
रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908
THE REGISTRATION ACT, 1908
1. रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 कब लागू हुआ?
a. 10 जनवरी, 1909
b. 1 जनवरी, 1910
c. 1 जनवरी, 1909
d. 10 मार्च, 1909
2. रजिस्ट्रेशन का उद्देश्य है -
a. चल या अचल सम्पत्ति के अन्तरण में धोखा न हो
b. अचल सम्पत्ति के अन्तरण में किसी भी पक्षकार को धोखा और किसी प्रकार की क्षति न हो
c. पक्षकारों के पास क्रय-विक्रय का दस्तावेजी प्रमाण रहे
d. उपर्युक्त सभी
3. 'रजिस्ट्रेशन' शब्द परिभाषित है -
a. धारा 3 में
b. धारा 2 में
c. प्रस्तावना में
d. (a) एवं (b) दोनों में
4. रजिस्ट्रेशन अधिनियम है -
a. पूर्णतया समेकित बिल
b. अंशतः समेकित बिल
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
5. रजिस्ट्रेशन अधिनियम का सम्बन्ध है -
a. कानून या परम्परागत प्रचलन के अधीन संव्यवहारों के सम्बन्ध में
b. उन संव्यवहारों से जिसका कोई प्रत्यक्ष सम्बन्ध नहीं
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (a)
6. रजिस्ट्रीकरण अधिनियम है -
a. सामान्य विधि
b. स्थानीय विधि
c. विशेष विधि
d. उपर्युक्त सभी
7. रजिस्ट्रीकरण अधिनियम का विस्तार जम्मू-काश्मीर राज्य के सिवाय सम्पूर्ण भारत पर है लेकिन देश के किन्हीं जिलों या भूखण्डों को इसके प्रवर्तन से अपवर्जित करने की शक्ति किसे प्राप्त है-
a. राज्य सरकार को
b. उच्चतम न्यायालय को
c. केन्द्रीय सरकार को
d. उच्च न्यायालय को
8. पट्टे के अन्तर्गत शामिल है-
a. कबूलियत
b. कृषि अथवा दखल के लिए वचनदान
c. पट्टे के लिए करार
d. उपर्युक्त सभी
9. जंगम सम्पत्ति के अन्तर्गत सम्मिलित है -
a. खड़ी इमारती लकड़ी
b. उगती फसलें
c. घास
d. उपर्युक्त सभी
10. रजिस्ट्रेशन अधिनियम के अन्तर्गत परिभाषित है -
a. जंगम सम्पत्ति
b. पट्टा
c. स्थावर सम्पत्ति
d. उपर्युक्त सभी
11. चल सम्पत्ति है-
a. वंशानुगत भत्ते
b. पदाधिकार
c. खड़ी इमारती लकड़ी
d. प्रकाश
12. स्थावर सम्पत्ति नहीं है-
a. नौका घाट
b. मत्स्य कर्म
c. वंशानुगत भत्ते
d. घास
13. रजिस्ट्रीकरण महानिरीक्षक की नियुक्ति कौन करता है?
a. राज्य सरकार
b. केन्द्र सरकार
c. उच्च न्यायालय
d. कलेक्टर
14. रजिस्ट्रीकरण महानिरीक्षक सरकार के अधीन कोई अन्य पद-
a. धारण नहीं कर सकेगा
b. धारण कर सकेगा
c. धारण नहीं करेगा
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
15. प्रतिनिधि के अन्तर्गत आते हैं -
a. अप्राप्तवय का संरक्षण
b. पागल का सुपुर्ददार
c. अन्य विधिक प्रबन्धक
d. उपरोक्त सभी
16. रजिस्ट्रीकरण महानिरीक्षक की नियुक्ति के सम्बन्ध में प्रावधान है -
a. धारा 4
b. धारा 3
c. धारा 5
d. धारा 6
17. राज्य सरकार रजिस्ट्रार तथा उपरजिस्ट्रार की नियुक्ति करती है -
a. धारा 7 के अन्तर्गत
b. धारा 8 के अन्तर्गत
c. धारा 5 के अन्तर्गत
d. धारा 6 के अन्तर्गत
18. निरीक्षक किसके अधीनस्थ होता है?
a. महानिरीक्षक के
b. राज्य सरकार के
c. कलेक्टर के
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
19. राज्य सरकार जब उप-रजिस्ट्रार को रजिस्ट्रार की शक्तियों को सुनने के लिए प्राधिकृत कर देती है तो प्राधिकृत उप रजिस्ट्रार -
a. अपने द्वारा दिये गये आदेश के विरुद्ध अपील सुन सकता है
b. अपने द्वारा दिये गये आदेश के विरुद्ध अपील नहीं सुन सकता है
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
20. जब रजिस्ट्रार अनुपस्थित है या उसका पद रिक्त हो जाता है तो उसके पद पर कौन करता है?
a. जब महानिरीक्षक द्वारा रजिस्ट्रार की नियुक्ति के अभाव में उस जिले का न्यायाधीश
b. कोई व्यक्ति जिसे महानिरीक्षक नियुक्त करे
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (a)
21. रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में उसके पद पर कार्य करने वाला व्यक्ति कब तक रजिस्ट्रार के स्थान पर कार्य करता है -
a. जब तक राज्य सरकार रिक्त स्थान की पूर्ति नहीं कर देती
b. अनुपस्थिति के दौरान
c. यथास्थिति (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
22. उस जिले का जिसके अन्तर्गत प्रेसीडेन्सी नगर है रजिस्ट्रार अपने जिले में कर्त्तव्यारूण से अनुपस्थित होने से अन्यथा अनुपस्थित है या जब उसका पद रिक्त है तब उसके पद पर कौन कार्य करेगा?
a. जिले का न्यायाधीश
b. वह व्यक्ति जिसे महानिरीक्षक नियुक्त करे
c. (a) एवं (b) दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
23. निम्नलिखित कथनों में सत्य कथन है-
a. जब कि कोई रजिस्ट्रार उस जिले के जिसके अन्तर्गत प्रेसीडेन्सी नगर आता है यदि महानिरीक्षक किसी व्यक्ति को रजिस्ट्रार नियुक्त नहीं करता है तो जिसे का न्यायाधीश रजिस्ट्रार के पद पर कार्य कर सकता है।
b. यदि जिला जिसके अन्तर्गत प्रेसीडेन्सी नगर आता है जिले का न्यायाधीश रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में रजिस्ट्रार के पद पर कार्य नहीं कर सकता।
c. रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में महानिरीक्षक द्वारा नियुक्त व्यक्ति उसके स्थान पर कार्य करता है
d. उपर्युक्त सभी
24. जिले का न्यायाधीश, रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में या उसका पद अस्थायी रूप से रिक्त होने पर रजिस्ट्रार हो सकता है?
