अपकृत्य कानून Paper-2 MCQs

अपकृत्य कानून Paper-2 MCQs

अपकृत्य कानून

(LAW OF TORTS)

 

1. मानहानि-

a. केवल सिविल दोष है

b. केवल आपराधिक दोष है

c. आपराधिक और सिविल दोष दोनों हैं

d. न तो सिविल दोष है न आपराधिक दोष है

 

2. निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही है?

मानहानि में सत्य प्रतिरक्षा, यदि कथन-

a. केवल अधिष्ठायी रूप से सत्य है

b. केवल अन्तर्वस्तु में सत्य है

c. अन्तर्वस्तु में और अधिष्ठायी रूप में सत्य है

d. उसके नैसर्गिक अर्थ में सत्य है

 

3. अपकृत्य में विद्वेष का तत्व -

a. सभी प्रकार के अपकृत्य में आवश्यक है

b. किसी भी अपकृत्य में आवश्यक नहीं है

c. असावधानी के अपकृत्य में आवश्यक नहीं है

d. मानहानि के अपकृत्य में आवश्यक है

 

4. गलत उत्तर बताइये-

मानहनि की कार्यवाही में पूर्ण विशेषाधिकार का प्रतिवाद निम्न मामलों में प्राप्त नहीं है-

a. संसदीय कार्यवाहियाँ

b. न्यायिक कार्यवाहियाँ

c. राज्य संसूचनाएँ

d. किसी हित की संरक्षा में कथन

 

5. मोसोपाफ बनाम एम० जी० पिक्वर्स लि० किस अपकृत्य पर एक निदर्शक वाद है?

a. उपेक्षा

b. पशुओं के निमित्त कठोर दायित्व

c. मानहानि

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

6. निम्नलिखित में कौन-सा एक संवर्ग मानहानि के वाद में प्राप्य विनिर्दिष्ट प्रतिरक्षाओं को सही रूप में इंगित करता है?

a. विशेषाधिकार, भूल, उचित टीका टिप्पणी

b. सत्यता, भूल उचित टीका टिप्पणी

c. विशेषाधिकार, सत्यता, उचित टीका टिप्पणी

d. सत्यता, विशेषाधिकार, भूल

 

7. मानहानि के वाद में निम्नलिखित में से कौन-सा बचाव दायित्व समाप्त नहीं कर देता?

a. न्यायोचित

b. क्षमायाचना

c. निष्पक्ष आलोचना

d. विशेषाधिकार

 

8. "कैसिडी बनाम डैली मिरर न्यूजपेपर्स लिमिटेड" का वाद सम्बन्धित है-

a. न्यूसेन्स से

b. मानहानि से

c. संयुक्त अपकृत्यकर्ता से

d. प्रतिनिधिक दायित्व से

 

9. मानहानि के अपकृत्य में निम्नलिखित में से कौन-सा बचाव उचित टिप्पणी का आवश्यक तत्व है?

1. जिस विषय पर टिप्पणी की जा रही है, वह लोकहित का होना चाहिए।

2. यह तथ्य का एक दावा होना चाहिए।

3. इसमें विचारों की अभिव्यक्ति होनी चाहिए।

4. टिप्पणी उचित (न्यायोचित) होनी चाहिए।

नीचे दिए गए कूट में से सही उत्तर संकेतित है -

a. 1, 2, 3, और 4

b. 1, 3 और 4

c. 1 और 2

d. 2 और 3

 

10. मृतक व्यक्ति की मानहानि-

a. दुष्कृति में वादयोग्य है

b. दुष्कृति में वादयोग्य नहीं है

c. एक अपराध है

d. संविदा में वादयोग्य है

 

11. एक मानहानि की कार्यवाही में निम्नलिखित में से कौन-सा बचाव का साधन नहीं होगा?

a. सत्य

b. आवश्यकता

c. उचित टीका-टिप्पणी

d. विशेषाधिकारी

 

12. एक अपमान लेख के बाद में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

a. अपमान लेख अपने आप में वाद योग्य है

b. वास्तविक क्षति का साबित करना आवश्यक है

c. विशेष क्षति का साबित करना आवश्यक है

d. वास्तविक और विशेष क्षति दोनों को सिद्ध करना आवश्यक है

 

13. मानहानि के दीवानी वाद में निम्नलिखित में से कौन-सा बचाव उपलब्ध नहीं है?

a. औचित्य या सत्यता

b. उचित एवं स‌द्भावपूर्ण टिप्पणी

c. विशेषाधिकार

d. लोकहित

 

14. एक मजिस्ट्रेट 'A' अपने वरिष्ठ अधिकारी को दी गई रिपोर्ट में सद्भाव से लोकहित में 'Z' के चरित्र पर लांछन लगाता है। 'Z' द्वारा वाद लाए जाने पर सर्वाधिक उपयुक्त प्रतिवाद होगा -

a. औचित्य

b. ऋजु टिप्पणी

c. आत्यन्तिकविशेषाधिकार

d. सापेक्ष विशेषाधिकार

 

15. अपमान वचन स्वतः ही वाद योग्य नहीं होता -

a. किसी स्त्री के विरुद्ध असति होने का आरोप

b. मानद पर ग्रहण करने का आरोप

c. दण्डनीय अपराध करने का आरोप

d. संक्रामक बीमारी होने का आरोप

 

16. कथन (A): मानहानि करने के आशय को अनुपस्थिति किसी व्यक्ति को मानहानि के वाद के दायित्व से मुक्त नहीं करती।

कारण (R): मानहानि का तत्व किसी व्यक्ति को सही तरह से सोचने वाले लोगों की अपेक्षाओं से नीचे गिराना है।

कूट:

a. A और R दोनों सही हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है

b. A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही स्पष्टीकरण नहीं है

c. A सही है परन्तु R गलत है

d. A गलत है परन्तु R सही है

 

17. अपकृत्य में मानहानि के लिए प्रमुख तत्व कौन-सा है?

a. विद्वेष

b. कथन मानहानि कारक है

c. कथन प्रकाशित होता है

d. उपरोक्त सभी

 

18. गलंत उत्तर बताइये –

मानहानि के दावे में निष्पक्ष एवं न्यायोचित आलोचना का प्रतिवाद मान्य होने के लिए निम्न बातें आवश्यक है?

a. इसे आलोच्य विषय पर मत की अभिव्यक्ति होना चाहिए

b. आलोचना न्यायोचित होनी चाहिए

c. इसे तथ्य का निश्चय कथन होना चाहिए

d. आलोच्य विषय लोकहित में होना चाहिए

 

19. निम्नलिखित दो कथनों पर विचार कीजिए। इनमें से एक को कथन 'A' तथा दूसरे को कारण 'R' कहा गया है-

कथन (A): यदि कोई व्यक्ति 'X' के व्यापार की बुराई करता है तो वह मानहानि है।

कारण (R): अपमान वचन स्वयमेव अभियोज्य है।

कूट:

a. A और R दोनों सही हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है

b. A और दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही स्पष्टीकरण नहीं है

c. A सही है परन्तु R गलत है

d. A गलत है परन्तु R सही है

 

20. निम्नलिखितं किस वाद में उच्चतम न्यायालय ने "राज्य के सम्प्रभु कृत्य" के सिद्धान्त को नहीं माना?

a. राजस्थान राज्य बनाम विद्यावती (1962)

b. कस्तूरी लाल रलिया राम बनाम उत्तर प्रदेश राज्य (1965)

c. श्यामसुन्दर बनाम राजस्थान राज्य (1974)

d. उपरोक्त सभी में

 

21. "सम्प्रभु तथा गैर सम्प्रभु कृत्यों के मध्य प्राचीन विभेद का अब राज्य के उत्तरदायित्व को निर्धारित करने के लिए अवलम्ब नहीं लिया जाता है।" यह निम्नलिखित में से किस मामले में अभिनिर्धारित किया गया है?

a. नरेन्द्र राव एण्ड कम्पनी बनाम आन्ध्र प्रदेश राज्य

b. राजस्थान राज्य बनाम विद्यावती

c. कस्तूरी लाल रलिया राम जैन बनाम उत्तर प्रदेश राज्य

d. सत्यवती बनाम भारत संघ

 

22. तीसरे पक्ष की सम्पत्ति के सम्बन्ध में कार्य करते हुए, उसके कर्मचारियों द्वारा राज्य के सम्प्रभु के कार्य चाहे असावधानीपूर्वक किये जायें, दुष्कृति विधि में राज्य का प्रतिनिधिमूलक दायित्व नहीं है-

a. क्योंकि, राज्य उत्तरदायित्व नहीं है

b. क्योंकि, राज्य के असावधान कर्मचारी हमेशा उत्तरदायी हैं

c. क्योंकि, कर्मचारियों द्वारा असावधानीपूर्वक किया गया कार्य राज्य के सम्प्रभु कार्य का ही भाग है

d. क्योंकि, राज्य तीसरे पक्ष को कोई अन्य उपचार प्रदान कर सकता है

 

23. निम्न में से कौन-सा वाद 'बिना क्षति के हानि' सिद्धान्त से सम्बन्धित नहीं है?

a. म्यूनिसिपल कार्पोरेशन, ऑफ आगरा बनाम अशर्फीलाल

b. चैसमोर बनाम रिचर्ड्स

c. मेयर ऑफ ब्रेडफोर्ड बनाम पिकल्स

d. मुगल स्टीमशिप क० बनाम मैक्ग्रेगर, एण्ड क०

 

24. निम्नलिखित में से कौन-सा वाद अपने कर्मचारियों द्वारा किये गये अपकृत्यात्मक कार्यों के लिए राज्य के दायित्व से सम्बन्धित नहीं है?

