
भारतीय संविदा अधिनियम, 1872
Indian Contract Act, 1872
1. भारतीय संविदा अधिनियम को अधिनियमित किया गया था, वर्ष-
a. 1872 में
b. 1950 में
c. 1938 में
d. 1945 में
2. भारतीय संविदा अधिनियम प्रभावी हुआ था-
a. 1 अक्टूबर, 1872
b. 1 सितम्बर, 1872
c. 15 अक्टूबर, 1872
d. 19 अप्रैल, 1872
3. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 में निर्वचन खंड का प्रावधान किया गया है-
a. धारा 1 में
b. धारा 3 में
c. धारा 2 में
d. इनमें से कोई नहीं
4. एक करार जो उसके पक्षकारों में से एक या अधिक के विकल्प पर तो विधि द्वारा प्रवर्तनीय हो, किन्तु अन्य पक्षर या पक्षकारों के विकल्प पर नहीं, वह-
a. वैध संविदा है।
b. शून्य संविदा है।
c. शून्यकरणीय संविदा है।
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
5. संविदा की न्यायिक अवधारणा में सम्मिलित है-
a. स्वतंत्र सम्मति एवं क्षमता
b. प्रतिफल एवं असम्यक असर
c. अनुबंध एवं दायित्व
d. प्रस्ताव एवं प्रतिग्रहण
6. संविदा की विधि अनिवार्य रूप से उन परिस्थितियों को निर्धारित करती है जिनमें-
a. वचनदाता पर वचन विधिक तौर पर बाध्यकारी होगा
b. कोई संविदा एक अपकृत्य तथा अपराध हो-
c. एक वचन न दिया जा सकता हो
d. एक वचन दिया जा सकता हो
7. जैसा कि भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 2 (a) में परिभाषित किया गया है, एक प्रस्थापना का अर्थ है-
a. एक व्यक्ति द्वारा दूसरे के साथ किया गया संवाद
b. किसी बात को करने या करने से प्रविरत रहने की अपनी रजामन्दी किसी अन्य को इस दृष्टि से संज्ञापित करें कि ऐसे कार्य या प्रविरति के प्रति उस अन्य की अनुमति अभिप्राप्त कर सके।
c. कुछ करने की इच्छा
d. एक व्यक्ति द्वारा दूसरे को दिया गया सुझाव
8. जब एक व्यक्ति यह विज्ञापन देता है कि उसके पास बिक्री के लिए पुस्तकों का स्टॉक उपलब्ध है तो वह कर रहा होता है-
a. एक प्रस्ताव
b. विशिष्ट प्रस्ताव
c. प्रस्ताव हेतु आमंत्रण
d. एक स्थाई प्रस्ताव
9. किसी शोरूम में वस्तुओं का मूल्यों के साथ किया गया प्रदर्शन-
a. प्रस्ताव का आमंत्रण होता है
b. उल्लिखित मूल्यों पर वस्तुओं को बेचने का प्रस्ताव होता है
c. प्रति प्रस्ताव होता है
d. मात्र विज्ञापन होता है।
10. किसी अनुबंध का प्रारंभिक बिन्दु होता है-
a. प्रस्ताव का निमन्त्रण / आमंत्रण
b. विज्ञापन
c. प्रतिग्रहण
d. प्रस्ताव
11. निम्नलिखित में से क्या एक प्रस्ताव है?
a. बैंकर द्वारा लगाए जाने वाले प्रभारों की सूची
b. किसी रेस्टोरेंट का मीनूकार्ड
c. किसी नीलामी की बिक्री में दी गई एक निविदा
d. उपरोक्त सभी
12. जब किसी दुकान में कुछ वस्तुओं को उनके साथ लगी मूल्यपट्टिकाओं के साथ प्रदर्शित किया जाता है तो प्रस्ताव आता है-
a. ग्राहक से
b. प्रस्तावक से
c. दुकानदार से
d. सामान्य जनता से
13. नीलामी का एक विज्ञापन होता है-
a. प्रस्ताव
b. केवल एक कथन
c. स्थायी प्रस्ताव
d. प्रस्ताव हेतु आमंत्रण
14. निविदा होती है-
a. एक प्रस्ताव
b. एक प्रति प्रस्ताव
c. प्रस्ताव हेतु एक आमंत्रण
d. एक वचन
15. एक प्रस्ताव दिया जा सकता है-
a. किसी व्यक्ति विशेष को
b. व्यक्तियों के किसी विशेष वर्ग को
c. संपूर्ण विश्व को
d. उपरोक्त सभी को
16. व्यापक जनसमुदाय के समक्ष किया गया एक प्रस्ताव कहलाता है-
a. सामान्य प्रस्ताव
b. विशिष्ट प्रस्ताव
c. वैध प्रस्ताव
d. इनमें से कोई नहीं
17. एक संविदा विधि द्वारा अप्रवर्तनीय हो जाने से अप्रवर्तनीय हो जाती है। यह कहलाती है-
a. शून्य संविदा
b. अप्रवर्तनीय संविदा
c. शून्य करणीय संविदा
d. सांयोगिक संविदा
18. ऐसी संविदा जो विधि द्वारा लागू नहीं की जा सकती है, वह
a. शून्य है
b. वैध है
c. अवैध है
d. शून्यकरणीय है
19. संपूर्ण विश्व के लिए खुला एक सामान्य प्रस्ताव स्वीकार किया जा सकता है-
a. प्रतिग्रहण के एक संवाद प्रेषण द्वारा
b. प्रस्ताव की शर्तों के अनुपालन हेतु स्वयं को प्रस्तुत किए जाने द्वारा
c. प्रस्ताव की शर्तों के अनुपालन द्वारा
d. उपरोक्त में कोई नहीं
20. सामान्य प्रस्ताव के मामले में एक संविदा उत्पन्न होता है-
a. संपूर्ण विश्व के साथ
b. सामान्य प्रस्ताव की शर्तों को पूरा करने वाले व्यक्ति के साथ
c. प्रत्युत्तरात्मक सामान्य प्रस्ताव देने वाले व्यक्ति के साथ
d. प्रस्तावक के मित्र के साथ
21. क ख को फोन करता है और पूछता है कि "क्या आप मुझे अपना घर बेचेंगे? मुझे अपना न्यूनतम मूल्य सूचित करें।" इस सम्बन्ध में एसएमएस द्वारा ख का प्रत्युत्तर था- "मेरे घर का न्यूनतम मूल्य 1 करोड़ रुपए है।" क ने तुरंत ही ख को यह कहते हुए एक एसएमएस भेजा " जैसा आपने माँग की है, मैं आपका घर खरीदने को सहमत हूँ।"करोड़ रुपए में ख ने इसका कोई प्रत्युत्तर नहीं दिया और बाद में घर को ग को बेच दिया। ख द्वारा क को भेजा गया एसएमएस-
a. प्रस्ताव प्राप्त करने हेतु एक आमंत्रण था
b. एक प्रस्ताव था
c. एक प्रतिग्रहण था
d. इनमें से कोई नहीं
22. एक समाचारपत्र में प्रकाशित निविदा होती है-
a. वचन
b. प्रस्ताव
c. प्रस्ताव हेतु आमंत्रण
d. प्रतिग्रहण हेतु आमंत्रण
23. पुस्तकों की एक ऐसी सूची, जिसमें प्रत्येक पुस्तक के मूल्य तथा उपलब्धि के स्थान को विनिर्दिष्ट किया गया हो, को क्या कहा जाएगा?
a. प्रस्ताव हेतु आमंत्रण
b. एक प्रस्ताव
c. पुस्तक बिक्री का एक अनुग्रह
d. सूचीबद्ध स्थान पर पुस्तकों की उपलब्धता का वचन
24.'ल' को 'ज' के भतीजे की खोज करने हेतु भेजा गया। इसी बीच 'अ' ने विज्ञापन के माध्यम से ऐसे किसी भी व्यक्ति को 501 रुपए पुरस्कार देने की घोषणा कर दी जो उसके भतीजे को खोज लाएगा। 'ल' ने लड़के को खोज लिया और बाद में जानकारी होने पर पुरस्कार का दावा किया। इस पुरस्कार के लिए 'ल'-
a. अधिकारी है
b. अधिकारी नहीं है क्योंकि यह प्रस्ताव उसे सूचित नहीं किया गया था
c. प्रस्ताव सामान्य होने के कारण अधिकारी नहीं है
d. प्रतिफल अपर्याप्त होने के कारण अधिकारी नहीं है।
25. क ने एक स्थानीय कॉलेज में प्रधानाचार्य के पद के लिए आवेदन दिया तथा शासी निकाय ने उसकी नियुक्ति के प्रस्ताव को पारित कर दिया। बैठक के 'बाद शासी निकाय के समस्त सदस्यों में से एक ने उसे इस प्रस्ताव के सम्बन्ध में व्यक्तिगत तौर पर सूचित कर दिया। बाद में यह प्रस्ताव निरस्त कर दिया गया। क क्षतिपूर्ति का दावा करता है। इस संदर्भ में निम्नलिखित में से कौन सी स्थिति सही है?
a. क क्षतिपूर्ति का दावा कर सकता है क्योंकि प्रस्ताव के सम्बन्ध में उसके पास व्यक्तिगत सूचना मौजूद थी
b. क पद के योग्य नहीं है अतः वह क्षतिपूर्ति का दावा नहीं कर सकता
c. क क्षतिपूर्ति का दावा नहीं कर सकता क्योंकि उसे सूचित नहीं किया गया था
d. शासी निकाय एक बार पारित किए जा चुके प्रस्ताव को निरस्त नहीं कर सकता, अतः क क्षतिपूर्ति का दावा कर सकता है
26. जब मुद्रा बाजार तंग हो, किसी ऋणी को ऊँची व्याजदर पर धन उधार देना, ऋण के अनुबंध को बना देता है-
a. शून्य
b. शून्यकरणीय
c. वैध
d. अवैध
27. किसका कथन है कि "प्रस्ताव किसी निश्चित व्यक्ति के समक्ष प्रस्तुत किया जाना आवश्यक नहीं होता, किन्तु एक अनुबंध तब तक उत्पन्न नहीं हो सकता जब तक इसे किसी निश्चित व्यक्ति द्वारा स्वीव न कर लिया गया हो "?
a. एन्सन
b. लार्ड एटकिन
c. लार्ड गोडार्ड
d. चेशायर एवं फिफूट
28. एक प्रस्ताव डाक द्वारा प्रेषित किया गया। प्रतिग्रहीता ने पत्र पर 'स्वीकृत' लिख दिया और इसे अपनी मेज में रखकर भूल गया। यह संव्यवहार-
a. कोई संविदा नहीं है क्योंकि प्रतिग्रहण को प्रस्तावक को कभी सूचित नहीं किया गया था।
b. वैध संविदा है
c. शून्यकरणीय संविदा है
d. न्य संविदा है
29. निम्नलिखित में से क्या एक प्रस्ताव का गठन करता है?
a. एक स्वयं सेवी दुकान में मूल्य-पट्टिका के साथ वस्तुओं का प्रदर्शन
b. विज्ञापनदाता के खोए हुए कुत्ते को खोजने वाले किसी भी व्यक्ति को 5,000 रुपए का पुरस्कार प्रदान किए जाने का विज्ञापन
c. जब कोई व्यक्ति यह विज्ञापन देता है कि उसके पास 100 रुपए प्रति पुस्तक की दर से बेचने हेतु पुस्तकों का स्टॉक उपलब्ध है
d. किसी नीलामीकर्ता की घोषणा कि विनिर्दिष्ट वस्तुएं किसी निश्चित तिथि पर नीलामी द्वारा बेची जाएगी
30. एक प्रस्ताव स्वीकार कर लिए जाने पर बन जाता है-
a. करार
b. वचन
c. संविदा
d. प्रतिग्रहण
31. निम्नलिखित में से किसका स्पष्ट उल्लेख भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 2(ख) में किया गया है?
a. एक प्रस्ताव, जब स्वीकार कर लिया जाता है तो एक संविदा हो जाता है।
b. एक प्रस्ताव, जब स्वीकार कर लिया जाता है तो एक वचन हो जाता है।
c. एक प्रस्ताव, जब स्वीकार कर लिया जाता है तो एक अनुबंध हो जाता है
d. एक प्रस्ताव, जब स्वीकार कर लिया जाता है तो एक आश्वासन हो जाता है।
32. भारतीय संविदा अधिनियम की निम्नलिखित में से कौन सी धारा 'प्रतिफल' को परिभाषित करती है?
a. धारा 2 (घ)
b. धारा 2 (क)
c. धारा 2(ख)
d. धारा 2 (ग)
33. प्रतिफल के सम्बन्ध में निम्नलिखित नियम सही हैं-
a. यह अवश्य ही पर्याप्त होना चाहिए
b. इसे वचनदाता की वांछा पर अग्रसरित होना चाहिए
c. यह वर्तमान अथवा भावी अवश्य होना चाहिए
d. यह वचनग्रहीता की वांछा पर अग्रसारित होना चाहिए
34. भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत प्रतिफल-
a. वचनग्रहीता से उत्पन्न हो सकता है।
b. किसी अन्य व्यक्ति से उत्पन्न हो सकता है
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों नहीं
35. निम्नलिखित में से कौन सा कथन प्रतिफल के संदर्भ में सही नहीं है-
a. इससे अपरिचित वाद प्रस्तुत नहीं कर सकता
b. यह अतीतकालीन भी हो सकता है।
c. इसका पर्याप्त होना आवश्यक नहीं है।
d. इसे अवश्य ही वास्तविक होना चाहिए
36. निम्नलिखित में से कौन सही है?
a. भूतकालीन प्रतिफल कोई प्रतिफल नहीं होता
b. प्रतिफल भूतकालीन, वर्तमान अथवा भावी हो सकता है
c. प्रतिफल केवल वर्तमान हो सकता है
d. प्रतिफल केवल भावी हो सकता है
37. प्रतिफल का अर्थ है-
a. विधि की नजर में इसका कुछ मूल्य अवश्य होना चाहिए
b. इसे अवश्य ही वास्तविक होना चाहिए
c. इसे अवश्य ही भ्रामक नहीं होना चाहिए
d. उपरोक्त सभी सही हैं।
38. प्रतिफल के सम्बन्ध में निम्नलिखित कथनों से कौन सा सही नहीं है?
a. यह अवश्य ही वचनदाता की वांछा पर दिया गया होना चाहिए
b. इससे अपरिचित इस पर वाद नहीं ला सकता
c. यह भूतकालीन भी हो सकता है।
d. इसका वचन के प्रति पर्याप्त होना आवश्यक नहीं होता
39. निम्नलिखित में से कौन सी जोड़ी सुमेलित है
a. भारत में, प्रतिफल केवल वचनग्रहीता से आना चाहिए
b. भारत में, प्रतिफल केवल वचनदाता अथवा वचनग्रहीता से ही आना चाहिए
c. भारत में प्रतिफल केवल वचनदाता अथवा किसी अन्य व्यक्ति से आना चाहिए
d. भारत में प्रतिफल केवल वचनग्रहीता अथवा किसी अन्य व्यक्ति से आना चाहिए
40. निम्नलिखित में से क्या एक प्रतिफल हेतु अनिवार्य नहीं है?
a. पर्याप्त होना चाहिए
b. इसे अवश्य ही वचनदाता की वांछा पर दिया गया होना चाहिए
c. मूल्यवान होना चाहिए
d. विधिसम्मत होना चाहिए
41. 'क' अपने मामा को ऐसी संपत्तियों के प्रतिफलस्वरूप भरण-पोषण भत्ता देने का वादा करती है जिसे उसे उसकी माँ द्वारा उपहारस्वरूप प्रदान किया गया था। 'क' भरण-पोषण की राशि का भुगतान करने से इंकार कर देती है और मामा 'क' द्वारा वचन पालन न करने हेतु उसके विरूद्ध वाद लाता है। निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? मामा-
a. सफल नहीं होगा क्योंकि प्रतिफल से अपरिचित होने के कारण वह संविदा के आधार पर वाद नहीं ला सकता
b. सफल होगा क्योंकि भारतीय संविदा अधिनियम के अनुसार प्रतिफल वचनग्रहीता अथवा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दिया जा सकता है।
c. सफल होगा क्योंकि वह नजदीकी नातेदार है और ऐसे मामलों में प्रतिफल आवश्यक नहीं होता
d. सफल होगा क्योंकि नजदीकी नातेदार द्वारा दिया गया प्रतिफल को वचनग्रहीता द्वारा प्रतिफल माना जा सकता है
42. स्वतंत्र सम्मति से किया गया एक वैध करार, जिसका प्रतिफल अपर्याप्त हो, होता है-
a. विधिपूर्ण
b. विधिविरूद्ध
c. शून्य
d. शून्यकरणीय
43. 'क', बिना किसी के निवेदन के,'ख' के गोदाम में लगी आग बुझा देता है। उसके कारण उसे शारीरिक चोट पहुँचती है। यदि 'ख' उसके उपचार पर किए गए संपूर्ण व्यय की क्षतिपूर्ति का वचन देता है तो यह संविदा-
a. प्रवर्तनीय होगी
b. अप्रवर्तनीय होगी क्योंकि यह अनैतिक है।
c. प्रतिफल के अभाववश शून्य होगी
d. शून्यकरणीय होगी
44. वचन एवं एक-दूसरे के लिए प्रतिफल का गठन करने वाले वचनों का प्रत्येक समूह-
a. एक प्रतिग्रहण होता है
b. एक करार होता है
c. एक संविदा होती है।
d. एक प्रस्ताव होता है
45. द्वारा अप्रवर्तनीय एक करार को कहा जाता है
a. शून्यकरणीय संविदा
b. शून्य
c. विधिविरूद्ध संविदा
d. संविदाकल्प
46. सही कथन को चुनें-
a. किसी एक पक्ष के विकल्प न कि दूसरे पक्ष के विकल्प किसी एक पक्ष के विकल्प न कि दूसरे पक्ष के विकल्प पर प्रवर्तनीय करार शून्य करार कहा जाता है
b. विधि द्वारा अप्रवर्तनीय एक करार शून्य करार कहा जाता है
c. एक करार, जो विधिपूर्ण हो, शून्य हो सकता है
d. किसी एक पक्ष के विकल्प पर प्रवर्तनीय अनुबंध शून्य होता है
47. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 में 'संविदा' को किस धारा के अंतर्गत परिभाषित किया गया है?
a. 2(a)
b. 2(ज)
d. 2(घ)
48. निम्नलिखित में से क्या सही है? एक संविदा-
a. लिखित में होना आवश्यक है
b. मौखिक हो सकती है
c. साक्षियों की उपस्थिति में किया गया होना आवश्यक है
d. स्टैम्पपत्र पर अवश्य ही लिखित होना चाहिए
49. निम्नलिखित में से कौन सा तत्व संविदा हेतु अनिवार्य नहीं है-
a. संपत्ति
b. प्रस्ताव
c. प्रतिग्रहण
d. प्रतिफल
50. एक संविदा के गठन में तीन अनिवार्य तत्वों के बीच निम्नलिखित में से क्या शामिल नहीं है-
a. प्रतिफल
b. प्रस्ताव
c. क्षति
d. प्रतिग्रहण
51. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 2 (ज) के अनुसार एक "संविदा" होती है-
a. विधि द्वारा प्रवर्तनीय एक करार
b. दो अथवा अधिक पक्षों के बीच एक करार
c. कुछ करने का एक वचन
d. किसी आदेश का प्रतिग्रहण
52. विधि द्वारा अप्रवर्तनीय एक करार को किस धारा के अनुसार शून्य कहा जाता है-
a. धारा 2(छ)
b. धारा 2(घ)
c. धारा 2(ङ)
d. धारा 2(च)
53. किसी एक अथवा अधिक पक्षों के आग्रह पर किन्तु दूसरे अथवा अन्य पक्षों द्वारा आग्रह न किए जाने पर विधि द्वारा प्रवर्तनीय एक करार को भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 2(झ) के अंतर्गत क्या कहा जाता है?
a. एक शून्यकरणीय संविदा
b. एक वैध संविदा
c. एक अवैध संविदा
d. एक शून्य संविदा
54. एक संविदा, जो प्रारंभिक तौर पर वैध है, हालांकि, बाद में प्रवर्तनीय नही रह जाती का परिणाम क्या होता है-
a. वैध बनी रहती है
b. प्रवर्तनीय न रह जाने पर शून्य हो जाती है
c. प्रवर्तनीय न रह जाने पर शून्यकरणीय हो जाती है
d. प्रारंभ से ही शून्य हो जाती है
55. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है- एक शून्यकरणीय संविदा ऐसा करार होता है जो
a. उसके किसी एक अथवा अधिक पक्षकारों के विकल्प पर विधि द्वारा प्रवर्तनीय होता है, किन्तु दूसरों के विकल्प पर नहीं
b. न्यायालय की अनुमति से प्रवर्तनीय होता है
c. सके पक्षकारों द्वारा प्रवर्तनीय होता है।
d. उसके किसी भी पक्षकार द्वारा प्रवर्तनीय नहीं होता
56. अभिकथन (अ) किसी संविदा से अपरिचित व्यक्ति संविदा का प्रवर्तन नहीं कर सकता। तर्क (त) वह संविदा का एक पक्षकार नहीं होता तथा इसका लाभ नहीं ले सकता।
a. तथा (त) दोनों सही हैं किन्तु (त) (अ) का सही स्पष्टीकरण नहीं है
b. (अ) तथा (त) दोनों सही हैं तथा (त) (अ) का सही स्पष्टीकरण है
c. (अ) सही है किन्तु (त) गलत है।
d. (अं) गलत है किन्तु (त) सही है
57. संविदा का सह-सम्बन्ध यह होता है कि-
a. संविदा के लाभार्थी पक्षकारों पर वाद ला सकते हैं।
b. संविदा के पक्षकार एक-दूसरे पर बाद ला सकते हैं
c. संविदा पक्षकार तृतीयपक्ष पर वाद ला सकते हैं
d. उपरोक्त (b) तथा (c) दोनों
58. संविदा के सह सम्बन्ध का सिद्धांत का अर्थ यह है कि-
a. केवल संविदा के पक्षकार ही वाद ला सकते हैं अथवा उनपर वाद लाया जा सकता है।
b. एक संविदा पक्षकारों के बीच का निजी मामला होता है।
c. प्रतिफल की पूर्ति केवल संविदा के पक्षकारों द्वारा ही की जा सकती है
d. संविदा को केवल सिविल एवं निजी कार्यवाही द्वारा ही प्रवर्तित किया जा सकता है
59. वचन विबन्ध को अनेक बार समानार्थी कहा जाता है—
a. नवीकरण का
b. संविदा कल्प का
c. प्रपीड़न का
d. प्रतिफल का
60. वचनात्मक विबंधन पर निम्न में से कौन-सा एक केस है?
