प्रशासनिक विधि (Administrative Law) MCQs (हिंदी माध्यम)

प्रशासनिक विधि (Administrative Law) MCQs (हिंदी माध्यम)

प्रशासनिक विधि

ADMINISTRATIVE LAW

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1. किसने प्रशासनिक विधि को इस रूप में परिभाषित किया है कि "यह प्रशासन से सम्बंधित विधि है। यह प्रशासनिक प्राधिकरणों के संगठन, शक्तियों और कर्त्तव्यों को निर्धारित करता है"?

a. सर आइवर जेनिंग्स

b. .वी. डाइसी

c. केनेथ कल्प डेविस

d. ग्रिफिथ और स्ट्रीट

 

2. "प्रशासनिक विधि प्रशासनिक संस्थाओं की शक्तियों तथा प्रक्रियाओं खासतौर पर प्रशासनिक कार्यों के न्यायिक निरीक्षण सम्बन्धी विधि है।" यह "प्रशासनिक विधि" की परिभाषा निम्नलिखित में से किसने दी है?

a. आईवर जेनिंग

b. गार्नर

c. के.सी. डेविस

d. वेड

 

3. अभिकथन (A): भारतीय संविधान आत्यंतिक कठोरत के साथ शक्ति के पृथक्करण के सिद्धान्त को मान्यत नहीं देता है।

कारण (R) : शक्ति का पृथक्करण सिद्धांत नियंत्रण और संतुलन की एक प्रणाली है।

कूटः

a. (A) तथा (R) दोनों सही हैं तथा (R), (A) सही स्पष्टीकरण है।

b. (A) तथा (R) दोनों सही हैं परन्तु (R), (A) सही स्पष्टीकरण नहीं है।

c. (A) सही है, किन्तु (R) गलत है।

d. (R) सही है, किन्तु (A) गलत है।

 

4. प्रशासनिक विधि का सम्बंध, संरचना पर नहीं अपितु कार्यों पर बल दते हुए, प्रशासनिक अधिकारियों की शक्तियों के संचालन तथा नियंत्रण से है।' यह परिभाषा दी है-

a. के. सी. डेविस ने

b. जेनिंग्स ने

c. . वी. डाइसी ने

d. वेड ने

 

5. निम्नलिखित में से कौन सा प्रशासनिक विधि का मूल स्रोत नहीं है?

a. रूढ़ि

b. प्रत्यायोजित विधायन

c. राज्यपाल द्वारा प्रख्यापित अध्यादेश

d. समितियों और आयोगों के प्रतिवेदन

 

6. ड्रायएडमिनिस्ट्रेटिव को कहा गया है?

a. विधि शासन का अनुपूरक

b. विधि शासन का अनुषंगिक

c. विधि शासन का विरोधी

d. इनमें से कोई नहीं

 

7. 'जस्टिस एण्ड मिनिस्ट्रेटिव लॉ' पुस्तक के रचयिता निम्न में से कौन थे?

a. प्रो. वेड

b. लार्ड हिवर्ट

c. प्रो. राब्सन

d. प्रो. जैन

 

8. प्रत्यायोजित विधान होता है?

a. कार्यपालिका विधान

b. विधायी विधान

c. न्यायिक विधान

d. अर्ध-न्यायिक विधान

 

9. प्रशासनिक विधि के स्रोत में कौन नहीं हैं

a. न्यायिक निर्णय

b. अध्यादेश

c. वाद रिपोर्टर

d. प्रत्यायोजित विधि

 

10. प्रभाव के आधार पर प्रत्यायोजन विधान को कितने प्रकार के होते हैं ?

a. एक

b. दो

c. तीन

d. चार

 

11. विषय-वस्तु के आधार पर प्रत्यायोजन विधान होता है-

a. एक

b. दो

c. तीन

d. चार

 

12. विषय-वस्तु के आधार पर प्रत्यायोजन विधान है

a. अधीनस्थ विधान

b. सशर्त प्रत्यायोजन विधान

c. व्याख्यात्मक विधान

d. उपरोक्त सभी

 

13. निम्नलिखित में से किस बाद में अमरीकी न्यायालय ने प्रत्यायोजित विधान को असंवैधानिक एवं अवैध बताया है

a. पोल्ट्री कारपोरेशन बनाम संयुक्त राज्य अमेरिका

b. पनामा रिफाइनरी कम्पनी बनाम रेन

c. कार्टर बनाम मैकार्टर कोल कम्पनी

d. उपरोक्त सभी

 

14. प्रत्यायोजन में संवैधानिक बाधा रही है-

a. इंग्लैंड में

b. भारत में

c. अमेरिका में

d. भारत एवं अमेरिका में

 

15. प्रत्यायोजित विधान को अमेरिकी उच्चतम न्यायालय द्वारा किस मामलें में मान्यता प्राप्त हुई ?

a. याकुस बनाम संयुक्त राष्ट्र संघ

b. शेयर पोल्ट्री मामला

c. आर. बनाम हैलिडे

d. उपरोक्त सभी

 

16. प्रत्यायोजित विधायन एवं सशर्त विधायन में अन्तर बताने वाला वाद है-

a. इन्दर सिंह बनाम राजस्थान राज्य

b. इन री देहली लॉज एक्ट

c. यतीन्द्र नाथ गुप्ता बनाम नरोत्तम दास

d. हमदर्द दवाखाना बनाम यूनियन ऑफ इण्डिया

 

17. उच्चतम न्यायालय ने प्रत्यायोजित विधान के सम्बन्ध में निम्न सिद्धान्त प्रतिपादित किये

a. प्रत्यायोजित विधान की शक्ति पर कोई प्रतिबन्ध नहीं

b. प्रत्यायोजन की शक्ति विधायी शक्ति से नहीं जुड़ी है

c. प्रत्यायोजित विधान की शक्ति पर यह प्रतिबंध है कि आवश्यक विधायी शक्ति को प्रत्यायोजित नहीं किया जा सकता

d. इनमें से कोई नही

 

18. प्रत्यायोजित विधान का वर्गीकरण होता है-

a. सामान्य एवं असामान्य

b. सामान्य एवं हेनरी अष्ट्म खण्ड

c. सामान्य तथा न्यायिक पुनर्विलोकन का अपवर्जन करने वाला

d. सामान्य, असामान्य, हेनरी अष्टम खण्ड, न्यायिक पुनर्विलोकन का अपर्वजन करने वाला

 

19. सर्वप्रथम प्रत्यायोजन विधायन का प्रकाशन होना आवश्यक है यह किस वाद में कहा गया ?

a. हारला बनाम राजस्थान राज्य

b. इन री देहली लॉज एक्ट

c. द्वारिका प्रसाद बनाम उत्तर प्रदेश राज्य

d. हरिशंकर बागला बनाम मध्य प्रदेश राज्य

 

20. प्रत्यायोजित विधान का प्रकाशन की आज्ञापकता के संदर्भमें नियम यह है कि उसका प्रकाशन होना चाहिए-

a. किसी भी प्रकार से

b. औपचारिक रीति से सरकारी गजट में

c. सभी स्थानीय भाषाओं के समाचार पत्रों में

d. प्रमुख भाषाओं के समाचार पत्रों में

 

21. किन मामलें में विधायिका द्वारा कंकाल विधायन द्वारा प्रत्यायोजित विधायन को मान्य किया गया ?

a. हरिशंकर बागला बनाम .प्र. राज्य

b. भटनागर एण्ड कम्पनी बनाम भारत संघ

c. रमेश विर्च बनाम भारत संघ

d. सीताराम बनाम उत्तर प्रदेश राज्य

 

22. प्रत्यायोजित विधान का प्रकाशन की आज्ञापकता के संदर्भमें नियम यह है कि उसका प्रकाशन होना चाहिए

a. किसी भी प्रकार से

b. औपचारिक रीति से सरकारी गजट में

c. सभी स्थानीय भाषाओं के समाचार पत्रों में

d. प्रमुख भाषाओं के समाचार पत्रों में

 

23. प्रत्यायोजित विधायन से संबन्धित वाद भारत संघ बनाम नरेन्द्र कुमार किस सम्बन्ध में था?

a. प्रत्योजन का प्रकाशन सरकारी गजट में हो

b. प्रकाशन समुचित रीति से होना चाहिए

c. प्रकाशन किया जाना आवश्यक नहीं

d. उपरोक्त में कोई नहीं

 

24. भारत में प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्तों का विकास हुआ।

a. 26 जून 1950

b. 28 जून 1950

c. 30 जून 1950

d. 22 जून 1950

 

25. Audi alter partem के अन्तर्गत निम्न में कौन-सा अधिकार प्रतिलक्षित है।

a. साक्ष्यों एवं तर्कों को प्रस्तुत करने का अधिकार

b. मौखिक सुनवाई का अधिकार

c. दूसरे पक्ष को सुनवाई का अवसर देना

d. उपर्युक्त सभी

 

26. नैसर्गिक न्याय के नियमों में कठोर अनुपालन की अनिवार्यता है।

a. न्यायिक निर्णयों पर

b. अर्धन्यायिक निर्णयों पर

c. प्रशासकीय निर्णयों पर

d. अर्धन्यायिक निर्णयों एवं प्रशासकीय निर्णयों पर

 

27. "दूसरे पक्ष की भी सुनो" के नियम के अतिक्रमण का प्रशासनिक कृत्य पर क्या असर पड़ता है?

a. मात्र अनियमितता

b. अकृत तथा शून्य

c. अवैद्यता

d. शून्यकरणीय

 

28. निम्नलिखित में कौन प्राकृतिक/नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतो का अपवाद नहीं है?

a. अव्यावहारिकता

b. विधाई कार्रवाई

c. अधिदिष्ट विरुद्ध नियम

d. विधायी आवश्यकता

 

29. नीचे दिये गए कूटों का प्रयोग करते हुए सूची-1 को सूची-II से सुमेलित कीजिए :

             सूची-I                                        सूची-II

I. प्राकृतिक न्याय के

सिद्धान्तों के लिए

कोई कठोर सूत्र नहीं है।                 a. आर.एस. दास बनाम

                                                         भारत संघ

II. प्राकृतिक न्याय के

नियम के प्रयोग का

विकल्प                                         b. आर. बनाम ससेक्स

                                                         जस्टिसेज

III. केवल न्याय किया

जाए बल्कि स्पष्टतः तथा

निःसन्देह न्याय

किया जाना दिखना चाहिए।             c. भारत संघ बनाम

                                                            पी.के.राय

IV. पूर्वाग्रह का अर्थ                         d. सरकारी परिवहन

                                                            विभाग के सचिव

                                                            बनाम मुनु स्वामी

कूट :

