भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 MCQs Set-6

भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 MCQs Set-6

भारतीय न्यास अधिनियम, 1882

THE INDIAN TRUSTS ACT, 1882

 

1. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 76 किससे संबंधित है?

a. न्यास का निर्वापन

b. न्यास का अस्तित्व बना रहना

c. न्यासी का पारिश्रमिक

d. न्यास संपत्ति का निवेश

 

2. धारा 76 के अनुसार यदि कई सहन्यासियों में से एक न्यासी की मृत्यु हो जाए, तो—

a. न्यास समाप्त हो जाता है

b. न्यास का अस्तित्व बना रहता है

c. संपत्ति हिताधिकारी को मिल जाती है

d. न्यायालय न्यास समाप्त कर देता है

 

3. धारा 76 के अनुसार सहन्यासियों में से किसी एक के उन्मोचन होने पर—

a. न्यास समाप्त हो जाता है

b. न्यास का अस्तित्व बना रहता है

c. संपत्ति राज्य को चली जाती है

d. हिताधिकारी न्यासी बन जाता है

 

4. धारा 76 के अनुसार न्यास-सम्पत्ति किसे संक्रान्त हो जाती है?

a. हिताधिकारी को

b. सरकार को

c. उत्तरजीवी न्यासियों को

d. न्यायालय को

 

5. धारा 76 का नियम कब लागू नहीं होगा?

a. जब न्यायालय आदेश दे

b. जब न्यास की लिखत में अन्यथा घोषित किया गया हो

c. जब हिताधिकारी विरोध करे

d. जब न्यासी त्यागपत्र दे

 

6. धारा 76 के अनुसार सहन्यासियों में से किसी एक की मृत्यु का क्या प्रभाव होता है?

a. न्यास समाप्त हो जाता है

b. न्यास का अस्तित्व जारी रहता है

c. न्यास संपत्ति का विभाजन हो जाता है

d. न्यायालय नया न्यास बनाता है

 

7. धारा 76 के अनुसार न्यास-सम्पत्ति का संक्रान्त होना किसे होता है?

a. न्यायालय को

b. उत्तरजीवी न्यासियों को

c. पुलिस अधिकारी को

d. जिला कलेक्टर को

 

8. निम्न में से कौन सा कथन धारा 76 के संदर्भ में सही है?

a. एक न्यासी की मृत्यु से न्यास समाप्त हो जाता है

b. एक न्यासी की मृत्यु से न्यास का अस्तित्व बना रहता है

c. न्यास संपत्ति हिताधिकारी को मिल जाती है

d. न्यायालय न्यास को भंग कर देता है

 

9. धारा 76 का सिद्धांत किस पर आधारित है?

a. न्यास का निरंतर अस्तित्व

b. न्यास का समाप्त होना

c. न्यासी का दंड

d. संपत्ति का विभाजन

 

10. धारा 76 के अनुसार न्यास का अस्तित्व कब समाप्त हो सकता है?

a. जब एक न्यासी मर जाए

b. जब न्यास की लिखत में अन्यथा प्रावधान हो

c. जब हिताधिकारी असहमत हो

d. जब न्यायालय अनुमति दे

 

11. धारा 76 के अनुसार सहन्यासियों के मामले में संपत्ति किस सिद्धांत के अनुसार स्थानांतरित होती है?

a. उत्तरजीविता का सिद्धांत

b. चुनाव का सिद्धांत

c. न्यायिक पुनरावलोकन

d. Res judicata

 

12. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 77 किससे संबंधित है?

a. न्यासी की नियुक्ति

b. न्यास कैसे निर्वापित होता है

c. न्यासी का उन्मोचन

d. न्यास संपत्ति का निवेश

 

13. धारा 77 के अनुसार न्यास कब निर्वापित हो जाता है?

a. जब न्यासी त्यागपत्र दे

b. जब न्यास का प्रयोजन पूर्ण हो जाए

c. जब हिताधिकारी बदल जाए

d. जब न्यायालय आदेश दे

 

14. धारा 77 के अनुसार यदि न्यास का प्रयोजन विधिविरुद्ध हो जाए, तो—

a. न्यास जारी रहेगा

b. न्यास समाप्त हो जाएगा

c. न्यायालय नया न्यासी नियुक्त करेगा

d. संपत्ति सरकार को चली जाएगी

 

15. धारा 77 के अनुसार यदि न्यास-सम्पत्ति नष्ट हो जाए और प्रयोजन की पूर्ति असंभव हो जाए, तो—

a. न्यास समाप्त हो जाएगा

b. न्यास जारी रहेगा

c. नया न्यासी नियुक्त होगा

d. हिताधिकारी को संपत्ति दी जाएगी

 

16. धारा 77 के अनुसार यदि न्यास प्रतिसंहरणीय हो और उसे अभिव्यक्त रूप से प्रतिसंहृत कर दिया जाए, तो—

a. न्यास समाप्त हो जाता है

b. न्यास जारी रहता है

c. नया न्यासी नियुक्त होता है

d. न्यायालय निर्णय करता है

 

17. धारा 77 के अनुसार निम्न में से कौन सा न्यास के निर्वापन का आधार है?

a. प्रयोजन की पूर्ति

b. प्रयोजन का विधिविरुद्ध हो जाना

c. प्रयोजन का असंभव हो जाना

d. उपर्युक्त सभी

 

18. धारा 77 के अनुसार यदि न्यास का उद्देश्य ही अवैध हो जाए, तो—

a. न्यास जारी रहेगा

b. न्यास निर्वापित हो जाएगा

c. न्यायालय नया उद्देश्य निर्धारित करेगा

d. न्यासी दंडित होगा

 

19. धारा 77 के अनुसार प्रयोजन की पूर्ति असंभव होने का एक कारण क्या हो सकता है?

a. न्यास-सम्पत्ति का नाश

b. न्यासी की मृत्यु

c. हिताधिकारी की असहमति

d. न्यायालय का आदेश

 

20. धारा 77 का मुख्य सिद्धांत क्या है?

