
भारतीय न्यास अधिनियम, 1882
THE INDIAN TRUSTS ACT, 1882
1. “पूर्ववर्ती न्यासी” का अर्थ क्या है?
a. भविष्य में नियुक्त होने वाला न्यासी
b. पहले से कार्य कर चुका न्यासी
c. न्यायालय द्वारा नियुक्त न्यासी
d. लाभार्थी
2. यदि नया न्यासी नियुक्त होता है, तो क्या वह अपने पूर्ववर्ती न्यासी की गलतियों के लिए उत्तरदायी होगा?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल न्यायालय की अनुमति से
d. केवल लाभार्थी की अनुमति से
3. धारा 25 के अनुसार नया न्यासी किसके लिए जिम्मेदार होता है?
a. केवल पूर्ववर्ती न्यासी के कार्यों के लिए
b. केवल अपने कार्यों के लिए
c. केवल न्यायालय के आदेश के लिए
d. सरकार के आदेश के लिए
4. यदि पूर्ववर्ती न्यासी ने न्यास-भंग किया हो, तो उसका दायित्व किस पर होगा?
a. नए न्यासी पर
b. लाभार्थी पर
c. पूर्ववर्ती न्यासी पर
d. न्यायालय पर
5. धारा 25 किस सिद्धांत को दर्शाती है?
a. सामूहिक दायित्व
b. व्यक्तिगत दायित्व
c. सरकारी दायित्व
d. न्यायालय का दायित्व
6. धारा 25 के अनुसार उत्तरवर्ती न्यासी किसके लिए दायी नहीं होगा?
a. अपनी लापरवाही के लिए
b. अपने निवेश के लिए
c. पूर्ववर्ती न्यासी के कार्यों और व्यतिक्रमों के लिए
d. अपने कर्तव्यों के लिए
7. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 26 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. सहन्यासी के व्यतिक्रम के लिए अदायित्व
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यास का समाप्त होना
8. सामान्यतः एक न्यासी अपने सहन्यासी द्वारा किए गए न्यास-भंग के लिए कब उत्तरदायी नहीं होता?
a. जब उसने स्वयं न्यास-भंग किया हो
b. जब वह सहन्यासी के कार्य में शामिल न हो
c. जब वह सहन्यासी के कार्यों से पूरी तरह अनजान हो
d. जब वह न्यायालय की अनुमति से काम करे
9. निम्न में से किस स्थिति में न्यासी अपने सहन्यासी के न्यास-भंग के लिए उत्तरदायी हो सकता है?
a. जब उसने न्यास-सम्पत्ति को बिना उचित ध्यान के सहन्यासी को सौंप दिया हो
b. जब उसने न्यायालय को सूचना दी हो
c. जब लाभार्थी ने अनुमति दी हो
d. जब सहन्यासी ने अकेले कार्य किया हो
10. यदि न्यासी अपने सहन्यासी को न्यास-सम्पत्ति प्राप्त करने दे और उसके उपयोग के बारे में जांच न करे, तो क्या होगा?
a. वह उत्तरदायी नहीं होगा
b. वह उत्तरदायी हो सकता है
c. न्यायालय स्वतः न्यास समाप्त कर देगा
d. कोई परिणाम नहीं होगा
11. यदि न्यासी को सहन्यासी द्वारा किए गए न्यास-भंग की जानकारी हो जाए और वह उचित कदम न उठाए, तो क्या होगा?
a. वह उत्तरदायी नहीं होगा
b. वह उत्तरदायी हो सकता है
c. न्यास समाप्त हो जाएगा
d. न्यायालय मामला समाप्त कर देगा
12. यदि सहन्यासी न्यास-सम्पत्ति की रसीद पर केवल औपचारिकता के लिए हस्ताक्षर करता है और साबित कर देता है कि उसने धन प्राप्त नहीं किया, तो क्या वह उत्तरदायी होगा?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल न्यायालय की अनुमति से
d. केवल लाभार्थी की अनुमति से
13. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 27 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. सहन्यासियों का पृथक्-पृथक् दायित्व
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यास का समाप्त होना
14. यदि सहन्यासी संयुक्त रूप से न्यास-भंग करते हैं, तो कौन जिम्मेदार होगा?
a. केवल मुख्य न्यासी
b. केवल दोषी न्यासी
c. प्रत्येक सहन्यासी सम्पूर्ण हानि के लिए जिम्मेदार होगा
d. केवल न्यायालय
15. यदि एक न्यासी अपनी लापरवाही से दूसरे को न्यास-भंग करने में सक्षम बनाता है, तो क्या होगा?
a. केवल दूसरा न्यासी जिम्मेदार होगा
b. कोई भी जिम्मेदार नहीं होगा
c. दोनों न्यासी जिम्मेदार होंगे
d. केवल लाभार्थी जिम्मेदार होगा
16. धारा 27 के अनुसार हानि की भरपाई किसके प्रति की जाती है?