     I    II   III IV

A. b   d   a   c

B. c   a   d   b

C. a   c   d   b

D. c   a   b   d

 

30. 'दूसरे पक्ष को भी सुनो" का नियम सुनवाई के युक्तियुक्त अवसर दिये जाने की अपेक्षा करता है यह सुनवाई होनी चाहिए:

a. केवल लिखित रूप में

b. केवल मौखिक रूप में

c. लिखित या मौखिक

d. लिखित तथा मौखिक दोनों

 

31. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये और नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर दीजिए-

                 सूची-I                                       सूची-II

a. व्यक्ति को न्यायालय

के समक्ष लाना                                (i) परमादेश याचिका

b. लोक कर्तव्य के कार्य

निष्पादन पर बल

देने के लिए याचिकाकर्ता

का विधिक अधिकार                       (ii) उत्प्रेषण याचिका

c. किस प्राधिकार से किसी

व्यक्ति ने लोक पद

धारण किया है।                               (iii) बंदी प्रत्यक्षीकरण

d. नैसर्गिक न्याय के

सिद्धान्त के उल्लंघन

में अधीनस्थ

न्यायालय की

कार्रवाई याचिक                             (iv) अधिकार पृच्छा याचिका

कूटः-

    a   b  c  d

a. i    ii  iii iv

b. iii  i  vi ii

c. iii  ii  i   iv

d. iii  iv ii  i

 

32. प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्त के क्या अपवाद है? कूटों की मदद से उत्तर दीजिये। कूट नीचे दिये गये हैं-

I. विधिक प्रावधानों द्वारा वर्जन

II. संवैधानिक प्रावधानों द्वारा वर्जन

III. विधायी कार्य द्वारा वर्जन

IV. लोकहित में वर्जन

कूट:-

a. सिर्फ सही है।

b. सिर्फ और ii सही है।

c. सिर्फ i, ii और iii सही है।

d. सिर्फ ii, iii और iv सही है।

 

33. सही उत्तर चुनिये-

नैसर्गिक न्याय के सिद्धान्त क्या है?

I. कोई भी व्यक्ति अपने खुद के वाद में न्यायाधीश नहीं हो सकता है।

II. कोई भी व्यक्ति बगैर सुनवाई के अपराधी (या दोषी) नहीं ठहराया जा सकता है।

कूट:-

a. केवल (I) सही है

b. केवल (II) सही है

c. (I) और (II) दोनों सही है

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं है

 

34. अभिकथन (A) और तर्क (R) को पढ़िये और नीचे दिये गए कूटों की सहायता से सही व्याख्या चिन्हित कीजिएः

अभिकथन (A) : नैसर्गिक न्याय के सिद्धान्त का एक सिद्धान्त है "कोई भी व्यक्ति अपने ही मामलें में न्यायाधीश नहीं होगा"

तर्क (R) : नैसर्गिक न्याय के सिद्धान्त में कार्य में निष्पक्षता अपेक्षित है।

कूटः

a. (A) और (R) सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।

b. (A) और (R) सही हैं लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या है।

c. (A) सही हैं, और (R) गलत है।

d. (A) गलत है, और (R) सही है।

 

35. निम्नलिखित में से किस वाद में, सर्वोच्च न्यायालय ने यह निर्धारित किया कि नैसर्गिक न्याय के सिद्धान्त प्रशासनिक कार्यवाहियों में अनुप्रयोज्य हैं?

a. एन.सी. मेहता बनाम भारत संघ

b. मेनका गांधी बनाम भारत संघ

c. .के. क्रेपक बनाम भारत संघ

d. श्रीमती इन्दिरा नेहरू गांधी बनाम राज नारायण

 

36. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिये और नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिये-

    सूची-I                                            सूची-II

A. .के. क्रेपक बनाम

भारत संघ                              (i) निर्णय के पश्चात सुनवाई

B. मानक लाल बनाम

डॉ. प्रेमचद                             (ii) वैयक्तिक पूर्वाग्रह

C. मेनका गांधी बनाम

भारत संघ                              (iii) धन-सम्बन्धी पूर्वाग्रह

D. ओल्गा टेलीस बनाम

बम्बई नगर निगम                   (iv) सुनवाई का उचित

कूट:-

    A  B  C  D

a. i   ii  iii  iv

b. i   iii iv  ii

c. ii  iii i   iv

d. iii ii  iv  i

 

37. प्रशासनिक अधिकरण की स्थापना 42 वें संविधान संशोधन द्वारा अनुच्छेद को जोड़ी गई।

a. अनुच्छेद 323-C तथा 323-D

b. अनुच्छेद 323-A तथा 323-D

c. अनुच्छेद 323-A तथा 323-B

d. अनुच्छेद 323-B तथा 323-C

 

38. प्रशासनिक न्यायाधिकरण के अन्तर्गत व्यक्ति को प्राप्त होता है

a. शीघ्र न्याय

b. त्वरित न्याय

c. उचित न्याय

d. (a) एवं (b) दोनों

 

39. केन्द्रीय जांच आयोग की नियुक्ति किस सन् में हुई?

a. 1962

b. 1963

c. 1965

d. 1966

 

40. प्रशासनिक न्यायाधिकरण सामान्यतः कितने भागों में बाँटा जा सकता है

a. एक

b. दो

c. तीन

d. चार

 

41. प्रशासनिक न्यायाधिकरण का कार्य होता है:

a. न्यायिक कार्य

b. न्यायिक और अर्द्ध-न्यायिक

c. अर्द्ध न्यायिक

d. कोई नहीं

 

42. केन्द्रीय सतर्कता आयोग का गठन 1974 में किस कमेटी के प्रस्ताव पर किया गया ?

a. सन्थानन कमेटी

b. कालेकर कमेटी

c. वर्गीस कमेटी

d. नारीमन कमेटी

 

43. प्रशासनिक अधिकरण से संबन्धित अधिनियम पारित हुआ

a. सन् 1988

b. सन् 1989

c. सन् 1986

d. सन् 1985

 

44. न्यायिक सक्रियता को किसके द्वारा शुरू किया गया ?

a. पी. एन. भगवती

b. जस्टिस राघव

c. जस्टिस पीकाक

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

45. केन्द्रीय सरकार के कर्मचारियों के भर्ती एवं सेवा शर्तों सम्बन्धी विवादों के लिए केन्द्रीय प्रशासनिक अधिकरण की स्थापना की गई:

a. प्रशासनिक न्यायाधिकरण अधिनियम, 1985 द्वारा

b. प्रशासनिक अधिकरण अधिनियम, 1985 द्वारा

c. प्रशासनिक अर्द्धन्यायाधिकरण अधिनियम, 1985 द्वारा

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

46. कौन सी रिट में नैसर्गिक न्याय के सिद्धान्त की ओर ध्यान दिया गया ?

a. परमादेश

b. उत्प्रेषण

c. बन्दी प्रत्यक्षीकरण

d. अधिकार-पृच्छा

 

47. हीरा नाथ मिश्रा बनाम प्रिंसिपल राजेन्द्र मेडिकल राँची के मामलें में उच्चतम न्यायालय ने निर्णीत किया कि

a. नैसर्गिक न्याय के सिद्धान्त का उल्लंघन कभी-कभी हो सकता है हमेशा नहीं

b. यह कठिन नियम है एवं इसका पालन करना चाहिए

c. यह कठोर प्रकृति का नियम नहीं है, इसे विभिन्न परिस्थितियों में बदला जा सकता है

d. इनमें से कोई नहीं

 

48. विबन्ध कितने प्रकार के हो सकते हैं-

a. अभिलेख विबन्ध (Estoppel by record)

b. विलेख विबन्ध (Estoppel by deed)

c. आचरण विबन्ध (Estoppel by pais)

d. उपरोक्त सभी

 

49. प्रशासनिक न्यायाधिकरणों के लिये आदेशात्मक (या अनिवार्य) प्रक्रिया सम्बन्धी अपेक्षा होनी चाहिए-

a. कानूनी प्रतिनिधित्व

b. प्रति-परीक्षा

c. युक्तियुक्त निर्णय

d. उपर्युक्त सभी

 

50. सही उत्तर चुनिये-

प्रशासनिक न्यायाधिकरणः

a. शुद्ध प्रशासनिक कार्य करते हैं।

b. शुद्ध न्यायिक कार्य करते है।

c. शुद्ध वैधानिक कार्य करते हैं।

d. अर्द्ध-न्यायिक कार्य करते हैं।

 

51. नीचे दिए गए कूटों का उपयोग करते हुए निम्नलिखित का उत्तर बीजिएः प्रशासनिक विधि में निम्नलिखित का अध्ययन किया जाता हैं:

I. प्रशासनिक प्राधिकरणों का संगठन, शक्ति और कार्य।

II. प्रशासनिक प्राधिकरणों द्वारा अपनी शक्तियों और कार्यों का प्रयोग करते हुए उनके द्वारा अपनाई जाने वाली प्रक्रिया।

III. प्रशासनिक प्राधिकरणों की शक्तियों के नियंत्रण की विधि।

IV. प्रशासनिक प्राधिकरणों द्वारा अपने अधिकारों का उल्लंघन करने के मामलें में किसी व्यक्ति को उपलब्ध उपचार।

कूट:-

a. केवल (1) सही है।

b. केवल (1) और (II) सही है।

c. केवल (I), (II) और (III) सही है।

d. उपर्युक्त सभी सही हैं।

 

52. न्यायिक पुनर्विलोकन का जन्मदाता किस देश को माना जाता है ?

a. अमेरिका

b. इंग्लैण्ड

c. जर्मनी

d. रूस

 

53. भारत में प्रशासनिक मामलों के न्यायिक पुनर्विलोकन की अवधारणा निम्न राज्य पर आधारित है।

a. अमेरिका

b. इंग्लैण्ड

c. जर्मनी

d. रूस

 

54. न्यायिक पुनर्विलोकन का उद्भव किस वाद से हुआ?

a. रेक्स बनाम पामर

b. आई. आर. सेलो बनाम तमिलनाडू

c. मारबरी बनाम मेडिसन

d. रूस

 

55. न्यायिक पुनर्विलोकन का सिद्धान्त संविधान के किस अनुच्छेद से लिया गया है?

a. अनुच्छेद 14

b. अनुच्छेद 22

c. अनुच्छेद 15

d. अनुच्छेद 13

 

56. न्यायिक पुनर्विलोकन की शक्ति संविधान के किस अनुच्छेद से लिया गया है

a. अनु. 13(i), (ii)

b. अनु. 13(ii), 13 (iiii)

c. अनु. 13(iv), 13 (v)

d. अनु. 13 (v)

 