a. न्यास का निरंतर अस्तित्व

b. न्यास के समाप्त होने की परिस्थितियाँ

c. न्यासी का दायित्व

d. न्यास संपत्ति का निवेश

 

21. निम्न में से कौन सा कथन धारा 77 के संदर्भ में सही है?

a. न्यास केवल न्यायालय के आदेश से समाप्त होता है

b. न्यास प्रयोजन की पूर्ति पर समाप्त हो सकता है

c. न्यास कभी समाप्त नहीं होता

d. केवल न्यासी की मृत्यु से न्यास समाप्त होता है

 

22. धारा 77 के अनुसार न्यास के निर्वापन का एक आधार क्या है?

a. न्यासी का विवाह

b. न्यास का प्रतिसंहरण

c. न्यासी का स्थान परिवर्तन

d. हिताधिकारी का विवाह

 

23. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 78 किससे संबंधित है?

a. न्यासी की नियुक्ति

b. न्यास का प्रतिसंहरण

c. न्यास का निर्वापन

d. न्यास संपत्ति का हस्तांतरण

 

24. धारा 78 के अनुसार विल द्वारा सृष्ट न्यास का प्रतिसंहरण किसके प्रसादानुसार किया जा सकता है?

a. हिताधिकारी

b. न्यासी

c. वसीयतकर्ता

d. न्यायालय

 

25. धारा 78 के अनुसार यदि सभी हिताधिकारी संविदा करने के लिए सक्षम हों, तो न्यास का प्रतिसंहरण—

a. केवल न्यायालय द्वारा किया जा सकता है

b. उनकी सम्मति से किया जा सकता है

c. न्यासी की अनुमति से किया जा सकता है

d. सरकार द्वारा किया जा सकता है

 

26. धारा 78 के अनुसार यदि न्यास किसी अवसीयती लिखत या मौखिक शब्दों द्वारा घोषित किया गया हो, तो उसका प्रतिसंहरण कब किया जा सकता है?

a. न्यायालय के आदेश से

b. न्यासकर्ता की अभिव्यक्त रूप से आरक्षित प्रतिसंहरण शक्ति के प्रयोग से

c. हिताधिकारी की इच्छा से

d. न्यासी की अनुमति से

 

27. धारा 78 के अनुसार यदि न्यास ऋणों को चुकाने के लिए बनाया गया हो और लेनदारों को सूचित न किया गया हो, तो—

a. न्यास प्रतिसंहरित नहीं किया जा सकता

b. न्यासकर्ता अपनी इच्छा से प्रतिसंहरण कर सकता है

c. केवल न्यायालय प्रतिसंहरण करेगा

d. केवल हिताधिकारी निर्णय करेंगे

 

28. धारा 78 के अनुसार यदि लेनदार इस ठहराव के पक्षकार हों, तो—

a. न्यासकर्ता स्वतंत्र रूप से प्रतिसंहरण कर सकता है

b. न्यास केवल न्यायालय द्वारा समाप्त होगा

c. लेनदारों की सम्मति के बिना प्रतिसंहरण नहीं किया जा सकता

d. न्यासी प्रतिसंहरण करेगा

 

29. धारा 78 के अनुसार निम्न में से कौन सा न्यास के प्रतिसंहरण का आधार है?

a. सभी सक्षम हिताधिकारियों की सहमति

b. आरक्षित प्रतिसंहरण शक्ति का प्रयोग

c. ऋण भुगतान हेतु बनाए गए न्यास में लेनदारों को सूचना न देना

d. उपर्युक्त सभी

 

30. धारा 78 के अनुसार प्रतिसंहरण शक्ति किसके पास हो सकती है?

a. न्यासी

b. न्यासकर्ता

c. हिताधिकारी

d. न्यायालय

 

31. धारा 78 के अनुसार यदि सभी हिताधिकारी संविदा करने में सक्षम न हों, तो—

a. उनकी सहमति से प्रतिसंहरण संभव होगा

b. प्रतिसंहरण संभव नहीं होगा

c. न्यायालय निर्णय करेगा

d. न्यासी निर्णय करेगा

 

32. धारा 78 के अनुसार निम्न में से कौन सा कथन सही है?

a. सभी न्यास स्वतः प्रतिसंहरणीय होते हैं

b. सभी न्यास अपरिवर्तनीय होते हैं

c. कुछ परिस्थितियों में न्यास का प्रतिसंहरण संभव है

d. न्यास कभी प्रतिसंहृत नहीं हो सकता

 

33. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 79 किससे संबंधित है?

a. न्यास का निर्वापन

b. न्यास का प्रतिसंहरण

c. न्यासी जो बात सम्यक् रूप से कर चुके हों उसे प्रतिसंहरण विफल न करेगा

d. न्यास संपत्ति का निवेश

 

34. धारा 79 के अनुसार न्यास के प्रतिसंहरण का क्या प्रभाव होता है?

a. सभी पूर्व कार्य निरस्त हो जाते हैं

b. न्यासी द्वारा सम्यक् रूप से किए गए कार्य प्रभावित नहीं होते

c. केवल न्यायालय के आदेश से कार्य मान्य होंगे

d. न्यास स्वतः समाप्त हो जाता है

 

35. धारा 79 का मुख्य सिद्धांत क्या है?

a. प्रतिसंहरण का पूर्व प्रभाव

b. न्यासी के सम्यक् कार्यों की वैधता की रक्षा

c. न्यास संपत्ति का विभाजन

d. न्यासी का उन्मोचन

 

36. धारा 79 के अनुसार न्यासकर्ता प्रतिसंहरण करके—

a. सभी पूर्व कार्यों को अमान्य कर सकता है

b. न्यासी द्वारा विधिपूर्वक किए गए कार्यों को विफल नहीं कर सकता

c. न्यास समाप्त कर सकता है

d. न्यायालय का आदेश रद्द कर सकता है

 

37. धारा 79 के अनुसार यदि न्यासी ने न्यास के निष्पादन में कोई कार्य विधिपूर्वक किया हो, तो—

a. प्रतिसंहरण से वह कार्य अमान्य हो जाएगा

b. प्रतिसंहरण से उस पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा

c. न्यायालय उसे रद्द कर देगा

d. हिताधिकारी उसे बदल सकते हैं

 