a. सरकार के प्रति
b. न्यायालय के प्रति
c. हिताधिकारी के प्रति
d. बैंक के प्रति
17. यदि एक न्यासी दूसरे से कम दोषी हो और उसे हानि का भुगतान करना पड़े, तो वह क्या कर सकता है?
a. न्यायालय में अपील नहीं कर सकता
b. दूसरे न्यासी से प्रतिपूर्ति की मांग कर सकता है
c. लाभार्थी से धन मांग सकता है
d. न्यास समाप्त कर सकता है
18. यदि सभी सहन्यासी समान रूप से दोषी हों, तो क्या होगा?
a. केवल एक न्यासी जिम्मेदार होगा
b. सभी न्यासी मिलकर हानि की भरपाई करेंगे
c. न्यायालय हानि माफ कर देगा
d. लाभार्थी जिम्मेदार होगा
19. “अभिदाय (Contribution)” का अर्थ क्या है?
a. संपत्ति का हस्तांतरण
b. हानि की भरपाई में अन्य न्यासियों से हिस्सा लेना
c. न्यास समाप्त करना
d. संपत्ति का विक्रय
20. यदि किसी न्यासी ने कपट (fraud) किया हो, तो क्या वह अन्य न्यासियों से अभिदाय मांग सकता है?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल न्यायालय की अनुमति से
d. केवल लाभार्थी की अनुमति से
21. यदि एक न्यासी हानि की पूरी भरपाई कर देता है और अन्य भी दोषी हैं, तो क्या वह उनसे योगदान मांग सकता है?
a. नहीं
b. हाँ
c. केवल न्यायालय के आदेश से
d. केवल लाभार्थी की अनुमति से
22. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 28 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. हिताधिकारी के हित के अंतरण की सूचना के बिना संदाय करने वाले न्यासी का अदायित्व
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यास का समाप्त होना
23. यदि किसी हिताधिकारी का हित किसी अन्य व्यक्ति को स्थानांतरित हो जाए, तो इसे क्या कहा जाता है?
a. वसीयत
b. अंतरण (Transfer)
c. विक्रय
d. उपहार
24. यदि न्यासी को अंतरण की सूचना न हो और वह संपत्ति मूल हिताधिकारी को दे दे, तो क्या होगा?
a. न्यासी उत्तरदायी होगा
b. न्यासी उत्तरदायी नहीं होगा
c. न्यायालय दंड देगा
d. न्यास समाप्त हो जाएगा
25. धारा 28 के अनुसार न्यासी कब दायित्व से मुक्त रहता है?
a. जब उसे अंतरण की जानकारी हो
b. जब उसे अंतरण की सूचना न हो
c. जब न्यायालय अनुमति दे
d. जब सरकार आदेश दे
26. यदि न्यासी को अंतरण की सूचना मिल चुकी हो और फिर भी वह मूल हिताधिकारी को भुगतान कर दे, तो क्या होगा?
a. न्यासी उत्तरदायी नहीं होगा
b. न्यासी उत्तरदायी होगा
c. न्यायालय मामला समाप्त कर देगा
d. कोई प्रभाव नहीं होगा
27. यदि न्यासी को अंतरण की सूचना न हो, तो वह किसे भुगतान कर सकता है?
a. किसी भी व्यक्ति को
b. उस व्यक्ति को जो अंतरण के अभाव में हकदार होता
c. न्यायालय को
d. सरकार को
28. धारा 28 किस सिद्धांत को दर्शाती है?
a. न्यासी का व्यक्तिगत लाभ
b. सूचना के अभाव में सद्भावपूर्वक किए गए कार्य की सुरक्षा
c. न्यास समाप्त करना
d. संपत्ति का विक्रय
29. यदि हिताधिकारी ने अपना हित किसी अन्य को हस्तांतरित किया हो, तो न्यासी को कब जिम्मेदार ठहराया जा सकता है?
a. जब उसे अंतरण की सूचना हो
b. जब उसे सूचना न हो
c. जब न्यायालय आदेश दे
d. जब लाभार्थी बदल जाए
30. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 29 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. हिताधिकारी का हित सरकार को समपहृत होना
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यास का समाप्त होना
31. यदि किसी हिताधिकारी का हित विधि के अनुसार सरकार को समपहृत हो जाए, तो न्यासी क्या करेगा?
a. न्यास समाप्त कर देगा
b. संपत्ति बेच देगा
c. राज्य सरकार के निर्देशानुसार संपत्ति धारण करेगा
d. संपत्ति लाभार्थियों में बाँट देगा
32. “समपहृत (Escheat)” का अर्थ क्या है?
a. संपत्ति का दान
b. संपत्ति का सरकार को जाना
c. संपत्ति का विक्रय
d. संपत्ति का किराया
33. धारा 29 के अनुसार न्यासी किसके निर्देशों का पालन करेगा?
a. न्यायालय
b. लाभार्थी
c. राज्य सरकार
d. संसद
34. जब हिताधिकारी का हित सरकार को समपहृत हो जाता है, तो न्यासी का कर्तव्य क्या होता है?
