विधिविरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 Paper-2 MCQs

विधिविरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1967 Paper-2 MCQs

विधिविरुद्ध क्रिया-कलाप (निवारण) अधिनियम, 1967

UNLAWFUL ACTIVITIES (PREVENTION) ACT, 1967

 

1. धारा 9 के अंतर्गत कार्यवाही का स्वरूप किससे मेल खाता है?

a. सत्र परीक्षण

b. दावा अन्वेषण

c. संक्षिप्त विचारण

d. अपील सुनवाई

 

2. किसी विधिविरुद्ध संगम, आदि का सदस्य हाने पर शास्ति, अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 10

b. धारा 11

c. धारा 12

d. धारा 13

 

3. धारा 10 कब लागू होती है?

a. जब कोई संगम पंजीकृत हो

b. जब संगम के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज हो

c. जब संगम को धारा 3 के अधीन प्रभावी अधिसूचना द्वारा विधिविरुद्ध घोषित किया गया हो

d. जब संगम पर न्यायालय द्वारा प्रतिबंध लगाया गया हो

 

4. धारा 10() के अंतर्गत दंडनीय होने के लिए व्यक्ति की कौन-सी स्थिति पर्याप्त है?

a. केवल पदाधिकारी होना

b. केवल संस्थापक होना

c. ऐसे संगम का सदस्य होना और बना रहना

d. केवल नाम दर्ज होना

 

5. विधिविरुद्ध संगम के अधिवेशनों में भाग लेना किस धारा के अंतर्गत दंडनीय है?

a. धारा 9

b. धारा 10()

c. धारा 10()

d.धारा 11

 

6. विधिविरुद्ध संगम के प्रयोजन के लिए अभिदाय करना या प्राप्त करना किसके अंतर्गत आता है?

a. केवल वित्तीय अपराध

b. धारा 10() का अपराध

c. धारा 10() का अपराध

d. कोई अपराध नहीं

 

7. “किसी प्रकार ऐसे संगम की संक्रियाओं में सहायता करनाकिस श्रेणी में दंडनीय है?

a. धारा 10()

b. धारा 10()

c. धारा 9

d. धारा 7

 

8. धारा 10() के अंतर्गत कारावास की अवधि क्या है?

a. जिसकी अवधि एक वर्ष तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा और जुर्माने का भी दायी होगा

b. जिसकी अवधि दो वर्ष तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा और जुर्माने का भी दायी होगा

c. जिसकी अवधि पाँच वर्ष तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा और जुर्माने का भी दायी होगा

d. आजीवन कारावास तक की हो सकेगी और जुर्माने का भी दायी होगा

 

9. धारा 10() किस स्थिति से संबंधित है?

a. केवल सदस्यता

b. केवल बैठक में भाग लेना

c. हथियार/विस्फोटक के कब्जे सहित हिंसक कृत्य

d. केवल आर्थिक सहायता

 

10. धारा 10() के अंतर्गत कौन-सा तत्व अनिवार्य है?

a. केवल सदस्य होना

b. केवल सहायता करना

c. अननुज्ञप्त अग्न्यायुध, विस्फोटक या सामूहिक विनाश कारित करने में समर्थ पदार्थ का कब्जा

d. केवल भाषण देना

 

11. धारा 10() में किस परिणाम का उल्लेख किया गया है?

a. केवल सरकारी संपत्ति की क्षति

b. मानव जीवन की हानि या गंभीर क्षति या संपत्ति को महत्वपूर्ण नुकसान

c. केवल सार्वजनिक अशांति

d. केवल वित्तीय हानि

 

12. यदि धारा 10() के अंतर्गत किए गए कार्य के परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो दंड क्या है?

a. पाँच वर्ष का कारावास

b. दस वर्ष का कारावास

c. मृत्यु दंड या आजीवन कारावास और जुर्माने का भी दायी होगा

d. केवल आजीवन कारावास

 

13. यदि धारा 10() के अंतर्गत मृत्यु नहीं होती, तो न्यूनतम कारावास कितना होगा?

a. दो वर्ष और जुर्माने का भी दायी होगा।

b. तीन वर्ष और जुर्माने का भी दायी होगा।

c. पांच वर्ष से कम नहीं होगा, किंतु आजीवन कारावास हो सकेगा, दंडनीय होगा और जुर्माने का भी दायी होगा।

d. सात वर्ष और जुर्माने का भी दायी होगा।

 

14. धारा 10 में दंड का आधार मुख्यतः किस पर निर्भर करता है?

a. संगम की विचारधारा पर

b. व्यक्ति की पदवी पर

c. कृत्य की प्रकृति और उसके परिणाम पर

d. सरकार की अनुमति पर

 

15. धारा 10() और 10() में मूल अंतर क्या है?

a. दोनों में कोई अंतर नहीं

b. 10() साधारण सदस्यता/सहायता से, 10() हथियारयुक्त हिंसक कृत्य से संबंधित है

c.  10() सिविल है, 10() आपराधिक

d. 10() जमानती है, 10() जमानती

 

16. धारा 10 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. केवल संगम को दंडित करना

b. विधिविरुद्ध संगम की सदस्यता और हिंसक गतिविधियों को दंडित करना

c. प्रशासनिक नियंत्रण

d. केवल वित्तीय अपराध रोकना

 

17. विधिविरुद्ध संगम की निधियों से बरतने के लिए शास्ति, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 12

b. धारा 11

c. धारा 14

d. धारा 13

 

18. धारा 11 कब लागू होती है?

a. जब संगम विधिविरुद्ध घोषित हो

b. जब धारा 7(1) के अधीन प्रतिषेधात्मक आदेश की तामील हो चुकी हो

c. जब संपत्ति जब्त कर ली गई हो

d. जब न्यायालय आदेश दे

 

19. धारा 11 के अंतर्गत किस प्रकार के आदेश का उल्लंघन दंडनीय है?

a. न्यायालयी आदेश

b. प्रशासनिक निर्देश

c. धारा 7(1) के अधीन प्रतिषेधात्मक आदेश

d. पुलिस नोटिस

 

20. प्रतिषेधात्मक आदेश का उल्लंघन किस प्रकार किया जा सकता है?

a. धन या संपत्ति का उपयोग करने से

b. धन, प्रतिभूतियों या पावनों को संदत्त, परिदत्त, अन्तरित या अन्यथा बरतने से

c. केवल धन छिपाने से

d. केवल खाते बंद करने से

 

21. धारा 11 के अंतर्गत कारावास की अवधि क्या है?

a. एक वर्ष

b. दो वर्ष

c. तीन वर्ष या जुर्माने से, या दोनों से

d. पाँच वर्ष

 

22. धारा 11 मेंभारतीय दंड प्रक्रिया 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भीका क्या प्रभाव है?

a. संहिता पूर्णतः लागू होगी

b. संहिता आंशिक रूप से लागू होगी

c. संहिता के विपरीत होने पर भी विशेष शक्ति प्रदान की गई है

d. संहिता को निरस्त किया गया है

 

23. धारा 11 के अंतर्गत अतिरिक्त जुर्माना कौन अधिरोपित कर सकता है?

a. केन्द्रीय सरकार

b. अन्वेषण अधिकारी

c. उल्लंघन का विचारण करने वाला न्यायालय

d. जिला मजिस्ट्रेट

 

24. अतिरिक्त जुर्माना किस आधार पर लगाया जा सकता है?

a. अपराध की गंभीरता पर

b. दोषसिद्ध व्यक्ति की आय पर

c. उन धनों या पावनों की राशि या प्रतिभूतियों के बाजार-मूल्य पर

d. सरकार की अनुशंसा पर

 

25. न्यायालय अतिरिक्त जुर्माना किस सीमा तक अधिरोपित कर सकता है?

a. पूरी राशि तक

b. केवल आधी राशि तक

c. उतनी राशि या उसका ऐसा भाग जो न्यायालय ठीक समझे

d. न्यूनतम निर्धारित राशि तक

 

26. धारा 11 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. विधिविरुद्ध संगम को घोषित करना

b. प्रतिषेधात्मक आदेशों के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करना

c. सभी निधियों की जब्ती

d. अपील का अधिकार देना

 

27. धारा 11 में किस प्रकार की संपत्ति सम्मिलित है?

a. केवल नकद धन

b. केवल चल संपत्ति

c. धन, प्रतिभूतियां और पावने

d. केवल अचल संपत्ति

 

28. धारा 11 के अंतर्गत अपराध की प्रकृति क्या है?

a. प्रशासनिक उल्लंघन

b. सिविल दोष

c. आपराधिक अपराध

d. अनुशासनात्मक अपराध

 

29. धारा 11 का संबंध किस धारा से प्रत्यक्ष रूप से जुड़ा है?

a. धारा 3

b. धारा 5

c. धारा 7

d. धारा 10

 

30. अधिसूचित स्थान के सम्बन्ध में किए गए किसी आदेश के उल्लंघन के लिए शास्ति, अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 12

b. धारा 11

c. धारा 14

d. धारा 13

 

31. धारा 12 किस प्रकार के उल्लंघन से संबंधित है?

a. विधिविरुद्ध संगम की सदस्यता

b. अधिसूचित स्थान से संबंधित आदेशों का उल्लंघन

c. निधियों के स्थानांतरण का उल्लंघन

d. अधिकरण के आदेश का उल्लंघन

 

32. धारा 12(1) के अंतर्गत किस आदेश के उल्लंघन पर दंड का प्रावधान है?

a. धारा 8(1)

b. धारा 8(2)

c. धारा 8(3)

d. धारा 8(8)

 

33. धारा 12(1) में उल्लंघन किस कृत्य से होता है?

a. अधिसूचित स्थान में प्रवेश करने से

b. किसी वस्तु का उपयोग प्रतिषेधात्मक आदेश के उल्लंघन में करने से

c. किसी व्यक्ति को प्रवेश देने से

d. सूची तैयार करने से

 

34. धारा 12(1) के अंतर्गत अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?

a. छह माह कारावास और जुर्माना दोनों

b.  एक वर्ष कारावास और जुर्माना दोनों

c. दो वर्ष कारावास और जुर्माना दोनों

d. तीन वर्ष कारावास और जुर्माना दोनों

 