57. भारत में लोकप्रिय, लोकहित वाद की अवधारणा की शुरुआत हुई है :

a. इंग्लैण्ड में

b. अमेरिका में

c. ऑस्ट्रेलिया में

d. कनाडा में

 

58. निम्नलिखित रिटों में से कौन-सा न्यायिक अथवा अर्द्धन्यायिक प्राधिकारी के विरुद्ध जारी किया जा सकता है?

a. परमादेश

b. बन्दी प्रत्यक्षीकरण

c. उत्प्रेषण

d. अधिकार-पृच्छा

 

59. परमादेश का रिट वहाँ नहीं जारी किया जा सकता है जहाँ मौलिक अधिकार निम्नलिखित के द्वारा भंग होता है:

a. संविधि

b. सांविधिक आदेश

c. कार्यकारी आदेश

d. प्राइवेट संस्थान

 

60. प्रशासनिक कार्यवाही का पुनर्विलोकन करने के लिये परमाधिकार रिट हैं-

a. दो: बन्दी प्रत्यक्षीकरण रिट और परमादेश रिट

b. तीन: बन्दी प्रत्यक्षीकरण रिट, परमादेश रिट और प्रतिषेध रिट

c. चारः बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट, परमादेश रिट, प्रतिषेध रिट, उत्प्रेषण रिट और अधिकार-पृच्छा रिट

d. पाँचः बंदी प्रत्यक्षीकरण रिट, परमादेश रिट, अधिकार-पृच्छा रिट, उत्प्रेषण रिट तथा प्रतिषेध रिट

 

61. सही उत्तर बताइये।

प्रतिषेध की रिट तब जारी की जा सकती है जबः

a. अधिकारिता (या अधिकार क्षेत्र) की अनुपस्थिति या अधिकारिता का दुरूपयोग

b. नैसर्गिक न्याय के सिद्धान्त का अतिक्रमण (या उल्लंघन) और कपट

c. देश की विधि का किसी भी तरह का उल्लंघन

d. उपर्युक्त सभी।

 

62. सही उत्तर बताइयेः

उत्प्रेषण रिट का अनिवार्यतः अभिप्राय है :

a. तथ्य की त्रुटि को सुधारा नहीं जा सकता है।

b. अभिलेख को देखने से प्रकट विधि की त्रुटि को सुधारा जा सकता है।

c. नैसर्गिक न्याय का उल्लंघन।

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं।

 

63. कौन सी रिट प्रक्रियात्मक रिट है?

a. परमादेश

b. बन्दी प्रत्यक्षीकरण

c. उत्प्रेषण

d. अधिकार-पृच्छा

 

64. उच्चतम न्यायालय तथा उच्च न्यायालयों को न्यायिक पुनर्विलोकन का अधिकार प्राप्त है-

a. अनुच्छेद 32, 226

b. अनुच्छेद 33, 226

c. अनुच्छेद 32, 227

d. अनुच्छेद 33, 227

 

65. रिटों द्वारा न्यायिक पुनर्विलोकन के मामलें में भारतीय न्यायालय की स्थिति है :

a. पूर्णतः बाध्य

b. न्यायालयों द्वारा जारी रिटों की औपचारिकता

c. बाध्य नहीं

d. उपरोक्त में से कोई भी नहीं

 

66. अधिकार पृच्छा की याचिका सम्बन्धित है :

a. किसी व्यक्ति के अविधिक बन्दी के लिये

b. किसी भी न्यायालय में क्षेत्राधिकार का अभाव

c. किसी भी लोक पद पर अवैध कब्जाधारी पर

d. उपरोक्त में से कोई भी नहीं

 

67. बन्दी प्रत्यक्षीकरण से संबन्धित वाद है:

a. सुनील बत्रा बनाम दिल्ली प्रशासन

b. कानू सन्याल बनाम जिला मजिस्ट्रेट दार्जिलिंग

c. उपरोक्त दोनों

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

68. प्रतिषेध रिट किसके द्वारा जारी की जाती है?

a. अधीनस्थ न्यायालयों के विपरीत

b. अधीनस्थ न्यायाधिकरणों के विरुद्ध

c. प्रशासनिक न्यायाधिकरणों के विरुद्ध

d. अधीनस्थ न्यायालयों और न्यायाधिकरणों के विरुद्ध

 

69. उत्प्रेक्षा रिट द्वारा ठीक किया जा सकता है :

a. तथ्य की गलती को

b. साक्ष्य की गलती को

c. प्रथम दृष्टया विधि की गलती को

d. उपरोक्त सभी

 

70. परमादेश रिट प्रवर्तन के लिये निर्गत किया जाता है:

a. मनमानी के कृत्य को

b. आज्ञापक कर्तव्य को

c. वैवेकिक कार्य को

d. इनमें से कोई नहीं

 

71. निम्नलिखित में से कौन सा युग्म सही सुमेलित है :

a. बन्दी प्रत्यक्षीकरण की रिट..... केवल राज्य को जारी की जाती है।

b. परमादेश की रिट.... लोक सेवक को जारी की जाती

c. अधिकार पृच्छा की रिट.... अधीनस्थ न्यायालयों को जारी की जाती है।

d. प्रतिषेध की रिट..... प्राइवेट व्यक्तियों को जारी की जाती है।

 

72. निम्न में से कौन सी रिट उच्च न्यायालय द्वारा जारी की जा सकेगी?

a. प्रतिषेध

b. परमादेश

c. उत्प्रेषण

d. ये सभी

 

73. निम्नलिखित रिटों में से कौन सी केवल न्यायिक एवं न्यायिक-कल्प प्राधिकारियों के विरुद्ध जारी की जा सकती है-

a. परमादेश

b. बन्दी प्रत्यक्षीकरण

c. उत्प्रेषण

d. अधिकार-पृच्छा

 

74. रेस जूडिकाटा का सिद्धान्त निम्न में से किस रिट पर लागू नही होता ?

a. परमादेश

b. बंदी प्रत्यक्षीकरण

c. प्रतिषेध

d. अधिकार पृष्छा

 

75. लोकस स्टेण्डी (Locus Standi) के सिद्धान्त का अर्थ है-

a. किसी भी व्यक्ति द्वारा रिट दायर की जा सकती है।

b. न्यायिक पुनर्विलोकन की न्यायालय की शक्ति।

c. याचिकाकर्ता का रिट याचिका प्रस्तुत करने का अधिकार

d. प्रशासकीय अधिकारी का विवेक।

 

76. अधिकार पृच्छा की रिट जारी की जा सकती है।

a. किसी भी व्यक्ति के विरुद्ध

b. किसी लोक अधिकारी के विरुद्ध, जो किसी पद को धारण करना चाहता है।

c. किसी लोक अधिकारी के विरुद्ध, जो लोक पद धारण कर रहा है।

d. किसी लोक अधिकारी के विरुद्ध, जो अपने पद से हट चुका है।

 

77. निम्नलिखित किस आधार पर उत्प्रेषण-रिट जारी नहीं किया जा सकता है?

a. अधिकारिता का दुरुपयोग

b. अधिकारिता की उपयोग

c. नैसर्गिक न्याय के सिद्धांतों की अवज्ञा/का अतिक्रमण

d. दस्तावेज के सम्मुख प्रकट विधि की त्रुटि

 

78. निम्नलिखित में से कौन सा एक कथन सही है ?

a. जबकि उत्प्रेषण-लेख न्यायिक अथवा अर्द्धन्यायिक प्राधिकारियों के विरुद्ध जारी किया जा सकता है, प्रशासनिक प्राधिकारियों के विरुद्ध भी परमादेश जारी किया जा सकता है।

b. परमादेश उस घोषणा के लिए जारी किया जा सकता है कि अधिनियम संविधान का अधिकारातीत है और उस त्रुटि को सुधारने के लिए उत्प्रेषण लेख भी जारी किया जा सकता है।

c. उत्प्रेषण लेख अर्द्ध-न्यायिक प्राधिकारी के खिलाफ अधिकारिता जो उसे प्राप्त नहीं है, का प्रयोग करने से उसे करने के लिए जारी किया जाता है। उस प्रयोजन हेतु परमादेश जारी नहीं किया जा सकता है।

d. उत्प्रेषण-लेख लोक अधिकारी का अनाधिकार ग्रहण करने के विरुद्ध जारी नहीं किया जा सकता है। लेकिन परमादेश उस प्रयोजन हेतु जारी किया जा सकता है।

 

79. निम्नलिखित में से किन आधारों पर उत्प्रेषण की याचिका जारी की जा सकती है?

a. अधिकारिता की त्रुटि

b. अभिलेख में उसके देखने से ही प्रकट त्रुटि

c. प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन

d. उपर्युक्त सभी

 

80. बन्दी प्रत्यक्षीकरण याचिका कब जारी की जाती है?

a. निरोधन सही (वैध) हो।

b. निरोधन प्रथम दृष्टया वैध हो।

c. निरोधन प्रथम दृष्टया अवैध हो।

d. प्रारम्भ से निरोधन अवैध हो।

 

81. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

a. परमादेश अर्द्धन्यायिक प्रकृति के आदेश के विरुद्ध जारी किया जाता है।

b. जब अधीनस्थ न्यायालय क्षेत्राधिकार का प्रयोग नहीं करता है तब उत्प्रेषण जारी किया जाता है।

c. वैकल्पिक उपचार उपलब्ध होने पर भी परमादेश जारी किया जा सकता है।

d. प्रार्थी का विधिक अधिकार अस्तित्त्व में रहने पन भी परमादेश जारी किया जा सकता है।

 

82. परमादेश की याचिका निम्नलिखित के विरुद्ध नहीं की जा सकतीः

a. भारत का राष्ट्रपति

b. संसद

c. स्थानीय प्राधिकरण

d. न्यायालय और न्यायाधिकरण

 

83. परमादेश की रिट जारी की जा सकती है

a. केवल न्यायिक अथवा अर्द्ध-न्यायिक प्राधिकारियों को कार्य करने के लिए बाध्य करने हेतु

b. प्राधिकारी को कार्य करने के लिए बाध्य करने हेतु

c. प्राधिकारी को बाध्य करने के लिए कि वह कैसे कार्य करे

d. एक निजी व्यक्ति को बाध्य करने के लिए

 

84. किसी लोक पद को हड़पने वाले किसी व्यक्ति को लोकपद से हटाने के लिये न्यायालय द्वारा जारी की जाने वाली समुचित रिट है :

a. उत्प्रेषण

b. प्रतिषेध

c. अधिकार-पृच्छा

d. परमादेश

 

