
माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम, 1996
THE ARBITRATION AND CONCILIATION ACT, 1996
1. माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम 1996 का अधिनियम संख्यांक क्या है?
a. 26
b. 25
c. 24
d. 23
2. माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम 1996 में कितने भाग है?
a. भाग 1
b. भाग 2
c. भाग 3
d. भाग 4
3. माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम 1996 में कितने भाग है कितनी धाराएं है
a. धारा 85
b. धारा 86
c. धारा 87
d. धारा 88
4. माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम 1996 कब लागू हुआ?
a. 22 अगस्त
b. 21 अगस्त
c. 20 अगस्त
d.19 अगस्त
5. माध्यस्थम् किस धारा में परिभाषित है?
a. धारा 2(क)
b. धारा 2(ख)
c. धारा 2(ग)
d. धारा 2(गक)
6. “माध्यस्थम्” की परिभाषा के अनुसार कौन-सा कथन सही है?
a. केवल स्थायी माध्यस्थम् संस्था द्वारा किया गया निर्णय ही माध्यस्थम् कहलाता है।
b. केवल न्यायालय द्वारा अनुमोदित निर्णय ही माध्यस्थम् होता है।
c. कोई भी माध्यस्थ प्रक्रिया, चाहे स्थायी संस्था द्वारा की गई हो या न हो, “माध्यस्थम्” कहलाती है।
d. घरेलू विवादों में कोई माध्यस्थम् लागू नहीं होता।
7. माध्यस्थम् करार किस धारा में परिभाषित है
a. धारा 2(क)
b. धारा 2(ख)
c.धारा 2(ग)
d. धारा 2(गक)
8. माध्यस्थम् और सुलह अधिनियम 1996 के अनुसार “माध्यस्थम् करार” का अभिप्राय क्या है?
a. केवल मौखिक समझौता
b. धारा 7 में निर्दिष्ट कोई भी करार
c. केवल न्यायालय द्वारा स्वीकृत करार
d. केवल मध्यस्थ द्वारा बनाया गया करार
9. माध्यस्थम् पंचाट किस धारा में परिभाषित है?
a. धारा 2(क)
b. धारा 2(ख)
c. धारा 2(ग)
d. धारा 2(गक)
10. “माध्यस्थम् पंचाट” (Arbitral Tribunal) में निम्न में से क्या सम्मिलित है?
a. केवल स्थायी पंचाट
b. केवल एक मध्यस्थ
c. कोई भी अंतरिम पंचाट
d. केवल तीन मध्यस्थों का पैनल
11. माध्यस्थम् संस्था" किस धारा में परिभाषित है
a. धारा 2(क)
b. धारा 2(ख)
c. धारा 2(ग)
d. धारा 2(गक)
12. “माध्यस्थम् संस्था " से क्या अभिप्रेत है
a. एक मात्र मध्यस्थ या मध्यस्थों का कोई पैनल
b. उच्चतम न्यायालय या किसी उच्च न्यायालय द्वारा पदाभिहित कोई माध्यस्थम् संस्था
c. a और b दोनों
d. उपर्युक्त कोई नहीं
13. “माध्यस्थम् अधिकरण" किस धारा में परिभाषित है
a. धारा 2(घ)
b. धारा 2(ङ)
c. धारा 2(च)
d. धारा 2(छ)
14. “माध्यस्थम् अधिकरण” (Arbitral Tribunal) का अर्थ है—
a. केवल एक न्यायाधीश
b. एक मात्र मध्यस्थ या मध्यस्थों का पैनल
c. कोई भी सरकारी आयोग
d. सिविल न्यायालय की विशेष पीठ
15. “माध्यस्थम् अधिकरण" से क्या अभिप्रेत है
a. एक मात्र मध्यस्थ या मध्यस्थों का कोई पैनल
b. उच्चतम न्यायालय या किसी उच्च न्यायालय द्वारा पदाभिहित कोई माध्यस्थम् संस्था
c. a और b दोनों
d. उपर्युक्त कोई नहीं
16. “न्यायालय किस धारा में परिभाषित है
a. धारा 2(घ)
b. धारा 2(ङ)
c. धारा 2(च)
d. धारा 2(छ)
17. “न्यायालय” (Court) की परिभाषा में निम्न में से क्या शामिल नहीं है?
a. प्रधान सिविल न्यायालय (District Court)
b. वह उच्च न्यायालय जिसकी साधारण दीवानी अधिकारिता है
c. अवर श्रेणी का सिविल न्यायालय
d. अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्थता में साधारण दीवानी अधिकारिता वाला उच्च न्यायालय
18. अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक माध्यस्थम्” किस धारा में परिभाषित है
a. धारा 2(घ)
b. धारा 2(ङ)
c. धारा 2(च)
d. धारा 2(छ)
19. अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक माध्यस्थम् के मामले में “न्यायालय” कौन होता है?
a. जिला न्यायालय
b. कोई भी सिविल न्यायालय
c. साधारण दीवानी अधिकारिता वाला उच्च न्यायालय
d. उच्चतम न्यायालय
20. निम्न में से कौन-सा पक्षकार होने से कोई मध्यस्थता “अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक माध्यस्थम्” बन जाती है?
a. पक्षकारों की भाषा भिन्न होना
b. किसी एक पक्षकार का विदेश का नागरिक होना
c. विवाद भारत के बाहर उत्पन्न होना
d. मध्यस्थ भारत के बाहर नियुक्त होना
21. “विधिक प्रतिनिधि” किस धारा में परिभाषित है
a. धारा 2(घ)
b. धारा 2(ङ)
c. धारा 2(च)
d. धारा 2(छ)
22. “विधिक प्रतिनिधि” (Legal Representative) में कौन आता है?