35. धारा 12(2) के अंतर्गत कौन-सा आदेश उल्लंघन का विषय है?

a. धारा 8(1)

b. धारा 8(3)

c. धारा 8(4)

d. धारा 8(5)

 

36. धारा 12(2) के अंतर्गत दंडनीय होने के लिए कौन-सा तत्व आवश्यक है?

a. केवल उपस्थिति

b. अनजाने में प्रवेश

c. जानते हुए और जानबूझकर उपस्थिति या प्रवेश

d. केवल रात्रि में प्रवेश

 

37. धारा 12(2) में कौन-सा कृत्य शामिल है?

a. केवल प्रवेश करना

b. केवल वहां रहना

c. प्रवेश करना, वहां होना या प्रवेश का प्रयत्न करना

d. केवल आसपास खड़ा होना

 

38. धारा 12(2) के अंतर्गत अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?

a. छह माह कारावास और जुर्माना दोनों

b. एक वर्ष कारावास और जुर्माना दोनों

c. दो वर्ष कारावास और जुर्माना दोनों

d. पाँच वर्ष कारावास और जुर्माना दोनों

 

39. धारा 12(1) और 12(2) में मुख्य अंतर क्या है?

a. दंड की अवधि

b. उल्लंघन की प्रकृति

c.  यालय की अधिकारिता

d. अपील का अधिकार

 

40. धारा 12(1) किससे संबंधित है?

a. अधिसूचित स्थान में प्रवेश

b. वस्तुओं के उपयोग पर लगाए गए प्रतिबंध का उल्लंघन

c. अनुमति के बिना निवास

d. तलाशी का विरोध

 

41. धारा 12(2) किससे संबंधित है?

a. वस्तुओं का उपयोग

b. निधियों का स्थानांतरण

c. अधिसूचित स्थान में अवैध प्रवेश या उपस्थिति

d. तलाशी में बाधा

 

42. धारा 12 के अंतर्गत अपराध की प्रकृति क्या है?

a. सिविल

b. प्रशासनिक

c. आपराधिक

d. अनुशासनात्मक

 

43. धारा 12 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. अधिसूचित स्थानों को पूर्णतः बंद करना

b. जिला मजिस्ट्रेट की शक्तियों का विस्तार

c. अधिसूचित स्थान संबंधी आदेशों का प्रभावी पालन सुनिश्चित करना

d. केवल दंड देना

 

44. विधिविरुद्ध क्रियाकलाप के लिए दण्ड, अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 12

b. धारा 11

c. धारा 14

d. धारा 13

 

45. धारा 13(1)() के अंतर्गत कौन-सा कृत्य दंडनीय है?

a. केवल सलाह देना

b. केवल आर्थिक सहायता देना

c. विधिविरुद्ध क्रिया में भाग लेना या उसे करना

d. केवल संगम का सदस्य होना

 

46. धारा 13(1)() में निम्न में से क्या शामिल है?

a. केवल क्रिया करना

b. पक्ष समर्थन, दुष्प्रेरण, सलाह या उद्दीपन

c. केवल मौन सहमति

d. अनजाने में सहायता

 

47. धारा 13(1) के अंतर्गत अधिकतम कारावास की अवधि क्या है?

a. पाँच वर्ष

b. अवधि सात वर्ष तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा, और जुर्माने से भी दंडनीय होगा।

c. आजीवन कारावास

d. तीन वर्ष

 

48. धारा 13(2) किस स्थिति में लागू होती है?

a. किसी भी संगम की सहायता पर

b. विधिविरुद्ध घोषित संगम की विधिविरुद्ध क्रिया में सहायता पर

c. केवल संगम की सदस्यता पर

d. अधिसूचित स्थान में प्रवेश पर

 

49. धारा 13(2) के लिए कौन-सी शर्त अनिवार्य है?

a. सहायता गुप्त रूप से की गई हो

b. सहायता अधिसूचना जारी होने से पहले की गई हो

c. सहायता अधिसूचना के प्रभावी होने के बाद की गई हो

d. सहायता केवल वित्तीय हो

 

50. धारा 13(2) में कारावास की अवधि क्या है?

a. तीन वर्ष

b. पांच वर्ष तक की हो सकेगी, या जुर्माने से, या दोनों से, दण्डनीय होगा।

c. सात वर्ष

d. आजीवन कारावास

 

51. धारा 13(3) का संबंध किससे है?

a. विदेशी नागरिकों से

b. संधि, करार या अभिसमय से

c. राज्य सरकार की शक्तियों से

d. न्यायिक समीक्षा से

 

52. धारा 13(3) किसे इस धारा के दायरे से बाहर रखती है?

a. निजी व्यक्तियों को

b. राजनीतिक दलों को

c. भारत सरकार और विदेशी सरकारों के बीच संधियाँ वार्ताएं

d. सार्वजनिक सभाओं को

 

53. धारा 13(3) के अनुसार किस व्यक्ति की बातचीत इस धारा के अंतर्गत अपराध नहीं होगी?

a. किसी अधिवक्ता की

b. किसी राजनयिक की

c. भारत सरकार द्वारा प्राधिकृत व्यक्ति की

d. किसी संगम के प्रतिनिधि की

 

54. धारा 13 के अंतर्गत अपराध की प्रकृति क्या है?

a. दीवानी

b. प्रशासनिक

c. आपराधिक

d. संवैधानिक

 

55. अपराधों का संज्ञेय होना, अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 12

b. धारा 11

c. धारा 14

d. धारा 13

 

56. धारा 14 का मुख्य विषय क्या है?

a. अपराधों की सजा

b. अपराधों का संज्ञेय होना

c. अपील की प्रक्रिया

d. न्यायालय की अधिकारिता

 

57. धारा 14 के अनुसार इस अधिनियम के अधीन दंडनीय अपराधों की प्रकृति क्या होगी?

a. असंज्ञेय

b. संज्ञेय

c. जमानती

d. कंपाउंडेबल

 

58. धारा 14 में किस कानून के प्रावधानों के बावजूद अपराधों को संज्ञेय घोषित किया गया है?

a. भारतीय दंड संहिता, 1860 (भारतीय न्याय संहिता, 2023)

b. दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023)

c. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908

d. साक्ष्य अधिनियम, 1872 (साक्ष्य अधिनियम, 2023)

 

59. आतंकवादी कार्य, अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 12

b. धारा 13

c. धारा 14

d. धारा 15

 

60. धारा 15 के अंतर्गतआतंकवादी कार्यके लिए मुख्य आशय (intention) क्या होना चाहिए?

a. निजी शत्रुता

b. केवल संपत्ति का नुकसान

c. भारत की एकता, अखंडता, सुरक्षा, आर्थिक सुरक्षा या प्रभुता को संकट में डालना या जनता में आतंक फैलाना

d. सामान्य आपराधिक उद्देश्य

 

61. धारा 15(1)() के अंतर्गत निम्न में से किस साधन का उपयोग आतंकवादी कार्य में शामिल है?

a. केवल विस्फोटक

b. केवल आग्नेयास्त्र

c. जैविक, रेडियोधर्मी या न्यूक्लियर पदार्थ सहित किसी भी प्रकृति के साधन

d. केवल रासायनिक पदार्थ

 

62. यदि किसी कार्य से केवल मृत्यु की संभावना हो और वास्तविक मृत्यु हो, तो क्या वह धारा 15 के अंतर्गत आएगा?

a. नहीं

b. केवल IPC के अंतर्गत

c. हाँ, संभावना भी पर्याप्त है

d. केवल प्रयास की श्रेणी में

 

63. निम्न में से कौन-सा परिणाम धारा 15(1)() में स्पष्ट रूप से शामिल है?

a. केवल मानव जीवन की हानि

b. केवल सार्वजनिक अशांति

c. समुदाय के जीवन के लिए अनिवार्य सेवाओं में विघ्न

d. केवल सरकारी संपत्ति को नुकसान

 

64. कूटकृत भारतीय करेंसी से संबंधित आतंकवादी कार्य किस उप-खंड में जोड़ा गया है?

a. 15(1)()(ii)

b. 15(1)()(iii)

c. 15(1)()(iii-)

d. 15(1)()

 

65. “उच्च क्वालिटी की कूटकृत भारतीय करेंसीकी पहचान किस आधार पर की जाती है?

a. पुलिस रिपोर्ट

b. रिज़र्व बैंक की अधिसूचना

c. न्यायिक या अधिसूचित प्राधिकारी द्वारा तीसरी अनुसूची के सुरक्षा लक्षणों के आधार पर

d. केंद्र सरकार के आदेश से

 

66. लोक कृत्यकारी को आतंकित करना या उसकी हत्या का प्रयास किस उप-खंड में आता है?

a. धारा 15(1)()

b. धारा 15(1)()

c. धारा 15(1)()

d. धारा 15(2)

 

67. “लोक कृत्यकारीशब्द का सही अर्थ क्या है?

a. कोई भी सरकारी कर्मचारी

b. केवल पुलिस अधिकारी

c. संवैधानिक प्राधिकारी या राजपत्र में अधिसूचित कृत्यकारी

d. कोई भी सार्वजनिक सेवक

 

68. किसी व्यक्ति का अपहरण कर सरकार को कोई कार्य करने के लिए बाध्य करना किस श्रेणी में आएगा?

a. सामान्य आपराधिक कृत्य

b.  अपहरण मात्र

c. आतंकवादी कार्य

d. केवल IPC अपराध

 

69. क्या धारा 15 के अंतर्गत कार्य भारत के बाहर किए जाने पर भी लागू हो सकती है?

a. नहीं

b. केवल भारत में

c. हाँ, भारत में या किसी विदेश में

d. केवल सीमा क्षेत्र में

 

70. धारा 15(2) किस प्रकार के कृत्यों को आतंकवादी कार्य मानती है?

a. IPC में परिभाषित अपराध

b. दूसरी अनुसूची में उल्लिखित अंतरराष्ट्रीय संधियों के अंतर्गत आने वाले अपराध

c. केवल युद्ध संबंधी अपराध

d. केवल सीमा पार अपराध

 