a. न्यास समाप्त करना
b. संपत्ति का विक्रय करना
c. उस हित के अनुसार सरकार के निर्देशों का पालन करना
d. संपत्ति दान करना
35. धारा 29 के अनुसार हित का समपहृत होना किसके द्वारा हो सकता है?
a. न्यायालय के निर्णय द्वारा
b. लाभार्थी की इच्छा से
c. बैंक के आदेश से
d. पंचायत के निर्णय से
36. यदि हिताधिकारी का हित सरकार को चला जाए, तो न्यासी संपत्ति किसके लाभ के लिए धारण करेगा?
a. लाभार्थी के
b. न्यायालय के
c. राज्य सरकार के निर्देशानुसार
d. बैंक के
37. धारा 29 के अनुसार न्यासी किस सीमा तक संपत्ति धारण करेगा?
a. पूरे न्यास के लिए
b. केवल उस हित के विस्तार तक जो सरकार को प्राप्त हुआ है
c. केवल आधी संपत्ति
d. केवल नकद संपत्ति
38. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 30 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. न्यासियों की क्षतिपूर्ति
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यास का समाप्त होना
39. धारा 30 के अनुसार न्यासी किन संपत्तियों के लिए उत्तरदायी होता है?
a. सभी न्यास संपत्तियों के लिए
b. केवल उन संपत्तियों के लिए जो उसे वास्तव में प्राप्त हुई हों
c. केवल नकद धन के लिए
d. केवल अचल संपत्ति के लिए
40. क्या एक न्यासी दूसरे न्यासी के कार्यों के लिए जिम्मेदार होता है?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल न्यायालय के आदेश से
d. केवल लाभार्थी की अनुमति से
41. यदि न्यास-सम्पत्ति किसी बैंककार या दलाल के पास रखी जाए और वहां हानि हो जाए, तो क्या न्यासी उत्तरदायी होगा?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल आधा उत्तरदायी होगा
d. केवल न्यायालय के आदेश से उत्तरदायी होगा
42. धारा 30 के अनुसार न्यासी किसके लिए उत्तरदायी नहीं होगा?
a. अन्य न्यासी के कार्यों के लिए
b. बैंककार या दलाल के कार्यों के लिए
c. अस्वैच्छिक हानियों के लिए
d. उपरोक्त सभी
43. यदि स्टाक, निधि या प्रतिभूतियों में कमी हो जाए, तो क्या न्यासी जिम्मेदार होगा?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल आंशिक रूप से
d. केवल न्यायालय के आदेश से
44. धारा 30 किन धाराओं के अधीन लागू होती है?
a. धारा 10 और 15
b. धारा 23 और 26
c. धारा 20 और 21
d. धारा 25 और 27
45. यदि न्यासी को कोई संपत्ति वास्तव में प्राप्त ही नहीं हुई हो, तो क्या वह उसके लिए उत्तरदायी होगा?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल न्यायालय के आदेश से
d. केवल लाभार्थी की अनुमति से
46. धारा 30 के अनुसार “अस्वैच्छिक हानि” का अर्थ क्या है?
a. जानबूझकर किया गया नुकसान
b. अनजाने में या परिस्थितियों के कारण हुई हानि
c. न्यायालय द्वारा लगाया गया जुर्माना
d. संपत्ति का विक्रय
47. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 31 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. हक-विलेख का अधिकार
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यास का समाप्त होना
48. धारा 31 के अनुसार न्यासी किसका अधिकार रखता है?
a. संपत्ति बेचने का
b. न्यास की लिखत और हक के दस्तावेज अपने कब्जे में रखने का
c. लाभार्थी को हटाने का
d. न्यास समाप्त करने का
49. “हक-विलेख (Title Deeds)” का अर्थ क्या है?
a. संपत्ति का किराया
b. संपत्ति के स्वामित्व से संबंधित दस्तावेज
c. बैंक पासबुक
d. न्यायालय का आदेश
50. धारा 31 के अनुसार न्यासी किन दस्तावेजों को अपने कब्जे में रख सकता है?
a. सभी सरकारी दस्तावेज
b. केवल न्यास-सम्पत्ति से संबंधित दस्तावेज
c. केवल बैंक दस्तावेज
d. केवल लाभार्थी के दस्तावेज
51. धारा 31 के अनुसार न्यासी किन दस्तावेजों को अपने पास रख सकता है?
a. केवल न्यास की लिखत
b. केवल बैंक दस्तावेज
c. न्यास की लिखत और न्यास-सम्पत्ति से संबंधित हक के दस्तावेज
d. केवल न्यायालय के आदेश
52. यदि कोई दस्तावेज केवल न्यास-सम्पत्ति से संबंधित हो, तो उसे कौन रखेगा?
a. लाभार्थी
b. न्यायालय
c. न्यासी
d. बैंक
53. धारा 31 का संबंध मुख्य रूप से किससे है?