85. जब किसी अवर न्यायालय या अधिकरण को अपनी अधिकारिता का अतिक्रमण करने पर या नैसर्गिक न्याय के विरुद्ध कार्य करने पर रिट प्रेषित किया जाता है तब उस रिट को कहते हैं:

a. उत्प्रेषण

b. अधिकार-पृच्छा

c. परमादेश

d. बन्दी प्रत्यक्षीकरण

 

86. निम्नलिखित में से कौन व्यक्तिगत स्वतंत्रता की संरक्षा करता है?

a. अधिकार-पृच्छा

b. परमादेश

c. बन्दी प्रत्यक्षीकरण

d. उत्प्रेषण

 

87. बन्दी प्रत्यक्षीकरण की याचिका का अर्थ है :

a. किसी अवैध रूप से बन्दी बनाये गये व्यक्ति को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करना

b. किसी भी व्यक्ति के मानव अधिकारों का आदर करना

c. मनुष्य के अधिकारों के उल्लंघन को रोकना

d. उपरोक्त कोई भी नहीं

 

88. अवैध कैद के लिये कौन सी रिट जारी होती है?

a. निषेध रिट

b. परमादेश रिट

c. बन्दी प्रत्यक्षीकरण रिट

d. अधिकार पृच्छा रिट

 

89. "अधिकार-पृच्छा" लेख जारी की जाती है :

a. किसी लोक पद को हड़पने वाले के विरुद्ध

b. नियुक्त करने वाले प्राधिकारी के विरुद्ध

c. समुचित सरकार के विरुद्ध

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

90. उत्प्रेषण रिट द्वारा सही किया जा सकता है।

a. तथ्य की गलती को

b. साक्ष्य की गलती को

c. प्रथम दृष्टया विधि की गलती को

d. उपरोक्त सभी

 

91. उत्प्रेषण की याचिका जारी की जा सकती है:

a. किसी भी ऐसे व्यक्ति के विरुद्ध जो शुद्ध प्रशासनिक शक्तियों का प्रयोग कर रहा हो

b. किसी भी मंत्री के विरुद्ध

c. किसी न्यायिक अथवा अर्द्धन्यायिक अधिकारी के विपरीत

d. उपरोक्त कोई भी नहीं

 

92. न्यायिक पुनर्विलोकन का अर्थ है:

a. व्यवस्थापिका द्वारा निर्मित एवं संशोधित किसी भी विधि को उच्चतम न्यायालय अधिकारातीत संविधान के रूप में घोषित कर सकता है

b. उच्च न्यायालय के निर्णयों को पुनर्विलोकन करना

c. उच्चतम न्यायालय के निर्णयों को पुनर्विलोकन करना

d. उपर्युक्त सभी

 

93. उच्चतम न्यायालय को संविधान के निम्न में से किस अनुच्छेद के अन्तर्गत अपने निर्णयों के पुनर्विलोकन की शक्ति प्राप्त है?

a. अनुच्छेद 135

b. अनुच्छेद 136

c. अनुच्छेद 137

d. अनुच्छेद 143

 

94. राज्य के अपकृत्य दायित्व से संबद्ध प्रावधान संविधान के अनुच्छेद में है

a. अनुच्छेद 311

b. अनुच्छेद 299

c. अनुच्छेद 300

d. अनुच्छेद 301

 

95. अपकृत्यपूर्ण दायित्वों के लिए सम्प्रभु कार्यों के लिए भेद किस वाद में किया है?

a. कस्तूरी लाल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य

b. पेनिन्सुलर एण्ड ओरिएन्ट स्टीम नेविगेशन बनाम सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फार इंण्डिया

c. उपरोक्त दोनों

d. उपरोक्त में से कोई नही

 

96. किस मामलें में यह अभिनिर्धारित किया गया कि प्रभुतासम्पन्न रीति से किये जाने वाले कार्यों के लिए राज्य का अपकृत्यात्मक दायित्व नही होता?

a. राम गुलाम बनाम उत्तर प्रदेश राज्य

b. उड़ीसा राज्य बनाम पद्य लोचन

c. भारत संघ बनाम सविता शर्मा

d. उपरोक्त में से कोई नही

 

97. ओमबुड्स सर्वप्रथम किस देश में एवं कब आया?

a. इंगलैण्ड, 1827

b. नार्वे, 180

c. अमेरिका, 1808

d. स्वीडेन, 1809

 

98. ओमबुड्स मैन किस देश में नहीं है?

a. फिलैण्ड

b. डेनमार्क

c. न्यूजीलैण्ड

d. अमेरिका

 

99. सर्वप्रथम भारत में ओमबुड्समैन का प्रस्ताव पारित कब हुआ था?

a. 20 अगस्त 1969

b. 22 अगस्त 1979

c. 20 मार्च 1980

d. 22 मार्च 1990

 

100. वर्तमान में भारत में लोकपाल विधेयक के अनुसार लोकपाल विधेयक निम्न किस पदाधिकारी की जांच कर सकता है?

a. प्रधानमंत्री

b. लोकसभा का अध्यक्ष

c. उच्चतम न्यायालय के मुख्य एवं अन्य न्यायाधीश

d. उपरोक्त सभी

 

101. वर्तमान में भारत में लोकपाल कितने राज्यों में कार्यरत है?

a. 10 राज्य

b. 8 राज्य

c. 1 राज्य

d. 16 राज्य

 

102. वर्तमान में भारत में लोकायुक्त की नियुक्ति सर्वप्रथम किस राज्य में हुई ?

a. महाराष्ट्र

b. उड़ीसा

c. राजस्थान

d. उत्तर प्रदेश

 

103. लोकपाल का कार्यकाल होता है।

a. 70 वर्ष

b. 75 वर्ष

c. 65 वर्ष

d. 60 वर्ष

 

104. लोकपाल का कार्यकाल पद ग्रहण की उम्र से होता है।

a. 6 वर्ष

b. 10 वर्ष

c. 3 वर्ष

d. 5 वर्ष

 

105. लोकपाल को पद से हटाने के लिए कितने सदस्यों के हस्ताक्षर राष्ट्रपति को देने पड़ेंगे।

a. 100 सदस्य

b. 110 सदस्य

c. 50 सदस्य

d. 150 सदस्य

 

106. सर्वप्रथम भारत में ओम्बुडसमैन का सुझाव पहली बार 1902 में दिया गया।

a. मोरार जी देसाई

b. न्यायामूर्ति रंगनाथ मिश्र द्वारा

c. न्यायामूर्ति पेरीशास्त्री द्वारा

d. न्यायामूर्ति एच. एम. बेग द्वारा

 

107. लार्ड हेवर्ट ने अपनी पुस्तक 'दी न्यू डेसपाटिज्म में लिखा-

a. प्रत्यायोजित विधान के विपक्ष में बहुत गुरुतर तर्क दिये

b. प्रशासनिक विधि के लोप की भविष्यवाणी की है

c. प्रत्यायोजित विधान के विपक्ष में बहुत गुरुतर तर्क दिय

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

108. हेनरी अष्टम खण्ड का अर्थ है -

a. कार्यकारिणी को यह शक्ति प्राप्त है कि वह अधिनियम की धाराओं में स्वयमेव परिवर्तन कर सके

b. सिद्धान्त के मामलों में विधि निर्मित कर सके,

c. कराधान के मामलों में विधि निर्मित कर सके

d. अपनी प्रत्यायोजित शक्ति की पुनः प्रत्यायोजन

 

109. लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 किस तिथि का लागू हुआ?

a. 18 दिसम्बर, 2013

b. 19 दिसम्बर, 2013

c. 21 दिसम्बर, 2013

d. 22 दिसम्बर, 2013

 

110. लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 में नियुक्ति की आयु क्या है?

a. 5 वर्ष

b. 7 वर्ष

c. 10 वर्ष

d. 15 वर्ष

 

111. फैक्स समिति किससे संबन्धित है?

a. लोक निगम

b. प्रशासनिक अधिकरण

c. लोकपाल

d. न्यायालय

 

112. प्रक्रियात्मक रिट है?

a. प्रतिषेध

b. बन्दी प्रत्यक्षीकरण

c. अधिकार पृच्छा

d. परमादेश

 

113. सभी भारतीय राज्यों के लोकायुक्त संस्था के कार्यकलापों के सम्बंध में निम्नलिखित में से क्या सहीं है?

a. स्वतंत्र जांच अभिकरण उपलब्ध कराया जाता है।

b. उन्हें सांविधिक निकाय का स्थान नहीं दिया गया हैं।

c. उन्हें अभियोजन और अंतिम दंड देने का अधिकार दिया गया है।

d. उनके निर्णय अंतिम हैं कि संस्तुत प्रकृति के हैं।

 

114. लोकपाल अथवा लोकायुक्त सक्षम है

a. प्रशासनिक अधिकारी के कार्यों का निर्वहन करने में।

b. प्रशासनिक कार्रवाई से सम्बंधित शिकायतों के परिवादों की जाँच करने में।

c. अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए प्रशासनिक अधिकारी के विरुद्ध जाँच करने में।

d. प्रशासनिक कार्रवाइयों से सम्बंधित अभिमत तथा अनुशंसा सरकार को प्रस्तुत करने में।

 

115. निम्नलिखित में से किस राज्य ने अभी तक लोकायुक्त संस्था की स्थापना की हैं?

a. उत्तर प्रदेश

b. कर्नाटक

c. उत्तराखंड

d. उपर्युक्त सभी

 

116. कथन (A) और तर्क (R) को पढ़िये तथा दिये गए कूट की सहायता से सही उत्तर दो।

कथन (A): लोकपाल आज समय की आवश्यकता (माँग) है।

तर्क (R) : लोकपाल एक समय बचाने वाली संस्था है।

कूटः

a. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।

b. (A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।

c. (A) सही है, परन्तु (R) सही नहीं है।

d. (A) सही नहीं है, परन्तु (R) सही है।

 

117. सूची-1 को सूची-II से सुमेलित करें और नीचे दिए गए कूटों का प्रयोग करते हुए सही उत्तर दें:

            सूची-I                                     सूची-II

          (विषय)             (लोकपाल एवं लोकायुक्त अधिनियम,

                                          2013 के प्रावधान)

1. लोकपाल की संरचना                      (i) धारा 3(2)

2. लोकायुक्त की स्थापना                    (ii) धारा 6

3. लोकपाल के अध्यक्ष

तथा सदस्यों के

कार्यकाल की अवधि                           (iii) धारा 37

4. लोकपाल के अध्यक्ष तथा

सदस्यों को हटाया जाना                      (iv) धारा 63

 कूट :

     1    2     3     4 

a. (i)  (ii)  (iii)  (iv)

b. (i)  (iv)  (ii)  (iii)

c. (ii)  (iii)  (i)  (iv)

d. (iI)  (ii)  (iv)  (iii)

 