71. आतंकवादी कार्य के लिए दंड, अधिनियम की किस धारा में वर्णित है?

a. धारा 15

b. धारा 16

c. धारा 17

d. धारा 18

 

72. धारा 16 के अंतर्गत आतंकवादी कार्य के लिए दंड किस आधार पर भिन्न-भिन्न किया गया है?

a. अपराध करने के स्थान के आधार पर

b. प्रयुक्त हथियार के आधार पर

c. मृत्यु होने या होने के परिणाम के आधार पर

d. अभियुक्त की आयु के आधार पर

 

73. यदि आतंकवादी कार्य के परिणामस्वरूप किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है, तो दंड क्या होगा?

a. केवल आजीवन कारावास

b. न्यूनतम पाँच वर्ष का कारावास

c.  मृत्यु दंड या आजीवन कारावास तथा जुर्माना

d. केवल जुर्माना

 

74. यदि आतंकवादी कार्य किया गया है लेकिन मृत्यु नहीं हुई है, तो दंड क्या होगा?

a. तीन वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

b. पांच वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

c. सात वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

d. दस वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

 

75. आतंकवादी कार्य के लिए निधियां जुटाने के लिए दंड, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 15

b. धारा 16

c. धारा 17

d. धारा 18

 

76. धारा 17 के अंतर्गत अपराध किस स्थिति में पूर्ण माना जाएगा?

a. जब निधियों का वास्तव में आतंकवादी कार्य में प्रयोग हो

b. जब केवल विदेशी स्रोत से निधि प्राप्त हो

c. जब यह जानते हुए निधियाँ जुटाई जाएँ कि उनका उपयोग आतंकवादी कार्य में हो सकता है

d. जब निधियाँ केवल भारत में ही जुटाई जाएँ

 

77. धारा 17 के अनुसार निधियाँ जुटाने का स्थान क्या होना चाहिए?

a. केवल भारत में

b. केवल विदेश में

c. भारत में या विदेश में

d. केवल सीमा क्षेत्रों में

 

78. धारा 17 के अंतर्गत निम्न में से कौन-सा तत्व अप्रासंगिक है?

a. निधियों का स्रोत

b. निधियों के उपयोग की संभावना

c. निधियों का वास्तव में उपयोग होना

d. अभियुक्त का ज्ञान (mens rea)

 

79. यदि निधियाँ विधिसम्मत स्रोत से जुटाई गई हों, तब भी धारा 17 लागू होगी या नहीं?

a. नहीं, क्योंकि स्रोत वैध है

b. केवल आंशिक रूप से

c. हाँ, यदि उपयोग आतंकवादी कार्य हेतु संभावित है

d. केवल जुर्माना लगेगा

 

80. धारा 17 के अंतर्गत दंड क्या होगा?

a. तीन वर्ष जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी

b. पांच वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

c. सात वर्ष जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी

d. दस वर्ष जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी

 

81. स्पष्टीकरण के अनुसार, कौन-सा कार्य अपने-आप में अपराध गठित करता है?

a. केवल निधियाँ खर्च करना

b. केवल आतंकवादी संगठन का सदस्य होना

c. निधियाँ जुटाने की गतिविधि में भाग लेना या उसे संचालित करना

d. केवल प्रचार करना

 

82. उच्च क्वालिटी की कूटकृत भारतीय करेंसी का निर्माण या परिचालन किस श्रेणी में आएगा?

a. सामान्य आर्थिक अपराध

b. केवल धारा 15 के अंतर्गत

c. धारा 17 के अंतर्गत निधियाँ जुटाने का तरीका

d. दंडनीय नहीं

 

83. यदि कोई व्यक्ति ऐसे प्रयोजन के लिए निधियाँ जुटाता है जो स्पष्ट रूप से धारा 15 के अंतर्गत नहीं आता, तब भी क्या धारा 17 लागू होगी?

a. नहीं

b. केवल चेतावनी दी जाएगी

c. हाँ, यदि वह आतंकवादी संगठन/गैंग/व्यक्ति आतंकवादी के लाभ के लिए है

d. केवल विदेशी मामलों में

 

84. धारा 17 में किस प्रकार का अपराध निर्मित किया गया है?

a. परिणाम-आधारित अपराध

b. आशय और ज्ञान-आधारित अपराध

c. केवल प्रयास अपराध

d. केवल आर्थिक अपराध

 

85. षड्यंत्र आदि के लिए दंड, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 15

b. धारा 16

c. धारा 17

d. धारा 18

 

86. धारा 18 के अंतर्गत अपराध का मुख्य आधार क्या है?

a. आतंकवादी कार्य का वास्तविक संपादन

b. आतंकवादी कार्य से हुई मृत्यु

c. आतंकवादी कार्य से संबंधित षड्यंत्र, प्रयत्न या सहायता

d. केवल आतंकवादी संगठन की सदस्यता

 

87. धारा 18 के अंतर्गत निम्न में से कौन-सा कृत्य अपराध के लिए पर्याप्त है?

a. आतंकवादी कार्य के परिणाम की प्रतीक्षा करना

b.  आतंकवादी कार्य की तैयारी का षड्यंत्र करना

c. आतंकवादी कार्य के बाद सहायता देना

d. केवल विचार प्रकट करना

 

88. धारा 18 के अनुसारआतंकवादी कार्यके संदर्भ में कौन-सा चरण दंडनीय है?

a. केवल कार्य पूर्ण होने पर

b. केवल प्रयास असफल होने पर

c. षड्यंत्र, प्रयत्न तथा सहायतातीनों चरण

d. केवल तैयारी के बाद

 

89. धारा 18 के अंतर्गत दंड क्या होगा?

a. तीन वर्ष जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी

b. पाँच वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

c. सात वर्ष जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी

d. दस वर्ष जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी

 

90. निम्न में से कौन-सा कथन धारा 18 के संबंध में सही है?

a. वास्तविक आतंकवादी कार्य होना आवश्यक है

b. केवल विदेशी मामलों में लागू होती है

c. आतंकवादी कार्य कोसुकर बनानाभी दंडनीय है

d. केवल संगठन के प्रमुख पर लागू होती है

 

91. “जानबूझकर किया जाना सुकर बनानाका तात्पर्य क्या है?

a. केवल धन देना

b. केवल हथियार देना

c. किसी भी प्रकार से आतंकवादी कार्य को आसान बनाना

d. केवल प्रत्यक्ष भागीदारी

 

92. धारा 18 मेंषड्यंत्रका महत्व क्यों है?

a. क्योंकि दंड केवल परिणाम पर आधारित है

b. क्योंकि अपराध को प्रारंभिक अवस्था में ही दंडनीय बनाया गया है

c. क्योंकि यह साधारण अपराध है

d. क्योंकि इसमें न्यूनतम दंड नहीं है

 

93. धारा 18 के अंतर्गत अपराध का स्वरूप क्या है?

a. परिणाम-आधारित अपराध

b. सख्त दायित्व (Strict Liability) अपराध

c. आशय और ज्ञान-आधारित गंभीर अपराध

d. केवल आर्थिक अपराध

 

94. धारा 18 का उद्देश्य मुख्य रूप से किसे रोकना है?

a. केवल आतंकवादी घटनाओं को

b. केवल आतंकवादी संगठनों को

c. आतंकवादी कार्य की योजना, तैयारी और सहायता को

d. केवल हथियारों के उपयोग को

 

95. आतंकवादी शिविर आयोजित करने के लिए दंड, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 16

b. धारा 17

c. धारा 18

d. धारा 18

 

96. धारा 18 के अंतर्गत अपराध किस कृत्य से पूर्ण होता है?

a. आतंकवादी संगठन की सदस्यता लेने से

b. आतंकवादी शिविर का आयोजन करने या कराने से

c. आतंकवादी कार्य करने से

d. आतंकवादी प्रचार करने से

 

97. धारा 18 के अंतर्गत किस प्रकार के प्रशिक्षण से संबंधित शिविर दंडनीय हैं?

a. सामान्य शारीरिक प्रशिक्षण

b. आत्मरक्षा प्रशिक्षण

c. आतंकवाद में प्रशिक्षण देने के लिए आयोजित शिविर

d. पुलिस प्रशिक्षण शिविर

 

98. क्या धारा 18 के अंतर्गत वास्तविक आतंकवादी कार्य का होना आवश्यक है?

a. हाँ, अनिवार्य है

b. केवल प्रयास होना चाहिए

c. नहीं, केवल प्रशिक्षण शिविर का आयोजन पर्याप्त है

d. केवल विदेश में होने पर

 

99. धारा 18 के अंतर्गत दंड क्या होगा?

a. तीन वर्ष जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी

b. पाँच वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

c. सात वर्ष जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी

d. दस वर्ष जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी

 

100. “आयोजन करेगा या कराएगाशब्दों का विधिक तात्पर्य क्या है?

a. केवल प्रत्यक्ष संचालन

b. केवल वित्तीय सहायता

c. प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष दोनों रूपों में शिविर का संचालन

d. केवल सलाह देना

 

101. धारा 18 को किस प्रकार का अपराध माना जाता है?

a. साधारण अपराध

b. केवल सहायक अपराध

c. निवारक और गंभीर आतंकवाद-संबंधी अपराध

d. केवल आर्थिक अपराध

 

102. धारा 18 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. आतंकवादी घटनाओं के बाद दंड देना

b. आतंकवादी प्रशिक्षण की आधारभूत संरचना को समाप्त करना

c. केवल हथियारों की तस्करी रोकना

d. केवल विदेशी आतंकवाद रोकना

 

103. धारा 18 को किस चरण पर लागू करने के लिए बनाया गया है?

a. आतंकवादी कार्य के पश्चात्

b. आतंकवादी कार्य के दौरान

c. आतंकवादी कार्य से पूर्व प्रशिक्षण चरण में

d. केवल सजा के निर्धारण हेतु

 

104. आतंकवादी कार्य के लिए किसी व्यक्ति या व्यक्तियों को भर्ती करने के लिए दंड, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 17

b. धारा 18

c. धारा 18

d. धारा 18

 

105. धारा 18 के अंतर्गत अपराध किस कृत्य से पूर्ण माना जाता है?