38. धारा 79 के अनुसार न्यासी द्वारा किए गए कार्यों की सुरक्षा किस स्थिति में होती है?

a. जब वे सम्यक् रूप से किए गए हों

b. जब न्यायालय अनुमति दे

c. जब हिताधिकारी अनुमति दें

d. जब सरकार अनुमति दे

 

39. धारा 79 के अनुसार प्रतिसंहरण का प्रभाव किस पर नहीं पड़ेगा?

a. न्यास के भविष्य के कार्यों पर

b. न्यासी द्वारा पहले किए गए सम्यक् कार्यों पर

c. हिताधिकारियों के अधिकारों पर

d. न्यायालय के आदेशों पर

 

40. निम्न में से कौन सा कथन धारा 79 के संदर्भ में सही है?

a. प्रतिसंहरण सभी पूर्व कार्यों को रद्द कर देता है

b. प्रतिसंहरण से न्यासी के सम्यक् कार्य सुरक्षित रहते हैं

c. प्रतिसंहरण केवल न्यायालय कर सकता है

d. न्यासकर्ता सभी कार्यों को अमान्य कर सकता है

 

41. धारा 79 के अनुसार न्यासकर्ता की प्रतिसंहरण शक्ति—

a. पूर्ण और असीमित है

b. न्यासी द्वारा सम्यक् रूप से किए गए कार्यों को प्रभावित नहीं कर सकती

c. केवल न्यायालय के आदेश से लागू होती है

d. हिताधिकारी द्वारा नियंत्रित होती है

 

42. धारा 79 का सिद्धांत किस प्रकार की सुरक्षा प्रदान करता है?

a. न्यासकर्ता की सुरक्षा

b. न्यासी के वैध कार्यों की सुरक्षा

c. न्यायालय की सुरक्षा

d. सरकार की सुरक्षा

 

43. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 80 किससे संबंधित है?

a. न्यासी की नियुक्ति

b. न्यास का निर्वापन

c. न्यास-प्रकृति की बाध्यता कहां सृष्ट होती है

d. न्यास संपत्ति का निवेश

 

44. धारा 80 के अनुसार न्यास-प्रकृति की बाध्यता किस स्थिति में उत्पन्न होती है?

a. जब कोई व्यक्ति ऐसी संपत्ति प्राप्त करता है जिसे न्याय और सद्विवेक के अनुसार दूसरे के लाभ के लिए धारण करना चाहिए

b. जब न्यायालय आदेश दे

c. जब न्यासी नियुक्त किया जाए

d. जब न्यासकर्ता की मृत्यु हो

 

45. धारा 80 के अनुसार न्यास-प्रकृति की बाध्यता किसके हित में उत्पन्न होती है?

a. सरकार के हित में

b. उस व्यक्ति के हित में जिसे संपत्ति का वास्तविक लाभ मिलना चाहिए

c. न्यायालय के हित में

d. न्यासी के हित में

 

46. धारा 80 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति ऐसी संपत्ति धारण करता है जिसे न्याय और सद्विवेक के अनुसार किसी अन्य के लाभ के लिए रखना चाहिए, तो—

a. वह उसका पूर्ण स्वामी बन जाता है

b. वह उस संपत्ति को न्यास-प्रकृति की बाध्यता के अधीन धारण करता है

c. वह संपत्ति सरकार को देनी होगी

d. वह संपत्ति न्यायालय में जमा करेगा

 

47. धारा 80 के अंतर्गत उत्पन्न बाध्यता का स्वरूप कैसा होता है?

a. संविदात्मक बाध्यता

b. न्यास-प्रकृति की बाध्यता

c. दंडात्मक बाध्यता

d. प्रशासनिक बाध्यता

 

48. धारा 80 के अनुसार संपत्ति धारण करने वाला व्यक्ति किसके प्रति उत्तरदायी होता है?

a. सरकार के प्रति

b. न्यायालय के प्रति

c. उस व्यक्ति के प्रति जिसके लाभ के लिए संपत्ति रखी जानी चाहिए

d. पुलिस के प्रति

 

49. धारा 80 के अनुसार न्यास-प्रकृति की बाध्यता कब लागू होती है?

a. जब स्पष्ट न्यास बनाया गया हो

b. जब परिस्थितियाँ न्याय और सद्विवेक के अनुसार ऐसी बाध्यता उत्पन्न करें

c. जब केवल न्यायालय आदेश दे

d. जब न्यासकर्ता की मृत्यु हो

 

50. निम्न में से कौन सा कथन धारा 80 के संदर्भ में सही है?

a. यह केवल लिखित न्यास पर लागू होती है

b. यह केवल न्यायालय द्वारा बनाए गए न्यास पर लागू होती है

c. यह उन परिस्थितियों पर लागू होती है जहाँ न्याय और सद्विवेक किसी व्यक्ति पर न्यास-प्रकृति की बाध्यता आरोपित करते हैं

d. यह केवल वसीयत द्वारा बनाए गए न्यास पर लागू होती है

 

51. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 83 किससे संबंधित है?

a. न्यासी की नियुक्ति

b. न्यास का निर्वापन

c. निष्पादन के अयोग्य न्यास या अनिःशेषित न्यास-सम्पत्ति

d. न्यास का प्रतिसंहरण

 

52. धारा 83 के अनुसार यदि न्यास निष्पादन के अयोग्य हो जाए, तो न्यास-सम्पत्ति—

a. सरकार को चली जाती है

b. हिताधिकारी को मिल जाती है

c. न्यासकर्ता या उसके विधिक प्रतिनिधि के लाभ के लिए धारण की जाती है

d. न्यायालय के अधीन चली जाती है

 

53. धारा 83 किस प्रकार के न्यास का उदाहरण है?

a. एक्सप्रेस ट्रस्ट

b. कंस्ट्रक्टिव ट्रस्ट

c. रिजल्टिंग ट्रस्ट

d. चैरिटेबल ट्रस्ट

 