a. स्टेट ऑफ वेस्ट बंगाल बनाम भारत संघ

b. स्टेट ऑफ राजस्थान बनाम विद्यावती

c. कस्तुरी लाल बनाम उत्तर प्रदेश राज्य

d. सत्यावती बनाम भारत संघ

 

25. निम्नलिखित वादों में से किस वाद में सर्वप्रथम प्रभुत्वसम्पन्न और गैर-प्रभुत्वसम्पन्न कार्य के बीच अन्तर किया गया?

a. पेनिनसुलर एण्ड ओरियण्टल स्कीम नेविगेशन कम्पनी बनाम सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इण्डिया

b. नवीन चन्द्र डे बनाम सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इण्डिया

c. सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इण्डिया बनाम हरिभाजी

d. पी० वी० राव बनाम खुशालदास

 

26. निम्न में से कौन-सा वाद दुष्कृति में सरकार के दायित्व से सम्बन्धित नहीं है?

a. कृष्ण बस सर्विस बनाम मंगली

b. कस्तूरीलाल जैन बनाम उत्तर प्रदेश राज्य

c. विद्यावती बनाम राजस्थान राज्य

d. श्याम सुन्दर बनाम राजस्थान राज्य

 

27. निम्नलिखित में से किस वाद में प्रथम वाद 'सम्प्रभु' और 'गैर-सम्प्रभु' कार्य में अन्तर किया गया था?

a. पी० एण्ड ओ० स्टीम नेविगेशन कम्पनी बनाम सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इण्डिया

b. नवीन चन्द्र डे बनाम सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इण्डिया

c. सेक्रेटरी ऑफ स्टेट फॉर इण्डिया इन काउन्सिल बनाम हरि भांजी

d. पी० वी० राव बनाम कुशल दास

 

28. कस्तुरीलाल रलियाराम जैन बनाम स्टेट ऑफ यू० पी० का सम्बन्ध है-

a. प्रतिनिधिक दायित्व से

b. राज्य के दायित्व से

c. कठोर दायित्त्व से

d. पूर्ण दायित्व से

 

29. सही उत्तर बताइये- भारत में राज्य का दायित्व विनियमित होता है-

a. गवर्नमेन्ट ऑफ इण्डिया एक्ट, 1935 की धारा-176 द्वारा

b. गवर्नमेन्ट ऑफ इण्डिया एक्ट, 1915 की धारा-32 द्वारा

c. भारत के संविधान के अनुच्छेद 299 द्वारा

d. भारत के संविधान के अनुच्छेद 300 द्वारा

 

30. सेना का एक चालक सेना का ट्रक चला रहा था। इस ट्रक से सेना के जवान घर जाने के लिए अपनी रेलगाड़ी के लिए स्टेशन जा रहे थे। उतावलेपन तथा उपेक्षापूर्वक ट्रक चलाने के कारण ट्रक ने एक पैदल यात्री को टक्कर मार दी जिससे उसकी मृत्यु हो गई। निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?

a. इस मामले में भारत सरकार पर प्रतिनिधिक दायित्व अधिरोपित होगा

b. इस मामले में राज्य के प्रभुकृत्य की प्रतिरक्षा के आधार पर दायित्व से उन्मुक्ति का दावा किया जाएगा

c. इस मामले में अपरिहार्य दुर्घटना की प्रतिरक्षा के अधीन कोई दायित्व अधिरोपित नहीं किया जाएगा

d. इस मामले में भारत सरकार और व्यक्तिगत रूप से चालक दोनों ही, दायी होंगे

 

31. राज्य के सेवकों के कृत्यों के लिए दुष्कृति में राज्य के दायित्व के सन्दर्भ में सम्प्रभु एवं असम्प्रभु कार्यों के मध्य भिन्नता सर्वप्रथम निम्नलिखित में से किस वाद में दर्शायी गई थी?

a. कस्तूरीलाल बनाम स्टेट ऑफ यू० पी०

b. स्टेट ऑफ राजस्थान बनाम विद्यावती

c. पी० एण्ड ओ० स्टीम नेवीगेशन कं० बनाम सेक्रेटरी ऑफ स्टेट

d. ओवरसीज टैंकशीप (यू० के०) लि० बनाम मिरर स्टीमशिप कम्पनी

 

32. एक व्यापारी का उर्वरक परेषण जो अधिकारियों द्वारा अधिग्रहण किया गया था, अप्रयोज्य था जब उर्वरक उसे वापस किया गया। व्यापारी ने अधिकारियों के उपेक्षा के कृत्य के लिए राज्य से प्रतिकर का दावा किया-

a. चूँकि अब प्रभुसत्ता जनता में निहित है, राज्य प्रतिनिधिक दायित्व से किसी भी उन्मुक्ति का प्रतिवाद नहीं ले सकता और राज्य भी उत्तरदायी है

b. राज्य इस आधार पर प्रतिनिधिक दायित्व से प्रभुसत्ता उन्मुक्ति का प्रतिवाद ले सकता है कि माल का अधिग्रहण करना एक प्रभुसत्तात्मक कार्य है

c. राज्य का कोई उत्तरदायित्व नहीं है और केवल अधिकारी ही व्यक्तिगत रूप से उत्तरदायी है

d. व्यापारी अधिग्रहण किए गए माल को उसी रूप में स्वीकार करने के लिए बाध्य है जिस रूप में वह वापसी के समय हो, अतः वह प्रतिकर का दावा नहीं कर सकता

 

33. बिना हानि के क्षति का क्या अर्थ है?

a. केवल विधिक क्षति के रूप में हानि

b. बिना विधिक क्षति के हानि

c. बिना वास्तविक क्षति के हानि

d. विधिक और वास्तविक क्षति के रूप में हानि

 

34. "यूबी जस ईबी रैमेडियम" से अभिप्रेत है कि -

a. यदि अधिकार है तो उपचार है

b. जहाँ वादी का नुकसान हुआ है वहाँ वह उपचार का हकदार है

c. जहाँ किसी अधिकार का उल्लंघन नहीं होता है वहाँ कोई नुकसान नहीं होता

d. अधिकार के अस्तित्व से यह आवश्यक अर्थ नहीं निकलता कि नुकसान हुआ

 

35. निम्नलिखित वादों में से कौन-सा बिना क्षति के हानि से सम्बन्धित नहीं है?

a. भीम सिंह बनाम जम्मू एण्ड कश्मीर राज्य

b. एक्टन बनाम ब्लण्डेल

c. ब्रेडफोर्ड कॉर्पोरेशन बनाम पिकिल्स

d. चेसमोर बनाम रिचर्ड

 

36. बिना क्षति के हानि का अर्थ है-

a. बिना हानि पहुँचाये विधिक अधिकार का उल्लंघन

b. विधिक अधिकार का उल्लंघन किये बिना हानि पहुँचाना

c. विधिक कृत्य को करते हुए क्षति पहुँचाना

d. विद्वेषपूर्ण ढंग से हानि पहुँचाना

 

37. स्वतः अनुयोज्य अपकृत्य वे हैं जिनमें -

a. वादी को विशेष हानि सिद्ध करनी होगी

b. वादी वाद ला समता है यद्यपि उसे कोई वास्तविक हानि नहीं उठानी पड़ी है

c. किसी लोक अधिकार का अतिलंघन होता है, जिससे विशिष्ट हानि भी हुई है

d. दायित्व आशय या उपेक्षा के बिना ही उत्पन्न होता है

 

38. ऐशबी बनाम ह्वाइट का वाद सम्बन्धित है-

a. बिना हानि के क्षति से

b. बिना क्षति के हानि से

c. स्वेच्छा से उठाई गई हानि के लिए किसी को उत्तरदायी नहीं ठहराया जा सकता, से

d. जहाँ अधिकार है वहाँ उपचार भी है, से

 

39. बिना क्षति के विधिक अधिकार का अतिक्रमण" का निम्न में से कौन-सा उदाहरण है?

a. संपरिवर्तन

b. लोक न्यूसेन्स

c. दूसरों की भूमि पर अतिचार

d. मानसिक आघात

 

40. 'ऐशबी बनाम ह्वाइट' का वाद निर्णित किया -

a. ब्लैक बर्न जे० ने

b. होल्ट सी० जे० ने

c. एटकिन जे० ने

d. स्लैसर एल० जे० ने

 

41. "जोखिम की जानकारी में जोखिम की स्वीकृति आवश्यक रूप से समविष्ट नहीं है।" यह सिद्धान्त सर्वप्रथम निम्नलिखित वाद में अधिकथित किया गया -

a. डैन बनाम हैमिल्टन

b. स्मिथ बनाम बेकर

c. उपरोक्त में से किसी में नहीं

d. थॉमस बनाम क्वार्टर मेन

 

42. जब तक किसी के अधिकारों का उल्लंघन न हुआ हो, अपकृत्य विधि में वाद नहीं लाया जा सकता चाहे भले ही हानि कारित हुई हो। यह निम्नलिखित द्वारा अभिव्यक्त किया जाता है-

a. डैमनम साइन इन्जूरिया

b. इन्जूरिया नलियस परसोना

c. इन्जूरिया साइन डैमनो

d. इन्जूरिया डैमनम नलियस

 

43. निम्नलिखित में से कौन-सा वाद "जहाँ अधिकार है, वहाँ उपचार भी है" सूत्र से सम्बन्धित है?

a. ऊषाबेन बनाम भाग्यलक्ष्मी चित्र मन्दिर

b. डिक्सन बनाम राइटर टेलीग्राफ कम्पनी

c. चेसमोर बनाम रिचर्ड

d. एशबी बनाम ह्वाइट

 

44. ब्रैडफोर्ड कॉर्पोरेशन बनाम पिकिल्स का वाद निम्नलिखित किससे सम्बन्धित है?

a. सहमति से किये गए कृत्य

b. बिना हानि के क्षति

c. बिना क्षति के हानि

d. अधिनियम के प्राधिकार

 