a. धारा 10 के अन्तर्गत
b. धारा 13 के अन्तर्गत
c. धारा 15 के अन्तर्गत
d. धारा 17 के अन्तर्गत
25. रजिस्ट्रार के अपने जिले में कर्तव्यारूढ़ होने के कारण अपने कार्यालय के लिए कर्तव्यों का पालन करने के लिए उप रजिस्ट्रार या अन्य व्यक्ति की नियुक्ति रजिस्ट्रार करता है -
a. धारा 14 के अन्तर्गत
b. धारा 13 के अन्तर्गत
c. धारा 11 के अन्तर्गत
d. धारा 12 के अन्तर्गत
26. जब रजिस्ट्रार अपने जिले में कर्तव्यारूढ़ होने के कारण अपने कार्यालय से अनुपस्थित है तो वह नियुक्त कर सकेगा -
a. उपरजिस्ट्रार को
b. किसी अन्य व्यक्ति को
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (a)
27. उप रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में या जब उसका पद अस्थायी रूप से रिक्त है तब अनुपस्थिति में दौरान या जब तक कि रिक्त स्थानों की पूर्ति न हो जाये उप रजिस्ट्रार होगा -
a. वह व्यक्ति जिसे राज्य सरकार नियुक्ति करती है
b. जिसे जिला न्यायाधीश नियुक्ति करता है
c. वह व्यक्ति जिसे उस जिले का रजिस्ट्रार नियुक्त करता है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
28. रजिस्ट्रार की अनुपस्थिति में या उसके पद रिक्त होने की स्थिति में महानिरीक्षक अन्य व्यक्ति की नियुक्ति का प्रतिवेदन करेगा -
a. जिला न्यायाधीश से
b. राज्य सरकार से
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
29. पुस्तकों को कम्प्यूटर फ्लॉपियों और डिस्केट्सों इत्यादि में रखने का प्रावधान किस धारा में है-
a. धारा 17
b. धारा 16 क
c. धारा 18
d. धारा 32
30. अग्निसह सन्दूक (Fireproof box) का प्रयोग होता है-
a. सभी कार्यालयी दस्तावेज रखने के लिए
b. रजिस्ट्रीकरण अभिलेखों की अभिरक्षा में
c. फाइलों को रखने के लिए
d. (a) एवं (b) दोनों
31. रजिस्ट्रीकरण एवं अन्य सम्बन्धित विधियों (संशोधित) अधिनियम, 2001 द्वारा निम्न में से कौन सी धारा जोड़ी गयी -
a. धारा 16क
b. धारा 23क
c. धारा 32 क
d. उपर्युक्त सभी
32. रजिस्ट्रेशन अधिनियम की किस धारा के अन्तर्गत दस्तावेजों का रजिस्ट्रीकरण अनिवार्य बनाया गया है-
a. धारा 16
b. धारा 17
c. धारा 18
d. धारा 19
33. रजिस्ट्रीकरण अधिनियम की धारा 17 के अन्तर्गत निम्नलिखित में से किन दस्तावेजों का रजिस्ट्रीकरण अनिवार्य नहीं है?
a. सरकार द्वारा स्थावर सम्पत्ति के किसी दान पर
b. वार्षिक भाटक को रक्षित रखने वाला स्थावर सम्पत्ति का पट्टा
c. ऐसे निर्वसीयती लिखत का जिसमें स्थावर सम्पत्ति का मूल्य एक सौ रुपये या अधिक है
d. स्थावर सम्पत्ति का दान की लिखतों का
34. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 53-क (Part-performance) के सम्बन्ध में सत्य कथन है-
a. रजिस्ट्रीकरण एवं अन्य सम्बन्धित विधियाँ (संशोधित) अधिनियम, 2001 के आरम्भ पर या पश्चात् अचल सम्पत्ति के प्रतिफल के अन्तरण की संविदाओं को पंजीकृत किया जाना आवश्यक है
b. अचल सम्पत्ति के प्रतिफल के अन्तरण की संविदाओं को पंजीकृत न होने पर धारा 53क के प्रयोजनों के लिए उसका कोई प्रभाव नहीं होगा
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (a)
35. निम्न कथनों में असत्य कथन है-
a. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 53-क के अन्तर्गत विनिर्दिष्ट दस्तावेजों के अलावा किसी अन्य दस्तावेज की जो एक सौ रुपये से कम मूल्य के अधिकार या हित घोषित करती हो रजिस्ट्री आवश्यक नहीं
b. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम धारा 53-क के प्रयोजनों के लिए किसी अचल सम्पत्ति के प्रतिफल के लिए अन्तरण की संविदाओं से सम्बन्धित दस्तावेज का रजिस्ट्रीकरण अनिवार्य है चाहे स्थावर सम्पत्ति के सम्बन्ध में एक सौ रुपये या उससे कम मूल्य का कोई अधिकार या हित सृष्ट करती हो
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
36. निम्नलिखित कथनों में असत्य कथन है-
a. स्थावर सम्पत्ति के अन्तरण के सम्बन्ध में ऐसे लिखत जिसमें सम्पत्ति का मूल्य 100 रुपये से कम है रजिस्ट्रेशन आवश्यक नहीं है
b. एक वर्ष तक के रक्षित रखने वाले स्थावर सम्पत्ति के पट्टे का रजिस्ट्रेशन आवश्यक नहीं है
c. प्रशमन विलेख की रजिस्ट्री अनिवार्य है
d. स्थावर सम्पत्ति के 5 वर्ष से अनधिक अवधि के लिए पट्टा किया गया हो और रक्षित रखा गया भाटक पचास रुपये से अनधिक है ऐसे दस्तावेज के रजिस्ट्रेशन से छूट राज्य सरकार दे सकती है
37. निम्नलिखित दस्तावेज की रजिस्ट्रीकरण आवश्यक है-
a. संयुक्त निधिपत्र समयाव में के अंशों से सम्बन्धित लिखत की
b. राजस्व पदाधिकारी द्वारा किये गये विभाजन की किसी लिखत की