a. आतंकवादी संगठन की सदस्यता लेने से

b. आतंकवादी कार्य करने से

c. आतंकवादी कार्य के लिए व्यक्तियों की भर्ती करने या कराने से

d. आतंकवादी प्रचार करने से

 

106. धारा 18 के अंतर्गतभर्ती करेगा या कराएगाशब्दों का क्या अर्थ है?

a. केवल प्रत्यक्ष रूप से भर्ती करना

b. केवल आर्थिक सहायता देना

c. प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से भर्ती की व्यवस्था करना

d. केवल प्रशिक्षण देना

 

107. क्या धारा 18 के लिए वास्तविक आतंकवादी कार्य का होना आवश्यक है?

a. हाँ, अनिवार्य है

b. केवल प्रयास होना चाहिए

c. नहीं, भर्ती का कार्य ही पर्याप्त है

d. केवल विदेशी मामलों में

 

108. धारा 18 के अंतर्गत दंड क्या होगा?

a. तीन वर्ष जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी

b. पाँच वर्ष जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी दंडनीय होगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

c. सात वर्ष जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी

d. दस वर्ष जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी

 

109. धारा 18 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. आतंकवादी घटनाओं के बाद दंड देना

b. आतंकवादी संगठनों की भर्ती श्रृंखला को तोड़ना

c. केवल विदेशी आतंकवाद रोकना

d. केवल वित्तीय लेन-देन रोकना

 

110. धारा 18 को किस चरण में लागू करने हेतु बनाया गया है?

a. आतंकवादी कार्य के पश्चात्

b. आतंकवादी कार्य के दौरान

c. आतंकवादी कार्य से पूर्व मानव संसाधन चरण में

d. केवल दंड निर्धारण चरण में

 

111. धारा 18 को किस प्रकार का अपराध कहा जा सकता है?

a. साधारण अपराध

b. केवल सहायक अपराध

c. निवारक और गंभीर आतंकवाद-संबंधी अपराध

d. केवल आर्थिक अपराध

 

112. धारा 18 का संबंध किस अन्य धारा से वैचारिक रूप से सबसे अधिक है?

a. धारा 13

b. धारा 15

c. धारा 18

d. धारा 21

 

113. संश्रय देने, आदि के लिए दंड, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 18

b. धारा 18

c. धारा 19

d. धारा 20

 

114. धारा 19 के अंतर्गत अपराध सिद्ध होने के लिए कौन-सा तत्व अनिवार्य है?

a. व्यक्ति को आश्रय देना

b. व्यक्ति का आतंकवादी होना

c. यह ज्ञान कि संबंधित व्यक्ति आतंकवादी है

d. आतंकवादी संगठन की सदस्यता

 

115. धारा 19 के अनुसार कौन-सा कृत्य दंडनीय है?

a. नजाने में किसी को छिपाना

b. आतंकवादी होने का ज्ञान रखते हुए संश्रय देना

c. केवल भोजन देना

d. केवल सहानुभूति व्यक्त करना

 

116. धारा 19 मेंछिपाने का प्रयासक्या दर्शाता है?

a. केवल सफल छिपाना

b. केवल असफल प्रयास

c. प्रयास मात्र भी अपराध है

d. केवल षड्यंत्र

 

117. धारा 19 के अंतर्गत दंड क्या होगा?

a. तीन वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा

b. पाँच वर्ष जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी दंडनीय होगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

c. सात वर्ष जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी

d. दस वर्ष जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी

 

118. निम्न में से किस पर धारा 19 लागू नहीं होगी?

a. आतंकवादी को छिपाने वाला मित्र

b. आतंकवादी को आश्रय देने वाला भाई

c. आतंकवादी की पत्नी या पति

d. आतंकवादी को छिपाने वाला पड़ोसी

 

119. धारा 19 में दिया गया अपवाद किस संबंध पर आधारित है?

a. रक्त संबंध

b. सामाजिक संबंध

c. वैवाहिक संबंध

d. व्यावसायिक संबंध

 

120. धारा 19 के अंतर्गत अपराध का स्वरूप क्या है?

a. केवल परिणाम-आधारित

b. केवल आर्थिक

c. ज्ञान-आधारित गंभीर अपराध

d. लघु अपराध

 

121. यदि किसी व्यक्ति ने आतंकवादी को जानबूझकर आश्रय दिया, परंतु आतंकवादी ने कोई कार्य नहीं किया, तब भी धारा 19 लागू होगी या नहीं?

a. नहीं, क्योंकि कोई आतंकवादी कार्य नहीं हुआ

b. हाँ, क्योंकि संश्रय देना ही अपराध है

c. केवल चेतावनी दी जाएगी

d. केवल जुर्माना लगेगा

 

122. धारा 19 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. आतंकवादी गतिविधियों का प्रचार रोकना

b. आतंकवादियों को सुरक्षित आश्रय से वंचित करना

c. केवल कठोर दंड देना

d. वित्तीय अपराध रोकना

 

123. आतंकवादी गैंग या संगठन का सदस्य होने के लिए दंड, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 18

b. धारा 18

c. धारा 19

d. धारा 20

 

124. धारा 20 के अंतर्गत दंडनीय होने के लिए क्या पर्याप्त है?

a. केवल आतंकवादी कार्य करना

b. आतंकवादी संगठन का सदस्य होना

c. आतंकवादी कार्य में संलिप्त संगठन का सदस्य होना

d. आतंकवादी विचारधारा से सहमति

 

125. धारा 20 के अनुसार दंड किस आधार पर दिया जाता है?

a. संगठन की आयु के आधार पर

b. सदस्य की सक्रिय भूमिका के आधार पर

c. केवल सदस्यता के आधार पर

d. संगठन की अंतरराष्ट्रीय स्थिति के आधार पर

 

126. धारा 20 के अंतर्गत कारावास की अवधि क्या हो सकती है?

a. दस वर्ष और जुर्माने के लिए भी दायी

b. चौदह वर्ष और जुर्माने के लिए भी दायी

c. आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

d. मृत्यु दंड और जुर्माने के लिए भी दायी

 

127. यदि कोई व्यक्ति आतंकवादी संगठन का सदस्य है, परंतु उसने कोई आतंकवादी कार्य नहीं किया, तो क्या धारा 20 लागू होगी?

a. नहीं, कार्य करना अनिवार्य है

b. हाँ, सदस्यता मात्र से

c. केवल साजिश होने पर

d. केवल विदेशी संगठन के मामले में

 

128. धारा 20 के लिए यह आवश्यक है कि आतंकवादी गैंग या संगठन

a. सरकार द्वारा प्रतिबंधित हो

b. आतंकवादी कार्य में संलिप्त हो

c. अंतरराष्ट्रीय हो

d. वित्तीय अपराध में लिप्त हो

 

129. धारा 20 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. केवल आतंकवादी कृत्यों को दंडित करना

b. आतंकवादी संगठनों की सदस्यता को हतोत्साहित करना

c. आर्थिक अपराध रोकना

d. सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना

 

130. निम्न में से कौन-सी स्थिति धारा 20 के अंतर्गत आएगी?

a. आतंकवादी संगठन की विचारधारा पढ़ना

b. आतंकवादी संगठन को धन देना

c. आतंकवादी कार्य में संलिप्त संगठन का सदस्य होना

d. आतंकवाद की निंदा करना

 

131. धारा 20 के अंतर्गत अपराध का स्वरूप क्या है?

a. लघु अपराध

b. तकनीकी अपराध

c. गंभीर अपराध

d. केवल सहायक अपराध

 

132. धारा 20 को किस धारा के साथ अक्सर जोड़ा जाता है?

a. धारा 15

b. धारा 17

c. धारा 18

d. धारा 15 से 18 की श्रृंखला

 

133. आतंकवाद के आगमों को धारित करने के लिए दंड, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 21

b. धारा 22

c. धारा 23

d. धारा 24

 

134. धारा 21 के अंतर्गत किस कृत्य को अपराध घोषित किया गया है?

a. आतंकवादी कार्य करना

b. आतंकवादी संगठन का सदस्य होना

c. आतंकवादी कार्य से अर्जित संपत्ति को जानबूझकर धारित करना

d. आतंकवादी को संश्रय देना

 

135. धारा 21 मेंधारित करनाकिससे संबंधित है?

a. केवल नकद राशि से

b. केवल अचल संपत्ति से

c. आतंकवादी निधि से अर्जित किसी भी संपत्ति से

d. केवल विदेशी मुद्रा से

 

136. धारा 21 के अंतर्गत अपराध सिद्ध होने के लिए कौन-सा तत्व आवश्यक है?

a. लापरवाही

b. जानबूझकर किया गया कृत्य

c. केवल संदेह

d. अप्रत्यक्ष जानकारी

 

137. यदि कोई व्यक्ति आतंकवादी निधि से अर्जित संपत्ति को अनजाने में धारित करता है, तो क्या धारा 21 लागू होगी?

a. हाँ, सदैव

b. नहीं, क्योंकि जानबूझकर होना आवश्यक है

c. केवल जुर्माना लगेगा

d. केवल संपत्ति जब्त होगी

 

138. धारा 21 के अंतर्गत कारावास की अवधि क्या हो सकती है?

a. दस वर्ष और जुर्माने के लिए भी दायी

b. चौदह वर्ष और जुर्माने के लिए भी दायी

c. आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

d. मृत्यु दंड और जुर्माने के लिए भी दायी

 

139. धारा 21 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. आतंकवादी कार्य को परिभाषित करना

b.  आतंकवादी संगठन पर प्रतिबंध लगाना

c. आतंकवाद से अर्जित संपत्ति को वैध उपयोग से रोकना

d.  सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखना

 

140. धारा 21 किस प्रकार के अपराध से संबंधित है?

a. आतंकवादी कृत्य

b. आतंकवादी वित्तपोषण से संबंधित अपराध

c. प्रशासनिक अपराध

d. प्रक्रिया संबंधी अपराध

 

141. निम्न में से कौन-सी संपत्ति धारा 21 के अंतर्गत आएगी?