a. संपत्ति के विक्रय से
b. न्यास दस्तावेजों के कब्जे से
c. न्यास समाप्त करने से
d. लाभार्थियों के अधिकार से
54. धारा 31 के अनुसार न्यासी का यह अधिकार क्यों महत्वपूर्ण है?
a. ताकि न्यास-सम्पत्ति का सही प्रबंधन हो सके
b. ताकि न्यास समाप्त हो सके
c. ताकि लाभार्थी बदल सकें
d. ताकि न्यायालय का कार्य कम हो
55. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 32 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. व्ययों की प्रतिपूर्ति कर लेने का अधिकार
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यास का समाप्त होना
56. धारा 32 के अनुसार न्यासी किन व्ययों की प्रतिपूर्ति कर सकता है?
a. केवल व्यक्तिगत खर्च
b. न्यास के निष्पादन से संबंधित उचित व्यय
c. केवल बैंक खर्च
d. केवल न्यायालय शुल्क
57. न्यासी किन कार्यों के लिए किए गए व्ययों की प्रतिपूर्ति कर सकता है?
a. न्यास-सम्पत्ति के परिरक्षण के लिए
b. न्यास-सम्पत्ति के फायदे के लिए
c. हिताधिकारी के संरक्षण के लिए
d. उपरोक्त सभी
58. यदि न्यासी ने अपने पास से व्यय किया हो, तो उसे क्या अधिकार होगा?
a. कोई अधिकार नहीं
b. न्यास-सम्पत्ति पर प्रथम भार का अधिकार
c. केवल ब्याज का अधिकार
d. केवल न्यायालय की अनुमति से अधिकार
59. यदि न्यास-सम्पत्ति निष्फल हो जाए, तो न्यासी क्या कर सकता है?
a. कुछ नहीं कर सकता
b. व्ययों की राशि हिताधिकारी से वसूल सकता है
c. न्यायालय को संपत्ति दे सकता है
d. न्यास समाप्त कर सकता है
60. यदि न्यासी ने हिताधिकारी को भूलवश अधिक भुगतान किया हो, तो वह क्या कर सकता है?
a. कुछ नहीं कर सकता
b. उस राशि की प्रतिपूर्ति हिताधिकारी के हित से कर सकता है
c. न्यायालय को सूचना देगा
d. न्यास समाप्त कर देगा
61. यदि हिताधिकारी का हित समाप्त हो जाए और अतिसंदाय हुआ हो, तो न्यासी क्या कर सकता है?
a. कुछ नहीं कर सकता
b. वह राशि हिताधिकारी से व्यक्तिगत रूप से वसूल सकता है
c. न्यायालय को दे सकता है
d. बैंक से वसूल सकता है
62. धारा 32 के अनुसार न्यासी को किए गए व्ययों पर क्या मिल सकता है?
a. केवल मूलधन
b. केवल लाभांश
c. मूलधन और ब्याज
d. कोई लाभ नहीं
63. धारा 32 के अनुसार न्यासी के व्ययों का प्रथम भार किस पर होता है?
a. सरकार पर
b. हिताधिकारी पर
c. न्यास-सम्पत्ति पर
d. न्यायालय पर
64. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 33 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. न्यास-भंग से लाभ प्राप्त करने वाले से क्षतिपूर्ति
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यास का समाप्त होना
65. धारा 33 के अनुसार यदि किसी व्यक्ति को न्यास-भंग से लाभ प्राप्त होता है, तो उसे क्या करना होगा?
a. कुछ नहीं करना होगा
b. न्यासी को क्षतिपूर्ति करनी होगी
c. न्यायालय को सूचना देनी होगी
d. न्यास समाप्त करना होगा
66. धारा 33 के अनुसार क्षतिपूर्ति किस सीमा तक की जाएगी?
a. पूर्ण संपत्ति के मूल्य तक
b. वास्तविक प्राप्त लाभ की राशि तक
c. दोगुनी राशि तक
d. न्यायालय के आदेश के अनुसार
67. यदि लाभ प्राप्त करने वाला व्यक्ति स्वयं हिताधिकारी हो, तो क्या होगा?
a. कोई दायित्व नहीं होगा
b. न्यासी का दावा उस हिताधिकारी के हित पर भार होगा
c. न्यायालय संपत्ति जब्त करेगा
d. न्यास समाप्त हो जाएगा
68. धारा 33 के अनुसार क्षतिपूर्ति किसे दी जाएगी?
a. न्यायालय को
b. सरकार को
c. न्यासी को
d. बैंक को
69. यदि न्यासी स्वयं कपट का दोषी हो, तो क्या वह क्षतिपूर्ति का दावा कर सकता है?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल न्यायालय की अनुमति से
d. केवल हिताधिकारी की अनुमति से
70. धारा 33 किस सिद्धांत को लागू करती है?
a. अनुचित लाभ का सिद्धांत
b. संपत्ति विक्रय का सिद्धांत
c. न्यास समाप्ति का सिद्धांत
d. न्यायालय की सर्वोच्चता का सिद्धांत
71. यदि कोई तीसरा व्यक्ति न्यास-भंग से लाभ प्राप्त करता है, तो क्या होगा?