c. समझौते के आधार पर पारित की गयी डिक्री या आदेश की
d. असैनिक या राजस्व पदाधिकारी द्वारा सार्वजनिक नीलाम द्वारा विक्रीत किसी सम्पत्ति के क्रेता को अनुदत्त किसी विक्रय प्रमाण-पत्र की
38. निम्नलिखित लिखत का रजिस्ट्रेशन आवश्यक है-
a. बन्धक विलेख पर के किसी पृष्ठांकन को जिससे पूरे बन्धक धन या उसके किसी भाग की देनगी अभिस्वीकृति है और बन्धक के अधीन शोध्य धन की देनगी के लिए उस सूरत में से अन्य किसी पावती को जिसमें कि पावती से यह प्रकटतः अभिप्रेत है कि वह बन्धक का निर्वापन करती है
b. सरकार द्वारा स्थावर सम्पत्ति के किसी अनुदान को
c. दत्तक ग्रहण के लिए जो अधिकार एक जनवरी 1872 के पश्चात् निष्पादित हुए हैं और इच्छा पत्र द्वारा प्रदत्त नहीं है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
39. वैकल्पिक रजिस्ट्रेशन का प्रावधान करती है-
a. धारा 18
b. धारा 20
c. धारा 21
d. धारा 22
40. निम्नलिखित किन दस्तावेजों का रजिस्ट्रीकरण वैकल्पिक है-
a. वसीयत
b. एक वर्ष से अनधिक की किसी अवधि के लिए पट्टे
c. धारा 17 के अन्तर्गत छूट प्राप्त पट्टे
d. ऐसे सब दस्तावेजें जिनका रजिस्ट्रीकरण धारा 17 द्वारा अपेक्षित नहीं है
e. उपर्युक्त सभी
41. निम्नलिखित दस्तावेजों की रजिस्ट्री आवश्यक है-
a. इच्छापत्र (Wills)
b. एक वर्ष से अनधिक की किसी अवधि के लिए स्थावर सम्पत्ति के पट्टे
c. स्थावर सम्पत्ति के दान की लिखतों का
d. ऐसी लिखतों का जो ऐसे किसी अधिकार या हित के सृजन या निर्वापन लेखे किसी प्रतिफल की प्राप्ति या देनगी अभिस्वीकार करती है
42. रजिस्ट्रेशन के लिए पेश की दस्तावेज की भाषा रजिस्ट्रार नहीं समझता है और भाषा ऐसी है कि जिले में सामान्यतः प्रयुक्त नहीं की जाती तब रजिस्ट्रार -
a. यदि लिखत के साथ जिले में सामान्यतः प्रयुक्त की जाने वाली भाषा में उसका सही अनुवाद और उसकी सत्य प्रतिलिपि संलग्न करता है तो रजिस्ट्रीकरण से इन्कार नहीं करेगा
b. लिखत का रजिस्ट्रीकरण करने से इन्कार कर देगा
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
43. निम्नलिखित दस्तावेज की रजिस्ट्री आवश्यक नहीं (वैकल्पिक) है-
a. इच्छापत्रों से भिन्न ऐसी लिखतें जिनसे प्रकटतः अभिप्रेत है या जिनका प्रवर्तन ऐसा है कि वे जंगम सम्पत्ति से सम्बद्ध या में कोई अधिकार या हक स्पष्ट या घोषित करती है।
b. न्यायालय की किसी आज्ञप्ति या आदेश का या किसी पंचाट के हस्तान्तरण करने वाली लिखते जिनका प्रवर्तन ऐसा है कि वह स्थावर सम्पत्ति से सम्बद्ध एक सौ रुपये से कम मूल्य का कोई अधिकार घोषित करती है
c. दान या इच्छा पत्रों की लिखतों से भिन्न वे लिखतें, जिनका प्रवर्तन ऐसा है कि वे स्थावर सम्पत्ति से सम्बद्ध एक सौ रुपये से कम मूल्य का अधिकार घोषित या समनुदेशित करती हो
d. उपर्युक्त सभी
44. यदि दस्तावेज में खाली स्थान (blank) है तो रजिस्ट्रार -
a. ऐसे दस्तावेज को प्रतिगृहित करने से इन्कार कर सकता है
b. अपने आद्याक्षरों या हस्ताक्षरों से अभिप्रमाणित करेगा
c. इस बाबत टिप्पणी रजिस्ट्रर में दर्ज करेगा
d. उपर्युक्त सभी
45. रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 के किस धारा में कहा गया है कि किसी दस्तावेज को रजिस्ट्रीकरण के लिए तब तक प्रतिगृहीत नहीं किया जायेगा जब तक कि दस्तावेज में सम्पत्ति का अभिवर्णन, नक्शें और प्लान का वर्णन अन्तर्विष्ट न हो -
a. धारा 22
b. धारा 21
c. धारा 20
d. धारा 23
46. दस्तावेज को रजिस्ट्रेशन के लिए समुचित प्राधिकारी के समक्ष प्रस्तुत की जायेगी -
a. निष्पादन की तारीख से 6 महीने के अन्दर
b. निष्पादन की तारीख से 4 महीने के अन्दर
c. निष्पादन की तारीख से 2 महीने के अन्दर
d. निष्पादन की तारीख से 3 महीने के अन्दर
47. दस्तावेजों को रजिस्ट्रीकरण के लिए निष्पादन की तारीख से 4 महीने के भीतर समुचित प्राधिकार के प्रस्तुत कर दी जानी चाहिए तभी दस्तावेज प्रतिगृहीत किया जायेगा, उपबन्ध है-
a. धारा 23 के अन्तर्गत
b. धारा 22 के अन्तर्गत
c. धारा 25 के अन्तर्गत
d. धारा 24 के अन्तर्गत
48. आज्ञप्ति या आदेश की प्रति रजिस्ट्रेशन के लिए समुचित प्राधिकारी के समक्ष पेश किया जाना चाहिए-
a. जहाँ आज्ञप्ति या आदेश अपीलीय है, वहाँ अपने अन्तिम होने की तारीख से चार महीने के भीतर
b. आज्ञप्ति या आदेश के दिवस से चार महीने के भीतर
c. (a) एवं (b)
d. केवल (a)
49. दस्तावेज को रजिस्ट्रेशन के लिए निष्पादन की तारीख से चार महीने के भीतर प्रस्तुत की जायेगी-
a. उप-रजिस्ट्रार के समक्ष
b. रजिस्ट्रार के समक्ष
c. समुचित प्राधिकारी के समक्ष
d. उपर्युक्त सभी के समक्ष
50. दस्तावेज पुनः रजिस्ट्रेशन की माँग कब की जाती है?