a. वैध व्यापार से अर्जित संपत्ति

b. उत्तराधिकार में प्राप्त संपत्ति

c. आतंकवादी निधि के माध्यम से अर्जित संपत्ति

d. दान में प्राप्त संपत्ति

 

142. धारा 21 को किस धारा के साथ वैचारिक रूप से जोड़ा जाता है?

a. धारा 15

b. धारा 17

c. धारा 19

d. धारा 17 और 19

 

143. साक्षी को धमकी देने के लिए दंड, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 21

b. धारा 22

c. धारा 23

d. धारा 24

 

144. धारा 22 के अंतर्गत दंडनीय मुख्य कृत्य कौन-सा है?

a. साक्ष्य को नष्ट करना

b. साक्षी या उससे हितबद्ध व्यक्ति को हिंसा की धमकी देना

c. झूठी गवाही देना

d. न्यायालय की अवमानना

 

145. धारा 22 के अनुसार अपराध केवल किस व्यक्ति के विरुद्ध किया जा सकता है?

a. केवल साक्षी

b. केवल अभियुक्त

c. साक्षी या वह अन्य व्यक्ति जिसमें साक्षी हितबद्ध हो

d. केवल न्यायाधीश

 

146. “दोषपूर्वक अवरुद्ध या परिरुद्ध करनाका आशय क्या है?

a. वैधानिक हिरासत

b. न्यायालय के आदेश से निरुद्ध करना

c. विधिविरुद्ध रूप से साक्षी की स्वतंत्रता में बाधा डालना

d. पुलिस पूछताछ

 

147. यदि कोई व्यक्ति साक्षी को धमकाने के उद्देश्य से कोई अन्य विधिविरुद्ध कार्य करता है, तो क्या वह धारा 22 के अंतर्गत आएगा?

a. नहीं, केवल धमकी ही अपराध है

b. नहीं, केवल अवरोध अपराध है

c. हाँ, यदि आशय साक्षी को धमकाने का हो

d. केवल तब जब चोट पहुँचे

 

148. धारा 22 के अंतर्गत अधिकतम कारावास की अवधि क्या हो सकती है?

a. ऐसे कारावास से, जो तीन वर्ष तक का हो सकेगा, दंडनीय होगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

b. चौदह वर्ष और जुर्माने के लिए भी दायी

c. आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

d. मृत्यु दंड और जुर्माने के लिए भी दायी

 

149. क्या धारा 22 में शारीरिक हिंसा का होना आवश्यक है?

a. हाँ, अनिवार्य है

b. नहीं, केवल हिंसा की धमकी भी पर्याप्त है

c. केवल गंभीर चोट होने पर

d. केवल मृत्यु होने पर

 

150. यदि साक्षी के परिवार के सदस्य को धमकी दी जाती है ताकि साक्षी बयान दे, तो क्या धारा 22 लागू होगी?

a. नहीं

b. केवल IPC लागू होगी

c. हाँ, क्योंकि वह साक्षी से हितबद्ध व्यक्ति है

d. केवल तब जब साक्षी उपस्थित हो

 

151. धारा 22 को किस प्रकार के अपराधों की श्रेणी में रखा जा सकता है?

a. प्रक्रिया संबंधी अपराध

b. साक्ष्य संरक्षण से संबंधित अपराध

c. प्रशासनिक अपराध

d. दीवानी अपराध

 

152. कंपनियों द्वारा अपराध, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 21

b. धारा 22

c. धारा 23

d. धारा 24

 

153. धारा 22 के अनुसार, यदि अधिनियम के अंतर्गत अपराध किसी कंपनी द्वारा किया गया हो, तो दोषी किसे माना जाएगा?

a. केवल कंपनी

b. केवल प्रबंध निदेशक

c. कंपनी तथा वह प्रत्येक व्यक्ति जो कंपनी के कारबार का भारसाधक और उत्तरदायी था

d. केवल कर्मचारी

 

154. धारा 22(1) के अंतर्गत किन व्यक्तियों को सम्मिलित किया गया है?

a. केवल निदेशक

b. केवल प्रबंधक

c. कंपनी के संप्रवर्तक सहित उत्तरदायी व्यक्ति

d. केवल सचिव

 

155. धारा 22(1) के अंतर्गत कोई व्यक्ति दंड से कैसे बच सकता है?

a. यदि वह कंपनी छोड़ चुका हो

b. यदि वह यह सिद्ध करे कि अपराध उसकी जानकारी के बिना हुआ या उसने समुचित सावधानी बरती

c. यदि अपराध छोटा हो

d. यदि जुर्माना भर दे

 

156. “समुचित सावधानीका तात्पर्य किससे है?

a. केवल मौखिक चेतावनी

b. अपराध रोकने के लिए यथोचित प्रयास

c. अपराध के बाद रिपोर्ट करना

d. कर्मचारियों को बर्खास्त करना

 

157. धारा 22(2) के अनुसार, किन परिस्थितियों में संप्रवर्तक, निदेशक या अन्य अधिकारी व्यक्तिगत रूप से दोषी माने जाएंगे?

a. केवल जब वे उपस्थित हों

b. जब अपराध उनकी सहमति, मौनानुकूलता या उपेक्षा से हुआ हो

c. केवल लिखित आदेश होने पर

d. केवल वित्तीय अपराध में

 

158. “मौनानुकूलताका अर्थ क्या है?

a. स्पष्ट आदेश देना

b. अपराध का विरोध करना

c. अपराध को जानते हुए चुप रहना

d. अपराध की सूचना देना

 

159. धारा 22 के स्पष्टीकरण के अनुसारकंपनीमें क्या सम्मिलित है?

a. केवल पंजीकृत कंपनी

b. केवल सरकारी उपक्रम

c. निगमित निकाय, फर्म और व्यक्तियों का अन्य संगम

d. केवल निजी लिमिटेड कंपनी

 

160. किसी फर्म के संदर्भ में, धारा 22 के अनुसारनिदेशकसे क्या अभिप्रेत है?

a. मैनेजिंग पार्टनर

b. सचिव

c. भागीदार

d. लेखाकार

 

161. यदि यह सिद्ध हो जाए कि अपराध कंपनी के किसी अधिकारी की उपेक्षा के कारण हुआ, तो परिणाम क्या होगा?

a. केवल कंपनी दोषी होगी

b. केवल कर्मचारी दोषी होगा

c. संबंधित अधिकारी भी दोषी माना जाएगा

d. कोई दंड नहीं होगा

 

162. धारा 22 का मूल उद्देश्य क्या है?

a. कंपनियों को छूट देना

b. केवल कर्मचारियों को दंडित करना

c. कंपनियों और उनके उत्तरदायी अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना

d. प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल बनाना

 

163. सोसाइटियों या न्यासों द्वारा, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 22

b. धारा 23

c. धारा 24

d. धारा 25

 

164. यदि इस अधिनियम के अंतर्गत कोई अपराध किसी सोसाइटी या न्यास द्वारा किया गया हो, तो दोषी किसे माना जाएगा?

a. केवल सोसाइटी या न्यास

b. केवल प्रबंधक

c. सोसाइटी/न्यास तथा वह प्रत्येक व्यक्ति जो कारबार के संचालन के लिए उत्तरदायी था

d. केवल कर्मचारी

 

165. धारा 22(1) के अंतर्गत किन व्यक्तियों को विशेष रूप से सम्मिलित किया गया है?

a. केवल सचिव

b. केवल न्यासी

c. सोसाइटी का संप्रवर्तक तथा न्यास का व्यवस्थापक

d. केवल लेखाकार

 

166. धारा 22(1) के अंतर्गत कोई व्यक्ति दंड से मुक्त कब हो सकता है?

a. यदि अपराध छोटा हो

b. यदि वह यह सिद्ध करे कि अपराध उसकी जानकारी के बिना हुआ या उसने समुचित सावधानी बरती

c. यदि वह पद छोड़ चुका हो

d. यदि उसने जुर्माना भर दिया हो

 

167. धारा 22(2) के अनुसार, किन परिस्थितियों में अधिकारी व्यक्तिगत रूप से दोषी माने जाएंगे?

a. केवल लिखित आदेश देने पर

b. केवल उपस्थिति के कारण

c. अपराध उनकी सहमति, मौनानुकूलता या उपेक्षा से हुआ हो

d. केवल वित्तीय मामलों में

 

168. धारा 22 के अनुसार, “सोसाइटीसे क्या अभिप्रेत है?

a. केवल निजी समूह

b. केवल सरकारी समिति

c. सोसाइटी रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1860 या अन्य राज्य अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत निकाय

d. कोई भी अपंजीकृत संगठन

 

169. “न्यासशब्द का अर्थ धारा 22 के स्पष्टीकरण में क्या है?

a. कोई भी धार्मिक संस्था

b. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 या अन्य राज्य अधिनियम के अधीन रजिस्ट्रीकृत निकाय

c. केवल पारिवारिक ट्रस्ट

d. अपंजीकृत ट्रस्ट

 

170. किसी सोसाइटी या न्यास के संबंध मेंनिदेशकसे क्या अभिप्रेत है?

a. सरकार द्वारा नामित पदेन सदस्य

b. केवल अध्यक्ष

c. शासी बोर्ड का सदस्य, पदेन सरकारी प्रतिनिधि को छोड़कर

d. मुख्य कार्यपालक अधिकारी

 

171. यदि यह सिद्ध हो जाए कि अपराध किसी न्यासी या सचिव की उपेक्षा के कारण हुआ, तो परिणाम क्या होगा?

a. केवल सोसाइटी/न्यास दोषी होगा

b. कोई दंड नहीं होगा

c. संबंधित न्यासी या सचिव भी दोषी माना जाएगा

d. केवल चेतावनी दी जाएगी

 

172. धारा 22 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. सोसाइटी और न्यासों को संरक्षण देना

b. केवल संस्थाओं को दंडित करना

c. सोसाइटी/न्यास और उनके उत्तरदायी अधिकारियों की जवाबदेही सुनिश्चित करना

d. आपराधिक प्रक्रिया को सीमित करना

 

173. कंपनियों, सोसाइटियों या न्यासों द्वारा अपराधों के लिए दंड, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 22

b. धारा 23

c. धारा 24

d. धारा 25

 