118. लोकपाल के अध्यक्ष की नियुक्ति, एक गठित चयन समिति की संस्तुति प्राप्त होने पर राष्ट्रपति द्वारा की जायेगी इस चयन समिति में होंगे:

a. प्रधानमंत्री, लोक सभा के अध्यक्ष और भारत के मुख्य न्यायाधीश

b. प्रधानमंत्री, लोक सभा अध्यक्ष, लोक सभा में विपक्ष के नेता

c. प्रधानमंत्री, लोक सभा में विपक्ष के नेता तथा एक प्रमुख विधिवेत्ता, जिसे राष्ट्रपति नामित करता है।

d. प्रधानमंत्री, लोकसभा अध्यक्ष, लोक सभा में विपक्ष के नेता, सर्वोच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश या उनके द्वारा नामित सर्वोच्च न्यायालय के कोई अन्य न्यायाधीश तथा एक प्रख्यात विधिवेत्ता, जिसे राष्ट्रपति नामित करता है।

 

119. अभिकथन (A): नैसर्गिक न्याय के सिद्धान्त न्यायसंगत सुनवाई सुनिश्चित करते हैं।

कारण (R) : सभी पक्षी की सुनवाई के पश्चात् फैसला निष्पक्ष न्यायाधीश ही करेगा।

कूटः

a. (A) और (R) दोनों सत्य हैं, और (R), (A) की सही व्याख्या है।

b. (A) और (R) दोनों सत्य हैं, परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।

c. (A) सत्य हैं, परन्तु (R) असत्य है।

d. (A) असत्य है, परन्तु (R) सत्य है।

 

120. प्रशासनिक कार्यवाही के न्यायिक पुनरावलोकन का अर्थ है-

a. संसद द्वारा प्रशासनिक कार्यवाही का पुनरावलोकन

b. सरकार द्वारा प्रशासनिक कार्यवाही का पुनरावलोकन

c. विधान सभा द्वारा प्रशासनिक कार्यवाही का पुनरावलोकन

d. न्यायपालिका द्वारा प्रशासनिक कार्यवाही का पुनरावलोकन

 

121. सही उत्तर ज्ञात बताइयेः

a. प्रशासनिक विधि लोक विधि की शाखा है और यह संवैधानिक विधि का केवल अंश है। यह संवैधानिक विधि को नियंत्रित नहीं कर सकता है

b. प्रशासनिक विधि निजी विधि की शाखा है

c. प्रशासनिक विधि संवैधानिक विधि से स्वतंत्र है

d. प्रशासनिक विधि तो लोक विधि की और ही निजी विधि की शाखा है परन्तु संवैधानिक विधि का अंश है

 

122. प्रशासनिक विधि निम्नलिखित की सत्ता और कार्य विधियों से सम्बन्धित विधि है-

a. संसद

b. विधायिका

c. प्रशासनिक प्राधिकारी

d. न्यायपालिका

 

123. नीचे दिए गए कूटों का उपयोग करते हुए निम्नलिखित का उत्तर दीजिएः

निम्नलिखित में से कौन सा सिद्धान्त प्रशासनिक कार्रवाई पर नियंत्रण के लिए न्यायालय द्वारा विकसित किया गया?

I. वचन-विबंध का सिद्धान्त

II. वैध-अपेक्षाओं का सिद्धान्त

III. शक्ति और विधि के नियम के पृथक्करण का सिद्धान्त

IV. उपर्युक्त सक्रियता

कूटः

a. केवल (I), (II) और (III) सही है।

b. केवल (II) और (IV) सही हैं।

c. केवल (I) और (III) सही हैं।

d. उपर्युक्त सभी सही हैं।

 

124. नीचे दिए गए कूटों का उपयोग करते हुए निम्नलिखित की उत्तर दीजिएः

निम्नलिखित में से किस आधार पर प्रशासनिक कार्रवाई की न्यायिक समीक्षा की जा सकती है?

I. विवेक का दुरूपयोग

II. दुराशय या गलत विश्वास

III. असंगत विचार

IV. अयुक्ति-युक्तिता

कूटः

a. केवल (I), (II) और (III) सही है।

b. केवल (I) और (II) सही हैं।

c. केवल (II) और (III) सही हैं।

d. सभी (I), (II), (III) और (IV) सही हैं।

 

125. शक्ति पृथक्करण के सिद्धान्त को सुव्यवस्थित ढंग से निरुपित किया।

a. लेटो

b. मोन्टेस्क्यू

c. डायसी

d. अरस्तू

 

126. 'विधि का शासन' से तात्पर्य है-

I. न्यायपालिका की सर्वोच्चता

II. विधि की सर्वोच्चता

III. विधि के समक्ष समानता

IV. संसद की सर्वोच्चता

कूटः-

a. (I) और (III)

b. (III) और (IV)

c. (IV) (c) (II) और (IV)

d. (II) और (III)

 

127. सूची-I को सूची-II से सुमेलित कीजिए और प्रदत्त कूट सही उत्तर का चयन कीजिए-

             सूची-I                                      सूची-II

A. विवेक का दुरुपयोग             (i) विधि का शासन

B. विधि के समक्ष समानता       (ii) शक्ति में कमी

C. प्रत्यायोजित विधान              (iii) नियंत्रण एवं संतुलन

D. शक्तियों का पृथक्करण        (iv) अधिकारातीत

   कोड :-

    A  B  C  D

a. ii  i   iv  iii

b. i   ii  iv  iii

c. iv iii ii   i

d. iv iii i    ii

 

128. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है?

a. प्रत्यायोजित विधान का भूतलक्षी प्रभाव नहीं हो सकता है।

b. यदि अधिनियम या संविधि द्वारा प्राधिकृत है, तो प्रत्यायोजित विधान का भूतलक्षी प्रभाव हो सकता है।

c. प्रत्यायोजित विधान का भूतलक्षी प्रभाव हो सकता है, यदि ऐसा करने के लिये अधिनियम या संविधि द्वारा प्राधिकृत नहीं है किन्तु युक्तियुक्त और तर्कसंगत न्यायोचितता है।

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं।

 

129. "संवैधानिक विधि सरकार, जब वह स्थिर है, के संगठन एवं कार्यों से सम्बन्धित है, जबकि प्रशासनिक विधि सरकार, जो गतिशील है, के संगठन और कार्य से सम्बन्धित है।"

यह कथन किया गया है।

a. ऑस्टिन द्वारा

b. सामण्ड द्वारा

c. एम.पी. जैन द्वारा

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

130. अभिकथन (A) और कारण (तर्क) (R) को पढ़िये तथा नीचे दिये हुए कूटों की मदद से सही उत्तर बताइये-

अभिकथन (A): भारत में प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्तों के विरुद्ध पारित आदेश शून्य होता है।

कारण (R) : भारत में प्रकृति के न्याय के सिद्धान्तों के क्षेत्र में खालीपन है।

कूटः

a. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही व्याख्या है।

b. (A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।

c. (A) सही है और (R) गलत है।

d. (A) गलत है और (R) सही है।

 

131. निम्न में से किस शर्त में विवेकाधिकार की शक्ति के दुरुपयोग का अनुमान लगाया जा सकता है?

I. अनुचित प्रयोजन के लिये

II. दुराशय

III. सुसंगत प्रतिफल

IV. असुसंगत प्रतिफल को बाहर छोड़कर

निम्नलिखित कूटों की मदद से उत्तर दीजिये-

कूटः-

a. सिर्फ I सही है।

b. सिर्फ I और II सही है।

c. सिर्फ I, II और III सही है।

d. उपरोक्त सभी सही हैं।

 

132. कथन (A) और तर्क (R) को पढ़िये तथा दिये गए कूट की सहायता से सही उत्तर दें।

कथन (A): समानता मनमानी के समविरोध है।

तर्क (R) : अनुच्छेद 14 भारतीय संविधान की मनमानी विवेक जो कार्यपालिका में निहित है को मना करता है।

कूटः

a. (A) और (R) दोनों सही हैं और (R), (A) की सही स्पष्टीकरण है।

b. (A) और (R) दोनों सही हैं परन्तु (R), (A) की सही स्पष्टीकरण नहीं है।

c. (A) सही है, परन्तु (R) सही नहीं है।

d. (A) सही नहीं है परन्तु (R) सही है।

 

133. नीचे दिये गए कूटों का प्रयोग करते हुए, सही उत्तर चुनियेः प्रशासनिक विधि में निम्नलिखित के बारे में उल्लेख किया गया है:

I. संवैधानिक प्राधिकारियों की शक्तियों

II. न्यायिक प्राधिकारियों की शक्तियों

III. प्रशासनिक प्राधिकारियों की शक्तियों

IV. विधायी प्राधिकारियों की शक्तियों

कूट :

a. केवल और II सही हैं

b. केवल II सही है।

c. केवल III सही है

d. I, II, III और IV सही हैं

 

134. अभिकथन (A) तथा तर्क (R) को पढ़िए तथा नीचे दिए कूटों का प्रयोग करते हुए सही उत्तर चुनिये:

अभिकथन (A): वैध प्रत्याशा किसी दावेदार को पूर्ण अधिकार नहीं देती है।

तर्क (R): वैध प्रत्याशा ऐसा निर्णय, जिसके परिणामस्वरूप वादे से इन्कार किया जाता   है अथवा वचन से प्रत्याहार किया जाता है, लिये जाने से पूर्व निष्पक्ष सुनवाई के अधिकार को संरक्षण प्रदान करती है।

कूट :

a. (A) और (R) सत्य हैं, और (R), (A) का सही स्पष्टीकरण है।

b. (A) और (R) सत्य हैं, लेकिन (R), (A) का सही स्पष्टीकरण नहीं है।

c. (A) सही है और (R) गलत है।

d. (A) गलत है, और (R) सत्य है।

 

135. निम्नलिखित में से कौन सा कथन सही है ?

a. गुल्लापल्ली नागेश्वर राव बनाम आंध्र प्रदेश राज्य पूर्वाग्रह के बारे में है।

b. के.एल. त्रिपाठी बनाम भारतीय स्टेट बैंक प्रतिपरीक्षा के अधिकार के बारे में है।

c. जनरल मेडिकल काउंन्सिल बनाम स्पाइकमेन प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्तों की अप्रासंगिकता के बारे में है, यदि निर्णय लेने में उन सिद्धान्तों से कोई अन्तर नहीं पड़ता।

d. एन. कालिन्दी बनाम टाटा लोकोमोटीवज एक अधिवक्ता के प्रतिनिधित्व अधिकार के बारे में है जिसे प्राकृतिक न्याय का एक भाग माना जाये और इसे अधिकार के तौर पर स्वीकार किया जाए।

 

