
भारतीय न्यास अधिनियम, 1882
THE INDIAN TRUSTS ACT, 1882
1. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 11 किस विषय से संबंधित है?
a. न्यासी की नियुक्ति
b. न्यासी का न्यास को निष्पादित करना
c. न्यास का विषय
d. न्यास का पंजीकरण
2. धारा 11 के अनुसार न्यासी किसके पालन के लिए बाध्य होता है?
a. केवल न्यायालय के आदेश का
b. न्यासकर्ता द्वारा दिए गए निदेशों का
c. राज्य सरकार के आदेश का
d. केवल हिताधिकारी की इच्छा का
3. न्यासी को न्यासकर्ता के निर्देशों का पालन कब तक करना होता है?
a. जब तक न्यायालय मना न करे
b. जब तक हिताधिकारियों की सहमति से उन्हें बदला न जाए
c. जब तक राज्य सरकार अनुमति न दे
d. केवल तीन वर्ष तक
4. यदि सभी हिताधिकारी संविदा करने के लिए सक्षम हों, तो वे क्या कर सकते हैं?
a. न्यास समाप्त कर सकते हैं
b. न्यासकर्ता के निर्देशों को बदल सकते हैं
c. न्यायालय को समाप्त कर सकते हैं
d. न्यासी को हटा सकते हैं
5. यदि हिताधिकारी संविदा करने के लिए अक्षम हो, तो उसकी सहमति किसके द्वारा दी जा सकती है?
a. राज्य सरकार
b. जिला मजिस्ट्रेट
c. आरम्भिक अधिकारिता वाले प्रधान सिविल न्यायालय
d. पंचायत
6. क्या न्यासी को ऐसा निर्देश पालन करना आवश्यक है जो असाध्य हो?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल न्यायालय के आदेश से
d. केवल राज्य सरकार के आदेश से
7. क्या न्यासी को ऐसा निर्देश पालन करना होगा जो अवैध हो?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल न्यायालय की अनुमति से
d. केवल न्यासकर्ता की अनुमति से
8. यदि न्यासकर्ता ने ऋण चुकाने के लिए न्यास बनाया हो, तो सामान्यतः किन ऋणों का भुगतान किया जाएगा?
a. भविष्य के सभी ऋण
b. केवल वर्तमान वसूलीय ऋण
c. सभी संभावित ऋण
d. केवल सरकारी ऋण
9. यदि ऋण ब्याज रहित हो, तो न्यासी उसे किस प्रकार चुकाएगा?
a. ब्याज सहित
b. दोगुना करके
c. बिना ब्याज
d. न्यायालय के आदेश से
10. यदि न्यासी को भूमि केवल लोक नीलाम द्वारा बेचने का अधिकार दिया गया हो, तो वह क्या नहीं कर सकता?
a. भूमि किराये पर देना
b. भूमि दान करना
c. भूमि को निजी संविदा द्वारा बेचना
d. भूमि का विभाजन करना
11. यदि सभी हिताधिकारी संविदा करने के लिए सक्षम होकर सहमत हों, तो क्या न्यासी मूल निर्देश से अलग कार्य कर सकता है?
a. नहीं
b. हाँ
c. केवल न्यायालय की अनुमति से
d. केवल सरकार की अनुमति से
12. यदि न्यासकर्ता ने न्यासी को संपत्ति किसी व्यक्ति को विशेष राशि पर बेचने का निर्देश दिया हो, लेकिन सभी हिताधिकारी कम राशि पर बेचने के लिए सहमत हों, तो क्या होगा?
a. न्यासी को मूल निर्देश का ही पालन करना होगा
b. न्यासी कम राशि पर भी बेच सकता है
c. न्यायालय निर्णय करेगा
d. संपत्ति नहीं बेची जा सकती
13. यदि न्यासी को ऐसा ऋण देने का निर्देश दिया गया हो जो हिताधिकारियों को स्पष्ट रूप से हानिकारक हो, तो न्यासी क्या कर सकता है?
a. ऋण देना अनिवार्य होगा
b. ऋण देने से इन्कार कर सकता है
c. न्यायालय से अनुमति लेनी होगी
d. ऋण तुरंत देना होगा
14. धारा 11 के अनुसार न्यासी का मुख्य कर्तव्य क्या है?
a. संपत्ति का स्वामित्व लेना
b. न्यासकर्ता के निर्देशों के अनुसार न्यास का निष्पादन करना
c. न्यायालय के आदेश का पालन करना
d. संपत्ति का दान करना
15. धारा 11 का मूल सिद्धांत क्या है?
a. न्यासी स्वतंत्र रूप से कार्य कर सकता है
b. न्यासी को न्यासकर्ता के निर्देशों और न्यास के प्रयोजन के अनुसार कार्य करना होता है
c. केवल न्यायालय ही न्यास का संचालन कर सकता है
d. केवल हिताधिकारी निर्णय ले सकते हैं
16. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 12 किस विषय से संबंधित है?
a. न्यासी की नियुक्ति
b. न्यासी का न्यास-सम्पत्ति की स्थिति से स्वयं को परिचित रखना
c. न्यास का सृजन
d. हिताधिकारी
17. धारा 12 के अनुसार न्यासी का पहला कर्तव्य क्या है?
a. संपत्ति का दान करना
b. न्यास-सम्पत्ति की प्रकृति और परिस्थितियों से स्वयं को परिचित करना
c. संपत्ति को बेच देना
d. न्यायालय को रिपोर्ट देना
18. न्यासी को न्यास-सम्पत्ति की प्रकृति और परिस्थितियों से कब तक परिचित होना चाहिए?