a. जब रजिस्ट्रेशन के लिए अपेक्षित दस्तावेज रजिस्ट्रार या उपरजिस्ट्रार द्वारा ऐसी व्यक्ति से प्रतिगृहित रजिस्ट्रीकृत कर दी जाती है जो सम्यकरूपण सशक्त नहीं है
b. ऐसे रजिस्ट्रार द्वारा रजिस्ट्री कर ली जाती है जो सशक्त नहीं है
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
51. पुनः रजिस्ट्रेशन का उपबन्ध किस धारा में है-
a. धारा 23
b. धारा 21
c. धारा 23-क
d. धारा 23
52. दस्तावेज का रजिस्ट्रेशन ऐसे व्यक्ति द्वारा पेश किये जाने पर जो वे दस्तावेज उपस्थित करने के लिए समक्ष नहीं है कर दी जाती है तो ऐसे दस्तावेज के अधीन दावा करने वाला कोई व्यक्ति अपने को प्रथम बार जानकारी मिलने पर दस्तावेज को पुनः रजिस्ट्रेशन के लिए प्रस्तुत करेगा -
a. जिले के उपरजिस्ट्रार के समक्ष
b. जिले के रजिस्ट्रार के कार्यालय में
c. जिले के रजिस्ट्रार के समक्ष
d. (a) या (b) या (c) के समक्ष
53. दस्तावेजों के पुनः रजिस्ट्रेशन के सम्बन्ध में सत्य कथन है-
a. दस्तावेज के पुनः रजिस्ट्रीकरण का दावा वही व्यक्ति करता है जो दस्तावेज के अधीन दावा करने के लिए सम्यरूपेण सशक्त हो
b. दस्तावेज को पुनः रजिस्ट्रीकरण कर लिये जाने पर यह माना जायेगा कि वह अनुज्ञात समय के भीतर (निष्पादन की तारीख से 4 महीने के भीतर) उपस्थित किया गया है
c. रजिस्ट्रार को जब इस बात का समाधान हो जाता है कि दस्तावेज को ऐसे व्यक्ति से प्रतिगृहीत कर ली गई है जो उसे उपस्थित करने के लिए सशक्त नहीं था तो वह दस्तावेज के पुनः रजिस्ट्रेशन के लिए अग्रसर होगा मानों पहले रजिस्ट्रीकृत नहीं की गयी थी
d. उपर्युक्त सभी
54. जहाँ दस्तावेज कई व्यक्तियों द्वारा अलग अलग समयों पर निष्पादित की जाती है वहाँ दस्तावेज रजिस्ट्रेशन और पुनः रजिस्ट्रेशन के लिए उपस्थित की जायेगी -
a. अन्तिम दस्तावेज के निष्पादन के दिनांक से चार महीने के भीतर
b. सबसे पहले निष्पादित दस्तावेज के दिनांक से चार महीने के भीतर
c. प्रत्येक निष्पादन की तारीख से चार महीने के अन्दर
d. उपर्युक्त सभी
55. भारत में निष्पादित कोई दस्तावेज या की गई आज्ञप्ति या आदेश की प्रति परम आवश्यकता या अपरिहार्य दुर्घटना के कारण निष्पादन की तारीख से 4 महीने के बाद रजिस्ट्रेशन के लिए उपस्थित किये जाने पर रजिस्ट्रार -
a. जुर्माने की अदायगी करने पर दस्तावेज के रजिस्ट्रीकरण के लिए प्रतिगृहीत तभी किया जायेगा जब दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण करने के लिए उपसंजात करने में विलम्ब 4 मास से अधिक न हो
b. रजिस्ट्रेशन फीस की रकम के दस गुने से अनधिक जुर्माने अदायगी करने का निर्देश दे सकता है
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
56. परम आवश्यकता या अपरिवर्जनीय दुर्घटना (Unvoidable accident) के कारण कोई दस्तावेज निष्पादन की तारीख से 4 महीने के भीतर रजिस्ट्रेशन के लिए उपस्थित नहीं की जा सकी। दस्तावेज रजिस्ट्रेशन के उपस्थित की जा सकती है-
a. विहित समय के अवसान के 6 महीने के भीतर
b. विलम्ब माफी आवेदन के साथ एक वर्ष के भीतर
c. विहित समय के अवसान के चार महीने के भीतर (चार महीने से अधिक नहीं)
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
57. किसी दस्तावेज को रजिस्ट्रेशन के लिए विहित समय के अवसान के चार महीने के भीतर उपस्थित करने पर कितनी रकम की जुर्माने की अदायगी करने पर प्रतिगृहीत करने का रजिस्ट्रार निदेश दे सकता है-
a. उचित रजिस्ट्रेशन फीस के दस गुने से अनधिक
b. उचित रजिस्ट्रेशन फीस के पाँच गुने से अनधिक
c. उचित रजिस्ट्रेशन फीस के पन्द्रह गुने से अनधिक
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
58. कोई दस्तावेज या की गई आज्ञप्ति या आदेश की प्रति रजिस्ट्रेशन के लिए विहित समय के अवसान के पश्चात् परम आवश्यकता या अपरिवर्जनीय दुर्घटना का अभिकथन करते हुए आवेदन किसके समक्ष दिया जाता है-
a. उपरजिस्ट्रार के समक्ष
b. रजिस्ट्रार के समक्ष
c. रजिस्ट्री कार्यालय में
d. उपर्युक्त (a) या (b) या (c)
59. पुनः रजिस्ट्रीकरण के सम्बन्ध में प्रावधान करती है-
a. धारा 23क
b. धारा 24
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
60. किसी दस्तावेज को रजिस्ट्रेशन के लिए विलम्ब से उपस्थित किये जाने पर जुर्माने का संदाय करने पर रजिस्ट्रेशन करने की बात किस धारा में कही गयी है-