a. केदारनाथ बनाम गोरी मोहम्मद
b. दिल्ली क्लॉथ एंड जनरल मिल्स लि.
c. (a) और (b) दोनों
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
61. निम्नलिखित में से क्या एक संविदा के इस नियम अथवा सह सम्बन्ध के सिद्धांत का एक अपवाद है कि एक संविदा से अपरिचित व्यक्ति बाद नहीं ला सकता?
a. बंधक
b. पारिवारिक समझौता
c. अभिकरण
d. उपरोक्त (a) तथा (ग) दोनों
62. ‘संविदा का सह-सम्बन्ध' के सिद्धांत के अपवादों में शामिल नहीं होता-
a. किसी प्रभार के अधीन लाभार्थीगण
b. विबन्धन
c. साम्यिक बंधक
d. वैवाहिक समझौता
63. निम्नलिखित में से क्या भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के अंतर्गत एक वैध संविदा के लिए अनिवार्य होता है?
a. अधिकारों की वैधता की खोज हेतु पक्षकारों का बैठक करना
b. पक्षकारों के मन का मेल खाना
c. प्रतिफल पर चर्चा करने के लिए पक्षकारों की बैठक
d. प्रस्ताव एवं स्वीकृति पर चर्चा हेतु पक्षकारों की बैठक
64. निम्नलिखित में क्या सही है?
a. प्रस्ताव स्वीकृति वचन
b. वचन + प्रतिफल करार
c. करार प्रवर्तनीयता
d. उपरोक्त सभी
65. किसी संविदा तथा सामाजिक अनुबंध के बीच किस बात का अंतर होता है-
a. प्रतिफल का
b. विधिक सम्बन्ध बनाने की आशय
c. सामान्य समझ से आम सहमति
d. निष्पादन की सुनिश्चितता
66. संविदा की निम्नलिखित अनिवार्यताओं में से किसे भारतीय संविदा अधिनियम,1872 में स्थान प्राप्त नहीं है?
a. पक्षकारों की योग्यता
b. वास्तविक प्रतिफल
c. विधिपूर्ण उद्देश्य
d. संविदा का आशय
67. संविदा के आशय का परीक्षण है-
a. व्यक्तिपरक होना
b. मामले पर निर्भर करता है
c. उद्देश्यपरक होना
d. इनमें से कोई नहीं
68. किसी एकपक्षीय संविदा, जिसमें केवल एक ही पक्ष बाध्य होता है, को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है-
a. मौन संविदा
b. निहित संविदा
c. निष्पादित संविदा
d. कार्यकारी संविदा
69. संविदा के गठन का सही क्रम है
a. प्रस्ताव स्वीकृति, करार, प्रतिफल
b. प्रस्ताव, प्रतिफल, स्वीकृति, करार
c. करार, प्रतिफल, प्रस्ताव स्वीकृति
d. प्रस्ताव स्वीकृति प्रतिफल, अनुबंध
70. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम के अंतर्गत अपरिभाषित शब्दों को किसके अनुसार समझा जाएगा-
a. भारतीय उत्तराधिकार अधिनियम
b. संपत्ति अन्तरण अधिनियम
c. भारतीय संविदा अधिनियम
d. इनमें से कोई नहीं
71. आसंजन की संविदाएं होती हैं-
a. संविदाओं से मानक
b. अनुचित संविदाएं
c. विधि विरूद्ध संविदाएं
d. अवयस्क की संविदाएं
72. संविदा का एक मानक प्रारूप वह होता है जिसमें--
a. शर्तों को पक्षकारों में से किसी एक द्वारा अग्रिम तौर पर निर्धारित किया जाता है तथा यह किसी के द्वारा भी स्वीकृति हेतु खुली होती हैं।
b. सभी शर्तों को उस राज्य की सरकार द्वारा निर्धारित किया गया होता है जिससे पक्षकार सम्बद्ध हों.
c. शर्तें उस व्यापार की प्रथाओं द्वारा पूर्व निर्धारित होती हैं जिससे पक्षकार सम्बद्ध हों
d. शर्तें जिनके आधार पर सामान्य प्रकृति के व्यवसायिक संव्यवहारों को संपन्न किया जाता हो
73. निम्नलिखित में से कौन सी संविदा विशिष्ट तौर पर प्रवर्तनीय होती है?
a. ख' द्वारा जबलपुर विश्वविद्यालय में विधि पर एक व्याख्यान प्रस्तुत करने की संविदा
b. विवाह की संविदा
c. 'ख' द्वारा 'क' के साथ उस समय माल आपूर्ति की संविदा जब 'क' को इसकी आवश्यकता हो
d. इनमें से कोई नहीं
74. 'A' अपने खोए हुए कुत्ते को किसी के द्वारा खोजे जाने पर उस व्यक्ति को रु. 1,000 देने का प्रस्ताव करता है।
a. एक विशेष प्रस्ताव है
b. एक सामान्य प्रस्ताव है
c. निश्चित नहीं है.
d. स्वीकृति की एक धनराशि है
75. निम्नलिखित में से किसका प्रावधान भारतीय संविदा अधिनियम,1872 की धारा 4 तथा 5 में नहीं किया गया है?
a. संविदा का प्रतिसंहरण
b. प्रस्ताव की संसूचना
c. प्रतिग्रहण की संसूचना
d. प्रस्ताव एवं प्रतिग्रहण का प्रतिसंहरण
76. निम्नलिखित में से किसका प्रावधान भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 4 में नहीं किया गया है?
a. प्रस्तावों एवं प्रतिग्रहण का प्रतिसंहरण
b. प्रस्तावों की संसूचना
c. प्रतिग्रहण की संसूचना
d. प्रतिसंहरण की संसूचना
77. निम्नलिखित में से किस मामले में एक प्रस्ताव का प्रतिसंहरण किया जा सकता है यदि इसे डाक द्वारा प्रेषित किया गया हो ?
a. प्रतिग्रहण पत्र के वचनदाता के पास पहुँचने तक
b. जब तक वचनग्रहीता यह अभिस्वीकृति न प्राप्त कर ले कि प्रतिग्रहण पत्र वचनदाता को सुपुर्द किया जा चुका है
c. एक बार प्रस्तुत किया जा चुके प्रस्ताव का प्रतिसंहरण नहीं किया जा सकता
d. वचनग्रहीता के द्वारा अपने प्रतिग्रहण का पत्र डाक में डाले जाने के पूर्व
78. 'क' टेलीग्राम द्वारा ख को भेजा गया अपना प्रस्ताव प्रतिसंहृत कर लेता है। भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 4 के अंतर्गत 'क' के विरूद्ध प्रतिसंहरण तब पूर्ण हो जाता है जब टेलीग्राम-
a. क के द्वारा प्रेषित किया जा चुका हो।
b. ख के द्वारा प्राप्त कर लिया गया हो
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
d. इनमें से कोई नहीं
79. 'नॉन इस्ट फैक्टम' का अर्थ है?
a. प्रपीड़न में निष्पादित दस्तावेज
b. अनुचित प्रभाव के अंतर्गत निष्पादित दस्तावेज
c. अज्ञानता में निष्पादित दस्तावेज
d. भारत के बाहर निष्पादित दस्तावेज
80. डाक द्वारा प्रतिग्रहण के मामले में किस बिन्दु पर प्रस्तावक के विरूद्ध प्रतिग्रहण पूर्ण होता है?
a. जब स्वीकृतिपत्र लिखा जा चुका
b. जब स्वीकृतिपत्र प्राप्त किया जा चुका हो
c. जब स्वीकृतिपत्र संचार माध्यम में इस प्रकार प्रेषित कर दिया गया हो कि प्रतिग्रहीता की शक्ति के बाहर हो जा
d. जब स्वीकृतिपत्र को प्रस्तावक द्वारा पढ़ा जा चुका हो
81. डॉक द्वारा प्रेषित प्रतिग्रहण-
a. प्रस्तावक के संज्ञान में आने के पूर्व प्रतिसंहत किया जा सकता है
b. कदापि प्रतिसंहृत नहीं किया जा सकता
c. किसी भी समय प्रतिसंहत किया जा सकता है
d. केवल तभी प्रतिसंहत किया जा सकता है जब यह प्रस्तावक के पास न पहुँचा हो
82.'क' एक पत्र के माध्यम से 'ख' को एक निश्चित मूल्य पर एक घर बेचने का प्रस्थापना करता है। प्रस्थापना की संसूचना पूरी हो जाती है जब-
a. 'क' पत्र डॉक में डालता है।
b. 'ख' पत्र प्राप्त कर लेता है।
c. क' पत्र लेखन पूरा कर लेता है।
d. 'क' को पत्र डॉक में डाले जाने की सूचना प्राप्त होती है।
83. प्रतिग्रहीता के विरूद्ध प्रतिग्रहण की संसूचना केवल तब पूर्ण होती है जब-
a. इसे संसूचना प्रक्रिया में प्रेषित कर दिया गया हो.
b. जब इसे प्रतिग्रहीता को संसूचित किया जा चुका हो कि प्रतिग्रहण प्रस्तावक के पास पहुँच चुका है।
c. जब यह प्रस्तावक के संज्ञान में आ चुका हो
d. उपरोक्त सभी
84. कौन सा कथन सत्य नहीं है?
a. प्रस्तावक द्वारा दूसरी पार्टी को प्रस्ताव के निरस्तीकरण की सूचना के संचार द्वारा प्रस्ताव रद्द होता है।
b. प्रस्ताव की स्वीकृति के लिए दिए गए निर्धारित समय की चूक से प्रस्ताव रद्द होता है।
c. अगर कोई समय निर्धारित नहीं है तो उचित समय के चूक जाने से प्रस्ताव रद्द हो जाता है।
d. निर्धारित समय में नहीं मिलने से कोई प्रस्ताव रद्द हो जाता है।
85. स्वीकृति-
a. एक सप्ताह के भीतर प्राप्त होनी चाहिए
b. एक पखवाड़े के भीतर प्राप्त होनी चाहिए
c. पूर्ण और बिना किसी शर्त के होनी चाहिए
d. पूर्ण और शर्त के साथ होनी चाहिए
86. जब प्रतिग्रहण टेलीफोन द्वारा किया गया हो तब संविदा को ऐसे स्थान पर पूर्ण माना जायेगा, जहाँ-
a. जहाँ प्रतिग्रहण प्रदान किया गया हो
b. जहाँ प्रतिग्रहीता निवास करता हो
c. प्रतिग्रहण सुना अथवा प्राप्त किया गया हो
d. इनमें से कोई नहीं
87. डाक द्वारा कोई संविदा ऐसे स्थान पर पूर्ण होती हैजहाँ से-
a. प्रस्ताव प्रेषित किया गया हो
b. प्रतिग्रहण डॉक में प्रेषित किया गया हो।
c. प्रतिग्रहण प्राप्त किया गया हो
d. वस्तुओं को सुपुर्द किया जाना हो
88. न्यायालयों की अधिकारिता के विवाद के मामले में संविदा का मामला उस स्थान की विधि द्वारा शासित होगा जहाँ-
a. संविदा निष्पादित की गई हो
b. प्रतिग्रहीता निवास करता हो
c. संविदा की गई हो
d. प्रस्तावक निवास करता हो
89. किसी प्रस्ताव की संसूचना पूर्ण हो जाती है-
a. जब यह उस व्यक्ति के संज्ञान में आ जाए जिसके समक्ष इसे प्रस्तुत किया गया है
b. जब प्रस्तावपत्र को संसूचना के मार्ग पर प्रेषित कर दिया गया हो
c. जब संसूचना उस व्यक्ति द्वारा प्राप्त कर ली गई हो जिसे प्रस्ताव किया गया था
d. जब संसूचित प्रस्ताव उस व्यक्ति द्वारा पढ़ लिया गया हो जिसे प्रस्ताव किया गया था
90. एक प्रस्ताव प्रतिसंहत नहीं किया जा सकता-
a. प्रतिग्रहण से जुड़ी किसी शर्त को पूरा करने में प्रतिग्रहीता की विफलता के कारण
b. प्रस्ताव में प्रतिग्रहण हेतु निर्धारित समय के व्यतीत हो जाने के कारण
c. इसके प्रतिग्रहण की संसूचना के पूर्ण हो जाने के बाद
d. प्रस्तावक के पागलपन के कारण
91. पत्र अथवा टेलीग्राम द्वारा प्रस्ताव का प्रतिसंहरण पूरा हो सकता है-
a. जब इसे प्रेषित कर दिया गया हो
b. जब यह प्रस्तावग्रहीता तक पहुँच गया हो
c. जब इसे प्रस्तावग्रहीता द्वारा प्राप्त कर लिया गया हो
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
92. क डॉक द्वारा प्रेषित एक पत्र के माध्यम से ख को अपना घर बेचने का प्रस्ताव करता है। क के प्रस्ताव को ख द्वारा एक पत्र प्रेषित करते हुए स्वीकार कर । लिया जाता है। क अपने प्रस्ताव का प्रतिसंहरण कब कर सकता है?
a. क ख के द्वारा प्रतिग्रहणपत्र प्रेषित करने के पूर्व किसी भी समय पर प्रस्ताव को प्रतिसंहत कर सकता है
b. क अपने प्रस्ताव को ख के द्वारा डॉक के माध्यम से प्रतिग्रहणपत्र प्रेषित करने के बाद प्रतिसंहत कर सकता है
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों सही हैं।
d. इनमें से कोई नहीं
93. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन सही है?
a. सभी करार संविदाएं होते हैं किन्तु सभी संविदाएं करार नहीं होतीं
b. एक प्रतिग्रहण प्रतिग्रहीता के विरूद्ध संसूचना के पूर्ण होने के पूर्व किसी भी समय प्रतिसंहृत किया जा सकता है, किन्तु बाद में नहीं
c. एक व्यक्ति, जो सामान्यतः स्वस्थ्य चित्त है, किन्तु कभी- कभी विकृतचित्त हो जाता है, स्वस्थचित्त रहने के दौरान एक संविदा नहीं कर सकता
d. किसी प्रतिसंहरण की संसूचना ऐसे व्यक्ति के विरूद्ध तब पूर्ण हो जाती है जब इसे उस व्यक्ति, जिसे संसूचित किया जाना हो, को संसूचित किए जाने के मार्ग पर इस प्रकार प्रेषित कर दिया गया हो कि यह संसूचना प्रेषक के अधिकार के बाहर हो जाए
94. एक प्रस्ताव प्रतिसंहत हो जाता है-
a. प्रस्तावकर्ता की मृत्यु अथवा पागलपन के कारण, यदि उसकी मृत्यु अथवा पागलपन का तथ्य प्रतिग्रहीता के संज्ञान में प्रतिग्रहण के पूर्व ही आ गया हो
b. स्वयं प्रस्तावकर्ता की मृत्यु अथवा पागलपन के कारण
c. मृत्यु अथवा पागलपन के कारण, यदि मृत्यु अथवा पागलपन का तथ्य प्रतिग्रहीता के संज्ञान में आ गया हो
d. उपरोक्त में कोई सही नहीं है।
95. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही नहीं है?
a. प्रतिग्रहण संसूचित अवश्य किया जाना चाहिए.
b. प्रतिग्रहण निर्धारित तरीके से किया जाना आवश्यक है।
c. प्रतिग्रहण अवश्य ही लिखित में होना चाहिए
d. मौखिक प्रतिग्रहण एक वैध प्रतिग्रहण होता है
96. किसी प्रस्ताव को वचन में परिवर्तित करने हेतु प्रतिग्रहण का कैसा होना अनिवार्य होता है-
a. पूर्ण एवं शर्तहीन
b. सशर्त
c. बिना शर्त
d. सामान्य
97. निम्नलिखित में से कौन एक प्रस्ताव का वैध प्रतिग्रहण है?
a. जब प्रतिग्रहण प्रस्तावक द्वारा निर्धारित विधि अनुसार किया गया हो
b. जब किसी प्रस्ताव की अनभिज्ञता में कोई प्रतिग्रहण किया गया हो
c. जब प्रतिग्रहण सामान्य तरीके तथा समुचित विधि से किया गया हो किन्तु प्रस्तावक द्वारा निर्धारित विधि से न किया गया हो
d. इनमें से कोई नहीं
98. निम्नलिखित कथनों में से कौन सा एक सही नहीं है-
a. मौखिक प्रतिग्रहण एक वैध प्रतिग्रहण होता है
b. प्रतिग्रहण संसूचित अवश्य किया गया होना चाहिए
c. प्रतिग्रहण निर्धारित विधि में अवश्य होना चाहिए
d. प्रतिग्रहण अवश्य ही लिखित में होना चाहिए
99. जब कोई आवेदन न किया गया हो तथा वचन के निष्पादन हेतु कोई समय निर्दिष्ट न किया गया हो तब करार का निष्पादन कितने समय के अंतर्गत किया जाता है-
a. समुचित समय
b. तीन वर्ष
c. दो वर्ष
d. एक वर्ष
100. सभी करार संविदा होते हैं यदि-
a. उन्हें संविदा के सक्षम पक्षकारों की स्वतंत्र सम्मति से किया गया हो
b. किसी विधिपूर्ण प्रतिफल तथा एक विधिपूर्ण उद्देश्य के साथ किया गया हो
c. स्पष्ट तौर पर शून्य न घोषित हों
d. उपरोक्त सभी
101. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 10 के अंतर्गत किसी करार को संविदा में परिवर्तित होने हेतु कितनी शर्तों की पूर्ति अनिवार्य है-
a. 3
b. 6
c. 7
d. 5
102. भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत एक करार कब संविदा बन जाता है?
a. जब यह विधि द्वारा प्रवर्तनीय हो
b. यह संविदा हेतु सक्षम पक्षकारों के बीच किया गया हो (
c. इसे पक्षकारों की स्वतंत्र सम्मति से किया गया हो
d. उपरोक्त सभी
103. निम्नलिखित में से कौन एक वैध संविदा का अनिवार्य. घटक है?
a. पक्षकारों की योग्यता एवं संविदात्मक क्षमताएं
b. सामाजिक एवं आर्थिक दबाव, जिनका सामना पक्षकारों को करना पड़ा हों
c. एक पक्ष का दूसरे पर प्रभुत्व
d. पक्षकारों के विधिक प्रभाव
104. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
a. सभी करार संविदा होते हैं यदि उन्हें सक्षम पक्षकारों के बीच एक बार स्वतंत्र सम्मति के साथ किसी विधिपूर्ण प्रतिफल तथा विधिपूर्ण उद्देश्य, जिसे विधि द्वारा स्पष्टतौर पर शून्य न घोषित किया गया हो, के लिए संपन्न किया गया हो
b. सभी करार संविदा होते हैं यदि पक्षकारों के बीच उन्हें एकबार किसी प्रतिफल के बदले संपत्र किया गया हो
c. सभी करार संविदा होते हैं यदि पक्षकारों के बीच उन्हें एकबार स्वतंत्र सम्मति के साथ संपन्न किया गया हो
d. सभी करार संविदा होते हैं यदि सक्षम पक्षकारों के बीच संपन्न किया गया हो
105. संविदा विधि के एक सामान्य सिद्धांत के रूप में निम्नलिखित में से क्या एक वैध संविदा का अनिवार्य तत्व नहीं है?
a. लिखत
b. संविदा हेतु योग्यता:
c. विधिपूर्ण प्रतिफल एवं विधिपूर्ण उद्देश्य
d. स्वतंत्र सम्मति
106. एक संविदा के लिए निम्नलिखित में से कौन-सा तत्त्व आवश्यक नहीं है?
a. समर्थ पक्षकार
b. स्वतंत्र सहमति
c. औचित्यपूर्ण निबन्धन एवं शर्तें
d. विधिपूर्ण प्रतिफल
107. निम्न में से कौन-सा सही है?
a. सभी करार, संविदायें होती हैं यदि एक बार वो पक्षकारों के बीच एक प्रतिफल के लिए गठित होती हैं।
b. सभी करार, संविदायें होती हैं यदि एक बार वो पक्षकारों के बीच उनकी स्वतन्त्र सहमति से गठित होती हैं
c. सभी करार, संविदायें होती हैं यदि एक बार वो सक्षम पक्षकारों के बीच गठित होती हैं।
d. सभी करार, संविदायें होती हैं यदि वे सक्षम पक्षकारों के बीच स्वतन्त्र सहमति से विधिमान्य प्रतिफल और उद्देश्य के लिए गठित होती है और विधि द्वारा अभिव्यक्त रूप "से शून्य करार घोषित न हों
108. संविदा अधिनियम की धारा 10 के अनुसार निम्नलिखित में से कौन सा तत्व किसी करार को एक संविदा में परिवर्तित करने हेतु अनिवार्य नहीं होता?