45. "जहाँ अधिकार है वहाँ उपचार भी है" का अर्थ है-

a. कोई ऐसा दोष नहीं है जिसका उपचार न हो

b. प्रत्येक विधि में उपचार की व्यवस्था है

c. उपचार सदैव होता है चाहे भले कोई दोष न हुआ हो

d. प्रत्येक दोष के लिए सदैव उपचार उपलब्ध है

 

46. अपकृत्य में सहभागी के सिद्धान्त के पीछे यह विचार है कि जहाँ प्रत्येक पक्षकार समान रूप से दोषी हैं वहीं विधि उस पक्षकार का पक्ष लेती है-

a. जिसकी क्षति हुई और जो असहाय है

b. जिसके पास कब्जा नहीं है

c. जिसके पास कब्जा है

d. जो सम्बद्ध वस्तु का स्वामी है

 

47. बिना हानि के क्षति का अर्थ है-

a. बिना हानि पहुँचाये विधिक अधिकार का उल्लंघन

b. दूसरी पार्टी (पक्ष) को हानि पहुँचाना

c. दूसरे पक्ष को हानि पहुँचाना

d. रात्रि में किसी व्यक्ति को क्षति पहुँचाना

 

48. 'बिना क्षति के हानि' सूत्र किस वाद में लागू नहीं होता?

a. मारजेटी बनाम विलियम्य

b. ग्लोसेटर ग्रामर स्कूल के बाद में

c. ब्रेडफोर्ड के मेयर एवं के० बनाम पिकल्स

d. मुगल स्टीमशिप कं० के बाद में

 

49. 'बिना हानि के क्षति' के सिद्धान्त के प्रमुख वाद का नाम है-

a. बर्ड बनाम जोन्स

b. डेरी बनाम पीक

c. ऐशवी बनाम ह्वाइट

d. ग्लौसेस्टर ग्रामर स्कूल केस

 

50. कभी ऐसा होता है कि किसी व्यक्ति के अधिकार का उल्लंघन हो जाता है, लेकिन उसे कोई क्षति नहीं होती। निम्नलिखित में से किस सूत्र द्वारा हम इसको प्रदर्शित कर सकते हैं?

a. इन्जूरिया साइन डैमनो

b. डैमनम साइन इन्जूरिया

c. रैस इप्सा लॉक्यूटर

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

51. भारत में 'बिना हानि के क्षति' का सूत्र लागू किया गया-

a. म्यूनिसिपल बोर्ड ऑफ आगरा बनाम अशरफी लाल

b. शंकर बनाम लक्ष्मन

c. डिस्ट्रिक्ट बोर्ड बनाम एस० सरकार

d. धनसाऊ बनाम सीताबाई

 

52. निम्नलिखित में से कौन-सा वाद 'बिना हानि के क्षति' सूत्र से सम्बन्धित नहीं है?

a. चेसमोर बनाम रिचर्ड्स

b. टोजर बनाम चाइल्ड

c. ऐशबी बनाम ह्वाइटे

d. आगरा म्यूनिसिपल बोर्ड बनाम अशर्फीलाल

 

53. निम्नलिखित में से कौन-सा कथन सही है?

अवैध परिरोध के अपकृत्य के लिए -

a. वादी को किसी भी दिशा में जाने से अवरुद्ध किया जाना चाहिए

b. वादी को किसी विशेष दिशा में जाने से अवरुद्ध किया जाना चाहिए

c. परिरोध का तथ्य वादी को ज्ञात होना चाहिए

d. परिरोध लम्बे समय के लिए होना चाहिए

 

54. अवैध परिरोधों में से एक है-

a. परमादेश

b. अधिकार पृच्छा

c. बन्दी प्रत्यक्षीकरण

d. उत्प्रेषण

 

55. निम्नलिखित में कौन-सा कथन सही है? अवैध परिरोध के अपकृत्य के लिए वादी को यह ज्ञान है कि अवैध परिरुद्ध किया गया है-

a. आवश्यक है

b. आवश्यक नहीं है।

c. कभी-कभी आवश्यक है

d. सुसंगत है या नहीं यह न्यायालय के विवेक से अवधारित किया जाएगा

 

56. अवैध परिरोध के शिकार व्यक्ति को प्राप्त होने वाले उपचारों को निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही रूप में परिलक्षित करता है?

a. आत्म सहायता, बन्दी प्रत्यक्षीकरण नुकसानी के लिए कार्यवाही

b. आत्म-सहायता, उपशमन, नुकसानी के लिए कार्यवाही

c. बन्दी प्रत्यक्षीकरण, नुकसानी के लिए कार्यवाही, व्यादेश

d. व्यादेश, उपशमन, नुकसानी के लिए कार्यवाही

 

57. 'X' को किसी भी विधिसम्मत आधार के बिना एक मिनट के लिए निरुद्ध किया जाता है-

a. यह एक अप्राधिकृत बन्दीकरण नहीं था

b. यह एक अप्राधिकृत बन्दीकरण था

c. समय की बात सारवान है, अप्राधिकृत बन्दीकरण के मामले में

d. आवागमन पर, किसी विशेष दिशा में, रोक का अर्थ प्राधिकृत बन्दीकरण है

 

58. 'A' ने अवैध रूप से 'B' को एक कमरे में बन्द कर दिया। 'B' के पास एक दूसरी चाभी है जिससे वह कमरे के भीतर के द्वारा खोल सकता है। 'B' को स्मरण नहीं रहता कि उसके पास चाभी है। परिणामस्वरूप वह दो घण्टे तक बन्द रहता है। बाद में 'A' वापस आता है और कमरा खोलता है। 'A' -

a. दायी नहीं है क्योंकि 'B' के पास दूसरी चाभी थी और वह अपनी इच्छानुसार बाहर आ सकता था

b. दायी है क्योंकि सम्भवतः उसे ज्ञात नहीं कि उसके पास दूसरी चाभी है i

c. दायी है क्योंकि उसका कार्य विधि विरुद्ध है

d. दायी नहीं है क्योंकि 'B' ने अपने भूलने के स्वभाव के कारण कष्ट पाया

 

59. अवैध परिरोध की दशा में-

a. स्वतन्त्रता को भागतः सीमित करके दोष गठित किया जा सकता है

b. अपकृत्य गठित करने के लिए प्रतिवादी का आशय आवश्यक है

c. जिस व्यक्ति के विरुद्ध दोष किया गया है उसकी जानकारी के बिना दोष गठित नहीं होता

d. जिस व्यक्ति के विरुद्ध दोष किया गया है उसकी जानकारी के बिना भी दोष गठित किया जा सकता है

 

60. प्राइवेट न्यूसेन्स, व्यक्ति के निम्नलिखित में से किस अधिकार की बाबत क्षति है?

a. सम्पत्ति का उपभोग

b. सम्पत्ति का कब्जा

c. समत्ति का स्वामित्व

d. सम्पत्ति का स्वामित्व और कब्जा दोनों

 

61. 'अ' के वृक्षों और झाड़ियों को 'ब' की कम्पनी से निकली भाप के कारण क्षति पहुँचती है। 'अ' द्वारा 'ब' के विरुद्ध कार्यवाही में 'ब' यह तर्क देता है कि उस स्थान के निवासी उसकी कम्पनी के कार्य से लाभान्वित होते हैं। इस मामले में -

a. 'अ' सफल नहीं होगा

b. 'ब' न्यूसेन्स के लिए उत्तरदायी नहीं होगा, क्योंकि कारखाने के कार्य से 'अ' भी लाभान्वित होता था

c. 'ब' न्यूसेन्स के लिए उत्तरदायी होगा तथा उसका तर्क बचाव हेतु स्वीकार नहीं किया जायेगा

d. ब' उत्तरदायी नहीं होगा, क्योंकि उस इलाके में रहने वाले लोग कम्पनी के कार्य से लाभान्वित होते थे

 

62. प्राइवेट न्यूसेन्स के मामले में पीड़ित व्यक्ति को प्राप्त होने वाले उपचारों को निम्नलिखित में से कौन-सा एक ठीक-ठीक बताता है?

a. नुकसानी के लिए कार्रवाई, व्यादेश, उपशमन

b. नुकसानी के लिए कार्रवाई, सम्पत्ति का विनिर्दिष्ट प्रत्यस्थापन, उपशमन

c. नुकसानी के लिए कार्रवाई, व्यादेश, सम्पत्ति का विनिर्दिष्ट प्रत्यस्थापन.

d. व्यादेश, सम्पत्ति का विनिर्दिष्ट प्रत्यस्थापन, उपशमन

 

63. प्रतिवादी ने एक भवन का निर्माण किया जिसके कारण वादी के घर के भूतल पर दो खिड़कियों से आने वाला प्रकाश घट गया। बाद में उनमें सदा बिजली के प्रकाश को आवश्यकता पड़ने लगी। नुकसानी की कार्यवाही का आधार हो सकता है-

a. लोक न्यूसेन्स

b. प्राइवेट न्यूसेन्स

c. उपेक्षा

d. कठोर दायित्व

 

64. निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही है?