a. मृतक के वारिस नहीं
b. केवल वही व्यक्ति जिसे वसीयत में नामित किया गया हो
c. मृतक की सम्पदा का विधि की दृष्टि से प्रतिनिधित्व करने वाला कोई भी व्यक्ति
d. केवल सरकारी अभिभावक
23. पक्षकार किस धारा में परिभाषित है
a. धारा 2(छ)
b. धारा 2(ज)
c. धारा 2(झ)
d. धारा 2(ञ)
24. “पक्षकार” (Party) किसे कहा गया है?
a. केवल दावा करने वाले को
b. केवल प्रतिवादी को
c. माध्यस्थम् करार के किसी भी पक्षकार को
d. केवल मध्यस्थ को
25. विहित किस धारा में परिभाषित है?
a. धारा 2(छ)
b. धारा 2(ज)
c. धारा 2(झ)
d. धारा 2(ञ)
26. विहित से क्या अभिप्रेत है?
a. इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों के द्वारा विहित अभिप्रेत है;
b. इस अधिनियम के अधीन परिषद् द्वारा बनाए गए विनियम अभिप्रेत हैं
c. a और b दोनों
d. उपर्युक्त कोई नहीं
27. विनियमों किस धारा में परिभाषित है?
a. धारा 2(छ)
b. धारा 2(ज)
c. धारा 2(झ)
d. धारा 2(ञ)
28. विनियमों” से क्या अभिप्रेत है?
a. इस अधिनियम के अधीन बनाए गए नियमों के द्वारा विहित अभिप्रेत है;
b. इस अधिनियम के अधीन परिषद् द्वारा बनाए गए विनियम अभिप्रेत हैं
c. a और b दोनों
d. उपर्युक्त कोई नहीं
29. नीचे लिखे में से कौन वैकल्पिक विवाद का समाधान तंत्र नहीं है-
a. माध्यस्थम्
b. लोक अदालत
c. लोकायुक्त
d. सुलह
30. धारा 3(1)(क) के अनुसार लिखित संसूचना कब “प्राप्त की गई” समझी जाती है?
a. जब वह अदालत द्वारा सत्यापित हो
b. जब वह प्रेषिती को व्यक्तिगत रूप से या उसके व्यवसाय स्थान/आभ्यासिक निवास/डाक पते पर परिदत्त की जाए
c. जब वह ईमेल द्वारा भेजी जाए
d. जब प्रेषक चाहे
31. धारा 3(1)(ख) किस स्थिति पर लागू होती है?
a. जब प्रेषिती संसूचना प्राप्त करने से इनकार कर दे
b. जब खंड (क) में बताए गए किसी भी पते का युक्तियुक्त जांच में पता न चले
c. जब न्यायालय नोटिस जारी करे
d. जब विदेशी पक्षकार शामिल हों
32. धारा 3(1)(ख) के अनुसार, यदि पते न मिलें, तो संसूचना कब “प्राप्त” मानी जाती है?
a. जब मौखिक रूप से सूचित किया जाए
b. जब रजिस्ट्रीकृत पत्र द्वारा अंतिम ज्ञात पते पर भेजी जाए
c. जब पड़ोसी से कहा जाए
d. केवल ईमेल भेजने पर
33. धारा 3(2) के अनुसार संसूचना किस दिन “प्राप्त” मानी जाती है?
a. भेजे जाने के एक सप्ताह बाद
b. जब न्यायालय पुष्टि करे
c. जिस दिन उसे परिदत्त किया जाता है
d. प्रेषक द्वारा दर्ज की गई तारीख
34. धारा 3 किन कार्यवाहियों पर लागू नहीं होती?
a. अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्थता
b. किसी न्यायिक प्राधिकारी की कार्यवाहियों से संबंधित लिखित संसूचनाएँ
c. निजी मध्यस्थ नियुक्ति
d. मध्यस्थता करार की व्याख्या
35. “परिदत्त” का अभिप्राय धारा 3 के अनुसार क्या है?
a. केवल हाथ से दिया जाना
b. किसी भी विधि से प्रेषिती तक पहुँचाना
c. प्रेषक द्वारा नोटिस तैयार करना
d. ईमेल में PDF संलग्न करना
36. यदि पक्षकारों ने अलग से कोई करार किया हो, तो क्या धारा 3 की सामान्य प्रक्रिया लागू होगी?
a. हाँ, हमेशा
b. नहीं, पक्षकारों का करार प्राथमिक होगा
c. केवल न्यायालय की अनुमति से
d. केवल विदेशी पक्षकार होने पर
37. यह कथन कि" प्रक्रिया एवं साक्ष्य के नियम के अंतर्गत, एक न्यायाधीश की अपेक्षा एक मध्यस्थ ज्यादा लोचशील है। "
a. सत्य है
b. असत्य है
c. भागतः सत्य है
d. उपरोक्त में कोई नहीं
38. जिस प्रकार दीवानी प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत न्यायालय की डिक्री लागू की जा सकती है ठीक उसी प्रकार मध्यस्थ का अवार्ड भी लागू की जा सकती है-
a. सत्य है
b. असत्य है
c. आंशिक सत्य है
d. उपरोक्त में से कोई नहीं
39. एक माध्यस्थम् करार का पक्षकार एक मध्यस्थ को चुनौती दे सकता है-
a. किसी परिस्थिति के संदेह होने पर
b. स्वतंत्रता के विषय में न्यायोचित संदेह होने पर
c. स्वतंत्रता व निष्पक्षता के संबंध में न्यायोचित संदेह होने पर
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
40. एक माध्यस्थम् की कार्यवाही प्रारम्भ होती है-
a. उस तिथि से जैसा पक्षकारों के बीच सहमति हो
b. जब तक अन्यता सहमति न हो पक्षकारों में से एक के द्वारा विवाद की सूचना को जारी करने की तिथि से
c. जब तक अन्यथा सहमति न हो उत्तरदाता से विवाद की सूचना की प्राप्ति की तिथि से
d. (a) और (c) दोनों
41. माध्यस्थम् एवं सुलह अधिनियम के किस प्रावधान में प्रावधानित है कि माध्यस्थम् करार लिखित में होगा-
a. धारा 7
b. धारा 3
c. धारा 8
d. धारा 11
42. धारा 7(1) के अनुसार “माध्यस्थम् करार” किसके लिए किया गया करार है?