a. स्वतंत्र सम्मति
b. संविदा करने की क्षमता
c. विधिपूर्ण प्रतिफल एवं विधिपूर्ण उद्देश्य
d. करार की शर्तों की सुनिश्चितता
109. संविदा के लिए वयस्कता की आयु है-
a. 18 वर्ष
b. 21 वर्ष
c. 16 वर्ष
d. लड़कियों के लिए 18 वर्ष और लड़कों के लिए 21 वर्ष
110. ऐसा प्रत्येक व्यक्ति संविदा के योग्य होता है-
a. जिसने उस विधि के अनुसार वयस्कता की आयु प्राप्त कर ली हो जिसके वह अधीन आता हो
b. जो स्वस्थ्यचित्त हो
c. जो किसी ऐसी विधि द्वारा संविदा करने के लिये अयोग्य न घोषित किया गया हो जिसके वह अधीन हो
d. उपरोक्त सभी
111. संविदा करने की योग्यता सम्बन्धित होती है-
a. आयु एवं मानसिक स्थिति के स्वास्थ्य दोनों से
b. पक्षकारों की आयु से
c. पक्षकारों की मानसिक स्थिति तथा स्वास्थ्य से
d. पक्षकारों की बुद्धिमत्ता से
112. अभिकथन (अ) 'क' एक अवयस्क 'ख' को आवश्यक सामग्रियों की आपूर्ति करता है। 'क' अपने भुगतान 'ख' की संपदा से वसूल सकता है।तर्क (त) किसी अवयस्क के साथ कोई करार प्रारंभ से ही शून्य होता है।कूट:
a. तथा (त) दोनों सही हैं किन्तु (त) (अ) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
b. (अ) तथा (त) दोनों सही हैं तथा (त) (अ) का सही स्पष्टीकरण है
c. (अ) सही है किन्तु (त) गलत है
d. (अ) गलत है किन्तु (त) सही है
113. अभिकथन (अ) अवयस्क की संविदा शून्य होती है।तर्क (त) किसी अवयस्क के पक्ष में निष्पादित बंधक उसके द्वारा प्रवर्तनीय होता है।कूट:
a. तथा (त) दोनों सही हैं किन्तु (त) (अ) का सही स्पष्टीकरण नहीं है
b. (अ) तथा (त) दोनों सही हैं तथा (त) (अ) का सही स्पष्टीकरण है
c. (अ) सही है किन्तु (त) गलत है।
d. (अ) गलत है किन्तु (त) सही
114. दो या दो से अधिक व्यक्तियों के बीच सहमति तभी कही जाती है जब-
a. वे सहमत होते हैं
b. वे एक ही चीज़ पर सहमत होते हैं
c. वे एक ही चीज पर एक ही अर्थ में सहमत होते हैं
d. वे एक ही चीज पर एवं एक ही अर्थ में एवं दिए गए स्थान पर सहमत होते हैं।
115. किसी अवयस्क के साथ किया गया करार शून्य होता
a. अवयस्क को ऐसे करार के प्रवर्तन की कभी अनुमति नहीं होती
b. अवयस्क को सदैव ही ऐसे अनुबंध के प्रवर्तन की अनुमति प्राप्त होती है
c. अवयस्क को ऐसे करार के प्रवर्तन की अनुमति होती है, यदि ऐसा उसके लाभ हेतु किया गया हो।
d. अवयस्क को ऐसे करार के प्रवर्तन की अनुमति प्राप्त होती है जब अन्य पक्ष द्वारा कोई आपत्ति न की गई हो
e. इनमें से कोई नहीं
116. किसी अवयस्क के साथ अथवा उसके द्वारा की गई संविदा-
a. वैध संविदा होती है
b. शून्यकरणीय संविदा होती है
c. किसी एक पक्षकार के विकल्प पर शून्यकरणीय होती है
d. शून्य संविदा होती है।
117. पुनर्भुगतान प्रारंभ होने पर पुनर्स्थापना बंद हो जाती है" का सिद्धांत किसके विरूद्ध लागू किया जा सकता है-
a. केवल अव्यस्कों के
b. केवल किसी विदेशी शत्रु के
c. किसी अक्षम व्यक्ति के
d. केवल विक्षिप्तों एवं मूर्खों के
118. संविदा अधिनियम की धारा 11 के अनुसार संविदा हेतु एक अक्षम व्यक्ति वह होता है जो-
a. अवयस्क हो
b. विकृतचित्त हो
c. किसी विधि द्वारा संविदा करने से निरर्हित हो
d. उपरोक्त सभी
119. किसी पागलखाने का रोगी, जो बीच-बीच में ठीक हो जाता हो-
a. ठीक रहने के दौरान संविदा कर सकता है।
b. संविदा नहीं कर सकता
c. चिकित्सा प्रमाणपत्र पर संविदा कर सकता है
d. पूर्णतः स्वस्थचित्त होने पर संविदा कर सकता है
120. किसी संविदा के अंतर्गत एक ही बात पर एक ही अर्थ में मतैक्य का अर्थ होता है-
a. सामान्य आशय
b. संविदा का विषय
c. विचारों की समानता
d. इनमें से कोई नहीं
121. एक बाध्यकारी संविदा के लिए संविदा के दोनों पक्षों को-
a. समान अर्थ के साथ समान विषय पर सहमत होना चाहिए
b. परस्पर सहमत अवश्य होना चाहिए
c. अपने-अपने प्रस्तावों एवं प्रतिफलों को निर्धारित करना चाहिए
d. स्पष्ट प्रस्ताव तथा प्रतिप्रस्ताव प्रस्तुत करना चाहिए
122. सम्मति को तभी स्वतंत्र कहा जाएगा जब इसे प्रपीड़न, असम्यक प्रभाव, कपट, दुर्व्यपदेशन तथा भूल से न कारित किया गया हो। 'स्वतंत्र सम्मति' शब्द को संविदा अधिनियम की किस धारा के अंतर्गत परिभाषित किया गया है?
a. धारा 15
b. धारा 16
c. धारा 17
d. धारा 14
123. "एक ही बात पर एक ही अर्थ में मतैक्य" का अर्थ होता है-
a. किसी एक विषय पर समान अर्थ में सहमत होना
b. किसी भी करार का एक से अधिक अर्थ नहीं हो सकता
c. एक ही तरीके से सहमत होना
d. समान समझ के साथ विभिन्न उद्देश्यों पर सहमत होना
124. सम्मति को तभी स्वतंत्र कहा जा सकता है जब इसे कारित न किया गया हो-
a. प्रपीड़न द्वारा
b. असम्यक प्रभाव
c. कपट द्वारा
d. उपरोक्त सभी
125. एक गुरु (आध्यात्मिक सलाहकार) ने अपने चेले (भक्त) को स्वर्ग में अपनी आत्मा के लाभ हेतु अपनी समस्त सम्पत्ति उसे दान करने हेतु दुष्प्रेरित किया। यह दान होगा-
a. शून्यकरणीय
b. शून्य
c. विधिक
d. अनैतिक
126. ब्रिटिश विधि के अंतर्गत "प्रपीड़न" को किस अन्य नाम से भी जाना जाता है-
a. शून्यकरणीय करार
b. बलप्रयोग
c. शून्य करार
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
127. आत्महत्या की धमकी द्वारा प्राप्त की गई सम्मति होती है-
a. असम्यक प्रभाव से प्राप्त
b. कपट द्वारा प्राप्त
c. प्रपीड़न द्वारा प्राप्त
d. इनमें से कोई नहीं
128. किसी संविदा के निष्पादन में आत्महत्या की धमकी दिया जाना होता है-
a. असम्यक असर
b. कपट
c. प्रपीड़न
d. दुर्व्यपदेशन
129. किसी व्यक्ति का किसी करार में प्रवेश कारित करवाने के आशय से किसी संपत्ति को विधि-विरूद्ध तरीके से निरूद्ध करने हेतु प्रतिधारित करना निम्नलिखित में से किसके बराबर होगा?
a. विधिविरूद्ध निरूद्ध करना
b. बलप्रयोग
c. असम्यक असर
d. प्रपीड़न
130. इस आशय से कि किसी व्यक्ति से कोई करार कराया जाये, कोई ऐसा कार्य करना या करने की धमकी देने जो भारतीय दण्ड संहिता द्वारा निषिद्ध है, अथवा किसी व्यक्ति पर चाहे वह कोई हो प्रतिकूल प्रभाव डालने के लिये किसी सम्पत्ति का विधि विरुद्ध निरोध करना या निरोध करने की धमकी देना, कहलाता है?
a. प्रपीड़न
b. असम्यक असर
c. कपट
d. धमकी
131. भारतीय संविदा अधिनियम,1872 के अंतर्गत "विधि द्वारा अप्रवर्तनीय करार शून्य कहा जाता है"। निम्नलिखित में से कौन सा करार शून्य नहीं है-
a. प्रपीड़न के अधीन करार
b. विधिक प्रक्रिया को बाधित करने वाला करार
c. व्यापार को बाधित करने वाला करार
d. विवाह को बाधित करने वाला करार
132. हड़ताल की धमकी क्या होती है-
a. असम्यक असर
b. भूल
c. कोई प्रपीड़न नहीं
d. प्रपीड़न
133. असम्यक असर को भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की किस धारा के अंतर्गत परिभाषित किया गया है-
a. 23
b. 15
c. 16
d. इनमें से कोई नहीं
134. निम्नलिखित में से किस कथन में " असम्यक असर" विद्यमान नहीं है?
a. जब एक पक्ष दूसरे को आत्महत्या की धमकी देता है
b. जब वर्चस्वयुक्त पक्ष वास्तविक अथवा प्रकट अधिकार रखता है
c. जब किसी व्यक्ति की मानसिक क्षमता शारीरिक तनाव के कारण प्रभावित हो जाती है।
d. जब कोई पक्ष वैश्वासिक सम्बन्ध रखता है
135. एक गुरू (आध्यात्मिक परामर्शदाता) ने अपने चेले (भक्त) को अपनी सारी संपत्ति देने हेतु उत्प्रेरित किया ताकि उसकी आत्मा को अगले जन्म में लाभ प्राप्त हो सकें। ऐसा उपहार होगा-
a. शून्य
b. वैध
c. शून्यकरणीय
d. अनैतिक
136. एक मालिक अपने सेवक से अपनी बाइक उसे बाजार मूल्य से कम पर बेच देने को कहता है। सेवक किस आधार पर इस संविदा से बच सकता है-
a. असम्यक असर के आधार पर
b. प्रपीड़न के आधार पर
c. कपट के आधार पर
d. भूल के आधार पर
137. क', जिसने अपने पुत्र 'ख' को उसकी अप्राप्तवयता के दौरान में धन उधार दिया था, 'ख' के प्राप्तवय होने पर अपने पैत्रिक असर के दुरुपयोग द्वारा उससे उस उधार धन की बाबत शोध्य राशि से अधिक रकम के लिये एक बन्धपत्र अभि प्राप्त कर लेता है। 'क' प्रयोग करता है-
a. प्रपीड़न
b. असम्यक असर
c. कपट
d. दुर्व्यपदेशन
138. 'क' एक बैंककार से उधार के लिये ऐसे समय में आवेदन करता है जब धन के बाजार में तंगी है। बैंककार व्याज की अप्रायिक ऊंचीदर पर देने के सिवाय उधार देने से इन्कार कर देता है। 'क' उन निबन्धनों पर उधार प्रतिगृहीत करता है। इस मामले में संविदा
a. वैध है क्योंकि यह संव्यवहार व्यापार के सामान्य तरीके अनुसार किया गया है
b. असम्यक असर से दूषित है
c. शून्य है क्योंकि बैंकर ने धन बाजार की कठोरता का अनुचित लाभ उठाया है
d. 'क' के विकल्प पर शून्यकरणीय है जिसे बैंकर द्वारा धोखा दिया गया है।
139. एक संविदा, जो असम्यक असर द्वारा दूषित हो, को भारतीय संविदा अधिनियम द्वारा निम्नलिखित में से किस रूप में घोषित किया गया है?
a. शून्यकरणीय
b. अवैध
c. शून्य
d. विधिविरूद्ध
140. असम्यक असर के मामले में निम्नलिखित में से किस तत्व की आवश्यकता नहीं होती?
a. पक्षकार निकटतम तौर पर सम्बन्धित हों
b. एक पक्ष दूसरे पर प्रभुत्व रखने की स्थिति में हो
c. प्रभुत्वशाली पक्ष वास्तव में दूसरे की इच्छा पर प्रभुत्व रखता हो
d. पक्षकारों का सम्बन्धित होना कदापि आवश्यक नहीं है, वे पहली बार मिलने वाले अजनबी भी हो सकते हैं।
141. असम्यक असर की अवधारणा किस मामले में उठाई।जा सकती है-
a. पक्षकारों के ऐसे सम्बन्ध जिसमें कोई एक पक्ष दूसरे की इच्छा पर प्रभुत्व रखता हो
b. पर्दानशीन महिला के साथ संविदा
c. अवयस्क के साथ संविदा
d. लोकात्मक विरूद्ध सौदेबाजी
142. निम्नलिखित में से कौन सा करार असम्यक असर द्वारा उत्प्रेरित है?
a. 'क' जो रोग अथवा आयु से कमजोर हो चुका था, को उसका चिकित्सकीय सेवक 'ख' ने अपने प्रभाव से अपनी पेशेवर सेवाओं के लिए एक अनुचित धनराशि का भुगतान करने हेतु सहमत होने को कहता है
b. 'क' एक बैंकर से ऐसे समय पर ऋण माँगता है जब धन बाजार में कठोरता व्याप्त है। बैंकर एक अपवादी ऊंची ब्याज दर के बिना ऋण देने से इंकार कर देता है। 'क' इस शर्त पर ऋण स्वीकार कर लेता है।
c. 65 वर्ष की आयु में 'क' अपने एकमात्र पौत्र के पक्ष में एक उपहार प्रलेख निष्पादित करता है जिसके द्वारा वह अपनी पत्नी, पुत्रों तथा पुत्रियों को बाहर रखते हुए अपनी समस्त संपत्ति को पौत्र को उपहार में दे देता है
d. 'ख' एक अमीर व्यक्ति है, जो अपने तथा अपने परिवार के लिए कुछ भी न रखते हुए अपनी समस्त संपत्ति को धर्मादा न्यास को दान दे देता है
143. निम्नलिखित सम्बन्धों में से कौन असम्यक असरयुक्त सम्बन्धों के अधीन नहीं आता?
a. चिकित्सक एवं रोगी
b. वकील एवं मुवक्किल
c. मालिक एवं सेवक
d. ग्राहक एवं दुकानदार
144. एक संविदा शून्यकरणीय होती है यदि इसे ऐसे व्यक्ति द्वारा महत्वपूर्ण तथ्य को छिपाते हुए कारित किया गया हो जिसका कर्तव्य इसे बताने का रहा है। ऐसा इसलिए है क्योंकि यह-
a. दुर्व्यपदेशन होता है।
b. कपट होता है
c. प्रभाव अधीन होता है
d. इनमें से कोई नहीं
145. निम्नलिखित में से क्या एक कपट नहीं है?
a. जो बात सत्य नहीं है, उसका तथ्य के रूप में उस व्यक्ति द्वारा सुझाया जाना जो यह विश्वास नहीं करता कि वह सत्य है
b. तथ्य का छिपाया जाना
c. कोई वचन जो उसका पालन करने के आशय के बिना दिया गया हो
d. अभ्यावेदन के गलत होने की जानकारी के बिना ईमानदारीपूर्वक इसके सत्य होने का विश्वास करते हुए अभ्यादन करना
146. क को ज्ञात है कि उसके घोड़े का खुर क्षतिग्रस्त है जिसे उसने इस प्रकार भर दिया है कि कोई दोष दिखाई न दे और उसने इसे ख को बेच दिया। बाद में ख द्वारा इस दोष को खोज लिया गया। क का कार्य है-
a. एक झूठा सुझाव
b. दुर्व्यपदेशन
c. भूल
d. तथ्यों को जानबूझकर छिपाना
147. तथ्य का सक्रिय छिपाया जाना संबंधित है-
a. कपट से
b. प्रपीड़न से
c. दुर्व्यपदेशन से
d. भूल से
148. 'क' से 'ख' कहता है कि यदि आप इस बात का प्रत्याख्यान न करे तो मैं मान लूंगा कि घोड़ा बेऐब है। 'क' कुछ नहीं कहता है। यहां 'क' का मौन बोलने के तुल्य है। यह दृष्टांत आधारित है-
a. धारा 17
b. धारा 18
c. धारा 19
d. धारा 20
149. निम्नलिखित में से क्या एक कपट नहीं है?
a. अभ्यावेदन के गलत होने की जानकारी के बिना ईमानदारीपूर्वक इसके सत्य होने का विश्वास करते हुए अभ्यावेदन करना
b. तथ्यों का सक्रिय रूप से छिपाया जाना
c. तथ्य, जो सत्य नहीं है, के बारे में ऐसे व्यक्ति द्वारा दिया गया एक सुझाव जिसे इसके सत्य होने का विश्वास नहीं है
d. निष्पादन के आशय के बिना दिया गया वचन
150. क नीलामी के द्वारा अपनी पुत्री को एक घोड़ा बेचता है जिसके ठीक न होने की उसे जानकारी है और क अपने घोड़े की खराबी के विषय में कुछ नहीं बोलता-
a. यह एक कपट है
b. यह कपट नहीं है
c. यह एक दुर्व्यपदेशन है
d. इनमें से कोई नहीं
151. 'क' नीलाम द्वारा 'ख' को एक घोड़ा बेचता है जिसके बारे में 'क' जानता है कि वह ऐबदार है। 'क' घोड़े के ऐब के बारे में 'ख' को कुछ नहीं कहता। यह-
a. क ख के साथ कपट करता है
b. क ने ख को सत्य नहीं बताया
c. क ने आचारनीति का पालन नहीं किया
d. कपट नहीं है
152. मात्र मौन तब तक कपट नहीं होता जब तक-
a. बोलना एक कर्तव्य न हो
b. मौन कपटपूर्ण न हो
c. परिस्थिति में ऐसे परिवर्तन हुए हों जिन्हें दूसरे पक्ष के संज्ञान में लाना हो
d. उपरोक्त सभी
153. न्यायालय द्वारा प्रतिफल की अपर्याप्तता पर कब विचार किया जाता है?
a. जब वचनदाता अपने वचन का निष्पादन करता है।
b. संविदा के निर्माण में जब कपट, प्रपीड़न अथवा असम्यक प्रभाव की दलील दी गई हो
c. यह सदैव न्यायालय के विवेक पर निर्भर करता है।
d. जब वचनदाता अपने वचन के लिए अधिकतम लाभ प्राप्त करने की इच्छा व्यक्त करता है।
154. निम्नलिखित में से किस मामले में मौन द्वारा कपट किया गया है?
a. क ने ख को गेहूं बेचते समय उसकी गुणवत्ता से सूचित नहीं किया
b. क ने ख को अपनी कार बेचते समय यह नहीं बताया कि कार चोरी की है।
c. क ने ख को यह नहीं ज्ञात होने दिया कि बिक्री के समय पर चाँदी की कीमतों में गिरावट की संभावना है
d. क ने ख को बिक्री के समय यह नहीं बताया कि पुस्तक का नया संस्करण प्रकाशित हो चुका है।
155. क 1,000 रुपए के योग्य अपना घोड़ा ख को मात्र 10 रुपए में बेचने पर सहमत हो जाता है। करार के प्रति क की सम्मति स्वतंत्रतापूर्वक दी गई थी। यह करार-
a. संविदा है
b. शून्यकरणीय है
c. शून्य है
d. अवैध है।
156. क अपने स्वास्थ्य के बारे में मिथ्याकथन के साथ एक जीवनबीमा पॉलिसी लेता है और इस तथ्य को घोषित नहीं करता कि उसका गंभीर रोग के लिए उपचार किया जा चुका है। इस मामले में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
a. संविदा शून्यकरणीय है
b. संविदा शून्य है
c. संविदा अप्रवर्तनीय है
d. संविदा विधिविरूद्ध है
157. निम्नलिखित में से क्या दुर्व्यपदेशन का अनिवार्य तत्व है?