136. विवेक के दुरुपयोग का अनुमान निम्नलिखित परिस्थितियों से लगाया जा सकता है। नीचे दिये गये कूटों से सही उत्तर दीजिए :

I. बुद्धि का उपयोग नहीं करना

II. अधिकार का आभासी प्रयोग

III. दूसरे पक्ष को सुनने के अधिकार (ओडी आलर्टम पारटम) का पालन करना

IV. अप्रासंगिक विचार

कूटः

a. केवल (I) सही है।

b. केवल (I) और (II) सही हैं

c. केवल (II) और (III) सही हैं

d. केवल (II), (III) और (IV) सही हैं

 

137. निम्नलिखित कथनों में से सही उत्तर चुनिये :

a. अर्द्ध-न्यायिक निकाय अपने ही निर्णय की समीक्षा नहीं कर सकता है जब तक संविधि के द्वारा उसे इसके लिए अधिकृत नहीं किया जाए।

b. अर्द्ध-न्यायिक निकाय अपने ही निर्णय की समीक्षा कर सकता है, यदि उसमें कानून संबंधी गंभीर गलती हुई है।

c. अर्द्ध-न्यायिक निकाय अपने ही निर्णय की समीक्षा कर सकता है यदि प्राकृतिक न्याय का उल्लंघन हुआ है।

d. सभी अधिकरण अपने निर्णयों की समीक्षा कर सकते हैं।

 

138. निम्नलिखित में से किसमें प्रशासनिक विधि मुख्यतः शासकीय कार्यकलापों से सम्बंधित नहीं है?

a. नियम निर्माण

b. नियम अनुप्रयोग

c. अर्ध-न्यायिक कार्रवाई

d. वैयक्तिक विधि

 

139. नीचे दिए गए कूट के अनुसार सूची-I के साथ सूची-II का मिलान कीजिए:

          सूची-I                                          सूची-II

1. राम जवाया कपूर

बनाम पंजाब राज्य                  (i) परा-निर्णायक सुनवाई

                                                   का सिद्धांत

2. मेनका गांधी

बनाम भारत संघ                    (ii) लोक उत्तरदायित्व का

                                                     सिद्धांत

3. विनीत नारायण

बनाम भारत संघ                   (iii) शक्ति पृथक्करण का

                                                     सिद्धांत

4. भारत संघ बनाम

हिंदुस्तान डेवलपमेंट

कार्पोरेशन                              (iv) न्यायिक प्रत्याशा का

                                                      सिद्धांत

कूटः

     1    2     3    4

a. (iii)  (i)  (ii)  (iv)

b. (iv)  (ii)  (i)  (iii)

c. (i)   (iv) (iii) (ii)

d. (i)   (ii)  (iii) (iv)

 

140. कथन (A) और कारण (R) की पढ़िए और नीचे दिए गए कूटों का प्रयोग करके उत्तर दीजिए:

कथन (A): यह सत्य है कि सरकार की किसी भी व्यवस्था में सरकार अपने कुछ अधिकारिक विवेकाधिकारों के बिना अपना कार्य नहीं कर सकती है।

कारण (R) : जनकल्याण के लिए शासकीय अधिकारियों को विवेकाधिकार देना आवश्यक है।

कूट :

a. (A) और (R) सही हैं और (A) के लिए कारण (R) सही है।

b. (A) और (R) सही हैं लेकिन (A) के लिए (R) सही व्याख्या, स्पष्टीकरण नहीं है।

c. (A) सही है लेकिन (R) गलत है।

d. (A) और (R), दोनों गलत हैं।

 

141. एसोसिएटेड प्रोविंसियल पिक्चर हाउस लि. बनाम वेडनेसबर्ग कार्पोरेशन, 1948 (के.बी.) में निर्दिष्ट वेडनेसबर्ग सिद्धांतों के सम्बंध में निम्नलिखित में से किसे तर्कहीन नहीं समझा जाता है?

a. विधि प्राधिकार के बिना।

b. बिना साक्ष्य पर आधारित।

c. यह विधि द्वारा अनुमत है।

d. यह अतार्किक/अनुचित है।

 

142. उच्चतम न्यायालय द्वारा 'इन देहली लॉज एक्ट मामले में विशेष रूप से क्या घोषित किया गया था?

a. विधानमंडल को अपने अनिवार्य प्रकार्यों का प्रत्यायोजन नहीं करना चाहिए।

b. शक्तियों के अत्यधिक प्रत्यायोजन को न्यायालय द्वारा निरस्त किया जा सकता है।

c. कतिपय उपांतर के साथ विधियों का विस्तार और विधायन की अन्तर्निहित नीति को बदल कर परिवर्तन अनुमन्य था।

d. विधानमंडल को स्वयं प्रत्यायोजन अधिनियम में मानक निर्धारित करना चाहिए और विधायन में निर्दिष्ट नीति को कार्यान्वित करने के लिए नियम बनाने की शक्ति प्रतिनिधि के पास छोड़ देनी चाहिए।

कूट :

a. (c), (a), (d)

b. (b), (d), (a)

c. (d), (c), (b)

d. (a), (b), (d)

 

143. उच्चतम न्यायालय द्वारा निर्णीत मामलों के आलोक में सूची-1 और सूची-II को सुमेलित कीजिए:

          सूची-I                                         सूची-II

        (केस लॉ)                                  (सिद्धान्त)

1. केनरा बैंक बनाम

वी.के.अवस्थी (2005)                (i) प्रशासनिक कृत्यों में

                                                    भी ईमानदारी पूर्वक

                                                    कार्य करने का कर्तव्य

2. गुल्लापल्ली नागेश्वर

राव बनाम .पी. स्टेट

रोड ट्रांसपोर्ट

कार्पोरेशन (1959)                     (ii) निर्णय पश्चात्

                                                       सुनवाई

3. स्वदेशी कॉटन मिल्स

बनाम भारत संघ (1981)           (iii) सुनवाई के नियम

                                                      का अपवर्जन

4. .के. कैपक बनाम

भारत संघ (1970)                     (iv) वह जो निर्णय लेता

                                                      है को सुनवाई भी

                                                      करना चाहिए

 कूट :

     1    2     3   4

a. (i)  (ii)  (iii)  (iv)

b. (iv) (iii)  (i)  (ii)

c. (ii)  (iv)  (iii)  (i)

d. (iii) (iv)  (ii)  (i) 

 

144. अभिकथन (A) और कारण (R) पढ़िए तथा नीचे दिए कूटों का प्रयोग करके उत्तर दीजिए

अभिकथन (A) : एक उच्च न्यायालय अनुच्छेद 226 के अधीन अपने असाधारण अधिकारिता का प्रयोग करने से मना कर सकता है और रिट को आरंभ में ही निरस्त कर सकता है।

कारण (R) : उच्च न्यायालय के लिए रिट को पूर्णतः या आरंभ में ही निपटाना समुचित होगा, जब रिट में विधि के बारे में कोई महत्त्वपूर्ण प्रश्न नहीं उठाया गया है।

कूटः

a. (A) और (R) दोनों सही हैं, और (R)(A) का सही कारण है।

b. (A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही कारण नहीं है।

c. (A) सही है किन्तु (R) गलत है।

d. (A) गलत है किन्तु (R) सही है।

 

145. किसी भी प्रकार के प्रशासनिक, विधायी, अर्द्ध-न्यायिक या न्यायिक कृत्यों के संबंध में एक एक लोक प्राधिकारी को जारी रिट को कहा जाता है :

a. परमादेश

b. अधिकार पृच्छा

c. उत्प्रेषण

d. प्रतिषेध

 

146. अभिकथन (A) और तर्क (R) पढ़ें और निम्नलिखित कूटों का प्रयोग कर उत्तर दीजिए :

अभिकथन (A) : प्रशासनिक कार्रवाइयों के न्यायिक पुनर्विलोकन में सामान्य तथा न्यायालय तथ्यों की जांच करके केस के गुण-दोष में हस्तक्षेप नहीं करेगी।

तर्क (R): न्यायालय प्रशासनिक प्राधिकरण द्वारा निर्णय लेने की प्रक्रिया का पुनर्विलोकन कर सकती है किन्तु न्यायालय अपने निर्णय की अनुपूर्ति नहीं कर सकती और प्रशासनिक प्राधिकरण के ऊपर अपीलीय न्यायालय के रूप में कार्य नहीं कर सकती।

कूटः

a. (A) और (R) दोनों सही हैं, और (R) (A) की सही व्याख्या है।

b. (A) और (R) दोनों सही हैं, किन्तु (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।

c. (A) सही है किन्तु (R) गलत है।

d. (A) गलत है किन्तु (R) सही है।

 

147. अभिकथन (A) और कारण (R) पर विचार करते हुए नीचे दिए गए कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर का चयन कीजिए :

अभिकथन (A) : ' सिस्टम ऑफ ड्रॉईट एंडमिनिस्ट्रेटिफ' शक्तियों के पृथक्करण पर पूरी तरह से आधारित नहीं है।

कारण (R) : फ्रेंच प्रशासनिक विधि का सर्वाधिक मूल पहलू न्यायिक नियंत्रण से प्रशासन की स्वतंत्रता है।

कूट:

a. दोनों (A) और (R) सही हैं, तथा (R), (A) की सही व्याख्या है।

b. दोनों (A) और (R) सही हैं, लेकिन (R), (A) की सही व्याख्या नहीं है।

c. (A) सही है, किंतु (R) गलत है।

d. (A) गलत है, किंतु (R) सही है।

 

148. निम्नलिखित में से कौन दूसरे पक्ष की सुनवाई के सिद्धांत का आवश्यक घटक नहीं है?

a. प्रतिकूल रूप से प्रभावित व्यक्ति की सुनवाई होनी चाहिए।

b. प्राधिकार के द्वारा निष्पक्ष और पारदर्शी प्रक्रिया प्रदान की जानी चाहिए।

c. सकारण निर्णय सम्बंधित प्राधिकार की संतुष्टि पर आधारित होनी चाहिए।

d. सम्बंधित प्राधिकारी को मामलें का निपटारा एक स्पष्टक आदेश के द्वारा करना चाहिए।

 

149. सूची-1 को सूची-II के साथ सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूटों का प्रयोग कर सही उत्तर का चयन करें:

             सूची-I                                         सूची-II

      (मामलों का नाम)                              (निर्णय)