न्यूसेन्स मान्यता देती है-

a. बिना कसूर के दायित्व की संकल्पना को

b. कसूर पर आधारित दायित्व को

c. लांछन पर आधारित दायित्व को

d. उपरोक्त में से किसी को नहीं

 

65. एक मोहल्ले में एक कसाईघर है। 'X' ने उस मोहल्ले में एक आवासीय मकान लिया। वह कसाई घर 'X' के लिए न्यूसेन्स बन जाता है। 'X' क्षतिपूर्ति के लिए वाद करता है-

a. 'X' की क्षतिपूर्ति नहीं मिलेगी

b. 'X' की क्षतिपूर्ति मिलेगी

c. कसाई घर की यह कहने की अनुमति होगी कि 'X' को इस खतरे का पूर्व ज्ञान था

d. न्यायालय 'X' का वाद नहीं लेगा/सुनेगा

 

66. निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही नहीं है?

a. लोक न्यूसेन्स एक अपराध है, जबकि प्राइवेट न्यूसेन्स एक सिविल दोष है

b. प्राइवेट न्यूसेन्स के सन्दर्भ में नुकसानी का दावा किया जा सकता है, परन्तु साधारणतः लोक न्यूसेन्स में ऐसा नहीं है।

c. वादी को विशेष नुकसान होने पर भी लोक न्यूसेन्स के सन्दर्भ में नुकसानी का दावा नहीं किया जा सकता

d. वादी को विशेष नुकसान होने पर लोक न्यूसेन्स के सन्दर्भ में नुकसानी का दावा किया जा सकता है

 

67. हालीवुड सिल्वर फाक्स फार्म लिमिटेड बनाम इमेट का वाद सुसंगत है -

a. मानहानि में

b. भूमि के विरुद्ध अतिचार में

c. उपताप में

d. उपेक्षा में

 

68. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए –

न्यूसेन्स के अपकृत्य के लिए, महत्वपूर्ण कारक है-

1. वादी का असाधारण रूप से संवेदनशील होना।

2. प्रतिवादी का द्वेषपूर्ण होना।

उपर्युक्त कथनों में से कौन सा/से सही है/हैं?

a. केवल 1

b. केवल 2

c. 1 और 2 दोनों

d. न तो 1 और न ही 2

 

69. न्यूसेन्स में प्रतिवादी 'अप्रायिकतः संवेदनशीलवादी' के प्रतिदायी है-

a. केवल व्यक्तिगत क्षति के वादों में

b. केवल सम्पत्ति की क्षति के वादों में

c. व्यक्तिगत क्षति और सम्पत्ति की क्षति दोनों के वादों में

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

70. लोक न्यूसेन्स में कार्यवाही का व्यक्तिगत अधिकार होता है-

a. जब क्षति केवल पारिमाणिक होती है।

b. जब क्षति, विशिष्ट सारवान् तथा प्रत्यक्ष होती है

c. जब नुकसान का सबूत होता है

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

71. प्रतिवादी ने एक मकान के तहखाने में कागज के डिब्बों का विनिर्माण प्रारम्भ किया। मकान का ऊपरी भाग वादी के अभियोग में था। प्रतिवादी के कारोबार के लिए गर्म और शुष्क वायु की आवश्यकता थी और उसने तहनुसार तहखाने को गर्म किया। इससे वादी की मन्जिल का तापमान बढ़ गया और उससे वादी द्वारा भण्डारकृत भूरा कागज सूख गया और उसकी मूल्य घट गया। प्रतिवादी-

a. दायी है क्योंकि उसका कर्तव्य या कि वह अपने पड़ोसी का ध्यान रखे

b. दायी नहीं है क्योकि उसे यह मालूम नहीं था कि वादी वैसे कारोबार में लगा है

c. दायी नहीं है क्योंकि वादी एक अत्यन्त नाजूक वस्तु का व्यापार कर रहा था

d. दायी हैं क्योंकि प्रतिवादी अपने सम्पत्ति पर कुछ असाधारण कार्य कर रहा था

 

72. सूची I को सूची II से सुमेलित कीजिए और सूचियों के नीचे दिये गये कूट का प्रयोग कर सही उत्तर चुनिए-

         सूची I                                    सूची II

(अपकृत्य का प्रकार)                      (अवयव)

A. प्राइवेट न्यूसेंस                       1. भूमि में हित

B. लोक न्यूसेंस                          2. आँखों को सम्बोधित

C. अपमान लेख                         3. भूमि में कोई हित नहीं

D. अपमान वचन                        4. कानों को सम्बोधित

कूट:

     A B C D

a. 1 2 3 4

b. 1 3 2 4

c. 4 3 2 1

d. 4 2 3 1

 

73. "उपताप से तात्पर्य, किसी व्यक्ति द्वारा भूमि के प्रयोग अथवा उपभोग अथवा उससे सम्बन्धित अधिकार को विधि विरुद्ध तरीके से क्षति अथवा असुविधा कारित करना है।" उपताप की यह परिभाषा दी है -

a. ब्लैकस्टोन ने

b. सामण्ड ने

c. पोलक ने

d. विनफील्ड ने

 

74. निम्नलिखित में से 'प्राइवेट उपताप' का आवश्यक तत्व नहीं है?

a. वादी की ओर से त्रुटि का अभाव

b. यह हस्तक्षेप का एक स्रोत है

c. कार्य का कार्यलोप की अविधिकता

d. कुछ क्षति

 

75. प्रतिवादी की भूमि पर उगने वाले एक वृक्ष की शाखा भूमि से 30 फुट की ऊँचाई पर राजमार्ग पर झुलती थी। अच्छे मौसम में वह शाखा टूट कर वादी के वाहन पर गिर गई। वाहन राजमार्ग से जा रहा था। वादी ने प्रतिवादी के विरुद्ध वाहन को नुकसान पहुँचाने के लिए न्यूसेन्स के आधार पर वाद संस्थित किया।

उपरोक्त वाद में निम्नलिखित में से कौन-सा निष्कर्ष सही है?

a. प्रतिवादी न्यूसेन्स के लिए दायी नहीं है

b. प्रतिवादी न्यूसेन्स के लिए दायी है

c. प्रतिवादी कठोर दायित्व के सिद्धान्त के अधीन दायी है

d. वादी के वाद में डिक्री उसके पक्ष में होनी चाहिए

 

76. 'ख' की कम्पनी से निकली भाप के कारण 'क' के वृक्षों और झाड़ियों को क्षति पहुँचती है। 'क' द्वारा 'ख' के विरुद्ध कार्यवाही में 'ख' यह तर्क देता है कि उस स्थान के निवासी उसकी कम्पनी के कार्य से लाभान्वित होते हैं। इस मामले में-

a. 'क' इस वाद में सफल नहीं होगा

b. इस प्रकार की क्षति चूँकि सम्पत्ति की क्षति थी अतएव 'ख' न्यूसेन्स के लिए उत्तरदायी होगा और उसका तर्क बचाव हेतु अमान्य होगा

c. 'ख' न्यूसेन्स के लिए दायित्वाधीन नहीं है, क्योंकि कम्पनी के कार्य से 'क' भी लाभान्वित होता था

d. 'ख' उत्तरदायी नहीं होगा, क्योंकि कम्पनी के कार्य से पास-पड़ोस के सभी लोग लाभान्वित होते थे

 

77. आलू की कमी थी और प्रतिवादी की दुकान के बाहर लम्बी लाइनें लगती थीं। प्रतिवादी के पास फल और सब्जी बेचने का लाइसेंस था और वह प्रति राशन कार्ड केवल 1 किलो आलू बेचता था। लाइनें राजमार्ग तक पहुँच जाती थीं। और पड़ोस की दुकानों को बाधा पहुँचती थी। पड़ोस के दुकानदारों ने प्रतिवादी के विरुद्ध न्यूसेन्स की कार्रवाई की। इस वाद में निम्नलिखित में से कौन-सा एक विनिश्चय सही होगा?

a. प्रतिवादी न्यूसेन्स के लिए दायी है

b. प्रतिवादी न्यूसेन्स के लिए दायी नहीं है

c. वादी के बाद में डिक्री वादी के पक्ष में होनी चाहिए

d. प्रतिवादी वादी को नुकसानी संदाय करने का दायी है

 

78. कथन (A): न्यूसेन्स के अपकृत्य में, प्रतिवादी के हस्तक्षेप से वादी की सम्पत्ति को नुकसान हो सकता है या सम्पत्ति के भोग में व्यक्तिगत असुविधा हो सकती है।

कारण (R): सम्पत्ति के उपभोग में प्रत्येक हस्तक्षेप न्यूसेन्स है।

a. A और R दोनों सही हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है

b. A और दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही स्पष्टीकरण नहीं है

c. A सही है परन्तु R गलत है

d. A गलत है परन्तु R सही है

 

79. निम्नलिखित में कौन सा सही है?

बाधा (Nuisance)-

a. केवल आपराधिक दोष है

b. आपराधिक और सिविल दोष है

c. केवल सिविल दोष है

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

80. 'A' अपनी संगीत प्रणाली को नीचे सुर में बजा रहा है। उसका पड़ोसी 'B' संगीत की ध्वनि सहन नहीं कर सकता क्योंकि उसे हृदय रोग है। 'B' को परिणामस्वरूप हृदयं आघात हो जाता है। 'B', 'A' के विरुद्ध न्यूसेन्स का वाद लाता है। 'A' -

a. दायी है क्योंकि उसका अपने पड़ोसी के प्रति कर्तव्य है

b. दायी नहीं है क्योंकि वह संगीत नीचे सुर में बजा रहा था

c. दायी नहीं है क्योंकि उसे अपने पड़ोसी के रोग की जानकारी होना चाहिए थी

d. दायी नहीं है क्योंकि कोई भी दूसरे की स्वतन्त्रता इस आधार पर सीमित नहीं कर सकता कि उसकी अपनी विशेष परिस्थिति है

 

81. राजमार्गों में रुकावट डालना एक न्यूसेन्स (उपताप) है-

a. केवल तभी जबकि रुकावट पूर्ण हो

b. चाहे रुकावट पूर्ण या आंशिक हो

c. केवल तब ही जबकि रुकावट आंशिक हो परन्तु स्थाई प्रकृति की हो

d. परन्तु बन्ध तथा सड़क रुकावटों के समय में नहीं

 