a. प्रतिवादी द्वारा किया गया कथन मुख्य तथ्य से सम्बन्धित होना चाहिए
b. कथन करने वाला व्यक्ति उपेक्षावान नहीं होना चाहिए
c. कथन करने वाले व्यक्ति को इसके सत्य होने का विश्वास नहीं होना चाहिए
d. कथन सीधे वादी को न कि किसी अन्य को दिया गया होना चाहिए:
158. जब करार प्रपीड़न, कपट अथवा दुर्व्यपदेशन द्वारा कारित किया गया हो तो करार-
a. वैध होता है।
b. अप्रवर्तनीय होता है
c. शून्य होता है
d. शून्यकरणीय होता है
159. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 19 के अंतर्गत प्रपीड़न द्वारा प्राप्त सहमति-
a. वैध होती है।
b. अवैध होती है।
c. शून्यकरणीय होती है
d. इनमें से कोई नहीं
160. एक संविदा, जिसका गठन पक्षकारों की स्वतंत्र सम्मति के बिना हुआ हो, होती है-
a. स्वतंत्र सम्मति न देने वाले पक्षकार के कहने पर शून्यकरणीय
b. आरम्भतः शून्य
c. शून्य
d. अवैध
161. जब किसी संविदा के लिए सम्मति प्रपीड़न द्वारा कारित की जाती है तो संविदा-
a. शून्य होती है
b. वैध होती है
c. शून्यकरणीय होती है
d. अवैध होती है।
162. जब समझौते के लिए सहमति जबरदस्ती के कारणहोती है, तो समझौता-
a. वैध संविदा होता है
b. शून्य संविदा होता है
c. शून्यकरणीय संविदा होता है
d. अमान्य संविदा होता है।
163. भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत एक करार, जो उसके किसी एक अथवा अधिक पक्षकारों के विकल्प पर विधि द्वारा प्रवर्तनीय हो किन्तु दूसरे अथवा अन्यों के विकल्प पर प्रवर्तनीय न हो, कैसा करार होता है-
a. एक अवैध करार
b. एक शून्य करार
c. एक वैध करार
d. एक शून्यकरणीय करार
164. क अपनी 10,000 रुपयों मूल्य वाली स्कूटर ख को 5,000 रुपयों में बेचने को सहमत होता है और यह सम्मति प्रपीड़न द्वारा प्राप्त की जाती है। यहाँ करार-
a. शून्यकरणीय है
b. शून्य है
c. वैध है
d. विधिविरूद्ध है
165. क ख के साथ एक संविदा करता है जिसके लिए ख 'कपट का दोषी है। क कर सकता है-
a. संविदा को अपास्त कर सकता है किन्तु क्षतिपूर्ति नहींवसूल सकता
b. संविदा को अपास्त कर सकता है और क्षतिपूर्ति भी वसूल सकता है।
c. केवल क्षतिपूर्ति वसूल सकता है
d. उपरोक्त में कोई नहीं
166. 'क' 'ख' को धोखा देने के आशय से झूठा प्रदर्शन करता है कि 'क' के कारखाने में प्रतिवर्ष 500 टन नील बनाई जाती है, और इसके द्वारा 'ख' को कारखाना खरीदने हेतु उत्प्रेरित करता है। यह संविदा-a. शून्य है
b. ख के विकल्प पर शून्यकरणीय है
c. क के विकल्प पर शून्यकरणीय है
d. विधिविरूद्ध है
167. जब दोनों पक्षकार तथ्य की बात सम्बन्धी भूल में हो, तब करार
a. शून्य होगा
b. प्रवर्तनीय होगा
c. शून्यकरणीय होगा
d. शून्य नहीं होगा
168. "नास्ति तथ्य का अभिवाक" (non est factum) का बचाव अनुबंध के ऐसे पक्षकार को उपलब्ध होता है जिसने भूल की हो-
a. संविदा के दूसरे पक्षकार की पहचान के सम्बन्ध में
b. संविदा की प्रकृति के सम्बन्ध में
c. संविदा के दूसरे पक्षकार द्वारा दिए गए वचन की गुणवत्ता के सम्बन्ध में
d. संविदा की विषयवस्तु की गुणवत्ता के सम्बन्ध में
169. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 20 के अंतर्गत किए गए करार की प्रकृति होगी-
a. वैध
b. अवैध
c. शून्य
d. शून्यकरणीय
170. माल के एक विनिर्दिष्ट स्थोरा को जिसके बारे में यह अनुमान है कि वह इंग्लैण्ड से बम्बई को चल चुका है, 'ख' को बेचने का करार 'क' करता है। पता चलता है कि सौदे के दिन से पूर्व उस स्थोरा को प्रवहण करने वाला पोत संत्यत्क कर दिया गया था और माल नष्ट हो गया था। दोनों में से किसी भी पक्षकार को इन तथ्यों की जानकारी नहीं थी। करार है-
a. क के विकल्प पर शून्यकरणीय है
b. ख के विकल्प पर शून्यकरणीय है
c. शून्य है
d. वैध है
171. जहाँ कि किसी करार के दोनों पक्षकार ऐसे तथ्य की बात के बारे में, जो कि करार के लिए आवश्यक है, भूल के कारण हो, वहाँ करार-
a. शून्य है।
b. शून्यकरणीय है
c. अवैध है।
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
172. भूल के आधार पर किसी संविदा के शून्य होने क लिए आवश्यक है कि यह भूल-
a. तथ्यों की हो न कि विधि की
b. विधि सम्बन्धित हो
c. तथ्यों एवं विधि की हो
d. उपरोक्त में कोई नहीं
173. जब कोई संविदा विधि की भूल द्वारा कारित की जा रही हो तो ऐसी संविदा की क्या स्थिति होती है?
a. शून्यकरणीय
b. अशून्यकरणीय
c. शून्य
d. अवैध
174. दो पक्षों के बीच एक संविदा की गई। बाद में उन्हें अनुभव हुआ कि जैसा कि विधि को उन्होंने समझा था वह उस प्रकार भारत में प्रवर्तनीय नहीं थी। इससे उनकी संविदा-
a. अवैध हो जाती है
b. शून्यकरणीय हो जाती है।
c. शून्य हो जाती है।
d. इनमें से कोई नहीं
175. किसी माल को बेचने का एक करार, जिसका संविदा के समय कोई अस्तित्व मौजूद नहीं था, होता है-
a. एक शून्य करार
b. किसी भी पक्षकार के विकल्प पर शून्यकरणीय
c. एक वैध करार
d. एक अप्रवर्तनीय करार
176. क' और 'ख' इस गलत विश्वास पर संविदा करते हैं। कि एक विशिष्ट ऋण भारतीय परिसीमा विधि द्वारा वर्जित है। ऐसी संविदा-
a. शून्यकरणीय नहीं है
b. शून्यकरणीय है
c. शून्य है
d. संविदा शून्य है क्योंकि दोनों ही पक्ष भूल के अधीन हैं
177. भारत में अप्रवर्तित विधि की त्रुटि द्वारा कारित एक संविदा-
a. का वही प्रभाव होता है जैसे इसे तथ्य की भूलवश कारित किया गया हो
b. शून्य होती है
c. शून्यकरणीय होती है
d. इनमें से कोई नहीं
178. क अपने 5,000 रुपए मूल्य के घोड़े को 1,000 में 'ख को बेचने को सहमति देता है। करार के प्रति क्र की सम्मति स्वतंत्रतापूर्वक दी गई थी। यह अनुबंध-
a. प्रतिफल की अपर्याप्ततावश एक संविदा नहीं है।
b. अप्रवर्तनीय है
c. एक संविदा है।
d. संविदा अधिनियम के प्रावधानों के विरूद्ध है
179. दो पक्षकार संविदा करते हैं। वाद में उन्हें ज्ञात होता है कि वे जिस कानून को लागू होना मान्य कर रहे थे,तब भारत में लागू नहीं है, तो संविदा-
a. शून्य है
b. अवैध है
c. शून्यकरणीय है
d. इनमें से कोई नहीं
180. क, जो दिल्ली का निवासी एवं व्यापारी है जबलपुर के एक व्यापारी ख के साथ 50 क्विंटल सीताफल की खरीद की संविदा करता है। दिल्ली में सीताफल एक सब्जी है, जबकि जबलपुर में इसे फल माना जाता है-
a. सीताफल के अर्थ को लेकर साझा त्रुटि के कारण संविदा शून्य है
b. संविदा की शर्तों का निर्वाचन प्रस्तावक के अर्थों के अनुसार किया जाएगा
c. संविदा की शर्तों का निर्वाचन प्रतिग्रहीता द्वारा समझे गए अर्थों के अनुसार किया जाएगा
d. मस्तिष्क के सुमेलित न होने के कारण कोई संविदा हुई ही नहीं
181. विधिविरूद्ध प्रतिफल तथा उद्देश्य का उल्लेख भारतीय संविदा अधिनियम,1872 की किस धारा के अंतर्गत किया गया है?
a. धारा 18 के अंतर्गत
b. धारा 20 के अंतर्गत
c. धारा 26 के अंतर्गत
d. धारा 23 के अंतर्गत
182. एक अनुबंध शून्य होता है यदि इसके उद्देश्य अथवा प्रतिफल -
a. विधि द्वारा निषिद्ध हों
b. ऐसी प्रकृति के हों कि अनुमति दिए जाने पर विधि के प्रावधानों का उल्लंघन करेंगे अथवा कपटपूर्ण हों
c. न्यायालय इन्हें अनैतिक अथवा लोक नीति के विरूद्ध मानता हो
d. उपरोक्त सभी सही हैं
183. अवैधता किसी संविदा को क्या बनाती है-
a. शून्य
b. शून्यकरणीय
c. अवैध
d. दंडनीय
184. क एक शिक्षक ख को 15,000 रुपए देने की सहमति देता है यदि वह उसके पुत्र को परीक्षा में उत्तीर्ण कर दे। ख ऐसा ही करता है किन्तु क धन देने से इंकार कर देता है। इस मामले में निम्नलिखित में से करार की कौन सी विधिक स्थिति सही है?
a. करार वैध एवं प्रवर्तनीय है
b. लोक नीति के विरूद्ध होने के कारण अनुबंध शून्य है
c. करार ख के विकल्प पर शून्यकरणीय है
d. करार शून्य है क्योंकि उद्देश्य विधिविरूद्ध तथा विधि द्वारा निषिद्ध है
185. ख क की पत्नी है। ख के जीवनकाल में तथा उसकी सहमति से क ग के साथ विवाह करने का एक करार करता है। यह करार-
a. शून्य है
b. शून्यकरणीय है।
c. वैध है
d. इनमें से कोई नहीं
186. "क" लोक सेवाओं में "ख" के लिए एक रोजगार प्राप्त कराने का वचन देता है और "ख" "क" को 1,000 रुपए देने का वचन देता है। यह करार-
a. शून्य है
b. वैध है
c. पक्षकारों के विकल्प पर प्रवर्तित किया जा सकता है।
d. इनमें से कोई नहीं
187. निम्नलिखित में से कौन सी संविदा प्रारंभ से ही शून्य है?
a. एक गाय को देखने की संविदा करते समय क ख को बताता है कि गाय प्रतिदिन 5 लीटर दूध देती है जबकि यह प्रतिदिन मात्र 4 लीटर दूध ही देती है।
b. एक कार बेचते समय क ख से बताता है कि कार का औसत प्रतिलीटर पेट्रोल 20 किमी. का है जबकि वास्तव में यह प्रतिलीटर पेट्रोल पर 18 किमी. है।
c. एक संविदा के समय क ख को बताता है कि उसके घर का क्षेत्रफल 1400 वर्गफिट है किन्तु माप करने पर. यह 1398 वर्गफिट ही आता है।
d.'क' अपनी पुत्री को उपपत्नी के रूप में रखे जाने के लिये 'ख' को भाड़े पर देने के लिये करार करता हैं
188. किसी संविदा के एक पक्षकार द्वारा एक कपट की खोज की गई और एक आपराधिक मामला दर्ज करा दिया गया। बाद में पक्षकार इस शर्त पर बाद वापस लेने को सहमत हो गए कि क्षतिग्रस्त पक्षकार को क्षतिपूर्ति कर दी जाए। ऐसी संविदा-
a. शून्य है क्योंकि लोक नीति के विरूद्ध है।
b. अवैध है
c. शून्यकरणीय है
d. वैध है
189. विधि द्वारा निषिद्ध संविदाएं होती हैं-
a. वैध
b. शून्य
c. अवैध
d. उपरोक्त (b) तथा (c) दोनों
190. अजय एक इमारत का पट्टा विजय को 5,000 रुपए मासिक किराए पर यह जानते हुए प्रदान करता है कि इमारत का उपयोग वेश्यावृत्ति के लिए किया जाएगा।
a. शून्यकरणीय है
b.वैध है
c. शून्य है
d. इनमें से कोई नहीं
191. 'क' एक सिविल वाद में साक्ष्य देने हेतु 'ख' को 1000 रुपए देने की सहमति देता है। ऐसी संविदा-
a. वैध एवं विधि द्वारा प्रवर्तनीय है
b. क के विकल्प पर शून्यकरणीय है
c. अवैध है
d. शून्य है, लोक नीति के विरूद्ध होने के कारण
192. किसी लोक पद के लाभों को साझा करने सम्बन्धी एक करार-
a. वैध होता है
b. शून्य होता है
c. शून्यकरणीय होता है
d. इनमें से कोई नहीं
193. प्रत्येक करार जिसका उद्देश्य अथवा प्रतिफल विधिविरूद्ध हो, होता है-
a. अवैध
b. शून्यकरणीय
c. शून्य
d. अनुचित
194. निम्नलिखित कथनों में से कौन सा कथन सही है
a. अवैध करार सदैव शून्य होते हैं
b. शून्य करार सदैव अवैध होते हैं।
c. अवैध करार शून्यकरणीय होते हैं।
d. अवैध करार शून्य हो सकते हैं
195. A, जो B का मुख्तार है, अपने प्रभाव का B से C के पक्ष में प्रयोग करने का वादा करता है और C वादा करता है कि वो A को रु. 20,000 देगा। यह समझौता -
a. शून्य है क्योंकि अनैतिक है
b. शून्यकरणीय है क्योंकि यह अनैतिक है।
c. सार्वजनिक नीति के विरुद्ध है।
d. शून्य है क्योंकि 'कंसिडरेशन' गैर-कानूनी है
196. यदि प्रतिफल अथवा उद्देश्य का केवल एक भाग ही विधिविरूद् हो तो धारा 24 के अंतर्गत संविदा क्या होगी-
a. वैध
b. शून्यकरणीय
c. अवैध
d. शून्य
197. प्रतिफल के बिना किया गया एक करार-
a. शून्यकरणीय होता है
b. अवैध होता है।
c. शून्य होता है।
d. वैध होता है
198. क, जो एक विवाहित महिला है, ख के साथ जारकर्म में रहने को सहमत हो जाती है और एक घरेलू सेविका के रूप में उसकी सेवा करने को भी सहमत होती है। बदले में, ख उसे जारकर्म में रहने के लिए 500 रुपए प्रतिमाह तथा घरेलू सेविका के रूप में 500 रुपए प्रतिमाह देने को सहमत हो जाता है। यह करार-
a. वैध है
b. शून्य है
c. लोक नीति विरूद्ध होने के कारण विधिविरूद्ध है।
d. पहले उद्देश्य के लिए शून्य तथा दूसरे के लिए वैध है
199. निम्न में से कौन-सा कथन गलत है?
a. ऐसा प्रत्येक करार शून्य है जो अप्राप्तवय से भिन्न किसी व्यक्ति के विवाह के अवरोधार्थ है।
b. ऐसा प्रत्येक करार, जिससे कोई व्यक्ति किसी प्रकार की विधिपूर्ण वृत्ति, व्यापार या कारोबार करने से अवरुद्ध किया जाता है, उस विस्तार तक शून्य है।
c. बिना प्रतिफल के किया गया करार हर परिस्थिति में शून्य होता है।
d. वे करार, जिनका अर्थ निश्चित नहीं है अथवा निश्चित किया जाना शक्य नहीं है, शून्य हैं।
200. एक समझौता शून्य है-
a. यदि पार्टियों द्वारा 'कंसिडरेशन' नहीं दिया गया हो
b. यदि 'कंसिडरेशन' भविष्य में दिया
c. यदि 'कंसिडरेशन' अतीत में भुगतान कर दिया गया है
d. यदि उसका 'कंसिडरेशन' आंशिक रूप से गैर कानूनी है
201. एक करार जो स्वतंत्र सहमति से किया गया हो तथा विधिपूर्ण हो किन्तु अपर्याप्त प्रतिफल के साथ हो-
a. विधिविरूद्ध होता है
b. शून्य होता है
c. विधिपूर्ण होता है
d. शून्यकरणीय होता है।
202. क' अपनी पुत्री को उपपत्नी के रूप में रखे जाने के लिये 'ख' को भाड़े पर देने के लिये करार करता है। यह करार-
a. वैध है।
b. नैतिक है
c. शून्य है क्योंकि अनैतिक है।
d. यदि पुत्री वयस्क हो तो करार वैध है
203. बिना प्रतिफल के का अर्थ होता है- वैध है
a. प्रतिफल के बिना
b. अवैध संविदा
c. शून्य संविदा
d. शून्यकरणीय संविदा
204. क एक ऋण के पूर्ण अथवा आंशिक भुगतान का वचन देता है जिसके ऋणदाता ने भुगतान को प्रवर्तित किया हो सकता है, किन्तु वादों की परिसीमन विधि के लिए यह तभी एक संविदा होगी जब-
a. इसे केवल लिखित में किया गया हो।
b. इसे लिखित में किया गया हो तथा तत्सम्यक प्रवर्तित विधि के अंतर्गत पंजीकृत किया गया हो
c. यदि इसे लिखित में किया गया हो तथा उससे सम्बद्ध व्यक्ति द्वारा हस्ताक्षरित किया गया हो
d. भले ही मौखिक रूप में क्यों न किया गया हो
205. क बिना किसी प्रतिफल के ख को 1000 रुपए देनेका वचन देता है। यह करार-
a. शून्यकरणीय है
b. शून्य है
c. अप्रवर्तनीय है
d. अलिखित होने के कारण अप्रवर्तनीय है।
206. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
a. एक वैध संविदा में किसी ऐसे व्यक्ति को क्षतिपूर्ति का मौखिक वचन दिया जा सकता है जिसने वचनदाता के लिए स्वेच्छया पहले ही कोई बात कर दी हो।
b. एक करार शून्य होता है जबतक यह पर्याप्त प्रतिफल द्वारा समर्थित न हो
c. भारतीय विधि के अंतर्गत प्रतिफल का लेनदेन वचनदाता की वांछा पर होना आवश्यक नहीं होता
d. भारतीय विधि अतीतकालीन प्रतिफल को मान्यता नहीं प्रदान करती
207. भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत निम्नलिखित संविदाओं में से कौन सी एक वैध संविदा नहीं है?
a. क स्वाभाविक प्रेम एवं स्नेहवश एक लिखित पंजीकृत दस्तावेज द्वारा ख को 5000 रुपए देने का वचन देता है
b. क तीर्थयात्रा पर गया, ख ने उसके विद्युत बिल का भुगतान कर दिया । क ख को उसकी धनराशि वापस देने की सहमति देता है
c. ख क को एक मौखिक करार द्वारा कालातीत ऋण का भुगतान करने का वचन देता है
d. क ख के शिशु को संभालती है, ख उसे ऐसा करने 127 सम्बन्धी खर्चों का भुगतान करने का वचन देता है
208. क' नैसर्गिक प्रेम और स्नेह से अपने पुत्र 'ख' को 1,000 रुपए देने का वचन देता है। 'ख' के प्रति अपने वचन को 'क' लेखबद्ध करता है और उसे रजिस्ट्रीकृत करता है। यह-
a. एक शून्यकरणीय संविदा है
b. एक संविदा है
c. शून्य संविदा है
d. इनमें से कोई नहीं
209. क बिना किसी के कहे ख के गोदाम में लगी आग को बुझा देता है। इससे क को शारीरिक क्षति पहुँचती है। ख उसके इलाज के संपूर्ण व्यय के लिए क्षतिपूर्ति का वचन देता है। यह संविदा-
a. अप्रवर्तनीय है
b. शून्य है
c. प्रवर्तनीय है
d. शून्यकरणीय है
210. क परिसीमन विधि द्वारा कालातीत हो चुका एक ऋण भुगतान करने का वचन देता है। इसे भारतीय संविदा अधिनियम की किस धारा के अंतर्गत प्रवर्तनीय बनाया गया है?
a. धारा 32
b. धारा 47
c. धारा 25
d. धारा 8
211. निम्नलिखित में से कौन एक संविदा है?
a. किसी विधिविरूद्ध उपाय द्वारा किया जाने वाला एक विधिपूर्ण कार्य करने का अनुबंध
b. किसी विधिपूर्ण व्यापार को बाधित करने वाला अनुबंध
c. किसी कालातीत ऋण के भुगतान हेतु विधिवत् लिखित एवं हस्ताक्षरित दायित्व
d. बिना किसी प्रतिफल के 10,000 रुपए देने का अनुबंध
212. अभिकथन (अ) बिना किसी प्रतिफल के करार शून्य होते हैं।तर्क (त) प्रतिफल वचनग्रहीता अथवा किसी अन्य व्यक्ति द्वारा दिया जा सकता है
a. (अ) तथा (त) दोनों सही हैं किन्तु (त) (अ) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
b. (अ) तथा (त) दोनों सही हैं तथा (त) (अ) का सही स्पष्टीकरण है
c. (अ) सही है किन्तु (त) गलत है
d. (अ) गलत है किन्तु (त) सही है
213. बिना प्रतिफल के करार पर कोई कार्यवाही नहीं होती, का अर्थ है-
a. किसी संविदा से अपरिचित व्यक्ति वाद नहीं प्रस्तुत कर सकता
b. एक अनुबंध जो नैसर्गिक प्रेम एवं स्नेह पर आधारित हो
c. प्रतिफल के बिना किया गया करार शून्य है।
d. उपरोक्त सभी
214. निम्नलिखित में से कौन सा करार शून्य नहीं है?