1. हीरानाथ मिश्र बनाम

राजेन्द्र मेडिकल

कॉलेज जाँच                        (i) दूषित हुई क्योंकि चतुर्थ

                                              श्रेणी के कर्मचारी को

                                              अधिकारियों से स्वयं

                                              का बचाव करना पड़ा

                                              इस प्रकार से

                                              प्राकृतिक न्याय के  

                                             सिद्धांतों को नकारा गया।

2. भगत राम बनाम

हिमाचल प्रदेश राज्य            (ii) प्राकृतिक न्याय

                                               के सिद्धांत से

                                               छात्राओं की सुरक्षा

                                               को देखते हुये छूट

                                               दी जा सकती                      

                                               है और छात्राओं 

                                               की गवाही को

                                               उपद्रवियों की

                                               अनुपस्थिति में

                                               लिया जा सकता है।

3. .के. रॉय बनाम

भारत संघ                               (iii) सरकारी कर्मचारी को

                                                    सुनवाई का मौका

                                                    दिए बिना                         

                                                    उसके मौजूदा अधिकारों 

                                                    से वंचित नहीं 

                                                    किया जा सकता।

4. एच.एल. त्रेहन बनाम

भारत संघ                                  (iv) प्राकृतिक न्याय के 

                                                        सिद्धांत बदलते

                                                        हुए संदर्भ में कठोर

                                                        नहीं है उन्हें

                                                        कार्यवाही की

                                                        प्रकृति के अनुसार

                                                        ढाला जा सकता है।

कूट :

     (1)  (2)  (3)  (4)

a. (ii)   (i)   (iv) (iii)

b. (i)   (ii)  (iii) (iv)

c. (iv)  (iii) (ii)  (i)

d. (ii)   (i)   (iii) (iv)

 

150. एक संविधि एक अधिकारी को उसके प्रयोग के लिए निम्नलिखित में से किस भाव को प्रदर्शित करने के लिए विवेकाधिकार शक्तियाँ प्रदान करती हैं?

a. तर्कसंगत

b. उपयुक्त

c. साम्यापूर्ण

d. समुचित

कूट :

a. केवल (a) सही है।

b. केवल (a) और (b) सही हैं।

c. केवल (a), (b) और (c) सही हैं।

d. (a), (b), (c) और (d) सही हैं।

 

151. लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 का निम्नलिखित में से कौन सा उद्देश्य है?

a. सार्वजनिक और निजी कंपनियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच करना

b. लोकपाल की संस्था के द्वारा केन्द्रीय सतर्कता आयोग का प्रतिस्थापन करना

c. लोकायुक्त को निरस्त करना और लोकपाल की स्थापना करना

d. लोक सेवकों के विरुद्ध भ्रष्टाचार के आरोपों की जाँच करना

 

152. निम्नलिखित में से किस केस में भारत के उच्चतम न्यायालय ने प्रशासनिक कार्रवाई के पुनरीक्षण के लिए विधि सम्मत प्रत्याशा का संदर्भ दिया है?

a. हरियाणा राज्य बनाम दर्शना देवी

b. केरल राज्य बनाम के.जी. माधवन पिल्लई

c. महावीर सिंह बनाम राजस्थान राज्य

d. सहेली, एक महिला संसाधन केन्द्र बनाम पुलिस आयुक्त

 

153. लोकपाल और लोकायुक्त अधिनियम, 2013 के अंतर्गत लोकायुक्त की स्थापना के सम्बन्ध में निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

a. प्रत्येक राज्य इस अधिनियम के आरंभ की तिथि से चार वर्षों के अंदर इसी अधिनियम के अधीन लोकायुक्त की स्थापना करेगा।

b. प्रत्येक राज्य इस अधिनियम के आरंभ की तिथि से एक वर्ष के अंदर लोकायुक्त यदि पूर्व में स्थापित नहीं है तो विधानमंडल की विधि के द्वारा इसकी स्थापना करेगा।

c. इस अधिनियम के आरंभ होने के एक वर्ष के अंदर जिन राज्यों में पहले ही लोकायुक्त हैं अपने अधिनियमों को संशोधित करेगा और दूसरे राज्य दो वर्षों के अंदर लोकायुक्त स्थापित करेंगे।

d. राज्यों को लोकायुक्त की स्थापना करने की जरूरत नहीं है।

 

154. लोकपाल का निम्नलिखित केसों में जांच करने का अधिकार क्षेत्र है। निम्नलिखित कूटों का प्रयोग कर उत्तर दीजिए :

a. संसद सदस्य

b. समूह '' और '' लोक सेवक

c. केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित बोर्ड या कापेरिशन या कंपनी के कर्मचारी

d. केंद्र सरकार द्वारा पूर्णतः या अंशतः वित्तपोषित सोसाइटी या एसोसिएशन या ट्रस्ट का कोई भी अधिकारी

 कूट:

a. केवल (a) और (c)

b. केवल (b) और (c)

c. केवल (a), (b) और (c)

d. (a), (b), (c) और (d) सभी

 

155. सूची-I और सूची-II को सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिए गए कूटों की सहायता से उत्तर दीजिए :

            सूची-I                                        सूची-II

1. .के. क्रेपक बनाम

भारत संघ                                  (i) धन सम्बन्धी पक्षपात                   

                                                        का नियम

2. गुल्लापल्ली नागेश्वर

राव बनाम

.पी.एस.आर.टी                        (ii) सरकारी पक्षपात

                                                          का नियम

3. उड़ीसा राज्य बनाम

वीणापानी देवी                         (iii) व्यक्तिगत पक्षपात

                                                        का नियम

4. महापात्र एंड कम्पनी

बनाम उड़ीसा राज्य                 (iv) सुनवाई का नियम

 कूट :

     1    2     3    4

a. (i)  (ii)  (iii)  (iv)

b. (iii)  (ii)  (iv)  (i)

c. (iii)  (i)   (ii)  (iv)

d. (iv)  (ii)  (i)  (iii)

 

156. जब न्याय की किसी अदालत में विवेक का प्रयोग किया जाता है, तो उसका आशय होता है विधि द्वारा मार्गदर्शित युक्तियुक्त विवेक। वह कानून से नियंत्रित होना चाहिए, विनोदपूर्ण नहीं। उसे मनमानीपूर्ण, अस्पष्ट और सनकपूर्ण नहीं, बल्कि विधिक और नियमित होना चाहिए। यह टिप्पणी निम्न मामलें में की गई थी :

a.भारत संघ बनाम कुलदीप सिंह

b. रिलायंस एयरपोर्ट डेवलपर्स (प्रा.) लि. बनाम ऑथारिटी ऑफ इंडिया

c. मेनका गांधी बनाम भारत संघ

d. नेशनल इंश्योरेंस कं लि. भनाम वी. केशव बहादुर

 

157. निम्नलिखित में से किन परिस्थितियों में परमादेश रिट जारी किया जा सकता है? कूट की सहायता से सही उत्तर दर्शाएँः

1. वहाँ निश्चित रूप से कोई लोक कर्तव्य होना चाहिए।

2. वहाँ कोई विशिष्ट माँग और अस्वीकार्य होना चाहिए।

3. कर्तव्य प्रवर्तन के लिए स्पष्ट अधिकार होना चाहिए।

4. उस अधिकार को याचिका की तारीख के दिन अस्तित्त्व में होना चाहिए।

कूट :

a. (1), (2), (3) और (4) सभी सही हैं।

b. केवल (1), (2) और (3) सही हैं।

c. केवल (1) और (3) सही हैं।

d. केवल (1) और (2) सही हैं।

 

158. निम्नलिखित में से किस मामलें में सर्वोच्च न्यायालय ने सुनिश्चित किया कि: 'यदि प्राधिकारी के पास बिना किसी सुनवाई के कार्रवाई करने का संविधिक अधिकार भी हो, तब भी बिना सुनवाई के कोई कार्रवाई करना मनमानीपूर्ण होगा और इसलिये वह संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन होगा।'?

a. .के. क्रैपक बनाम भारत संघ

b. भारत संघ बनाम सतीश चन्द्रा

c. .के. रॉय बनाम पंजाब राज्य

d. एच.एल. त्रेहान बनाम भारत संघ

 

159. सूची-I को सूची-II के साथ सुमेलित करें और नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर दें:

          सूची-I                                            सूची-II

1. व्यक्तिगत पक्षपात                  (i) जीजीभाय बनाम

                                                     कलेक्टर

2. धनसम्बन्धी पक्षपात               (ii) कृष्णा बस सर्विस

                                                     (प्रा.) लि. भनाम

                                                      हरियाणा राज्य

3. विषय-वस्तु सम्बन्धी

पक्षपात                                    (iii) मानक लाल बनाम

                                                      डॉ. प्रेमचंद

4. विभागीय पक्षपात                  (iv) जी. नागेश्वर राव

                                                     बनाम .पी.एस.आर.टी.सी.

कूट:

    (1)  (2)  (3)  (4)

a. (i)    (ii)  (iii)  (iv)

b. (iii)  (i)   (iv)  (ii)

c. (iii)  (ii)  (iv)  (i)

d. (iv)  (i)   (ii)  (iii)

 

160. प्रशासनिक विधि को विधिशास्त्र की एक अलग शाखा के रूप में विशेषकर भारत में निम्नलिखित में से किस शताब्दी के दौरान मान्यता मिली:

a. 17वीं शताब्दी

b. 18वीं शताब्दी

c. 19वीं शताब्दी

d. 20वीं शताब्दी

 

161. निम्नलिखित में से किस मामलें में निम्नलिखित उद्धरण लिया गया है?

"प्राकृतिक न्याय के सिद्धान्तों को विधि के उपबंधों के आलोक में पढ़ा जाना चाहिए।"

a. उत्तर प्रदेश राज्य बनाम विजय कुमार त्रिपाठी

b. आई.टी.सी. बनाम मद्रास राज्य

c. पी सत्यनारायण बनाम भूमि सुधार न्यायाधिकरण

d. मंजुला मंजरी देवी बनाम डायरेक्टर ऑफ पब्लिक इंस्ट्रक्शन

 

162. सूची-1 (सिद्धांत का नाम) और सूची-II (सम्बंधित मामला) को सुमेलित कीजिए और नीचे दिए गए कूट का प्रयोग कर सही उत्तर दीजिए:

       सूची-I                                           सूची-II

1. पूर्व न्याय                            (i) एस.पी. गुप्ता बनाम 

                                                 भारत संघ

2. विधिसम्मत अपेक्षा            (ii) मोतीलाल पदमपट

                                                सुगर मिल्स बनाम

                                                उत्तर प्रदेश राज्य

3. वचन विबंध                        (iii) दरयाओ बनाम उत्तर

                                                   प्रदेश राज्य

4. सुने जाने का अधिकार        (iv) एनर्जी लिमिटेड बनाम

                                                   मोनेट इस्पात और भारत संघ

 कूट:

    (1)   (2)  (3)  (4)

a. (ii)   (iv)  (iii)  (i)

b. (iii)  (iv)  (ii)  (i)

c. (i)    (iii)  (iv)  (ii)

d. (iv)  (iii)  (ii)  (i)

 

163. "प्रशासनिक प्रकृति की कार्यवाइयों को अभिखंडित करने के लिए उत्प्रेषण रिट जारी किया जा सकता है।" उपर्युक्त सिद्धांत निम्नलिखित में से किसमें दिया गया?

a. इंडियन रेल्वे कंस्ट्रक्शन कम्पनी लिमिटेड बनाम अजय कुमार

b. .के. क्रैपक बनाम भारत संघ

c. भारत संघ बनाम बश्यन

d. राजेश कुमार बनाम सी.आई.टी.