82. उपताप का तात्पर्य किसी व्यक्ति द्वारा भूमि के प्रयोग अथवा उपयोग अथवा उससे सम्बद्ध या उससे सम्बन्धित किसी अधिकार के साथ विधि विरुद्ध हस्तक्षेप है। उपताप की यह परिभाषा दी है-

a. विनफील्ड ने

b. पोलक ने

c. सामण्ड ने

d. लॉर्ड एटकिन ने

 

83. गलत उत्तर बताइये –

उपताप के अपकृत्य का कार्यवाही में वादी को प्रतिवादी के विरुद्ध निम्न बातों को सिद्ध करना होता है-

a. यह आवश्यक नहीं है कि हस्तक्षेप अयुक्तियुक्त है,

b. प्रतिवादी द्वारा अयुक्तियुक्त हस्तक्षेप

c. हस्तक्षेप भूमि के प्रयोग अथवा उपयोग के साथ किया गया है

d. वादी की प्रतिवादी के कृत्य से वास्तव में क्षति हुई है

 

84. निम्नलिखित में कौन-सा प्राइवेट न्यूसेन्स के लिए उपचार नहीं है?

a. विनिर्दिष्ट अनुतोष के लिए कार्यवाही

b. व्यादेश

c. उपशमन

d. नुकसानी के लिए कार्यवाही

 

85. "एक अपकृत्य के रूप में 'उपताप' से तात्पर्य किसी व्यक्ति द्वारा भूमि के उपयोग और उपभोग या उस पर या उससे सम्बन्धित कुछ अधिकार के साथ विधिविरुद्ध हस्तक्षेप है।" उपताप की उक्त परिभाषा निम्न में से किसकी है?

a. सामण्ड

b. पोलक

c. विनफील्ड

d. ग्लैविल विलियम

 

86. उपताप के विरुद्ध कार्यवाही में निम्नलिखित में कौन-सा प्रभावी प्रतिरक्षा का आधार है?

a. सांविधिक प्राधिकार

b. दूसरों के कार्य द्वारा उपताप

c. लोकहित

d. युक्तियुक्त सावधानी

 

87. वादी की केवल एक आँख थी। उसे प्रतिवादियों द्वारा नियोजित किया गया था। वह ऐसी दशाओं में काम कर रहा था, जिसमें आँख को क्षति पहुँचने का जोखिम था। किन्तु क्षति की सम्भावना इतनी नहीं थी कि प्रतिवादियों को एक सामान्य दो आँख वाले कर्मकार को काले चश्मे प्रदान करने की आवश्यकता हो। कार्य करते समय वादी को आँख में क्षति पहुँची। प्रतिवादी-

a. दायी है क्योंकि वादी के एक आँख वाला होने से उसकी बची हुई आँख में क्षति पहुँचने की जोखिम की मात्रा बहुत अधिक थी और परिणामस्वरूप प्रतिवादियों को उसे काला चश्मा देना चाहिए था

b. दायी है क्योंकि वादी के कार्य की प्रकृति ऐसी थी जिसमें आँख की क्षति सम्भाव्य थी

c. दायी नहीं है क्योंकि वादी को काला चश्मा देना प्रतिवादियों का आबद्धकर कर्तव्य नहीं था

d. दायी नहीं है क्योंकि वादी ने कार्य को उसमें शामिल जोखिम को समझते हुए स्वेच्छा से हाथ में लिया था

 

88. प्रतिवादियों ने जो नगर निगम के कर्मचारी थे सड़क में एक मेनहोल खोला और संध्या समय उसे खुला ही छोड़ दिया किन्तु उस पर केन्वास की झोपड़ी बना दी। कोई व्यक्ति वहाँ नहीं था। चेतावनी स्वरूप यहां प्रकाश की व्यवस्था की गई थी। वादी एक आठ वर्ष का बालक था। उसने झोपड़ी का एक प्रकाश लेम्प उठा लिया और उससे खेलने लगा। खेलते हुए उसका पैर मैनहोल में पड़ गया ओर वह छेद में गिरा। गिरते ही भयानक धमाका हुआ और वादी जल गया।

प्रतिवादीगण -

a. दायी नहीं हैं क्योंकि वादी को हुई क्षति का पूर्वाभास नहीं हो सकता था

b. दायी हैं, क्योंकि क्षति खतरे से ज्ञात स्त्रोत से हुई है यद्यपि घटनाओं का क्रम ऐसा था जिसका पूर्वाभास नहीं हो सकता था

c. दायी हैं, क्योंकि उन्हें वह स्थान छोड़ने से पहले कार्य पूरा कर देना चाहिए था

d. दायी नहीं है, क्योंकि उन्होंने युक्तियुक्त रीति से कार्य किया था

 

89. वादी एक महिला है जो रेस्तारां गई थी। वहाँ छत का पंखा गिरने से उसे क्षति पहुँची। पंखा गिरने का कारण था उसकी लटकने वाली छड़ की धातु में प्रच्छन्न दोष। प्रतिवादी के विरुद्ध कार्रवाई में वह -

a. दायी है, क्योंकि अन्तिम अवसर का सिद्धान्त लागू होता है

b. दायी नहीं है, क्योंकि क्षति का पूर्वाभास नहीं हो सकता था

c. दायी है, क्योंकि क्षति का पूर्वाभास हो सकता था

d. दायी है, क्योंकि 'स्वयं प्रमाण' का सिद्धान्त लागू होता है-

 

90. पूर्व चिन्तन का जो मार्गदर्शक सिद्धान्त वेगन मांड के वाद में, अपकृत्य में दायित्व के अवधारण के लिए अधिकथित किया गया, उसका भारत में अनुसरण निम्नलिखित में से किस एक वाद में किया गया?

a. सी० बी० सिंह बनाम केन्टोमेण्ट बोर्ड आगरा

b. वीरन बनाम कृष्णमूर्ति

c. सुषमा मित्रा बनाम एम० पी० एस० आर० टी० कारपोरेशन

d. मनीन्द्र नाथ बनाम मथुरादास

 

91. एक स्त्री एक ट्राम से उतर रही थी तभी बेतहाशा तेजी से आता हुआ एक मोटर साइकिल सवार सड़क के लगभग मध्य में एक मोटर कार से टकरा गया। इस टक्कर के कारण उपेक्षावान मोटर साइकिल वाला उस स्थान पर मर गया। उस स्त्री ने टक्कर की आवाज सुनी और सड़क पर रक्त देखा यद्यपि उसे आहत व्यक्ति का शरीर नहीं दिखाई दिया। वह गर्भवती थी और गर्भपरिपक्व अवस्था में था। उसे जो तन्त्रिका घात लगा उससे उसने एक मृत शिशु को जन्म दिया। उसने मोटर साइकिल वाले के प्रतिनिधि के विरुद्ध नुकसानी का वाद किया। निम्नलिखित में कौन-सी प्रस्थापना सही है जैसा कि एक अग्रनिर्णय में निर्णीत हुआ है?

a. वह नुकसानी वसूल कर सकती है क्योंकि मृतक का यह कर्त्तव्य था कि उसके प्रति सावधानी बरते

b. वह नुकसानी वसूल नहीं कर सकती क्योंकि मोटर साइकिल वाले की मृत्यु से उसके सभी दायित्व समाप्त हो गए हैं

c. वह नुकसानी वसूल नहीं कर सकती क्योंकि शिशु को ही यदि वह जीवित रहता तो अधिकार था

d. वह नुकसानी वसूल नहीं कर सकती थी क्योंकि मृतक का उसके प्रति सावधानी बरतने का कोई कर्त्तव्य नहीं था यद्यपि वह मोटर कार वाले के प्रति उपेक्षावान था

 

92. रेल प्राधिकारियों की, उपेक्षा के कारण एक भयानक ट्रेन दुर्घटना घटी दूरदर्शन पर इस दुर्घटना का समाचार सुनकर और देखकर इस ट्रेन के एक यात्री की माता को गम्भीर आघात हुआ जिससे उसे हृदयाघात हुआ। इस आघात के लिए माता ने रेल प्राधिकारियों से नुकसानी की माँग की। निम्नलिखित में से कौन-सा एक कथन सही है? रेल प्राधिकारी दायी नहीं है, क्योंकि वादी-

a. को कारित आघात और दुर्घटना के बीच समय और स्थानिक प्रत्यक्ष सम्बन्ध नहीं था

b. स्वयं दुर्घटना में प्रत्यक्ष रूप से ग्रस्त नहीं थी

c. उस ट्रेन में यात्री नहीं थी

d. रेल प्राधिकारियों की उपेक्षा साबित नहीं कर सकती

 

93. 'अ' ने एक सार्वजनिक मार्ग पर एक खाई खोद रखी थी। 'ब' शाम को अपनी साइकिल पर सवार होकर जा रहा था। वह उस खाई को अंधेरा होने के कारण नहीं देख पाया और खाई में गिरकर चोटग्रस्त हो गया। उस पर कोई रोशनी, खतरे का संकेत, सावधानी की सूचना या अवरोध नहीं लगाया गया था। साइकिल सवार भी अपनी साइकिल में सामने लाइट लगाये हुए नहीं था। इस मामले में -

a. चूँकि 'अ' की असावधानी के कारण दुर्घटना हुई, अतएव वह दायित्वाधीन है

b. 'अ', 'ब' को लगी चोट के लिए दायित्वाधीन नहीं है

c. 'ब', स्वयं सावधान नहीं था, अतएव 'अ' चोट लगने हेतु दायित्वाधीन नहीं है

d. दुर्घटना को बचाने के लिए 'ब' के पास अन्तिम अवसर था, अतएव 'अ' दायित्वाधीन नहीं है

 