a. 'क' ख को 200 टन तेल बेचने की सहमति देता है।
b. विधिक कार्यवाहियों के अवरोधक करार
c. क को ख का बटुआ मिलता है और वह इसे लौटा देता हैं ख उसे 100 रुपए देने का वचन देता है।
d. किसी व्यक्ति के विवाह के अवरोधार्थ करार
215. प्रतिफल के बिना करार शून्य होता है जिसका अपवाद है-
a. यदि यह प्रेम एवं स्नेहवश की गई हो
b. यदि यह दो भाईयों के बीच की गई हो
c. यदि यह पिता एवं पुत्र के बीच की गई हो
d. यदि यह पति एवं पत्नी के बीच की गई हो
216. किसी कालातीत ऋण के भुगतान हेतु क का वचन-
a. प्रवर्तनीय है
b. अप्रवर्तनीय है।
c. ऋणदाता के विवेक पर प्रवर्तनीय है।
d. इनमें से कोई नहीं
217. प्रतिफल की अपर्याप्तता निम्नलिखित में से किस प्रश्न के निर्धारण हेतु सुसंगत होती है-
a. कपट
b. स्वतंत्र सम्मति
c. दुर्व्यपदेशन
d. असम्यक असर
218. क देखता है कि ख का बच्चा पानी में डूब रहा है। वह बच्चे को पानी में डूबने से बचा लेता है। ख उसे 25000 रुपए देने का वचन देता है। इस संदर्भ में निम्नलिखित प्रस्ताव सही है?
a. ख का उत्तरदायित्व संविदाभास में उत्पन्न होता है
b. ख उत्तरदायी है क्योंकि करार बिना प्रतिफल के नहीं है।
c. खं उत्तरदायी नहीं है क्योंकि कोई संविदा मौजूद नहीं है
d. ख का उत्तरदायित्व वैधानिक है।
219. प्रतिफल की अपर्याप्तता पर न्यायालय द्वारा तब विचार किया जाएगा-
a. जब वचनदाता अपने वचन के लिए अधिकतम लाभप्राप्त करने की इच्छा व्यक्त करता हो
b. जब वचनदाता अपना वचन पूरा करता हो।
c. सदैव न्यायालय के विवेक पर निर्भर करता है
d. जब संविदा के गठन में कपट, प्रपीड़न, अथवा असम्यक असर की दलील दी गई हो
220. विवाह का अवरोधक करार होता है-
a. वैध
b. अवैध
c. शून्य
d. शून्यकरणीय
221. एक माँ अपनी पुत्री की 10,000 रुपए की ऋणी है। किन्तु परिसीमन विधि अनुसार यह ऋण कालातीत हो चुका है। माँ ऋण के बदले 3,000 भुगतान करने का लिखित वचनपत्र पर हस्ताक्षर करती है। इस मामले में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
a. यह माँ के विरूद्ध प्रवर्तनीय है क्योंकि ऐसा वचन भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत वैध तथा बाध्यकारी होता है।
b. यहाँ कोई संविदा मौजूद नहीं है क्योंकि ऋण परिसीमन विधि अनुसार पहले ही कालातीत हो चुका है और इसीलिए इसे किसी बाद के वचन द्वारा पुनर्जीवित नहीं किया जा सकता।
c. यहाँ कोई संविदा मौजूद नहीं है क्योंकि माँ ने ऋण के केवल एक भाग का भुगतान करने का वचन दिया है।
d. यहाँ एक संविदा मौजूद है क्योंकि यह एक स्वाभाविक प्रेम तथा स्नेह का सम्बन्ध है और वचन लिखा एवं हस्ताक्षरित किया गया है।
222. अविवाहित रहने का एक करार-
a. वैध होता है
b. शून्यकरणीय होता है
c. अप्रवर्तनीय होता है
d. शून्य होता है।
223. क ख से विवाह करने की एक करार करता है। क्या यह संविदा विशिष्टतौर पर प्रवर्तित की जा सकती है?
a. हाँ
b. हाँ, न्यायालय की सहायता से
c. नहीं
d. इनमें से कोई नहीं
224. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 27 के अंतर्गत व्यापार अवरोधक करार-
a. शून्य होता है
b. वैध हो
c. शून्यकरणीय होता है।
d. प्रवर्तनीय होता है
225. भारतीय संविदा अधिनियम,1872 की धारा 27 के अंतर्गत निम्नलिखित में से किस मामले में व्यापार करने से रोकने का एक करार वैध होता है-
a. गुडविल की बिक्री
b. साझा समायोजन
c. व्यवसायिक आकस्मिकता
d. इनमें से कोई नहीं
226. 'प' चीनी का थोक व्यापारी है जो 'क' को इस शर्त पर चीनी बेचता है कि 'क' चीनी को 'प' के गोदाम के एक किलोमीटर दायरे के बाहर नहीं बेचेगा। यह करार-
a. वैध है
b. बिना स्वतंत्र सम्मति के है
c. 'प' के विकल्प पर शून्यकरणीय है
d. व्यापार में अवरोधक अतः शून्य है
227. भारतीय संविदा अधिनियम,1872 की कौन सी धारा विधिक कार्यवाहियों के अवरोधक करार से सम्बन्धित है?
a. धारा 27
b. धारा 23
c. धारा 29
d. धारा 28
228. भारतीय संविदा (संशोधन) अधिनियम, 1997 द्वारा संशोधित किया गया है-
a. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 26 को
b. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 28 को
c. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 27 को
d. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 75 को
229. भारतीय संविदा अधिनियम,1872 की धारा 28 के अंतर्गत किसी अधिकार को लागू करवाने हेतु किसी विधिक उपचार को न अपनाने सम्बन्धी करार-
a. शून्य होता है
b. वैध होता है।
c. शून्यकरणीय होता है
d. अप्रवर्ततनीय होता है
230. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 28 किसी भी ऐसे करार को शून्य घोषित करती है जो-
a. विवाह में अवरोधक हो
b. व्यापार में अवरोधक हो
c. विधिक कार्यवाहियों में अवरोधक हो
d. उपरोक्त में कोई नहीं
231. ऐसा करार जो किसी विधिक व्यवसाय, पेशा या व्यापार करने पर रोक लगाता है, होता है-
a. उस पक्षकार के विकल्प पर शून्यकरणीय जिस पर रोक लगाई गई है।
b. उस सीमा तक शून्य ।
c. वैध एवं विधि द्वारा लागू ।
d. अवैध
232. पक्षकार अपनी सहमति / करार द्वारा-
a. ऐसे स्थान पर न्यायालयों में से किसी एक को अधिकारिता से बाहर कर सकते हैं जहाँ दो न्यायालयों के पास एकथ विधि के अधीन अधिकारिता उपलब्ध हो
b. जहाँ विधि के अधीन कोई अधिकारिता मौजूद न हो, न्यायालय को अधिकारिता प्रदान कर सकते हैं
c. जहाँ विधि के अधीन एक अधिकारिता मौजूद हो वहाँ न्यायालय को अधिकारिता से बाहर कर सकते हैं
d. उपरोक्त सभी
233. परिसीमन की दलील प्रस्तुत न किए जाने सम्बन्धी एक करार-
a. वैध एवं बाध्यकारी होता है
b. शून्यकरणीय होता है
c. शून्य होता है
d. अवैध होता है
234. विधिक उपचार को न अपनाने तथा विवाद को माध्यस्थ को संदर्भित करने सम्बन्धी करार भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 28 के अंतर्गत कैसा करार होता है-
a. शून्यकरणीय
b. शून्य
c. वैध
d. अप्रवर्तनीय
235. संविदा अधिनियम की कौन सी धारा ऐसे करार को शून्य घोषित करती है जिनके अर्थ सुनिश्चित अथवा सुनिश्चित किए जाने योग्य न हों-
a. 26
b. 27
c. 28
d. 29
236. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के अंतर्गत निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
a. न्यूनतम मूल्य की सूचना एक प्रस्ताव होती है।
b. लोक नीति के विरूद्ध कोई करार शून्यकरणीय होता है
c. एक अनिश्चित अर्थ वाला करार शून्य होता है
d. पण संविदाएं अवैध होती हैं
237. ऐसा करार जिसका अर्थ सुनिश्चित न हो अथवा सुनिश्चित किए जाने योग्य न हो, होता है-
a. शून्यकरणीय
b. अवैध
c. प्रवर्तनीय
d. शून्य
238. 'ख' को 'क' 'एक सौ टन तेल' बेचने का करार करता, है। उसमें यह दर्शित करने के लिये कुछ नहीं है कि किस तरह का तेल आशयित था। ऐसा करार-
a. शून्य है
b. शून्यकरणीय है
c. प्रवर्तनीय है
d. अप्रवर्तनीय है
239. क' जो केवल नारियल के तेल का व्यवसायी है, 'ख' को 50 टन तेल बेचने का करार करता है। ऐसा करार-
a. विधि द्वारा प्रवर्तनीय है
b. अनिश्चिततावश शून्य है
c. अनिश्चिततावश शून्यकरणीय है
d. इनमें से कोई नहीं
240. भारतीय विधि के अंतर्गत पद्यम् संविदा-
a. शून्य मानी जाती हैं
b. शून्यकरणीय मानी जाती हैं।
c. सार्वजनिक नीति के विरूद्ध मानी जाती हैं.
d. वैध मानी जाती हैं
241. भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत बाजी की संविदा-
a. शून्य होती है
b. शून्यकरणीय होती हैं
c. विधि विरूद्ध होती है।
d. शून्य तथा विधि विरूद्ध होती है
242. निम्नलिखित करारों में से कौन सा शून्य नहीं है?
a. विवाह अवरोधक करार
b. पद्यम् करार
c. बिना प्रतिफल का करार
d. दिव्यांग व्यक्ति के साथ करार
243. धारा 30 के अंतर्गत घुड़दौड़ सम्बन्धी एक करार-
a. विधिपूर्ण होता है
b. वैध होता है
c. शून्यकरणीय होता है
d. शून्य होता है
244. समस्त अवैध संविदायें शून्य होती हैं किन्तु समस्त शून्य संविदायें क्या नहीं होती-
a. वैध
b. प्रवर्तनीय
c. अवैध
d. शून्यकरणीय
245. समाश्रित संविदा को भारतीय संविदा अधिनियम की किस धारा के अंतर्गत परिभाषित किया गया है-
a. धारा 43
b. धारा 46
c. धारा 3
d. इनमें से कोई नहीं
246. एक समाश्रित संविदा-
a. किसी भावी घटना अथवा आकस्मिकता के घटने पर निर्भर अथवा शर्त आधारित होती है।
b. किसी भावी घटना अथवा आकस्मिकता के घटने अथवा न घटने पर निर्भर अथवा शर्त-आधारित होती है
c. स्वतंत्र अथवा शर्तहीन संविदा होती है।
d. इनमें से कोई नहीं
247. एक 'समाश्रित संविदा' ऐसी संविदा होती है जिसका उद्देश्य-
a. ऐसी संविदा से सम्पार्श्विक किसी घटना के घटित होने या न होने पर ही किसी बात को करने या न करने के लिये हो
b. ऐसी संविदा से सम्पार्श्विक किसी घटना के घटित होने पर कुछ करना होता है।
c. किसी घटना के घटित होने पर कुछ करना होता है
d. ऐसी संविदा से सम्पार्श्विक किसी घटना के घटित होने अथवा न घटित होने पर कुछ न करना होता है।
248. निम्नलिखित में से कौन एक समाश्रित संविदा है?
a. 'क' अपनी संपत्ति इस शर्त के साथ बेचता है कि मूल्य एवं ब्याज का भुगतान करने पर संपत्ति उसे वापस लौटा दी जाएगी
b. 'क' आग द्वारा अपने कारखाने को क्षति अथवा विनाश से बचाने के लिए उसका बीमा कराता है।
c. एक तरणताल पर डूबने वाले व्यक्तियों को बचाने के एकमात्र उद्देश्य से किसी रक्षक की नियुक्ति
d. एक ऋणी ऋणदाता को सत्यनिष्ठापूर्वक वचन देता है कि जबकभी भी उसके पास धन होगा वह ऋण चुका देगा
249. A B के साथ समझौता करता है कि वह B को रु.5,000 देगा जब दो सीधी रेखाएं एक स्थान को घेर लेगी। यह समझौता -
a. शून्यकरणीय है
b. शून्य है
c. वैध हैं
d. अनैतिक है
250. A B के साथ संविदा करता है कि वह B को रु. 20,000 का भुगतान करेगा यदि B का घर जल जाएगा। यह-
a. आकस्मिक संविदा है।
b. दांव की संविदा है
c. अनिश्चितता की संविदा है
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
251. जीवनबीमा की संविदा-
a. पद्यम् संविदा होती है
b. क्षतिपूर्ति की संविदा होती है
c. समाश्रित संविदा होती है
d. गारंटी की संविदा होती है
252. अनु मनु के साथ यह संविदा करता है कि वह भारत के विश्वकप जीतने पर उसे 1,000 रुपए देगा। यह एक-
a. पद्यम् संविदा है
b. समाश्रित संविदा है
c. सामाजिक संविदा
d. शून्यकरणीय संविदा है
253. निम्नलिखित तथ्यों में से कौन एक समाश्रित सं का गठन करता है?
a. जहाँ नमक की एक झील को किसी विनिर्दिष्ट अवधि के अंदर निश्चित धनराशि के जमा किए जाने पर पट्टे पर दिए जाने का प्रस्ताव किया गया हो
b. क ख से संविदा करता है यदि 'ख' का घर जल जाये तो वह 'ख' को 10,000 रुपए देगा
c. वित्त वर्ष के दौरान किसी भी आदेश जारी किए जाने पर 1000 टन कोयले की आपूर्ति की एक निविदा का प्रतिग्रहण
d. जब एक बैंक अपने ग्राहक को लॉकर इस शर्त पर दे कि ग्राहक बैंक के साथ माह की समाप्ति तक एक लाख रुपयों का सावधि खाता खोल ले
254. क' 'ख' के साथ यह संविदा करता है कि यदि वह बैंक से एक ऋण प्राप्त कर ले तो वह उसका रंगीनटीवी खरीद लेगा। ऐसी संविदा को कहा जाता है-
a. एक वैध संविदा
b. शून्यकरणीय संविदा
c. समाश्रित संविदा
d. इनमें से कोई नहीं
255. 'ख' से 'क' संविदा करता है कि यदि 'ख' का गृह जल जाये तो वह 'ख' को 10,000 रुपये देगा। यह किस प्रकार की संविदा है?
a. समाश्रित संविदा
b. पंद्यम् संविदा
c. विधिविरूद्ध संविदा
d. शून्यकरणीय संविदा
256. भविष्य में किसी अनिश्चित घटना पर निर्भर एक समाश्रित संविदा को तभी प्रवर्तित किया जा सकता है जब ऐसी घटना-
a. असंभव हो जाए
b. घटित न हो
c. घटित हो
d. उपरोक्त में कोई सही नहीं
257. किसी निर्दिष्ट अनिश्चित घटना पर आधारित एक समाश्रित संविदा को घटना के निर्धारित समय के अंदर घटित न होने पर-
a. प्रवर्तित किया जा सकता है यदि वह घटना निर्धारित समय के अंदर न घटे
b. शून्य होने के कारण कदापि प्रवर्तित नहीं की जा सकती'
c. निर्धारित समय के समाप्त होने के पूर्व प्रवर्तित किया जा सकता है, यदि यह सुनिश्चित हो जाए कि ऐसी घटना नहीं घटित होगी
d. उपरोक्त (a) तथा (c) दोनों
258. वर्गपहेली प्रतिस्पर्धा क्या होती है
a. पंचम् करार
b. अवैध करार
c. समाश्रित संविदा
d. वैध करार
259. यदि कोई असंभव घटना घटित हो तो किसी कार्य को करने अथवा न करने का समाश्रित करार-
a. शून्य होता है यदि करार के समय पक्षकारों को घटना की असंभाव्यता का ज्ञान रहा हो
b. शून्य होता है यदि करार के समय अनुबंध के पक्षकारों को घटना की असंभाव्यता का ज्ञान न रहा हो.
c. पक्षकारों के चयन पर शून्यकरणीय होता है।
d. शून्य होता है चाहे करार के समय पक्षकारों को घटना की असंभाव्यता का ज्ञान रहा हो अथवा न रहा हो
260. 'क' 'ख' को 'ग' से विवाह करने पर 10,000 रुपए देने की संविदा करता है। यह भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के अंतर्गत किस प्रकार की संविदा है-
a. निहित संविदा
b. समाश्रित संविदा
c. अवैध संविदा
d. शून्यकरणीय संविदा
261. क' 'ख' को 'ग' से विवाह करने पर एक धनराशि भुगतान करने की सहमति देता है। 'ग'घ' से विवाह कर लेती है। यह करार-
a. शून्यकरणीय है.
b. शून्य है
c. वैध है
d. अवैध है
262. यदि एक भावी घटना, जिसपर एक संविदा समाश्रित है, ऐसा तरीका है जिसके अनुसार एक व्यक्ति एक विनिर्दिष्ट समय पर कोई कार्य करेगा, तो ऐसी घटना को असंभव हो चुका मान लिया जाएगा-
a. जब ऐसा व्यक्ति कुछ ऐसा करता है जो यह असंभव बना देता है कि उसे किसी निश्चित समय के अंदर इस प्रकार कार्य करना चाहिए
b. आगे की आकस्मिकताओं के अंतर्गत के अलावा किसी अन्यथा तौर पर
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
d. उपरोक्त में कोई नहीं
263. निम्नलिखित में से किस मामले में एक समाश्रित संविदा शून्य हो जाती है-
a. यदि संविदा में किसी निश्चित समय के अंदर किसी घटना के घटित होने का जिक्र हो तथा ऐसी घटना घटित न हो अथवा इसका घटना असंभव हो जाए
b. यदि निष्पादन किसी ऐसी घटना पर निर्भर होने के लिए किया गया हो जो पहले से ही असंभव हो
c. यदि वर्णित घटना घटित न हो
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
264. पालन के निविदान से सम्बन्धित विधि कहाँ निहित है-
a. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 37 में
b. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 38 में
c. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 36 में
d. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 35 में
265. पक्षकारों द्वारा संविदात्मक दायित्वों के वैध पालन पर संविदा-
a. प्रवर्तनीय बन जाती है.
b. शून्य हो जाती है.
c. उन्मोचित हो जाती है
d. इनमें से कोई नहीं
266. जब वचनदाता वचन के प्रति अपने दायित्वों के पालन का प्रस्ताव करता है तो इसे क्या कहा जाता है-
a. नवीकरण
b. पालन का निविदान
c. पालन का प्रस्ताव
d. उपरोक्त (b) तथा (c) दोनों
267. निम्नलिखित में से किस दृष्टांत में अनुबंध का उन्मोचन कारित नहीं किया गया है?
a. क ख के लिए एक चित्र पेंट करने का वचन देता है। बाद में खं उसे ऐसा करने से रोक देता है।
b. क पर ख का 5,000 रुपए बाकी हैं। ग ख को 1,000 रुपए देता है जिसे ख क के विरूद्ध अपने दावे की पूर्ति में स्वीकार कर लेता है।
c. क ख के आने का इंतजार करता है ताकि वह ख के लिए पेंटिंग पूरी करे
d. क पर ख का 2,000 रुपए बाकी हैं। क ख सहित 9. अपने लेनदारों के साथ ऋण के आधे भाग के भुगतान
268. 'क' 'ख' के लिए 10 दिनों अंदर 1,000 रुपए मूल्य पर एक रंगचित्र बनाने का वचन देता है। 'क' की उस दिन के पहले ही मृत्यु हो जाती है। यह संविदा-
a. प्रवर्तनीय है
b. शून्यकरणीय है
c. अप्रवर्तनीय है.