a. एक वर्ष के भीतर
b. यथासंभव शीघ्र
c. न्यायालय के आदेश के बाद
d. केवल विवाद होने पर
19. धारा 12 के अनुसार जहां आवश्यक हो, न्यासी को क्या करना चाहिए?
a. संपत्ति दान कर देनी चाहिए
b. न्यास-सम्पत्ति का अन्तरण स्वयं के नाम अभिप्राप्त करना चाहिए
c. संपत्ति बेच देनी चाहिए
d. संपत्ति को छोड़ देना चाहिए
20. न्यासी को अपर्याप्त या जोखिमपूर्ण प्रतिभूतियों में निवेशित न्यास-धन के संबंध में क्या करना चाहिए?
a. उसे वहीं रहने देना चाहिए
b. उसे वापस ले लेना चाहिए
c. उसे दोगुना निवेश करना चाहिए
d. न्यायालय को दे देना चाहिए
21. धारा 12 के अनुसार न्यासी के कर्तव्य किसके अधीन रहते हैं?
a. राज्य सरकार के आदेश के
b. न्यायालय के आदेश के
c. न्यास की लिखत के उपबंधों के
d. पंचायत के आदेश के
22. यदि न्यास-सम्पत्ति वैयक्तिक प्रतिभूति पर देय ऋण हो और न्यास-लिखत में उसे रहने देने की शक्ति न हो, तो न्यासी का कर्तव्य क्या होगा?
a. ऋण माफ कर देना
b. ऋण को अनावश्यक विलम्ब के बिना वसूल करना
c. ऋण बढ़ा देना
d. ऋण को अनिश्चित काल तक रहने देना
23. यदि न्यास-सम्पत्ति सहन्यासियों में से एक के पास धन के रूप में हो और कोई विवेकाधीन शक्ति न दी गई हो, तो दूसरे सहन्यासी का कर्तव्य क्या है?
a. उसे अनिश्चित काल तक धन रखने देना
b. उसे परिस्थिति से अधिक समय तक धन प्रतिधारित न करने देना
c. धन को राज्य को दे देना
d. धन को नष्ट कर देना
24. यदि न्यासी जोखिमपूर्ण निवेश को वापस नहीं लेता और नुकसान हो जाता है, तो इसका अर्थ क्या होगा?
a. न्यासी ने अपना कर्तव्य निभाया
b. न्यासी ने अपना कर्तव्य भंग किया
c. न्यायालय दोषी होगा
d. हिताधिकारी दोषी होगा
25. न्यासी द्वारा न्यास-सम्पत्ति की जानकारी प्राप्त करना क्यों आवश्यक है?
a. संपत्ति को दान देने के लिए
b. संपत्ति की सुरक्षा और उचित प्रबंधन के लिए
c. न्यायालय को संतुष्ट करने के लिए
d. राज्य सरकार को देने के लिए
26. धारा 12 के अनुसार न्यासी का दायित्व किस प्रकार का है?
a. वैकल्पिक
b. वैधानिक कर्तव्य
c. केवल नैतिक कर्तव्य
d. अस्थायी कर्तव्य
27. यदि न्यास-सम्पत्ति जोखिमपूर्ण प्रतिभूतियों में निवेशित हो, तो न्यासी को क्या करना चाहिए?
a. उसे बनाए रखना चाहिए
b. उसे बढ़ाना चाहिए
c. उसे वापस लेना चाहिए
d. उसे दान कर देना चाहिए
28. धारा 12 के अनुसार न्यासी को न्यास-सम्पत्ति की स्थिति से परिचित होने का उद्देश्य क्या है?
a. संपत्ति का विभाजन करना
b. संपत्ति की रक्षा और उचित प्रशासन करना
c. संपत्ति का विनाश करना
d. संपत्ति का पंजीकरण करना
29. धारा 13 के अनुसार न्यासी का मुख्य कर्तव्य क्या है?
a. केवल आय प्राप्त करना
b. न्यास-सम्पत्ति के हक का संरक्षण करना
c. सम्पत्ति को बेच देना
d. लाभार्थी को धन उधार देना
30. न्यासी को किस प्रकार के वादों में भाग लेना आवश्यक है?
a. केवल नए वाद शुरू करना
b. केवल प्रतिरक्षा करना
c. वाद चलाना और उनमें प्रतिरक्षा करना
d. किसी भी वाद में भाग न लेना
31. न्यासी को न्यास-सम्पत्ति के संरक्षण के लिए उपाय करते समय किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
a. केवल लाभार्थी की इच्छा
b. सम्पत्ति की प्रकृति और मूल्य
c. केवल न्यासी की इच्छा
d. केवल अदालत का आदेश
32. यदि न्यास-सम्पत्ति स्थावर सम्पत्ति हो और उसे एक अरजिस्ट्रीकृत लिखत द्वारा दिया गया हो, तो न्यासी का कर्तव्य क्या होगा?
a. लिखत को नष्ट करना
b. लिखत का रजिस्ट्रीकरण कराना
c. सम्पत्ति बेच देना
d. लाभार्थी को दे देना
33. धारा 13 के अनुसार न्यासी को कौन-सा कार्य करना चाहिए?
a. न्यास-सम्पत्ति के अधिकारों की रक्षा करना
b. सम्पत्ति को निजी उपयोग में लेना
c. लाभार्थी से कर वसूलना
d. सम्पत्ति को गिरवी रखना
34. न्यासी द्वारा उठाए जाने वाले उपाय कैसे होने चाहिए?
a. मनमाने
b. लाभार्थी के आदेश पर
c. युक्तियुक्त
d. अनिवार्य रूप से न्यायालय की अनुमति से
35. धारा 14 के अनुसार न्यासी को क्या करने की मनाही है?