a. सभी विवादों को सिविल न्यायालय में ले जाने के लिए
b. सभी या कुछ विवादों को मध्यस्थता के लिए निवेदित करने हेतु
c. केवल आपराधिक विवादों के लिए
d. केवल सरकारी अनुबंधों के लिए
43. धारा 7(1) के अनुसार “माध्यस्थम् करार” किन विधिक संबंधों से उत्पन्न विवादों पर लागू होता है?
a. केवल संविदात्मक विधिक संबंध
b. केवल गैर-संविदात्मक विधिक संबंध
c. संविदात्मक या गैर-संविदात्मक दोनों
d. केवल सरकारी अनुबंध
44. धारा 7(2) के अनुसार माध्यस्थम् करार—
a. केवल मौखिक रूप में हो सकता है
b. केवल पृथक् करार के रूप में हो सकता है
c. अनुबंध में एक माध्यस्थम् खंड के रूप में या पृथक् करार के रूप में हो सकता है
d. केवल न्यायालय की अनुमति से बनता है
45. धारा 7(3) के अनुसार माध्यस्थम् करार की कौन-सी विशेषता अनिवार्य है?
a. मौखिक होना
b. लिखित होना
c. नोटरी द्वारा प्रमाणित होना
d. न्यायालय में पंजीकृत होना
46. निम्न में से कौन-सा धारा 7(4) के अनुसार “लिखित माध्यस्थम् करार” का रूप माना जाता है?
a. मौखिक समझौता
b. दस्तावेज़ जो पक्षकारों द्वारा हस्ताक्षरित हो
c. गवाहों के बयान
d. मौखिक वाद-विवाद
47. धारा 7(4)(ख) के अनुसार कौन-सी विधियाँ “लिखित माध्यस्थम् करार” के रूप में मान्य हैं?
a. पत्रों का आदान-प्रदान
b. टेलेक्स या तार
c. इलेक्ट्रॉनिक संचार के माध्यम से दी गई सूचना
d. उपरोक्त सभी
48. मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 8 के तहत मध्यस्थता के लिए पक्षकारों का संदर्भ है-
a. अनिवार्य
b. निदेशक
c. विवेकाधीन
d. इनमें से कोई नहीं
49. धारा 8(1) के अनुसार, न्यायिक प्राधिकारी कब पक्षकारों को मध्यस्थता के लिए निर्दिष्ट करेगा?
a. जब कोई भी पक्षकार मौखिक रूप से अनुरोध करे
b. जब आवेदन प्रथम कथन प्रस्तुत होने के बाद किया जाए
c. जब आवेदन प्रथम कथन प्रस्तुत करने से पहले या उसी तक किया जाए और प्रथम दृष्ट्या वैध मध्यस्थता करार हो
d. जब न्यायालय चाहे
50. धारा 8(1) के तहत न्यायिक प्राधिकारी पक्षकारों को मध्यस्थता में क्यों नहीं भेजेगा?
a. यदि पक्षकार सहमत हों
b. यदि प्रथमदृष्ट्या कोई विधिमान्य मध्यस्थता करार विद्यमान न हो
c. यदि विवाद व्यापारीक न हो
d. यदि मध्यस्थ उपलब्ध न हो
51. धारा 8(1) के अनुसार आवेदन कौन कर सकता है?
a. केवल प्रतिवादी
b. केवल दावा करने वाला
c. मध्यस्थ
d. करार का पक्षकार या उसके माध्यम से/उसके अधीन दावा करने वाला व्यक्ति
52. धारा 8(2) के अनुसार आवेदन कब स्वीकार नहीं किया जाएगा?
a. जब वह पत्र द्वारा भेजा गया हो
b. जब उसके साथ मूल मध्यस्थता करार या प्रमाणित प्रति न हो
c. जब मामला छोटा हो
d. जब दोनों पक्ष एक ही वकील रखते हों
53. धारा 8 के प्रावधान (Proviso) के अनुसार यदि आवेदनकर्ता के पास मूल करार न हो, तो उसे—
a. आवेदन नहीं करना चाहिए
b. अदालत से निवेदन करना चाहिए कि दूसरे पक्षकार को मूल करार या प्रमाणित प्रति प्रस्तुत करने का निर्देश दिया जाए
c. मौखिक अनुरोध करना चाहिए
d. मध्यस्थ को फोन करना चाहिए
54. धारा 8(3) के अनुसार, आवेदन लंबित रहने पर—
a. मध्यस्थता रोक दी जाएगी
b. मध्यस्थता प्रारम्भ या जारी नहीं रह सकती
c. मध्यस्थता प्रारम्भ की जा सकती है या जारी रखी जा सकती है
d. मामला स्वतः उच्च न्यायालय चला जाएगा
55. धारा 8(1) लागू होने के लिए आवेदन कब तक किया जाना चाहिए?
a. अंतिम सुनवाई के बाद
b. विवाद के सार पर प्रथम कथन (first statement on the substance of the dispute) प्रस्तुत करने से पहले या उसी दिन तक
c. मध्यस्थ नियुक्ति के बाद
d. निर्णय आने के बाद
56. धारा 8 किस सशक्तिकरण के लिए है?