a. वह उत्तरदायी नहीं होगा
b. उसे प्राप्त लाभ की सीमा तक क्षतिपूर्ति करनी होगी
c. न्यायालय उसे दंड देगा
d. न्यास समाप्त हो जाएगा
72. धारा 33 के अनुसार न्यासी का दावा किस पर भार के रूप में लगाया जा सकता है?
a. सरकार की संपत्ति पर
b. न्यायालय की संपत्ति पर
c. हिताधिकारी के हित पर
d. बैंक खाते पर
73. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 34 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. न्यास-सम्पत्ति को प्रबंध में राय लेने के लिए न्यायालय से आवेदन करने का अधिकार
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यास का समाप्त होना
74. धारा 34 के अनुसार न्यासी किससे राय या सलाह प्राप्त कर सकता है?
a. जिला मजिस्ट्रेट
b. राज्य सरकार
c. आरम्भिक अधिकारिता वाले प्रधान सिविल न्यायालय
d. पुलिस अधिकारी
75. धारा 34 के अनुसार न्यासी न्यायालय से आवेदन किस माध्यम से कर सकता है?
a. आपराधिक शिकायत द्वारा
b. वाद दायर करके
c. अर्जी द्वारा बिना वाद दायर किए
d. मौखिक अनुरोध द्वारा
76. न्यासी न्यायालय से राय किस प्रकार के प्रश्नों पर मांग सकता है?
a. केवल व्यक्तिगत प्रश्नों पर
b. न्यास-सम्पत्ति के प्रबंधन या प्रशासन से संबंधित प्रश्नों पर
c. केवल लाभार्थियों के व्यक्तिगत मामलों पर
d. केवल संपत्ति विक्रय पर
77. धारा 34 के अनुसार न्यायालय में आवेदन की प्रति किन्हें दी जाती है?
a. केवल सरकार को
b. केवल न्यायाधीश को
c. आवेदन में हितबद्ध व्यक्तियों को
d. केवल पुलिस को
78. धारा 34 के अनुसार आवेदन की सुनवाई में कौन उपस्थित हो सकता है?
a. केवल न्यासी
b. केवल न्यायाधीश
c. वे व्यक्ति जिन्हें न्यायालय उचित समझे
d. केवल लाभार्थी
79. यदि न्यासी न्यायालय की राय या निर्देश के अनुसार कार्य करता है, तो उसका दायित्व क्या होगा?
a. वह उत्तरदायी रहेगा
b. उसे अपने कर्तव्य का निर्वहन माना जाएगा
c. उसे दंड दिया जाएगा
d. न्यास समाप्त हो जाएगा
80. यदि न्यासी आवेदन में तथ्यों का कथन सद्भावपूर्वक करता है और न्यायालय के निर्देशों का पालन करता है, तो क्या होगा?
a. वह जिम्मेदार नहीं माना जाएगा
b. उसे दंड मिलेगा
c. न्यायालय वाद समाप्त करेगा
d. लाभार्थी बदल जाएंगे
81. धारा 34 के अनुसार आवेदन का खर्च किसके विवेक पर निर्भर करता है?
a. सरकार के
b. न्यायालय के
c. न्यासी के
d. लाभार्थी के
82. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 35 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. लेखाओं के परिनिर्धारण का अधिकार
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यास का समाप्त होना
83. धारा 35 के अनुसार न्यासी को लेखाओं के परिनिर्धारण का अधिकार कब मिलता है?
a. न्यास शुरू होने पर
b. जब उसके कर्तव्य पूरे हो जाते हैं
c. जब न्यायालय आदेश दे
d. जब लाभार्थी अनुमति दे
84. धारा 35 के अनुसार न्यासी क्या करा सकता है?
a. संपत्ति का विक्रय
b. अपने प्रशासन के लेखाओं की परीक्षा और परिनिर्धारण
c. लाभार्थियों को हटाना
d. न्यास समाप्त करना
85. धारा 35 के अनुसार लेखाओं की परीक्षा किसके संबंध में होती है?
a. न्यासी के व्यक्तिगत खर्च के संबंध में
b. न्यास-सम्पत्ति के प्रशासन के संबंध में
c. न्यायालय के खर्च के संबंध में
d. बैंक के खर्च के संबंध में
86. यदि न्यास के अधीन हिताधिकारी को कुछ भी देय न हो, तो न्यासी किसका हकदार होगा?
a. संपत्ति बेचने का
b. लिखित अभिस्वीकृति का
c. न्यायालय आदेश का
d. बैंक प्रमाणपत्र का
87. “लेखाओं का परिनिर्धारण” का अर्थ क्या है?
a. संपत्ति का विक्रय
b. न्यासी के प्रशासनिक खातों की जाँच और अंतिम निर्धारण
c. बैंक खाते का बंद होना
d. न्यायालय में वाद दायर करना
88. धारा 35 के अनुसार लेखाओं की जाँच का अधिकार किसे है?