54. धारा 83 के अनुसार यदि न्यास का उद्देश्य पूर्ण हो जाए लेकिन न्यास-सम्पत्ति का कुछ भाग शेष रह जाए, तो—

a. वह भाग न्यासी को मिल जाएगा

b. वह भाग न्यासकर्ता या उसके विधिक प्रतिनिधि के लिए धारण किया जाएगा

c. वह भाग सरकार को मिल जाएगा

d. न्यायालय उसे जब्त कर लेगा

 

55. धारा 83 के अनुसार यदि न्यास घोषित ही न किया गया हो, तो—

a. न्यासी संपत्ति का स्वामी बन जाएगा

b. न्यासी संपत्ति को न्यासकर्ता के लाभ के लिए धारण करेगा

c. संपत्ति हिताधिकारी को मिलेगी

d. संपत्ति राज्य को चली जाएगी

 

56. धारा 83 के अनुसार यदि घोषित न्यास इतने अस्पष्ट हों कि उनका निष्पादन संभव न हो, तो—

a. न्यास समाप्त हो जाएगा

b. संपत्ति न्यायालय को मिल जाएगी

c. न्यासी संपत्ति न्यासकर्ता के लाभ के लिए धारण करेगा

d. हिताधिकारी को संपत्ति मिल जाएगी

 

57. धारा 83 के अनुसार यदि हिताधिकारी अपने हित का त्याग कर दे, तो—

a. न्यासी संपत्ति का स्वामी बन जाता है

b. संपत्ति न्यासकर्ता के लाभ के लिए धारण की जाती है

c. संपत्ति सरकार को मिल जाती है

d. नया हिताधिकारी नियुक्त किया जाता है

 

58. धारा 83 के अनुसार यदि न्यास का प्रयोजन आंशिक रूप से विफल हो जाए, तो—

a. सम्पूर्ण न्यास समाप्त हो जाएगा

b. केवल शेष संपत्ति न्यासकर्ता या उसके विधिक प्रतिनिधि के लाभ के लिए धारण की जाएगी

c. संपत्ति सरकार को मिल जाएगी

d. न्यायालय नया न्यास बनाएगा

 

59. धारा 83 के अनुसार यदि न्यास के प्रयोजन के लिए खरीदी गई संपत्ति पूरी तरह उपयोग न हो सके, तो—

a. संपत्ति न्यासी को मिल जाएगी

b. शेष हित न्यासकर्ता के विधिक प्रतिनिधि के लिए रहेगा

c. संपत्ति राज्य को चली जाएगी

d. न्यायालय संपत्ति जब्त कर लेगा

 

60. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 84 किससे संबंधित है?

a. न्यास का निर्वापन

b. अवैध प्रयोजन के लिए संपत्ति का अन्तरण

c. न्यासी की नियुक्ति

d. न्यास का प्रतिसंहरण

 

61. धारा 84 के अनुसार यदि संपत्ति का अन्तरण किसी अवैध प्रयोजन के लिए किया गया हो और वह प्रयोजन निष्पादित न किया गया हो, तो—

a. अन्तरिती संपत्ति का स्वामी बन जाता है

b. अन्तरिती संपत्ति सरकार को सौंप देगा

c. अन्तरिती संपत्ति अन्तरक के फायदे के लिए धारण करेगा

d. संपत्ति न्यायालय को मिल जाएगी

 

62. धारा 84 के अनुसार निम्न में से कौन सी स्थिति में अन्तरिती संपत्ति अन्तरक के लाभ के लिए धारण करेगा?

a. जब अवैध प्रयोजन निष्पादित न किया गया हो

b. जब अन्तरक उतना दोषी न हो जितना अन्तरिती

c. जब अन्तरिती को संपत्ति रखने देना किसी विधि को विफल करेगा

d. उपर्युक्त सभी

 

63. धारा 84 के अनुसार यदि अन्तरक की गलती कम हो और अन्तरिती की अधिक हो, तो—

a. अन्तरिती संपत्ति का स्वामी बन जाएगा

b. अन्तरिती संपत्ति अन्तरक के लाभ के लिए धारण करेगा

c. संपत्ति राज्य को मिल जाएगी

d. न्यायालय संपत्ति जब्त कर लेगा

 

64. धारा 84 के अनुसार यदि अन्तरिती को संपत्ति रखने देना किसी विधि के उपबन्ध को विफल कर सकता हो, तो—

a. अन्तरिती संपत्ति का स्वामी होगा

b. अन्तरिती संपत्ति अन्तरक के लाभ के लिए धारण करेगा

c. संपत्ति न्यायालय को मिल जाएगी

d. संपत्ति सरकार को मिल जाएगी

 

65. धारा 84 के अंतर्गत उत्पन्न बाध्यता का स्वरूप क्या है?

a. एक्सप्रेस ट्रस्ट

b. कंस्ट्रक्टिव ट्रस्ट

c. प्राइवेट ट्रस्ट

d. चैरिटेबल ट्रस्ट

 

66. धारा 84 के अनुसार यदि अवैध प्रयोजन पूरा ही कर दिया गया हो, तो सामान्यतः—

a. अन्तरक संपत्ति वापस मांग सकता है

b. अन्तरक संपत्ति वापस नहीं मांग सकता

c. न्यायालय स्वतः संपत्ति वापस दिलाएगा

d. सरकार संपत्ति ले लेगी

 

67. निम्न में से कौन सा कथन धारा 84 के संदर्भ में सही है?

a. अवैध प्रयोजन के लिए अन्तरण हमेशा वैध होता है

b. अवैध प्रयोजन निष्पादित न होने पर अन्तरिती संपत्ति अन्तरक के लाभ के लिए धारण करेगा

c. अन्तरिती हमेशा संपत्ति का स्वामी बन जाता है

d. न्यायालय को कोई अधिकार नहीं होता

 

68. धारा 85 भारतीय न्यास अधिनियम किससे संबंधित है?

a. वैध न्यास

b. अवैध प्रयोजन के लिए वसीयत

c. मौखिक न्यास

d. सार्वजनिक न्यास

 