a. न्यास-सम्पत्ति का संरक्षण करना
b. हिताधिकारी के प्रतिकूल हक खड़ा करना
c. न्यायालय में वाद दायर करना
d. लाभार्थी को सूचना देना
36. धारा 14 के अनुसार न्यासी किसके विरुद्ध हक स्थापित नहीं कर सकता?
a. न्यासकर्ता के विरुद्ध
b. न्यायालय के विरुद्ध
c. हिताधिकारी के विरुद्ध
d. सरकार के विरुद्ध
37. न्यासी न्यास-सम्पत्ति पर किसके लिए प्रतिकूल हक स्थापित नहीं कर सकता?
a. केवल अपने लिए
b. केवल किसी अन्य व्यक्ति के लिए
c. अपने या किसी अन्य के लिए
d. केवल न्यायालय के लिए
38. यदि कोई अन्य व्यक्ति हिताधिकारी के विरुद्ध हक स्थापित करना चाहता है, तो न्यासी का कर्तव्य क्या है?
a. उसकी सहायता करना
b. उसे प्रोत्साहित करना
c. उसकी सहायता न करना
d. उसे धन देना
39. न्यासी द्वारा हिताधिकारी के प्रतिकूल हक स्थापित करना किसके विरुद्ध माना जाता है?
a. न्यास के सिद्धांतों के विरुद्ध
b. न्यायालय के आदेश के विरुद्ध
c. सरकारी नियमों के विरुद्ध
d. समाज के नियमों के विरुद्ध
40. धारा 15 के अनुसार न्यासी को न्यास-सम्पत्ति के साथ कैसी सावधानी बरतनी चाहिए?
a. अत्यधिक जोखिम लेकर
b. जैसे एक मामूली प्रज्ञा वाला व्यक्ति अपनी सम्पत्ति के साथ बरतता है
c. बिना किसी सावधानी के
d. केवल लाभार्थी के निर्देश पर
41. यदि न्यासी सामान्य सावधानी बरतता है, तो वह किसके लिए उत्तरदायी नहीं होगा?
a. लाभार्थी के लाभ के लिए
b. न्यास-सम्पत्ति की हानि, नाश या क्षय के लिए
c. न्यायालय के आदेश के लिए
d. न्यासकर्ता के निर्देश के लिए
42. यदि न्यासी ने उचित सावधानी बरती है और फिर भी हानि हो जाती है, तो उसकी क्या जिम्मेदारी होगी?
a. उसे हमेशा हानि की भरपाई करनी होगी
b. उसे कोई जिम्मेदारी नहीं होगी
c. उसे आधी भरपाई करनी होगी
d. न्यायालय तय करेगा
43. यदि न्यासी विक्रय करते समय प्रतियोगिता कराने के लिए उचित तत्परता नहीं बरतता, तो क्या परिणाम होगा?
a. उसे कोई जिम्मेदारी नहीं होगी
b. वह लाभार्थी को हुई हानि की प्रतिपूर्ति करने के लिए उत्तरदायी होगा
c. उसे केवल चेतावनी मिलेगी
d. न्यायालय उसे मुक्त कर देगा
44. यदि न्यासी प्रीमियम का भुगतान करने में उपेक्षा करता है और बीमा पॉलिसी समाप्त हो जाती है, तो न्यासी की क्या जिम्मेदारी होगी?
a. उसे कोई जिम्मेदारी नहीं होगी
b. वह लाभार्थी को हुई हानि की प्रतिपूर्ति करने के लिए उत्तरदायी होगा
c. जिम्मेदारी बीमा कम्पनी की होगी
d. जिम्मेदारी न्यासकर्ता की होगी
45. यदि न्यासी अपने सहन्यासी को अकेले ही न्यास का कार्य करने देता है और वह सहन्यासी सम्पत्ति का दुरुपयोग कर देता है, तो जिम्मेदारी किसकी होगी?
a. केवल सहन्यासी की
b. लाभार्थी की
c. न्यासी की व्यक्तिगत जिम्मेदारी होगी
d. न्यायालय की
46. यदि न्यासी सद्भावपूर्वक और युक्तियुक्त विश्वास के साथ कार्य करता है और फिर भी हानि हो जाती है, तो क्या होगा?
a. न्यासी को हानि की प्रतिपूर्ति करनी होगी
b. न्यासी हानि की प्रतिपूर्ति करने के लिए आबद्ध नहीं होगा
c. लाभार्थी को दंड मिलेगा
d. न्यास समाप्त हो जाएगा
47. यदि न्यासी ने वही सावधानी बरती जो एक साधारण बुद्धि वाला व्यक्ति अपनी सम्पत्ति के साथ बरतता है, तो वह किसके लिए उत्तरदायी नहीं होगा?
a. लाभार्थी के लाभ के लिए
b. न्यास-सम्पत्ति की हानि या क्षय के लिए
c. न्यायालय के आदेश के लिए
d. न्यासकर्ता के निर्देश के लिए
48. यदि न्यासी समुचित सावधानी नहीं बरतता और इससे लाभार्थी को हानि होती है, तो क्या होगा?
a. न्यासी को कोई जिम्मेदारी नहीं होगी
b. न्यासी हानि की प्रतिपूर्ति करने के लिए उत्तरदायी होगा
c. लाभार्थी उत्तरदायी होगा
d. न्यायालय उत्तरदायी होगा
49. यदि न्यासी न्यास-सम्पत्ति के विक्रय में उचित तत्परता नहीं दिखाता और इससे हानि होती है, तो क्या परिणाम होगा?