174. धारा 22 किन संस्थाओं द्वारा किए गए अपराधों पर लागू होती है?

a. केवल कंपनी

b. केवल सोसाइटी

c. केवल न्यास

d. कंपनी, सोसाइटी और न्यास

 

175. धारा 22 के अंतर्गत किस व्यक्ति को दंडनीय ठहराया जाता है?

a. केवल संस्था

b. केवल कर्मचारी

c. वह व्यक्ति जो अपराध के समय कारबार के संचालन के लिए भारसाधक और उत्तरदायी था

d. केवल बाहरी एजेंट

 

176. धारा 22 के अंतर्गत कारावास अवधि कितनी है?

a. तीन वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु जो दस वर्ष तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा

b. पांच वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा

c. सात वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा

d. दस वर्ष से कम की नहीं होगी, किंतु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा

 

177. धारा 22 के अंतर्गत जुर्माना कितना निर्धारित है?

a. एक करोड़ रुपए से कम का नहीं होगा और जो पांच करोड़ रुपए तक का हो सकेगा, दायी होगा।

b. दो करोड़ रुपए से कम का नहीं होगा और जो पांच करोड़ रुपए तक का हो सकेगा, दायी होगा।

c. पांच करोड़ रुपए से कम का नहीं होगा और जो दस करोड़ रुपए तक का हो सकेगा, दायी होगा।

d. दस करोड़ रुपए से कम का नहीं होगा और जो बीस करोड़ रुपए तक का हो सकेगा, दायी होगा।

 

178. धारा 22 में किन व्यक्तियों को विशेष रूप से सम्मिलित माना गया है?

a. केवल निदेशक

b. केवल सचिव

c. कंपनी या न्यास का संप्रवर्तक तथा न्यास का व्यवस्थापक

d. केवल लेखा अधिकारी

 

179. धारा 22 में दंड किस आधार पर लगाया जाता है?

a. संस्था के पंजीकरण के आधार पर

b. व्यक्ति के पदनाम के आधार पर

c. अपराध के समय कारबार के संचालन की जिम्मेदारी के आधार पर

d. संस्था के आकार के आधार पर

 

180. धारा 22 का प्रमुख उद्देश्य क्या है?

a. केवल संस्थाओं को दंडित करना

b. व्यक्तिगत उत्तरदायित्व को समाप्त करना

c. संस्थाओं के संचालन से जुड़े व्यक्तियों की कड़ी जवाबदेही तय करना

d. केवल आर्थिक दंड लगाना

 

181. वर्धित शास्तियां, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 22

b. धारा 23

c. धारा 24

d. धारा 25

 

182. धारा 23 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. सामान्य अपराधों के लिए दंड

b. आतंकवाद से असंबंधित अपराध

c. आतंकवाद की सहायता से जुड़े मामलों में कड़े दंड का प्रावधान

d. केवल प्रक्रिया निर्धारित करना

 

183. धारा 23 के अंतर्गत कौन-सा अधिनियम उल्लंघन में सम्मिलित नहीं है?

a. विस्फोटक अधिनियम, 1884

b. विस्फोटक पदार्थ अधिनियम, 1908

c. आयुध अधिनियम, 1959

d. सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005

 

184. धारा 23 के अनुसार अपराध तभी बनता है जब उल्लंघन किस आशय से किया गया हो?

a. निजी लाभ के लिए

b. सरकारी अनुमति से

c. आतंकवादी, आतंकवादी संगठन या आतंकवादी गैंग की सहायता के आशय से

d. आकस्मिक रूप से

 

185. धारा 23(1) के अंतर्गत न्यूनतम कारावास अवधि क्या है?

a. तीन वर्ष कम नहीं होगी, किन्तु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा

b. पांच वर्ष से कम नहीं होगी, किन्तु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

c. सात वर्ष कम नहीं होगी, किन्तु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा

d. दस वर्ष कम नहीं होगी, किन्तु जो आजीवन कारावास तक की हो सकेगी, दंडनीय होगा और जुर्माने के लिए भी दायी होगा।

 

186. धारा 23 के अंतर्गत अनधिकृत रूप से किस वस्तु का कब्जा दंडनीय है?

a. लाइसेंसी हथियार

b. साधारण विस्फोटक

c. उच्च क्वालिटी की कूटकृत भारतीय करेंसी

d. वैध विदेशी मुद्रा

 

187. यदि कोई व्यक्ति धारा 23(1) के अपराध का केवल प्रयास करता है, तो उसे किस उपधारा के अंतर्गत दंडित किया जाएगा?

a. धारा 15

b. धारा 17

c. धारा 23(2)

d. धारा 22

 

188. धारा 23(2) के अंतर्गत प्रयास या दुष्प्रेरण के मामले मेंआजीवन कारावासका क्या अर्थ लिया जाएगा?

a. पांच वर्ष का कारावास

b. सात वर्ष का कारावास

c. दस वर्ष का कारावास

d. चौदह वर्ष का कारावास

 

189. धारा 23 के अंतर्गत कौन-सा पदार्थपरिसंकटमयमाना गया है?

a. साधारण रसायन

b. घरेलू गैस

c. युद्धकालीन जैव या रासायनिक पदार्थ

d. औद्योगिक कच्चा माल

 

190. धारा 23 मेंवर्धित शास्तिशब्द का तात्पर्य क्या है?

a. पूर्व अधिनियमों के दंड को कम करना

b. केवल जुर्माना लगाना

c. अन्य अधिनियमों के बावजूद अधिक कठोर दंड लागू करना

d. केवल संपत्ति जब्त करना

 

191. आतंकवाद के आगम के प्रति निर्देश के अंतर्गत ऐसी किसी संपत्ति के प्रति, जिसका उपयोग आतंकवाद के लिए किया जाना आशयित है, निर्देश भी होगा, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 22

b. धारा 23

c. धारा 24

d. धारा 25

 

192. धारा 24 किस प्रकार का प्रावधान है?

a. दंडात्मक

b. प्रक्रिया संबंधी

c. परिभाषात्मक / व्याख्यात्मक

d. प्रशासनिक

 

193. धारा 24 के अनुसारआतंकवाद के आगममें क्या सम्मिलित माना जाएगा?

a. केवल आतंकवादी कार्य से प्राप्त संपत्ति

b. केवल नकद निधि

c. ऐसी संपत्ति जिसका उपयोग आतंकवाद के लिए किया जाना आशयित है

d. केवल जब्त की गई संपत्ति

 

194. धारा 24 किस अध्याय में प्रयुक्त शब्दों की व्याख्या करती है?

a. केवल एक धारा के लिए

b. पूरे अधिनियम के लिए

c. इस अध्याय के लिए

d. अनुसूचियों के लिए

 

195. धारा 24 के अनुसारआतंकवाद के आगमशब्द का विस्तार क्यों किया गया है?

a. दंड कम करने के लिए

b. अपराध की परिधि सीमित करने के लिए

c. आतंकवाद हेतु प्रयोजन में लाई जाने वाली संपत्ति को भी शामिल करने के लिए

d. केवल प्रक्रियात्मक सुविधा के लिए

 

196. यदि कोई संपत्ति आतंकवादी कार्य से प्राप्त नहीं हुई है लेकिन आतंकवाद के लिए उपयोग की जानी है, तो क्या वह धारा 24 के अंतर्गत आएगी?

a. नहीं, क्योंकि वह अर्जित नहीं है

b. हाँ, क्योंकि उपयोग का आशय पर्याप्त है

c. केवल जुर्माने के लिए

d. केवल चेतावनी के लिए

 

197. धारा 24 मेंजब तक कि संदर्भ से अन्यथा अपेक्षित होका क्या आशय है?

a. हमेशा लागू होगा

b. केवल न्यायालय की अनुमति से लागू होगा

c. संदर्भ के अनुसार अपवाद संभव है

d. केवल जांच एजेंसी पर लागू होगा

 

198. धारा 24 का मुख्य प्रभाव किस पर पड़ता है?

a. दंड की अवधि पर

b. “आतंकवाद के आगमकी व्याख्या पर

c. अभियोजन की प्रक्रिया पर

d. अपील के अधिकार पर

 

199. धारा 24 को समझना किस धारा के साथ विशेष रूप से आवश्यक है?

a. धारा 15

b. धारा 17

c. धारा 21

d. धारा 17 और 21

 

200. धारा 24 के अनुसार निम्न में से कौन-सी स्थिति शामिल होगी?

a. वैध व्यवसाय की संपत्ति

b. आतंकवादी कार्य के बाद खरीदी गई संपत्ति

c. आतंकवादी कार्य में उपयोग किए जाने हेतु आरक्षित संपत्ति

d. केवल जब्त संपत्ति

 

201. धारा 24 का व्यावहारिक उद्देश्य क्या है?

a. आतंकवाद से जुड़ी संपत्तियों पर नियंत्रण कमजोर करना

b. केवल अर्जित संपत्ति तक कानून सीमित करना

c. आतंकवाद के वित्तीय ढांचे को पहले चरण में ही रोकना

d. केवल सैद्धांतिक व्याख्या देना

 

202. आतंकवाद के आगमों का समपहरण, किस धारा में परिभाषित हैं?

a. धारा 22

b. धारा 23

c. धारा 24

d. धारा 24

 

203. धारा 24 के अनुसार कोई व्यक्ति आतंकवाद के आगमों को किस स्थिति में नहीं रख सकता?

a. केवल जब वह अपराधी हो

b. किसी भी स्थिति में, चाहे अपराध सिद्ध हुआ हो या नहीं

c. केवल जब वह आतंकवादी संगठन का सदस्य हो

d. केवल न्यायालय के आदेश के बिना

 

204. धारा 24 के अनुसार आतंकवाद के आगम किसके दायित्व में समपहरण किए जाएंगे?

a. केवल केंद्रीय सरकार

b. केवल राज्य सरकार

c. केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार, उपबंधित रीति में

d. केवल न्यायालय

 

205. धारा 24 के अनुसार समपहरण आदेश देने का अधिकार किसे है?

a. पुलिस अधिकारी

b. जिला मजिस्ट्रेट

c. न्यायालय, अपराध में अंतर्वलित आतंकवाद के आगमों के मूल्य के समतुल्य संपत्ति पर

d. केंद्रीय गृह सचिव

 