a. न्यायालय को मध्यस्थ नियुक्त करने हेतु
b. न्यायिक प्राधिकारी को पक्षकारों को मध्यस्थता में भेजने हेतु
c. विवाद का फैसला देने हेतु
d. संविदा समाप्त करने हेतु
57. न्यायालय द्वारा अंतरिम उपाय संख्या किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 9
b. धारा 10
c. धारा 11
d. धारा12
58. मध्यस्थों की संख्या किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 9
b. धारा 10
c. धारा 11
d. धारा12
59. धारा 10(1) के अनुसार मध्यस्थों की संख्या के बारे में कौन-सा कथन सही है?
a. मध्यस्थों की संख्या कोई भी हो सकती है, सम या विषम
b. मध्यस्थों की संख्या केवल एक ही हो सकती है
c. पक्षकार स्वतंत्र हैं संख्या निर्धारित करने हेतु, पर संख्या सम (even) नहीं हो सकती
d. मध्यस्थों की संख्या न्यायालय तय करता है
60. यदि पक्षकार धारा 10(1) के तहत मध्यस्थों की संख्या निर्धारित करने में विफल हों, तो मध्यस्थ अधिकरण कैसा होगा?
a. तीन मध्यस्थों का
b. पाँच मध्यस्थों का
c. एकमात्र मध्यस्थ से मिलकर
d. न्यायालय द्वारा तय संख्या से
61. मध्यस्थों की नियुक्ति किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 9
b. धारा 10
c. धारा 11
d. धारा12
62. धारा 11(1) के अनुसार कौन-सा कथन सही है?
a. केवल भारतीय नागरिक मध्यस्थ हो सकते हैं
b. किसी भी राष्ट्रिकता (Nationality) का व्यक्ति मध्यस्थ हो सकता है, जब तक पक्षकार अन्यथा करार न करें
c. केवल न्यायिक अधिकारी मध्यस्थ हो सकते हैं
d. केवल सरकारी सूची में शामिल व्यक्ति मध्यस्थ हो सकते हैं
63. धारा 11(2) के अनुसार पक्षकार—
a. मध्यस्थों की नियुक्ति की किसी प्रक्रिया पर करार नहीं कर सकते
b. मध्यस्थ नियुक्ति की प्रक्रिया पर स्वतंत्र रूप से सहमति कर सकते हैं
c. केवल न्यायालय द्वारा नियुक्त मध्यस्थ स्वीकार कर सकते हैं
d. केवल एकमात्र मध्यस्थ की नियुक्ति कर सकते हैं
64. यदि पक्षकारों के बीच नियुक्ति की कोई प्रक्रिया निर्धारित नहीं है और तीन मध्यस्थों का प्रावधान हो, तो धारा 11(3) के अनुसार क्या होगा?
a. न्यायालय तीनों मध्यस्थ नियुक्त करेगा
b. दोनों पक्षकार मिलकर सभी मध्यस्थ नियुक्त करेंगे
c. प्रत्येक पक्षकार एक मध्यस्थ नियुक्त करेगा और दोनों द्वारा नियुक्त दो मध्यस्थ तीसरे, पीठासीन मध्यस्थ को नियुक्त करेंगे
d. कोई भी मध्यस्थ नहीं बनेगा
65. धारा 11(3) के अनुसार तीन मध्यस्थों की स्थिति में तीसरे (पीठासीन) मध्यस्थ की नियुक्ति कौन करता है?
a. न्यायालय
b. दोनों पक्षकार मिलकर
c. पहले से नियुक्त दो मध्यस्थ
d. सरकार
66. आक्षेप के लिए आधार किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 9
b. धारा 10
c. धारा 11
d. धारा 12
67. एक मध्यस्थ का नामांकन उस व्यक्ति द्वारा किया जाता है जो स्वयं मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की सातवीं अनुसूची के साथ पढ़ी गई धारा 12(5) के तहत मध्यस्थ के रूप में कार्य करने के लिए अयोग्य है ऐसे मामले में-
a. नामांकित व्यक्ति मध्यस्थ के रूप में कार्य नहीं कर सकता
b. ऐसा नामांकन प्रारंभ से ही शून्य हो जाएगा
c. दोनों (a) और (b)
d. ऐसा नामांकन वैध है
68. कार्य करने में असफलता या असंभवता किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 12
b. धारा 13
c. धारा 14
d. धारा 15
69. कार्य करने में असफलता या असंभवता होने पर मध्यस्थ का आदेश-
a. समाप्त हो जायेगा
b. शून्य हो जायेगा
c. पर्यवसित हो जाएगा और उसके स्थान पर दूसरे मध्यस्थ को रख दिया जाएगा
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
70. धारा 16(1) के अनुसार क्या माध्यस्थम् अधिकरण अपनी अधिकारिता पर स्वयं विनिर्णय कर सकता है?
a. नहीं, केवल न्यायालय कर सकता है
b. हाँ, अधिकरण स्वयं अपनी अधिकारिता तय कर सकता है
c. केवल अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता में
d. केवल पक्षकारों की अनुमति से
71. धारा 16(1) के अंतर्गत कौन-से विवाद अधिकरण निर्णय कर सकता है?
a. केवल शुल्क विवाद
b. केवल मध्यस्थ बदलने का प्रश्न
c. मध्यस्थता करार की विद्यमानता या विधिमान्यता पर आक्षेप
d. केवल समय सीमा से संबंधित विवाद
72. धारा 16(1)(क) के अनुसार, अनुबंध में निहित मध्यस्थता खंड को कैसे माना जाएगा?
a. अनुबंध के समान स्तर का हिस्सा
b. अनुबंध समाप्त होने पर स्वतः समाप्त
c. अनुबंध के अन्य निबंधनों से स्वतंत्र एक पृथक् करार
d. केवल एक वैकल्पिक प्रावधान
73. धारा 16(1)(ख) के अनुसार, यदि अधिकरण यह घोषित करे कि संविदा अकृत (void) या शून्य है, तो मध्यस्थता खंड पर क्या प्रभाव पड़ेगा?