a. न्यासी को कोई दायित्व नहीं होगा
b. न्यासी लाभार्थी को हुई हानि की प्रतिपूर्ति करेगा
c. केवल चेतावनी दी जाएगी
d. न्यास समाप्त हो जाएगा
50. यदि न्यासी अपने कर्तव्य में लापरवाही करता है और इससे न्यास-सम्पत्ति का नुकसान होता है, तो वह किसके लिए जिम्मेदार होगा?
a. लाभार्थी के लाभ के लिए
b. न्यास-सम्पत्ति के नुकसान के लिए
c. न्यायालय के आदेश के लिए
d. सरकार के लिए
51. यदि न्यासी के पास बीमा पॉलिसी के प्रीमियम देने के लिए धन होते हुए भी वह प्रीमियम नहीं देता, तो परिणाम क्या होगा?
a. कोई परिणाम नहीं होगा
b. बीमा कंपनी जिम्मेदार होगी
c. न्यासी लाभार्थी को हुई हानि की प्रतिपूर्ति करने के लिए उत्तरदायी होगा
d. न्यास समाप्त हो जाएगा
52. यदि न्यासी अपने सहन्यासी को अकेले न्यास का कार्य करने देता है और वह दुरुपयोग कर देता है, तो कौन जिम्मेदार होगा?
a. केवल सहन्यासी
b. लाभार्थी
c. न्यासी व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी होगा
d. न्यायालय
53. धारा 15 के अनुसार न्यासी की जिम्मेदारी किस सिद्धांत पर आधारित है?
a. पूर्ण स्वतंत्रता
b. साधारण बुद्धि और सावधानी
c. कठोर दायित्व
d. सरकारी नियंत्रण
54. यदि न्यासी सद्भावना और युक्तियुक्त विश्वास के साथ कार्य करता है, तो सामान्यतः क्या होगा?
a. वह हमेशा जिम्मेदार रहेगा
b. वह हानि की प्रतिपूर्ति के लिए उत्तरदायी नहीं होगा
c. लाभार्थी उत्तरदायी होगा
d. न्यायालय उत्तरदायी होगा
55. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 16 किससे संबंधित है?
a. न्यासी की नियुक्ति
b. विनश्वर सम्पत्ति का संपरिवर्तन
c. न्यासी का पारिश्रमिक
d. न्यास का समाप्त होना
56. धारा 16 के अनुसार जब न्यास कई व्यक्तियों के लाभ के लिए बनाया गया हो और सम्पत्ति क्षयशील हो, तो न्यासी का कर्तव्य क्या है?
a. सम्पत्ति को यथास्थिति रखना
b. सम्पत्ति को दान कर देना
c. सम्पत्ति को स्थायी और लाभदायक सम्पत्ति में परिवर्तित करना
d. सम्पत्ति को सरकार को सौंप देना
57. धारा 16 के अनुसार न्यासी को सम्पत्ति का संपरिवर्तन कब नहीं करना चाहिए?
a. जब सम्पत्ति कम मूल्य की हो
b. जब न्यास की लिखत से विपरीत आशय स्पष्ट हो
c. जब लाभार्थी नाबालिग हो
d. जब सम्पत्ति अचल हो
58. यदि वसीयत में यह स्पष्ट न हो कि पट्टाधृत गृहों का उपयोग उसी रूप में किया जाए, तो न्यासी को क्या करना चाहिए?
a. गृहों को किराये पर देना
b. गृहों को बेचकर धन का निवेश करना
c. गृहों को लाभार्थियों में बाँट देना
d. गृहों को दान कर देना
59. यदि वसीयत से यह स्पष्ट हो कि सम्पत्ति का उपयोग उसी रूप में किया जाना चाहिए, तो न्यासी को क्या करना चाहिए?
a. सम्पत्ति को तुरंत बेच देना
b. सम्पत्ति को उसी रूप में बनाए रखना
c. सम्पत्ति सरकार को दे देना
d. सम्पत्ति का विभाजन कर देना
60. “विनश्वर सम्पत्ति” का अर्थ क्या है?
a. जो कभी नष्ट न हो
b. जो समय के साथ क्षय हो सकती है
c. जो केवल चल सम्पत्ति हो
d. जो केवल अचल सम्पत्ति हो
61. धारा 16 के अनुसार संपरिवर्तन के बाद धन का निवेश किस धारा के अनुसार किया जाता है?
a. धारा 10
b. धारा 15
c. धारा 20
d. धारा 25
62. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 17 किस सिद्धांत से संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. न्यासी का निष्पक्ष रहना
c. न्यासी का त्यागपत्र
d. न्यास का पंजीकरण
63. जब एक से अधिक हिताधिकारी हों, तब न्यासी का कर्तव्य क्या होता है?
a. केवल एक हिताधिकारी के हित की रक्षा करना
b. सभी हिताधिकारियों के प्रति निष्पक्ष रहना
c. सबसे बड़े हिताधिकारी को प्राथमिकता देना
d. सरकार के निर्देशों का पालन करना
64. धारा 17 के अनुसार न्यासी क्या नहीं कर सकता?
a. निष्पक्ष रहना
b. न्यास का निष्पादन करना
c. एक हिताधिकारी को नुकसान पहुंचाकर दूसरे को लाभ देना
d. न्यायालय की सहायता लेना
65. यदि न्यासी को विवेकाधीन शक्ति प्राप्त हो, तो न्यायालय कब हस्तक्षेप करेगा?
a. हमेशा
b. कभी नहीं
c. केवल तब जब विवेक का प्रयोग सद्भाव और युक्तियुक्त ढंग से न किया गया हो
d. जब हिताधिकारी शिकायत करे
66. यदि न्यासी अपनी विवेकाधीन शक्ति का प्रयोग सद्भावपूर्वक करता है, तो न्यायालय क्या करेगा?