206. धारा 24 के अनुसार आतंकवाद के आगम किस प्रकार समपहरण किए जाएंगे?

a. केवल जब अभियोजन सफल हो

b. अपराध सिद्ध होने या होने पर भी

c. केवल आतंकवादी संगठन से प्राप्त आगम

d. केवल व्यक्तिगत अपराधियों से प्राप्त आगम

 

207. धारा 24 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. केवल आतंकवादी गतिविधियों पर नजर रखना

b. आतंकवाद से संबंधित संपत्ति का नियंत्रण और समपहरण

c. केवल अभियोजन प्रक्रिया की व्याख्या

d. आतंकवाद के कार्यों को वैध ठहराना

 

208. धारा 24 के अनुसार समपहरण में मूल्य का निर्धारण किस आधार पर होगा?

a. संपत्ति के वास्तविक बाजार मूल्य पर

b. अपराध में अंतर्वलित आतंकवाद के आगमों के मूल्य के समतुल्य संपत्ति

c. केवल नकद मूल्य पर

d. सरकारी मूल्यांकन पर

 

209. यदि कोई व्यक्ति आतंकवाद के आगम रखे हुए है, लेकिन उस पर अभियोजन नहीं हुआ है, तो क्या धारा 24 लागू होगी?

a. नहीं, जब तक अभियोजन हो

b. हाँ, चाहे अभियोजन हुआ हो या नहीं

c. केवल यदि न्यायालय आदेश दे

d. केवल केंद्रीय सरकार आदेश पर

 

210. धारा 24 के अंतर्गत समपहरण की प्रक्रिया किसके अधीन निर्धारित होगी?

a. पुलिस अधिनियम

b. अध्याय 4 और अध्याय 6 के उपबंधित प्रावधानों के अनुसार

c. दंड प्रक्रिया संहिता

d. केंद्रीय गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार

 

211. अन्वेषण अधिकारी और अभिहित प्राधिकारी की शक्तियां और अभिहित प्राधिकारी के आदेश के विरुद्ध अपील, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 25

b. धारा 26

c. धारा 27

d. धारा 28

 

212. यदि अन्वेषण अधिकारी को संदेह है कि कोई संपत्ति आतंकवाद से संबंधित है, तो वह क्या कर सकता है?

a. संपत्ति को बिना अनुमति के अंतरित कर सकता है

b. संबंधित राज्य के पुलिस महानिदेशक की लिखित पूर्व अनुमोदन से संपत्ति का अभिग्रहण या कुर्की का आदेश देगा

c. केवल संपत्ति का निरीक्षण कर सकता है

d. न्यायालय के आदेश के बिना कुर्की कर सकता है

 

213. अन्वेषण अधिकारी को कुर्क की गई संपत्ति की सूचना कितने समय में अभिहित प्राधिकारी को देनी होती है?

a. 24 घंटे

b. 36 घंटे

c. 48 घंटे

d. 72 घंटे

 

214. अभिहित प्राधिकारी को अभिग्रहण या कुर्की के आदेश की पुष्टि या प्रतिसंहृत करने के लिए कितने दिन मिलते हैं?

a. 30 दिन

b. 45 दिन

c. 60 दिन

d. 90 दिन

 

215. अभिहित प्राधिकारी के आदेश से व्यथित व्यक्ति कितने दिनों के भीतर न्यायालय में अपील कर सकता है?

a. 15 दिन

b. 30 दिन

c. 45 दिन

d. 60 दिन

 

216. अन्वेषण अधिकारी द्वारा अभिगृहीत नकदी कितने समय तक बिना अभिहित प्राधिकारी की अनुमति के प्रतिधृत की जा सकती है?

a. 24 घंटे

b. 36 घंटे

c. 48 घंटे

d. 72 घंटे

 

217. धारा 25 में "नकदी" के अंतर्गत क्या आता है?

a. केवल नोट और सिक्के

b. नोट, सिक्के, पोस्टल आर्डर, यात्री चैक, क्रेडिट/डेबिट कार्ड, बैंक ड्राफ्ट और अन्य धन संबंधी लिखतें

c. केवल बैंक ड्राफ्ट

d. केवल क्रेडिट कार्ड

 

218. कुर्की या अभिग्रहण के आदेश को प्रतिसंहृत करने पर न्यायालय क्या कर सकता है?

a. केवल आदेश को स्थगित कर सकता है

b. आदेश की पुष्टि या प्रतिसंहृत कर सकता है और संपत्ति को मुक्त कर सकता है

c. आदेश की पुष्टि कर सकता है लेकिन संपत्ति को मुक्त नहीं कर सकता

d. केवल संपत्ति को कुर्क कर सकता है

 

219. यदि संपत्ति को अभिहित प्राधिकारी के समक्ष पेश किया गया है, तो स्थावर संपत्ति के मामले में कब इसे पेश किया गया माना जाएगा?

a. जब अन्वेषण अधिकारी कुर्की करे

b. जब अभिहित प्राधिकारी आदेश पारित करे

c. जब अन्वेषण अधिकारी अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत कर अभिहित प्राधिकारी के समक्ष कार्यवाही के लिए रखे

d. जब न्यायालय निर्देश दे

 

220. न्यायालय द्वारा आतंकवाद के आगमों के समपहरण का आदेश दिया जाना, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 25

b. धारा 26

c. धारा 27

d. धारा 28

 

221. न्यायालय किस आधार पर किसी संपत्ति के समपहरण का आदेश दे सकता है?

a. यदि संपत्ति किसी व्यक्ति की निजी संपत्ति है

b. यदि संपत्ति धारा 25 के अनुसार अभिगृहीत या कुर्क की गई है और आतंकवाद के आगम का गठन करती है

c. यदि संपत्ति किसी अपराध में इस्तेमाल हुई है लेकिन आतंकवाद से संबंधित नहीं है

d. केवल तब जब आरोपी को अपराध के लिए अभियोजित किया गया हो

 

222. क्या न्यायालय को समपहरण का आदेश देने के लिए यह आवश्यक है कि उस व्यक्ति के खिलाफ अध्याय 4 या 6 के तहत अभियोजन हो?

a. हाँ, हमेशा आवश्यक है

b. नहीं, अभियोजन आवश्यक नहीं है

c. केवल अगर संपत्ति नकदी है

d. केवल अगर संपत्ति स्थावर है

 

223. धारा 26 के अंतर्गत न्यायालय किस प्रकार की संपत्ति के समपहरण का आदेश दे सकता है?

a. केवल स्थावर संपत्ति

b. केवल नकदी

c. कोई भी संपत्ति जिसे आतंकवाद के आगम के रूप में माना गया हो

d. केवल ऐसे सामान जिनका मूल्य पाँच लाख रुपए से अधिक हो

 

224. न्यायालय द्वारा संपत्ति के समपहरण का आदेश किसकी पुष्टि पर निर्भर करता है?

a. अन्वेषण अधिकारी की रिपोर्ट

b. पुलिस महानिदेशक का आदेश

c. धारा 25 की उपधारा के अनुसार अभिग्रहण या कुर्की के आदेश की पुष्टि

d. केंद्रीय सरकार के लिखित आदेश

 

225. न्यायालय का आदेश संपत्ति के समपहरण के संबंध में किस पर लागू होता है?

a. केवल अभियुक्त व्यक्ति पर

b. किसी भी व्यक्ति पर, चाहे उसे अभियोजन का सामना करना पड़ रहा हो या नहीं

c. केवल सरकारी संस्थाओं पर

d. केवल विदेशी नागरिकों पर

 

226. आतंकवाद के आगमों के समपहरण से पूर्व हेतुक दर्शित करने की सूचना का जारी किया जाना, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 25

b. धारा 26

c. धारा 27

d. धारा 28

 

227. धारा 27(1) के अनुसार, धारा 26 के अंतर्गत आतंकवाद के आगमों के समपहरण का आदेश कब तक नहीं दिया जाएगा?

a. जब तक संपत्ति का मूल्यांकन पूरा हो

b. जब तक संपत्ति धारक को समपहरण के आधारों की सूचना और लिखित पक्षकथन का अवसर दिया जाए

c. जब तक संपत्ति का विक्रय आदेश जारी किया जाए

d. जब तक संपत्ति को कुर्क किया जाए

 

228. धारा 27(1) के अनुसार, व्यक्ति को किस प्रकार का अवसर दिया जाना चाहिए?

a. संपत्ति बेचने का अवसर

b. समपहरण के आधारों के विरुद्ध लिखित पक्षकथन प्रस्तुत करने और सुनवाई का अवसर

c. संपत्ति का मूल्यांकन कराने का अवसर

d. संपत्ति सुरक्षित रखने का अवसर

 

229. धारा 27(2) के अनुसार, समपहरण आदेश कब नहीं दिया जाएगा?

a. यदि संपत्ति नकद है

b. यदि व्यक्ति यह साबित कर देता है कि उसने संपत्ति को यह जानकर रखा कि यह आतंकवाद के आगम हैं

c. यदि संपत्ति नाश होने योग्य है

d. यदि संपत्ति किसी अन्य राज्य में स्थित है

 

230. न्यायालय किस प्रकार की संपत्ति के लिए विक्रय आदेश दे सकता है?

a. नकद संपत्ति

b. विनश्वर संपत्ति, जिसमें दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 459 (भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 505)

c. संपत्ति जो किसी कंपनी के नाम है

d. संपत्ति जो किसी अन्य राज्य में है

 

231. नाश होने वाली संपत्ति के संबंध में न्यायालय क्या कर सकता है?

a. संपत्ति का कुर्की कर सकता है

b. केंद्रीय या राज्य सरकार के किसी अधिकारी को संपत्ति के प्रशासक के कृत्य का पालन करने के लिए नामित कर सकता है

c. संपत्ति का तुरंत विक्रय आदेश दे सकता है

d. संपत्ति धारक से संपत्ति ले सकता है

 

232. यदि संपत्ति धारक यह साबित करता है कि उसने संपत्ति को यह जानकर रखा कि यह आतंकवादी आगम हैं, तो क्या होगा?