a. धारा 25
b. धारा 24
c. धारा 27
d. धारा 23
61. भारत के बाहर निष्पादित दस्तावेज को भारत में रजिस्ट्रीकरण के लिए प्रस्तुत की जानी चाहिए -
a. विहित समय का अवसान होने पर भारत में पहुँचने के पश्चात चार मास के अन्दर
b. विहित समय (4 माह) के भीतर
c. (a) एवं (b)
d. केवल (b)
62. भारत के बाहर निष्पादित दस्तावेज को भारत में रजिस्ट्रेशन के लिए उपस्थित किया जाना चाहिए-
a. धारा 25 के अन्तर्गत
b. धारा 26 के अन्तर्गत
c. धारा 27 के अन्तर्गत
d. धारा 28 के अन्तर्गत
63. भारत से बाहर निष्पादित दस्तावेज को विहित समय के पश्चात लेकिन भारत में आने के पश्चात् चार महीने के अन्दर रजिस्ट्रेशन के लिए उपस्थित कर दी जाती है तो रजिस्ट्रेशन पदाधिकारी -
a. ऐसी दस्तावेज को रजिस्ट्रेशन के लिए समुचित रजिस्ट्रीकरण फीस के दस गुने की अदायगी जुर्माने के तौर पर करने पर प्रतिगृहीत कर लेगा
b. ऐसी दस्तावेज को समुचित रजिस्ट्रेशन के लिए प्रतिगृहीत करेगा
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
64. इच्छापत्र रजिस्ट्रेशन के लिए उपस्थित या निक्षिप्त किया जाता है-
a. धारा 27 के अन्तर्गत
b. धारा 29 के अन्तर्गत
c. धारा 28 के अन्तर्गत
d. धारा 26 के अन्तर्गत
65. इच्छापत्र (Wills) के रजिस्ट्रेशन के लिए कितने समय के भीतर उपस्थित या निक्षिप्त किया जा सकता है-
a. समय विहित नहीं
b. किसी भी समय
c. वसीयतकर्ता के मृत्यु से 4 महीने के भीतर
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
66. रजिस्ट्रीकरण के लिए प्राधिकृत पदाधिकारी निवासगृह में दस्तावेज को रजिस्ट्रीकरण या इच्छापत्र को निक्षिप्त करने की वांछा करता है तो विहित प्राधिकरी -
a. निवास गृह पर पदाधिकारी तभी जायेगा जब विशेष हेतुक दर्शित किया जाता है
b. ऐसी दस्तावेज या इच्छापत्र को रजिस्ट्रीकरण या निक्षेप के लिए प्रतिग्रहीत कर सकता है
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
67. मामूली अवस्थाओं में रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के अधीन दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन या निक्षेप किया जा सकेगा -
a. उपरजिस्ट्रार के कार्यालय में
b. रजिस्ट्रार के कार्यालय में
c. उन पदाधिकारियों के कार्यालय में जो दस्तावेज के रजिस्ट्रेशन या निक्षेप के लिए प्राधिकृत है
d. (a), (b) या (c)
68. दस्तावेज के रजिस्ट्रीकरण के लिए किस व्यक्ति द्वारा समुचित रजिस्ट्रीकरण कार्यालय में उपस्थित की जायेगी-
a. उसे निष्पादित या उसके अधीन ह्रास दावा करने वाले द्वारा या आदेश की प्रति की अवस्था में आज्ञप्ति या आदेश के अधीन दावा करने वाले किसी व्यक्ति द्वारा
b. ऐसे व्यक्ति के प्रतिनिधि या समनुदेशिती द्वारा
c. ऐसे व्यक्ति के प्रतिनिधि, समनुदेशिती के ऐसे अभिकर्ता द्वारा जो कि एतत्पश्चात् वर्णित रीति में निष्पादित और अभिप्रमाणित मुखतारनामें द्वारा प्राधिकृत किया गया है
d. उपर्युक्त सभी द्वारा
69. निवासगृह पर रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारियों के हाजिर होने एवं रजिस्ट्रेशन एवं निक्षेप करने के लिए दस्तावेज या विल को प्रतिगृहीत करने का प्रावधान किया गया हो -
a. धारा 31 के अन्तर्गत
b. धारा 30 के अन्तर्गत
c. धारा 32 के अन्तर्गत
d. धारा 28 के अन्तर्गत
70. धारा 32 के प्रयोजनों के लिए मुख्तारनामा किस धारा के अन्तर्गत अभिज्ञात किया जाता है-
a. धारा 34
b. धारा 33
c. धारा 35
d. धारा 35
71. मुख्तारनामा (Power-of-Attorney) निष्पादित और अभिप्रमाणित होना चाहिए-
a. रजिस्ट्रार या उपरजिस्ट्रार द्वारा
b. मजिस्ट्रेट द्वारा
c. पब्लिक नोटरी द्वारा
d. (a) या (b) या (c) द्वारा
72. सत्य कथन है-
a. जहाँ दस्तावेज अचल सम्पत्ति के स्वामित्व के अन्तरण से सम्बन्धित हो तो दस्तावेज में उल्लिखित उस सम्पत्ति के प्रत्येक क्रेता और विक्रेता की पासपोर्ट आकार की फोटोग्राफ और अंगुली-छापें भी दस्तावेज में लगाई जायेगी
b. धारा 32 के अन्तर्गत उपयुक्त पंजीकरण कार्यालय को किसी दस्तावेज को प्रस्तुत करने वाला प्रत्येक व्यक्ति दस्तावेज पर अपने पासपोर्ट आकार की फोटोग्राफ चिपकायेगा और अपनी अंगुली छापों को लगायेगा
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
73. मुख्तारनामें के सम्बन्ध में सत्य कथन है-