a. हस्तक्षेप करेगा
b. निर्णय रद्द करेगा
c. हस्तक्षेप नहीं करेगा
d. न्यासी को दंड देगा
67. यदि न्यासी द्वारा चुने गए निवेश के तरीके से लाभार्थियों के अधिकारों में परिवर्तन हो जाए, तो क्या न्यायालय हस्तक्षेप करेगा?
a. हाँ, हमेशा
b. नहीं, यदि चुनाव सद्भावपूर्वक किया गया हो
c. केवल लाभार्थी की अनुमति से
d. केवल सरकार के आदेश से
68. “निष्पक्षता” का अर्थ धारा 17 के संदर्भ में क्या है?
a. सभी हिताधिकारियों के साथ समान और न्यायसंगत व्यवहार करना
b. केवल एक हिताधिकारी को लाभ देना
c. न्यास को समाप्त करना
d. न्यायालय को निर्णय लेने देना
69. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 18 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. न्यासी द्वारा दुर्व्यय का निवारण
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यासी का त्यागपत्र
70. धारा 18 कब लागू होती है?
a. जब केवल एक हिताधिकारी हो
b. जब न्यास कई व्यक्तियों के लाभ के लिए बनाया गया हो
c. जब न्यास सरकार के लिए बनाया गया हो
d. जब न्यासी बदल दिया गया हो
71. यदि न्यास-सम्पत्ति किसी एक हिताधिकारी के कब्जे में हो और वह सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाने वाला कार्य करे, तो न्यासी का कर्तव्य क्या है?
a. कुछ न करना
b. उस कार्य को रोकने के लिए उपाय करना
c. सम्पत्ति को उसी को दे देना
d. न्यायालय को सम्पत्ति सौंप देना
72. धारा 18 के अनुसार न्यासी को कब हस्तक्षेप करना चाहिए?
a. जब हिताधिकारी सम्पत्ति का सही उपयोग करे
b. जब हिताधिकारी सम्पत्ति को नुकसान पहुँचाने वाला कार्य करे या करने की धमकी दे
c. जब न्यासी चाहे
d. जब सरकार आदेश दे
73. “दुर्व्यय (Waste)” का अर्थ क्या है?
a. सम्पत्ति का संरक्षण
b. सम्पत्ति का उपयोग
c. सम्पत्ति का नाश या स्थायी क्षति
d. सम्पत्ति का दान
74. यदि कोई हिताधिकारी सम्पत्ति को नष्ट करने की धमकी देता है, तो न्यासी क्या करेगा?
a. धमकी को नजरअंदाज करेगा
b. सम्पत्ति बेच देगा
c. उस कार्य को रोकने के लिए उपाय करेगा
d. हिताधिकारी को सम्पत्ति दे देगा
75. धारा 18 के अनुसार न्यासी का दायित्व किसके प्रति होता है?
a. केवल एक हिताधिकारी के प्रति
b. सभी हिताधिकारियों के प्रति
c. केवल सरकार के प्रति
d. केवल न्यायालय के प्रति
76. यदि न्यासी दुर्व्यय को रोकने के लिए कदम नहीं उठाता, तो इसका परिणाम क्या हो सकता है?
a. कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा
b. न्यासी अपने कर्तव्य का उल्लंघन करेगा
c. न्यास समाप्त हो जाएगा
d. लाभार्थी बदल जाएंगे
77. धारा 18 के अनुसार न्यासी किस प्रकार की क्षति को रोकने के लिए बाध्य है?
a. केवल अस्थायी क्षति
b. केवल आर्थिक क्षति
c. नाशकारी या स्थायी क्षति
d. केवल कानूनी क्षति
78. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 19 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का निष्पक्ष रहना
b. लेखा और जानकारी
c. न्यासी का पारिश्रमिक
d. न्यास का समाप्त होना
79. धारा 19 के अनुसार न्यासी का पहला कर्तव्य क्या है?
a. सम्पत्ति बेचना
b. न्यास-सम्पत्ति का स्पष्ट और सही लेखा रखना
c. लाभार्थियों को बदलना
d. न्यास समाप्त करना
80. धारा 19 के अनुसार न्यासी को हिताधिकारी को किस बारे में जानकारी देनी होती है?
a. केवल न्यासी की आय के बारे में
b. न्यास-सम्पत्ति के परिमाण और स्थिति के बारे में
c. केवल सरकार के आदेशों के बारे में
d. केवल न्यायालय के निर्णयों के बारे में
81. न्यासी को हिताधिकारी को जानकारी कब देनी चाहिए?
a. केवल वर्ष में एक बार
b. जब न्यायालय आदेश दे
c. हिताधिकारी की प्रार्थना पर युक्तियुक्त समय पर
d. केवल न्यासी की इच्छा पर
82. धारा 19 के अनुसार न्यासी को किस प्रकार का लेखा रखना चाहिए?
a. अस्पष्ट लेखा
b. अनुमानित लेखा
c. स्पष्ट और सही लेखा
d. मौखिक लेखा
83. “हिताधिकारी” धारा 19 में किसे कहा जाता है?
a. वह व्यक्ति जिसे न्यास से लाभ मिलता है
b. न्यासी
c. न्यायाधीश
d. सरकारी अधिकारी
84. यदि हिताधिकारी जानकारी मांगता है तो न्यासी क्या करेगा?
a. जानकारी देने से इंकार करेगा
b. आंशिक जानकारी देगा
c. पूर्ण और सही जानकारी देगा
d. केवल मौखिक उत्तर देगा
85. यदि न्यासी सही लेखा नहीं रखता, तो इसका क्या अर्थ है?
a. उसने अपना कर्तव्य पूरा किया
b. उसने अपने कर्तव्य का उल्लंघन किया
c. न्यास समाप्त हो जाएगा
d. लाभार्थी बदल जाएंगे
86. धारा 19 के अनुसार जानकारी किस समय दी जानी चाहिए?