a. वह भी अवैध हो जाएगा
b. वह स्वतः समाप्त हो जाएगा
c. यह निर्णय मध्यस्थता खंड को अविधिमान्य नहीं बनाता
d. उसे न्यायालय द्वारा पुनः सत्यापित करना पड़ेगा
74. माध्यस्थम् अधिकरण द्वारा आदिष्ट अंतरिम उपाय किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 12
b. धारा 13
c. धारा 16
d. धारा 17
75. धारा 17(1) के अनुसार कोई पक्षकार मध्यस्थता की कार्यवाही के दौरान किससे अंतरिम उपाय का अनुरोध कर सकता है?
a. केवल उच्च न्यायालय से
b. केवल जिला न्यायालय से
c. माध्यस्थम् अधिकरण से
d. पुलिस प्राधिकरण से
76. निम्न में से कौन-सा धारा 17(1)(i) के अंतर्गत एक अंतरिम उपाय है?
a. विवाद की राशि कम करना
b. विकृत-चित्त व्यक्ति के लिए संरक्षक की नियुक्ति
c. मध्यस्थ के शुल्क का निर्धारण
d. मध्यस्थता समझौते को रद्द करना
77. 17(1)(ii)(ङ) किस प्रकार के उपाय की अनुमति देता है?
a. केवल मौद्रिक दंड
b. न्यायोचित और सुगम प्रतीत होने वाले अन्य विभिन्न अंतरिम उपाय
c. मध्यस्थ को हटाने का आदेश
d. अंतिम निर्णय बदलने की शक्ति
78. धारा 17(2) के अनुसार, अधिकरण द्वारा जारी अंतरिम आदेश को किस प्रकार माना जाएगा?
a. सिफ़ारिश
b. केवल सलाह
c. न्यायालय का आदेश
d. अस्थायी टिप्पणी
79. धारा 17(2) के अनुसार, अधिकरण का अंतरिम आदेश किस अधिनियम के अनुसार प्रवर्तनीय है?
a. भारतीय दंड संहिता, 1860
b. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872
c. सिविल प्रक्रिया संहिता, 1908
d. भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872
80. अधिकरण के अंतरिम आदेश की प्रवर्तनीयता किस धारा के अपीलीय आदेशों के अधीन होती है?
a. धारा 8
b. धारा 34
c. धारा 37
d. धारा 11
81. धारा 17 के अंतर्गत कौन-सा उपाय अनुमत नहीं है?
a. रिसीवर की नियुक्ति
b. माल का परिरक्षण
c. विवादित राशि को प्रतिभूत करना
d. अंतिम पंचाट (award) को संशोधित करना
82. माध्यस्थम् एवं सुलह अधिनियम के किस प्रावधान के अंतर्गत न्यायालय माध्यस्थम् या अम्पायर को हटा सकता है-
a. धारा 1
b. धारा 10
c. धारा 8
d. इनमें से कोई नहीं
83. धारा 18 के अनुसार मध्यस्थ अधिकरण को किस प्रकार का बर्ताव करना चाहिए?
a. पक्षकारों के साथ पक्षपाती
b. पक्षकारों से समान और निष्पक्ष
c. केवल मुख्य पक्षकार के साथ
d. न्यायालय की अनुमति से
84. धारा 20(1) के अनुसार, माध्यस्थम् का स्थान तय करने का अधिकार किसके पास है?
a. केवल न्यायालय के पास
b. केवल मध्यस्थ के पास
c. पक्षकारों के पास
d. सरकार के पास
85. यदि पक्षकार माध्यस्थम् के स्थान के लिए कोई करार नहीं करते, तो स्थान कौन तय करेगा?
a. उच्च न्यायालय
b. मध्यस्थ या माध्यस्थम् अधिकरण
c. मुख्य पक्षकार
d. सरकार
86. माध्यस्थम् कार्यवाहियों का प्रारम्भ किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 19
b. धारा 20
c. धारा 21
d. धारा 22
87. माध्यस्थम कार्यवाही प्रारम्भ होती है-
a. उस विधि से जब प्रतिवादी को विवाद को मध्यस्थता के लिए संदर्भित करने का अनुरोध प्राप्त होता है।
b. उस तारीख से जब प्रतिवादी मध्यस्थ की नियुक्ति के लिए सहमति देता है
c. उस तारीख से जब मध्यस्थ पार्टियों को नोटिस जारी करता है
d. उस तारीख से जब दावे का कथन और बचाव का लिखित कथन प्रस्तुत किया जाता है।
88. भाषा किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 19
b. धारा 20
c. धारा 21
d. धारा 22
89. माध्यस्थम् अधिकरण द्वारा नियुक्त विशेषज्ञ किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 24
b. धारा 25
c. धारा 26
d. धारा 27
90. धारा 27(1) के अनुसार, कौन न्यायालय से साक्ष्य लेने में सहायता के लिए आवेदन कर सकता है?
a. केवल मध्यस्थ
b. केवल पक्षकार
c. माध्यस्थम् अधिकरण या अनुमोदन से कोई पक्षकार
d. केवल उच्च न्यायालय
91. आवेदन में निम्न में से कौन-सा विवरण शामिल होना चाहिए?
a. केवल पक्षकारों के नाम
b. पक्षकारों और मध्यस्थों के नाम, दावे की साधारण प्रकृति और मांगा गया अनुतोष, और अभिप्राप्त होने वाला साक्ष्य
c. केवल दावे की राशि
d. केवल दस्तावेज़ों की सूची
92. अभिप्राप्त किए जाने वाले साक्ष्य की विशिष्टताएँ क्या हो सकती हैं?
a. केवल साक्षी का नाम
b. केवल दस्तावेज़ का विवरण
c. साक्षी या विशेषज्ञ साक्षी का नाम, पता और परिसाक्ष्य का विषय, तथा दस्तावेज़ और निरीक्षण की जाने वाली संपत्ति का विवरण
d. केवल संपत्ति का मूल्य
93. न्यायालय साक्ष्य लेने संबंधी आदेश जारी करते समय किन अधिकारों का प्रयोग कर सकता है?