a. यदि मूल व्यक्ति भारत में निवास नहीं करता है तो मुख्तारनामा तभी अनुज्ञात किया जायेगा जब वह लेख्य प्रमाणक या न्यायालय, न्यायाधीश, मजिस्ट्रेट, भारतीय वाणिज्य दूत या केन्द्रीय सरकार के प्रतिनिधि के समक्ष निष्पादित और अधिप्रमाणित किया गया हो
b. यदि मूल व्यक्ति भारत के ऐसे स्थान पर निवास करता है जिसमें इस अधिनियम का प्रवर्तन नहीं है | तो मजिस्ट्रेट के समक्ष निष्पादित और अधिप्रमाणित मुख्तारनामा ही अभिज्ञात किया जायेगा
c. मुख्तारनामें के निष्पादन के समय मूल व्यक्ति भारत में निवास करता है वहाँ उस जिले के जहाँ वह निवास करता है, रजिस्ट्रार या उपरजिस्ट्रार के समक्ष निष्पादित और द्वारा अभिप्रमाणित मुख्तारनामा ही अभिज्ञात किया जायेगा
d. उपर्युक्त सभी
74. निष्पादकों एवं साक्षियों को रजिस्ट्रीकरण कार्यालय में उपसंजाति से छूट प्राप्त है-
a. वे व्यक्ति जिन्हें न्यायालय में स्वीय उपसंजात से छूट प्राप्त है
b. वह व्यक्ति जो व्यवहार या दाण्डिक आदेशिका के अधीन जेल में है
c. वह व्यक्ति जो शारीरिक दौर्बल्य से जोखिम या घोर असुविधा बिना रजिस्ट्रीकरण कार्यालय में उपसंजात होने के अयोग्य है
d. उपर्युक्त सभी
75. किसी मुख्तारनामें के निष्पादन के प्रयोजनों के लिए किसी रजिस्ट्रीकरण कार्यालय या न्यायालय में हाजिर होने की अपेक्षा नहीं की जायेगी -
a. ऐसे व्यक्तियों से, जो कि न्यायालय में स्वीय उपसंजाति से विधि द्वारा छूट प्राप्त है
b. उन व्यक्तियों से जो शारीरिक दौर्बल्य के कारण जोखिम या घोर असुविधा के बिना ऐसे हाजिर होने में असमर्थ है
c. ऐसे व्यक्तियों से जो कि व्यवहार या दाण्डिक आदेशिका के अधीन जेल में है
d. उपर्युक्त सभी
76. जिन व्यक्तियों को धारा 38 के अन्तर्गत रजिस्ट्रीकरण कार्यालय में उपस्थिति से छूट प्राप्त है व्यक्ति की रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी -
a. ऐसे व्यक्ति की परीक्षा के लिए कमीशन जारी करेगा
b. स्वयं उस व्यक्ति के घर जायेगा
c. जेल में निरुद्ध है तो जेल जायेगा
d. उपर्युक्त सभी
77. इच्छापत्रों को रजिस्ट्रेशन के लिए प्राधिकारों को उपस्थित करने के लिए हकदार व्यक्ति हैं-
a. वसीयतकर्ता की मृत्यु के बाद निष्पादक
b. कोई अन्य व्यक्ति
c. वसीयतकर्ता
d. उपर्युक्त सभी
78. रजिस्ट्रीकरण कार्यालय में वैयक्तिक उपस्थिति से छूट किस धारा में प्राप्त है-
a. धारा 38
b. धारा 40
c. धारा 39
d. धारा 41
79. इच्छापत्रों और दत्तक ग्रहण का रजिस्ट्रेशन किया जाता है-
a. जिस रीति से किसी अन्य दस्तावेज का रजिस्ट्रीकरण किया जाता है
b. जिस प्रकार से संविदा का रजिस्ट्रेशन किया जाता है
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
80. दत्तकग्रहण के लिए प्राधिकारों को रजिस्ट्रार या उप रजिस्टार के समक्ष उपस्थित करने के लिए हकदार व्यक्ति है-
a. दत्तक पुत्र
b. दत्तक ग्रहण देने वाला
c. दाता (Donor) की मृत्यु के पश्चात् प्राधिकार पाने वाला (Donee)
d. उपर्युक्त सभी
81. इच्छापत्र या दत्तक ग्रहण के लिए प्राधिकार उपस्थित करने के लिए किसी अन्य व्यक्ति द्वारा रजिस्ट्रेशन के लिए उपस्थित किया जाता है उस सूरत में रजिस्ट्रीकृत किया जा सकेगा जिसमें कि रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी का समाधान हो जाता है-
a. कि वसीयतकर्ता या दाता मर जाता है
b. कि इच्छापत्र या प्राधिकार यथास्थिति वसीयतकर्ता या दाता द्वारा निष्पादित किया गया था
c. इच्छापत्र या प्राधिकार को उपस्थित करने वाला व्यक्ति उसे उपस्थित करने के लिए धारा 40 के अधीन हकदार है
d. उपर्युक्त सभी
82. इच्छापत्र और दत्तक ग्रहण के लिए प्राधिकारों का रजिस्ट्रेशन होता है-
a. धारा 42 के अन्तर्गत
b. धारा 41 के अन्तर्गत
c. धारा 43 के अन्तर्गत
d. धारा 44 के अन्तर्गत
83. कोई वसीयतकर्ता अपने इच्छापत्र को या तो स्वयं या सम्यरूपेण प्राधिकृत अभिकर्ता द्वारा किसी रजिस्ट्रार के पास निक्षेप कर सकता है -
a. धारा 42 के अन्तर्गत
b. धारा 44 के अन्तर्गत
c. धारा 45 के अन्तर्गत
d. धारा 46 के अन्तर्गत
84. निक्षिप्त मुद्रायुक्त लिफाफे का प्रत्याहरण कर सकता है-
a. स्वयं वसीयतकर्ता
b. वसीयतकर्ता का अभिकर्ता
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (a)
85. इच्छापत्र (Wills) में कथन होगा -
a. इच्छापत्र वसीयतकर्ता (Testator) का नाम
b. वसीयतकर्ता के अभिकर्ता का नाम