a. किसी भी समय
b. केवल न्यायालय में
c. सभी युक्तियुक्त समयों पर
d. केवल वर्ष के अंत में
87. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 20 किस विषय से संबंधित है?
a. न्यासी का निष्पक्ष रहना
b. न्यास-धन का विनियोजन
c. न्यास का समाप्त होना
d. न्यासी की नियुक्ति
88. यदि न्यास-धन का उपयोग तुरंत या निकट भविष्य में नहीं किया जा सकता, तो न्यासी को क्या करना चाहिए?
a. धन को अपने पास रखना
b. धन को लाभार्थियों में बाँटना
c. धन का अधिकृत प्रतिभूतियों में निवेश करना
d. धन को दान कर देना
89. धारा 20 के अनुसार न्यासी को निवेश करते समय किसका पालन करना चाहिए?
a. केवल अपनी इच्छा का
b. न्यास की लिखत में दिए गए निर्देशों का
c. केवल लाभार्थियों की इच्छा का
d. केवल न्यायालय के आदेश का
90. यदि न्यास की लिखत में निवेश के बारे में निर्देश न हों, तो निवेश किसके द्वारा निर्दिष्ट प्रतिभूतियों में किया जाएगा?
a. राज्य सरकार
b. केन्द्रीय सरकार द्वारा राजपत्र में अधिसूचित प्रतिभूतियों में
c. लाभार्थियों द्वारा
d. न्यायालय द्वारा
91. धारा 20 के अनुसार “प्रतिभूति (Security)” शब्द का अर्थ किस अधिनियम के अनुसार लिया जाता है?
a. भारतीय दंड संहिता
b. कंपनियाँ अधिनियम
c. प्रतिभूति संविदा (विनियमन) अधिनियम, 1956
d. आयकर अधिनियम
92. यदि कोई व्यक्ति न्यास-संपत्ति की आय को अपने जीवनपर्यन्त प्राप्त करने का हकदार है, तो निवेश कब किया जा सकता है?
a. बिना उसकी अनुमति के
b. केवल न्यायालय की अनुमति से
c. उसकी लिखित सहमति से
d. सरकार की अनुमति से
93. यदि न्यासी धारा 20 के अनुसार निवेश नहीं करता, तो इसका क्या अर्थ होगा?
a. उसने सही कार्य किया
b. उसने अपने कर्तव्य का उल्लंघन किया
c. न्यास स्वतः समाप्त हो जाएगा
d. लाभार्थियों का अधिकार समाप्त हो जाएगा
94. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 20(क) किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. मोचनीय स्टाक को प्रीमियम पर खरीदने की शक्ति
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यासी का निष्पक्ष रहना
95. धारा 20(क) के अनुसार न्यासी किस प्रकार की प्रतिभूतियों में निवेश कर सकता है?
a. केवल अचल सम्पत्ति में
b. केवल बैंक जमा में
c. धारा 20 में वर्णित या निर्दिष्ट प्रतिभूतियों में
d. केवल सरकारी भूमि में
96. धारा 20(क) के अनुसार न्यासी मोचनीय स्टाक को कब खरीद सकता है?
a. केवल मोचन मूल्य से कम कीमत पर
b. केवल मोचन मूल्य के बराबर कीमत पर
c. मोचन मूल्य से अधिक कीमत (प्रीमियम) पर भी
d. केवल सरकार की अनुमति से
97. “मोचनीय स्टाक (Redeemable Stock)” का अर्थ क्या है?
a. ऐसा स्टाक जिसे कभी वापस नहीं लिया जा सकता
b. ऐसा स्टाक जिसे निश्चित समय पर वापस लिया या चुकाया जा सकता है
c. ऐसा स्टाक जो केवल सरकार के पास हो
d. ऐसा स्टाक जो केवल कंपनियों में हो
98. धारा 20(क) (2) के अनुसार न्यासी खरीदे गए मोचनीय स्टाक को कब तक रख सकता है?
a. एक वर्ष तक
b. पाँच वर्ष तक
c. मोचन (Redemption) तक
d. न्यायालय के आदेश तक
99. धारा 20(क) किस धारा से संबंधित निवेशों के संदर्भ में लागू होती है?
a. धारा 15
b. धारा 17
c. धारा 20
d. धारा 25
100. यदि न्यासी मोचनीय स्टाक को प्रीमियम पर खरीदता है, तो क्या यह अवैध माना जाएगा?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल न्यायालय की अनुमति से वैध होगा
d. केवल लाभार्थी की अनुमति से वैध होगा
101. धारा 20(क) के अनुसार खरीदे गए स्टाक को न्यासी क्या कर सकता है?
a. तुरंत बेच सकता है
b. मोचन तक प्रतिधारित कर सकता है
c. सरकार को दे सकता है
d. लाभार्थियों में बाँट सकता है
102. धारा 20(क) किस वर्ष के अधिनियम द्वारा जोड़ी गई थी?
a. 1882
b. 1908
c. 1916
d. 1956
103. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 21 किस विषय से संबंधित है?
a. न्यासी का निष्पक्ष रहना
b. न्यास-धन का विनियोजन
c. सरकार के पास 1871 के अधिनियम 26 के अधीन गिरवी रखी गई भूमि का बन्धक एवं सरकारी बचत बैंक में निक्षेप
d. न्यासी का पारिश्रमिक
104. धारा 21 के अनुसार धारा 20 की व्यवस्था किन निवेशों पर लागू नहीं होगी?