d. शून्य है
269. 'क' अमुक कीमत पर अमुक दिन तक 'ख' के लिए एक रंगचित्र बनाने का वचन देता है। 'क' उस दिन से पहले ही मर जाता है-
a. संविदा करार समाप्त नहीं होता और क के विधिक प्रतिनिधियों द्वारा अथवा उनके विरूद्ध इसकी पुष्टि की जा सकती है
b. संविदा करार के के विधिक प्रतिनिधियों के चयन पर शून्यकरणीय हो जाता है।
c. दोनों पक्षों के लिए अनुबंध समाप्त हो जाता है
d. संविदा करार विधिविरूद्ध हो जाता है।
270.किसी संविदा का उन्मोचन हो सकता है-
a. संविदा के पालन द्वारा
b. संविदा को कुंठित करने के द्वारा
c. न (a) न ही (b)
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
271. 'क' 1000 रुपये का संदाय किये जाने पर 'ख' को अमुक दिन और समय पर माल परिदत्त करने का वचन देता है। 'क' उस दिन से पहले ही मर जाता है। यह संविदा-
a. शून्य है
b. क के प्रतिनिधि ख को माल सुपुर्द करने हेतु बाध्य हैं। तथा ख क के प्रतिनिधियों को 1,000 रुपए के भुगतान हेतु बाध्य है
c. क के प्रतिनिधि ख को माल की सुपुर्दगी हेतु बाध्य नहीं कर सकते
d. ख क के प्रतिनिधियों को 1,000 रुपए के भुगतान हेतु बाध्य नहीं है
272. 'क' 'ख' के साथ अगले दो माह तक उसके थियेटर में प्रतिसप्ताह दो रातों को गायन प्रस्तुत करने की एक संविदा करती है तथा प्रत्येक रात के लिए 1,000 रुपए के भुगतान की संविदा करता है। 'क' जानबूझ कर छठी रात्रि को अनुपस्थित हो जाती है किन्तु 'क' की सहमति से 'ख' सातवी रात्रि को गायन प्रस्तुत करती है। ख-
a. संविदा को समाप्त नहीं कर सकता
b. संविदा को समाप्त कर सकता है
c. वह उन पाँच रात्रियों के लिए भुगतान का दायी नहीं है जिनपर क गायन प्रस्तुत कर चुकी है।
d. छठी रात्रि को उसके द्वारा वहन की गई क्षति के लिए किसी भी क्षतिपूर्ति का अधिकारी नहीं है।
273. 'क' एक संगीतसभा में 1,000 रुपए के बदले ख के 'लिए गायन की संविदा करता है। धनराशि अग्रिम भुगतान कर दी जाती है। 'क' का स्वास्थ्य इतना खराब है कि वह गायन नहीं कर सकता-
a. क ख को वहन की गई उस लाभ की हानि के लिए क्षतिपूर्ति देने हेतु बाध्य नहीं है जो क के गायन में समर्थ होने पर ख द्वारा अर्जित किया गया होता किन्तु उसे अग्रिम दिए गए 1000 रुपए अवश्य लौटाने चाहिए
b. क ख को केवल वहन की गई उस लाभ की हानि के लिए क्षतिपूर्ति देने को बाध्य है जो क के गायन में समर्थ होने पर ख द्वारा अर्जित किया गया होता किन्तु यह अग्रिम दिए गए 1000 रुपए लौटाने को बाध्य नहीं है।
c. क न तो अग्रिम धनराशि के 1000 रुपए लौटाने को बाध्य है न ही उस लाभ की हानि के लिए क्षतिपूर्ति देने को बाध्य है जो क के गायन में समर्थ होने पर ख द्वारा अर्जित किया गया होता
d. क ख को वहन की गई उस लाभ की हानि के लिए क्षतिपूर्ति देने हेतु बाध्य नही है जो क के गायन में समर्थ होने पर ख द्वारा अर्जित किया गया होता किन्तु उसे अग्रिम धनराशि का आधा अवश्य लौटाना चाहिए
274. 'क' एक निश्चित तिथि पर भुगतान के बदले ख को एक माल की सुपुर्दगी का वचन देता है। 'क' की उस दिन के पहले ही मृत्यु हो जाती है। यह संविदा-
a. शून्य हो जाती है।
b. असंभव हो जाती है।
c. क के विधिक प्रतिनिधि के विकल्प पर शून्यकरणीय है।
d. क के प्रतिनिधि के विरूद्ध प्रवर्तित की जा सकती है।
275. भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत यदि वचनगृहीता वचनदाता के पूर्वानुमानित संविदा के भंग को स्वीकार करता है तो-
a. वचनगृहीता को अपने वचन का पालन नहीं करना होगा पर वचनदाता से नुकसानी प्राप्त करने का अधिकारी नहीं होगा ।
b. वचनगृहीता को अपने भाग का पालन करना होगा पर पालन दिनांक के इंतजार के बगैर वचनदाता से नुकसानी प्राप्त करने का अधिकारी होगा।
c. वचनगृहीता को अपने भाग का पालन नहीं करना होगा पर पालन दिनांक के बाद वचनदाता से नुकसानी प्राप्त करने का अधिकारी होगा।
d. नुकसानी प्राप्त करने के दावा करने के पहले वचनगृहीता को अपने भाग का पालन करना होगा।
276. 'क' एक 'संगीत समारोह में 'ख' के लिए गायान की संविदा करता है और 1,000 रुपए अग्रिम ले लेता है। 'क' इतना बीमार है कि गायन नहीं कर सकता। यहाँ-
a. 'क' अग्रिम धनराशि लौटाने हेतु बाध्य है
b. ‘क' गायन हेतु बाध्य है
c. 'क' 'ख' की क्षतिपूर्ति हेतु बाध्य है।
d. उपरोक्त में कोई नहीं
277. जब पालन की नियत तिथि के पूर्व वचनदाता पूर्णतःपालन करने से इंकार कर देता है तो इसे किस रूप में जाना जाता है-
a. संविदा का परित्याग
b. संविदा का वास्तविक उल्लंघन
c. संविदा से माफी
d. संविदा का अग्रिम उल्लंघन
278. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 40 सम्बन्धित है-.
a. वचन पालन न करने पर क्षतिपूर्ति से
b. ऐसे व्यक्ति से जिसे वचन का पालन करना है
c. संविदा की शून्यता से
d. संविदा की वैधता से
279. किसी संयुक्त वचन के मामले में सामान्यतः पालन किसके द्वारा किया जाना आवश्यक होता है-
a. उनमें से किसी एक के द्वारा एकल तौर पर से
b. अलग-अलग वचनदाताओं द्वारा वचनग्रहीता की सहमति से
c. सभी वचनदाताओं द्वारा संयुक्त रूप से
d. इनमें से कोई नहीं
280. क, ख तथा ग संयुक्त रूप से 'घ' को 3,000 रुपए देने का वचन देते हैं। क तथा ख गायब हैं। क्या 'ग' इस भुगतान का उत्तरदायी है?
a. 'ग' 'घ' को पूर्ण भुगतान का उत्तरदायी है।
b. 'ग' 'घ' को पूर्ण भुगतान का उत्तरदायी नहीं है।
c. 'ग' 'घ' को आंशिक भुगतान का उत्तरदायी है।
d. इनमें से कोई नहीं
281. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 41 सम्बन्धित है-
a. वचन पालन करने वाले व्यक्तियों से
b. वचन पालन करने के निविदान से
c. पूर्णतः वचन पालन करने से इंकार के परिणाम से
d. अन्य व्यक्ति से पालन प्रतिग्रहीत करने के प्रभाव से
282. जहाँ कोई आवेदन न किया गया हो तथा वचन पालन के लिए कोई समय विनिर्दिष्ट न किया गया हो, वहाँ करार को कितने समय के अंतर्गत पूरा करना अनिवार्य होता है-
a. युक्तियुक्त समय
b. तीन वर्ष
c. दो वर्ष
d. एक वर्ष
283. भारतीय संविदा अधिनियम,1872 के अंतर्गत यदि समय संविदा का सार है और वचनदाता विनिर्दिष्ट समय के अंदर संविदा पालन करने में विफल रहता है तो संविदा-
a. शून्य हो जाती है।
b. वैध बनी रहती है
c. अप्रवर्तनीय हो जाती है।
d. वचनग्रहीता की इच्छा पर शून्यकरणीय हो जाती है।
e. इनमें से कोई नहीं
284. संविदा के पालन हेतु युक्तियुक्त का प्रश्न सम्बन्धित है-
a. विधि से
b. तथ्य से
c. तथ्य एवं विधि का मिला-जुला प्रश्न
d. विवेक से
285. निम्नलिखित में से किस संविदा में समय संविदा का सार है-
a. 'क' 'ख' के साथ अपनी संपत्ति बेचने की संविदा करता है।
b. 'क' 'ख' के साथ शीघ्रातिशीघ्र विवाह की संविदा करता है।
c. ‘क' तुरंत कब्जा प्राप्त करने हेतु 'ख' का घर खरीदने हेतु उसके साथ संविदा करता है
d. 'क' 'ख' के लिए धन भेजने की संविदा करता है ताकि वह इंग्लैंड में जीवनयापन कर सके
286. एक संविदा, जिसमें समय संविदा का सार न हो, विनिर्दिष्ट समय के पूर्व संविदा के पालन में असफलता से-
a. शून्य हो जाएगी
b. वचनग्रहीता वचनदाता से स्वयं द्वारा ऐसी असफलतावश उत्पन्न एवं वहन की गई हानि के लिए क्षतिपूर्ति प्राप्त करने का अधिकारी होगा
c. वचनग्रहीता वचनदाता से स्वयं द्वारा ऐसी असफलतावश उत्पन्न एवं वहन की गई हानि के लिए क्षतिपूर्ति प्राप्त करने का अधिकारी होगा
d. वचनग्रहीता के विकल्प पर शून्यकरणीय हो जाएगी
287. पालन के स्थान को निर्दिष्ट न करने वाली संविदा का पालन-
a. वचनदाता को वचन पालन के स्थान की नियुक्ति के लिए वचनग्रहीता से आवेदन करना होता है और उसी स्थान पर वचन पालन करना होता है।
b. वचनग्रहीता की जानकारी वाले किसी भी स्थान पर किया जा सकता है।
c. वचनदाता को वचनग्रहीता से पालन के स्थान के सम्बन्ध में कोई निर्देश प्राप्त करने की आवश्यकता नहीं होती
d. वचनदाता वचनग्रहीता द्वारा निश्चित किसी स्थान के अलावा किसी अन्य स्थान पर वचन पालन कर सकता है
288. जहाँ संविदा के द्वारा पारस्परिक वचनों के पालन के लिए क्रम को 'तरीके से निर्धारित कर दिया गया सुस्पष्ट हो, वहाँ उनका पालन उसी क्रम में किया जाएगा; और जहाँ ऐसा क्रम सुस्पष्ट तरीके से निर्धारित न किया गया हो, इसका पालन-
a. पक्षकारों की पसंद वाले क्रमानुसार किया जाएगा
b. संव्यवहार की प्रकृति की आवश्यकतानुसार किया जाएगा
c. प्रस्ताव द्वारा वांछित तरीके से किया जाएगा।
d. इनमें से कोई नहीं
289. जहाँ कई व्यक्ति पारस्परिक वचन आदान-प्रदान करते हैं, पहले ऐसे कार्य करने हेतु जो वैध हों तथा दूसरे, विनिर्दिष्ट परिस्थितियों के अंतर्गत कुछ अन्य कार्य करने की जो अवैधानिक हों तब-
a. वचनों का प्रथम समूह शून्यकरणीय होता है, किन्तु दूसरा एक शून्य करार होता है
b. वचनों का प्रथम समूह एक संविदा होता है, किन्तु दूसरा एक शून्य करार होता है
c. वचनों का संपूर्ण समूह शून्य होता है
d. वचनों का संपूर्ण समूह वैध होता है
290. 'क' और 'ख' संविदा करते हैं कि 'क' नियत कीमत पर 'ख' के लिये एक मकान बनायेगा। वह क्रम, जिससे व्यतिकारी वचनों का पालन किया जाना है, नियत नहीं किये गये। पालन का क्रम क्या होगा ?
a. 'ख' को मकान के लिये भुगतान करने के वचन का पालन, 'क' के मकान बनाने के वचन से पहले करना होगा |
b. 'क' को मकान बनाने के वचन का पालन, 'ख' के मकान के लिये भुगतान करने के वचन से पहले करना होगा।
c. क' तथा 'ख' को अपने वचन का पालन एक साथ करना होगा।
d. उपरोक्त में से कोई नहीं।
291. संविदा की निष्फलता का प्रावधान भारतीय संविदा अधिनियम की किस धारा में किया गया है?
a. 56
b. 70
c. 2 (घ)
d. 73
292. संविदा का उन्मोचन पालन की असंभाव्यता द्वारा किया जा सकता है जिसे निर्दिष्ट किया गया है-
a. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 26 में
b. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 56 में
c. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 53 में
d. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 28 में
293. प्रारंभिक अवस्था में एक वैध संविदा बाद में अप्रत्याशित कारकों के हस्तक्षेप से प्रवर्तनीय नहीं रह जाती। ऐसी संविदा-
a. वैध रहेगी
b. प्रवर्तनीय न रह जाने के बाद से शून्य हो जाती है
c. प्रवर्तनीय न रह जाने पर संविदा के किसी एक पक्षकार के विकल्प पर शून्यकरणीय होगी
d. प्रारंभ से ही शून्य हो जाती है
294. भारत में, शून्य होने वाली संविदा के पालन की असंभाव्यता का सिद्धांत किस पर आधारित है-
a. निहित शब्द के सिद्धांत पर
b. न्यायोचित एवं समुचित समाधान के सिद्धांत पर
c. अनुचित संवर्धन के सिद्धांत पर
d. असंभाव्यता अथवा अवैधता की आकस्मिकता पर, जैसा भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 56 में निर्धारित है
295. किसी असंभव कार्य को करने का अनुबंध अपने आप ही
a. अप्रवर्तनीय होता है
b. शून्य होता है
c. शून्यकरणीय होता है
d. सदोष होता है।
296. जादू से गुप्तनिधि का पता लगाने का 'ख' से 'क'' करार करता है। भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत यह करार-
a. शून्य है
b. अवैध है
c. विधिपूर्ण है
d. वैध अनुबंध है
297. प्रारंभिक अवस्था में एक वैध संविदा जो बाद में प्रवर्तनीय नहीं रह जाती। ऐसी संविदा-
a. प्रवर्तनीय न रह जाते ही शून्य हो जाएगी.
b. वैध रहेगी
c. प्रवर्तनीय न रह जाने पर शून्यकरणीय होगी
d. प्रारंभ से ही शून्य हो जाती है।
298. 'क' तथा 'ख' एक-दूसरे से शादी करने का अनुबंध करते है, परन्तु विवाह के लिये निर्धारित समय से पूर्व 'क' पागल हो जाता है, ऐसे में संविदा-
a. शून्य संविदा हो जाती है
b. शून्यकरणीय संविदा हो जाती है।
c. शर्त संविदा हो जाती है
d. समाश्रित संविदा हो जाती है
299. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के अंतर्गत संविदा की विषयवस्तु के विनाश का क्या परिणाम होता है-
a. संविदा का पालन
b. संविदा का उल्लंघन
c. असंभाव्यता द्वारा उन्मोचन
d. संविदा का नवीकरण
300. क ने एक टेंट हाउस के साथ अपनी पुत्री के विवाह के लिए एक शामियाना लगाने की संविंदा की । विवाह के दिन उस क्षेत्र में कर्फ्यू लग गया जिससे विवाह समारोह नहीं हो सका। शामियाना मालिक ने क के द्वारा सहमत राशि के भुगतान का दावा कर दिया। उपरोक्त पृष्ठभूमि में निम्नलिखित में से क्या सही है-
a. क को कोई भुगतान करने की आवश्यकता नहीं है क्योंकि विवाह समारोह कर्फ्यू की वजह से असंभव हुआ था
b. क को संविदागत व्यय का भुगतान करना होगा
c. क को संविदागत नहीं बल्कि समुचित व्यय का भुगतान करना होगा
d. क राज्य से क्षतिपूर्ति वहन करने की माँग कर सकता है
301. 'क' 'ख' को 'ग' के साथ विवाह करने पर एक निश्चित धनराशि भुगतान करने की संविदा करता है। 'ख' से विवाह के पूर्व ही 'ग' की मृत्यु हो जाती है-
a. संविदा वैध एवं प्रवर्तनीय है
b. संविदा अवैध है
c. संविदा प्रवर्तनीय नहीं है
d. इनमें से कोई नहीं
302. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है? विफलता का सिद्धांत लागू होता है-
a. जब दोनों पक्षकार विफल हों जाएं
b. जब कोई एक पक्षकार विफल हो जाए.
c. जब व्यवसायिक समस्याएं हों
d. जब उद्देश्य विफल हो चुका हो
303. एक संविदा, जिसका पालन विधिविरूद्ध अथवा असंभव हो जाता है, होती है-
a. शून्य
b. शून्यकरणीय, जब पालन विधिविरूद्ध अथवा असंभव हो जाए
c. न तो शून्य न ही शून्यकरणीय
d. शून्य, जंब पालन विधिविरूद्ध अथवा असंभव हो जाए-
304. संविदा का विफलीकरण नहीं किया जाता-
a. संविदा की विषयवस्तु के विनष्ट होने पर
b. सरकार के द्वारा प्रतिबंध लगाकर
c. व्राणिज्यिक असम्भवता द्वारा
d. उपर्युक्त सभी
305. अप्रत्याशित घटना (force majeure) का सिद्धान्त, भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के किस प्रावधान
a. धारा 52
b. धारा 54
c. धारा 58
d. धारा 56
306. एक संविदा विफल नहीं होती-
a. व्यवसायिक समस्याओं द्वारा
b. विषयवस्तु नष्ट होने से
c. परिस्थितियाँ परिवर्तित होने से
d. पक्षकार की मृत्यु अथवा अक्षमता से
307. संविदा किसके विफल होने पर विफल हो जाती है-
a. एक पक्ष की वांछा परिवर्तन पर
b. संविदा की विषयवस्तु के
c. संविदा के प्रतिफल के
d. संविदा की क्षमता के
308. एक अनुकल्पी वचन, जिसकी एक शाखा वैध तथा दूसरी अवैध हो-
a. अनुकल्पी वचन की केवल वैधानिक शाखा को ही. प्रवर्तित किया जा सकता है
b. संपूर्ण अनुकल्पी वचन को प्रवर्तित किया जा सकता है
c. संपूर्ण अनुकल्पी वचन को प्रवर्तित नहीं किया जा सकता
d. इनमें से कोई नहीं
309. एक अनुकल्पी वचन के मामले में जिसकी एक शाखा वैध तथा दूसरी अवैध हो तो-
a. केवल वैधानिक शाखा प्रवर्तित की जा सकती है
b. ऐसे किसी भी वचन का प्रवर्तन किया जा सकता है
c. इसकी किसी भी शाखा का प्रवर्तन नहीं किया जा सकता.
d. न्यायालय की अनुमति से दोनों शाखाओं का प्रवर्तन किया जा सकता है।
310. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के अंतर्गत 'क' उस अभियोजन को, जो उसने लूट के बारे में 'ख' के विरुद्ध संस्थित किया है, छोड़ देने का 'ख' को वचन देता है और 'ख' दी गई चीजों का मूल्य लौटा देने का वचन देता है। यह करार-
a. वैध है
b. अवैध है
c. शून्यकरणीय है
d. शून्य है
311. क तथा ख सहमत होते हैं कि क ख को 500 रुपए देगा, जिसके लिए ख बाद में क को एक क्विंटल गेहूँ अथवा एक तस्करी की पिस्तौल देगा। निर्णय कीजिए-
a. गेहूँ सुपुर्दगी का करार वैध है किन्तु पिस्टल का करार शून्य है
b. संपूर्ण करार शून्य है
c. संपूर्ण करार वैध है
d. संपूर्ण करार विधिविरूद्ध है
312. भारतीय संविदा अधिनियम की निम्नलिखित में से किस धारा के अंतर्गत भुगतान के विनियोजन से सम्बन्धित क्लाईटन के बाद के नियम को समाहित किया गया है?
a. धारा 61
b. धारा 60
c. धारा 58
d. धारा 59
313. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 59 के अंतर्गत प्रज्ञापना-
a. अवश्य ही विवक्षित होनी चाहिए
b. अभिव्यक्त अथवा विवक्षित कुछ भी हो सकती है
c. अवश्य ही अभिव्यक्त होनी चाहिए
d. इनमें से कोई नहीं
314. जहाँ देनदार सूचना देना भूल जाता है, और यह इंगित करने की कोई अन्य परिस्थिति मौजूंद न हो कि भुगतान को किस ऋण में समायोजित किया जाना है, वहाँ-
a. लेनदार अपने विवेकानुसार इसे स्वयं को देनदार से बकाया किसी भी विधिपूर्ण ऋण में समायोजित कर सकता है, चाहे इसकी वसूली तत्समय प्रवर्तित किसी परिसीमन बाद के मामले में विधि द्वारा वर्जित हो अन न हो
b. लेनदार अपने विवेकानुसार इसे स्वयं को देनदार से बकाया किसी भी विधिपूर्ण ऋण में समायोजित कर सकता है, बशर्ते ऐसी वसूली को विधि द्वारा वर्जित न किया गया हो
c. इसे समयक्रमानुसार ऋणों के उन्मोचन में समायोजित किया जाएगा
d. इसे समयक्रमानुसार ऋणों के उन्मोचन में समायोजित 59 किया जाएगा बशर्ते ये परिसीमन विधि द्वारा कालबाधित न हो चुके हों
315. संविदा अधिनियम की धारा 62 सम्बन्धित है-
a. अभिकरण
b. भंग
c. नवीयन
d. क्षतिपूर्ति
316. किसी संविदा में दायित्व की प्रकृति का कोई परिवर्तन किस नाम से जाना जाता है-
a. विखंडन
b. नवीनीकरण
c. परिवर्तन
d. नवीकरण
317. भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत संविदा का नवीकरण जाना जाता है-
a. मौलिक संविदा के स्थान पर नई संविदा के प्रतिस्थापन के रूप में
b. संविदा के निरस्तीकरण के रूप में
c. संविदा के परिवर्तन के रूप में
d. मौलिक संविदा के नवीनीकरण के रूप में
318. संविदा का विखंडन का अर्थ होता हैं-
a. मौलिक संविदा का नवीनीकरण
b. संविदा में परिवर्तन
c. संविदा का निरस्तीकरण
d. पहले से लागू संविदा का नई संविदा से प्रतिस्थापन
319. 'ख' का 'क' 5,000 रुपए का देनदार है। 'ख' को 'क' 2000 रुपये देता है और 'ख' उन्हें 'क' पर अपने दावे की तुष्टि के प्रतिगृहीत कर लेता है। यहाँ
a. कोई ऋण उन्मोचित नहीं हुआ है।
b. ऋण का एक भाग उन्मोचित हुआ है।
c. संपूर्ण ऋण का उन्मोचन हो चुका है
d. इनमें से कोई नहीं
320. 'ख' का 'क' 3,000 रुपये का देनदार है। 'ख' को 'ग' 2000 रुपये देता है और 'ख' उन्हें 'क' पर अपने दावे की तुष्टि में प्रतिगृहीत कर लेता है। यह संदाय-
a. संपूर्ण दावे का उन्मोचन नहीं है
b. शेष धनराशि के भुगतानमात्र पर ही उन्मोचित हो सकता है
c. संपूर्ण दावे का उन्मोचन है
d. यदि 'क' के द्वारा राशि का भुगतान किया जाता है तब ही उन्मोचित होगा
321. किसी शून्य करार में लाभ को पुनर्बहाल करने के दायित्व का प्रावधान किया गया है-
a. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 68 द्वारा
b. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 60 द्वारा
c. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 63 द्वारा
d. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 65 द्वारा
322. भारतीय संविदा अधिनियम,1872 की धारा 65 द्वारा प्रतिपादित नियम ऐसे करार पर प्रयोज्य होता है जिन्हें शून्य पाया गया हो-
a. भूल द्वारा
b. प्रतिफल की विफलता द्वारा
c. असंभाव्यता द्वारा
d. उपरोक्तं सभी
323. निम्नलिखित में से कौन सी संविदा विशिष्टतौर पर प्रवर्तनीय होती है-
a. विवाह की संविदा
b. ख द्वारा दिल्ली विश्वविद्यालय में विधि पर एक व्याख्यान देने की संविंदा
c. क की माँग पर किसी भी समय माल की आपूर्ति करने की ख साथ क द्वारा की गई संविदा
d. इनमें से कोई नहीं
324. भारतीय संविदा अधिनियम में संविदाओं के सदृश कतिपय सम्बन्धों का प्रावधान किस अध्याय के अंतर्गत किया गया है-
a. अध्याय 4
b. अध्याय 6
c. अध्याय 5
d. अध्याय 7
325. आभासी संविदात्मक दायित्व के न्यायिक आधार को किस सिद्धांत द्वारा स्पष्ट किया जा सकता है-
a. अन्यायोचित समृद्धि.