a. केवल मध्यस्थ के निर्देश
b. वैसी ही आदेशिकाएं जारी कर सकता है जो वह अपने समक्ष विचारण किए जाने वाले वादों में जारी कर सकता है
c. केवल दस्तावेज़ की सत्यापना
d. केवल प्रतिवादी को उपस्थित करने का आदेश
94. धारा 29(1) के अनुसार, यदि माध्यस्थम् अधिकरण में एक से अधिक मध्यस्थ हों, तो निर्णय कैसे किया जाएगा?
a. केवल पीठासीन मध्यस्थ द्वारा
b. सभी सदस्यों की सर्वसम्मति से
c. सभी सदस्यों के बहुमत से
d. किसी एक सदस्य द्वारा
95. धारा 29(2) के अनुसार, प्रक्रिया संबंधी प्रश्न कौन तय कर सकता है?
a. केवल बहुमत से निर्णय लेने वाले सभी सदस्य
b. केवल पक्षकार
c. पीठासीन मध्यस्थ, यदि सभी सदस्यों द्वारा या पक्षकारों द्वारा प्राधिकृत किया जाए
d. उच्च न्यायालय
96. धारा 29क(1) के अनुसार अंतरराष्ट्रीय वाणिज्यिक माध्यस्थम् में पंचाट की समय-सीमा कैसी होगी?
a. 6 महीने के भीतर
b. 12 महीने के भीतर, यथा संभव शीघ्रता से निपटाने का प्रयास किया जाएगा
c. 24 महीने के भीतर
d. कोई समय-सीमा नहीं
97. त्वरित प्रक्रिया किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 31
b. धारा 29ख
c. धारा 33
d. धारा 34
98. धारा 30(1) के अनुसार, माध्यस्थम् अधिकरण किस उद्देश्य से मध्यस्थता, सुलह या अन्य प्रक्रियाओं का प्रयोग कर सकता है?
a. विवाद को लंबित रखने के लिए
b. विवाद का शीघ्र निपटान सुनिश्चित करने के लिए
c. समझौता प्रोत्साहित करने के लिए
d. केवल न्यायालय को रिपोर्ट करने के लिए
99. समझौते को प्रोत्साहित करने के लिए माध्यस्थम् अधिकरण किस समय किसी प्रक्रिया का प्रयोग कर सकता है?
a. केवल मध्यस्थता प्रारंभ होने से पहले
b. केवल पंचाट के बाद
c. माध्यस्थम् कार्यवाहियों के दौरान किसी भी समय
d. केवल न्यायालय के आदेश पर
100. क्या माध्यस्थम् अधिकरण को समझौता प्रोत्साहित करने के लिए पक्षकारों की पूर्व सहमति आवश्यक है?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल अंतरराष्ट्रीय मामलों में
d. केवल पंचाट के बाद
101. पंचाट का सुधार और निर्वाचन, अतिरिक्त पंचाट किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 31
b. धारा 32
c. धारा 33
d. धारा 34
102. यदि माध्यस्थम् अधिकरण, के अधीन किए गए अनुरोध को न्यायसंगत समझता है तो वह, अनुरोध की प्राप्ति से कितने दिन के भीतर सुधार करेगा या निर्वचन करेगा और ऐसा निर्वचन माध्यस्थम् पंचाट का भाग होगा?
a. 30 दिन
b. 60 दिन
c. 45 दिन
d. 15 दिन
103. माध्यस्थम् अधिकरण, माध्यस्थम् पंचाट की तारीख से कितने दिन के भीतर सुधार सकेगा?
a. 15 दिन
b. 30 दिन
c. 45 दिन
d. 60 दिन
104. यदि माध्यस्थम् अधिकरण, उपधारा (4) के अधीन किए गए किसी अनुरोध को न्यायसंगत समझता है, तो वह ऐसे अनुरोध की प्राप्ति से कितने दिन के भीतर, अतिरिक्त माध्यस्थम् पंचाट देगा?
a. 15 दिन
b. 30 दिन
c. 45 दिन
d. 60 दिन
105. माध्यस्थम् पंचाट के विरुद्ध उपाय किस अध्याय से सम्बंधित है?