a. अधिनियम लागू होने के बाद किए गए निवेशों पर
b. अधिनियम लागू होने से पहले किए गए निवेशों पर
c. केवल सरकारी निवेशों पर
d. केवल निजी निवेशों पर
105. धारा 21 के अनुसार किस अधिनियम के अधीन गिरवी रखी गई भूमि पर बन्धक का उल्लेख किया गया है?
a. कंपनियाँ अधिनियम
b. लैण्ड इम्प्रूवमेंट एक्ट, 1871
c. भारतीय दंड संहिता
d. आयकर अधिनियम
106. धारा 21 के अनुसार न्यास-धन यदि 3000 रुपये से अधिक न हो, तो उसे कहाँ जमा किया जा सकता है?
a. निजी बैंक में
b. डाकघर में
c. सरकारी बचत बैंक में
d. सहकारी बैंक में
107. धारा 21 के अनुसार यदि न्यास-धन तीन हजार रुपये से कम हो, तो उसे किसमें जमा किया जा सकता है?
a. शेयर बाजार में
b. सरकारी बचत बैंक में
c. निजी कंपनी में
d. भूमि खरीद में
108. धारा 21 में उल्लिखित “स्थावर सम्पत्ति” का अर्थ क्या है?
a. चल सम्पत्ति
b. भूमि या उससे संबंधित सम्पत्ति
c. केवल नकद धन
d. केवल प्रतिभूतियाँ
109. धारा 21 के अनुसार यदि कोई निवेश अधिनियम के प्रवृत्त होने से पहले किया गया हो, तो क्या धारा 20 उस पर लागू होगी?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल न्यायालय की अनुमति से
d. केवल सरकार की अनुमति से
110. लैण्ड इम्प्रूवमेंट एक्ट, 1871 के स्थान पर अब किस अधिनियम को देखा जाता है?
a. भूमि विकास उधार अधिनियम, 1883
b. कंपनियाँ अधिनियम, 2013
c. भारतीय दंड संहिता
d. संपत्ति अंतरण अधिनियम
111. धारा 21 का संबंध मुख्य रूप से किससे है?
a. न्यासी की नियुक्ति
b. न्यास-धन के विशेष प्रकार के निवेश से
c. न्यास के पंजीकरण से
d. न्यासी के वेतन से
112. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 22 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. न्यासी द्वारा विनिर्दिष्ट समय के भीतर संपत्ति का विक्रय
c. न्यासी का निष्पक्ष रहना
d. न्यास का समाप्त होना
113. यदि न्यासी को संपत्ति एक निश्चित समय के भीतर बेचने का निर्देश दिया गया हो और वह समय बढ़ा दे, तो क्या होगा?
a. विक्रय स्वतः अवैध हो जाएगा
b. न्यासी पर यह साबित करने का भार होगा कि हिताधिकारी को नुकसान नहीं हुआ
c. न्यायालय स्वतः हस्तक्षेप करेगा
d. न्यास समाप्त हो जाएगा
114. धारा 22 के अनुसार प्रमाण का भार (Burden of Proof) किस पर होता है?
a. हिताधिकारी पर
b. न्यायालय पर
c. न्यासी पर
d. सरकार पर
115. यदि समय का विस्तार प्रधान सिविल न्यायालय द्वारा प्राधिकृत किया गया हो, तो क्या होगा?
a. प्रमाण का भार हिताधिकारी पर होगा
b. प्रमाण का भार न्यासी पर नहीं होगा
c. न्यास समाप्त हो जाएगा
d. विक्रय अवैध हो जाएगा
116. यदि हिताधिकारी यह दावा करे कि समय बढ़ाने से उसे नुकसान हुआ है, तो क्या होगा?
a. मामला समाप्त हो जाएगा
b. न्यासी को यह साबित करना होगा कि नुकसान नहीं हुआ
c. न्यायालय स्वतः निर्णय देगा
d. न्यास समाप्त हो जाएगा
117. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 23 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. न्यास-भंग के लिए दायित्व
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यासी की नियुक्ति
118. यदि न्यासी न्यास-भंग करता है, तो उसका मुख्य दायित्व क्या है?
a. केवल चेतावनी देना
b. न्यास-सम्पत्ति या हिताधिकारी को हुई हानि की प्रतिपूर्ति करना
c. न्यास समाप्त करना
d. न्यायालय को सूचित करना
119. निम्न में से किस स्थिति में न्यासी न्यास-भंग के लिए उत्तरदायी नहीं होगा?
a. जब हिताधिकारी ने कपट द्वारा न्यासी को प्रेरित किया हो
b. जब न्यासी ने जानबूझकर नुकसान किया हो
c. जब न्यासी ने संपत्ति बेच दी हो
d. जब न्यासी ने निवेश किया हो
120. यदि हिताधिकारी पूर्ण जानकारी और बिना दबाव के न्यास-भंग के लिए सहमत हो जाए, तो क्या होगा?
a. न्यासी उत्तरदायी रहेगा
b. न्यासी उत्तरदायी नहीं रहेगा
c. न्यायालय स्वतः हस्तक्षेप करेगा
d. न्यास समाप्त हो जाएगा
121. न्यासी पर ब्याज देने का दायित्व कब होता है?
a. जब उसने वास्तव में ब्याज प्राप्त किया हो
b. जब भुगतान में अनुचित विलम्ब हुआ हो
c. जब उसे ब्याज प्राप्त करना चाहिए था लेकिन नहीं किया
d. उपरोक्त सभी
122. सामान्यतः ब्याज किस दर से देय होता है?
a. 4%
b. 5%
c. 6% प्रति वर्ष साधारण ब्याज
d. 10%
123. यदि न्यासी न्यास-धन को निवेश करने में असफल रहता है, तो उसे किस प्रकार का ब्याज देना पड़ सकता है?