69. यदि कोई वसीयतकर्ता किसी संपत्ति की वसीयत न्यास पर करता है और न्यास का उद्देश्य विधिविरुद्ध हो, तो संपत्ति किसके लाभ के लिए धारण की जाएगी?

a. वसीयतदार के लाभ के लिए

b. सरकार के लाभ के लिए

c. वसीयतकर्ता के विधिक प्रतिनिधि के लाभ के लिए

d. न्यायालय के लाभ के लिए

 

70. यदि वसीयतकर्ता के जीवनकाल में वसीयतदार उस संपत्ति को अवैध प्रयोजन के लिए उपयोग करने का करार कर ले, तो संपत्ति किसके लिए धारण की जाएगी?

a. वसीयतदार

b. विधिक प्रतिनिधि

c. न्यायालय

d. राज्य

 

71. यदि किसी वसीयत का प्रतिसंहरण प्रपीड़न द्वारा रोका जाता है, तो संपत्ति किसके लाभ के लिए धारण की जाएगी?

a. वसीयतदार के लिए

b. वसीयतकर्ता के विधिक प्रतिनिधि के लिए

c. सरकार के लिए

d. न्यास के लिए

 

72. धारा 85 के अनुसार जब न्यास का प्रयोजन अवैध हो तो वसीयतदार की स्थिति क्या होती है?

a. पूर्ण स्वामी

b. न्यासी के रूप में

c. एजेंट के रूप में

d. गवाह के रूप में

 

73. निम्न में से कौन-सी स्थिति धारा 85 में आती है?

a. वैध उद्देश्य के लिए न्यास

b. अवैध उद्देश्य के लिए वसीयत

c. मौखिक अनुबंध

d. किरायेदारी

 

74. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 86 किससे संबंधित है?

a. वैध न्यास के अनुसरण में किया गया अन्तरण

b. अवैध उद्देश्य के अनुसरण में किया गया अन्तरण

c. विखंडनीय संविदा के अनुसरण में किया गया अन्तरण

d. मौखिक न्यास के अनुसरण में किया गया अन्तरण

 

75. धारा 86 तब लागू होती है जब संपत्ति का अंतरण किस प्रकार की संविदा के आधार पर हुआ हो?

a. वैध संविदा

b. विखंडनीय संविदा

c. शून्य संविदा

d. मौखिक संविदा

 

76. यदि संविदा कपट या भूलवश उत्प्रेरित हुई हो, तो संपत्ति का अंतरण किस धारा के अंतर्गत आता है?

a. धारा 85

b. धारा 86

c. धारा 87

d. धारा 88

 

77. जब अंतरिती को यह सूचना मिल जाती है कि संविदा विखंडनीय है, तो वह संपत्ति किसके फायदे के लिए धारण करेगा?

a. स्वयं के लिए

b. राज्य के लिए

c. अन्तरक के लिए

d. न्यायालय के लिए

 

78. धारा 86 के अनुसार अन्तरक को संपत्ति वापस पाने के लिए क्या करना होगा?

a. न्यायालय की अनुमति लेना

b. प्रतिफल का प्रतिसंदाय करना

c. नया अनुबंध करना

d. संपत्ति दान करना

 

79. धारा 86 के अनुसार प्रतिफल का प्रतिसंदाय किसका किया जाएगा?

a. अनुमानित प्रतिफल का

b. वास्तविक रूप से दिए गए प्रतिफल का

c. दोगुने प्रतिफल का

d. न्यायालय द्वारा निर्धारित प्रतिफल का

 

80. धारा 86 के अंतर्गत अंतरिती की स्थिति क्या होती है जब उसे सूचना मिल जाती है?

a. पूर्ण स्वामी

b. न्यासी

c. एजेंट

d. गवाह

 

81. धारा 86 किस स्थिति में लागू नहीं होगी?

a. संविदा कपट से प्रेरित हो

b. संविदा भूल से प्रेरित हो

c. संविदा विखंडनीय हो

d. संविदा पूर्णत: वैध और निष्कपट हो

 

82. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 87 किससे संबंधित है?

a. अवैध उद्देश्य के लिए वसीयत

b. विखंडनीय संविदा

c. ऋणी का लेनदार का प्रतिनिधि बन जाना

d. सार्वजनिक न्यास

 

83. धारा 87 तब लागू होती है जब कौन व्यक्ति अपने लेनदार का निष्पादक या विधिक प्रतिनिधि बन जाता है?

a. गारंटर

b. ऋणी

c. वकील

d. गवाह

 

84. यदि ऋणी अपने लेनदार का निष्पादक बन जाता है, तो वह ऋण किसके फायदे के लिए धारण करेगा?

a. स्वयं के लिए

b. राज्य के लिए

c. उसमें हितबद्ध व्यक्तियों के लिए

d. न्यायालय के लिए

 

85. धारा 87 के अनुसार ऋणी की स्थिति क्या मानी जाती है?

a. स्वामी

b. न्यासी

c. एजेंट

d. गवाह

 

86. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 88 किससे संबंधित है?

a. अवैध उद्देश्य के लिए वसीयत

b. विखंडनीय संविदा

c. वैश्वासिक द्वारा उठाया गया फायदा

d. परिणामी न्यास

 

87. धारा 88 के अनुसार यदि कोई न्यासी अपनी स्थिति का लाभ उठाकर धन सम्बन्धी फायदा प्राप्त करता है, तो वह फायदा किसके लिए धारण करेगा?

a. स्वयं के लिए

b. राज्य के लिए

c. उस व्यक्ति के लिए जिसके हितों की वह रक्षा कर रहा है

d. न्यायालय के लिए

 

88. निम्न में से कौन व्यक्ति धारा 88 के अंतर्गत वैश्वासिक की श्रेणी में आता है?

a. न्यासी

b. भागीदार

c. अभिकर्ता

d. उपरोक्त सभी

 

89. यदि कम्पनी का निदेशक अपनी स्थिति का लाभ उठाकर निजी लाभ प्राप्त करता है, तो वह लाभ किसके लिए माना जाएगा?