a. न्यासी को
b. पुलिस को
c. बैंक को
d. पंचायत को
89. यदि लेखाओं के निर्धारण के बाद हिताधिकारी को कुछ भी देय न हो, तो क्या होगा?
a. न्यासी दंडित होगा
b. न्यासी लिखित स्वीकारोक्ति प्राप्त कर सकता है
c. न्यायालय संपत्ति जब्त करेगा
d. न्यास समाप्त हो जाएगा
90. धारा 35 का संबंध मुख्य रूप से किससे है?
a. संपत्ति के विक्रय से
b. न्यास के लेखा-प्रबंधन के अंतिम निर्धारण से
c. लाभार्थियों के अधिकार से
d. न्यायालय के अधिकार से
91. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 36 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. न्यासी का साधारण प्राधिकार
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यास का समाप्त होना
92. धारा 36 के अनुसार न्यासी किन कार्यों को कर सकता है?
a. केवल न्यायालय के आदेश पर
b. केवल लाभार्थी की अनुमति से
c. न्यास-सम्पत्ति के आपन, संरक्षण या लाभ के लिए उचित कार्य
d. केवल संपत्ति बेचने का कार्य
93. धारा 36 के अनुसार न्यासी किसके संरक्षण के लिए कार्य कर सकता है?
a. केवल सरकार के लिए
b. केवल न्यायालय के लिए
c. ऐसे हिताधिकारी के लिए जो संविदा करने में सक्षम नहीं है
d. केवल बैंक के लिए
94. धारा 36 के अनुसार न्यासी का साधारण प्राधिकार किनके अधीन होता है?
a. केवल न्यायालय के आदेश
b. न्यास की लिखत में दिए गए प्रतिबंध और धारा 17 के उपबंध
c. केवल सरकार के नियम
d. केवल लाभार्थियों की इच्छा
95. धारा 36 के अनुसार न्यासी बिना न्यायालय की अनुमति के अधिकतम कितने वर्षों के लिए संपत्ति को पट्टे पर दे सकता है?
a. 10 वर्ष
b. 15 वर्ष
c. 21 वर्ष
d. 30 वर्ष
96. यदि पट्टा 21 वर्षों से अधिक अवधि के लिए देना हो, तो क्या आवश्यक है?
a. सरकार की अनुमति
b. लाभार्थी की अनुमति
c. प्रधान सिविल न्यायालय की अनुमति
d. बैंक की अनुमति
97. धारा 36 के अनुसार पट्टा देते समय क्या सुनिश्चित किया जाना चाहिए?
a. न्यूनतम किराया
b. सर्वोत्तम वार्षिक भाटक जो युक्तियुक्त रूप से प्राप्त हो सके
c. केवल एक निश्चित किराया
d. बिना किराया के पट्टा
98. धारा 36 के अनुसार न्यासी के अधिकार किनके अतिरिक्त होते हैं?
a. न्यायालय द्वारा दिए गए अधिकारों के
b. न्यास की लिखत और अधिनियम द्वारा दिए गए अधिकारों के अतिरिक्त
c. सरकार के आदेश के
d. लाभार्थी के अधिकारों के
99. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 37 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. लाटों में और या तो लोक नीलाम द्वारा या प्राइवेट संविदा द्वारा बेचने की शक्ति
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यास का समाप्त होना
100. धारा 37 के अनुसार न्यासी को संपत्ति बेचने की शक्ति कब होती है?
a. जब न्यायालय आदेश दे
b. जब न्यास की लिखत में उसे ऐसा करने के लिए सशक्त किया गया हो
c. जब लाभार्थी अनुमति दे
d. जब सरकार आदेश दे
101. धारा 37 के अनुसार न्यासी संपत्ति किस प्रकार बेच सकता है?
a. केवल निजी समझौते से
b. केवल लोक नीलाम से
c. लोक नीलाम या प्राइवेट संविदा द्वारा
d. केवल न्यायालय की अनुमति से
102. धारा 37 के अनुसार न्यासी संपत्ति को कैसे बेच सकता है?
a. केवल पूरी संपत्ति एक साथ
b. केवल आधी संपत्ति
c. इकट्ठी या लाटों में
d. केवल सरकारी नीलामी द्वारा
103. धारा 37 के अनुसार विक्रय कब किया जा सकता है?
a. केवल एक ही समय पर
b. केवल न्यायालय के समय पर
c. एक ही समय या अनेक समयों पर
d. केवल सरकार के आदेश से
104. धारा 37 के अनुसार संपत्ति बेचते समय न्यासी क्या कर सकता है?
a. संपत्ति को पूर्विक भारों के अधीन रख सकता है
b. संपत्ति को पूर्विक भारों से मुक्त रख सकता है
c. दोनों स्थितियों में बेच सकता है
d. केवल भार के साथ बेच सकता है
105. “लाटों में विक्रय” का अर्थ क्या है?