b. स्वैच्छिक लाभ
c. न्यायोचित एवं समुचित समाधान
d. “इनडेबिटस-एजमप्सिट"
326. जिस सिद्धांत पर आभासी संविदात्मक दायित्व आधारित होते हैं उनका उद्देश्य अनुचित संवर्धन को रोकना होता है। इस सिद्धांत के वास्तविक संस्थापक कौन माने जाते हैं?
a. लार्ड राइट
b. एन्सन
c. लार्ड रैडक्लिफ
d. लार्ड मैन्सफिल्ड
327. "किसी को भी दूसरे के व्यय पर स्वयं को समृद्ध करने की अनुमति नहीं होती।" इस सिद्धांत को किस नाम से जाना जाता है-
a. अर्द्ध-संविदात्मक
b. जितना काम उतना दाम
c. मूल्य के अनुसार
d. बिना प्रतिफल के
328. विधि द्वारा विवक्षित एक संविदा किस नाम से जानी जाती है-
a. समाश्रित संविदा
b. अभिव्यक्त संविदा
c. विवक्षित संविदा
d. कल्प-संविदा
329. भारतीय संविदा अधिनियम की निम्नलिखित धाराओं 1 में से कौन सी धारा संविदा के प्रति अक्षम व्यक्तियों को आपूर्ति की गई आवश्यकताओं के लिए दायित्वों का प्रावधान करती है?
a. धारा 68
b. धारा 11
c. धारा 69
d. धारा 25 (1)
330. जब किसी अव्यस्क को जीवन की आवश्यकताओं की पूर्ति की गई हो तो आपूर्तिकर्ता-
a. मूल्य नहीं वसूल सकता
b. अवयस्क की संपत्ति से मूल्य वसूल सकता है
c. मूल्य वसूल सकता है.
d. एक आपराधिक बाद ला सकता है।
331. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 68 के अंतर्गत अवयस्क-
a. केवल अवयस्क की संपत्ति दायी होती है।
b. व्यक्तिगत रूप से दायी होता है
c. अवयस्क व्यक्तिगत रूप से तथा उसकी संपत्ति दोनों दायी होते हैं
d. उपरोक्त में कोई सही नहीं है
332. एक अवयस्क, जिसके माता-पिता मर चुके हैं, को उसके पड़ोसी द्वारा पाला जा रहा है, पड़ोसी खर्चो की वसूली माँग कर सकता है?
a. नहीं
b. हाँ, कतिपय स्थितियों में
c. हाँ, यदि अवयस्क का संरक्षण न्यायालय द्वारा दिया गया हो
d. उपरोक्त में कोई नहीं
333. 'क' एक पागल 'ख' को उसके जीवन की स्थितियों के योग्य आवश्यक वस्तुओं का प्रदाय करता है। क्या 'क' 'ख' की संपत्ति से प्रतिपूर्ति पाने का हकदार है-
a. हाँ
b. नहीं
c. हाँ, यदि संपत्ति का मूल्य एक लाख से अधिक हो
d. इनमें से कोई नहीं
334. एक व्यक्ति, जो किसी अवयस्क को 'आवश्यक वस्तुओं 'का प्रदाय' करता है इस आधार पर अवयस्क की संपत्ति से प्रतिपूर्ति पाने का हकदार होता है-
a. वैध, संविदा
b. शून्यकरणीय संविदा
c. कल्प-संविदा
d. समाश्रित संविदा
335. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
a. एक अवयस्क की संविदा शून्य होती है किन्तु वह स्वयं को की गई आवश्यक वस्तुओं के भुगतान हेतु बाध्य होता है
b. एक अवयस्क की संविदा शून्य होने के कारण वह स्वयं को की गई आवश्यक वस्तुओं के लिए भुगतान करने हेतु बाध्य नहीं होता
c. एक अवयस्क की संविदा शून्यकरणीय होने के कारण वह स्वयं को की गई आवश्यक वस्तुओं के लिए भुगतान करने हेतु बाध्य होता है।
d. एक अवयस्क स्वयं को की गई आवश्यक वस्तुओं के लिए भुगतान करने हेतु बाध्य होता है क्योंकि एक अवयस्क की संविदा वैध होती है
336. किसी अवयस्क को की गई जीवन की आवश्यक वस्तुओं के लिए दावा भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 68 के अंतर्गत-
a. अवयस्क के संरक्षक, यदि कोई हो, के विरूद्ध प्रवर्तित किया जा सकता है
b. अवयस्क के वयस्क होने पर उसपर व्यक्तिगतरूप से प्रवर्तित किया जा सकता है
c. अवयस्क की अवयस्कता के दौरान उसकी संपत्ति अथवा संपदा के विरूद्ध प्रवर्तित किया जा सकता है
d. कदापि प्रवर्तित नहीं किया जा सकता
337. एक व्यक्ति, जो किसी दूसरे व्यक्ति के विधिपूर्ण आनुग्राहिक कार्य के लाभ प्राप्त कर रहा हो-
a. उस दूसरे व्यक्ति की प्रतिकर के लिए उत्तरदायी नहीं होता
b. उस दूसरे व्यक्ति की प्रतिकर के लिए उत्तरदायी होता है
c. यह कि दूसरा व्यक्ति प्रतिकर का दावा नहीं कर सकता
d. उपरोक्त (b) तथा (c) दोनो
338. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 70 किस मामले में लागू नहीं होती -
a. अवयस्क
b. सरकार के
c. पर्दानशीन महिलाओं
d. सार्वजनिक निगमों के
339. एक व्यापारी 'क' अपना माल 'ख' के घर पर भूलवश छोड़ देता है। 'ख' उस माल का निजी उपयोग कर लेता है। तब-
a. 'ख' 'क' को भुगतान हेतु बाध्य है
b. 'ख' 'क' को भुगतान हेतु बाध्य नहीं है।
c. कोई संविदा मौजूद नहीं है
d. इनमें से कोई नहीं
340. एक व्यापारी 'क' अपना माल 'ख' के घर पर भूलवश छोड़ देता है। यदि 'ख' उस माल का उपयोग करता है तो निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है जब 'क' उस माल के मूल्य की माँग 'ख' से करता है और 'ख' भुगतान करने से इंकार कर देता है?
a. ख' भुगतान हेतु बाध्य है क्योंकि 'क' की मंशा उस माल को आनुग्राहिकतौर पर आपूर्ति करने की नहीं थी तथा 'ख' ने 'क' के कार्य के लाभ का आनंद प्राप्त किया है
b. 'ख' भुगतान हेतु बाध्य नहीं है क्योंकि वह अपने घर पर छोड़े गए माल का स्वामी बन जाता है.
c. 'ख' भुगतान हेतु बाध्य नहीं है क्योंकि उसने माल की माँग नहीं की थी
d. 'क' को अपनी भूल का परिणाम अवश्य भुगतना चाहिए. और वह 'ख' से माल का मूल्य नहीं वसूल सकता
341. एक व्यापारी 'क' अपना माल 'ख' के घर पर भूलवश छोड़ देता है। 'ख' उस माल को अपना निजी मान लेता है। वह 'क' को इसके लिए भुगतान करने को बाध्य है-
a. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 69 के अंतर्गत
b. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 72 के अंतर्गत
c. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 70 के अंतर्गत
d. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 68 के अंतर्गत
342. भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत माल पड़ा पाने वाले का उत्तरदायित्व का प्रावधान किया गया है-
a. धारा 71 में
b. धारा 68 में
c. धारा 69 में
d.धारा 70 में
343. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 के अंतर्गत को पाने वाला व्यक्ति-
a. एक उपनिधाता होता है
b. उपनिहिती होता है
c. प्रतिभू होता है
d. इनमें से कोई नहीं
344. रमैया तथा लक्ष्मैया संयुक्त रूप से सतैया को 10,000 रुपयों के देनदार हैं। रमैया सतैया को भुगतान कर देता है। लक्ष्मैया को इसकी जानकारी न होने के कारण वह पुनः सतैया को 10,000 रुपए दे देता है। विधि के अंतर्गत वह लक्ष्मैया को धन वापस करने हेतु बाध्य है। भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की कौन सी धारा में यह सिद्धांत निहित है?
a. धारा 72
b. धारा 83
c. धारा 93
d. धारा 74
345. एक स्थानीय विकास प्राधिकरण ने एक गृहयोजना की घोषणा की और इसके अधीन आवेदन स्वीकार कर लिए। बाद में यह पता लगने पर कि योजना मास्टर योजना का उल्लंघन थी, योजना को रद्द कर दिया। प्राधिकरण-
a. बिना किसी वचनात्मक विबंधन के बंधनों के ऐसा करने को स्वतंत्र है क्योंकि सरकार द्वारा अपनी संप्रभु विधायी तथा कार्यपालिका कार्यवाहियों के अभ्यास किए जाने में सरकार के विरूद्ध कोई विबंधन नहीं हो सकता
b. बिना किसी वचनात्मक विबंधन के बंधनों के ऐसा करने को स्वतंत्र है।
c. वचनात्मक विबंधन के बंधनों के कारण ऐसा करने को स्वतंत्र नहीं है
d. उपरोक्त में कोई नहीं
346. वचनात्मक विबंधन को कभी-कभी किसका स्थानापन्न कहा जाता है-
a. नवीकरण
b. प्रतिफल
c. प्रपीड़न
d. कल्प-संविदा
347. निम्नलिखित में से क्या एक कल्प-संविदा नहीं है
a. आनुग्राहिक कार्य के लाभ प्राप्त करने वाले व्यक्ति के दायित्व
b. वस्तु को पाने वाले के उत्तरदायित्व
c. जितना काम उतना दाम
d. नवीकरण
348. विशिष्ट अनुतोष अधिनियम की धारा 21 के अंतर्गत दी गई किसी भी प्रतिकर की राशि के निर्धारण किए जाने में न्यायालय का मार्गदर्शन भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की किस धारा में विनिर्दिष्ट सिद्धांत द्वारा किया जाएगा-
a. 70
b. 77
c. 72
d. 73
349. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 73 के अंतर्गत दिए जाने वाला प्रतिकर-
a. क्षतिपूरक प्रतिकर
b. परिनिर्धारित प्रतिकर
c. दंडनीय प्रतिकर
d. इनमें से कोई नहीं
350. यदि संविदा भंग पर भुगतान की जाने वाली प्रतिकर संभावित क्षतियों का वास्तविक पूर्वानुमान हो तो इसे जाना जाता है-
a. विशिष्ट प्रतिकर के रूप में
b. परिनिर्धारित प्रतिकर के रूप में
c. अर्थदंड के रूप में
d. अपरिनिर्धारित प्रतिकर के रूप में
351. किसी संविदा भंग की स्थिति में देय प्रतिकर की एक राशि के रूप में पहले से निर्धारित एक धनराशि को क्या कहा जाता है-
a. परिनिर्धारित प्रतिकर
b. अर्थदंड
c. उपरोक्त में (a) अथवा (b)
d. परिनिर्धारित प्रतिकर के रूप में
352. निम्नलिखित में से कौन सही सुमेलित नहीं है?
a. लोकनीति - हैडले बनाम बैक्सेनडेल
b. प्रपीड़न चिक्कम अमीराजू बनाम चिक्कम सेशम्मा
c. परिनिर्धारित नुकसानी -डनलप न्यूमैटिक टायर कं. बनाम न्यू गैराज एण्ड मोटर कं.
d. पालन की असम्भवता -अलोपी परशाद एंड संस
353. भारतीय संविदा अधिनियम,1872 की निम्नलिखित में से कौन सी धारा किसी व्यक्ति, जो प्रतिकर के लिए वाद लाता है, पर संविदा भंग के परिणामस्वरूप उत्पन्न हानि के शमन का कर्तव्य आरोपित करती है?
a. धारा 72
b. धारा 73
c. धारा 74
d. धारा 75
354. संविदा भंग के लिए उपलब्ध उपचार है-
a. दंडात्मक प्रतिकर
b. नाममात्र का प्रतिकर
c. अनुकरणीय प्रतिकर
d. क्षतिपूरक प्रतिकर
355. संविदा भंग हो सकता है-
a. वास्तविक अथवा प्रत्याशित
b. केवल वास्तविक
c. केवल प्रत्याशित
d. उपरोक्त में से कोई नहीं
356. जहाँ भंग के मामले में निर्धारित ब्याज की दर बहुत ऊँची हो, न्यायालय हस्तक्षेप कर सकता है-
a. इस संतुष्टि के साथ कि व्यवस्था दंड स्वरूप की गई है।
b. प्रपीड़न सबूत पर
c. असम्यक असर के सबूत पर
d. समता के आधार पर
357. क एक निश्चित तिथि पर न्यायालय में प्रस्तुत होने के लिए स्वयं के 500 रुपए अर्थदंड की जमानत प्रस्तुत करता है। वह अपनी जमानत जब्त कर लेता है। वह उत्तरदायी है-
a. आधे अर्थदंड के भुगतान का
b. संपूर्ण अर्थदंड के भुगतान का
c. यह न्यायाधीश के
d. कोई अर्थदंड नहीं
358. 'क' एक नियत दिन पर 'ख' को रुई की 500 गाँठें बेचने और परिदत्त करने की संविदा करता है। 'ख' के अपने कारबार के संचालन के ढंग के बारे में 'क' कुछ नहीं जानता। 'क' अपना वचन भंग कर देता है और 'ख' के पास रुई बिल्कुल न होने के कारण उसे अपनी मिल बंद करनी पड़ती है। क्या 'क' 'ख' द्वारा मिल बंद किए जाने के परिणामस्वरूप हुई हानि के लिए उत्तरदायी है?
a. नहीं
b. हाँ
c. हो चुकी हानि की सीमा तक
d. इनमें से कोई नहीं
359. क ख के साथ भविष्य की किसी तिथि पर सुपुर्दगी हेतु एक निश्चित संख्या में जूट के बोरे बेचने को सहमत होता है। नियत तिथि के पूर्व ख संविदा में लाभदायक हित ग को सौंप देता है। क संविदा भंग करता है। निम्नलिखित में से क्या सही है-
a. ग प्रतिकर के लिए वाद लाने का अधिकारी नहीं है क्योंकि यह ख द्वारा बाद लाने के अधिकार का हस्तांतरण मात्र होगा
b. ग जूट के बोरे न सुपुर्द किए जाने हेतु प्रतिकर के लिए क पर बाद लाने का अधिकारी है।
c. ग क पर प्रतिकर के लिए बाद लाने का अधिकारी नहीं है क्योंकि क तथा ग के बीच कोई संविदात्मक सम्बन्ध मौजूद नहीं है।
d. ग मात्र ख से अपना धन वापस पाने हेतु वाद प्रस्तुत करने का अधिकारी है
360. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 74 लागू होती है-
a. ऐसे मामलों में जहाँ संविदा के अधीन प्राप्त धनराशि को जब्त करने की माँग की जाती है
b. ऐसे मामलों में जहाँ भंग के परिणामस्वरूप कोई भी कानूनी क्षति न कारित हुई हो
c. ऐसे मामलों में जहाँ व्यथित पक्षकार संविदा भंग पर एक निर्धारित धनराशि को वसूल करने की माँग करता है
d. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों में
361. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 74 के अंतर्गत न्यायालय क्षतिपूर्ति नहीं प्रदान कर सकता-
a. संविदा में उल्लिखित राशि से अधिक का
b. संविदा में उल्लिखित राशि से कम का
c. संविदा में उल्लिखित राशि के बराबर का (घ) उपरोक्त में कोई नहीं
d. उपरोक्त में कोई नहीं
362. संविदा भंग के मामले में पीड़ित पक्ष के लिए निम्नलिखित में से कौन सा उपचार उपलब्ध होता है?
a. वापसी हेतु वाद
b. क्षतिपूर्ति हेतु वाद
c. विनिर्दिष्ट अनुपालन हेतु वाद
d. उपरोक्त सभी
363. चूक की तिथि से बढ़े हुए ब्याज हेतु व्यवस्था को किस नाम से जाना जाता है-
a. क्षतिपूर्ति
b. अर्थदंड
c. परिनिर्धारित क्षतिपूर्ति
d. प्रतिकर
364. जब अनुबंध का उल्लंघन होता है, विशेष भुगतान देय होता है-
a. सभी मामलों में
b. केवल विशेष परिस्थितियों में
c. केवल तब होता है जब विशेष नुकसान की संभावना की जानकारी होती है।
d. केवल तब होती है जब कोई विशेष नुकसान होता हैं
365. संविदा भंग हेतु क्षतिपूर्ति के निर्धारण के समय निम्नलिखित में से किन बिन्दुओं पर विचार किया जाता है?
a. उद्देश्य
b. पालन न किए जाने के कारण कारित हुई असुविधा के उपचार के साधन
c. अप्रत्यक्ष हानि
d. उपरोक्त सभी
366. 'क्वांटम मेरियट' का अर्थ होता है-
a. किए गए कार्य की सीमा तक
b. संलिप्त धनराशि
c. सीमा एवं गुणवत्ता
d. उपरोक्त में कोई नहीं
367. "क्वांटम मेरियट" पर वाद प्रस्तुत करने का अधिकार उत्पन्न होता है-
a. जब एक पक्षकार ने संविदा का आंशिक अनुपालन किया हो तथा दूसरे पक्ष द्वारा संविदा को उन्मोचित कर दिया गया हो
b. जब एक पक्षकार द्वारा संविदा का संपूर्ण अनुपालन कर दिया गया हो
c. जब संविदा अनुपालन की असंभाव्यता के कारण उन्मोचित हो गई हो
d. जब संविदा अवैध बन जाए
368. एक पक्षकार, जो किसी संविदा के मामले में कोई हानि नहीं उठाता, अधिकारी होता है-
a. वैधानिक क्षतिपूर्ति का
b. नाममात्र के क्षतिपूर्ति का
c. परिनिर्धारित क्षतिपूर्ति का
d. अनुकरणीय क्षतिपूर्ति का
369. किसी संविदा भंग से उत्पन्न हानि अथवा क्षति का निर्धारण कब किया जाना होता है-
a. संविदा किए जाने की तिथि पर
b. संविदा भंग की तिथि पर
c. संविदा कुंठित होने की तिथि पर
d. उपरोक्त में कोई नहीं
370. एक बीमा कंपनी तथा एक वाहन मालिक के बीच वाहन मालिक को वाहनगत दुर्घटना के परिणामों से 'सुरक्षा प्रदान करने हेतु की गई एक संविदा कैसी संविदा होती है-
a. प्रत्याभूति
b. प्रतिभू
c. उपनिधान
d. क्षतिपूर्ति
371. बीमा की संविदा होती है
a. क्षतिपूर्ति की संविदा
b. प्रत्याभूति की संविदा
c. ख से वसूलने और फिर भुगतान करने का उत्तरदायी है।
d. उपरोक्त में कोई नहीं
372. क ग के बैंक में प्रबंधक के रूप में ख के आचरण के लिए प्रतिभू बनता है। बाद में ख तथा ग क की अनुमति के बिना ही संविदा करते हैं कि ख किसी ओवरड्राफ्ट पर होने वाली हानियों के एक-चौथाई के लिए उत्तरदायी होगा। ख एक ग्राहक को धनराशि निकालने की अनुमति देता है और बैंक को उस राशि की हानि हो जाती है। इस हानि की पूर्ति करने के लिए क-
a. पूर्णतः उत्तरदायी है
b. एक-चौथाई तक उत्तरदायी है।
c. उत्तरदायी नहीं है
d. तीन-चौथाई तक उत्तरदायी है
373. चलत प्रत्याभूति" को परिभाषित किया गया है-
a. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 129 के अंतर्गत
b. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 124 के अंतर्गत
c. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 146 के अंतर्गत
d. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 147 के अंतर्गत
374. एक चलत प्रत्याभूति को प्रतिभू द्वारा लेनदार को दी गई सूचना द्वारा वापस लिया जा सकता है-
a. किसी अतीतकालीन संव्यवहार के सम्बन्ध में
b. किसी भावी संव्यवहार के सम्बन्ध में
c. किसी भावी अथवा अतीतकालीन संव्यवहार के सम्बन्ध में
d. एक चलत प्रत्याभूति को कदापि वापस नहीं लिया जा सकता
375. ऐसी प्रत्याभूति, जिसका उद्देश्य एक निश्चित समयावधि के दौरान बहुत सारे संव्यवहारों को शामिल करना हो, के वर्णन हेतु किस शब्द का उपयोग किया जाता है?