a. अध्याय 7
b. अध्याय 8
c. अध्याय 9
d. अध्याय 10
106. माध्यस्थम् पंचाट अपास्त करने के लिए आवेदन किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 31
b. धारा 32
c. धारा 33
d. धारा 34
107. माध्यस्थम अधिनिर्णय के अपास्त हेतु देरी के कारण क्षमा हेतु-
a. धारा 34 अपने आप में पूर्ण है।
b. परिसीमा अधिनियम की धारा 5 लागू होती है।
c. (a) और (b) दोनों
d. न तो (a) और न (b)
108. मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 34 (3) के तहत सीमा अवधि प्रारंभ होगी-
a. जिस तारीख को अवार्ड की हस्ताक्षरित प्रति पक्षकार को एक पक्ष स्थापित करने के लिए आवेदन करने के लिए वितरित की जाती है।
b. पुरस्कार की तिथि से
c. किसी भी पक्ष को पुरस्कार की हस्ताक्षरित प्रति के वितरण की तिथि से
d. पुरस्कार के संदर्भ में डिक्री पर मुहर लगाने की तिथि से
109. मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 34 के तहत एक याचिका दायर करने पर-
a. मध्यस्थ निर्णय अक्षम्य हो जाता है।
b. मध्यस्थ पुरस्कार ग्रहण किया जाता है
c. मध्यस्थ निर्णय तब तक निष्पादन योग्य रहता है जब तक कि उसके निष्पादन पर उस न्यायालय द्वारा रोक नहीं लगायी जाती है जिसके समक्ष ऐसी याचिका दायर की जाती है
d. मध्यस्थ निर्णय केवल उस न्यायालय की अनुमति से निष्पादन योग्य होता है जिसके समक्ष मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 34 के तहत याचिका दायर की जाती है।
110. माध्यस्थम् पंचाटों की अंतिमता किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 35
b. धारा 41
c. धारा 40
d. धारा 37
111. प्रवर्तन किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 35
b. धारा 36
c. धारा 37
d. धारा 38
112. माध्यस्थम् करार का उसके पक्षकार की मृत्यु के कारण प्रभावोन्मुक्त होना किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 40
b. धारा 41
c. धारा 42
d. धारा 43
113. माध्यस्थम् प्राधिकार के पक्षकार की मृत्यु का क्या प्रावधान होता है-
a. प्राधिकरण विखंडित हो जायेगा
b. प्राधिकरण विखंडित नहीं होगा
c. मृतक का विधिक प्रतिनिधि माध्यस्थम् को प्राधिकृत करेंगे
d. न्यायालय माध्यस्थम् को प्राधिकृत कर सकेगा
114. निम्नलिखित में से किस प्रकरण में सर्वोच्च न्यायालय द्वारा धारित किया था कि मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 के भाग-1 को भारत से बाहर गठित अन्तर्राष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्था के लिए कोई आवेदन नहीं होगा और इसलिए ऐसा अवार्ड केवल भारतीय न्यायालय के अधिकार क्षेत्र के अधीन होगा, जब उक्त अधिनियम के भाग-2 के अनुसार लागू करने की मांग की गई है-
a. भारत एल्यूमिनियम कंपनी आदि बनाम केसर एल्यूमिनियम टेक्निकल सर्विस आदि (बाल्को) (2012) 9 एस सी सी 552
b. भाटिया इंटरनेशनल बनाम बल्क ट्रेडिंग एस. ए. और अन्य (2002) 4 एस सी सी
c. सचिन गुप्ता और अन्य बनाम के. एस. फ्राग मेटल प्रा. लि. (2018) 10 एस सी सी
d. कानपुर जल संस्थान और अन्य बनाम वी. बापू कंस्ट्रक्शन
115. निम्नलिखित में किसका उपयोग भारतीय मध्यस्था और सुलह अधिनियम, 1996 द्वारा किया गया था।
a. भारत के सर्वोच्च न्यायालय के दिशा-निर्देश से
b. यूरोपीय वामिज्यिक मध्यस्था प्रक्रिया से
c. यूनिकेट्राल 1985
d. उपरोक्त में से कोई नहीं
116. "समझौता और संतुष्टि" का सिद्धान्त-
a. एक माध्यस्थम् करार पर लागू होता है।
b. विधिपूर्ण करार पर लागू नहीं होता है
c. जब पक्षकार संबंधित नहीं होते तो लागू होता है।
d. एक अवयस्क द्वारा हस्ताक्षरित करार पर लागू होता है
117. 1 अगस्त, 2019 को दर्ज किया गया एक मध्यस्थता समझौता मध्यस्थता अधिनियम, 1940 के अनुसार मध्यस्थता करने का प्रावधान करता है?
a. मध्यस्थता, मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 के प्रावधानों द्वारा शासित होगी
b. मध्यस्थता, मध्यस्थता अधिनियम, 1940 के प्रावधानों द्वारा शासित होगा
c. मध्यस्थता खंड शून्य है
d. मध्यस्थता मध्यस्थता अधिनियम, 1940 के प्रावधनों के साथ-साथ मध्यस्थता और सुलह अधिनियम 1996 के प्रावधानों द्वारा शासित होगी
118. पक्षकार 'ए' और 'बी' ने मध्यस्थता की स्थिति पर सहमति व्यक्त की है-
a. मध्यस्थ न्यायाधिकरण द्वारा एकतरफा बदला जा सकता है।
b. बिल्कुल नहीं बदला जा सकता
c. पक्षकारों के समझौते से बदला जा सकता है
d. पक्षकारों द्वारा तब तक बदला नहीं जा सकता जब तक कि मध्यस्थ न्यायाधिकरण अनुमति नहीं देता
119. अंतर्राष्ट्रीय वाणिज्यिक मध्यस्थता के मामले में मध्यस्थ नियुक्त किया जाता है-
a. पक्षकार स्वयं
b. भारत के महान्यायवादी
c. भारत के मुख्य न्यायाधीश
d. दोनों (a) और (c)
120. ठेकेदार 'एक्स' और सड़क निर्माण निगम के बीच एक निर्माण अनुबंध में प्रवेश किया जाता है अनुबंध विशेष रूप से विवादों के कारण देरी से भुगतान के लिए ठेकेदार को किसी भी ब्याज की भुगतान को रोकता है और किसी भी तरह से मध्यस्थ-
a. मध्यस्थ और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 31 (7) के तहत ब्याज देने का विवेकाधिकार हैं।
b. विलंबित भुगतान के कारण कोई ब्याज नहीं दे सकता
c. केवल विलंबित भुगतान के लिए ब्याज नहीं दे सकते लेकिन हर्जाने पर ब्याज दे सकते हैं।
d. ब्याज दे सकता है और क्योंकि यह खंड सार्वजनिक नीति के विपरीत है और शून्य है
121. मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 अवार्ड के तहत
a. हमेशा उन कारणों को बताना होगा जिन पर यह आधारित है
b. कारणों को बताना होगा, सिवाय इसके कि जब पार्टियां इस बात पर सहमत हो कि कोई कारण नहीं बताया जाना है
c. जब अवार्ड सहमत शर्तों पर हो होगा
d. दोनों (b) और (c)
122. मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 42 के तहत रोक लागू नहीं है-
a. उक्त अधिनियम की धारा 8 के तहत आवेदन
b. उक्त अधिनियम की धारा 11 के तहत आवेदन
c. एक अदालत में दायर अधिनियम के तहत आवेदन जिसमें कोई विषय वस्तु क्षेत्राधिकार नहीं है।
d. ये सभी
123. विदेशी पंचाट के प्रवर्तन के लिए शर्तें किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 48
b. धारा 47
c. धारा 46
d. धारा 45
124. मध्यस्थता और सुलह अधिनियम, 1996 की धारा 48 के तहत एक विदेशी पुरस्कार के खिलाफ एक याचिका दायर की जानी चाहिए-
a. क्षेत्रीय और आर्थिक क्षेत्राधिकार वाले जिला न्यायालय
b. हाई कोर्ट
c. सुप्रीम कोर्ट
d. ये सभी
125. अपीलीय आदेश किस धारा से सम्बंधित है?