 

164. लोकपाल के न्यायिक सदस्य की अर्हता निम्नलिखित में से कौन-सी है?

a. संसद सदस्य

b. विधान सभा सदस्य

c. उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त जज

d. उच्च न्यायालय के सेवानिवृत्त मुख्य न्यायाधीश

 

165. "प्रशासनिक कानून प्रशासन से सम्बन्धित कानून है। यह संस्था, शक्ति और प्रशासनिक अधिकारियों के कर्तव्यों का निर्धारण करता है।"

a. आइवर जेनिंग्स

b. के. सी. डेविस

c. ओवेन हुड फिलिप्स

d. कीथ

 

166. संवैधानिक और प्रशासनिक कानून के बीच में समानता बताइये।

a. दोनों संवैधानिक और प्रशासनिक कानून निजी कानून हैं

b. दोनों संवैधानिक और प्रशासनिक कानून राज्य के उच्चतम मानदण्डों को विनियमित करते हैं

c. दोनों संवैधानिक और प्रशासनिक कानून संगठन और सुप्त सरकार के कार्यों से सम्बन्धित हैं

d. दोनों संवैधानिक और प्रशासनिक कानून सार्वजनिक कानून हैं

 

167. प्रशासनिक कानून के तहत दस्तावेज/जानकारी पर रोक लगाने के लिए विशेषाधिकार निम्न में से किस धारा (साक्ष्य अधिनियम की) में अधिनियमित किया जाता है?

a. धारा 120

b. धारा 126

c. धारा 123

d. धारा 98

 

168. डायसी के अनुसार, कानून के शासन के अर्थ की चर्चा निम्नलिखित में से किसके अन्तर्गत की जा सकती है?

a. कानून के बाद समानता

b. कानून के तहत नियमों की समानता

c. कानून के तहत समानता

d. कानून के समक्ष समानता

 

169. अपनी पुस्तक ऐड्मिनिस्ट्रेटिव लॉ में के.सी. डेविस ने 'कानून के शासन' के कई अर्थ दे दिये हैं। तदनुसार सही विकल्प चुनिये।

a. कानून के निश्चित नियम

b. विवेक का बहिष्कार

c. (a) और (b) दोनों

d. तो (a) और ही (b)

 

170. 'सेपरेशन ऑफ पावर' के सिद्धांत को निम्न में से किसके द्वारा समझाया जा सकता है?

a. एक ही व्यक्ति को सरकार के तीन अंगों में से एक से अधिक अंगों का हिस्सा नहीं होना चाहिये

b. एक ही व्यक्ति को सरकार के तीन अंगों में से दो से अधिक अंगों का हिस्सा नहीं होना चाहिये

c. एक ही व्यक्ति को सरकार के तीन अंगों में से किसी भी अंग का हिस्सा नहीं होना चाहिये

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

171. आधुनिक राज्यों में कार्यकारी जिम्मेदारी को, अर्ध-विधायी, अर्द्ध-न्यायिक, मिनिस्टेरियल और विशुद्ध प्रशासनिक कार्य के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। यह अवलोकन निम्नलिखित न्यायिक वादों में से किस पर आधारित है?

a. हरिशंकर बागला बनाम मध्य प्रदेश राज्य

b. मेनका गाँधी बनाम भारतीय संघ

c. हमदर्द दवाखाना बनाम भारतीय संघ

d. उपर्युक्त सभी

 

172. भारत में प्रत्यायोजित विधान (डेलीगेटेड लेजिस्लेशन) संविधान बनने की अवधि के पश्चात् भी तय हो सकता है। यह किस केस में तय किया गया?

a. रानी बनाम बुराह

b. री. डेल्ही लॉज ऐक्ट, 1912

c. जे. एन. गुप्ता बनाम बिहार प्रान्त

d. (a) और (b) दोनों

 

173. उस कार्य को चुनिये जिसे प्रशासनिक नियम के तहत प्रत्यायोजित नहीं किया जा सकता है।

a. पूर्वव्यापी प्रभाव देने के लिए शक्ति

b. नियत दिन या अधिनियम के प्रारम्भ का दिन

c. मौजूदा कानूनों को लागू करना

d. सभी प्रावधानों का निलंबन/अधिनियम के किसी भी प्रावधान का निलंबन

 

174. प्रत्यायोजित विधान (डेलीगेटेड लेजिस्लेशन) की क्या कमी है?

a. लोगों के अधिकारों के घोर उल्लंघन के मामले में, प्रत्यायोजित विधान वापस लिया जा सकता है/ ज्यादा देरी के बिना इसमें उपयुक्त संशोधन किया जा सकता है

b. यहाँ मूल अधिनियम द्वारा दी गयी शक्तियों के दुरुपयोग करने का अवसर है और इस तरह कार्यकारी (executive) संसद की तुलना में अधिक शक्ति का आनन्द उठा सकती है।

c. (a) और (b) दोनों

d. तो (a) और ही (b)

 

175. प्रशासनिक कानून के तहत सशर्त विधान-

a. अधीनस्थ विधान के रूप में भी जाना जाता है। अधीनस्थ अधिकारी कानून बनाने के समय अपने विवेक का उपयोग कर सकते हैं

b. सापेक्ष विधान (कन्टिन्जेन्ट लेजिस्लेशन) के रूप में भी जाना जाता है। कार्यकारिणी कोई नियम बनाने की शक्ति का उपयोग नहीं कर सकती क्योंकि नियम बनाने की शक्ति उसमें नहीं होती है

c. तो (a) और ही (b)

d. (a) और (b) दोनों

 

176. "प्राकृतिक न्याय का सिद्धांत प्रशासनिक कार्रवाई के लिए एक प्रक्रियात्मक नियम है।" उपर्युक्त कथन को विचार करते हुए निम्न में से कौन-सा/से न्यायसंगत है/हैं?

a. किसी भी व्यक्ति को अपने ही कारण में न्याय नहीं देना चाहिये

b. सभी व्यक्तियों को अपने स्वयं के कारण में न्याय देना चाहिये

c. उपर्युक्त सभी

d. तो (a) और ही (b)

 

177. लगभग सभी लोकतांत्रिक देशों में अदालत प्रशासनिक कानून के तहत प्रत्यायोजित विधान की वैधता तय करती है और कुछ प्रमाण तय करती है।

निम्न में से किससे उपर्युक्त वक्तव्य सम्बन्नित है?

a. मूल अधिकारातीत प्रमाण (substantive ultra vires) प्रक्रियात्मक अधिकारातील प्रमाण (test of procedural ultra vires)

b. जहाँ मूल अधिनियम असंवैधानिक और प्रत्यायोजित विधान असंवैधानिक हैं

c. तो (a) और ही (b)

d. (a) और (b) दोनों

 

178. पक्षपाती के खिलाफ नियम के पालन पर निम्न बिन्दु के तहत चर्चा की जा सकती है:

I. आर्थिक पूर्वाग्रह

II. व्यक्तिगत पूर्वाग्रह

III. विषय के रूप में पूर्वाग्रह व्यक्तिगत पूर्वाग्रह के तहत सर्वोच्च न्यायालय ने किस केस में फैसला किया है?

a. डाइप्स बनाम ग्रैन्ड जंक्शन कनाल

b. गुल्लापल्ली नागेश्वरा राव बनाम APSRTC

c. . के. करइपाक बनाम भारतीय संघ

d. मानकलाल बनाम डॉ. प्रेमचंद

 

179. बन्दी प्रत्यक्षीकरण का शाब्दिक अर्थ है 'शरीर को प्रस्तुत करें' किस केस में बन्दी प्रत्यक्षीकरण नहीं जारी की जा सकेगी?

a. . के. गोपालन बनाम मद्रास राज्य

b. बातुलचंद्र बनाम पश्चिम बंगाल राज्य

c. (a) और (b) दोनों

d. तो (a) और ही (b)

 

180. अडि अल्टेरम पार्टेम की क्या मुख्य विशेषता है?

a. सुनवाई के बिना नोटिस जारी करना

b. उनके खिलाफ प्रतिकूल कार्रवाई करना

c. अधिकारों से वंचित रखना

d. नोटिस

 

181. परमादेश (Mandamus) की आवश्यक शर्त क्या है?

a. यह याचिकाकर्ता का कानूनी अधिकार है जो न्यायिक रूप से लागू किया जा सकता है

b. सम्बन्धित लोक प्राधिकारी को अपने कर्तव्य का पालन करना चाहिये

c. याचिकाकर्ता को कर्तव्य के प्रदर्शन की माँग नहीं करनी चाहिये

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

182. राज्य के संविदात्मक दायित्वों के सम्बन्ध में संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार एक अनुबन्ध को वैध बनाने के क्रम में, जिसमें सरकार एक पार्टी के रूप में है, निम्न में से किस शर्त को पूरा किया जाना चाहिये?

a. किया गया अनुबन्ध राष्ट्रपति या सरकार की ओर से, जैसा सम्भव हो, क्रियान्वित हो

b. कोई भी अधिकारी अपने दम पर अनुबन्ध में प्रवेश करता है

c. कोई भी अनुबन्ध किसी भी अधिकारी के द्वारा बिना किसी अधिकार के किया गया हो तो

d. उपर्युक्त सभी

 

183. "न्यायाधिकरण केवल सेवा सम्बन्धित मामलों को लेता है।"

a. यह न्यायाधीश या मजिस्ट्रेट की अध्यक्षता में होता है

b. सी.पी.सी. और साक्ष्य के नियमों का पालन किया जाना चाहिये

c. यह कानून के नियम, प्रक्रिया और साक्ष्य के नियम के आधार पर फैसला करता है

d. उपर्युक्त में से कोई नहीं

 

184. लोकपाल (Ombudsman) की योग्यता क्या है?

a. लोकपाल कोई लाभ का पद धारण नहीं करेगा

b. लोकपाल संसद का सदस्य भी हो सकेगा

c. लोकपाल किसी भी व्यवसाय या पेशे में कार्य करेगा

d. उपर्युक्त में से कोई नही

 

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