) अधिकार
d. व्यक्तिगत आपराधिक दायित्व
112. विक्रय की संविदा के बाद में सफल होने के लिए वादी को यह प्राकधन कर साबित करना होगा कि-
a. उसका संविदा के पालन को तैयार और रजामन्द है
b. यह कि वह केवल संविदा पालन के लिए रजामन्द है
c. केवल यह कि वह संविदा पालन के लिए तैयार है
d. उपर्युक्त सभी
113. संविदा का विनिर्दिष्ट अनुपालन किसी ऐसे व्यक्ति के पक्ष में नहीं कराया जा सकता है-
a. जो यह साबित करने में असफल रहता है कि वह संविदा के मर्मभूत निबन्धनों का पालन कर दिया है
b. जो यह साबित करने में असफल रहता है कि वह संविदा के मर्मभूत निबन्धनों का पालन करने के लिए सदा तैयार और रजामन्द रहा है
c. (a) एवं (b) दोनों में
d. न तो (a) न तो (b)
114. सही सुमेलित युग्म नहीं है-
a. जंगम सम्पत्ति का प्रत्युहरण -धारा 7
b. निरस -धारा 45
c. अनुतोष का व्यक्तिगत वर्जन -धारा 16
d. लिखतों का रहकरण -धारा 31
115. सही सुमेलित युग्म नहीं है-
a. धारा 40 - व्यादेश के स्थान पर या अतिरिक्त नुकसानी
b. धारा 21 - विनिर्दिष्ट पालन के स्थान पर प्रतिकर
c. धारा 35 - घोषणात्मक वाद
d. धारा 20क -अवसंरचनात्मक परियोजना
116. विशिष्ट अनुपालन का बाद खारिज होने के पश्चात् वादी को निम्न में से क्या अधिकार है-
a. प्रतिकर के लिए वाद लाने का अधिकार
b. संविदा भंग से उत्पन्न किसी अन्य अधिकार के लिए बाद
c. (a) एवं (b)
d. या तो (a) या तो (b)
117. अध्याय 2 के संविदा के विशिष्ट अनुपालन से सम्बन्धित उपवन्ध लागू होता है:
a. पंचाटों पर
b. क्रोड पत्र के निदेशों पर
c. बिल के निदेशों पर
d. उपर्युक्त सभी पर
118. कुछ पंचाटों पर अध्याय 2 के उपबन्ध लागू होते हैं, से सम्बन्धित धारा है:
a. धारा 25
b. धारा 20
c. धारा 12
d. धारा 16
119. विनिर्दिष्ट अनुतोष (संशोधन) अधिनियम, 2018 के विषयों में कौन कथन सत्य है
a. यह उन मामलों में लागू होगा जो अधिनियम में संशोधन के बाद उत्पन्न हुए हैं
b. यह उन संविदाओं के बारे में लागू होगा जो अधिनियम में संशोधन के प्रवर्तन के बाद उत्पन्न हुए
c. यह लम्बित वादों में लागू होगा
d. उपरोक्त कोई कचन सत्य नहीं है
120. जो पक्षकार विनिर्दिष्ट अनुतोष चाहता है उसे तैयार और रजामंद है:
a. दावा करना और साबित करना आवश्यक है
b. साबित करना आवश्यक है
c. प्रतिपक्षी द्वारा ठोस साक्ष्य से दूर करना आवश्यक है
d. उपरोक्त सभी
121. व्यादेश के प्रार्थनापत्र को आदेशित करने में, आश्वस्त होना चाहिए कि :
a. वादी का विषयवस्तु में व्यक्तिगत हित है
b. आदेश ऐसा नहीं होना चाहिए कि किसी आधारभूत संरचनात्मक परियोजना के विकास या पूर्ण होने को बाधित या देर करता हो
c. बादी का संविदा भंग मानने को मान्यता देता हो
d. उपरोक्त सभी
122. संविदा के प्रतिस्थापित पालन के सन्दर्भ में निम्नलिखित में से कौन सा एक सही है?
a. जो पक्षकार भंग का दावा करते हैं उन्हें न्यायालय के पास संविदा के पालन हेतु जाना होगा
b. जो पक्षकार भंग का दावा करते हैं, उन्हें भंग के क्षति का दाय करना होगा
c. भंग का दावा करने वाला पक्षकार उस पक्षकार को जो संविदा भंग किया है, या तो स्वर्ग या अभिकर्ता के माध्यम से सूचना देकर संविदा का विनिर्दिष्ट अनुतोष प्राप्त कर सकता है, और भंग करने वाले पक्षकार से विनिर्दिष्ट अनुतोष के प्रतिकर का दावा कर सकता है
d. उपरोक्त सभी
123. संविदा के विनिर्दिष्ट पालन के स्थान पर क्षतिपूर्ति के सन्दर्भ में विधि की सही स्थिति होगी:
a. संविदा को भंग करने वाले पक्षकार ने संविदा के विनिर्दिष्ट पालन के स्थान पर प्रस्ताव दे कि निर्धारित क्षतिपूर्ति का भुगतान कर सकेगा
b. इस बात के होते हुए भी कि विनिर्दिष्ट अनुतोष का दावा अस्वीकार कर दिया गया है, जो पक्षकार संविदा के भंग का दावा करता है उस पक्षकार में क्षतिपूर्ति का दावा करने का अधिकार बना रहेगा
c. दोनों कथन सत्य है
d. दोनों में से कोई कथन सत्य नहीं है