a. धारा 50
b. धारा 51
c. धारा 52
d. धारा 53
126. धारा 63(1) के अनुसार, सुलहकर्ता की सामान्य संख्या कितनी होगी जब तक कि पक्षकार अन्यथा करार न करें?
a. केवल एक
b. दो
c. तीन
d. चार
127. जब एक से अधिक सुलहकर्ता हों, तो उन्हें कैसे कार्य करना चाहिए?
a. स्वतंत्र रूप से
b. केवल पीठासीन सुलहकर्ता द्वारा
c. संयुक्त रूप से
d. न्यायालय की अनुमति से
128. सुलहकर्ता की नियुक्ति के प्रावधान किसके तहत निर्धारित किया गया है-
a. धारा 64
b. धारा 67
c. धारा 62
d. धारा 61
129. धारा 64(1)(क) के अनुसार, एक सुलहकर्ता वाली सुलह कार्यवाहियों में पक्षकार क्या कर सकते हैं?
a. एक सुलहकर्ता के नाम पर करार कर सकते हैं
b. दो सुलहकर्ताओं की नियुक्ति कर सकते हैं
c. केवल न्यायालय से अनुमति ले सकते हैं
d. पीठासीन सुलहकर्ता नियुक्त कर सकते हैं
130. दो सुलहकर्ताओं वाली कार्यवाहियों में प्रत्येक पक्षकार कितने सुलहकर्ता नियुक्त कर सकता है?
a. कोई नहीं
b. एक
c. दो
d. तीन
131. तीन सुलहकर्ताओं वाली कार्यवाहियों में तीसरे सुलहकर्ता का क्या कार्य होता है?
a. कोई कार्य नहीं
b. केवल दस्तावेज़ संकलन
c. पीठासीन सुलहकर्ता के रूप में कार्य करना
d. न्यायालय में प्रतिनिधित्व करना
132. धारा 64(2) के अनुसार, पक्षकार किससे सुलहकर्ताओं की नियुक्ति के लिए सहायता मांग सकते हैं?
a. किसी न्यायालय से
b. किसी उचित संस्था या व्यक्ति से
c. केवल उच्च न्यायालय से
d. केवल पीठासीन सुलहकर्ता से
133. पक्षकार संस्था या व्यक्ति से किसके लिए अनुरोध कर सकते हैं?
a. केवल दस्तावेज़ संकलन के लिए
b. सुलहकर्ता के रूप में कार्य करने के लिए योग्य व्यक्तियों के नाम सुझाने के लिए
c. न्यायालय में सुनवाई कराने के लिए
d. कोई नहीं
134. जब पक्षकार सीधे किसी संस्था से सुलहकर्ता की नियुक्ति कराते हैं, तो संस्था या व्यक्ति क्या सुनिश्चित करेगा?
a. कि नियुक्ति पक्षकारों की सहमति के बिना हो
b. कि नियुक्ति स्वतंत्र और निष्पक्ष हो
c. कि नियुक्ति केवल स्थानीय नागरिकों में हो
d. कि नियुक्ति न्यायालय के आदेश से हो
135. एकल या तीसरे सुलहकर्ता की नियुक्ति में संस्था किस बात का विशेष ध्यान रखेगी?
a. सुलहकर्ता की शिक्षा
b. सुलहकर्ता की उम्र
c. पक्षकारों की राष्ट्रिकताओं से भिन्न राष्ट्रिकता का सुलहकर्ता होना उपयुक्त है या नहीं
d. सुलहकर्ता का पेशा
136. धारा 63 और 64 का मुख्य उद्देश्य क्या है?
a. न्यायालय की भूमिका बढ़ाना
b. विवादों का न्यायालयीन निपटान करना
c. सुलहकर्ताओं की संख्या और नियुक्ति स्पष्ट करना, ताकि निष्पक्ष और प्रभावी सुलह हो सके
d. केवल दस्तावेज़ी प्रमाण संकलित करना
137. समझौता करार के प्रावधान किसके तहत निर्धारित किया गया है-
a. धारा 73
b. धारा 74
c. धारा 75
d. धारा 76
138. धारा 82 के अनुसार उच्च न्यायालय किनके लिए नियम बना सकता है?
a. केवल मध्यस्थों के लिए
b. केवल न्यायालय के कर्मचारियों के लिए
c. न्यायालय के समक्ष सभी कार्यवाहियों के संबंध में
d. केवल अंतरराष्ट्रीय मामलों के लिए
139. धारा 83(1) के अनुसार, यदि अधिनियम के उपबंधों को लागू करने में कठिनाई उत्पन्न होती है, तो कौन कार्रवाई कर सकता है?
a. उच्च न्यायालय
b. केन्द्रीय सरकार
c. राज्य सरकार
d. किसी भी पक्षकार
140. धारा 84 के अनुसार, नियम बनाने की शक्ति किसके पास है?
a. उच्च न्यायालय
b. राज्य सरकार
c. केन्द्रीय सरकार
d. न्यायालय