a. निदेशक के लिए

b. कम्पनी के लिए

c. सरकार के लिए

d. न्यायालय के लिए

 

90. यदि एक न्यासी न्यास-सम्पत्ति का उपयोग अपने व्यापार में करता है और उससे लाभ कमाता है, तो वह लाभ किसका होगा?

a. न्यासी का

b. हिताधिकारी का

c. राज्य का

d. न्यायालय का

 

91. यदि कोई भागीदार भागीदारी की निधि से अपने नाम पर भूमि खरीद ले, तो वह भूमि किसके लिए मानी जाएगी?

a. उस भागीदार के लिए

b. भागीदारी के लिए

c. राज्य के लिए

d. न्यायालय के लिए

 

92. यदि कोई अभिकर्ता अपने प्रिंसिपल के लिए पट्टा लेने के बजाय उसे अपने लिए ले लेता है, तो पट्टा किसके लिए माना जाएगा?

a. अभिकर्ता के लिए

b. प्रिंसिपल के लिए

c. राज्य के लिए

d. न्यायालय के लिए

 

93. यदि कोई निष्पादक वसीयतदार से कम कीमत पर दावा खरीद ले और वास्तविक मूल्य अधिक हो, तो अंतर किसके लिए माना जाएगा?

a. निष्पादक के लिए

b. वसीयतदार के लिए

c. राज्य के लिए

d. न्यायालय के लिए

 

94. यदि क (निष्पादक) ख का दावा कम कीमत पर खरीद लेता है और ख को असली मूल्य पता नहीं है, तो क्या होगा?

a. क पूरा लाभ खुद रखेगा

b. ख को कोई अधिकार नहीं मिलेगा

c. कीमत और वास्तविक मूल्य के अंतर का लाभ ख को मिलेगा

d. सरकार को लाभ मिलेगा

 

95. यदि क (न्यासी) न्यास-सम्पत्ति का उपयोग अपने व्यापार में करता है, तो उससे होने वाला लाभ किसका होगा?

a. क का (न्यासी का)

b. सरकार का 

c. हिताधिकारी (beneficiary) का 

d. किसी तीसरे व्यक्ति का

 

96. न्यासी द्वारा पद छोड़ने के बदले प्राप्त धन के बारे में सही कथन क्या है?

a. वह धन न्यासी अपने पास रख सकता है

b. वह धन न्यासी और हिताधिकारी दोनों में बंटेगा 

c. वह धन पूरी तरह हिताधिकारी के फायदे के लिए होगा 

d. वह धन अमान्य होगा

 

97. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 89 किससे संबंधित है?

a. अवैध उद्देश्य के लिए वसीयत

b. वैश्वासिक द्वारा उठाया गया फायदा

c. असम्यक् असर के प्रयोग से उठाया गया फायदा

d. परिणामी न्यास

 

98. धारा 89 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति असम्यक् असर का प्रयोग करके लाभ प्राप्त करता है, तो वह लाभ किसके लिए धारण करेगा?

a. स्वयं के लिए

b. राज्य के लिए

c. उस व्यक्ति के लिए जिसके हितों को क्षति पहुँची है

d. न्यायालय के लिए

 

99. धारा 89 कब लागू होती है?

a. जब वैध अनुबंध किया जाए

b. जब किसी व्यक्ति के हितों का अल्पीकरण करते हुए असम्यक् असर से लाभ लिया जाए

c. जब संपत्ति दान की जाए

d. जब सरकारी आदेश हो

 

100. यदि कोई व्यक्ति बिना प्रतिफल के असम्यक् असर से प्राप्त लाभ को ग्रहण करता है, तो वह लाभ किसके लिए माना जाएगा?

a. ग्रहण करने वाले के लिए

b. प्रभावित व्यक्ति के लिए

c. राज्य के लिए

d. न्यायालय के लिए

 

101. धारा 89 के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को यह सूचना हो कि लाभ असम्यक् असर से प्राप्त हुआ है, तो उसकी स्थिति क्या होगी?

a. वह लाभ का स्वामी होगा

b. वह न्यासी माना जाएगा

c. वह एजेंट होगा

d. वह गवाह होगा

 

102. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 90 किससे संबंधित है?

a. असम्यक् असर से प्राप्त लाभ

b. वैश्वासिक द्वारा उठाया गया फायदा

c. विशेषित स्वामित्व वाले स्वामी द्वारा उठाया गया फायदा

d. अवैध उद्देश्य के लिए वसीयत

 

103. धारा 90 के अनुसार निम्न में से कौन विशेषित स्वामित्व वाला व्यक्ति हो सकता है?

a. आजीवन अभिधारी

b. सहस्वामी

c. बन्धकदार

d. उपरोक्त सभी

 

104. यदि विशेषित स्वामी अपनी स्थिति का लाभ उठाकर संपत्ति से फायदा उठाता है, तो वह फायदा किसके लिए माना जाएगा?

a. स्वयं के लिए

b. सरकार के लिए

c. संपत्ति में हितबद्ध सभी व्यक्तियों के लिए

d. न्यायालय के लिए

 

105. धारा 90 के अनुसार लाभ प्राप्त करने वाला व्यक्ति उस लाभ को किस रूप में धारण करेगा?

a. स्वामी के रूप में

b. न्यासी के रूप में

c. एजेंट के रूप में

d. गवाह के रूप में

 

106. धारा 90 के अंतर्गत लाभ का वितरण किन व्यक्तियों के बीच होगा?

a. केवल लाभ प्राप्त करने वाले के बीच

b. राज्य और न्यायालय के बीच

c. संपत्ति में हितबद्ध सभी व्यक्तियों के बीच

d. केवल सहस्वामियों के बीच

 

107. यदि कोई आजीवन अभिधारी अपने नाम पर पट्टे का नवीकरण करा ले, तो नवीकृत पट्टा किसके लिए माना जाएगा?

a. केवल उसके लिए

b. सरकार के लिए

c. पुराने पट्टे में हितबद्ध सभी व्यक्तियों के लिए

d. न्यायालय के लिए

 