c. दस्तावेज के स्वरूप का वर्णन
d. उपर्युक्त सभी
86. जब वसीयतकर्ता (निक्षेपक) मर जाता है तो रजिस्ट्रार प्रक्रिया अपनायेगा -
a. इच्छापत्र (लिफाफे) को खोलेगा और उसकी अन्तर्वस्तु की नकल संख्या 3 वाली पुस्तक में करेगा
b. वह यह समाधान करेगा कि वसीयतकर्ता मर गया है
c. नकल करने के बाद पुनः मूल इच्छापत्र को अग्निसह पेटी में निक्षिप्त कर देगा
d. उपर्युक्त सभी
87. रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 में इच्छापत्र के सम्बन्ध में अन्तर्विष्ट कोई बात प्रभाव नहीं डालेगी-
a. प्रोबेट और प्रशासन अधिनियम, 1881 की धारा 81 के उपबन्ध पर
b. भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम, 1865 की धारा 269 पर
c. किसी इच्छापत्र की पेशी आदेश द्वारा कराने की किसी न्यायालय की शक्ति पर
d. उपर्युक्त सभी
88. रजिस्ट्रीकृत दस्तावेज प्रवर्तनशील होती है-
a. रजिस्ट्रेशन की तिथि
b. निष्पादन की तिथि से
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
89. रजिस्ट्रीकरण अधिनियम तथा सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम द्वारा रजिस्ट्रीकृत अपेक्षित दस्तावेज के रजिस्ट्रीकरण न कराने का प्रभाव होगा-
a. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम के अन्तर्गत संविदा के विनिर्दिष्ट अनुपालन के वाद में साक्ष्य के रूप में उपयोग किया जा सकता है
b. सम्पत्ति अन्तरण अधिनियम की धारा 53-क के प्रयोजनों के लिए संविदा का भागिक पालन के साक्ष्य के रूप में ली जा सकती है
c. उपर्युक्त (a) एवं (b)
d. केवल (a)
90. जब किसी दस्तावेज का रजिस्ट्रीकरण अनिवार्य है लेकिन रजिस्ट्रीकरण नहीं कराया गया है उसका प्रभाव होगा -
a. दत्तक ग्रहण की कोई शक्ति प्रदत्त न करेगी
b. उस दस्तावेज में समाविष्ट किसी स्थावर सम्पत्ति को प्रभावित न करेगा
c. ऐसी सम्पत्ति पर प्रभाव डालने वाले किसी संव्यवहार या ऐसी शक्ति को प्रदत्त करने के साक्ष्य के रूप में न ली जायेगी
d. उपर्युक्त सभी
91. जिन दस्तावेजों का रजिस्ट्रेशन आवश्यक है लेकिन रजिस्ट्रीकृत नहीं कराया गया उस अरजिस्ट्रीकरण के प्रभाव का प्रावधान है-
a. धारा 49
b. धारा 50
c. धारा 52
d. धारा 53
92. सही सुमेलित है-
a. पुस्तक 1 -स्थावर सम्पत्ति से सम्बद्ध निर्वसीयती दस्तावेजों का रजिस्टर
b. पुस्तक 1 -रजिस्ट्रीकरण से इन्कार करने के लिए कारणों का अभिलेख
c. पुस्तक 3 - इच्छापत्रों और दत्तक ग्रहण प्राधिकारों का रजिस्टर
d. पुस्तक 4 - प्रकीर्ण रजिस्टर
e. पुस्तक 5 - इच्छापत्रों के निक्षेप का रजिस्टर
f. उपर्युक्त सभी
93. दस्तावेजों के उपस्थित किये जाने पर रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारियों के कर्तव्य दिये गये हैं-
a. धारा 54
b. धारा 53
c. धारा 52
d. धारा 55
94. दस्तावेज के उपस्थित किये जाने पर रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारियों के कर्तव्य हैं-
a. ऐसे दस्तावेजों के लिए पावती रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी उसे उपस्थित करने वाले व्यक्तियों को देगा
b. दस्तावेजों के रजिस्ट्रीकरण के लिए उपस्थित किये जाने की तारीख, समय, और स्थान, धारा 32-क के अन्तर्गत लायी गई फोटोग्राफ अंगुली छापें और उपस्थित होने वाले प्रत्येक व्यक्ति के हस्ताक्षर ऐसें में प्रत्येक दस्तावेज पर उसके उपस्थित किये जाने के समय पृष्ठांकित करना
c. ऐसी सभी पुस्तकें समय-समय पर अभिप्रमाणित की जायेगी
d. रजिस्ट्रेशन के लिए गृहीत प्रत्येक दस्तावेज की नकल धारा 62 में अन्तर्विष्ट उपबन्धों के अधीन रहते हुए उसके लिए समुचित पुस्तक में अपने ग्रहण के क्रमानुसार अनावश्यक विलम्ब के बिता की जायेगी
e. उपर्युक्त सभी
95. कोई भी व्यक्ति फीस की अदायगी करके पुस्तक संख्या 1 और 2 का निरीक्षण कर सकता है और आवेदन करने ऐसी पुस्तकों की प्रविष्टियों की प्रतियाँ आवेदन करने वाले व्यक्तियों को दी जायेंगी, प्रावधान है-
a. धारा 58 के अन्तर्गत
b. धारा 57 के अन्तर्गत
c. धारा 60 के अन्तर्गत
d. धारा 59 के अन्तर्गत
96. रजिस्ट्रीकरण प्राधिकारी द्वारा रजिस्ट्रीकरण का प्रमाणपत्र दिया जाता है-
a. धारा 62 के अन्तर्गत
b. धारा 60 के अन्तर्गत
c. धारा 65 के अन्तर्गत
d. धारा 64 के अन्तर्गत
97. उपरजिस्ट्रार का अधीक्षण और नियंत्रण करने शक्ति किसे प्राप्त है?