a. साधारण ब्याज
b. चक्रवृद्धि ब्याज
c. कोई ब्याज नहीं
d. दोगुना ब्याज
124. यदि न्यासी न्यास-धन को व्यापार में लगा देता है, तो हिताधिकारी के विकल्प क्या हो सकते हैं?
a. चक्रवृद्धि ब्याज लेना
b. व्यापार से हुए शुद्ध लाभ लेना
c. दोनों में से कोई एक
d. उपरोक्त सभी
125. यदि न्यासी संपत्ति को अनुचित रूप से परादेय रहने देता है और वह नष्ट हो जाती है, तो उसका दायित्व क्या होगा?
a. कोई दायित्व नहीं
b. केवल ब्याज देना
c. संपत्ति की प्रतिपूर्ति करना
d. केवल माफी मांगना
126. यदि न्यासी संपत्ति बेचने में अनुचित विलम्ब करता है और उससे मूल्य घट जाता है, तो वह किसके प्रति उत्तरदायी होगा?
a. सरकार के प्रति
b. हिताधिकारी के प्रति
c. न्यायालय के प्रति
d. बैंक के प्रति
127. यदि न्यासी न्यास-धन को अपने पास ही रखता है और निवेश नहीं करता, तो क्या परिणाम होगा?
a. कोई परिणाम नहीं
b. न्यासी मूलधन और ब्याज के लिए उत्तरदायी होगा
c. न्यास समाप्त हो जाएगा
d. न्यायालय स्वतः निवेश करेगा
128. यदि न्यासी न्यास-सम्पत्ति को व्यापार में लगाता है, तो हिताधिकारी क्या मांग सकता है?
a. केवल मूलधन
b. व्यापार का शुद्ध लाभ
c. कोई अधिकार नहीं
d. केवल ब्याज
129. यदि न्यासी न्यास-सम्पत्ति को बिना अधिकार बेच देता है, तो क्या करना होगा?
a. कुछ नहीं
b. समान प्रतिभूति देना या विक्रय की रकम का ब्याज सहित लेखा देना
c. न्यास समाप्त करना
d. संपत्ति सरकार को देना
130. यदि न्यासी न्यास-भूमि को ऐसे व्यक्ति को बेच दे जिसे न्यास की जानकारी न हो, तो न्यासी का दायित्व क्या होगा?
a. समान मूल्य की भूमि खरीदना
b. विक्रय की राशि ब्याज सहित देना
c. हिताधिकारी के विकल्प अनुसार दोनों में से कोई
d. कोई दायित्व नहीं
131. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 24 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. न्यास-भंग के लिए दायित्व
c. न्यासी को मुजरा (Set-off) की अनुमति नहीं
d. न्यास का पंजीकरण
132. धारा 24 के अनुसार यदि न्यासी एक न्यास-भंग से हानि करता है, तो वह क्या नहीं कर सकता?
a. संपत्ति बेच सकता है
b. उस हानि को दूसरे लाभ से समायोजित (Set-off) नहीं कर सकता
c. न्यायालय में वाद दायर कर सकता है
d. न्यास समाप्त कर सकता है
133. “मुजरा (Set-off)” का अर्थ क्या है?
a. संपत्ति का हस्तांतरण
b. एक हानि को किसी अन्य लाभ से समायोजित करना
c. न्यास समाप्त करना
d. न्यायालय का आदेश
134. यदि न्यासी ने न्यास-सम्पत्ति के एक भाग में हानि की है और दूसरे भाग में लाभ हुआ है, तो क्या वह लाभ को हानि के विरुद्ध समायोजित कर सकता है?
a. हाँ
b. नहीं
c. केवल न्यायालय की अनुमति से
d. केवल हिताधिकारी की अनुमति से
135. धारा 24 किस स्थिति में लागू होती है?
a. जब न्यासी ने कोई गलती नहीं की हो
b. जब न्यासी ने न्यास-भंग किया हो
c. जब न्यास समाप्त हो गया हो
d. जब न्यायालय आदेश दे
136. यदि न्यासी ने एक न्यास-भंग से हानि की और दूसरे न्यास-भंग से लाभ प्राप्त किया, तो कानून क्या कहता है?
a. लाभ से हानि की भरपाई कर सकता है
b. लाभ को सरकार को देना होगा
c. लाभ को हानि के विरुद्ध समायोजित नहीं कर सकता
d. लाभ को हिताधिकारी में बाँटना होगा
137. धारा 24 के अनुसार न्यासी की जिम्मेदारी किसके प्रति होती है?
a. केवल सरकार के प्रति
b. न्यायालय के प्रति
c. न्यास-सम्पत्ति और हिताधिकारी के प्रति
d. बैंक के प्रति
138. धारा 24 किस सिद्धांत को स्थापित करती है?
a. न्यासी को पूर्ण स्वतंत्रता
b. न्यासी को हानि की पूरी भरपाई करनी होगी
c. न्यासी को दंड मिलेगा
d. न्यास समाप्त हो जाएगा
139. भारतीय न्यास अधिनियम, 1882 की धारा 25 किससे संबंधित है?
a. न्यासी का पारिश्रमिक
b. पूर्ववर्ती न्यासी के व्यतिक्रम के लिए अदायित्व
c. न्यास का पंजीकरण
d. न्यास का समाप्त होना
140. धारा 25 के अनुसार यदि एक न्यासी दूसरे न्यासी का उत्तराधिकारी बनता है, तो वह किसके लिए उत्तरदायी नहीं होता?
a. अपने कार्यों के लिए
b. अपने निवेश के लिए
c. पूर्ववर्ती न्यासी के कार्यों और व्यतिक्रमों के लिए
d. न्यायालय के आदेश के लिए