94. एक बच्चा सड़क पर खेल रहा था और एक टैक्सी उसके ऊपर निकलने ही वाली थी। ड्राइवर ने ब्रेक लगाकर टैक्सी को तुरन्त रोक दिया। बालक को हल्की क्षति पहुँची। बालक की माता 100 मीटर दूर अपने घर से सब देख रही था। उसे स्वाभाविक आघात पहुँचा।

a. स्नायविक आधात के लिए दायी है क्योंकि वह उसके कार्य का सीधा परिणाम है

b. दायी है क्योंकि उसका माता के प्रति सावधानी बरतने का कर्तव्य था

c. दायी नहीं है क्योंकि उसका माता के प्रति सावधानी बरतने का कोई कर्तव्य नहीं था

d. दायी नहीं है क्योंकि नुकसान का युक्तियुक्त रूप पूर्वानुमान नहीं हो सकता

 

95. यह तर्क कि अपकृत्य के रूप में परिवादित परिणाम न तो प्रतिवादी द्वारा आशायित थे और न ही उनका पूर्वानुमान लगाना एवं युक्तियुक्त सावधानी और कौशल के प्रयोग से टालना सम्भव था, निम्नलिखित में से एक प्रतिवाद है-

a. भूल का प्रतिवाद

b. अपरिहार्य दुर्घटना का प्रतिवाद

c. प्राइवेट प्रतिरक्षा का प्रतिवाद

d. आवश्यकता का प्रतिवाद

 

96. बरसात और तेज हवा से एक दिन विद्युत खम्भे से एक तार टूट गया मोहन को वह तार नहीं दिखा और उसने उस पर से अपनी साइकिल चलाई जिससे करण्ट लगने से उसकी मृत्यु हो गई। उसकी विधवा ने विद्युत् बोर्ड के विरुद्ध नुकसानी का वाद दाखिल किया। निम्नलिखित में से कौन सा एक कथन सही है?

a. बोर्ड दायी नहीं है, क्योंकि दैवकृत के कारण तार टूट गया था

b. बोर्ड दायी है और दायित्व का आधार ऐसी कार्रवाई के मात्र प्रकृति में ही अन्तर्निहित खतरा है जिसका पूर्वानुमान लगाया जा सकता था

c. बोर्ड दायी नहीं है, क्योंकि विद्युत् वितरण बोर्ड का कानूनी कर्तव्य है

d. बोर्ड दायी नहीं है, क्योंकि उसकी उपेक्षा साबित नहीं हुई

 

97. अपकृत्य कार्य के फलस्वरूप किस सीमा तक दायित्व होगा इसके लिए प्रिवी कौन्सिल ने पूर्वानुमान का मापदण्ड अपनाया?

a. बेगनमाउण्ड नं० 1 वाद में

b. हेन्स बनाम हारवुड में

c. हन री पोलियस में

d. बोरहिल बनाम बंग में

 

98. 'परिणामों की दूरस्थता' निश्चित करने के लिए 'युक्तियुक्त पूर्वानुमान' का मापदण्ड निम्न में से किसमें अभिनिर्धारित किया गया था?

a. री पोलेमिस के बाद में

b. ह्युजेज बनाम लॉर्ड एडवोकेट के वाद में

c. डोनोघ बनाम स्टीवेन्सन के वाद में

d. वैगन माउण्ड (नं० 1) के वाद में

 

99. प्रतिवादी के स्वामित्वाधीन भवन की, जो राजमार्ग के पास था, खिड़कियों के पल्ले एक हवाई हमले में शुक्रवार को टूट गए। उसके बाद आने वाले बृहस्पतिवार को खिड़की से काँच के गिरने से वादी को क्षति पहुँची। तब एक प्रतिवादी ने मरम्मत नहीं की थी। इस मामले में निम्नलिखित में से कौन-सा सही है?

a. प्रतिवादी उपेक्षा के लिए दायी है

b. प्रतिवादी न्यूसेन्स और उपेक्षा, किसी के लिए दायी नहीं है

c. प्रतिवादी न्यूसेन्स के लिए दायी है

d. प्रतिवादी यह प्रतिरक्षा कर सकता है कि वह अपरिहार्य दुर्घटना थी

 

100. राजपथ के किनारे पर बच्चों का स्कूल है। जब कक्षाएं चल रही हैं, दो बच्चे राजपथ पर घूम रहे हैं। एक ट्रक सामान्य गति से राजपथ पर चल रहा था। बच्चों को टक्कर से बचाने में ट्रक बैलगाड़ी से टकरा जाता है, एक व्यक्ति घायल हो जाता है, बैल मर जाते हैं और ट्रक को भी क्षति पहुँचती है। निम्नलिखित में से कौन-सी उक्ति दायित्व को सही स्वरूप में अभिनिर्धारित करती है?

a. ट्रक का चालक दायित्वाधीन था, क्योंकि उसने सतर्कता से कार्य नहीं किया

b. बैलगाड़ी चालक दायित्वाधीन था, क्योंकि उसने उचित सतर्कता नहीं बरती

c. स्कूल प्रशासन दायित्वाधीन है, क्योंकि वे उपेक्षापूर्ण कार्य कर रहे थे

d. बच्चे दायित्वाधीन हैं, उन्होंने दुर्घटना में अंशदान दिया

 

101. निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए-

अवैध परिरोध के लिए यह आवश्यक है कि-

1. मनुष्य के शरीर का स्पर्श किया जाए।

2. व्यक्ति को अवरोध में रखा जाए।

3. परिरोध हो सकता है चाहे व्यक्ति सचेतन है या नहीं।

उपर्युक्त कथनों में से कौन-से सही है?

a. 1, 2 और 3

b. 1 और 2

c. 1 और 3

d. 2 और 3

 

102. दिल्ली नगर निगम बनाम सुभागवंती में उच्चतम न्यायालय ने निम्नलिखित में से कौन-सा सिद्धान्त लागू किया?

a. अन्तिम अवसर का नियम

b. अभिदायी उपेक्षा

c. आधारिक उपेक्षा

d. स्वयं प्रमाण

 

103. क महिला एक ऐसी कार में सवारी कर रही थी जिसका चालक नशे में था और जिसे महिला जानती थी। चालक की लापरवाही से दुर्घटना हो गई और महिला को चोट लग गई। क्या महिला क्षतिपूर्ति का वाद ला सकती है और -

a. सफल होगी

b. सफल नहीं होगी

c. वह अंशदायी उपेक्षा उत्तरदायी है

d. उपरोक्त सभी सही हैं

 

104. 'A' अपने शिशु पुत्र 'C' की देखभाल के लिए एक शल्यचिकित्सक 'B' को नियोजित करता है। 'B' की उपेक्षा के कारण ` C' को क्षति पहुँचती है। निम्नलिखित में से कौन-सा एक सही है?

a. 'A' केवल अपकृत्य के लिए 'B' के विरुद्ध वाद ला सकता है

b. 'A' अपकृत्य या संविदा भंग के लिए 'B' के विरुद्ध वाद ला सकता है

c. 'A' और 'C' दोनों 'B' के विरुद्ध अपकृत्य में वाद ला सकते हैं

d. 'A' न तो अपकृत्य के लिए और न संविदा भंग के लिए 'B' के विरुद्ध वाद ला सकता है

 

105. कथन (A): उपेक्षा के लिए दायित्व इस साधारण लोक भावना पर आधारित है कि नैतिक रूप से दोषपूर्ण कार्य के लिए अपराधी को भुगतना चाहिए।

कारण (R): यदि वादी के प्रति सावधानी बरतने के कर्तव्य का भंग होने के परिणामस्वरूप उसे नुकसान होता है तो वादी उपेक्षा के लिए नुकसानी का दावा कर सकता है।

a. A और R दोनों सही हैं और R, A का सही स्पष्टीकरण है

b. A और R दोनों सही हैं परन्तु R, A की सही स्पष्टीकरण नहीं है

c. A सही है परन्तु R गलत है

d. A गलत है परन्तु R सही है

 

106. 'A' को 'B' ने अपने कारखाने में नियोजित किया। नियोजन के दौरान उसे 'C' के द्वारा विनिर्मित हथौड़े का प्रयोग करना पड़ता था। 'A' के कार्य प्रबन्धक 'D' ने यह पाया कि हथौड़ा दोषपूर्ण था, किन्तु उसने कहा कि वह उसका प्रयोग करता रहे। हथौड़े में दोष के कारण 'A' को क्षति पहुँची। 'A' द्वारा नुकसानी के लिए कार्रवाई में -

a. 'C' जो विनिर्माता है वह दायी है क्योंकि उसने दोषपूर्ण उत्पाद प्रदान किया है

b. 'C' जो विनिर्माता है दायी नहीं है, क्योंकि 'D' की जानकारी होने से विनिर्माता द्वारा की गई उपेक्षा और वादी की क्षति के बीच हेतुक श्रृंखला की गई

c. 'A' जो कर्मचारी है कुछ वसूल नहीं कर सकता, क्योंकि उसे दोनों की जानकारी थी

d. 'B' जो नियोजक है दायी नहीं है, क्योंकि उसे उस विनिर्माता पर विश्वास किया जिसने हथौड़ा प्रदान किया

 

107. 'A' शहर में व्यस्त सड़क पर उपेक्षापूर्ण ढंग से 50 किमी० प्रति घण्टा की रफ्तार से अपनी कार चला रहा था। उसने 'B' को टक्कर मारकर उसे क्षति पहुंचाई। इन तथ्यों पर भारत के उच्चतम न्यायालय ने यह स्थापित 'किया कि 'A', 'B' की क्षतिपूर्ति करने के लिए दायी है। इसका अर्थ यह है कि उच्चतम न्यायालय ने यह विधि अभिकथित की है कि क्षतिग्रस्त पक्षकार उन सब मामलों में क्षतिपूर्ति का हकदार है जहाँ-

a. चालक की उपेक्षा से व्यस्त स्थान पर दुर्घटना होती है

b. किसी यान को उपेक्षापूर्ण ढंग से चलाने के कारण दुर्घटना होने पर क्षति कारित होती है

c. उपेक्षा के कारण शारीरिक क्षति पहुँचती है

d. उपेक्षा के कारण दूसरे को नुकसान कारित होता है

 