a. महानिरीक्षक को
b. रजिस्ट्रार को
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
98. रजिस्ट्रीकरण कार्यालयों का अधीक्षण करने और नियम बनाने की शक्ति किसे प्राप्त है? -
a. रजिस्ट्रार को
b. राज्य सरकार को
c. महानिरीक्षक को
d. (a) एवं (c)
99. निष्पादन के प्रत्याख्यान से भिन्न आधार पर रजिस्ट्रेशन से इन्कार करने वाले उप-रजिस्ट्रार के आदेश की अपील होगी-
a. महानिरीक्षक से
b. रजिस्ट्रार से
c. राज्य सरकार से
d. उच्च न्यायालय में
100. धारा 25 या धारा 34 के अधीन उद्गृहीत किसी जुर्माना और समुचित रजिस्ट्रीकरण फीस की रकम के बीच अन्तर का पूर्णतः या भागतः परिहार करने की शक्ति किसे प्राप्त है-
a. महानिरीक्षक को
b. राज्य सरकार को
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (a)
101. महानिरीक्षक को नियम बनाने की शक्ति है-
a. धारा 69 के अन्तर्गत
b. धारा 71 के अन्तर्गत
c. धारा 70 के अन्तर्गत
d. धारा 68 के अन्तर्गत
102. जब रजिस्ट्रार उपरजिस्ट्रार को दस्तावेज के रजिस्ट्रीकरण करने को निर्दिष्ट करता है तो उपरजिस्ट्रार के समक्ष दस्तावेज के रजिस्ट्रीकरण के लिए कितने दिनों के भीतर उपस्थित कर दिया जाना चाहिए-
a. रजिस्ट्रार के आदेश के दिनांक से 30 दिन के भीतर
b. रजिस्ट्रार के आदेश से 15 दिन के भीतर
c. रजिस्ट्रार के आदेश से 90 दिन के भीतर
d. रजिस्ट्रार के आदेश से 45 दिन के भीतर
103. जहाँ कि रजिस्ट्रार ने निष्पादन के प्रत्याख्यान के आधार पर रजिस्ट्रीकरण करने से इन्कार किया है वहाँ आवेदन किया जायेगा-
a. इन्कार के आदेश से 60 दिन के भीतर महानिरीक्षक से
b. उपरजिस्ट्रार के रजिस्ट्रेशन के इन्कार के आदेश के पश्चात् 30 दिन के भीतर आवेदन रजिस्ट्रार के समक्ष किया जायेगा
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
104. रजिस्ट्रेशन, तलाशी और प्रतियों के लिए फीसें नियत की जाती हैं-
a. रजिस्ट्रार द्वारा
b. महानिरीक्षक द्वारा
c. राज्य सरकार द्वारा
d. केन्द सरकार द्वारा
105. यदि रजिस्ट्रार दस्तावेज का रजिस्ट्रीकरण करने से या धारा 72 या धारा 75 के अधीन दस्तावेज का रजिस्ट्रीकरण करने से इन्कारी का आदेश देता तो व्यथित व्यक्ति द्वारा अपील की जायेगी -
a. कोई अपील नहीं होगी
b. महानिरीक्षक के समक्ष
c. उच्च न्यायालय के समक्ष
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
106. दस्तावेजों का अशुद्ध पृष्ठांकन, नकल, या अनुवाद या रजिस्ट्रीकरण क्षति पहुँचाने के आशय से करता है तो प्रत्येक रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी और इस अधिनियम के प्रयोजनों के लिए कार्यालय में नियुक्त प्रत्येक व्यक्ति दण्डनीय होगा -
a. कारावास से, जिसकी अवधि 7 वर्ष तक हो सकती है या जुर्माने से या दोनों से
b. 7 वर्ष तक के कारावास या जुर्माने से या दोनों से
c. 1 वर्ष तक कारावास या जुर्माना या दोनों
d. 3 वर्ष के कारावास या जुर्माना या दोनों से
107. रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 के अधीन आने वाले किसी अपराध के लिए अभियोजन जो कि रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी के ज्ञान में उसकी अपनी पदीय हैसियत में आया है अभियोजन प्रारम्भ किया जा सकेगा -
a. रजिस्ट्रार या उपरजिस्ट्रार द्वारा जिसके जिले या उपजिले में अपराध किया गया है
b. महानिरीक्षक या उसकी अनुज्ञा से रजिस्ट्रार या उपरजिस्ट्रार द्वारा वाह
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
108. रजिस्ट्रीकरण अधिनियम, 1908 के अन्तर्गत दण्डनीय अपराध का विचारण करेगा -
a. द्वितीय श्रेणी के मजिस्ट्रेट की शक्तियों से अन्यून शक्तियाँ प्रयोग करने वाला कोई न्यायालय
b. द्वितीय श्रेणी मजिस्ट्रेट से अन्यून शक्तियाँ प्रयोग करने वाला पदाधिकारी
c. (a) एवं (b) दोनों
d. केवल (b)
109. मिथ्या कथन करने, मिथ्या नकलों या अनुवादों को परिदत्त करने, छद्म प्रतिरूपण और दुष्प्रेरण करने वाला व्यक्ति दण्डनीय होगा-
a. 3 वर्ष का कारावास और जुर्माना से
b. 5 वर्ष का कारावास और जुर्माना से
c. 1 वर्ष का कारावास और जुर्माना से
d. कारावास जिसकी अवधि 7 वर्ष तक की हो सकेगी या जुर्माने से या दोनों से
110. अदावाकृत दस्तावेज नष्ट करने का उपबन्ध है-
a. धारा 85 के अन्तर्गत
b. धारा 86 के अन्तर्गत
c. धारा 87 के अन्तर्गत
d. धारा 88 के अन्तर्गत
111. निम्नलिखित कथनों में कौन सत्य कथन है-
a.यदि रजिस्ट्रीकरण अधिकारी किसी व्यक्ति से कोई जानकारी चाहता है तो वह व्यक्ति जानकारी देने के लिए वै धतः बाध्य है
b. रजिस्ट्रीकरण अधिनियम के अन्तर्गत कार्यवाही भा० दं० सं० की धारा 228 के अन्तर्गत न्यायिक कार्यवाही है
c. रजिस्ट्रीकरण पदाधिकारी लोक सेवक समझे जायेंगे
d. उपर्युक्त सभी
112. रजिस्ट्रीकरण कार्यालय में इच्छापत्र से भिन्न कोई दस्तावेज कितने दिन तक अदावाकृत रही है तो नष्ट कर दी जायेगी -
a. 2 वर्ष तक
b. 3 वर्ष तक
c. 4 वर्ष तक
d. 5 वर्ष तक
113. सरकार के द्वारा या पक्ष में निष्पादित कुछ दस्तावेजों को रजिस्ट्रीकरण से छूट किस धारा के अन्तर्गत प्रदान की गयी है-
a. धारा 90
b. धारा 91
c. धारा 92
d. धारा 95
114. रजिस्ट्रेशन अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत करने के लिए कोई दस्तावेज लिख सकेगा -
a. अनुज्ञप्तिधारी
b. निष्पादक का अधिकृत अभिकर्ता
c. निष्पादक द्वारा नियुक्त अधिवक्ता (प्लीडर)
d. अधिवक्ता (प्लीडर) का मुंशी
e. उपर्युक्त सभी