a. चलत प्रत्याभूति
b. सामान्य
c. विशिष्ट प्रत्याभूति
d. अनुवर्ती प्रत्याभू
376. धारा 130 के अंतर्गत एक चलत प्रत्याभूति-
a. पूर्णतः अप्रतिसंहरणीय होती है
b. पूर्णतः प्रतिसंहरणीय होती है।
c. भावी संव्यवहार के सम्बन्ध में प्रतिसंहरणीय होती है
d. उपरोक्त (a) तथा (b) में कोई एक
377. किसी प्रतिभू की सहमति के बिना किसी संविदा में किया गया परिवर्तन मूलऋणी तथा लेनदार के बीच के अनुवर्ती संव्यवहारों के सम्बन्ध को उन्मोचित कर देता है। यह कथन-
a. सही है।
b. गलत है
c. न्यायालय के पास निर्णय का विवेकाधिकार है।
d. उपरोक्त में कोई नहीं
378. जब किसी बाँड के एक प्रतिभू की मृत्यु हो जाती है तो बाँड जब्त हो जाता है। बाँड से सम्बन्धित दायित्व का-
a. उन्मोचन नहीं होगा
b. न्यायालय को किसी भाग को कायम रखने का विवेकाधिकार होता है
c. उन्मोचन हो जाएगा
d. ऐसा कोई प्रावधान उपलब्ध नहीं है।
379. 'म' ने 'क' को 1,00,000 रुपए ऋण दिया। संविदा में प्रावधान है कि 'प' इसका प्रतिभू है। दायित्व 50,000 रुपयों तक सीमित रहेगा। यह संविदा-
a. वैध है
b. शून्य है
c. शून्यकरणीय है
d. अनियमित है
380. अभिकथन (अ) प्रतिभू का दायित्व तब तक मूलऋऋणी के दायित्व के समविस्तीर्ण होता है जब तक संविदा में अन्यथा प्रावधान न किया गया हो।
तर्क (त) प्रतिभू की सहमति के बिना मूलऋणी तथा लेनदार के बीच संविदा की शर्तों में किया गया कोई भी परिवर्तन प्रतिभू को परिवर्तन बाद के संव्यवहारों के प्रतिभू होने से उन्मोचित कर देता है।
कूट:
a. (अ) तथा (त) दोनों सही हैं किन्तु (त) (अ) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।
b. (अ) तथा (त) दोनों सही हैं तथा (त) (अ) का सही स्पष्टीकरण है।
c. (अ) सही है किन्तु (त) गलत है
d. (अ) गलत है किन्तु (त) सही है
381. बीमा की एक संविदा, जिसका पालन किसी भावी घटना पर आधारित होता है, किस श्रेणी के अंतर्गत आती है?
a. क्षतिपूर्ति की संविदा
b. समाश्रित संविदा
c. प्रत्याभूति की संविदा
d. कल्प-संविदा
382. भारतीय संविदा अधिनियम के किस प्रावधान के अंतर्गत बैंक गारंटी शासित होती है-
a. धारा 128
b. धारा 129
c. धारा 126
d. धारा 141
383. प्रत्याभूति की एक संविदा को परिभाषित किया गया है-
a. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 123 के अंतर्गत
b. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 124 के अंतर्गत.
c. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 126 के अंतर्गत
d. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 125 के अंतर्गत
384. भारतीय संविदा अधिनियम के अंतर्गत वह संविदा जिसके द्वारा एक पक्षकार दूसरे पक्षकार को स्वयं वचनदाता के आचरण से या किसी अन्य व्यक्ति के आचरण से उस दूसरे पक्षकार को हुई हानि से बचाने वचन का देता हैबहलाती है।
a. क्षतिपूर्ति की संविदा
b. प्रत्याभूति की संविदा
c. प्रतिभूति की संविदा
d. इनमें से कोई नहीं
385. प्रत्याभूति की संविदा के सम्बन्ध में सही उत्तर को चिन्हित करें-
a. यह लिखित में हो सकती है।
b. यह मौखिक हो सकती है
c. यह (a) तथा (b) दोनों हो सकती है।
d. न (a) न ही (b) हो सकती है
386. भारतीय संविदा अधिनियम,1872 के अंतर्गत प्रत्याभूति की संविदा में जिस व्यक्ति के लिए प्रत्याभूति दी जाती है उसे क्या कहा जाता है-
a. मूल ऋणी
b. प्रतिभू
c. लेनदार
d. उपरोक्त में कोई नहीं
387. 'क' 'ख' से कहता है कि वह उसे 5000 रुपए देगा यदि 'ख' उसकी पुत्री से विवाह कर ले। यह-
a. समाश्रित अधिकार है
b. निहित अधिकार है
c. प्राथमिक अधिकार है
d. इनमें से कोई नहीं
388. एक गारंटी, जिसे लेनदार द्वारा किसी महत्वपूर्ण परिस्थिति के सम्बन्ध में मौन रखने के द्वारा हासिल किया गया है, होती है-
a. अवैध
b. वैध
c. शून्यकरणीय
d. इनमें से कोई नहीं
389. बैंक गारंटी किनके बीच एक स्वंत्रत संविदा होती है?
a. बैंक एवं लाभार्थी
b. लेनदार एवं देनदार
c. क्रेता एवं विक्रेता अंतर्गत
d. उपरोक्त में कोई नहीं
390. ख' को 'क' माल बेचता है और परिदत्त करता है।'ग" तत्पश्चात प्रतिफल के बिना करार करता है कि 'ख' द्वारा व्यतिक्रम होने पर वह माल के लिये संदाय करेगा। यह करार-
a. वैध है
b. शून्यकरणीय है
c. शून्य है
d. ग को सहमत होने का कोई अधिकार नहीं है।
391. 'प्रतिभू का दायित्व मूल ऋणी के दायित्व के साथ समविस्तीर्ण होता है"। यह प्रावधान किस धारा के अंतर्गत किया गया है-
a. धारा 128
b. धारा 126
c. धारा 127
d. धारा 130
392. प्रत्याभूति की संविदा के अंतर्गत प्रतिभू का दायित्व होता है-
a. मूलऋणी के दायित्व से समविस्तीर्ण
b. मूलऋणी के दायित्व से पृथक
c. मूलऋणी के दायित्व से वैकल्पिक
d. उपरोक्त सभी
393. क एक लाख रुपए के ऋण के लिए ख का प्रतिभू था जिसके भुगतान में ख असफल रहा। क उत्तरदायी है
a. उत्तरदायी नहीं है
b. एक लाख रुपए का
c. ख से वसूलने और फिर भुगतान करने का उत्तरदायी है।
d. उपरोक्त में कोई नहीं
394. 'घ' के प्रतिभुओं के रूप में 'क', 'ख' और 'ग' इस शर्त पर आश्रित है कि 'ङ' को 'घ' सम्यक् रूप में लेखा देगा, पृथक-पृथक तीन बन्धपत्र लिख देते है, जिनमें से हर एक भिन्न शास्ति वाला है, अर्थात् 'क' का 10,000 रुपये को 'ख' को 20,000 रुपये की 'ग' का 40,000 रुपये की शास्ति वाला है। 'ग' 30,000 रुपये का लेखा नहीं देता। 'क' 'ख' और 'ग' दायी होगें-
a. केवल क भुगतान हेतु उत्तरदायी है
b. क, ख तथा ग तीनों भुगतान हेतु उत्तरदायी हैं
c. केवल ख भुगतान हेतु उत्तरदायी है
d. केवल ग भुगतान हेतु उत्तरदायी
395. निम्नलिखित में से किस परिस्थिति के अंतर्गत एक प्रतिभू उन्मोचित हो जाता है?
a. मूलऋणी के रिहा अथवा उन्मोचित होने पर
b. संविदा की शर्तों में परिवर्तन होने पर
c. उपरोक्त (a) तथा (b) दोनों
d. इनमें से कोई नहीं
396. प्रतिभू का दायित्व होता है-
a. चूक होने की शर्त पर आधारित
b. चूक से स्वतंत्र
c. सशर्त अथवा स्वतंत्र हो सकता है
d. उपरोक्त में कोई नहीं
397. उपनिधान को परिभाषित किया गया है-
a. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 148 के अंतर्गत
b. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 138 के अंतर्गत
c. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 140 के अंतर्गत
d. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 150 के अंतर्गत
398. एक व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को किसी प्रयोजन के लिये इस संविदा पर माल का परिदान करना है कि जब वह प्रयोजन पूरा हो जाये तब वह लौटा दिया जायेगा, या उसे परिदान करने वाले व्यक्ति के निदेशों के अनुसार अन्यथा व्ययनित कर दिया जायेगा । कहलाता है-
a. उपनिधान
b. प्रत्याभूति
c. क्षतिपूर्ति
d. इनमें से कोई नहीं
399. किसी विशिष्ट प्रयोजन के लिए एक व्यक्ति द्वारा दूसरे व्यक्ति को माल परिदान किस नाम से जाना जाता है?
a. गिरवी
b. दृष्टिबंधक
c. उपनिधान
d. बंधक
400. 'उपनिहिती' वह व्यक्ति होता है-
a. जो माल परिदत्त करता है।
b. जो माल की परिदत्त में असफल रहता है
c. जिसे माल परिदत्त किया जाता है।
d. उपरोक्त में कोई नहीं
401. 'ख' की एक गाड़ी 'क' भाड़े पर लेता है। गाड़ी अक्षेमकर है, यद्यपि 'ख' को यह मालूम नहीं है और 'क' क्षत हो जाता है। 'क' को पहुँची चोट के लिए 'ख'-
a. उत्तरदायी नहीं है
b. 50% की सीमा तक उत्तरदायी है
c. उत्तरदायी है।
d. इनमें से कोई नहीं
402. खोई हुई वस्तु, जो आमतौर पर बिक्री की जाने वाली हो, को पाने वाला इसे बेच सकता है जब पाने वाले के द्वारा इसे पाने सम्बन्धित विधिपूर्ण व्यय उसके मूल्य के-
a. दो-तिहाई के बराबर हो जाएं
b. एक-चौथाई के बराबर हो जाएं
c. आधे के बराबर हो जाएं
d. एक-तिहाई के बराबर हो जाएं
403. एक आनुग्रहिक उपनिधान समाप्त हो जाता है-
a. उपनिधाता अथवा उपनिहिती में से किसी एक की मृत्यु पर
b. उपनिधाता की मृत्यु पर
c. उपनिहिती की मृत्यु पर
d. उपनिधाता तथा उपनिहिती दोनों की मृत्यु पर
404. संविदा विधि के अंतर्गत गिरवी में उपनिधाता को कहा जाता है-
a. पणयमदार
b. पणयमकार
c. अभिकर्ता
d. उपनिहिती
405. गिरवी की संविदा' निम्नलिखित में से कौन सी संविदा होती है-
a. क्षतिपूर्ति
b. प्रत्याभूति
c. उपनिधान
d. अभिकरण
406. किसी ऋण के भुगतान अथवा किसी वचन के पालन के लिए प्रतिभूति के रूप में माल का उपनिधान क्या कहा जाता है-
a. उपनिधान
b. बंधक
c. प्रभार
d. गिरवीं
407. पणयमदार को गिरवीं रखे माल को अपने पास रखने का अधिकार है-
a. गिरवी रखे गए माल से सम्बन्धित ऋण के अलावा अन्य ऋणों के भुगतान के लिए
b. गिरवी रखे गए माल के अलावा अन्य माल सम्बन्धी ऋण के ब्याज के भुगतान तथा उसके सम्बन्ध में किए गए सस्त अनिवार्य व्ययों के भुगतान के लिए
c. ऋण के ब्याज के भुगतान तथा गिरवी रखे गए माल के -सम्बन्ध में किए गए समस्त अनिवार्य व्ययों के भुगतान के लिए
d. उपरोक्त सभी
408. भारतीय संविदा अधिनियम की धारा 170 सम्बन्धित है-
a. सामान्य धारणाधिकार
b. घाटपाल धारणाधिकार
c. विशिष्ट धारणाधिकार
d. दलाल का धारणाधिकार
409. किसी अन्य व्यक्ति के लिए कोई कार्य करने अथवा किसी तीसरे व्यक्ति के साथ व्यवहार करने हेतु सेवायोजित किया गया व्यक्ति होता है-
a. एक अभिकर्ता
b. एक मालिक
c. एक पणयमकार
d. एक उपनिधाता
410. एक अभिकर्ता को किसके द्वारा नियुक्त किया जा सकता है?
a. स्वस्थचित्त वाले किसी अवयस्क द्वारा
b. स्वस्थचित्त वाले किसी भी व्यक्ति द्वारा
c. स्वस्थ अथवा विकृत चित्त वाले किसी भी व्यक्ति द्वारा
d. स्वस्थचित्त वाले किसी भी वयस्क द्वारा
411. अभिकर्ता कौन नियुक्त कर सकता है?
a. कोई वयस्क एवं स्वस्थचित्त व्यक्ति
b. कोई वयस्क व्यक्ति
c. कोई स्वस्थचित्त व्यक्ति
d. भारत का नागरिक
412. एक अभिकरण गठित करने हेतु
a. प्रतिफल आवश्यक नहीं होता है।
b. प्रतिफल आवश्यक होता
c. कुछ प्रतिफल आवश्यक होता है।
d. पर्याप्त प्रतिफल आवश्यक होता है।
413. निम्नलिखित में से किस परिस्थिति में एक अभिकर्ता अपना प्राधिकार किसी अन्य व्यक्ति में उपप्रत्यायोजित कर सकता है?
a. जब व्यापारिक प्रथाओं में ऐसा प्रत्यायोजन हो
b. जब यह प्रधान को लाभ पहुँचाए
c. जब यह अभिकर्ता के अनुकूल हो.
d. जब अभिकर्ता रोगग्रस्त हो जाए
414. संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 182 के अंतर्गत राष्ट्रीय वस्त्र निगम लिमिटेड है-
a. केन्द्र सरकार का एक अभिकर्ता नहीं है
b. एक सरकारी विभाग
c. केन्द्र सरकार का एक अभिकर्ता
d. केन्द्र सरकार का एक अभिकर्ता, यदि राष्ट्रपति सहमति प्रदान करें
415. संविदा की भारतीय विधि के अंतर्गत "अभिकरण" के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन गलत है?
a. मालिक को संविदा हेतु सक्षम होना चाहिए
b. एक अभिकर्ता के अधिकार अभिव्यक्त अथवा निहित होने चाहिए
c. एक अवयस्क का संरक्षक उसके लिए एक अभिकर्ता नियुक्त कर सकता है।
d. एक अभिकरण का गठन करने हेतु प्रतिफल को होना आवश्यक है
416. निम्नलिखित प्रकार की संविदाओं में से किसके अंतर्गत प्रतिफल आवश्यक नहीं होता?
a. साझेदारी
b. गिरवी
c. उपनिधान
d. अभिकरण
417. किसी उप अभिकर्ता के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?
a. उसे अभिकरण के व्यवसाय में मूल अभिकर्ता द्वारा सेवायोजित किया जाता है।
b. उसे अभिकरण के व्यवसाय में मालिक द्वारा सेवायोजित किया जाता है
c. वह मालिक के नियंत्रण के अधीन कार्य करता है।
d. उप अभिकर्ता के कार्यों के लिए अभिकर्ता मालिक के प्रति उत्तरदायी नहीं होता
418. अभिकरण विधि के अंतर्गत अनुसमर्थन का परिणाम-
a. भावी होता है।
b. मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों पर निर्भर करते हुए भावी अथवा भूतलक्षी होता है
c. भूतलक्षी होता है
d. पक्षकारों के बीच अनुबंध पर निर्भर करते हुए भावी अथवा भूतलक्षी होता है
419. संविदा अधिनियम के अंतर्गत एक अभिकरण कब समाप्त हो जाता है-
a. मालिक द्वारा अधिकार प्रतिसंहरण पर
b. मालिक अथवा अभिकर्ता में से किसी एक की मृत्यु पर
c. मालिक के दिवालिया निर्णीत हो जाने पर
d. उपरोक्त सभी
420. एक अभिकरण समाप्त हो सकता है-
a. मालिक द्वारा अधिकार प्रतिसंहरित किए जाने पर
b. अभिकर्ता द्वारा अभिकरण के व्यवसाय का त्याग किए जाने पर
c. मालिक अथवा अभिकर्ता में से किसी एक की मृत्यु पर
d. उपरोक्त सभी
421. अभिकरण के व्यवसाय में एक व्यक्ति, जिसे मूल अभिकर्ता के द्वारा सेवायोजित किया गया हो और वह उसके नियंत्रण के अधीन कार्यरत् हो, क्या होता है-
a. स्थानापन्न अभिकर्ता
b. उप-अभिकर्ता
c. बनावटी अभिकर्ता
d. उपरोक्त में कोई नहीं
422. संविदा अधिनियम की कौन सी धारा उपअभिकर्ता को परिभाषित करती है?
a. धारा 190
b. धारा 198
c. धारा 191
d. उपर्युक्त में से कोई नहीं
423. 'ग' से 1000 रुपये वसूल करने के लिये 'ख' को 'क' नियोजित करता है। 'ख' के अवचार से वह धन वसूल नहीं होता। 'ख'-
a. न ही पारश्रमिक का अधिकारी है और न हानि की क्षतिपूर्ति का उत्तरदायी है
b. किसी पारश्रमिक का अधिकारी नहीं है और उसे हानि की क्षतिपूर्ति करनी चाहिए
c. ग से कमीशन पाने का अधिकारी है।
d. उपरोक्त में कोई नहीं
424. एक अभिकर्ता अपने दुराचरण के लिए पारिश्रमिक का दावा नहीं कर सकता। यह प्रावधान निहित है-
a. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 219 के अंतर्गत
b. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 221 के अंतर्गत
c. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 220 के अंतर्गत
d. भारतीय संविदा अधिनियम, 1872 की धारा 224 के अंतर्गत
425. ख एक समाचारपत्र का मालिक है जो क के निवेदन पर ग के ऊपर एक अपमान लेख प्रकाशित करता है। तथा क इस प्रकाशन के परिणामों के विरूद्ध ख की समस्त हानियों, तथा उससे सम्बन्धित सभी लागतों एवं प्रतिकरों की क्षतिपूर्ति को सहमत होता है। ख के विरूद्ध ग द्वारा वाद प्रस्तुत किया जाता है और उसे प्रतिकर भुगतान करना पड़ता है तथा अन्य खर्चे वहन करने पड़ते हैं। भारतीय संविदा अधिनियम,1872- की धारा 224 के प्रकाश में निर्णय कीजिए
a. क क्षतिपूर्ति के लिए ख के प्रति उत्तरदायी है।
b. क क्षतिपूर्ति के लिए ख के प्रति उत्तरदायी नहीं है (
c. क क्षतिपूर्ति के लिए ग के प्रति उत्तरदायी नहीं है
d. उपरोक्त में कोई नहीं
426. एक अभिकर्ता, संविदा करते समय अपने मालिक के समक्ष अपना नाम एवं पता घोषित नहीं करता किन्तु यह बाद में दूसरे पक्ष को ज्ञात हो जाता है। किसी चूक के मामले में दूसरा पक्ष किसके विरूद्ध एक वाद प्रस्तुत कर सकता है
a. मालिक अथवा अभिकर्ता अथवा दोनों पर
b. मालिक
c. अभिकर्ता
d. उपरोक्त में कोई नहीं
427. एक व्यक्ति, जिसे मालिक के अधिकार के अधीन एक अभिकर्ता द्वारा नियुक्त किया गया है, किस नाम से जाना जाता है-
a. स्थानापत्र अभिकर्ता
b. उप-अभिकर्ता
c. व्यवसायिक अभिकर्ता
d. विशिष्ट अभिकर्ता
428. क बिक्री के लिए कुछ माल ख को संप्रेषित करता है और उसे किसी निर्धारित मूल्य से कम पर न बेचने का निर्देश देता है। ग, जिसे ख को दिए गए निर्देशों का ज्ञान नहीं है, ख के साथ इस माल को आरक्षित मूल्य से कम पर खरीदने की संविदा कर लेता है-
a. क उस संविदा से बाध्य नहीं है।
b. क को संविदा के पालन करने अथवा न करने का अधिकार है
c. क उस संविदा से बाध्य है।
d. क के लिए यह संविदा शून्य है
429. भातीय संविदा अधिनियम,1872 के अंतर्गत किसी अभिकर्ता को निम्नलिखित में से कौन सा अधिकार प्राप्त नहीं होता-
a. बिक्री का अधिकार
b. रोके रखने का अधिकार
c. क्षतिपूर्ति का दावा करने का अधिकार
d. उपरोक्त सभी
430. आश्वासी अभिकर्ता एक प्रकार का-
a. स्थानापन्न अभिकर्ता होता है
b. सार्वभौमिक अभिकर्ता होता है.
c. व्यवसायिक अभिकर्ता होता है।
d. आवश्यकतानुसार अभिकर्ता होता है।
431. जब कोई अभिकर्ता अपने मालिक का नाम तथा अस्तित्व घोषित किए बिना संविदा करता है तो ऐसे मामले में मालिक के बारे में पता लगने पर तृतीय पक्ष किसके विरूद्ध वाद प्रस्तुत कर सकता है?
a. मालिक अथवा अभिकर्ता में से किसी एक अथवा दोनों के विरुद्ध
b. केवल मालिक के
c. केवल अभिकर्ता के
d. इनमें से कोई नहीं
432. 'क' 'ख' से 100 गांठ कपास खरीदने की संविदा करता है, और बाद में उसे पता लगता है कि 'ख' 'ग' के अभिकर्ता के रूप में कार्य कर रहा था। कपास के मूल्य के लिए 'क' किसपर वाद प्रस्तुत कर सकता है-
a. 'क' तथा 'ख' दोनों पर
b. केवल 'ख' पर
c. केवल 'ग' पर
d. न 'क' पर न ही 'ख' पर