108. यदि बन्धकदार जानबूझकर भूमि का राजस्व बकाया रहने देता है और बाद में भूमि खरीद लेता है, तो वह भूमि किसके लिए मानी जाएगी?

a. बन्धकदार के लिए

b. सरकार के लिए

c. बन्धककर्ता के लिए

d. न्यायालय के लिए

 

109. धारा 90 के अंतर्गत लाभ प्राप्त करने के लिए जो उचित व्यय किया गया हो, उसका क्या होगा?

a. उसका भुगतान नहीं होगा

b. अन्य हितबद्ध व्यक्तियों द्वारा अपने हिस्से का प्रतिसंदाय किया जाएगा

c. सरकार द्वारा भुगतान होगा

d. न्यायालय द्वारा भुगतान होगा

 

110. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 91 किससे संबंधित है?

a. अवैध उद्देश्य के लिए वसीयत

b. वैश्वासिक द्वारा उठाया गया फायदा

c. विद्यमान संविदा की सूचना होते हुए सम्पत्ति का अर्जन

d. असम्यक् असर से प्राप्त लाभ

 

111. धारा 91 तब लागू होती है जब कोई व्यक्ति संपत्ति अर्जित करता है—

a. बिना किसी सूचना के

b. यह जानते हुए कि उस संपत्ति पर पहले से संविदा मौजूद है

c. न्यायालय के आदेश से

d. सरकार के आदेश से

 

112. धारा 91 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति संपत्ति अर्जित करता है जबकि उसे विद्यमान संविदा की सूचना हो, तो वह संपत्ति किसके लिए धारण करेगा?

a. स्वयं के लिए

b. राज्य के लिए

c. उस व्यक्ति के लिए जिसने पहले संविदा की थी

d. न्यायालय के लिए

 

113. धारा 91 के अनुसार संपत्ति का धारण किस सीमा तक किया जाएगा?

a. पूर्ण स्वामित्व के रूप में

b. केवल आधे हिस्से तक

c. उस सीमा तक जो संविदा को क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक हो

d. न्यायालय के निर्णय तक

 

114. धारा 91 के अंतर्गत कौन-सी संविदा होनी चाहिए?

a. ऐसी संविदा जिसका विनिर्दिष्ट पालन कराया जा सकता हो

b. मौखिक संविदा

c. अवैध संविदा

d. समाप्त संविदा

 

115. यदि कोई व्यक्ति यह जानते हुए कि किसी संपत्ति के संबंध में पहले से एक वैध संविदा मौजूद है, फिर भी उसे खरीद लेता है, तो कानून क्या कहता है?

a. खरीद वैध होगी और वह पूर्ण स्वामी होगा

b. संपत्ति सरकार की हो जाएगी

c. वह संपत्ति पहले संविदा करने वाले व्यक्ति के लाभ के लिए धारण करेगा

d. अनुबंध स्वतः समाप्त हो जाएगा

 

116. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 92 किस स्थिति से संबंधित है?

a. उस सम्पत्ति को खरीदने की संविदा करने वाले व्यक्ति द्वारा क्रय जो न्यास पर धारण की जाने वाली है

b. शमन करने वाले कई लेनदारों में से एक द्वारा गुप्त रूप से उठाया गया फायदा

c. संपत्ति का अवैध हस्तांतरण

d. न्यास का पंजीकरण

 

117. क ने ख और ग के लिए न्यास पर धारण करने के उद्देश्य से भूमि खरीदने की संविदा की। बाद में उसने वही भूमि अपने नाम पर खरीद ली। उसकी स्थिति क्या होगी?

a. भूमि का पूर्ण स्वामी

b. न्यासी के रूप में ख और ग के लिए

c. सरकार का प्रतिनिधि

d. भूमि का सहस्वामी

 

118. धारा 92 के अनुसार यदि कोई व्यक्ति हिताधिकारियों के लिए संपत्ति खरीदने का अनुबंध करता है और उसी संपत्ति को स्वयं खरीद लेता है, तो वह संपत्ति किसके लाभ के लिए मानी जाएगी?

a. खरीदने वाले व्यक्ति के लिए

b. राज्य के लिए

c. हिताधिकारियों के लिए

d. न्यायालय के लिए

 

119. धारा 92 के अनुसार संपत्ति का धारण किस सीमा तक किया जाएगा?

a. पूर्ण स्वामित्व के रूप में

b. आधे हिस्से तक

c. उस सीमा तक जो संविदा को क्रियान्वित करने के लिए आवश्यक हो

d. केवल न्यायालय के आदेश तक

 

120. निम्न में से कौन-सी स्थिति धारा 92 के अंतर्गत आती है?

a. व्यक्ति अपने लिए संपत्ति खरीदता है

b. व्यक्ति किसी अन्य के लिए संपत्ति खरीदने का अनुबंध करता है और स्वयं खरीद लेता है

c. व्यक्ति बिना अनुबंध के संपत्ति खरीदता है

d. व्यक्ति सरकारी भूमि खरीदता है

 

121. धारा 92 के अंतर्गत संपत्ति खरीदने वाले व्यक्ति की कानूनी स्थिति क्या मानी जाती है?

a. पूर्ण स्वामी

b. न्यासी

c. एजेंट

d. किरायेदार

 

122. धारा 92 के अनुसार संपत्ति का धारण किनके लाभ के लिए किया जाएगा?

a. खरीदने वाले व्यक्ति के लिए

b. सरकार के लिए

c. उन हिताधिकारियों के लिए जिनके लिए संपत्ति खरीदने की संविदा की गई थी

d. न्यायालय के लिए

 

123. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 93 किस स्थिति से संबंधित है?

a. न्यासी द्वारा लाभ उठाना

b. शमन करने वाले कई लेनदारों में से एक द्वारा गुप्त रूप से उठाया गया फायदा

c. संपत्ति का अवैध हस्तांतरण

d. न्यास का पंजीकरण

 