a. संपत्ति को किराए पर देना
b. संपत्ति को अलग-अलग भागों में बेच देना
c. संपत्ति को गिरवी रखना
d. संपत्ति को दान देना
106. यदि न्यास की लिखत में अलग निर्देश दिए गए हों, तो क्या होगा?
a. धारा 37 लागू नहीं होगी
b. लिखत के निर्देशों का पालन किया जाएगा
c. न्यायालय निर्णय देगा
d. संपत्ति नहीं बेची जा सकती
107. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 38 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. न्यासी की विक्रय शक्ति
c. विशेष शर्तों के अधीन बेचने की शक्ति
d. न्यास का पंजीकरण
108. धारा 38 के अनुसार न्यासी विक्रय की शर्तों में क्या शामिल कर सकता है?
a. केवल सरकार द्वारा निर्धारित शर्तें
b. युक्तियुक्त अनुबंध और शर्तें
c. केवल लाभार्थी द्वारा निर्धारित शर्तें
d. केवल न्यायालय द्वारा निर्धारित शर्तें
109. धारा 38 के अनुसार न्यासी विक्रय की शर्तों में किन विषयों से संबंधित अनुबंध शामिल कर सकता है?
a. हक के बारे में
b. हक के साक्ष्य के बारे में
c. अन्य आवश्यक मामलों के बारे में
d. उपरोक्त सभी
110. धारा 38 के अनुसार नीलामी में न्यासी क्या कर सकता है?
a. संपत्ति को अन्तःक्रय कर सकता है
b. विक्रय संविदा को विखण्डित कर सकता है
c. पुनर्विक्रय कर सकता है
d. उपरोक्त सभी
111. यदि न्यासी पुनर्विक्रय करता है और उससे हानि होती है, तो क्या वह उत्तरदायी होगा?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल न्यायालय के आदेश से
d. केवल लाभार्थी की अनुमति से
112. धारा 38 के अनुसार न्यासी विक्रय संविदा के साथ क्या कर सकता है?
a. उसमें फेरफार कर सकता है
b. उसे विखण्डित कर सकता है
c. दोनों कर सकता है
d. कुछ नहीं कर सकता
113. धारा 38 के अनुसार यदि न्यासी को संपत्ति बेचने का निर्देश दिया गया हो, तो वह क्या कर सकता है?
a. तुरंत बेचने के लिए बाध्य होगा
b. युक्तियुक्त स्वविवेक से विक्रय का समय तय करेगा
c. कभी भी नहीं बेच सकता
d. केवल न्यायालय के आदेश से बेच सकता है
114. धारा 38 के अनुसार न्यासी को विक्रय करते समय किसका ध्यान रखना चाहिए?
a. व्यक्तिगत लाभ
b. न्यास-सम्पत्ति और हिताधिकारी का हित
c. केवल सरकार का हित
d. केवल न्यायालय का आदेश
115. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 39 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. न्यासी की हस्तान्तरण की शक्ति
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यास का समाप्त होना
116. धारा 39 के अनुसार न्यासी को यह शक्ति किस उद्देश्य के लिए दी गई है?
a. न्यास समाप्त करने के लिए
b. संपत्ति का विक्रय पूरा करने के लिए
c. लाभार्थी बदलने के लिए
d. न्यायालय को संपत्ति देने के लिए
117. धारा 39 के अनुसार न्यासी किस संपत्ति का हस्तान्तरण कर सकता है?
a. केवल चल संपत्ति
b. केवल अचल संपत्ति
c. बची हुई न्यास-सम्पत्ति
d. केवल सरकारी संपत्ति
118. धारा 39 के अनुसार न्यासी हस्तान्तरण किस प्रकार कर सकता है?
a. केवल दान द्वारा
b. केवल किराये द्वारा
c. आवश्यक रीति से हस्तान्तरण या अन्य व्ययन द्वारा
d. केवल न्यायालय के आदेश से
119. धारा 39 के अनुसार न्यासी की यह शक्ति किससे संबंधित है?
a. संपत्ति के विक्रय के निष्पादन से
b. संपत्ति के किराये से
c. संपत्ति के दान से
d. संपत्ति के गिरवी से
120. “हस्तान्तरण” का अर्थ क्या है?
a. संपत्ति का किराया देना
b. संपत्ति का स्वामित्व एक व्यक्ति से दूसरे को देना
c. संपत्ति का उपयोग करना
d. संपत्ति का नष्ट करना
121. धारा 39 के अनुसार न्यासी किसके हित में यह शक्ति प्रयोग करता है?
a. व्यक्तिगत लाभ के लिए
b. न्यास और हिताधिकारी के हित में
c. सरकार के हित में
d. न्यायालय के हित में
122. धारा 39 के अनुसार यदि विक्रय पूरा करना हो, तो न्यासी क्या कर सकता है?
a. संपत्ति का हस्तान्तरण कर सकता है
b. संपत्ति को रोक सकता है
c. संपत्ति को नष्ट कर सकता है
d. संपत्ति को न्यायालय को दे सकता है
123. धारा 39 किस सिद्धांत को दर्शाती है?