108. 'B' द्वारा चलाए जा रहे चिकित्सालय में एक रोगी को, लाया गया। रोगी की शल्य चिकित्सा की जाती है। ऑक्सीजन पूर्ति करने वाली मशीन दोषपूर्ण होने के कारण रोगी की शल्य चिकित्सा मेज पर मृत्यु हो गई। तब-

a. 'B' दायी नहीं होगा, क्योंकि शल्य चिकित्सा उपेक्षावाद था

b. 'B' दायी होगा, क्योंकि चिकित्सालय स्टाफ चिकित्सालय उपकरणों को समुचित दशा में रखने के लिए उपेक्षावान था

c. 'B' दायी नहीं होगा, क्योंकि 'B' और शल्य चिकित्सक के बीच मालिक और नौकर का सम्बन्ध नहीं है

d. 'B' का प्रतिनिधिक दायित्व नहीं होगा, क्योंकि शल्य चिकित्सा अत्यधिक कौशल का कार्य है जिस पर 'B' का कोई नियन्त्रण नहीं हो सकता

 

109. निम्नलिखित परिस्थिति पर विचार कीजिए –

वादी लोकमार्ग से जा रहा था। प्रतिवादी के परिसर के पास वह बर्फ गिरने से क्षतिग्रस्त हो गया। बर्फ प्रतिवादी के छप्पर पर एक भयंकर तूफान के परिणामस्वरूप एकत्र हो गई थी। प्रतिवादी ने आने-जाने वालों को बर्फ के खतरे की कोई चेतावनी नहीं दी थी। यह निम्नलिखित में से किस एक का मामला है?

a. केवल न्यूसेन्स

b. केवल उपेक्षा

c. दैवकृत्य

d. न्यूसेन्स और उपेक्षा दोनों

 

110. डोनोघ बनाम स्टीवेन्सन मामले में हाउस ऑफ लाईस ने निर्णय किया कि -

a. उपेक्षा अपकृत्य का केवल एक मानसिक तत्व होता है

b. वादी और प्रतिवादी में संविदा-सम्बन्ध का अभाव अपकृत्य में दायित्व को निवारित करता है

c. उपेक्षा एक सुभिन्न अपकृत्य है

d. उत्पादों का विक्रेता, न कि निर्माता, अन्तिम उपभोक्ता के प्रति सावधानी का कर्तव्य रखता है

 

111. योगदायी उपेक्षा से सम्बन्धित निम्नलिखित किस वाद में न्यायालय ने सर्वप्रथम एक सिद्धान्त को लागू किया था और जिसे 'अन्तिम अवसर का नियम' के नाम से जाना गया?

a. डेषिस बनाम मान

b. बटरफील्ड बनाम फोरेस्टर

c. एडमिरल् कमिश्नर्स बनम एस० एस० वॉल्यूट

d. ब्रिटिश कोलम्बिया इलेक्ट्रिक रेलवे बनाम लोश

 

112. निम्न में से कौन-सा अपकृत्य की कार्यवाही में बचाव नहीं हो सकता?

a. ईश्वरीय कृत्य

b. अनिवार्य दुर्घटना

c. आवश्यकता

d. जो जानता है उसे क्षति नहीं होती

 

113. अपकृत्य विधि में निम्नलिखित में से कौन-सा सामान्य बचाव नहीं है?

a. वालेण्टी नॉन फिट इन्जूरिया

b. दैवी कृत्य

c. अपरिहार्य दुर्घटना

d. योगदायी उपेक्षा

 

114. अपकृत्य में दैवकृत का बचाव (प्रतिवाद) -

a. अब निरर्थक हो गया है, क्योंकि इसका प्रयोजन अब 'हानि के पूर्वानुमान की अवधारणा' से पूरा किया जाता है

b. न्यायालयों द्वारा बहुधा स्वीकार किया जाता है

c. केवल खतरनाक पशुओं के लिए दायित्व के मामलों में स्वीकार किया जाता है

d. कठोर दायित्व के सभी अपकृत्यों में प्रयोज्य है

 

115. अपकृत्य में निम्नलिखित में से कौन सामान्य बचाव नहीं है?

a. भूल

b. सांविधिक प्राधिकार

c. शैशवावस्था (बाल्यावस्था)

d. आवश्यकता

 

116. 'बचाव-कार्यों के मामलों' में सम्मति का प्रतिवाद लागू न होने के सिद्धान्त पर निदर्शक वाद है -

a. हेन्स बनाम हारब्रुड

b. डैन बनाम हैमिल्टन

c. बोरहिल बनाम यंग

d. स्मिथ बनाम बेकर

 

117. निम्न में से कौन-सी अर्हित विशेषता नहीं है?

a. न्यायिक प्रतिवेदन

b. प्रतिरक्षा में की गई संसूचना

c. राज्य कार्यवाही

d. सैनिक एवं नौ सैनिक कार्यवाही

 

118. सहमति से किये गये कार्य का बचाव निम्न में से किस परिस्थिति में मिलेगा?

a. जहाँ वादी ने क्षति का ज्ञान होते हुए जोखिम उठाया हो

b. जहां वादी ने स्वेच्छा से क्षति पहुँचाने के लिए सहमति दे दी थी

c. जोखिम के ज्ञान के बावजूद सेवा में बने रहने की दशा में

d. जहाँ सम्भावित क्षति का ज्ञान हो परन्तु विकल्प की स्वतन्त्रता न हो

 

119. "सहमति से उठाई गई क्षति" सूत्र के लागू होने के लिए निम्नलिखित में से क्या आवश्यक नहीं है?

a. हानि सहन करने की सहमति

b. जोखिम का मात्र ज्ञान ही पर्याप्त है

c. सहमति स्वतन्त्र होती चाहिए।

d. सहमति किसी वैध कार्य के लिए होनी चाहिए

 

120. निम्नलिखित में से किस वाद में अभिनिर्धारित किया गया कि खतरे का आभास (ज्ञान) जोखिम उठाने की सहमति नहीं है?

a. स्मिथ बनाम बेकर

b. सुभागवन्ती बनाम दिल्ली म्यूनिसिपिल कॉर्पोरेशन

c. बोरहिल बनाम यंग

d. हेन्स बनाम हारवुड

 

121. 'सम्मति' ऐसे बचावकर्ता के दावे के विरुद्ध कोई प्रतिवाद नहीं बन सकती है जिसको प्रतिवादी की उपेक्षा से उत्पन्न जोखिम से किसी का बचाव करते हुए क्षति पहुँची है। इस सिद्धान्त पर निदर्शक वाद है-

a. कटलर बनाम यूनाइटेड डेरीज (लन्दन) लि०

b. आई० सी०आई० बनाम शैटवेल

c. हेन्स बनाम हारवुड

d. हाल बनाम बुकलैण्ड्स आटो रेसिंग क्लब

 

122. कम्पनी अपने निदेशकों द्वारा अपनी नौकरी के दौरान किये गये कार्यों के लिए उत्तरदायी होती है। यह कथन-

a. पूर्णतया असत्य है

b. पूर्णतया सत्य है

c. अंशतः असत्य है

d. अंशतः सत्य है

 

123. जब असाधारण प्राकृतिक शक्तियाँ कार्यरत होती हैं जिससे वादी को भारी क्षति होती है तो प्रतिवादी अपने बचाव का तर्क ले सकता है-

a. दैवकृत का

b. एक अपरिचित द्वारा किए गए कृत्य का

c. योगदायी उपेक्षा का

d. अपरिहार्य दुर्घटना का

 

124. निम्नलिखित वादों में से कौन-सा अपरिहार्य दुर्घटना के बचाव से सम्बन्धित है?

a. प‌द्मावती बनाम डुग्गनाइका

b. स्टैनली बनाम पॉवेल.

c. रामलिंगा नाडार बनाम नारायन रेड्डियार

d. होम्स बनाम मादर

 

125. 'बचाव कार्यों' के वादों में सम्मति का प्रतिवाद लागू न होने के सिद्धान्त पर निदर्शक वाद -

a. डैन बनाम हैमिल्टन

b. बोरहिल बनाम यंग

c. स्मिथ बनाम बेकर

d. हेन्स बनाम हारवुड

 

126. निम्नलिखित में से कौन-सा एक वाद अपकृत्य में आवश्यकता के प्रतिवाद से सम्बन्धित है?

a. स्मिथ बनाम बेकर

b. स्टेनली बनाम पॉवेल

c. बर्ड बनाम होलबुक

d. किर्क बनाम ग्रेगरी

 

127. मेट्रोपोलिटन एसायलम डिस्ट्रिक मैनेजर्स बनाम हिल किस बचास (प्रतवाद) का एक निदर्शक वाद है?

a. आवश्यकता के

b. भूल के

c. सांविधिक प्राधिकार के

d. अपरिहार्य दुर्घटना के

 

128. दैवकृत के प्रतिवाद पर कौन-सा निदर्शक वाद है?

a. ग्रीनाँक कॉरर्पोरेशन बनाम कैलिडोनियन रेलवे

b. निकोल्स बनाम मार्सलैण्ड

c. रायलैण्ड्स बनाम फ्लेचर

d. द वैगन माउण्ड नं० 1 वाद

 