a. संपत्ति को कुर्क किया जाएगा

b. समपहरण आदेश जारी नहीं किया जाएगा

c. संपत्ति को बेच दिया जाएगा

d. संपत्ति को केंद्रीय सरकार के पास ले जाया जाएगा

 

233. नाश होने वाली संपत्ति का प्रशासन करने के लिए न्यायालय किसे नामित कर सकता है?

a. संपत्ति धारक

b. केंद्रीय सरकार या राज्य सरकार का अधिकारी

c. पुलिस अधिकारी

d. संपत्ति के विक्रेता

 

234. धारा 27 में कौन सा सिद्धांत सुनिश्चित किया गया है?

a. संपत्ति का तुरंत कुर्की

b. संपत्ति का मूल्यांकन

c. प्राकृतिक न्याय और प्रक्रियात्मक न्याय

d. संपत्ति के विक्रय का अधिकार

 

235. अपील, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 25

b. धारा 26

c. धारा 27

d. धारा 28

 

236. धारा 28(1) के अनुसार, धारा 26 के अधीन समपहरण के आदेश से व्यथित व्यक्ति किसे अपील कर सकता है?

a. जिला न्यायालय

b. उच्च न्यायालय

c. सर्वोच्च न्यायालय

d. केंद्रीय सरकार

 

237. अपील करने की समय सीमा धारा 28(1) के अनुसार क्या है?

a. आदेश की प्राप्ति की तारीख से 15 दिन

b. आदेश की प्राप्ति की तारीख से 30 दिन

c. आदेश की प्राप्ति की तारीख से 45 दिन

d. आदेश की प्राप्ति की तारीख से 60 दिन

 

238. धारा 28(2) के अनुसार, यदि उच्च न्यायालय द्वारा आदेश को उपांतरित या रद्द किया जाता है, तो क्या होगा?

a. संपत्ति को कुर्क किया जाएगा

b. संपत्ति को वापस कर दिया जाएगा

c. संपत्ति की बिक्री की जाएगी

d. संपत्ति को सरकार के पास रखा जाएगा

 

239. यदि किसी कारणवश समपहृत संपत्ति को वापस करना संभव हो, तो धारा 28(2) के अनुसार क्या किया जाएगा?

a. संपत्ति को नष्ट कर दिया जाएगा

b. व्यक्ति को उसकी कीमत संगणित युक्तियुक्त व्याज के साथ दी जाएगी

c. संपत्ति को केंद्रीय सरकार के पास रख लिया जाएगा

d. संपत्ति का कोई उपाय नहीं किया जाएगा

 

240. धारा 28 के अनुसार, अपील किस न्यायालय की अधिकारिता में की जाएगी?

a. उसी न्यायालय की, जिसने आदेश पारित किया था

b. किसी भी जिला न्यायालय की

c. सर्वोच्च न्यायालय की

d. राज्य सरकार के निर्णयाधीन न्यायालय की

 

241. धारा 28(2) में, यदि संपत्ति वापस नहीं की जा सकती है, तो उसकी कीमत कैसे निर्धारित की जाएगी?

a. बाजार मूल्य के अनुसार

b. केंद्र सरकार के मूल्यांकन के अनुसार, युक्तियुक्त व्याज सहित

c. पुलिस द्वारा तय मूल्य

d. संपत्ति धारक द्वारा तय मूल्य

 

242. धारा 28 में अपील करने का अधिकार किसके पास है?

a. केवल केंद्रीय सरकार

b. उस व्यक्ति के पास, जिसके विरुद्ध धारा 26 के तहत समपहरण आदेश पारित हुआ है

c. न्यायालय

d. पुलिस

 

243. यदि व्यक्ति को दोषमुक्त कर दिया जाता है, तो उसके पास क्या अधिकार होगा?

a. उसे जुर्माना देना होगा

b. उसे समपहृत संपत्ति वापस मिल जाएगी

c. उसे केवल ब्याज मिलेगा

d. उसे केवल सरकारी आदेश मानना होगा

 

244. धारा 28 का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. संपत्ति का तुरंत कुर्की

b. संपत्ति धारक को न्यायालय में अपील और पुनर्वित्त का अधिकार देना

c. पुलिस को अधिक अधिकार देना

d. केंद्रीय सरकार को संपत्ति का अधिकार देना

 

245. धारा 28(2) के अनुसार, समपहरण की तारीख से संगणित किया जाने वाला व्याज किस पर आधारित होगा?

a. संपत्ति के बाजार मूल्य पर

b. समपहरण की तारीख से व्यक्त को भुगतान करने योग्य राशि पर

c. केंद्रीय बैंक की दर पर

d. संपत्ति की खरीद मूल्य पर

 

246. समपहरण के आदेश का अन्य दंडों में बाधा डालना, किस धारा से सम्बंधित हैं

a. धारा 31

b. धारा 30

c. धारा 29

d. धारा 28

 

247. धारा 29 के अनुसार, समपहरण का आदेश किस पर प्रभाव नहीं डालता?

a. अपील के अधिकार पर

b. अभियोजन की प्रक्रिया पर

c. अन्य दंडों के अधिरोपण पर

d. संपत्ति की कुर्की पर

 

248. न्यायालय द्वारा किया गया समपहरण का आदेश किस भाग के अधीन माना जाता है?

a. अध्याय 3

b. अध्याय 4

c. इस भाग के अधीन

d. अध्याय 7

 

249. धारा 29 के अनुसार, समपहरण का आदेश किस अध्याय के अंतर्गत दायित्व से व्यक्ति को मुक्त नहीं करता?

a. केवल अध्याय 4

b. केवल अध्याय 6

c. अध्याय 4 और अध्याय 6 दोनों

d. केवल अध्याय 5

 

250. यदि किसी व्यक्ति के विरुद्ध समपहरण का आदेश पारित हो गया है, तो क्या उसे अन्य दंड भी दिए जा सकते हैं?

a. नहीं, समपहरण ही अंतिम दंड है

b. हाँ, अन्य दंड भी अधिरोपित किए जा सकते हैं

c. केवल आर्थिक दंड दिया जा सकता है

d. केवल चेतावनी दी जा सकती है

 

251. धारा 29 किस सिद्धांत को स्पष्ट करती है?

a. दोहरा दंड निषिद्ध है

b. समपहरण एकमात्र दंड है

c. समपहरण और दंड समानांतर चल सकते हैं

d. अभियोजन की समाप्ति

 

252. धारा 29 के अनुसार, समपहरण का आदेश किसे निवारित नहीं करता?

a. संपत्ति की वापसी

b. अन्य दंडों का अधिरोपण

c. अपील का अधिकार

d. न्यायिक समीक्षा

 

253. तीसरे पक्षकार द्वारा दावे, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 31

b. धारा 30

c. धारा 29

d. धारा 28

 

254. धारा 30 के अंतर्गत तीसरे पक्षकार द्वारा दावा कब किया जाता है?

a. जब अभियुक्त दोषसिद्ध हो चुका हो

b. जब संपत्ति आतंकवाद के आगमों से अर्जित हो

c. जब संपत्ति समपहरण या कुर्की के लिए दायी हो

d. जब संपत्ति पहले ही नष्ट हो चुकी हो

 

255. धारा 25 के अधीन कुर्क या समपहरित संपत्ति पर किए गए दावे का अन्वेषण कौन करता है?

a. अन्वेषण अधिकारी

b. न्यायालय

c. अभिहित प्राधिकारी

d. राज्य सरकार

 

256. अभिहित प्राधिकारी किस स्थिति में दावा या आक्षेप का अन्वेषण नहीं करेगा?

a. जब दावा मौखिक हो

b. जब दावा विलंब से प्रस्तुत किया गया हो

c. जब दावा अनावश्यक विलंब कराने के उद्देश्य से किया गया हो

d. जब संपत्ति चल संपत्ति हो

 

257. धारा 30(1) के अंतर्गत दावा किस संपत्ति के संबंध में किया जा सकता है?

a. केवल चल संपत्ति

b. केवल स्थावर संपत्ति

c. कुर्क या समपहरणाधीन संपत्ति

d. केवल सरकारी संपत्ति

 

258. धारा 30(2) के अनुसार दावाकर्ता को क्या सिद्ध करना होता है?

a. अभियुक्त निर्दोष है

b. संपत्ति आतंकवाद से संबंधित है

c. संपत्ति इस अध्याय के अधीन समपहरण योग्य नहीं है

d. कुर्की आदेश अवैध है

 

259. धारा 30(2) किस अवस्था में लागू होती है?

a. जब न्यायालय दोषसिद्धि कर दे

b. जब धारा 25(6) के अधीन अपील की गई हो

c. जब अभियोजन वापस ले लिया जाए

d. जब संपत्ति नीलाम हो जाए

 

260. यदि दावाकर्ता यह सिद्ध कर देता है कि संपत्ति समपहरण योग्य नहीं है, तो क्या होगा?

a. कुर्की आदेश की पुष्टि होगी

b. संपत्ति नीलाम कर दी जाएगी

c. धारा 27 के अधीन जारी सूचना वापस या संशोधित की जाएगी

d. अभियोजन समाप्त कर दिया जाएगा

 

261. धारा 30 के अंतर्गत दावा करने का अधिकार किसे है?

a. केवल अभियुक्त को

b. केवल सरकारी अधिकारी को

c. तीसरे पक्षकार को

d. केवल अन्वेषण अधिकारी को

 

262. धारा 30 के अंतर्गत दावा करने का मुख्य उद्देश्य क्या है?

a. अभियोजन की वैधता को चुनौती देना

b. संपत्ति को समपहरण या कुर्की से बचाना

c. अपील की समय-सीमा बढ़ाना

d. दोषमुक्ति प्राप्त करना

 

263. धारा 30 में किस प्राधिकारी को यह तय करने का विवेकाधिकार दिया गया है कि दावा अन्वेषण योग्य है या नहीं?

a. न्यायालय

b. अन्वेषण अधिकारी

c. अभिहित प्राधिकारी

d. राज्य सरकार

 

264. अभिहित प्राधिकारी की शक्तियां, किस धारा से सम्बंधित हैं?

a. धारा 31

b. धारा 30

c. धारा 29

d. धारा 28