a. न्यासी की सीमित शक्ति
b. न्यासी की संपत्ति हस्तांतरण करने की कानूनी शक्ति
c. न्यास समाप्त करने की शक्ति
d. न्यायालय की सर्वोच्चता
124. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 40 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. विनिधानों में तब्दीली करने की शक्ति
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यास का समाप्त होना
125. धारा 40 के अनुसार न्यासी क्या कर सकता है?
a. न्यास समाप्त कर सकता है
b. निवेश को वापस निकालकर दूसरे निवेश में लगा सकता है
c. संपत्ति दान कर सकता है
d. न्यायालय को संपत्ति दे सकता है
126. धारा 40 के अनुसार न्यासी निवेश को किन प्रतिभूतियों में बदल सकता है?
a. किसी भी निजी कंपनी में
b. केवल बैंक खाते में
c. धारा 20 में वर्णित या निर्दिष्ट प्रतिभूतियों में
d. केवल अचल संपत्ति में
127. धारा 40 के अनुसार न्यासी कितनी बार निवेश बदल सकता है?
a. केवल एक बार
b. केवल दो बार
c. समय-समय पर
d. कभी नहीं
128. धारा 40 के अनुसार निवेश बदलने का अधिकार किसके विवेक पर निर्भर करता है?
a. न्यायालय के विवेक पर
b. लाभार्थी के विवेक पर
c. न्यासी के विवेक पर
d. सरकार के विवेक पर
129. यदि कोई व्यक्ति न्यास-सम्पत्ति की आय को आजीवन प्राप्त करने का हकदार है, तो निवेश बदलने के लिए क्या आवश्यक है?
a. न्यायालय की अनुमति
b. सरकार की अनुमति
c. उसकी लिखित सहमति
d. बैंक की अनुमति
130. धारा 40 के अनुसार निवेश बदलने से पहले किसकी अनुमति आवश्यक हो सकती है?
a. पुलिस की
b. जीवनपर्यन्त आय पाने वाले हिताधिकारी की लिखित सहमति
c. बैंक की
d. पंचायत की
131. धारा 40 के अनुसार निवेश बदलते समय न्यासी को किसका ध्यान रखना चाहिए?
a. व्यक्तिगत लाभ
b. न्यास-सम्पत्ति का हित और सुरक्षा
c. केवल सरकार का हित
d. केवल बैंक का हित
132. धारा 40 के अनुसार न्यासी किस प्रकार के निवेशों में परिवर्तन कर सकता है?
a. केवल अचल संपत्ति
b. केवल नकद धन
c. प्रतिभूतियों में किए गए निवेश
d. केवल सरकारी भूमि
133. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 41 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. अप्राप्तवय की सम्पत्ति के उपयोग की शक्ति
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यास का समाप्त होना
134. धारा 41 के अनुसार यदि कोई सम्पत्ति किसी अप्राप्तवय के लिए न्यास में हो, तो न्यासी क्या कर सकता है?
a. सम्पत्ति बेच सकता है
b. आय को अप्राप्तवय के भरण-पोषण और शिक्षा के लिए उपयोग कर सकता है
c. सम्पत्ति सरकार को दे सकता है
d. सम्पत्ति न्यायालय को सौंप सकता है
135. धारा 41 के अनुसार न्यासी आय किसे दे सकता है?
a. केवल न्यायालय को
b. केवल सरकार को
c. अप्राप्तवय के संरक्षक को
d. बैंक को
136. न्यासी आय को किन उद्देश्यों के लिए उपयोग कर सकता है?
a. भरण-पोषण
b. शिक्षा
c. जीवन में उन्नति
d. उपरोक्त सभी
137. धारा 41 के अनुसार आय का उपयोग किन धार्मिक या सामाजिक कार्यों के लिए किया जा सकता है?
a. धार्मिक उपासना
b. विवाह
c. अन्त्येष्टि
d. उपरोक्त सभी
138. यदि आय का पूरा उपयोग न हो, तो शेष आय का क्या किया जाएगा?
a. बैंक में जमा किया जाएगा
b. न्यासी अपने पास रखेगा
c. धारा 20 में वर्णित प्रतिभूतियों में निवेश किया जाएगा
d. सरकार को दे दिया जाएगा
139. यदि न्यास-सम्पत्ति की आय अप्राप्तवय के भरण-पोषण या शिक्षा के लिए पर्याप्त न हो, तो न्यासी क्या कर सकता है?
a. सम्पत्ति का उपयोग कर सकता है
b. न्यायालय की अनुमति से सम्पत्ति का उपयोग कर सकता है
c. सम्पत्ति को दान कर सकता है
d. कुछ नहीं कर सकता
140. यदि आय अपर्याप्त हो तो सम्पत्ति के उपयोग के लिए किसकी अनुमति आवश्यक है?
a. राज्य सरकार
b. प्रधान सिविल न्यायालय
c. बैंक
d. पंचायत