129. "अतिचारी को हटाने में बल प्रयोग के औचित्य के लिए वादी का सम्पत्ति में वास्तविक कब्जा या कब्जा करने का अधिकार होना आवश्यक है।" सम्पत्ति की निजी (प्राइवेट) प्रतिरक्षा के सम्बन्ध में इस सिद्धान्त का अधिकथन किया गया है-

a. होम्स बनाम बैगी के वाद में

b. बर्ड बनाम होलबुक के वाद में

c. सार्क बनाम ब्लैकबर्न के वाद में

d. इलोट बनाम विल्कीजं के वाद में

 

130. 'स्वेच्छा से क्षति स्वीकार करने' के नियम की परिभाषा के रूप में निम्नलिखित में से कौन-सा सही नहीं है?

a. सहमति स्वतन्त्र होनी चाहिए।

b. बचाव (रक्षा) के मामले में सहमति बचाव नहीं है

c. अवैध कार्य के लिए सहमति कोई सहमति नहीं है।

d. जोखिम का ज्ञान होना मांत्र ही सहमति है

 

131. एक कोहरे वाली रात्रि में 'A' ने अपना स्कूटर 'B' के गैरेज में रख दिया। उसे वहाँ पर पाकर 'B' ने उसे गैरेंज से उठाकर सड़क के किनारे रख दिया। यहाँ -

a. 'B' ने सम्पत्ति पर अतिचार का अपकृत्य किया है क्योंकि उसने दूसरे की सम्पत्ति में हस्तक्षेप किया

b. 'B' ने कोई अपकृत्य नहीं किया, क्योंकि उसका कोई दोष नहीं है

c. 'B' ने कोई अपकृत्य नहीं किया क्योंकि उसने अपनी सम्पत्ति के संरक्षण के लिए कार्य किया

d. 'B' संयुक्त अपकृत्यकर्ता के रूप में दायी है

 

132. 'बाधा' के वाद. में निम्नलिखित एक अच्छा बचाव है-

a. सम्पत्ति का युक्तियुक्त प्रयोग

b. उसे रोकने के लिए उचित सावधानी और कौशल का प्रयोग

c. वह दान की शर्तों के अनुसार है

d. उपरोक्त में से कोई नहीं

 

133. निम्नलिखित में से कौन-सा अपकृत्य विधि में सामान्य प्रतिवाद नहीं है?

a. वौलेन्टाई-नॉन-फिट इन्जूरिया

b. योगदायी उपेक्षा

c. दैवी कृत्य

d. अपरिहार्य दुर्घटना

 

134. निम्न में से कौन-सा अपकृत्य की कार्यवाही में बचाव नहीं हो सकता?

a. आवश्यकता

b. जो जानता है उसे क्षति नहीं होती

c. ईश्वरीय कार्य

d. अनिवार्य दुर्घटना

 

135. दैवकृत का प्रतिवाद -

a. न्यायालयों द्वारा बहुधा स्वीकार किया जाता है

b. केवल खतरनाक पशुओं के लिए दायित्व के मामलों में स्वीकार किया जाता है

c. कठोर दायित्वों के सभी अपकृत्यों में प्रयोज्य है

d. अब निरर्थक हो गया है क्योंकि उसका प्रयोजन अब "हानि के पूर्वानुमान" की अवधारणा से पूरा किया जाता है

 

136. यह तर्क कि अपकृत्य के रूप में परिवादित परिणाम न तो प्रतिवादी द्वारा आशयित थे और न ही उनका पूर्वानुमान लगाना और युक्तियुक्त सावधानी और कौशल के प्रयोग से टालना सम्भव था, निम्नलिखित में से कौन-सा एक प्रतिवाद है?

a. भूल का प्रतिवाद

b. अपरिहार्य दुर्घटना का प्रतिवाद

c. प्राइवेट प्रतिरक्षा का प्रतिवाद

d. आवश्यकता का प्रतिवाद

 

137. निम्नलिखित में से किसमें 'स्वेच्छा से स्वीकृति क्षति' की प्रतिरक्षा उपलब्ध नहीं होगी?

a. एक धार्मिक समारोह में नंगी तलवारों से खेल-खेल में युद्ध करते समय क्षति कारित होती है

b. एक शल्य चिकित्सक एक रोगी के जीवन की रक्षा के लिये उसका एक अंग काट देता है

c. फुटबाल मैच में एक खिलाड़ी की क्षति कारित होती है

d. संविदा के अधीन विधिसम्मत कार्य करते समय क्षति कारित होती है

 

138. सही उत्तर चुनिए-

'दैविक कृत्य' के प्रतिवाद का आवश्यक तत्व है -

a. प्रकृति की शक्तियों का अकस्मात् प्रवर्तन, जो मानव मस्तिष्क के अनुमान से परे हो

b. प्राकृतिक शक्तियों का अकस्मात् परिचालन जिसका कोई मानव मस्तिष्क अनुमान न कर सके

c. प्रकृति की शक्तियों का परिचालन जिसका अनुमान मानव मस्तिष्क कर सके, किंन्तु रोकना असम्भव हो

d. प्रकृति की शक्तियों का प्रवर्तन, जो मानव हस्तक्षेप के कारण हुआ हो

 

139. स्टेनले बनाम पॉवेल का वाद सम्बन्धित है इस प्रतिरक्षा से-

a. अवश्यम्भावी दुर्घटना

b. आवश्यकता

c. निजी सुरक्षा

d. सांविधिक प्राधिकार

 

140. अपकृत्य के लिये कौन-कौन से पर्याप्त प्रतिरक्षण हैं

1. स्वेच्छा से स्वीकृत कार्य से क्षति नहीं होती

2. खतरे के ज्ञान से क्षति नहीं होती

3. दैवी कृत्य

नीचे दिये गये कूटों का उपयोग करते हुए सही उत्तर चुनिये-

a. 1, 2 एवं 3

b. 1 एवं 3

c. 2 एवं 3

d. केवल 2

 

141. अपकृत्य के कुछ निश्चित कृत्यों (कार्यों) में निम्नलिखित में से कौन पर्याप्त (बचाव) प्रतिरक्षा है -

1. सहमति से किये गये कृत्य।

2. क्षति का ज्ञान होने पर किया गया कार्य क्षति नहीं होता है।

3. दैवकृत ।

नीचे दिये गये कूट का प्रयोग करते हुए सही उत्तर चुनिए-

a. 1, 2 और 3

b. 1 और 3

c. 2 और 3

d. केवल 2

 

142. निम्नलिखित में से कौन-सा प्रतिवाद अपकृत्य में विशिष्ट प्रतिवाद माना जाता है?

a. अंशदायी असावधानी

b. सांविधिक प्राधिकार

c. आवश्यकता

d. दैवी कृत्य

 

143. ज्ञान का अर्थ सहमति नहीं होता, यह निम्नलिखित द्वारा व्यक्त किया जाता है-

a. साइन्टाई नॉन फिट इन्जूरिया

b. बालेन्टाई नॉन फिट इन्जूरिया

c. इन्जूरिया प्राइमा डैमनो

d. वाल्टरी एजम्पशन ऑफ रिस्क

 

144. 'A' ने अपनी भूमि पर एक पेड़ लगाया। उसी शाखाएँ 'B' की भूमि पर लटक रही हैं। 'B' के अनुसार 'B' हकदार है-

a. अपनी भूमि पर रहते हुए बाहर लटकने वाली शाखाओं की छंटनी करने का और 'A' को सूचना देने का

b. 'A' की भूमि पर बलपूर्वक प्रवेश करके पेड़ काटने का

c. 'A' की भूमि पर बलपूर्वक प्रवेश करके शाखाओं की छंटनी करने क

d. अपनी भूमि से शाखाओं की छंटनी करके उन्हें उठा ले जाने का

 

145. यह सिद्धान्त कि "खतरे का मात्र ज्ञान खतरा स्वीकार करने की सहमति नहीं है, निम्नलिखित वाद में अभिनिर्धारित किया गया था -

a. स्मिथ बनाम बेकर

b. सुभांगवन्ती बनाम दिल्ली म्युनिसिपल कार्पोरेशन

c. बोरहिल बनाम यंग

d. हेन्स बनाम हारवुड

 

146. भूल-

a. अपकृत्य में कभी भी प्रतिवाद नहीं होती है

b. एक ऐसे नीलामकर्ता को प्रतिवाद के रूप में उपलब्ध होती है जिसने 'ब' के निर्देश पर 'अ' का माल ईमानदारी और युक्तियुक्त रूप से यह मानते हुए नीलाम कर दिया था कि वह 'ब' का माल था

c. किन्हीं मामलों में प्रतिवादी के व्यवहार की युक्तियुक्तता का निर्धारण करने में एक तत्व होती है

d. अपकृत्य में दायित्व से छूट का एक स्पष्ट आधार है

 

147. मेट्रोपोलिटन एसायलम डिस्ट्रिक्ट मैनेज़र बनाम हिल. जिस प्रतिवाद के सम्बन्ध में एक निदर्शक वाद है, वह है-

a. सांविधिक प्राधिकार

b. आवश्यकता

c. भूल

d. अपरिहार्य दुर्घटना

 

148. निम्नलिखित में से किस मामले में, 'स्वेच्छा से स्वीकृत क्षति' की प्रतिरक्षा उपलब्ध नहीं होगी?

a. एक धार्मिक समारोह में नंगी तलवार से खेल-खेल में युद्ध करते समय क्षति कारित होती है

b. एक शल्य चिकित्सक एक रोगी के जीवन की रक्षा के लिये उसका अंग काट देता है

c. एक फुटबाल मैच में एक खिलाड़ी को क्षति कारित होती है

d. संविदा के अधीन विधिसम्मत कार्य करते समय क्षति कारित होती है

 

149. निम्नलिखित वादों में से कौन-सा एक आवश्यकता 'के प्रतिवाद से सम्बन्धित है?

a. किर्क बनाम ग्रेगरी

b. स्मिथ बनाम बेकर

c. स्टेनली बनाम पावेल

d. बर्ड बनाम होलब्रुक