124. धारा 93 तब लागू होती है जब—

a. लेनदार अपने ऋण को माफ कर देता है

b. लेनदार ऋणी के साथ गुप्त समझौता कर लेता है

c. ऋणी दिवालिया घोषित हो जाता है

d. ऋण का पूरा भुगतान हो जाता है

 

125. यदि कई लेनदार अपने ऋणों का शमन करते हैं और उनमें से एक लेनदार गुप्त रूप से अतिरिक्त लाभ प्राप्त कर लेता है, तो वह लाभ किसके लिए माना जाएगा?

a. उसी लेनदार के लिए

b. सरकार के लिए

c. सभी सह-लेनदारों के लिए

d. न्यायालय के लिए

 

126. यदि एक लेनदार गुप्त समझौते से अतिरिक्त लाभ प्राप्त करता है, तो उसे उस लाभ का क्या करना होगा?

a. अपने पास रखना

b. सरकार को देना

c. सह-लेनदारों के साथ साझा करना

d. न्यायालय को सौंपना

 

127. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 95 किससे संबंधित है?

a. न्यास का पंजीकरण

b. बाध्यताधारी के कर्तव्य, दायित्व और निर्योग्यताएं

c. अवैध न्यास

d. सार्वजनिक न्यास

 

128. धारा 95 के अनुसार जो व्यक्ति इस अध्याय की पूर्ववर्ती धाराओं के अंतर्गत सम्पत्ति धारण करता है, वह किसके समान माना जाएगा?

a. पूर्ण स्वामी

b. किरायेदार

c. उस व्यक्ति का न्यासी जिसके लाभ के लिए वह सम्पत्ति धारण करता है

d. एजेंट

 

129. धारा 95 के अनुसार बाध्यताधारी को किनके समान कर्तव्यों और दायित्वों का पालन करना होता है?

a. भागीदार के समान

b. एजेंट के समान

c. न्यासी के समान

d. न्यायाधीश के समान

 

130. यदि बाध्यताधारी सम्पत्ति पर खेती करता है या उसे व्यापार में नियोजित करता है, तो वह किसका हकदार होता है?

a. कोई पारिश्रमिक नहीं

b. केवल लाभ का आधा हिस्सा

c. अपने परिश्रम, कौशल और समय के लिए युक्तियुक्त पारिश्रमिक

d. सम्पत्ति का स्वामित्व

 

131. धारा 95 के अनुसार बाध्यताधारी किन परिस्थितियों में सम्पत्ति खरीद सकता है?

a. बिना किसी अनुमति के

b. केवल सरकार की अनुमति से

c. न्यायालय की अनुज्ञा के बिना, यदि वह संविदा के आधार पर सम्पत्ति धारण कर रहा हो

d. केवल लाभार्थी की अनुमति से

 

132. धारा 95 के अनुसार बाध्यताधारी किस स्थिति में सम्पत्ति का पट्टेदार या बन्धकदार बन सकता है?

a. कभी नहीं

b. न्यायालय की अनुमति के बिना भी, यदि वह संविदा के आधार पर सम्पत्ति धारण कर रहा हो

c. केवल न्यायालय के आदेश से

d. केवल सरकार की अनुमति से

 

133. धारा 95 के अनुसार बाध्यताधारी पर कौन-सी निर्योग्यताएं लागू होती हैं?

a. कोई निर्योग्यता नहीं

b. वही निर्योग्यताएं जो सामान्य नागरिक पर होती हैं

c. वही निर्योग्यताएं जो एक न्यासी पर लागू होती हैं

d. केवल न्यायालय द्वारा निर्धारित निर्योग्यताएं

 

134. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 96 किससे संबंधित है?

a. न्यासी के कर्तव्य

b. सद्भावपूर्ण क्रेताओं के अधिकारों की व्यावृत्ति

c. अवैध न्यास

d. सार्वजनिक न्यास

 

135. धारा 96 के अनुसार सद्भावपूर्ण सप्रतिफल अन्तरिती से क्या अभिप्राय है?

a. ऐसा व्यक्ति जिसने बिना मूल्य के संपत्ति प्राप्त की हो

b. ऐसा व्यक्ति जिसने मूल्य देकर और सद्भावपूर्वक संपत्ति प्राप्त की हो

c. ऐसा व्यक्ति जिसने संपत्ति चुराई हो

d. ऐसा व्यक्ति जिसने सरकारी आदेश से संपत्ति ली हो

 

136. धारा 96 के अनुसार इस अध्याय की किसी भी धारा से किसके अधिकार प्रभावित नहीं होंगे?

a. न्यासी के

b. लाभार्थी के

c. सद्भावपूर्ण सप्रतिफल अन्तरिती के

d. सरकार के

 

137. यदि कोई व्यक्ति संपत्ति को सद्भावपूर्वक और प्रतिफल देकर प्राप्त करता है, तो धारा 96 के अनुसार क्या होगा?

a. उसकी संपत्ति जब्त कर ली जाएगी

b. उसके अधिकार सुरक्षित रहेंगे

c. संपत्ति सरकार की हो जाएगी

d. संपत्ति न्यायालय के अधीन हो जाएगी

 

138. धारा 96 किस सिद्धांत को दर्शाती है?

a. इक्विटी, बिना किसी पूर्व सूचना के मूल्य के लिए वास्तविक खरीदार की रक्षा करती है

b. आपराधिक दायित्व

c. अनुबंध समाप्ति

d. कराधान सिद्धांत

 

139. धारा 96 के अनुसार कोई भी बाध्यता किसके विरुद्ध उत्पन्न नहीं की जाएगी?

a. न्यासी

b. लाभार्थी

c. सद्भावपूर्ण सप्रतिफल अन्तरिती

d. न्यायालय

 

140. यदि कोई व्यक्ति संपत्ति को सद्भावपूर्वक और प्रतिफल देकर प्राप्त करता है, तो इस अध्याय की धाराएँ—

a. उसके अधिकारों को समाप्त कर देंगी

b. उसके अधिकारों को प्रभावित नहीं करेंगी

c. संपत्ति सरकार को दे देंगी

d. संविदा को निरस्त कर देंगी